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Remains of illicit whisky still found in Scottish Highland

A piece of an illicit copper still used to distill whisky two centuries ago has been discovered in the Highlands of Scotland. Volunteers and experts from the National Trust for Scotland discovered the copper alloy piece in an excavation of the remains of a stone structure in Ben Lawers National Nature Reserve (NNR). The tapered collar matches an old illustration that identifies it as “An Gearradan,” the part that connects the lyne arm and the head of a still.

The excavation also unearthed a well-constructed hearth with evidence of burning, a stone-capped drain that run under the floor and a roof support timber that was buried when the walls of the structure collapsed. These features confirm that the small stone building was a bothy, a structure made for the purpose of distilling whisky away from the prying eyes of the law. There are five other known bothies on the Ben Lawers NNR, but this is the only one of them where a piece of the copper still has been found.

Invented by medieval monks in Ireland or Scotland, whisky spread out the monasteries and by the 17th century, private distillation was a central feature of the life of tenant farmers in the Highlands. The first taxes on whisky were imposed by the Scottish Parliament in 1644, but it was in the 1780s when laws were passed requiring all distilleries to be licensed that home stills went underground, or rather, upland into bothies where they could be quickly moved around should excise men get a whiff of them.

Derek Alexander, the National Trust for Scotland’s Head of Archaeology, said: “This is a wonderful example of how archaeology can tell a gripping story of spirit smuggling that would otherwise have been lost to time.

“In the early 19th century, illicit whisky distilling in these hills became a real battle of wits between excise officers and distillers. To find the remains of stills in these upland areas, you need to think like an excise officer. Those who distilled spirit in this bothy will have picked the location carefully to make sure they were well hidden.

“This bothy is well concealed along one arm of the Lawers Burn, nestled in a burn gulley where there’s a slight bend in the burn to shield the site from both upstream and downstream. The people who distilled here knew what they were doing and it’s possible the still was never seized by the authorities.

“If the still had been found by the excise officers, the still would’ve been taken away and destroyed. So, the fact that we’ve found this connecting piece here suggests the still was dismantled in a hurry and its components whisked away by the smugglers as they dispersed. The connecting piece may have been forgotten in the rush and left behind.

“Distillers of illicit whisky would’ve travelled light and left little trace of their activity, and so a find like this is especially rare and exciting. It gives us a glimpse into an activity that was once rife in the hills of Ben Lawers and which was seen by many as an act of community resistance.”

To get an idea of what the intact still would have looked like, this a 3D model of a similar copper still from the same period found in Cortachy. It has a flat bottom to sit inside a brick-built oven, so it was likely housed used inside a permanent structure rather than in a bothy.



* This article was originally published here

'नौकरी छोड़ी तो घरवाले बोले- सब सड़क पर आ जाएंगे':कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने बताया क्या था जिंदगी का सबसे बड़ा डर

स्टैंड-अप कॉमेडियन हर्ष गुजराल जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में हर्ष ने बताया कि असली डर उन्हें ऊंचाई या पानी से नहीं, बल्कि नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कॉमेडी में आने से लगा था। उन्होंने कहा कि एक मिडिल क्लास लड़के के लिए पैशन फॉलो करना आसान नहीं होता। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: एक्साइटमेंट तो बहुत है, लेकिन अभी हमें खुद नहीं पता कि वहां किस तरह के खतरे आने वाले हैं। पानी, आग और हाइट वाले स्टंट तो होंगे ही, लेकिन इस बार थीम ही ‘डर का नया दौर’ है। इसका मतलब है कि कुछ नया जरूर होने वाला है। अब उन नए खतरों से कैसे निपटना है, यह तो वहां जाकर ही पता चलेगा। सवाल: रुबीना दिलाइक जैसी स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी वाले कंटेस्टेंट्स के बीच खुद को कैसे संभालेंगे? जवाब: ऐसे कंटेस्टेंट्स, जब कुछ बोल रहे हों, तो साइड से निकल जाओ (हंसते हुए)। स्कूल में जब टीचर हमें डांटती थीं, तो हम सुनते रहते थे। मुझे लगता है कि उनका भी अपना सेंस ऑफ ह्यूमर है। सोचने का अपना तरीका है। उनका नेचर ऐसा ही है। हम ऐसे ही हंसते-हंसते शो में जाएंगे और खुशी-खुशी सब निकाल लेंगे, तो मुझे लगता है मजा आने वाला है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: सच बताऊं तो मुझे सबसे ज्यादा डर करियर को लेकर लगा था। जब 2018 के आसपास मैंने नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कॉमेडी शुरू की, तब बहुत डर था। एक मिडिल क्लास लड़के के लिए पैशन फॉलो करना आसान नहीं होता। हर सुबह उठकर यही लगता था कि ‘भाई, सब ठीक चल रहा है ना?’ घर वाले भी कहते थे कि नौकरी चली जाएगी, सैलरी नहीं आएगी, कॉमेडी में कुछ नहीं होगा, सब सड़क पर आ जाएंगे, ये हो जाएगा, वो हो जाएगा, लेकिन जब से मैं फेमस हुआ हूं, कोई सड़क पर निकला नहीं है (हंसते हुए)। सवाल: परिवार का क्या रिएक्शन था जब उन्हें पता चला कि आप ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने जा रहे हैं? जवाब: मां ने मेरा हाथ पकड़कर कहा, रहने दो। मैंने कहा, क्यों रहने दूं? देखते हैं वहां क्या होता है। जब मैं अपने शो के लिए जाता हूं, तो मेरी मां कहती हैं, टाइम पर आ जाना। इसमें मम्मी कह रही हैं, बेटा आ जाना (हंसते हुए)। मां पहले से ‘खतरों के खिलाड़ी’ देखती रही हैं। इसलिए उन्हें पता है कि कौन सा स्टंट कितना खतरनाक होता है। कहां पानी है, कहां आग है और क्या-क्या हो सकता है। सवाल: क्या कॉमेडी ने आपको मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाया है? जवाब: बिल्कुल। कॉमेडी ने हमें बहुत स्ट्रॉन्ग बनाया है। मेंटली भी और फिजिकली भी। आखिर में जिंदगी भी एक तरह का स्टंट ही है। अगर आप मेंटली स्ट्रॉन्ग हैं, तो मुश्किल चीजें भी आसान लगने लगती हैं। सवाल: शो को लेकर आपकी कॉमेडी फ्रेटरनिटी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरी फ्रेटरनिटी में सिर्फ अनुभव सिंह बस्सी ही मुझसे बात करते हैं। बाकी सबको अच्छा भी नहीं लग रहा होगा (हंसते हुए)। बस्सी भाई ने पूछा था कि ‘कर पाएगा?’ मैंने कहा- ‘हां भाई, कर लेंगे।’ उसी के कहने पर मैंने थोड़ी ज्यादा बॉडी भी बनाई है।

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कांस-2026, सेक्स वर्कर्स पर बनी भारतीय फिल्म की स्क्रीनिंग होगी:2KM के रेडकार्पेट में आलिया, ऐश्वर्या पहुंचेगीं, यहां चप्पल पहनना, पर्स रखना मना, जानिए फैक्ट्स

दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12-23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में आयोजित हो रहा है। देश-दुनिया की कई बड़ी हस्तियां कांस के भव्य रेड कार्पेट पर अपने स्टाइल से छाप छोड़ेंगी, वहीं दुनियाभर की कई फिल्मों की स्क्रीनिंग भी यहां रखी जाएगी। फेस्टिवल के आगाज के साथ जानिए, इस साल भारत के कौन से सेलेब्स रेड कार्पेट पर पहुंचेंगे, कौन सी फिल्में दिखाई जाएंगी, भारत की कांस में क्या अचीवमेंट्स हैं और क्या है कांस का भव्य इतिहास। साथ ही देखेंगे इंडियन सेलेब्स के कांस से कुछ चुनिंदा लुक्स- ये इंडियन सेलेब्स कांस में हो रहे हैं शामिल इस साल भारत से आलिया भट्ट, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट में पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। आलिया भट्ट, लोरियल पेरिस की तरफ से कांस में आई हैं। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटों के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहनेवालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदिकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सरफा, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकल इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बनेंगे। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्रिक्स और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर रहीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डिओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डिओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डिओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डिओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी लोकेशन कांस, पेरिस तय हुई। फ्रेंच सरकार ने उसके दस्तावेजों पर साइन कर उसे ऑफिशियल कांस फिल्म फेस्टिवल घोषित कर दिया। पहला फिल्म फेस्टिवल 1-20 सितंबर 1939 को होना था। एक दिन पहले गाला नाइट रखी गई, लेकिन 1 सितंबर को फेस्टिवल शुरू हुआ तो हिटलर द्वारा पौलेंड पर हमला करने से सेरेमनी में हंगामा मच गया और सेरेमनी 10 दिनों के लिए टालनी पड़ी। माहौल सुधरने के बदले और बिगड़ गए जब फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के बीच युद्ध का ऐलान हुआ। दूसरे विश्व युद्ध से कांस फिल्म फेस्टिवल 6 सालों तक टला था। वर्ल्ड वॉर 2 से 6 साल के इंतजार के बाद पहली सेरेमनी 20 सितंबर- 5 अक्टूबर 1946 को हुई, जिसमें 20 देशों ने हिस्सा लिया। 1947 में मैनेजमेंट खराब होने पर महज 16 देशों ने हिस्सा लिया। अगले साल 1948 में बजट की कमी के कारण सेरेमनी हुई ही नहीं। 1949 में फिर इवेंट मैनेजमेंट से लोग निराश हुए। 1950 में खर्च न उठा पाने पर फिर फिल्म फेस्टिवल हुआ ही नहीं। 1951 से लेकर अब तक सिर्फ कोरोना महामारी के चलते 2020 में सेरेमनी रद्द की गई थी। 18 कैरेट गोल्ड से बना अवॉर्ड, कीमत करीब 18 लाख रुपए 1955 में फेस्टिवल कमेटी ने पाम डिओर (Palm D’or) अवॉर्ड लॉन्च किया, जो इस सेरेमनी का हाईएस्ट अवॉर्ड है। 1964 में पाम डिओर को ग्रैंड प्रिक्स से रिप्लेस किया गया था, हालांकि 1975 से फिर पाम डिओर अवॉर्ड दिया जाने लगा। इसे स्विस ज्वेलरी फर्म चोपार्ड द्वारा तैयार किया गया है। इसे 18 कैरेट यलो गोल्ड और एमराल्ड कट डायमंड से तैयार किया गया है। इस एक अवॉर्ड की कीमत 27 हजार डॉलर यानी 18 लाख रुपए है। डिनर में खर्च किए जाते हैं 2.8 करोड़ रुपए कांस फिल्म फेस्टिवल के समय कांस शहर का होटल बेरियर ले मैजेस्टिक (Hotel Barrière Le Majestic) मेहमानों के लिए ओपनिंग और क्लोजिंग इवेंट के लिए खाने की जिम्मेदारी उठाता है। मेहमानों के डिनर के लिए ही 3 लाख 47 हजार डॉलर यानी 2.8 करोड रुपए खर्च किए जाते हैं। 2000 कैकड़ों से बनता है स्पेशल डिनर वेबसाइट बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक होटल डिनर के लिए 770 पाउंड यानी 340 किलोग्राम फोए ग्रास नाम की डिश तैयार करता है, जो बतख के लिवर से बनने वाली एक स्पेशल फ्रेंच डिश है। इसके अलावा यहां 110 पाउंड्स यानी 49 किलो केवियर बनता है, जो दुनिया की सबसे महंगी डिशेज में से एक है। इस डिश में करीब 1,32,000 डॉलर यानी 1 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस डिनर के लिए हर साल 2000 किलो कैकड़े (लॉबस्टर) इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनमें 39 लाख रुपए लगते हैं। 18500 बोतल वाइन-शैंपेन पी जाते हैं गेस्ट्स सेलेब्स के लिए रखे गए डिनर में वाइन और शैंपेन भी सर्व होती है। पूरे कांस फेस्टिवल के दौरान करीब 18,500 बोतल वाइन और शैंपेन परोसी जाती है। वेबसाइट द हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार सेरेमनी में ज्यादातर 1990 शैटो पेट्रस (1990 Chateau Petrus) वाइन सर्व की जाती है। जिसकी एक बोतल की कीमत 9390 डॉलर है, ये दुनिया की छठी सबसे महंगी वाइन है। हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार, डिनर के अलावा दूसरे मौकों पर लगने वाली ड्रिंक्स, खाने, लेजर लाइट, फोटोग्राफ और म्यूजिक में भी 1,50,000 डॉलर यानी 1 करोड़ 23 लाख खर्च किए जाते हैं। कांस शहर सिर्फ याच को रेंट पर देकर कमाता है 3 हजार करोड़ रुपए कांस शहर याच पार्टी के लिए भी फेमस है। फेस्टिवल में पहुंचने वाले दुनियाभर के कई सेलेब्स फेस्टिवल के दौरान याच पार्टी का भी हिस्सा बनते हैं। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार याच पार्टी से सालाना कांस शहर की 3 हजार करोड़ रुपए कमाई होती है, जो सेलेब्स खुद खर्च करते हैं। हील्स की जगह फ्लैट चप्पल पहनी तो रेड कार्पेट पर एंट्री बैन रेड कार्पेट के नियमों के अनुसार, सेरेमनी में पहुंचने वाली फीमेल सेलिब्रिटीज का हील्स पहनना जरूरी है। ये नियम 2015 में बनाया गया है। अगर कोई सेलेब्स बिना हील्स के यहां पहुंचता है तो उसे सेरेमनी में नहीं आने दिया जाता। 2015 में ऐसा ही एक मामला विवादों से घिर गया, जहां कुछ फीमेल सेलेब्स को हील्स न पहनने पर अंदर नहीं जाने दिया। एक्ट्रेस क्रिस्टेन स्टीवर्ट और जूलिया रॉबर्ट्स भी इस नियम का विरोध करते हुए रेड कार्पेट पर अपनी हील्स रिमूव कर चुकी हैं। हैंडबैग और सेल्फी पर पाबंदी रेड कार्पेट के लिए कोई निर्धारित ड्रेस कोड नहीं है, हालांकि यहां आने वाले हर सेलेब को ग्लैमरस लगना अनिवार्य है। हैरानी की बात ये है कि रेड कार्पेट पर हैंडबैग ले जाना सख्त मना है। यहां आने वाले सेलेब्स क्लच या हाथ में दूसरा कोई भी बैग नहीं पकड़ सकते। रेड कार्पेट की रूल बुक पर लिखा हुआ है कि कृपया अपने हैंडबैग अपने होटल में ही छोड़कर आएं। रेड कार्पेट पर फोटो या सेल्फी लेने की भी सख्त मनाही है, कोई भी सेलेब रेड कार्पेट पर सिर्फ और सिर्फ पैपराजी से ही तस्वीर क्लिक करवा सकता है। 2 किलोमीटर की रेडकार्पेट को दिन में 3 बार बदला जाता है सबसे ज्यादा कांस फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर आए सेलेब्स चर्चा में रहते हैं।1989 में पहली बार रेड कार्पेट रखी गई थी, जिस पर चलकर तमाम हस्तियां फेस्टिवल का हिस्सा बनी थीं। महंगी ड्रेस और ज्वेलरी पहनकर सेलेब्स इस रेड कार्पेट पर दिन भर वॉक करते हैं, जिसके तीन तरफ पैपराजी और मीडिया की भीड़ रहती है। ये रेड कार्पेट 2 किलोमीटर लंबा होता है, साफ दिखाने के लिए इसे दिन में 3 बार बदला जाता है। पैपराजी की 5-पीस सूट के बिना एंट्री बैन रेड कार्पेट पर आने वाले सेलेब्स को क्लिक करने पहुंचे पैपराजी के लिए भी कांस फिल्म फेस्टिवल में ड्रेस कोड है। पैपराजी सिर्फ ब्लैक टक्सीडो सूट, टाई/बो और फॉर्मल शूज पहनकर ही आ सकते हैं। अगर ड्रेस कोड में लापरवाही की जाती है, तो उन्हें वहां फोटो क्लिक करने से रोक दिया जाता है। हालांकि, फीमेल पैपराजी को इस ड्रेस कोड में छूट मिली हुई है। कांस फिल्म फेस्टिवल से जुड़ी कुछ जरूरी बातें-

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Norway’s largest coin hoard gets even larger

The largest Viking-era coin hoard ever found in Norway is getting larger by the minute. When the discovery was announced less than two weeks ago, the number of silver coins had just passed 3,000. Today the number of coins in the 11th century Mørstad hoard has skyrocketed past 4,167 with more being found daily. The 4,167 milestone is the total of all four of the other major Viking hoards discovered in Norway combined. As of two days ago, the total was up to 4,344. It will soon make the top 10 in Scandinavia.

The metal detecting survey is complete, but the coins keep coming. Archaeologists from the Museum of Cultural History in Oslo have now taken over the excavation and are using heavy machinery to remove the topsoil. The topsoil is so thick at the site that metal detectors couldn’t penetrate it, but now that it’s been peeled back, the team is still pulling between 70 and 100 coins a day.

The 4,000 coin is a Danish penny minted by order of Harthacnut, future King of Denmark from 1035 to 1042, and King of England for the last two of those years. It was minted in Lund between 1030 and 1035, the last years of his father Knut’s government.

The number of early Harald Hardråde coins, the first coins to be minted in Norway, found in the hoard has gone up to four. They were all minted shortly after he became king around 1046–47. They have a higher silver content that the later issues. When he began, the only coins in the country were foreign and were used in pieces for the silver weight and tested for value when exchanged. Only about 15-20 of these early coins have been found before now, and none of them in Østerdalen in eastern Norway. By the time of Harald Hardråde’s death 20 years later, two thirds of the coins circulating in Norway had been minted there and were being used as actual coins for their nominal value, not for the assayed silver content.

The discovery of such an unprecedentedly huge coin hoard would be exciting in any context, but the location was far from the traditional centers of power of Viking Norway. Indeed, no evidence of any population at all has been found yet.

So far, archaeologists from the Museum of Cultural History have not found any traces of settlements or graves or other structures.

“We hope to find traces of the treasure container,” says [excavation project manager Kjetil] Loftsgarden. “They were once in a container before they were pulled out by the plow.”

Meanwhile, apparently the sky’s the limit on the coins themselves.

“It is absolutely fantastic that we have passed 4,000,” says May-Tove Smiseth, archaeologist at Innlandet County Municipality. “The possibility exists that we will reach 5,000.”

Early Harald Hardråde coin, triskele on obverse, cross on reverse. Photo courtesy Innlandet County Council.



* This article was originally published here

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

बिग बॉस 19 की फर्स्ट रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जल्द टीवी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' में नजर आएंगी। इस बार शो की थीम ‘डर का नया दौर’ रखी गई है, जिसमें पुराने कंटेस्टेंट्स और नए चेहरों का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फरहाना ने अपने डर, संघर्ष और लोगों के तानों पर बात की। फरहाना ने यह भी कहा कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ में असली मुकाबला दूसरे कंटेस्टेंट्स से नहीं, बल्कि अपने डर से होता है। सवाल: 'खतरों के खिलाड़ी 15' का हिस्सा बनने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब: बहुत अलग फीलिंग है। एक्साइटमेंट भी है और डर भी। यह लाइफटाइम एक्सपीरियंस है, क्योंकि असल जिंदगी में आप ऐसे स्टंट नहीं कर सकते। रोहित शेट्टी जैसे लीजेंड के साथ और पूरी सेफ्टी के बीच यह सब करना बहुत बड़ी बात है। मैं इस शो के जरिए अपनी पर्सनैलिटी का एक नया हिस्सा एक्सप्लोर करना चाहती हूं। सवाल: क्या बिग बॉस के दौरान ही आपने इस शो के लिए खुद को मानसिक तौर पर तैयार करना शुरू कर दिया था? जवाब: सच कहूं तो हां, लेकिन बिग बॉस से बाहर आने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा था। काफी समय तक मैंने शो के बारे में सोचा ही नहीं, लेकिन जब इस सीजन के बारे में पता चला कि पुराने कंटेस्टेंट्स भी लौट रहे हैं और नए लोग भी होंगे, तब मुझे लगा कि यह बहुत दिलचस्प सीजन होने वाला है। इसलिए मैंने हां कह दिया। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या रहा है? जवाब: मैं आज भी बहुत सारी चीजों से डरती हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब शायद मुझे उन डरों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। जिंदगी इतनी तेज भागती है कि इंसान अपने डर के सामने रुककर खड़ा ही नहीं हो पाता, लेकिन अब शायद वो मौका मिलेगा कि डर को इतना करीब से देखूं कि डर खत्म हो जाए। सवाल: क्या आपको हाइट, पानी और कीड़े-मकोड़ों वाले डर लगते हैं? जवाब: हर इंसान का अपना एक फियर पॉइंट होता है। मैंने जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे डर नहीं लगता। मुझे पानी से डर लगता है, ऊंचाई से डर लगता है। कीड़े-मकोड़ों और रेप्टाइल्स के बीच मैं कभी रही नहीं हूं, इसलिए पता नहीं वहां क्या हालत होगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह पूरी जर्नी बहुत मजेदार होगी। सवाल: बिग बॉस में आपने मेंटल गेम, प्लानिंग और स्ट्रैटजी देखी। क्या उससे यहां मदद मिलेगी? जवाब: मुझे लगता है कि फिजिकल प्रिपरेशन से ज्यादा मुश्किल मेंटल प्रिपरेशन होती है क्योंकि आपको नहीं पता वहां क्या होने वाला है। आपको सिर्फ इतना पता है कि पानी होगा, हाइट होगी, इलेक्ट्रिक शॉक होंगे या कीड़े होंगे। लेकिन किस तरह से होगा, कितना डरावना होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए यह बहुत मिक्स फीलिंग है। सवाल: इस सीजन में कई मजबूत फीमेल कंटेस्टेंट्स हैं। किसके साथ बॉन्डिंग और किसके साथ मुकाबला देखने का मन है? जवाब: जब तक मैं सबके साथ वक्त नहीं बिताऊंगी, तब तक कुछ नहीं कह सकती। मैं जिंदगी में कभी फेक नहीं हो सकती। अगर किसी के साथ दोस्ती होगी तो दिल से होगी, लेकिन अगर गेम के हिसाब से टीम बनानी पड़े या किसी के खिलाफ जाना पड़े, तो वो सिचुएशन पर निर्भर करेगा। सवाल: बिग बॉस के आपके साथी गौरव भी शो में होंगे, उनके साथ बॉन्ड कैसा है? जवाब: बिग बॉस में हमारा बहुत अच्छा बॉन्ड था। फिर कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम एक-दूसरे की पर्सनैलिटी को अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस शो में दूसरा कंटेस्टेंट आपका असली कॉम्पिटिशन नहीं होता। आपका सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन आपका खुद का डर होता है। सवाल: कश्मीर जैसी जगह से आकर इंडस्ट्री में पहचान बनाना कितना बड़ा चैलेंज था? जवाब: लोग कहते थे कि तुम बहुत इमोशनल हो, कोई भी तुम्हारा फायदा उठा लेगा। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां कोई मेल बैकअप नहीं था। मेरी मां भी कई बार हार मानने लगी थीं, क्योंकि मैं बहुत स्ट्रगल कर रही थी। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि एक दिन कुछ अच्छा जरूर होगा। सवाल: आपके अंदर इतना कॉन्फिडेंस और स्ट्रॉन्ग ओपिनियन कहां से आया? जवाब: शायद मेरे अंदर बहुत स्ट्रॉन्ग माइंड है। अगर कोई मुझसे कहता था कि ‘तुम नहीं कर पाओगी’, तो मेरा ईगो मुझे और ज्यादा मोटिवेट करता था। मैं सोचती थी कि तुम कौन होते हो यह तय करने वाले कि मैं क्या कर सकती हूं और क्या नहीं। सवाल: क्या स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली लड़कियों को ज्यादा जज किया जाता है? जवाब: बिल्कुल। जब लोगों को लगता है कि वो आपको कंट्रोल या मैनिपुलेट नहीं कर सकते, तब आप उनके दुश्मन बन जाते हैं। हर इंसान चाहता है कि सामने वाला उसकी बात माने, लेकिन हर किसी की अपनी सोच और अपनी जिंदगी होती है। अब मैं उस फेज में पहुंच चुकी हूं जहां इन बातों से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: आज की फरहाना अपने पुराने स्ट्रगल वाले दौर की फरहाना से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हार न मानने के लिए खुद का शुक्रिया। दुनिया ने तुम्हें नीचे गिराने, हिम्मत तोड़ने और खुद पर शक कराने की बहुत कोशिश की, लेकिन अच्छा हुआ कि तुमने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया। सवाल: सलमान खान के बाद अब रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितनी एक्साइटमेंट है? जवाब: मैं रोहित सर को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। बिग बॉस में भी उन्होंने मुझे बहुत पॉजिटिव तरीके से गाइड किया था। मैंने पिछले सीजन्स में देखा है कि जब कोई कंटेस्टेंट हार मानने लगता है तो वह खुद आकर मोटिवेट करते हैं। मुझे लगता है कि अगर मैं किसी स्टंट में डर गई, तो रोहित सर मुझे उस डर से बाहर निकालेंगे। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब: अगर मैं आज यहां हूं तो सिर्फ अपने फैंस की वजह से हूं। उन्होंने ही मुझे दोबारा टीवी पर देखने की इच्छा जताई। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मैं अपना 100% दूंगी और कोशिश करूंगी कि आपको मुझ पर कभी शर्मिंदा न होना पड़े। अभी से लोग मेरे हेलिकॉप्टर स्टंट और कीड़ों वाले AI वीडियोज बना रहे हैं। यह मेरे लिए भी बहुत एक्साइटिंग है।

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Hantavirus scare on cruise ship carrying Indians: What happened on MV Hondius?

Experts say Hantavirus transmission is primarily rodent-borne and not easily spread between humans; and therefore, the immediate public health risk is low.

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Adolescence makes history at Bafta TV Awards

The best shows and stars of the past 12 months are honoured at the Bafta TV Awards ceremony in London.

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Unlooted brick grave found in Roman necropolis in Croatia

Archaeological surveys performed as part of a reconstruction of the city market of Vinkovci, eastern Croatia, has unearthed a rare unlooted brick grave in a Roman-era necropolis. Out of more than 200 brick-built burials discovered in the area of the ancient city’s northern necropolis over the years, only two have been discovered intact and unlooted.

The city market area is known to have bordered the necropolis, so a preventative excavation was ordered before construction. This spring, archaeologists have unearthed 44 graves, but last Tuesday they found the first one that had not been looted in antiquity.

When the brick lined and topped tomb was opened, archaeologists found a skeleton that was nearly complete and in excellent condition. They were able to determine the skeletal remains belonged to an adult man between 40 and 45 years old at the time of death. Only two grave goods were found with him: an iron object by his right foot and a fragment of bronze on the right shoulder. Archaeologists don’t yet know what the objects were. They may have been part of his funerary clothing or something used for the burial rites.

The Vinkovci area has been continuously inhabited for over 8,000 years prompting local authorities to declare it “the oldest city in Europe.” Known as Cibalae, it was populated by Illyrian people when Rome conquered the province and was granted municipal rights by the Emperor Hadrian (r. 117-138 A.D.), making its official name Municipium Aelium Cibalae. That changed to Colonia Aurelia Cibalae when it was granted status of a colony by Marcus Aurelius Antoninus, aka Emperor Caracalla (r. 196-217 A.D.), in the early 3rd century A.D. It was an important center of trade linking the eastern and western empire, and bears the distinction of having been the birthplace of two emperors: brothers Valentinian I (r. 364-375) and Valens (364-378). They are the only Roman emperors born in what is now Croatia.



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ओरी बोले- 24 घंटे कंगना रनोट संग रह सकता हूं:खतरों के खिलाड़ी 15 में दिखेंगे, कहा- मोटिवेशन नहीं सिर्फ एक्शन पर भरोसा करता हूं

सोशल मीडिया सेंसेशन ओरहान अवात्रामणि उर्फ ओरी अब स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आने वाले हैं। अपने अनोखे अंदाज, फनी जवाबों और वायरल पर्सनैलिटी के लिए मशहूर ओरी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो, डर, मोटिवेशन, सोशल मीडिया इमेज और अपनी निजी सोच को लेकर खुलकर बातें कीं। बातचीत के दौरान ओरी ने बताया कि उन्हें पानी या खतरनाक स्टंट्स से डर नहीं लगता और वे मोटिवेशन की बजाय एक्शन में भरोसा करते हैं। साथ ही उन्होंने ‘ओरी टच’, सेलिब्रिटी फ्रेंडशिप्स और रोहित शेट्टी के साथ अपनी केमिस्ट्री को लेकर भी मजेदार जवाब दिए। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जाने को लेकर एक्साइटेड ज्यादा हैं या नर्वस? जवाब: सच बोलूं तो मुझे डर महसूस नहीं हो रहा। मैं काफी कॉन्फिडेंट हूं। सवाल: रियल लाइफ में किसी चीज से डर लगता है? जवाब: नहीं। मुझे किसी चीज से खास डर नहीं लगता। सवाल: आपने पहले कभी ‘खतरों के खिलाड़ी’ देखा था? जवाब: नहीं, मैंने कभी शो फॉलो नहीं किया। सवाल: शो में हाइट, पानी और खतरनाक स्टंट होते हैं। इनमें से सबसे मुश्किल क्या लग रहा है? जवाब: लोग बार-बार पानी का नाम ले रहे हैं, लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि पानी से डर कैसे लग सकता है। पानी डरावना नहीं होता। सवाल: आपकी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव रहे। ऐसी कौन-सी चीज है जो आपको आगे बढ़ने की ताकत देती है? जवाब: मैं मोटिवेशन में विश्वास नहीं करता। अगर आप सिर्फ मोटिवेशन के भरोसे काम करेंगे, तो एक दिन मोटिवेशन खत्म हो जाएगा और काम भी रुक जाएगा। जो करना है, वो इसलिए करो क्योंकि आपको करना है। सवाल: फिर आपके हिसाब से काम करने की असली वजह क्या होनी चाहिए? जवाब: सिर्फ यही कि आपको वो काम करना है। मैं ज्यादा सोचता नहीं, बस कर देता हूं। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने के पीछे सबसे बड़ी वजह क्या रही? जवाब: मैं थोड़ा बोर हो गया था। लगा कुछ नया करना चाहिए, तो मैंने हां कह दिया। सवाल: क्या ये आपका पहला रियलिटी शो है? जवाब: हां, बिल्कुल। मैं खुद को ‘रियलिटी शो वर्जिन’ कहता हूं। ये मेरा पहला शो है और शायद आखिरी भी। सवाल: ऐसा क्या था जिसने आपको इस शो के लिए मना लिया? जवाब: जब मैंने देखा कि अविनाश मिश्रा भी शो कर रहे हैं, तो मैंने सोचा मैं भी कर लेता हूं। सवाल: क्या आपने अविनाश को बिग बॉस में फॉलो किया था? जवाब: नहीं, मैं बिग बॉस नहीं देखता। लेकिन उनकी आंखें बहुत अच्छी हैं। सवाल: क्या आप अगली बार बिग बॉस में जाएंगे? जवाब: शायद। सवाल: सोशल मीडिया पर लोग आपको जानते हैं, लेकिन असली ओरी कौन है? जवाब: अंदर से मैं बिल्कुल नॉर्मल इंसान हूं। दो फेफड़े, एक दिल, एक पेट... बाकी सबकी तरह ही। सवाल: अगर आपको 24 घंटे बिना फोन किसी सेलिब्रिटी के साथ एक कमरे में रहना पड़े, तो किसे चुनेंगे? जवाब: कंगना रनोट। उनसे लंबी बातचीत करना दिलचस्प होगा। सवाल: क्या आप सारा अली खान के अच्छे दोस्त हैं? जवाब:अच्छा दोस्त था। अभी नहीं हूं। सवाल: क्या आप अमृता सिंह के बहुत करीबी हैं? जवाब: अभी नहीं। सवाल: किसी सेलिब्रिटी से डर लगता है? जवाब: नहीं, किसी से नहीं। सवाल: अपने बारे में सुना सबसे अजीब या मजेदार रूमर कौन-सा था? जवाब: शायद जो लोग रूमर कहते हैं, उनमें से कई सच भी होते हैं। सवाल: लोग कहते हैं कि आपका ‘टच’ काफी फेमस है। आखिर ये कॉन्सेप्ट क्या है? जवाब: लोग कहते हैं कि जब मैं उनके कंधे या सिर पर हाथ रखता हूं, तो उन्हें अलग एनर्जी महसूस होती है। कोई कहता है स्ट्रेस कम हो गया, कोई कहता है अच्छा महसूस हुआ। अब ये लोग कहते हैं, मैं नहीं। सवाल: क्या कोई ऐसा सेलिब्रिटी है जिसके साथ आपका वो ‘ओरी टच’ अभी बाकी है? जवाब: हमारे ऑनरेबल पीएम। उनसे मिलना चाहूंगा। सवाल: शो में दर्शकों को ओरी का कौन-सा नया रूप देखने मिलेगा? जवाब: मेरा सबसे फिट और पतला वर्जन। मैंने शो के लिए काफी वजन कम किया है, क्योंकि टीवी पर इंसान ज्यादा भारी दिखता है। सवाल: रोहित शेट्टी के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी रहने वाली है? जवाब: वो तो शो देखकर ही पता चलेगा। मुझे खुद भी इंतजार है।

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