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Roman villa unearthed thanks to report of looters

Archaeologists have unearthed an important Roman villa from the early Imperial period after looters were reported illegally excavating a site on a farm in Castel di Guido in the countryside outside of Rome. It dates to the first half of the 1st century A.D. and was in use until the 3rd century.

A of looting activity received on February 16th triggered an immediate response from Carabinieri Cultural Heritage Protection Unit and Ministry of Culture officials. The site was secured and under guard by February 23rd. The looters has caused noticeable damage to the ancient remains, using mechanical diggers to cut deep trenches. Archaeologists followed up with an emergency salvage excavation, revealing the remains of a large suburban villa that likely belonged to members of the Roman aristocracy. It is close to the ancient Via Aurelia and within the area of Lorium, an imperial estate where Hadrian spent time and Antoninus Pius built a private residence in the mid-2nd century.

The excavation has uncovered room with surviving walls up to 1.5 meters (4’11”) high, geometric floor mosaics in a variety of patterns and painted plasterwork. A rectangular impluvium (a shallow pool that captured rain water through the open roof and provided evaporative cooling) in the center of one space identifies it as the atrium.

The floors around the impluvium are decorated with mosaics borders in meander and floral scroll motifs, marble inlays and threshold designs. Around the atrium are four rooms, three of which retain significant sections of mosaic floors of black and white tesserae in patterns including overlapping circles creating hexagons, simple guilloche braids and pelta shapes.

A statue in large fragments was found in the impluvium. It depicts a bearded youth carrying a basket filled with birds and fruit. Archaeologists believe the statue is depicting Silvanus, the Roman god of forests, fields and flocks. Fruit, grains and pigs were sacrificed to him to ensure the health of livestock and crops. Carved in fine white marble, the statue is of high quality, underscoring the wealth and statue of the villa’s owners.

The excavation will be open to the public on Saturday, June 20th, for guided tours, giving visitors a chance to see the new discoveries and the admire the mosaics now undergoing conservation.



* This article was originally published here

10-15 करोड़ में शेख के साथ सोने का सोचूंगी:विवादित बयान पर फंसी अपूर्वा मखीजा, यूजर ने रेट लगाए तो इन्फ्लूएंसर ने सिखाया सबक

इंडिया गॉट लेटेंट से विवादों में रह चुकीं अपूर्वा मुखिजा फिर एक बार विवादों से घिर चुकी हैं। दरअसल, हाल ही में उनका एक पुराना वीडियो कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फिर सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है, मैं 2 रुपए के रोल के लिए किसी के साथ नहीं सो रही, हां अगर दुबई का कोई शेख मुझ पर 10-15 करोड़ फेंककर मारे तो शायद में इस बारे में सोचूंगी। उनका वीडियो वायरल होने के बाद कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें अलग-अलग रेट ऑफर करना शुरू कर दिया, जिस पर इन्फ्लूएंसर भड़क गईं। अपूर्वा ने ऐसे ही 12 हजार ऑफर कर रहे एक शख्स की कंपनी में ही उसकी शिकायत कर दी है। जिसके बाद कथित तौर पर उस शख्स को उनसे माफी मांगनी पड़ी है। अपूर्वा ने आपत्तिजनक कमेंट करने वाले शख्स प्रशांत के बारे में पता लगाया तो सामने आया कि शख्श प्रोडक्शन हाउस DNEG में बतौर ग्राफिक्स डिजाइनर काम करता है। अपूर्वा ने उस कंपनी को मेंशन करते हुए घटना की जानकारी दी, जिसके बाद प्रोडक्शन हाउस की तरफ से जवाब आया कि वो उस शख्स की कड़ी निंदा करते हैं, हालांकि 2024 से वो लड़का उनके साथ काम करना बंद कर चुका है। अधिक जानकारी जुटाने पर सामने आया कि वो प्रशांत आईएलएम वीएफएक्स में काम करता है अपूर्वा ने उस कंपनी को टैग कर लिखा, आपकी कंपनी का कर्मचारी औरतों के लिए अपशब्द कहता है, क्या ये सही है। हालांकि अब तक उन्हें इस कंपनी की तरफ से जवाब नहीं आया है। एक्शन लेने से पहले अपूर्वा ने दी थी चेतावनी अपूर्वा मुखिजा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से उस शख्स द्वारा भेजे गए मैसेजेस का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। अपूर्वा ने आखिरी बातचीत करते हुए कहा,मैं तुम्हारे साथ काम करने वालों को ढूंढ लूंगी और पर्सनली उन्हें मैसेज करूंगी। आगे अपूर्वा ने लिखा- तुमने कहा कि तुम मझे 12 हजार में खरीद लोगे। मैं देखना चाहूंगी कि तुम ये कैसे करते हो। जवाब में शख्स ने कहा- क्या तुम्हारे पास इतना टाइम है। अपूर्वा ने कहा- हां। इंडियाज गॉट लेटेंट से विवादों में रही हैं अपूर्वा बीते साल फरवरी में अपूर्वा मुखीजा के खिलाफ देशभर के कई शहरों में शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, अपूर्वा मुखीजा 8 फरवरी को आए समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में जज बनी थीं। उन्होंने मजाक उड़ा रहे एक कंटेस्टेंट को फटकार लगाते हुए कुछ अपशब्द कहे थे। इसी एपिसोड में रणवीर अलाहाबादिया ने पेरेंट्स पर आपत्तिजनक कमेंट किया, जिससे शो से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। रेप और जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद अपूर्वा मुखीजा ने मुंबई छोड़ दिया था। हालांकि मामले खत्म होने के बाद अब वो मुंबई में दोबारा काम करना शुरू कर चुकी हैं। अपूर्वा मुखीजा के बारे में-

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हरियाणवी सॉन्ग 'कॉलेज वाली छोरी' पर कंट्रोवर्सी बढ़ी:रोडवेज कर्मचारी करेंगे चक्का जाम; एक्टर बोला- ₹5 लाख खर्च किए, गाना नहीं हटाऊंगा

हरियाणवी सॉन्ग "कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के" को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने इस सॉन्ग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साफ चेतावनी दी है कि यदि सॉन्ग को हटाया नहीं गया या इसके बोल नहीं बदले गए तो पूरे प्रदेश में चक्का जाम कर आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि सॉन्ग में कंडक्टरों की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। इसे वे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकते। वहीं, बढ़ते विरोध पर सॉन्ग के एक्टर नवीन नारू का बयान भी सामने आया है। उन्होंने भी स्पष्ट शब्दों में कहा- गीत में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय बनाया जा रहा है। बेशक एफआईआर हो जाए, गाना डिलीट नहीं किया जाएगा। सॉन्ग बनाने में करीब पांच लाख रुपये खर्च हुए हैं। यदि मामला कानूनी रूप लेता है तो वह भी न्यायालय का सहारा लेंगे। इसके अलावा उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करें, प्रदर्शन करें या चक्का जाम करें, वह अपना गीत डिलीट नहीं करेंगे। उधर, इस मामले में हरियाणा महिला आयोग ने कहा कि अभी उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है। जैसे ही कोई शिकायत आएगी, सॉन्ग को देखकर संज्ञान लिया जाएगा। 24 मई को रिलीज हुए सॉन्ग के बोल क्या… हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी सॉन्ग "कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के" को सोमबीर खटक ने गाया है, जबकि नवीन नारू और सोनिका सिंह ने इसमें अभिनय किया है। यह सॉन्ग नवीन नारू के यूट्यूब चैनल पर 24 मई रिलीज किया गया है। सॉन्ग के लिरिक्स इस तरह से हैं-- "एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के, घणे दिनां में घट गया पेट कंडक्टर के।" "कदे दादरी, कदे लोहारू, कदे रूट था पिलानी का, इब छोड़ दादरी, छोड़ रूट लोहारू का, पकड़ लिया रूट भिवानी का।" "सपना में आवे उसका गेट कंडक्टर के, एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के।" "सूखी पड़ी थी खेती, उसने देखो आज हरी कर दी, उसके चक्कर में ऊके गांव की छोरी चार फ्री कर दी।" "नजरां आली लत लगी कंडक्टर के, एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के।" "यो खास कंडक्टर मकड़ानी का, उसने ना कोई दुखड़ा राखे, दो नंबर की सीट हमेशा उसके खातिर बुक राखे।" रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति को इसलिए आपत्ति… रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति ने ये किया ऐलान… एक्टर नवीन नारू गाने के बढ़ते विरोध पर दिया ये जवाब… ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सॉन्ग 'कॉलेज वाली छोरी' पर विवाद:कंडक्टर बोले- लड़कियों के लिए गलत शब्द कहे; एक्टर ने कहा- फेमस हुआ, इसलिए कॉन्ट्रोवर्सी कर रहे हरियाणवी सॉन्ग "कॉलेज वाली छोरी" को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो के कंडक्टरों ने सॉन्ग पर आपत्ति जताते हुए सिटी थाना हिसार में लिखित शिकायत दी है। शिकायत की एक कॉपी हरियाणा राज्य महिला आयोग को भी भेजी गई है। (पूरी खबर पढ़ें)

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MI5 boss declares himself a Slow Horses fan

Sir Ken McCallum says he is a fan of the show that has been described as the anti-James Bond.

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Sir Ken McCallum says he is a fan of the show that has been described as the anti-James Bond.

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Man with broken skull found in Corded Ware kiln

Archaeologists have discovered an extraordinary Copper Age burial in a kiln pit at Gerstewitz, Germany. The deceased is a male between 23 and 25 years old lying in a crouched position on his right side facing south, a burial position typical of the Corded Ware Culture (ca. 2900-2050 B.C.). The skull bears the signs of injury.

No other Corded Ware kiln pits have ever been found with a person buried inside, although occasionally the remains of cattle or dogs have been found. The animal deposits are believed to have sacrificial offerings. It’s possible this individual may have been sacrificed, but there are other possible explanations. He could have been murdered and fell into the pit, for example, or buried there hastily after dying in battle.

The burial was discovered by a team from the State Office for Heritage Management and Archaeology (LDA) Saxony-Anhalt investigating sites of interest along the route of a new direct power line. Several excavations have taken place near Gerstewitz, uncovering traces of settlement going back 6,000 years.

One of the oldest finds is a tumulus from the Baalberge Culture ca. 4000-3400 B.C.) that was an estimated 15 meters (49 feet) high originally. It was built over a wooden burial chamber of an elite member of the community. A ceremonial precinct defined by a triple rampart and ditch enclosure from the Salzmünde Culture (ca. 3400-3100 B.C.) was also discovered at the site. The ritual ceremonies that took place were complex and large-scale. Twelve pits were discovered within the ramparts. They contained the remains of burned houses and offerings.

One pit held two intact ceramic vessels believed to have been offerings. Another contained weathered canine bones in their anatomical positions but bearing traces of fire. A human skull was found next to the dog bones, but it was not weathered, indicating the pit was kept open during ceremonies that took place over a long period of time, or that the dog bones were kept elsewhere for a long time, then moved and recomposed in an anatomically accurate way. After the deposits, the pits were filled with the rubble of burned houses.

More directly relevant to the recent discovery, an oven pit was found containing the bodies of two people. Their bones indicate they were placed somewhere else first them moved to the oven pit, again an instance of multi-stage rituals taking place over a long period of time.

The Salzmünde Culture predates the Corded Ware by at least 500 years, so it’s not likely they were performing the same rituals. LDA Saxony-Anhalt scientists will examine the remains in the Corded Ware kiln in the hope that laboratory analysis will shed light on the mysterious burial.



* This article was originally published here

Cause of TOWIE star's death unknown, court told

A full inquest into the death of the 35-year-old has been set for December.

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Cause of TOWIE star's death unknown, court told

A full inquest into the death of the 35-year-old has been set for December.

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Rare medieval bookmark exceeds expectations at auction

A rare “rotating” bookmark made in the early 15th century has sold at a Dorset auction for six times the high estimate. There are only 30 or so known examples of this type of marker found in libraries on the continent, and another six known in England.

The bookmark is 10 inches long and has a circle mounted to it about 1.5 inches in diameter that was created from two parchment discs. A strip of parchment threaded through a loop attached to the circle served as the long part of the bookmark that would have been tucked between the pages.

Both sides of the disc have Arabic numerals 1 through 4 written on them, with the four being an early looped form. The disc can be turned between two semicircular folded pieces of parchment which cover three figures at a time leaving the last remaining one visible. One side of the parchment semicircle is painted with symbols of sun, moon and stars. The other side has only a sun with the inscription “Rota versatil[is]” written in a cursive script.

It pre-dates the printing press, so the maker was almost certainly a transcriber who used it to keep his place on the page and note the column he was writing in when he stopped. The wheel would be moved to the stopping point and the circle turned to the number of the column he had been writing in when he stopped. The phrase “Rota versatilis,” meaning “a wheel which turns,” may be a reminder to the scribe to turn the wheel before walking away.

There is no evidence of where this bookmark was made or who used it. Its first documented owner was Newcastle-upon-Tyne shipowner and book collector Alfred Brewis in the early 20th century. It has remained in his family by descent until the sale. The pre-sale estimate £800-1200 ($1073-1610). It sold for £7,000 ($9390).



* This article was originally published here

मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं…, ये बेहतरीन सदाबहार डायलॉग हैं डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के जो आज 76 साल के हो चुके हैं। बीते साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से हुई भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। मिथुन चक्रवर्ती ही वो पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से- किस्सा- 1 गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया। हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। लेकिन कोर्स शुरू होने में समय था, तो वो शख्स बहन की शादी के लिए मुंबई जाने वाला था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शक्ति भी उस लड़के के साथ मुंबई चले गए। मुंबई में उन्हें पता चला कि वो शादी उस वक्त के मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना की है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे। शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति और उनके दोस्त को होस्टल छोड़ने गए। गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’ वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए। रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थक हारकर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे नहीं बनना एक्टर। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए। किस्सा- 2 सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं। एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था। किस्सा- 3 रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें। किस्सा- 4 रूममेट ने घर से निकाला, बाथरूम साफ करने की शर्त रखी गई मुंबई में रहते हुए उन्हें एक दोस्त ने अपने कमरे में जगह दे दी। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने भी मिथुन को घर से निकाल दिया। ऐसे में मिथुन कई दिनों तक फुटपाथ में ही गुजारा करते रहे। मिथुन बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए एक जिम जाते थे, ऐसे में जिम के मालिक ने शर्त रखी थी कि अगर बाथरूम यूज करना है, तो रोज आकर सफाई करनी पड़ेगी। ये किस्सा मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। डांस इंडिया डांस शो में मिथुन ने बताया कि उन्होंने कई रातें भूख में फुटपाथ में सोकर गुजारीं। यही वजह है कि वो कभी नहीं चाहते कि उनकी बायोपिक बने, क्योंकि उनकी कहानी, लोगों को तोड़ देगी। किस्सा-5 फ्लर्ट करते देख मृणाल सेन ने दी पहली फिल्म मृगया मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 की फिल्म मृगया से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें कॉलेज के दिनों में ही कास्ट कर लिया गया था। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि जिस समय मिथुन पुणे के FTII में पढ़ रहे थे, तब डायरेक्टर मृणाल सेन फिल्म मृगया के लिए एक ऐसे लड़के की तलाश में थे, जो दुबला-पलता, सांवला हो, जो कुछ हद तक संताल आदिवासी की तरह दिखे। उन्होंने कास्टिंग की जिम्मेदारी अपने कैमरामैन के.महाजन को सौंपी थी। एक दिन के.महाजन की नजर कॉलेज के कॉरिडोर में खड़े मिथुन चक्रवर्ती पर पड़ी, जो वहां कुछ लड़कियों के साथ खड़े फ्लर्ट कर रहे थे। उन्हें मिथुन की पर्सनालिटी इतनी पसंद आई कि उन्होंने मृणाल सेन को बताया। मृणाल ने सोच लिया कि जब फिल्म बनाएंगे, तो मिथुन को ही कास्ट करेंगे, लेकिन फिल्म बनने में देरी हुई और मिथुन पढ़ाई पूरी कर मुंबई आकर रहने लगे। जब फिल्म शुरू की तो उन्होंने मिथुन को कोलकाता बुलाया और फिल्म ऑफर की। किस्सा- 6 नेशनल अवॉर्ड मिला, तो दिल्ली जाने के नहीं थे पैसे, रेखा ने की थी मदद मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं आया। ऐसे में वो हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। मिथुन का असली नाम गौरांग था, जो उन्होंने फिल्मों में आने के बाद मिथुन कर लिया था। हालांकि जब वो हेलन के स्पॉटबॉय बने तो उन्होंने अपना नाम राणा रेज कर लिया। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई, जिसके लिए मिथुन को नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास टिकट तक के पैसे नहीं थे। रेखा भी उसी समय एक फिल्म की शूटिंग के लिए दिल्ली जा रही थीं। जब उन्हें मिथुन के बारे में पता चला तो वो उन्हें अपना स्पॉटबॉय बनाकर साथ में दिल्ली ले गईं और खुद उनकी फ्लाइट टिकट बुक करवाई। किस्सा- 7 इंटरव्यू लेने आए शख्स से कहा- 2 दिन से भूखा हूं, पहले खाना खिलाओ स्ट्रगल के दौरान ऐसा कई बार हुआ, जब मिथुन ने भूखे पेट रातें गुजारीं। पहली फिल्म ‘मृगया’ के बाद भी उन्हें स्ट्रगल करना पड़ा। नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद जब एक पत्रकार उनका इंटरव्यू लेने पहुंचा तो भूख के मारे आवाज नहीं निकल रही थी। उन्होंने पत्रकार से कहा- 2 दिन से भूखा हूं, पहले खाना खिलाओ फिर इंटरव्यू दूंगा। आगे चलकर मिथुन चक्रवर्ती ने सुरक्षा, तराना, पतीता, हम पांच, हम से बढ़कर कौन, तकदीर का बादशाह जैसी फिल्मों से इंडस्ट्री में जगह बना ली और साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होने लगी। किस्सा- 8 मिथुन चक्रवर्ती के झूठ से खराब होने वाला था ऋषि कपूर का चेहरा, सेट पर एक्सीडेंट से खूब खून बहा ऋषि कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने 1978 की फिल्म फूल खिले हैं गुलशन गुलशन में साथ काम किया था। ये फिल्म मिथुन के करियर का बड़ा ब्रेक होने वाली थी। एक दिन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले डायरेक्टर सिकंदर खन्ना ने मिथुन से पूछा- क्या तुम कार चलाना जानते हो। मिथुन कार ड्राइविंग में कच्चे थे। लेकिन उन्हें डर था कि ये बताने के बाद डायरेक्टर कहीं उनके सीन न काट दे। ऐसे में उन्होंने झूठ कहा कि वो ठीक तरह कार चला लेते हैं। तसल्ली होने के बाद डायरेक्टर ने उन्हें सीन बताया। स्क्रिप्ट के अनुसार, मिथुन को तेज रफ्तार में कार लाकर ऋषि कपूर के पास में रोकना था, जिससे वो कार में बैठ सकें। जैसे ही एक्शन बोला गया, मिथुन ने एक्सेलेटर पर पैर मारा और तेज रफ्तार में कार चलानी शुरू कर दी। उन्हें ब्रेक मारने में देरी हो गई, जिससे तेज रफ्तार में कार ऋषि कपूर से आ टकराई और उनका चेहरा कार की बोनट से जा टकराया। ऋषि कपूर के मुंह से खूब खून बहा। गलती का एहसास होने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने तुरंत डायरेक्टर, ऋषि कपूर और सेट पर मौजूद हर शख्स से माफी मांगी। उन्होंने साफ बता दिया कि रोल कट जाने के डर से उन्होंने झूठ बोला था। हालांकि सबने उन्हें माफ कर दिया और ब्रेक के बाद शूटिंग दोबारा पूरी सावधानी के साथ शुरू की। फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करने के बाद मिथुन को 1983 की फिल्म डिस्को डांसर से स्टारडम मिला। ये 100 करोड़ कमाने वाली पहली फिल्म रही। इस फिल्म से मिथुन को ओवरनाइट स्टारडम मिल गया। किस्सा-9 जब राजकुमार ने डायरेक्टर से मिथुन की कास्टिंग पर कहा- ये किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए मिथुन चक्रवर्ती को 80 के दशक में उस दौर के स्टार राजकुमार के साथ फिल्म गोलियों के बादशाह में छोटा सा रोल मिला था। राजकुमार, का रवैया नए एक्टर्स के साथ उस समय ठीक नहीं था। शूटिंग के पहले ही दिन जब मिथुन कॉस्ट्यूम पहनकर तैयार हुए, तो उन्हें देख राजकुमार ने डायरेक्टर से कहा- माना कि रोल छोटा है, लेकिन इसके लिए आप किसी स्ट्रगलिंग एक्टर को क्यों ले आए। किसी अच्छे एक्टर को लेना था, ये किसे उठा लाए। मिथुन को ये बात काफी बुरी लगी। वो सीधे राजकुमार के पास गए और कहा- जिस स्ट्रगलिंग एक्टर की आप बात कर रहे हैं, वो मैं ही हूं। मिथुन को देख राजकुमार हंस पड़े और कहा- तुम यहां कहां आ गए एक्टिंग करने। ये कोई बच्चों का खेल नहीं है। इस पर मिथुन ने कहा- जानता हूं कि ये बच्चों का खेल नहीं है। मैं 7 साल से एक्टिंग कर रहा हूं। एक दिन मैं भी बड़ा एक्टर बनूंगा। ये सुनकर राजकुमार फिर हंसे और कहा- कोई छोटा-मोटा रोल चाहिए हो तो बताना। मिथुन चक्रवर्ती के बारे में ये भी पढ़िए-

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