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Rare medieval bookmark exceeds expectations at auction

A rare “rotating” bookmark made in the early 15th century has sold at a Dorset auction for six times the high estimate. There are only 30 or so known examples of this type of marker found in libraries on the continent, and another six known in England.

The bookmark is 10 inches long and has a circle mounted to it about 1.5 inches in diameter that was created from two parchment discs. A strip of parchment threaded through a loop attached to the circle served as the long part of the bookmark that would have been tucked between the pages.

Both sides of the disc have Arabic numerals 1 through 4 written on them, with the four being an early looped form. The disc can be turned between two semicircular folded pieces of parchment which cover three figures at a time leaving the last remaining one visible. One side of the parchment semicircle is painted with symbols of sun, moon and stars. The other side has only a sun with the inscription “Rota versatil[is]” written in a cursive script.

It pre-dates the printing press, so the maker was almost certainly a transcriber who used it to keep his place on the page and note the column he was writing in when he stopped. The wheel would be moved to the stopping point and the circle turned to the number of the column he had been writing in when he stopped. The phrase “Rota versatilis,” meaning “a wheel which turns,” may be a reminder to the scribe to turn the wheel before walking away.

There is no evidence of where this bookmark was made or who used it. Its first documented owner was Newcastle-upon-Tyne shipowner and book collector Alfred Brewis in the early 20th century. It has remained in his family by descent until the sale. The pre-sale estimate £800-1200 ($1073-1610). It sold for £7,000 ($9390).



* This article was originally published here

मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं…, ये बेहतरीन सदाबहार डायलॉग हैं डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के जो आज 76 साल के हो चुके हैं। बीते साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से हुई भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। मिथुन चक्रवर्ती ही वो पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से- किस्सा- 1 गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया। हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। लेकिन कोर्स शुरू होने में समय था, तो वो शख्स बहन की शादी के लिए मुंबई जाने वाला था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शक्ति भी उस लड़के के साथ मुंबई चले गए। मुंबई में उन्हें पता चला कि वो शादी उस वक्त के मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना की है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे। शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति और उनके दोस्त को होस्टल छोड़ने गए। गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’ वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए। रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थक हारकर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे नहीं बनना एक्टर। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए। किस्सा- 2 सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं। एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था। किस्सा- 3 रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें। किस्सा- 4 रूममेट ने घर से निकाला, बाथरूम साफ करने की शर्त रखी गई मुंबई में रहते हुए उन्हें एक दोस्त ने अपने कमरे में जगह दे दी। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने भी मिथुन को घर से निकाल दिया। ऐसे में मिथुन कई दिनों तक फुटपाथ में ही गुजारा करते रहे। मिथुन बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए एक जिम जाते थे, ऐसे में जिम के मालिक ने शर्त रखी थी कि अगर बाथरूम यूज करना है, तो रोज आकर सफाई करनी पड़ेगी। ये किस्सा मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। डांस इंडिया डांस शो में मिथुन ने बताया कि उन्होंने कई रातें भूख में फुटपाथ में सोकर गुजारीं। यही वजह है कि वो कभी नहीं चाहते कि उनकी बायोपिक बने, क्योंकि उनकी कहानी, लोगों को तोड़ देगी। किस्सा-5 फ्लर्ट करते देख मृणाल सेन ने दी पहली फिल्म मृगया मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 की फिल्म मृगया से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें कॉलेज के दिनों में ही कास्ट कर लिया गया था। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि जिस समय मिथुन पुणे के FTII में पढ़ रहे थे, तब डायरेक्टर मृणाल सेन फिल्म मृगया के लिए एक ऐसे लड़के की तलाश में थे, जो दुबला-पलता, सांवला हो, जो कुछ हद तक संताल आदिवासी की तरह दिखे। उन्होंने कास्टिंग की जिम्मेदारी अपने कैमरामैन के.महाजन को सौंपी थी। एक दिन के.महाजन की नजर कॉलेज के कॉरिडोर में खड़े मिथुन चक्रवर्ती पर पड़ी, जो वहां कुछ लड़कियों के साथ खड़े फ्लर्ट कर रहे थे। उन्हें मिथुन की पर्सनालिटी इतनी पसंद आई कि उन्होंने मृणाल सेन को बताया। मृणाल ने सोच लिया कि जब फिल्म बनाएंगे, तो मिथुन को ही कास्ट करेंगे, लेकिन फिल्म बनने में देरी हुई और मिथुन पढ़ाई पूरी कर मुंबई आकर रहने लगे। जब फिल्म शुरू की तो उन्होंने मिथुन को कोलकाता बुलाया और फिल्म ऑफर की। किस्सा- 6 नेशनल अवॉर्ड मिला, तो दिल्ली जाने के नहीं थे पैसे, रेखा ने की थी मदद मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं आया। ऐसे में वो हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। मिथुन का असली नाम गौरांग था, जो उन्होंने फिल्मों में आने के बाद मिथुन कर लिया था। हालांकि जब वो हेलन के स्पॉटबॉय बने तो उन्होंने अपना नाम राणा रेज कर लिया। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई, जिसके लिए मिथुन को नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास टिकट तक के पैसे नहीं थे। रेखा भी उसी समय एक फिल्म की शूटिंग के लिए दिल्ली जा रही थीं। जब उन्हें मिथुन के बारे में पता चला तो वो उन्हें अपना स्पॉटबॉय बनाकर साथ में दिल्ली ले गईं और खुद उनकी फ्लाइट टिकट बुक करवाई। किस्सा- 7 इंटरव्यू लेने आए शख्स से कहा- 2 दिन से भूखा हूं, पहले खाना खिलाओ स्ट्रगल के दौरान ऐसा कई बार हुआ, जब मिथुन ने भूखे पेट रातें गुजारीं। पहली फिल्म ‘मृगया’ के बाद भी उन्हें स्ट्रगल करना पड़ा। नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद जब एक पत्रकार उनका इंटरव्यू लेने पहुंचा तो भूख के मारे आवाज नहीं निकल रही थी। उन्होंने पत्रकार से कहा- 2 दिन से भूखा हूं, पहले खाना खिलाओ फिर इंटरव्यू दूंगा। आगे चलकर मिथुन चक्रवर्ती ने सुरक्षा, तराना, पतीता, हम पांच, हम से बढ़कर कौन, तकदीर का बादशाह जैसी फिल्मों से इंडस्ट्री में जगह बना ली और साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होने लगी। किस्सा- 8 मिथुन चक्रवर्ती के झूठ से खराब होने वाला था ऋषि कपूर का चेहरा, सेट पर एक्सीडेंट से खूब खून बहा ऋषि कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने 1978 की फिल्म फूल खिले हैं गुलशन गुलशन में साथ काम किया था। ये फिल्म मिथुन के करियर का बड़ा ब्रेक होने वाली थी। एक दिन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले डायरेक्टर सिकंदर खन्ना ने मिथुन से पूछा- क्या तुम कार चलाना जानते हो। मिथुन कार ड्राइविंग में कच्चे थे। लेकिन उन्हें डर था कि ये बताने के बाद डायरेक्टर कहीं उनके सीन न काट दे। ऐसे में उन्होंने झूठ कहा कि वो ठीक तरह कार चला लेते हैं। तसल्ली होने के बाद डायरेक्टर ने उन्हें सीन बताया। स्क्रिप्ट के अनुसार, मिथुन को तेज रफ्तार में कार लाकर ऋषि कपूर के पास में रोकना था, जिससे वो कार में बैठ सकें। जैसे ही एक्शन बोला गया, मिथुन ने एक्सेलेटर पर पैर मारा और तेज रफ्तार में कार चलानी शुरू कर दी। उन्हें ब्रेक मारने में देरी हो गई, जिससे तेज रफ्तार में कार ऋषि कपूर से आ टकराई और उनका चेहरा कार की बोनट से जा टकराया। ऋषि कपूर के मुंह से खूब खून बहा। गलती का एहसास होने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने तुरंत डायरेक्टर, ऋषि कपूर और सेट पर मौजूद हर शख्स से माफी मांगी। उन्होंने साफ बता दिया कि रोल कट जाने के डर से उन्होंने झूठ बोला था। हालांकि सबने उन्हें माफ कर दिया और ब्रेक के बाद शूटिंग दोबारा पूरी सावधानी के साथ शुरू की। फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करने के बाद मिथुन को 1983 की फिल्म डिस्को डांसर से स्टारडम मिला। ये 100 करोड़ कमाने वाली पहली फिल्म रही। इस फिल्म से मिथुन को ओवरनाइट स्टारडम मिल गया। किस्सा-9 जब राजकुमार ने डायरेक्टर से मिथुन की कास्टिंग पर कहा- ये किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए मिथुन चक्रवर्ती को 80 के दशक में उस दौर के स्टार राजकुमार के साथ फिल्म गोलियों के बादशाह में छोटा सा रोल मिला था। राजकुमार, का रवैया नए एक्टर्स के साथ उस समय ठीक नहीं था। शूटिंग के पहले ही दिन जब मिथुन कॉस्ट्यूम पहनकर तैयार हुए, तो उन्हें देख राजकुमार ने डायरेक्टर से कहा- माना कि रोल छोटा है, लेकिन इसके लिए आप किसी स्ट्रगलिंग एक्टर को क्यों ले आए। किसी अच्छे एक्टर को लेना था, ये किसे उठा लाए। मिथुन को ये बात काफी बुरी लगी। वो सीधे राजकुमार के पास गए और कहा- जिस स्ट्रगलिंग एक्टर की आप बात कर रहे हैं, वो मैं ही हूं। मिथुन को देख राजकुमार हंस पड़े और कहा- तुम यहां कहां आ गए एक्टिंग करने। ये कोई बच्चों का खेल नहीं है। इस पर मिथुन ने कहा- जानता हूं कि ये बच्चों का खेल नहीं है। मैं 7 साल से एक्टिंग कर रहा हूं। एक दिन मैं भी बड़ा एक्टर बनूंगा। ये सुनकर राजकुमार फिर हंसे और कहा- कोई छोटा-मोटा रोल चाहिए हो तो बताना। मिथुन चक्रवर्ती के बारे में ये भी पढ़िए-

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मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं…, ये बेहतरीन सदाबहार डायलॉग हैं डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के जो आज 76 साल के हो चुके हैं। बीते साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से हुई भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। मिथुन चक्रवर्ती ही वो पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से- किस्सा- 1 गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया। हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। लेकिन कोर्स शुरू होने में समय था, तो वो शख्स बहन की शादी के लिए मुंबई जाने वाला था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शक्ति भी उस लड़के के साथ मुंबई चले गए। मुंबई में उन्हें पता चला कि वो शादी उस वक्त के मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना की है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे। शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति और उनके दोस्त को होस्टल छोड़ने गए। गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’ वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए। रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थक हारकर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे नहीं बनना एक्टर। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए। किस्सा- 2 सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं। एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था। किस्सा- 3 रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें। किस्सा- 4 रूममेट ने घर से निकाला, बाथरूम साफ करने की शर्त रखी गई मुंबई में रहते हुए उन्हें एक दोस्त ने अपने कमरे में जगह दे दी। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने भी मिथुन को घर से निकाल दिया। ऐसे में मिथुन कई दिनों तक फुटपाथ में ही गुजारा करते रहे। मिथुन बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए एक जिम जाते थे, ऐसे में जिम के मालिक ने शर्त रखी थी कि अगर बाथरूम यूज करना है, तो रोज आकर सफाई करनी पड़ेगी। ये किस्सा मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। डांस इंडिया डांस शो में मिथुन ने बताया कि उन्होंने कई रातें भूख में फुटपाथ में सोकर गुजारीं। यही वजह है कि वो कभी नहीं चाहते कि उनकी बायोपिक बने, क्योंकि उनकी कहानी, लोगों को तोड़ देगी। किस्सा-5 फ्लर्ट करते देख मृणाल सेन ने दी पहली फिल्म मृगया मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 की फिल्म मृगया से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें कॉलेज के दिनों में ही कास्ट कर लिया गया था। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि जिस समय मिथुन पुणे के FTII में पढ़ रहे थे, तब डायरेक्टर मृणाल सेन फिल्म मृगया के लिए एक ऐसे लड़के की तलाश में थे, जो दुबला-पलता, सांवला हो, जो कुछ हद तक संताल आदिवासी की तरह दिखे। उन्होंने कास्टिंग की जिम्मेदारी अपने कैमरामैन के.महाजन को सौंपी थी। एक दिन के.महाजन की नजर कॉलेज के कॉरिडोर में खड़े मिथुन चक्रवर्ती पर पड़ी, जो वहां कुछ लड़कियों के साथ खड़े फ्लर्ट कर रहे थे। उन्हें मिथुन की पर्सनालिटी इतनी पसंद आई कि उन्होंने मृणाल सेन को बताया। मृणाल ने सोच लिया कि जब फिल्म बनाएंगे, तो मिथुन को ही कास्ट करेंगे, लेकिन फिल्म बनने में देरी हुई और मिथुन पढ़ाई पूरी कर मुंबई आकर रहने लगे। जब फिल्म शुरू की तो उन्होंने मिथुन को कोलकाता बुलाया और फिल्म ऑफर की। किस्सा- 6 नेशनल अवॉर्ड मिला, तो दिल्ली जाने के नहीं थे पैसे, रेखा ने की थी मदद मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं आया। ऐसे में वो हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। मिथुन का असली नाम गौरांग था, जो उन्होंने फिल्मों में आने के बाद मिथुन कर लिया था। हालांकि जब वो हेलन के स्पॉटबॉय बने तो उन्होंने अपना नाम राणा रेज कर लिया। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई, जिसके लिए मिथुन को नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास टिकट तक के पैसे नहीं थे। रेखा भी उसी समय एक फिल्म की शूटिंग के लिए दिल्ली जा रही थीं। जब उन्हें मिथुन के बारे में पता चला तो वो उन्हें अपना स्पॉटबॉय बनाकर साथ में दिल्ली ले गईं और खुद उनकी फ्लाइट टिकट बुक करवाई। किस्सा- 7 इंटरव्यू लेने आए शख्स से कहा- 2 दिन से भूखा हूं, पहले खाना खिलाओ स्ट्रगल के दौरान ऐसा कई बार हुआ, जब मिथुन ने भूखे पेट रातें गुजारीं। पहली फिल्म ‘मृगया’ के बाद भी उन्हें स्ट्रगल करना पड़ा। नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद जब एक पत्रकार उनका इंटरव्यू लेने पहुंचा तो भूख के मारे आवाज नहीं निकल रही थी। उन्होंने पत्रकार से कहा- 2 दिन से भूखा हूं, पहले खाना खिलाओ फिर इंटरव्यू दूंगा। आगे चलकर मिथुन चक्रवर्ती ने सुरक्षा, तराना, पतीता, हम पांच, हम से बढ़कर कौन, तकदीर का बादशाह जैसी फिल्मों से इंडस्ट्री में जगह बना ली और साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होने लगी। किस्सा- 8 मिथुन चक्रवर्ती के झूठ से खराब होने वाला था ऋषि कपूर का चेहरा, सेट पर एक्सीडेंट से खूब खून बहा ऋषि कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने 1978 की फिल्म फूल खिले हैं गुलशन गुलशन में साथ काम किया था। ये फिल्म मिथुन के करियर का बड़ा ब्रेक होने वाली थी। एक दिन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले डायरेक्टर सिकंदर खन्ना ने मिथुन से पूछा- क्या तुम कार चलाना जानते हो। मिथुन कार ड्राइविंग में कच्चे थे। लेकिन उन्हें डर था कि ये बताने के बाद डायरेक्टर कहीं उनके सीन न काट दे। ऐसे में उन्होंने झूठ कहा कि वो ठीक तरह कार चला लेते हैं। तसल्ली होने के बाद डायरेक्टर ने उन्हें सीन बताया। स्क्रिप्ट के अनुसार, मिथुन को तेज रफ्तार में कार लाकर ऋषि कपूर के पास में रोकना था, जिससे वो कार में बैठ सकें। जैसे ही एक्शन बोला गया, मिथुन ने एक्सेलेटर पर पैर मारा और तेज रफ्तार में कार चलानी शुरू कर दी। उन्हें ब्रेक मारने में देरी हो गई, जिससे तेज रफ्तार में कार ऋषि कपूर से आ टकराई और उनका चेहरा कार की बोनट से जा टकराया। ऋषि कपूर के मुंह से खूब खून बहा। गलती का एहसास होने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने तुरंत डायरेक्टर, ऋषि कपूर और सेट पर मौजूद हर शख्स से माफी मांगी। उन्होंने साफ बता दिया कि रोल कट जाने के डर से उन्होंने झूठ बोला था। हालांकि सबने उन्हें माफ कर दिया और ब्रेक के बाद शूटिंग दोबारा पूरी सावधानी के साथ शुरू की। फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करने के बाद मिथुन को 1983 की फिल्म डिस्को डांसर से स्टारडम मिला। ये 100 करोड़ कमाने वाली पहली फिल्म रही। इस फिल्म से मिथुन को ओवरनाइट स्टारडम मिल गया। किस्सा-9 जब राजकुमार ने डायरेक्टर से मिथुन की कास्टिंग पर कहा- ये किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए मिथुन चक्रवर्ती को 80 के दशक में उस दौर के स्टार राजकुमार के साथ फिल्म गोलियों के बादशाह में छोटा सा रोल मिला था। राजकुमार, का रवैया नए एक्टर्स के साथ उस समय ठीक नहीं था। शूटिंग के पहले ही दिन जब मिथुन कॉस्ट्यूम पहनकर तैयार हुए, तो उन्हें देख राजकुमार ने डायरेक्टर से कहा- माना कि रोल छोटा है, लेकिन इसके लिए आप किसी स्ट्रगलिंग एक्टर को क्यों ले आए। किसी अच्छे एक्टर को लेना था, ये किसे उठा लाए। मिथुन को ये बात काफी बुरी लगी। वो सीधे राजकुमार के पास गए और कहा- जिस स्ट्रगलिंग एक्टर की आप बात कर रहे हैं, वो मैं ही हूं। मिथुन को देख राजकुमार हंस पड़े और कहा- तुम यहां कहां आ गए एक्टिंग करने। ये कोई बच्चों का खेल नहीं है। इस पर मिथुन ने कहा- जानता हूं कि ये बच्चों का खेल नहीं है। मैं 7 साल से एक्टिंग कर रहा हूं। एक दिन मैं भी बड़ा एक्टर बनूंगा। ये सुनकर राजकुमार फिर हंसे और कहा- कोई छोटा-मोटा रोल चाहिए हो तो बताना। मिथुन चक्रवर्ती के बारे में ये भी पढ़िए-

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South African jazz legend Abdullah Ibrahim dies at 91

Ibrahim helped define a genre of South African jazz music in a career that spanned eight decades.

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11th c. sword found in Warta River in Poland

An 11th century sword has been discovered in the Warta River in Wronki, Poland, by fisherman. There is no way to know how the sword ended up in the river — lost by accident during combat, deliberately deposited for ritual purposes — but there was a medieval stronghold less than 2.5 miles from Wronki, which could be connected to the find.

Resident Mirosław Tucholski was setting up his fishing gear at his usual spot over a bend in the river when he spotted a piece of metal on one of the headlands (stone and earth fortifications). It was partially hidden in the sand and stones, exposed only by a drop of the water level.

He retrieved it and took it to the Wroniec Region Museum where archaeologist Ryszard Pietrzak confirmed its antiquity and suggested a preliminary date based on the design style of the 11th century. The museum then reported the find to the regional conservator of monuments and the sword was assigned to the Nicolaus Copernicus University in Toruń for conservation.

A preliminary dating to the 11th century points to the era of the early Piast dynasty. Greater Poland was experiencing significant changes: the coronation of Bolesław the Brave in 1025 was followed by a crisis of the monarchy, the invasion of Bretislaus, and the reconstruction of power structures under Casimir the Restorer. This doesn’t mean that the Wronki sword can be linked to any of these events, but it does indicate that the artifact may date from an era when weapons were not only a weapon of war but also a clear sign of social standing.

As no datable objects or remains were found where the sword was found, archaeologists used comparative dating, comparing the shape of the blade, guard, tang, pommel and fuller to determine the type of sword.

The blade is approximately 76 cm long, the tang approximately 9 cm, the crossguard approximately 12.5 cm wide, and the blade tapers from almost 5.5 cm at the base to about 2.5 cm in the section closest to the point, although corrosion may have affected these values. With a type 3 crossguard and a potential type B pommel according to R. E. Oakeshott, it can tentatively be considered a form close to early one-handed swords bordering on types X-XI, or possibly transitional to type XII . Therefore, the 11th century is a good suggestion, but final clarification of the type and chronology will only occur after conservation and a complete study of the object.

The sword needs careful handling to keep it from rapidly deteriorating now that it has been removed from the safety of the water. It will be X-rayed for cracks or marks hidden by the thick layer of corrosion, and subjected to metallurgical analysis to determine the composition of the blade and other components.



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उर्मिला मातोंडकर के पूर्व पति ने की दूसरी शादी:मोहसिन अख्तर ने निधा भट्ट संग तस्वीरें शेयर कर नए रिश्ते की घोषणा की

उर्मिला मातोंडकर के पूर्व पति मोहसिन अख्तर ने दूसरी शादी कर ली है। रविवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर शादी की तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने निधा भट्ट से शादी की है। शादी की झलकियां शेयर करते हुए मोहसिन ने एक इमोशनल पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा कि सच्चे इरादों, ईमानदार प्यार और धैर्य के साथ उन्हें जीवन में फिर से प्रेम मिला है। उन्होंने अपनी पत्नी निधा भट्ट का आभार जताते हुए लिखा कि उन्होंने उनके जीवन में रोशनी लाई है। मोहसिन ने अपनी पोस्ट में दिवंगत प्रियजनों को भी याद किया और कहा कि उनकी दुआओं और आशीर्वाद की वजह से उन्हें जीवन में यह नया साथ मिला है। उन्होंने दोनों के लिए दुआ करने की अपील भी की। उर्मिला मातोंडकर से हुई थी पहली शादी मोहसिन अख्तर की पहली शादी एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर से हुई थी। दोनों ने 4 फरवरी 2016 को एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। उस समय उनकी शादी इंटररिलिजियस मैरिज और दोनों के बीच 10 साल के एज डिफरेंस की वजह से खबरों में थी। साल 2024 में दोनों के रिश्ते में तनाव की खबरें सामने आई थीं। सितंबर 2024 में कहा गया था कि उर्मिला ने मुंबई की एक अदालत में तलाक की अर्जी दायर की थी। कश्मीरी बिजनेसमैन और मॉडल मोहसिन की पहली मुलाकात उर्मिला से 2014 में फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की भतीजी की शादी में हुई थी। उर्मिला कलयुग और मासूम जैसी फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर नजर आईं। उन्होंने 1991 में नरसिम्हा से लीड एक्ट्रेस के तौर पर डेब्यू किया। उन्होंने रंगीला, जुदाई, सत्या, कौन, प्यार तूने क्या किया, भूत और एक हसीना थी जैसी कई फिल्मों में काम किया। बड़े पर्दे पर उर्मिला आखिरी बार साल 2018 में इरफान खान की फिल्म ब्लैकमेल में एक स्पेशल डांस नंबर ('बेवफा ब्यूटी') में नजर आई थीं। वहीं, वह 'डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स' (2018) और 'कलर्स टीवी' के शो 'हुनरबाज: देश की शान' (2022) में जज के तौर पर नजर आ चुकी हैं।

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'शादी के बाद सपना चौधरी पर बंदिशें लगीं':हरियाणवी सिंगर बोला-वीर साहू ने बैन किए थे 8 कलाकार; डांसर की पोस्ट-आई डोंट बिलिव इन रिवेंज

मशहूर हरियाणवी डांसर-सिंगर सपना चौधरी और उसके पति वीर साहू के बीच चल रहे विवाद के बीच नई कहानी सामने आई है। सपना के साथ कई हिट परफॉर्मेंस देने वाले हरियाणवी सिंगर ने दावा किया कि शादी के बाद वीर ने सपना पर 8 कलाकारों के साथ काम करने पर बैन लगा दिया था। हरियाणवी सिंगर ने अपनी पहचान जाहिर न होने की शर्त पर कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वीर ने हिदायत दी थी कि इन कलाकारों से दूर रहे। बिंदास डांस के लिए मशहूर सपना पर बंदिशें लगी, जिससे उसकी जिंदकी में एकदम बदलाव आया। करीबी सिंगर ने दावा किया है कि शादी से पहले सपना चौधरी ने उनके साथ 8 गाने किए। लेकिन शादी के बाद कभी काम नहीं किया। हरियाणा के 8-9 कलाकारों को सपना के लिए बैन कर दिया था, ये वो कलाकार थे, जिनके साथ सपना अक्सर ज्यादा काम करतीं थी। हालांकि सिंगर ने इन कलाकारों के नाम साझा नहीं किए। सपना इस तरह के बंधन को पसंद नहीं करती थीं। सपना इसका जिक्र भी करती थीं, लेकिन उनका घरेलू मसला होने के चलते उन्होंने भी थोड़ी दूरियां बना लीं। बेटे के जन्मोत्सव में भी सपना चौधरी का ही कॉल उनके पास आया था। जिसके कारण वे कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां भी वीर साहू हरियाणवी कलाकारों की उस लिस्ट को देखकर ज्यादा खुश नहीं थे। हालांकि सपना ने कभी मारपीट व दूसरी बातों का कभी जिक्र नहीं किया था। सपना लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहीं स्टोरी अब जानिए सपना चौधरी-वीर साहू का पोस्ट वॉर… पोस्ट पर फैन दे रहे तीखे रिएक्शन… पढ़िए, पोस्ट पर यूजर्स ने कमेंट में क्या कहा… रिश्ते का मजाक बनाया: सपना चौधरी के एक फैन ने पोस्ट पर रिएक्शन देते हुए लिखा- मजाक बना रखा है रिश्ते का, रीलबाजी के चक्कर में। अब रिश्ता निभाना नहीं जानते तो जोड़ते ही क्यों हो। आने वाली पीढ़ी क्या सीखेगी आपसे। सपना का दिमाग खराब: चौधरी नितिन नाम के फैन ने लिखा- स्टेज डांस से शुरू किया और फिर वीर साहू से शादी की, फिर बिग बॉस तक का सफर तय कर आपका दिमाग खराब हो गया है। तुमसे और उम्मीद भी क्या जा सकते हैं। वीर शांत स्वभाग का व्यक्ति: विक्की ढांडा ने लिखा- वीर साहू बहुत ही शांत स्वभाव में रहता है। सामाजिक आदमी है, पशु-पक्षियों से बहुत प्यार करता है। आपका खुद का नजरिया बदल चुका है। आपसी मन-मुटाव को दूर करके एक हो जाओ। उसी में खुशी है, दुनिया में कोई किसी से संतुष्ट नहीं है, यह भी एक सत्य है। अब जानिए दो दिन पहले कोर्ट में सपना ने क्या कहा था… नजदीकी सूत्रों ने बताईं दोनों के बीच मतभेद की चार वजह… ग्राफिक्स में सपना और वीर के बारे में जानिए… ----------------- सपना-वीर साहू विवाद के ये खबरें भी पढ़ें…. फैमिली-डिस्प्यूट के बीच सपना चौधरी ने पति पर जताया प्यार:रील बनाकर लिखा- मन्ने तेरे पै मर लेन दें; 2 दिन पहले कोर्ट से सिक्योरिटी मांगी सपना चौधरी-वीर साहू के विवाद की 4 वजह:डिफरेंट स्टारडम, लाइफ स्टाइल का मेन रोल, पहली एनिवर्सरी पर दिखी थी दूरी; कोर्ट ने दूर रहने का कहा हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने मारपीट के बाद ससुराल छोड़ा:कोर्ट ने पति वीर साहू के मिलने पर रोक लगाई; 2020 में लव मैरिज की थी

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अमीषा पटेल@51, जन्म पर देखने पहुंचीं इंदिरा गांधी:दादा के नाम पर रोड, कभी झगड़े में ममता कुलकर्णी ने कहा- तुम्हारी औकात क्या है

9 जून 1975 अमीषा पटेल का जन्म गुजरात के रईस बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी NRI मां आशा के घर हुआ। मां और पिता का नाम जोड़कर उन्हें अमीषा नाम दिया गया। 5 की उम्र में उन्हें भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई। उनके दादाजी रजनी पटेल मशहूर बैरिस्टर और कांग्रेस के बड़े राजनेता थे। उनके नाम पर 1986 में मुंबई की रोड का नाम बैरिस्टर रजनी पटेल मार्ग रखा गया है। मनीष पॉल के पॉडकास्ट में अमीषा ने बताया था कि उनके दादाजी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक बनने वाले थे। वो इंदिरा गांधी के करीबी थे। इंदिरा गांधी, अमीषा पटेल के पेरेंट्स की शादी में भी पहुंची थीं। उन्होंने खुद शादी ऐसी डेट पर रखी, जिस दिन वो काम में व्यस्त न हों और शादी अटेंड कर सकें। यहां तक की जब अमीषा का जन्म हुआ, इंदिरा गांधी वो पहली शख्स थीं, जो अस्पताल पहुंची थीं। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के साथ बोर्डिंग स्कूल में पढ़ चुके बचपन के दोस्त राकेश रोशन भी पहुंचे थे। जब अमीषा ने बिंदास अंदाज में डांस करना शुरू किया तो राकेश रोशन की उन पर नजर पड़ गई। वो सीधे उनके पिता के पास पहुंचे और पूछा- ये कौन है। गर्लफ्रेंड? जवाब मिला- नहीं राकेश, ये मेरी बेटी है अमीषा। अभी अभी बॉस्टन से पढ़ाई कर लौटी है। राकेश ने उनसे कहा- जब मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा। पिता ने कहा- नहीं, वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। शुरुआती पढ़ाई के बाद अमीषा ने बोस्टन की TUFT यूनिवर्सिटी से बायो जेनेटिक इंजीनियरिंग की और बाद में इकॉनोमिक्स की पढ़ाई की। अमीषा के पिता अमित पटेल का अक्सर फिल्मी दुनिया के लोगों के साथ उठना-बैठना होता था। एक दिन उन्होंने बॉस्टन में रह रहीं अमीषा को कॉल कर बताया कि विनोद अंकल (विनोद खन्ना) चाहते हैं कि तुम उनके बेटे अक्षय खन्ना की डेब्यू फिल्म हिमालय पुत्र से फिल्मों में डेब्यू करो, लेकिन हमने इनकार कर दिया। हम नहीं चाहते कि तुम्हारी पढ़ाई पर असर पड़े। अमीषा ने इस बात कर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि फिल्मों में आने का उन्होंने खुद भी कभी सोचा नहीं था। कुछ दिन बीते, तो पिता ने फिर बताया फिरोज खान ने भी उन्हें बेटे फरदीन खान की फिल्म प्रेम अगन ऑफर की है, लेकिन इस बार भी उन्होंने इनकार कर दिया। जब वो फाइनल ईयर में बॉम्बे लौटीं, तो एक दिन राकेश रोशन ने उन्हें लंच पर इनवाइट किया। अमीषा पिता-मां के साथ गईं। वहां राकेश के बेटे ऋतिक भी मौजूद थे। उन्होंने पढ़ाई की खूब बातें कीं, अमीषा ने अपना सीवी और अमेरिका के मॉर्गन स्टेनली बैंक से मिली जॉब का लेटर भी दिखाया। कुछ देर बाद जब अमीषा वॉशरूम गईं तो राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक से पूछा कि क्या उन्हें अपकमिंग फिल्म कहो न प्यार है में कास्ट करना चाहिए। ऋतिक की हामी मिलने पर राकेश ने अमीषा के आते ही उन्हें फिल्म ऑफर कर दी। दरअसल, उस समय राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक रोशन और करीना कपूर के साथ फिल्म कहो न प्यार है शुरू की थी, लेकिन करीना ने राकेश रोशन और मां बबीता की अनबन होने पर फिल्म छोड़ दी थी। ऑफर मिलने पर अमीषा ने पूछा- आपकी फिल्म में तो हीरोइन फाइनल हो चुकी है। इस पर राकेश ने कहा- नहीं, मैं तुम्हें हीरोइन बनाना चाहता हूं। ये सुनकर अमीषा ने हामी भर दी। उन्होंने सोचा कि अगर पहली फिल्म फ्लॉप हुई, तो वो इकोनॉमिक्स में नौकरी शुरू कर देंगी, लेकिन खुशकिस्मती से फिल्म सुपरहिट रही और अमीषा पटेल एक स्टार बन गईं और आज भी फिल्मों से जुड़ी हुई हैं। आज अमीषा पटेल 51 साल की हो चुकी है। उनके बर्थडे के खास मौके पर जानिए, उनकी जिंदगी से जुड़ी रोचक कहानी, कुछ मजेदार किस्सों के साथ- कहो न प्यार है करते हुए मिली गदर, 12 घंटों तक दिया स्क्रीनटेस्ट अमीषा पटेल ने कुछ दिनों की एक्टिंग ट्रेनिंग लेने के बाद कहो न प्यार है की शूटिंग शुरू की। इसी समय उन्हें अनिल शर्मा की फिल्म गदर के ऑडिशन की जानकारी मिली। वो ऑडिशन के लिए गईं, जिसके लिए पहले ही 500 लड़कियां ऑडिशन दे चुकी थीं। 22 लड़कियों को स्क्रीनटेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें अमीषा भी शामिल हुईं। उनका स्क्रीनटेस्ट 12 घंटे तक चला। आखिरकार अनिल शर्मा ने उन्हें गदर में कास्ट कर लिया। सिलेक्शन के बाद अमीषा पटेल को गदर साइन करने पर ताने मिले। सभी का मानना था कि करियर की शुरुआत में अमीषा को मां का रोल नहीं करना चाहिए, लेकिन वो ये रोल करने पर अड़ी थीं। अमीषा ने एक साथ कहो न प्यार है और गदर की शूटिंग की। एक फिल्म में वो चुलबुली लड़की थीं और दूसरी में एक भारत-पाकिस्तान के बीच हुए दंगों की सर्वाइवर। सबसे पहले उनकी फिल्म कहो न प्यार है रिलीज हुई। हर किसी ने राकेश रोशन को सलाह दी कि वो न्यूकमर ऋतिक और अमीषा की इस फिल्म को शाहरुख खान की फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और आमिर खान की फिल्म मेला के आसपास रिलीज न करें। कहो न प्यार है 14 जनवरी 2000 में रिलीज हुई, जबकि मेला 7 जनवरी 2000 और फिर भी दिल है हिंदुस्तानी 21 जनवरी 2000 को रिलीज हुई। बड़े क्लैश के बावजूद कहो न प्यार है ब्लॉकबस्टर रही और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। इसके बाद रिलीज हुई अमीषा पटेल की फिल्म गदर भी ब्लॉकबस्टर रही और उनकी गिनती टॉप एक्ट्रेस में होने लगी। गदर में अमीषा ने पाकिस्तानी सकीना का किरदार निभाया, जिसमें सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया था। दोनों की जोड़ी काफी पसंद की गई थी। कुछ सालों बाद अमीषा पटेल को सनी देओल के भाई बॉबी देओल के साथ हमराज फिल्म मिली। फिल्म के क्लाइमैक्स सीन में अमीषा को अक्षय खन्ना को गोली मारकर, बॉबी से गले लगना था। फिल्म की शूटिंग जयपुर के किले में हुई, जहां शूटिंग देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही अमीषा ने बॉबी को गले लगाया, वैसे ही दर्शकों की भीड़ ने चिल्लाना शुरू किया। भीड़ के लोग चिल्लाकर बॉबी देओल से कह रहे थे- सकीना को छोड़ दे, वो तेरे भाई तारा सिंह की अमानत है। उसे छोड़ दे। ये सुनते ही सेट पर मौजूद पूरी टीम जोर से हंस पड़ी और सीन दोबारा करना पड़ा। कहो न प्यार है और गदर जैसी शुरुआती फिल्मों ने अमीषा को स्टार बनाया, लेकिन बाद में उनकी बैक-टु-बैक कई फिल्में फ्लॉप होने लगीं। इनमें आप मुझे अच्छे लगने लगे, क्रांति शामिल रहीं। ह्यूमर देख आमिर खान ने ऐश्वर्या को हटाकर किया अमीषा को कास्ट अमीषा की फ्लॉप हो रहीं फिल्मों के बीच एक रोज आमिर खान ने उनका बीबीसी को दिया एक इंटरव्यू देखा, जिसमें वो बेहतरीन अंदाज में ह्यूमरस जवाब दे रही थीं। आमिर को उनका ह्यूमर इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत अपने प्रोड्यूसर को कॉल कर कहा कि उनकी अपकमिंग फिल्म मंगल पांडेः द राइजिंग में अमीषा को कास्ट किया गया। जबकि उस समय फिल्म में पहले ही ऐश्वर्या राय की कास्टिंग हो चुकी थी। ऐश्वर्या को रिप्लेस करने पर अमीषा चर्चा में रही थीं। ये फिल्म एवरेज रही, हालांकि आगे भी उनकी फिल्में जमीर, वादा, हमको तुमसे प्यार है, अनकही, आप की खातिर फ्लॉप होती रहीं और उन पर फ्लॉप एक्ट्रेस का ठप्पा लग गया। विक्रम भट्ट को किया डेट, परिवार को भेजा लीगल नोटिस 2002 में आई फिल्म आप मुझे अच्छे लगने लगे की शूटिंग के दौरान अमीषा पटेल और डायरेक्टर विक्रम भट्ट रिलेशनशिप में आ गए। अमीषा का परिवार इस रिश्ते से नाखुश था। समय के साथ अमीषा के परिवार से उनकी अनबन शुरू हो गई। विवाद तब बढ़ा, जब अमीषा ने 2004 में पिता को लीगल नोटिस भेजकर उनपर कमाई का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। नोटिस के अनुसार, अमीषा के पिता ने बिजनेस में नुकसान होने पर बिना इजाजत अमीषा की सारी जमापूंजी अपने बिजनेस में लगा दी। उन्होंने 12 करोड़ की रकम वापस भी मांगी। अमीषा ने घर छोड़ दिया और अकेले रहने लगीं। इसी समय खबरें रहीं कि अमीषा, विक्रम से शादी करने वाली हैं, लेकिन 2008 में अचानक दोनों अलग हो गए। इसी समय अमीषा के परिवार ने उनसे सुलह करनी चाही। विक्रम से ब्रेकअप के ठीक बाद अमीषा का नाम मार्च 2008 में अमेरिकन बिजनेसमैन कनव पुरी से जुड़ा। 2009 से अमीषा और परिवार से रिश्ते सुधरने लगे। कनव पुरी से शादी की खबरों के बीच ही अमीषा ने कनव से भी ब्रेकअप कर लिया और कहा कि वो करियर पर फोकस करना चाहती हैं। एयर इंडिया के कर्मचारी ने एक्ट्रेस के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत अगस्त 2006 में न्यूयॉर्क में होने वाली विक्ट्री परेड में शामिल होने के लिए रवाना हुईं अमीषा विवादों में घिर गईं। उन पर एयर इंडिया की एक कर्मचारी ने बदसलूकी करने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई। भारत लौटने के बाद अमीषा के खिलाफ जांच शुरू हुई और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपने साथी को फर्स्ट क्लास की टिकट न दिए जाने पर बदसलूकी की, हालांकि अमीषा ने इस सभी आरोपों को निराधार कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि एयरलाइन के कर्मचारी खुद को बचाने के लिए उन्हें फंसा रहे हैं। विवाद तब खत्म हुआ, जब न्यूयॉर्क विक्ट्री परेड के ऑर्गेनाइजर्स ने एक्ट्रेस से माफी मांगते हुए कहा कि गड़बड़ उनकी तरफ से हुई थी। उन्होंने अमीषा के साथ ट्रेवल करने वालों की भी फर्स्ट क्लास में टिकट करवाई थी, लेकिन टेक्निकल दिक्कतों के चलते उनकी टिकट गलत बुक हो गई। ममता कुलकर्णी ने बहस कर कहा- तुम्हारी औकात क्या है 90 के दशक में ममता कुलकर्णी स्टार थीं, जबकि अमीषा पटेल मॉडलिंग किया करती थीं। तब दोनों को एक साथ एक हेयरऑइल का एड मिला था, जिसकी शूटिंग 4-5 दिनों तक मॉरीशस में हुई थी। शूटिंग के बीच ऑर्गनाइजर और बजाज सेवाश्रम के मालिक मिस्टर बजाज ने सभी के लिए एक डिनर आयोजित किया। डिनर के समय ममता कुलकर्णी, मिस्टर बजाज, अमीषा और उनकी मां अपनी-अपनी टीम के साथ एक ही टेबल पर बैठे थे। तभी ममता ने बुफे से एक डिश ली, जिसमें कोई नाम नहीं लिखा था। उन्हें चबाने में दिक्कत हुई, तो उन्होंने वेटर को बुलाकर डिश का नाम पूछा। वेटर ने उन्हें बताया कि ये हिरण का मांस है। इस पर ममता चिढ़ गईं और वेटर पर चिल्लाते हुए कहा- हिरण का मांस कौन खाता है, चिकन-मटन खाया जाता है। उन्होंने और उनकी सेक्रेटरी ने वेटर को गालियां देते हुए बदतमीजी की, तभी पास बैठीं अमीषा ने बीच-बचाव करते हुए कहा, यहां सभी लोग एक जैसा खाना खा रहे हैं, तो किसी को नखरे नहीं करना चाहिए। इस पर ममता भड़क गईं और चिल्लाते हुए कहा- तुम यहां हेयर ऑइल के एड के लिए आई हो ना। तुम्हें इसके 1 लाख रुपए मिले हैं और मुझे 15 लाख, तो स्टार कौन है बताओ, तुम्हारी औकात क्या है। इसके बाद अमीषा ने उन्हें जवाब दिया, तो उनकी सेक्रेटरी ने अमीषा से बदसलूकी करते हुए अग्रेसिव होकर उनके पास आने लगीं। तभी अमीषा की मां आशा तुरंत उठीं और सेक्रेटरी का हाथ पकड़कर कहा, मेरी बेटी को छूने की हिम्मत भी मत करना। ये झगड़ा काफी चर्चा में रहा। अमीषा पटेल एक इंटरव्यू में इस पर बात कर चुकी हैं। बीते साल आप की अदालत में पहुंचीं, ममता से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने मामले पर बात जरूर की, लेकिन सफाई में कहा कि उन्होंने सीधे तौर पर अमीषा को अपशब्द नहीं कहे, बल्कि उनकी मैनेजर की उनसे बहस हुई थी। अमीषा पटेल के हाथ से निकलीं ब्लॉकबस्टर तेरे नाम और लगान जैसी फिल्में शुरुआत में आमिर खान की फिल्म लगान अमीषा पटेल को ऑफर हुई थी। उस फिल्म में उन्हें गांव की लड़की का किरदार निभाना था। उनकी डेट्स भी फाइनल हो चुकी थीं, हालांकि बाद में डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर को एहसास हुआ कि एक गांव की लड़की के किरदार के लिए अमीषा अच्छा विकल्प नहीं हैं, क्योंकि वो बेहद खूबसूरत और पढ़ी-लिखी लगती हैं। यही वजह रही कि आखिरी समय में उनकी जगह ग्रेसी सिंह को कास्ट कर लिया गया। फिल्म गदरः एक प्रेम कथा और लगान एक ही दिन 14 जून 2001 को रिलीज हुई थीं। सलमान चाहते थे अमीषा तेरे नाम करें अमीषा पटेल, सलमान की करीबी दोस्त हैं। जिस समय उन्हें तेरे नाम की स्क्रिप्ट मिली, तब उन्होंने अमीषा को फिल्म ऑफर की थी। उन्होंने अमीषा को तेरे नाम के गाने सुनाए, जो पहले बन चुके थे। हालांकि तब फिल्म की शूटिंग डेट्स तय नहीं थीं और न ही ये तय हुआ था कि फिल्म कौन डायरेक्ट करेगा। जब तक सतीष कौशिक, फिल्म डायरेक्ट करने के लिए फाइनल हुए, तब तक अमीषा दूसरी फिल्मों में बिजी हो चुकी थीं। बाद में उनकी जगह भूमिका चावला को कास्ट किया गया। मुन्नाभाई एमबीबीएस में शाहरुख के साथ किया गया था कास्ट डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने शाहरुख खान और अमीषा के साथ फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस प्लान की थी। हालांकि शाहरुख दूसरी फिल्मों में बिजी होने पर ये फिल्म नहीं कर सके। बाद में उनकी जगह संजय दत्त आए। जब तक कास्टिंग फाइनल होती, अमीषा भी दूसरी फिल्मों में बिजी हो गईं और उन्होंने ये फिल्म छोड़ दी। एम एफ हुसैन को दादाजी ने दिया था मौका एक दौर में मशहूर पेंटर एम एफ हुसैन, सड़कों पर बिलबोर्ड पेंट करने का काम करते थे। वो अमीषा पटेल के दोस्त थे। शुरुआत में जब एमएफ हुसैन पेंटिंग में करियर बनाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तब अमीषा के दादाजी ने उन्हें सपोर्ट किया और उनकी पेंटिंग्स अपने साथियों से खरीदवाई थीं। यही वजह रही कि एम एफ हुसैन का अमीषा के परिवार से करीबी रिश्ता रहा। अमीषा के घर में आज भी एम एफ हुसैन की दी हुईं कई लग्जरी पेंटिंग्स हैं। बॉलीवुड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... डिंपल कपाड़िया@69:बॉबी के सेट पर इनके नाम से ऋषि कपूर को चिढ़ाते थे अमिताभ, अक्षय को गे समझती थीं, जेनेटिक टेस्ट करवाया 8 जून 1957 को जन्मीं डिंपल कपाड़िया एक रईस कपाड़िया परिवार से थीं। फिल्म 'बॉबी' के लिए शुरुआत में राज कपूर ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन बाद में वही 'बॉबी' उनकी जिंदगी बदलने वाली फिल्म बनी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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Richly painted prehistoric cave found in eastern Turkey

Researchers have discovered a cave in eastern Turkey with more than a hundred anthropomorphic and zoomorphic figures and many more geometric symbols painted on the walls. It is one of the oldest, best-preserved and most densely painted caves in Anatolia.

The rock art was discovered during fieldwork in the Tohma Canyon region. The figures are painted in red and reddish-brown pigments and are uniquely rich in number of figures, diversity of subjects and in the symbolic relationship between them.

The archaeological evidence around the cave all dates to the Neolithic, and there is no evidence of any human occupation after that, so the art likely dates to the Neolithic period as well, although it has not been directly dated. Many of the figures are layered on top of each other and there are stylistic differences that point to the cave having been reused over hundreds, perhaps even thousands, of years.

This indicates the figures and geometric symbols were composed in a specific way to create a narrative form that was then built upon and reinterpreted by later generations. It’s possible the schematic visual character of the figures and symbols was a means of communicating shared beliefs, cultural understanding, ideas and memories.

Researchers will carry out further surface studies and laboratory analyses before making a definitive dating of the cave. The team plans to document the painted surfaces in detail, classify the figures, create inventory records and examine pigment samples to better understand the cave’s chronology and painting techniques.



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