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New gold foil “old man” found in Norway

A rare Nordic Iron Age “gold man,” a tiny piece of gold foil stamped with the image of a man and a woman, has been discovered in southwestern Norway. It dates to between 550 A.D. and the beginning of the Viking age in 793 A.D. The piece was discovered by metal detectorist Kjetil Særheim on his family farm in Klepp. It is just 1cm (.4 inches) long and made of such thin foil that Særheim was surprised that it even registered on the detector.

Gullgubbe (literally “gold little old man”) have typically been found at important centers of power in Scandinavia. Most of the 3600 or so known examples have been found in Denmark. Only about 50 have been found in Norway, and this is the first one discovered in the southwestern Rogaland province in 127 years.

They often appear in connection with hall buildings, and archaeologists believe they were laid down as part of religious rituals.

“We believe they were used in ritual contexts, and that they were laid down as sacrifices in these hall buildings,” says [Sigmund Oehrl, professor of archaeology at the Archaeological Museum at the University of Stavanger].

In 1897, a total of 16 such “golden men” were found at Hauge in Klepp, not far from this latest discovery.

The Hauge gold men were unearthed by a farmer during agricultural work, so the details about the find site are unknown. The new discovery in Klepp gives archaeologists a precise find site close to the 19th century finds, a useful departure point for further research. The area is already recognized as archaeologically significant because several burial mounds and a ring-shaped courtyard have been found there. The gold man may indicate there was a large hall or god’s court at the site as well, which would have given it great cultural importance in Nordic Iron Age.

The 16 gold men found in Hauge were transferred to the University Museum in Bergen because there was no museum in Stavanger yet in the late 19th century. The Klepp gold man will therefore be the first one in the possession of the museum closest to where they were found.



* This article was originally published here

Remember Chuck Norris memes but never watched his films? You're not alone

Chuck Norris became an inadvertent source of humour for a viral online celebration of his movie tough-guy persona.

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बादशाह के 'टटीरी' सॉन्ग पर अब हरियाणा पुलिस का एक्शन:यूट्यूब-इंस्टाग्राम से 857 लिंक हटाए, शेयर करने वालों की हो रही पहचान, रील्स क्रिएटर्स को चेतावनी

बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह द्वारा अपने आपत्तिजनक सॉन्ग टटीरी को यूट्यूब से हटाने के बाद अब हरियाणा पुलिस ने भी एक्शन लिया है। पंचकूला पुलिस ने सारे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से गाने से जुड़े कुल 857 लिंक हटवा दिए हैं, जिनमें 154 यूट्यूब वीडियो और 703 इंस्टाग्राम रील्स शामिल हैं। इसी के साथ पुलिस उन लोगों की भी पहचान कर रही है, जो इन्हें अब तक शेयर कर रहे हैं। पुलिस ने सभी प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर सॉन्ग के सभी वर्जन- री-अपलोड, शॉर्ट वीडियो और अन्य रूपों को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। दरअसल, बादशाह का टटीरी सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। सॉन्ग के रिलीज होने के साथ ही इसमें बादशाह के लिरिक्स और लड़कियों के सीन को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। जिसके बाद हरियाणा महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग ने इस पर संज्ञान लिया था। हरियाणा महिला आयोग द्वारा बादशाह को पानीपत में पेशी के लिए बुलाया गया था, जिसमें पेश न होने पर उनकी गिरफ्तारी का ऑर्डर दिया गया। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और पुलिस से लुकआउट नोटिस वापस लेने को कहा। पहले जानिए सॉन्ग को लेकर विवाद क्यों… टटीरी विवाद पर क्या बोले हरियाणा के DGP हरियाणा DGP अजय सिंघल ने कहा कि राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की गरिमा के विरुद्ध किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और “टटीरी” जैसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी को और मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी आपत्तिजनक बातों को हटाया जा सके और कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके। रील्स क्रिएटर्स को चेतावनी, शेयर करने वालों की हो रही पहचान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पंचकूला आयुक्त शिबास कविराज ने रील क्रिएटर्स को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी इस गाने पर रील, शॉर्ट या अन्य वीडियो बनाकर शेयर करेगा उसके खिलाफ केस दर्ज एक्शन लिया जाएगा। वहीं, ऐसा करने वालों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक या बैन भी किया जा सकता है। वहीं, बार-बार उल्लंघन करने वालों पर कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार भी किया जा सकता है। बादशाह पर दर्ज हुए थे 3 केस बादशाह पर न्यू रिलीज सॉन्ग ‘टटीरी’ को लेकर हरियाणा में 3 मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें भी गठित कर दी थी। वहीं, लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया था। हालांकि, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भी सिंगर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने शर्त रखी कि बादशाह को खुद जांच में सहयोग करना होगा। बता दें कि हरियाणा राज्य महिला आयोग ने 13 मार्च को पानीपत में बादशाह की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, जिसके बाद गुरुवार को सिंगर को हाईकोर्ट से राहत मिली। 2 पॉइंट में सॉन्ग के बारे में जानिए…

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कंगना रनोट@40; आदित्य पंचोली के डर से बिल्डिंग से कूदीं:चंबल में डाकुओं के गन पॉइंट पर आईं, 4 नेशनल अवॉर्ड जीतकर बनाया रिकॉर्ड

साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। वो भी उनके साथ चली गई और ऑडिशन दे दिया। पहले तो उसे वो रोल नहीं मिला, लेकिन जब चुनी गई एक्ट्रेस से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसे मेकर्स का अचानक फोन आया और पूछा, ‘पासपोर्ट है? अगर नहीं है, तो एक हफ्ते में बनवा लो, फिल्म मिल सकती है।’ इसके बाद उसे फिल्म मिली और उसकी फिल्म गैंगस्टर सुपरहिट साबित हुई और वो रातों-रात सुपरस्टार बन गई। हम बात कर रहे हैं कंगना रनोट की। आज वही कंगना 40 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिद, संघर्ष और कामयाबी के दिलचस्प किस्से- माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे कंगना का जन्म 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में एक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनोट एक स्कूल टीचर हैं, जबकि पिता अमरदीप रनोट एक बिजनेसमैन हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं कंगना बचपन से ही जिद्दी और विद्रोही स्वभाव की थीं और समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव पर सवाल उठाती थीं। कंगना के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की थी। हालांकि, 12वीं में केमिस्ट्री के टेस्ट में फेल होने और मॉडलिंग/एक्टिंग में रुचि के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अचार और ब्रेड पर भी किया गुजारा महज 16 साल की उम्र में कंगना अपनी खुद की पहचान बनाने की तलाश में दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की, फिर एक्टिंग की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप में डायरेक्टर अरविंद गौर के मार्गदर्शन में एक्टिंग सीखी और नाटकों में हिस्सा लिया। फिर अरविंद गौर की ही सलाह पर फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए कंगना मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने के बाद कंगना को कई बार केवल ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। ‘गैंगस्टर’ में रोल पहले चित्रांगदा को मिला था साल 2006 में कंगना ने फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके एक्टिंग को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। पहली फिल्म गैंगस्टर मिलने को लेकर कंगना ने टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बताया था कि एक दिन वह कॉफी के एक एड का ऑडिशन देने गई थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लड़कियां महेश भट्ट के ऑफिस फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही हैं। जिसके बाद कंगना भी ऑडिशन देने के लिए चली गईं। ऑडिशन के बाद फिल्म के मेकर्स ने उन्हें बुलाया कंगना की तारीफ तो की, लेकिन कहा कि वह इस रोल के लिए काफी छोटी हैं, क्योंकि किरदार एक बच्चे की मां का था। इसके बाद उस वक्त इस रोल के लिए एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह को सेलेक्ट कर लिया गया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शूटिंग से ठीक एक हफ्ते पहले अचानक कुछ पर्सनल वजहों से चित्रांगदा ने मेकर्स का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद कंगना को फोन आया और पूछा गया कि क्या उनके पास पासपोर्ट है? कंगना के पास पासपोर्ट नहीं था, लेकिन उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते में बनवा लो, तो उन्हें फिल्म मिल सकती है। इसके बाद कंगना ने अपने पिता की मदद से सिर्फ 2 दिन में पासपोर्ट बनवाया और इस तरह उन्हें यह फिल्म मिली। फैशन के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला गैंगस्टर के बाद कंगना ने वो लम्हे और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्मों में इमोशनल और मुश्किल किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। साल 2008 में आई फिल्म फैशन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए पहला नेशनल अवार्ड मिला। इसके बाद साल 2009 से 2012 के बीच कंगना के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2009 में उन्होंने फिल्म राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ में एक मॉडल की भूमिका निभाई, जो हिट रही, लेकिन उन्हें एक जैसे रोल मिलने लगे। उसी साल आई फिल्म वादा रहा और एक निरंजन ने खास प्रदर्शन नहीं किया। 2010 में फिल्म काइट्स में उनका छोटा सा रोल था। हालांकि, फिल्म वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उनके काम की तारीफ हुई। बाद की फिल्में नॉक आउट और नो प्रॉब्लम उनके करियर को ज्यादा आगे नहीं ले जा सकीं। लेकिन फिर 2011 में आई फिल्म तनु वेड्स मनु ने उनकी इमेज बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को भी खूब पसंद किया। फिल्म क्वीन ने करियर को ऊंचाई दी 2013 में कृष 3 जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद कंगना ने 2014 में क्वीन से अपने करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में एक साधारण लड़की के आत्मनिर्भर बनने की कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद तनु वेड्स मनु रिटर्न्स (2015) में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा नेशनल अवॉर्ड जीता। आगे चलकर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी और पंगा के लिए उन्हें चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। बता दें कि कंगना किसी महिला कलाकार द्वारा जीते गए नेशनल अवॉर्ड्स की संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। शबाना आजमी पहले स्थान पर हैं, जिन्हें 5 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। आदित्य पंचोली के डर से अनुराग बसु के ऑफिस में छिपीं कंगना रनोट फिल्मों के अलावा अपने बयानों और विवादों के कारण खबरों में रही हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली पर शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के कई गंभीर आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 2017 में टीवी शो 'आप की अदालत' में आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लंबे समय तक घर में बंद करके रखा। कंगना ने बताया था कि वह लगातार डर के माहौल में जी रही थीं और अक्सर वहां से भागने की कोशिश करती थीं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि पंचोली ने उनके घर की डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी और बिना इजाजत वहां आ जाते थे। एक बार हालात इतने बिगड़ गए कि कंगना को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदकर भागना पड़ा। उन्होंने बताया कि वह नंगे पैर भागते हुए सड़क पर निकलीं और रिक्शा लेकर किसी तरह वहां से बच निकलीं, लेकिन इस दौरान उन्हें चोटें भी आईं। कंगना ने यह भी कहा था कि भागने के बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि अगली सुबह जब उनके घर की घंटी बजी और उन्होंने दरवाजे के की-होल से देखा, तो सामने आदित्य पंचोली खड़े थे, जिससे वह बचकर निकली थीं। उन्होंने आगे बताया था कि एक बार शूटिंग के दौरान उन्हें धमकी भरे फोन कॉल्स आए और जब वह वहां से निकलीं, तो उनकी गाड़ी का पीछा किया गया। यहां तक कि उनके रिक्शा को टक्कर मारने की कोशिश भी की गई। इस मुश्किल समय में फिल्म डायरेक्टर अनुराग बसु और उनकी पत्नी ने उनकी मदद की। कंगना ने बताया था कि उन्होंने लगभग 15 दिनों तक उन्हें अपने ऑफिस में छुपाकर रखा था। चंबल में डाकुओं के गन पॉइंट पर आईं कंगना रनोट की साल 2013 में फिल्म रिवॉल्वर रानी की शूटिंग के दौरान एक खतरनाक घटना हुई थी, जब एक्ट्रेस डकैतों के गन पॉइंट पर आ गई थीं। यह घटना मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में हुई, जो कभी डकैतों का गढ़ हुआ करता था। शूटिंग खत्म करने के बाद, कंगना अपने डायरेक्टर साई कबीर और टीम के साथ ग्वालियर लौट रही थीं। उनके काफिले में 4-5 कारें और एक पुलिस वैन थी। रास्ते में, 12-15 हथियारबंद लोगों ने अचानक उनके काफिले को रोक लिया। इन लोगों के पास बंदूकें और चाकू थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वे कंगना के साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे और कार को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। हालांकि, डायरेक्टर साई कबीर ने समझदारी से उनसे बात की और मामला शांत किया। कंगना ने उनके साथ फोटो खिंचवाने से मना कर दिया था, लेकिन बातचीत से मामला सुलझ गया। सिक्योरिटी में टीम को सुरक्षित ग्वालियर पहुंचाया गया। पहली किस करते वक्त फ्रीज हो गई थीं साल 2019 में कंगना ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपने पहले बॉयफ्रेंड के बारे में बात की थी। उस समय वह चंडीगढ़ में थीं। उनकी एक दोस्त डेट पर गई थी और वह उसकी डेट के दोस्त के साथ रिलेशनशिप में आ गईं। वह एक पंजाबी लड़का था। कंगना ने बताया कि वह 28 साल का था और वह खुद 16-17 साल की थीं। उसने उन्हें देखकर कहा, “तुम तो बच्ची हो।” उसे लगा कि वह इस मामले में नई हैं। इससे उनका दिल टूट गया था। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से लगता है कि वह एक जुनूनी प्रेमी हैं। वह उसे मैसेज करती थीं, “मुझे एक मौका दो, मैं समझदार हो जाऊंगी।” वहीं, अपने पहले किस के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा था कि वह उसे किस नहीं कर पाईं, इसलिए उन्होंने अपनी हथेली पर किस करने की प्रैक्टिस की। उनका पहला किस बिल्कुल भी खास नहीं थी, बल्कि थोड़ी अजीब थी। उनका मुंह जम गया था और वह हिल भी नहीं पा रही थीं। लड़के ने उनसे कहा था, “मुंह तो जरा हिलाओ।” एक्ट्रेस ने यह भी बताया था कि उनका पहला क्रश उनके टीचर थे। उन्होंने बताया कि जब वह नौवीं क्लास में थीं, तब उन्हें अपने टीचर पर क्रश था। करण जौहर ने कहा था- इतनी दिक्कत है तो इंडस्ट्री छोड़ दो कंगना रनोट बॉलीवुड में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के खिलाफ सबसे मुखर आवाज मानी जाती हैं। उन्होंने यहां तक कि करण जौहर के मुंह पर ही उन्हें मूवी माफिया कह दिया था। दरअसल, साल 2017 में कंगना अपनी फिल्म रंगून के प्रमोशन के लिए सैफ अली खान के साथ करण के शो में पहुंचीं। शो के दौरान कंगना ने बेबाक अंदाज में करण जौहर को नेपोटिज्म का ध्वजवाहक (Flag Bearer of Nepotism) और मूवी माफिया कहा, जिससे यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। उस समय करण ने हंसते हुए बात को टाल दिया, लेकिन बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक कार्यक्रम में उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंगना अक्सर विक्टिम कार्ड और वुमन कार्ड खेलती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कंगना को फिल्म इंडस्ट्री इतनी खराब लगती है, तो उन्हें इसे छोड़ देना चाहिए। महेश भट्ट पर चप्पल फेंकने का आरोप लगाया वहीं, 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद कंगना ने आरोप लगाया था कि फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी लोगों को जानबूझकर दरकिनार किया जाता है और केवल स्टार किड्स को ही बढ़ावा दिया जाता है। इस दौरान उन्हें लॉन्च करने वाले महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट से भी उनकी बहस हुई थी। इस बहस की शुरुआत तब हुई, जब पूजा ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उनकी कंपनी विशेष फिल्म्स ने ही कंगना को फिल्म गैंगस्टर से लॉन्च किया था। उन्होंने यह भी कहा कि भट्ट परिवार हमेशा नए टैलेंट को मौका देता आया है और कंगना इसका उदाहरण हैं। इस पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा था कि उन्हें डायरेक्टर अनुराग बसु ने चुना था, न कि महेश भट्ट ने। साथ ही एक्ट्रेस की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया था कि इंडस्ट्री में कई बार बाहरी कलाकारों को सही तरीके से पेमेंट नहीं किया जाता और इसे एहसान की तरह पेश किया जाता है। कंगना ने महेश भट्ट पर यह भी आरोप लगाया था कि फिल्म वो लम्हे की स्क्रीनिंग के दौरान उन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, यहां तक कि उन पर चप्पल फेंकी और उन्हें अपमानित किया। ऋतिक रोशन के साथ विवाद कंगना और ऋतिक के बीच विवाद साल 2016 में तब शुरू हुआ जब कंगना ने एक इंटरव्यू में उन्हें अपना 'सिली एक्स' कहा था। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को कानूनी नोटिस भेजे। कंगना का दावा था कि वे रिलेशनशिप में थे, जबकि ऋतिक ने इसे पूरी तरह नकारा। कंगना रनोट–जावेद अख्तर विवाद एक्ट्रेस कंगना रनोट और गीतकार जावेद अख्तर के बीच लंबे समय विवाद चला। यह मामला जुलाई 2020 में शुरू हुआ था, जब कंगना ने एक टीवी इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि 2016 में जावेद अख्तर ने उन्हें अपने घर बुलाकर रोशन परिवार से माफी मांगने की सलाह दी थी और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इन आरोपों को खारिज करते हुए जावेद अख्तर ने नवंबर 2020 में कंगना के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान कंगना कई बार कोर्ट में पेश नहीं हुईं, जिसके चलते उनके खिलाफ जमानती वारंट भी जारी हुए। आखिरकार 28 फरवरी 2025 को मुंबई की कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। कंगना ने लिखित में बिना शर्त माफी मांगी और अपने बयानों को गलतफहमी बताया। इसके बाद जावेद अख्तर ने केस वापस ले लिया, जिससे यह विवाद समाप्त हो गया। फिल्म भारत भाग्य विधाता में दिखेगी कंगना कंगना रनोट ने फिल्म भारत भाग्य विधाता की शूटिंग जनवरी 2026 में शुरू की है और इसके 2026 के अंत तक रिलीज होने की संभावना है। यह फिल्म 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कामा और एल्बलेस अस्पताल में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म में कंगना एक स्टाफ नर्स का किरदार निभा रही हैं। इस फिल्म का निर्देशन और लेखन मनोज तपाड़िया कर रहे हैं। ________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... आलिया भट्ट@33; नेपोटिज्म पर ट्रोलिंग हुई:पृथ्वीराज चौहान को राष्ट्रपति बताकर मजाक बनीं; बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड 6 बार जीतने का रिकॉर्ड बनाया आलिया भट्ट ने साल 2012 में फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर से महज 19 साल की उम्र में फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और बहुत कम अरसे में ही वह बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में शुमार हो गईं। फिल्मों में उनका डेब्यू भले ही आसान रहा, लेकिन इंडस्ट्री में आने के बाद उन्हें नेपोटिज्म और दूसरी वजहों से ट्रोलिंग और आलोचना का सामना भी करना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें....

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कंगना रनोट@40; आदित्य पंचोली के डर से बिल्डिंग से कूदीं:चंबल में डाकुओं के गन पॉइंट पर आईं, 4 नेशनल अवॉर्ड जीतकर बनाया रिकॉर्ड

साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। वो भी उनके साथ चली गई और ऑडिशन दे दिया। पहले तो उसे वो रोल नहीं मिला, लेकिन जब चुनी गई एक्ट्रेस से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसे मेकर्स का अचानक फोन आया और पूछा, ‘पासपोर्ट है? अगर नहीं है, तो एक हफ्ते में बनवा लो, फिल्म मिल सकती है।’ इसके बाद उसे फिल्म मिली और उसकी फिल्म गैंगस्टर सुपरहिट साबित हुई और वो रातों-रात सुपरस्टार बन गई। हम बात कर रहे हैं कंगना रनोट की। आज वही कंगना 40 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिद, संघर्ष और कामयाबी के दिलचस्प किस्से- माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे कंगना का जन्म 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में एक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनोट एक स्कूल टीचर हैं, जबकि पिता अमरदीप रनोट एक बिजनेसमैन हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं कंगना बचपन से ही जिद्दी और विद्रोही स्वभाव की थीं और समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव पर सवाल उठाती थीं। कंगना के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की थी। हालांकि, 12वीं में केमिस्ट्री के टेस्ट में फेल होने और मॉडलिंग/एक्टिंग में रुचि के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अचार और ब्रेड पर भी किया गुजारा महज 16 साल की उम्र में कंगना अपनी खुद की पहचान बनाने की तलाश में दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की, फिर एक्टिंग की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप में डायरेक्टर अरविंद गौर के मार्गदर्शन में एक्टिंग सीखी और नाटकों में हिस्सा लिया। फिर अरविंद गौर की ही सलाह पर फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए कंगना मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने के बाद कंगना को कई बार केवल ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। ‘गैंगस्टर’ में रोल पहले चित्रांगदा को मिला था साल 2006 में कंगना ने फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके एक्टिंग को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। पहली फिल्म गैंगस्टर मिलने को लेकर कंगना ने टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बताया था कि एक दिन वह कॉफी के एक एड का ऑडिशन देने गई थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लड़कियां महेश भट्ट के ऑफिस फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही हैं। जिसके बाद कंगना भी ऑडिशन देने के लिए चली गईं। ऑडिशन के बाद फिल्म के मेकर्स ने उन्हें बुलाया कंगना की तारीफ तो की, लेकिन कहा कि वह इस रोल के लिए काफी छोटी हैं, क्योंकि किरदार एक बच्चे की मां का था। इसके बाद उस वक्त इस रोल के लिए एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह को सेलेक्ट कर लिया गया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शूटिंग से ठीक एक हफ्ते पहले अचानक कुछ पर्सनल वजहों से चित्रांगदा ने मेकर्स का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद कंगना को फोन आया और पूछा गया कि क्या उनके पास पासपोर्ट है? कंगना के पास पासपोर्ट नहीं था, लेकिन उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते में बनवा लो, तो उन्हें फिल्म मिल सकती है। इसके बाद कंगना ने अपने पिता की मदद से सिर्फ 2 दिन में पासपोर्ट बनवाया और इस तरह उन्हें यह फिल्म मिली। फैशन के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला गैंगस्टर के बाद कंगना ने वो लम्हे और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्मों में इमोशनल और मुश्किल किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। साल 2008 में आई फिल्म फैशन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए पहला नेशनल अवार्ड मिला। इसके बाद साल 2009 से 2012 के बीच कंगना के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2009 में उन्होंने फिल्म राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ में एक मॉडल की भूमिका निभाई, जो हिट रही, लेकिन उन्हें एक जैसे रोल मिलने लगे। उसी साल आई फिल्म वादा रहा और एक निरंजन ने खास प्रदर्शन नहीं किया। 2010 में फिल्म काइट्स में उनका छोटा सा रोल था। हालांकि, फिल्म वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उनके काम की तारीफ हुई। बाद की फिल्में नॉक आउट और नो प्रॉब्लम उनके करियर को ज्यादा आगे नहीं ले जा सकीं। लेकिन फिर 2011 में आई फिल्म तनु वेड्स मनु ने उनकी इमेज बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को भी खूब पसंद किया। फिल्म क्वीन ने करियर को ऊंचाई दी 2013 में कृष 3 जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद कंगना ने 2014 में क्वीन से अपने करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में एक साधारण लड़की के आत्मनिर्भर बनने की कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद तनु वेड्स मनु रिटर्न्स (2015) में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा नेशनल अवॉर्ड जीता। आगे चलकर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी और पंगा के लिए उन्हें चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। बता दें कि कंगना किसी महिला कलाकार द्वारा जीते गए नेशनल अवॉर्ड्स की संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। शबाना आजमी पहले स्थान पर हैं, जिन्हें 5 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। आदित्य पंचोली के डर से अनुराग बसु के ऑफिस में छिपीं कंगना रनोट फिल्मों के अलावा अपने बयानों और विवादों के कारण खबरों में रही हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली पर शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के कई गंभीर आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 2017 में टीवी शो 'आप की अदालत' में आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लंबे समय तक घर में बंद करके रखा। कंगना ने बताया था कि वह लगातार डर के माहौल में जी रही थीं और अक्सर वहां से भागने की कोशिश करती थीं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि पंचोली ने उनके घर की डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी और बिना इजाजत वहां आ जाते थे। एक बार हालात इतने बिगड़ गए कि कंगना को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदकर भागना पड़ा। उन्होंने बताया कि वह नंगे पैर भागते हुए सड़क पर निकलीं और रिक्शा लेकर किसी तरह वहां से बच निकलीं, लेकिन इस दौरान उन्हें चोटें भी आईं। कंगना ने यह भी कहा था कि भागने के बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि अगली सुबह जब उनके घर की घंटी बजी और उन्होंने दरवाजे के की-होल से देखा, तो सामने आदित्य पंचोली खड़े थे, जिससे वह बचकर निकली थीं। उन्होंने आगे बताया था कि एक बार शूटिंग के दौरान उन्हें धमकी भरे फोन कॉल्स आए और जब वह वहां से निकलीं, तो उनकी गाड़ी का पीछा किया गया। यहां तक कि उनके रिक्शा को टक्कर मारने की कोशिश भी की गई। इस मुश्किल समय में फिल्म डायरेक्टर अनुराग बसु और उनकी पत्नी ने उनकी मदद की। कंगना ने बताया था कि उन्होंने लगभग 15 दिनों तक उन्हें अपने ऑफिस में छुपाकर रखा था। चंबल में डाकुओं के गन पॉइंट पर आईं कंगना रनोट की साल 2013 में फिल्म रिवॉल्वर रानी की शूटिंग के दौरान एक खतरनाक घटना हुई थी, जब एक्ट्रेस डकैतों के गन पॉइंट पर आ गई थीं। यह घटना मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में हुई, जो कभी डकैतों का गढ़ हुआ करता था। शूटिंग खत्म करने के बाद, कंगना अपने डायरेक्टर साई कबीर और टीम के साथ ग्वालियर लौट रही थीं। उनके काफिले में 4-5 कारें और एक पुलिस वैन थी। रास्ते में, 12-15 हथियारबंद लोगों ने अचानक उनके काफिले को रोक लिया। इन लोगों के पास बंदूकें और चाकू थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वे कंगना के साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे और कार को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। हालांकि, डायरेक्टर साई कबीर ने समझदारी से उनसे बात की और मामला शांत किया। कंगना ने उनके साथ फोटो खिंचवाने से मना कर दिया था, लेकिन बातचीत से मामला सुलझ गया। सिक्योरिटी में टीम को सुरक्षित ग्वालियर पहुंचाया गया। पहली किस करते वक्त फ्रीज हो गई थीं साल 2019 में कंगना ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपने पहले बॉयफ्रेंड के बारे में बात की थी। उस समय वह चंडीगढ़ में थीं। उनकी एक दोस्त डेट पर गई थी और वह उसकी डेट के दोस्त के साथ रिलेशनशिप में आ गईं। वह एक पंजाबी लड़का था। कंगना ने बताया कि वह 28 साल का था और वह खुद 16-17 साल की थीं। उसने उन्हें देखकर कहा, “तुम तो बच्ची हो।” उसे लगा कि वह इस मामले में नई हैं। इससे उनका दिल टूट गया था। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से लगता है कि वह एक जुनूनी प्रेमी हैं। वह उसे मैसेज करती थीं, “मुझे एक मौका दो, मैं समझदार हो जाऊंगी।” वहीं, अपने पहले किस के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा था कि वह उसे किस नहीं कर पाईं, इसलिए उन्होंने अपनी हथेली पर किस करने की प्रैक्टिस की। उनका पहला किस बिल्कुल भी खास नहीं थी, बल्कि थोड़ी अजीब थी। उनका मुंह जम गया था और वह हिल भी नहीं पा रही थीं। लड़के ने उनसे कहा था, “मुंह तो जरा हिलाओ।” एक्ट्रेस ने यह भी बताया था कि उनका पहला क्रश उनके टीचर थे। उन्होंने बताया कि जब वह नौवीं क्लास में थीं, तब उन्हें अपने टीचर पर क्रश था। करण जौहर ने कहा था- इतनी दिक्कत है तो इंडस्ट्री छोड़ दो कंगना रनोट बॉलीवुड में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के खिलाफ सबसे मुखर आवाज मानी जाती हैं। उन्होंने यहां तक कि करण जौहर के मुंह पर ही उन्हें मूवी माफिया कह दिया था। दरअसल, साल 2017 में कंगना अपनी फिल्म रंगून के प्रमोशन के लिए सैफ अली खान के साथ करण के शो में पहुंचीं। शो के दौरान कंगना ने बेबाक अंदाज में करण जौहर को नेपोटिज्म का ध्वजवाहक (Flag Bearer of Nepotism) और मूवी माफिया कहा, जिससे यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। उस समय करण ने हंसते हुए बात को टाल दिया, लेकिन बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक कार्यक्रम में उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंगना अक्सर विक्टिम कार्ड और वुमन कार्ड खेलती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कंगना को फिल्म इंडस्ट्री इतनी खराब लगती है, तो उन्हें इसे छोड़ देना चाहिए। महेश भट्ट पर चप्पल फेंकने का आरोप लगाया वहीं, 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद कंगना ने आरोप लगाया था कि फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी लोगों को जानबूझकर दरकिनार किया जाता है और केवल स्टार किड्स को ही बढ़ावा दिया जाता है। इस दौरान उन्हें लॉन्च करने वाले महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट से भी उनकी बहस हुई थी। इस बहस की शुरुआत तब हुई, जब पूजा ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उनकी कंपनी विशेष फिल्म्स ने ही कंगना को फिल्म गैंगस्टर से लॉन्च किया था। उन्होंने यह भी कहा कि भट्ट परिवार हमेशा नए टैलेंट को मौका देता आया है और कंगना इसका उदाहरण हैं। इस पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा था कि उन्हें डायरेक्टर अनुराग बसु ने चुना था, न कि महेश भट्ट ने। साथ ही एक्ट्रेस की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया था कि इंडस्ट्री में कई बार बाहरी कलाकारों को सही तरीके से पेमेंट नहीं किया जाता और इसे एहसान की तरह पेश किया जाता है। कंगना ने महेश भट्ट पर यह भी आरोप लगाया था कि फिल्म वो लम्हे की स्क्रीनिंग के दौरान उन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, यहां तक कि उन पर चप्पल फेंकी और उन्हें अपमानित किया। ऋतिक रोशन के साथ विवाद कंगना और ऋतिक के बीच विवाद साल 2016 में तब शुरू हुआ जब कंगना ने एक इंटरव्यू में उन्हें अपना 'सिली एक्स' कहा था। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को कानूनी नोटिस भेजे। कंगना का दावा था कि वे रिलेशनशिप में थे, जबकि ऋतिक ने इसे पूरी तरह नकारा। कंगना रनोट–जावेद अख्तर विवाद एक्ट्रेस कंगना रनोट और गीतकार जावेद अख्तर के बीच लंबे समय विवाद चला। यह मामला जुलाई 2020 में शुरू हुआ था, जब कंगना ने एक टीवी इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि 2016 में जावेद अख्तर ने उन्हें अपने घर बुलाकर रोशन परिवार से माफी मांगने की सलाह दी थी और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इन आरोपों को खारिज करते हुए जावेद अख्तर ने नवंबर 2020 में कंगना के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान कंगना कई बार कोर्ट में पेश नहीं हुईं, जिसके चलते उनके खिलाफ जमानती वारंट भी जारी हुए। आखिरकार 28 फरवरी 2025 को मुंबई की कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। कंगना ने लिखित में बिना शर्त माफी मांगी और अपने बयानों को गलतफहमी बताया। इसके बाद जावेद अख्तर ने केस वापस ले लिया, जिससे यह विवाद समाप्त हो गया। फिल्म भारत भाग्य विधाता में दिखेगी कंगना कंगना रनोट ने फिल्म भारत भाग्य विधाता की शूटिंग जनवरी 2026 में शुरू की है और इसके 2026 के अंत तक रिलीज होने की संभावना है। यह फिल्म 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कामा और एल्बलेस अस्पताल में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म में कंगना एक स्टाफ नर्स का किरदार निभा रही हैं। इस फिल्म का निर्देशन और लेखन मनोज तपाड़िया कर रहे हैं। ________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... आलिया भट्ट@33; नेपोटिज्म पर ट्रोलिंग हुई:पृथ्वीराज चौहान को राष्ट्रपति बताकर मजाक बनीं; बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड 6 बार जीतने का रिकॉर्ड बनाया आलिया भट्ट ने साल 2012 में फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर से महज 19 साल की उम्र में फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और बहुत कम अरसे में ही वह बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में शुमार हो गईं। फिल्मों में उनका डेब्यू भले ही आसान रहा, लेकिन इंडस्ट्री में आने के बाद उन्हें नेपोटिज्म और दूसरी वजहों से ट्रोलिंग और आलोचना का सामना भी करना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें....

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Intact 17th c. storage barrels found in Norway

Three intact wooden storage barrels and a large wood rammer from the 17th century have been unearthed in the medieval center of Skien, Norway. They were covered in moist soil and trash fill which preserved the wood in excellent condition for 400 years.

Skien was one of only eight towns that existed in Norway during the Middle Ages. It was founded, perhaps as a small trading post, in the 9th century and grew into a thriving market town. Located on the lowest point of the Skien River system, it was conveniently located for trade and shipping, receiving goods like grain, whetstones and lumber from the northern parts of Telemark county and then exporting them to England and northern continental Europe.

Archaeological surveys have been conducted in the city center due to upgrades in the water and sewage systems. It is the largest excavation of the medieval city since the 1970s. The barrels were found in the excavation of Torggata, one of the main streets of the city whose current level overlays previous iterations. (Sections of the 18th century wooden street were uncovered in the excavation; it had a slightly different orientation, running almost exactly north-south.) They were on the west side of the 17th century road in an area that had been subject to extensive land reclamation.

The barrels were made of oak with bands of wood (hazel or beech) wrapped around the circumference. Those slim bands are now as soft as cheese. Unlike other wooden remains like road planks, the barrels and rammer were untouched by the many fires that ravaged the city (documented in 1671, 1732, 1766, 1777, 1779 and 1886).

The barrels and the ram were dug down to the ground level of the time from the 17th century. Around them was a layer of lime. Inside the barrels, cakes of lime were found at the bottom and some demolition material at the top.

The fact that the barrels are buried may indicate that they were used for safe and frost-free storage of finished slaked lime, before it was mixed with sand and water to make lime mortar. The barrels and pestle have probably been used for storing building lime over a long period of time.

Each time the barrels have been emptied, a little lime has been left at the bottom. The lime around the barrels tells archaeologists that they have been completely buried.

The find provides insight into the city’s construction activity and craft community, and is an indication of urban growth, infrastructure and business. Lime mortar was a key building material during the period, both for masonry and plaster, and was probably used in the reconstruction of stone buildings in the city center after a city fire.

The barrels and rammer have been dismantled and removed before the site is altered by the infrastructure work. Archaeologists hope they can be reassembled and placed on public display in the future.



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धुरंधर 2 ने दुनिया भर में ₹500 करोड़ कमाए:तीसरे दिन ₹113 करोड़ की कमाई की, जवान-बाहुबली 2 और दंगल को पीछे छोड़ा

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 ने रिलीज के तीसरे दिन यानी शनिवार को भारत में 113 करोड़ रुपए की कमाई की और पेड प्रीव्यू सहित तीन दिनों में फिल्म का कुल कलेक्शन 339.27 करोड़ रुपए हो गया। 19 मार्च को रिलीज हुई इस फिल्म ने दुनियाभर में 500 करोड़ रुपए की कमाई कर ली और तीसरे दिन कमाई के मामले में जवान, बाहुबली 2 और दंगल जैसी बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया। फिल्म ने अब तक विदेशों में लगभग 96.50 करोड़ रुपए कमाए हैं, जिसके चलते दुनियाभर में फिल्म का कुल कलेक्शन 501.04 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। भारत में तीन दिन का नेट कलेक्शन: पेड प्रीव्यू शो (बुधवार): 43 करोड़ रुपए गुरुवार: 102.55 करोड़ रुपए शुक्रवार: 80.72 करोड़ रुपए शनिवार: 113 करोड़ रुपए कुल: 339.27 करोड़ रुपए तीसरे दिन हिंदी वर्जन ने रिकॉर्ड कमाई की तीसरे दिन 20,917 शोज में फिल्म की 81.6% ऑक्यूपेंसी रही। हिंदी वर्जन ने 105 करोड़ के साथ सबसे ज्यादा कमाई की। वहीं, तेलुगु में 5 करोड़ और तमिल में 2.95 करोड़ का कलेक्शन हुआ। धुरंधर 2 ने तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए 7 फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। आदित्य धर की फिल्म ने सिर्फ तीन दिनों में 339.27 करोड़ रुपए कमाए, जिसमें से हिंदी वर्जन ने 105 करोड़ रुपए का बिजनेस किया. अगर तुलना करें तो इसके पहले पार्ट 'धुरंधर' ने तीसरे दिन सिर्फ 51.60 करोड़ रुपए कमाए थे। जबकि अल्लू अर्जुन की 'पुष्पा 2 ने भले ही तीसरे दिन 142.59 करोड़ रुपए कमाए हों, लेकिन पहले शनिवार को हिंदी में इसकी कमाई सिर्फ 88.20 करोड़ रुपए रही थी। इसके अलावा कई बड़ी फिल्मों के आंकड़े भी पीछे रह गए। आमिर खान की 'दंगल' ने पहले शनिवार को हिंदी में 33.93 करोड़ रुपए, यश की 'केजीएफ चैप्टर 2' ने 42.90 करोड़ रुपए, शाहरुख खान की 'जवान' ने 82.46 करोड़ रुपए और प्रभास की 'बाहुबली 2' ने तीसरे दिन 46.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। जबकी RRR ने 31.50 करोड़ रूपए की कमाई की थी बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह के अलावा अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन भी हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,307 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹840 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई। ……..……..……..…….. धुरंधर 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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ईद 2026 सेलिब्रेशन; सलमान ने फैंस को ग्रीट किया:सोनाक्षी सिन्हा, सारा अली खान और हिना खान ने भी मनाया त्योहार, देखें तस्वीरें

ईद 2026 के मौके पर बॉलीवुड सेलेब्स ने अपने-अपने अंदाज में त्योहार मनाया। सलमान खान से लेकर सारा अली खान और हिना खान तक कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर सेलिब्रेशन की तस्वीरें शेयर कीं। सलमान ने हर साल की तरह इस बार भी अपने घर के बाहर जुटे फैंस को ग्रीट किया। बालकनी से हाथ हिलाते हुए उन्होंने फ्लाइंग किस दी। उनके साथ सलीम खान, सलमा खान और सोहेल खान भी नजर आए। सिक्योरिटी कारणों से सलमान ने बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे से फैंस से मुलाकात की। सोहा अली खान ने बेटी इनाया के साथ ईद सेलिब्रेशन की फोटोज शेयर कीं। दोनों व्हाइट शरारा और नेट दुपट्टे में ट्विनिंग करती दिखीं। सोहा ने पति कुणाल खेमू और परिवार के बाकी सदस्यों के साथ भी तस्वीरें पोस्ट कीं। सारा अली खान ईद पर अपनी बुआ सोहा अली खान के घर पहुंचीं और उनके साथ फोटो शेयर की। तस्वीर में सारा, सोहा और इनाया साथ नजर आए। सारा ने भाई इब्राहिम के साथ सेल्फी भी पोस्ट की। इब्राहिम अली खान ने ईद सेलिब्रेशन की झलक दिखाते हुए तैमूर अली खान की बिरयानी खाते हुए फोटो शेयर की। सोनाक्षी ने ईद सेलिब्रेशन की तस्वीरें पोस्ट की सोनाक्षी सिन्हा ने पति जहीर इकबाल के साथ ईद सेलिब्रेट की। उन्होंने फोटोशूट की तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें सोनाक्षी साड़ी और जहीर आइवरी कुर्ते में नजर आए। एक्ट्रेस सागरिका घाटगे और उनके पति क्रिकेटर जहीर खान ने भी ईद सेलिब्रेशन की फोटोज शेयर कीं और फैंस को शुभकामनाएं दीं। हिना खान ने रमजान की आखिरी सेहरी के लिए डाइनिंग टेबल सजाई और ईद की बधाई दी। वह ग्रीन आउटफिट में मेहंदी लगाए नजर आईं।

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'साइको सैया’ के अनुद सिंह ढाका बोले:क्लैपरबॉय था, इरफान खान ने कहा- तुम्हें एक्टर बनना ही चाहिए

एक्टर अनुद सिंह ढाका, जो वेब सीरीज ‘साइको सैया’ में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं, ने हाल ही में अपने करियर, अनुभव और अभिनय यात्रा पर खुलकर बातचीत की। बचपन से ही एक्टिंग का शौक रखने वाले अनुद ने बताया कि कैसे मशहूर अभिनेता इरफान खान ने उन्हें पहली बार देखा और उनके अभिनय में छुपी क्षमता को देखकर कहा, ‘तुझे एक्टर बनना चाहिए।’ ‘साइको सैया’ में अपने किरदार के लिए अनुद ने मेहनत के साथ-साथ सह-कलाकारों जैसे रवि किशन, तेजस्वी प्रकाश, सुरभि चंदना और सृष्टि श्रीवास्तव के साथ काम करने के अनुभव को भी बेहद प्रेरणादायक बताया। आपकी जर्नी कैसी रही एक छोटे शहर से मुंबई तक और एक्टिंग का फैसला कैसे लिया? मैं बचपन से ही एक्टर बनना चाहता था। शीशे के सामने खड़े होकर खुद को हीरो समझता था, हालांकि आज पुरानी फोटो देखता हूं तो लगता है कि काफी गलतफहमी थी। परिवार को भी अंदाजा था कि मैं एक्टिंग की तरफ झुक रहा हूं, लेकिन मैं IIT की तैयारी भी कर रहा था और चाहता था कि मुंबई जाऊं। आखिरकार IIT नहीं हुआ, तो मैंने पढ़ाई जारी रखी और फिर 2013 में भोपाल से मुंबई आ गया। शुरुआत आसान नहीं थी न पैसे, न कोई खास सपोर्ट। कई बार जमीन पर सोकर दिन गुजारे। लेकिन एक मकसद था कि एक्टिंग ही करनी है, इसलिए कभी बैकअप प्लान नहीं रखा। मुंबई आने के बाद मैंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़ाई की, स्कॉलरशिप पर गुजारा किया और साथ-साथ समझा कि इंडस्ट्री कैसे काम करती है। धीरे-धीरे छोटे-छोटे काम, ऑडिशन और स्ट्रगल करते हुए आज यहां तक पहुंचा हूं। स्ट्रगल के दौरान ऐसा कोई मोड़ आया जिसने आपको भरोसा दिलाया कि आप सही रास्ते पर हैं? एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब मुझे फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने का मौका मिला। वहीं मेरी मुलाकात इरफान खान से हुई। मैं उस समय एडी (क्लैपर बॉय) का काम कर रहा था। एक दिन उन्होंने मुझे देखा और बिना किसी संदर्भ के बुलाकर कहा ‘मुझे लगता है तुम्हें एक्टर होना चाहिए।’ सोचिए, एक ऐसा इंसान जिसे आप आदर्श मानते हैं, वो अचानक आपसे ये कह दे तो आप हिल जाते हो। उन्होंने मजाक में ये भी कहा कि ‘एक्टर्स गधे होते हैं’, लेकिन उसी के साथ उन्होंने मुझे पुश भी किया कि मैं एक्टिंग करूं। उनकी उस एक बात ने मेरे अंदर का सारा डाउट खत्म कर दिया। उसके बाद मैंने कभी ये नहीं सोचा कि मुझे कुछ और करना चाहिए। शुरुआत में करियर कैसे आगे बढ़ा और पहले मौके कैसे मिले? शुरुआत में मैं ऑडिशन देता रहा और सर्वाइव करने के लिए अलग-अलग काम किए जैसे डिज्नी के लिए कार्टून लिखना, जिससे किराया निकलता था। फिर मुझे फिल्म Super 30 में छोटा सा रोल मिला, जिसमें मेरे किरदार का नाम भी नहीं था ‘रघुनाथ का चमचा’। लेकिन वहीं से शुरुआत हुई। उसके बाद छिछोरे मिली, जहां मैं बैकग्राउंड में था और कोशिश करता था कि स्क्रीन पर दिख जाऊं। इन छोटे-छोटे कामों से जो पैसे मिले, उनसे कुछ महीनों का गुजारा होता गया। फिर ताजमहल 1989 जैसे प्रोजेक्ट्स मिले और धीरे-धीरे पहचान बननी शुरू हुई। आपका पहला बड़ा ब्रेक क्या रहा और कब लगा कि लोग पहचानने लगे हैं? ईमानदारी से कहूं तो मुझे आज भी लगता है कि वो बड़ा ब्रेक अभी आना बाकी है। लेकिन जनहित में जारी, ताजमहल 1989 और लफंगे जैसे प्रोजेक्ट्स मेरे लिए बहुत अहम रहे। 2020 में जब मेरा काम नेटफ्लिक्स पर आया और आर्टिकल्स में मेरा नाम आने लगा, तब लगा कि शायद सही रास्ते पर हूं। फिर भी मैं इसे फाइनल मंजिल नहीं मानता अभी बहुत कुछ सीखना और करना बाकी है। ‘सईया साइको’ जैसे प्रोजेक्ट तक आप कैसे पहुंचे और आपको यह रोल कैसे मिला? यह रोल मुझे ऑडिशन के जरिए मिला। लेकिन मैंने थोड़ा अलग तरीका अपनाया। आमतौर पर जो मोनोलॉग होता है, उसे लोग ट्राइपॉड लगाकर कैमरे के सामने एक्ट करते हैं। मैंने सोचा, क्यों न कुछ अलग किया जाए। मैंने अपने फोन का फ्रंट कैमरा ऑन किया और सीधे उसमें एक्ट करके कास्टिंग डायरेक्टर को भेज दिया। मैंने कहा, ‘यह वह जोन है जहां मुझे लगता है कि यह कैरेक्टर होगा।’ पहले तो लगा शायद यह एक्सपेरिमेंट गलत पड़ गया, लेकिन अंततः उसी ऑडिशन पर मेरा सिलेक्शन हो गया। सेट पर काम करने का अनुभव कैसा रहा? आपके को‑स्टार्स और क्रू के साथ कैसा लगा? बिलकुल शानदार! रवि किशन के साथ काम करना अलग ही अनुभव था। यार, वह इतनी एनर्जी और फिनोमिनल मैन हैं। शुरुआत में थोड़ा डर लगता है क्योंकि हर कोई उनके सामने इंटिमिडेटेड लगता है, लेकिन फिर समझ आता है कि वह बस अपनी टीम को रेस्क्यू करने के लिए हैं। हंसते हैं, मजाक करते हैं, और प्रोफेशनल भी हैं। तेजस्वी प्रकाश और सुरभि चंदना के साथ शूटिंग शानदार रही। सृष्टि श्रीवास्तव के बारे में कहना चाहूंगा कि वह बहुत ग्रेसफुल और टैलेंटेड एक्ट्रेस हैं। उनके साथ कभी रिटेक की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि हम दोनों परफॉर्मेंस में पूरी तरह सिंक थे।

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'धुरंधर द रिवेंज' में छाई हरियाणा की बहू:वकील वीना के किरदार में दिखीं भाषा सुंबली, 6 साल पहले नारनौल के सुनील से हुई थी शादी

हरियाणा के नारनौल की बहू एक्ट्रेस भाषा सुंबली इन दिनों बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर द रिवेंज’ में अपनी एक्टिंग से छाई हुई हैं। मूवी में उन्होंने रणवीर सिंह के कैरेकटर जसकीरत की एडवोकेट वीना का रोल निभाया है। कोर्ट रूम में उनके सीन की दर्शक भी जमकर सराहना कर रहे हैं। सुंबली मूल रूप से जम्मू कश्मीर की रहने वाली हैं। करीब छह साल पहले उनकी शादी नारनौल के रहने वाले एक्टर सुनील सोनी के साथ हुई थी। दोनों की मुलाकात NSD (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। परिजनों का कहना है कि दोनों ने साथ में कई स्टेज परफॉर्मेंस की। इसके बाद धीरे धीरे दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। जिसके बाद दोनों ने 2016 में शादी की। भाषा सुंबली के बारे में जानिए… कई फिल्मों में किया अभिनय भाषा सुंबली ने अपने अभिनय करियर में कई महत्वपूर्ण फिल्मों में काम किया है। उन्हें सबसे अधिक पहचान वर्ष 2022 में आई फिल्म द कश्मीर फाइल्स में ‘शारदा पंडित’ की भूमिका से मिली। इसके अलावा उन्होंने छपाक (2020) में दीपिका पादुकोण के साथ काम किया, जबकि बारामूला (2025) में उन्होंने गुलनार सैयद का प्रमुख किरदार निभाया। बारामूला फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। थियेटर से जुड़ाव फिल्मों के साथ-साथ भाषा सुंबली थिएटर से भी जुड़ी रही हैं और टेलीविजन के कुछ प्रोजेक्ट्स में भी नजर आ चुकी हैं। उन्होंने मुंबई में कई बच्चों के शो किए। पति भी कई फिल्म, टीवी सीरियल में काम कर चुके भाषा के पति सुनील सोनी भी उनके साथ मुंबई शिफ्ट हो चुके हैं। वो मुंबई में एक्टिंग, डायरेक्शन का काम करते हैं। दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में पति ने क्या बताया… रिपोर्टर- क्या मुंबई जाने बाद कभी नारनौल आना हुआ? रिपोर्टर- घर में और कौन-कौन है? रिपोर्टर - आपने एक्टर के तौर पर कहां-कहां काम किया? रिपोर्टर - क्या किसी टीवी शो में भी काम किया? रिपोर्टर - भाषा सुंबली को 'धुरंधर द रिवेंज' फिल्म कैसे मिली? फिल्म की कास्टिंग टैलेंट बेस्ड है। उन्होंने पहले भी दिपिका पादुकोण के साथ छपाक, द कश्मीर फाइल्स, बारामूला में काम किया है। सुंबली के परिवार के बारे में जानिए…

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