WHAT’S HOT NOW

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 003

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 002

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 001

ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

Monday, 19 October 2026

Late Roman-era house cut into bedrock found in Corsica

The remains of a settlement with a domestic space carved out of built into the bedrock has been discovered near the Meria marina in Cap Corse, Corsica. The settlement dates to the 4th century A.D., and is likely connected to a mooring structure from the same period found below the settlement last year.

The structure was unearthed in a preventative excavation prior to planned construction of a house on the prime location less than 100 meters (328 feet) from the shore of the beautiful blue Bay of Meria on the Tyrrhenian Sea. The peninsula is archaeologically significant, so an excavation before construction was required by law.

The masonry building has two parts and is built into the bedrock. The exposed schist rock was carved deliberately to accommodate the foundations of the new building. The builders then used the removed schist to make said foundations, carefully cutting it into square blocks. The blocks were then laid in an alternating stretcher (lengthwise blocks) and header (perpendicular blocks) pattern within the masonry wall.

The solid bedrock was integrated into the building too, as the interior facing of the masonry walls, extending past the edges of the blocks. Large monoliths of schist were used to partition the rooms, kept in place with stone wedges and wooden posts.

Several refuse pits located in the corners of the building’s various rooms contained mostly ceramic fragments related to cooking practices, glassware, iron tools, and even a grinding stone (catillus) . All these elements point to the domestic sphere and support the functional interpretation of this building as a dwelling. Finally, several postholes with stone supports are scattered throughout the building and could be the negatives for wooden supports for a tiled roof, as suggested by the presence of numerous tegulae ( roof tiles) in the abandonment layers.

Ceramic fragments from Late Antiquity found at the dwelling and from last year’s excavation of the ancient pier are rare on the Corsican archaeological record. They are imports from the Mediterranean trade networks that otherwise seemed to miss the island, so the evidence suggests that Meria had a unique position as a commercial outpost from the Roman period to the early Middle Ages. Copious metal, glass and lithic materials attest to a comparatively high level of artisanal production accessible for personal use. An earlier discovery of a white marble altar table support with an inscription dedicated to the emperor Claudius also supports the hypothesis that Meria had a larger settlement with regular interactions with the wider Roman world in Mediterranean.



* This article was originally published here

सनी देओल@69; गुस्से में फाड़ी जींस:अनिल कपूर का गला दबाया; लड़ाई में पैर में घुसी रॉड, जानिए रियल लाइफ ‘गदर’ के किस्से

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी कल्ट फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर अनुराग कश्यप अपने करियर की शुरुआत में स्ट्रगल कर रहे थे। इसी दौर में उन्हें एक फिल्म डायरेक्ट करने का मौका मिला। अनुराग इस कहानी को लेकर हिंदी सिनेमा के एक दिग्गज एक्टर के पास पहुंच गए। कहानी सुनते ही एक्टर की आंखों में काम करने की चमक लौट आई। उन्होंने कहा, “बेटा, बहुत समय हो गया है मेरे मुंह पर मेकअप नहीं लगा। बहुत अच्छी कहानी है तुम्हारी, करते हैं।” दिग्गज एक्टर के साथ काम करना अनुराग के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था, लेकिन तभी कहानी में एक ट्विस्ट आया। एक्टर के बेटे को पता चला कि फिल्म के आखिर में उसके पिता के किरदार की मौत हो जाती है। उसने तुरंत अपने पिता को फिल्म करने से मना कर दिया। अनुराग ने जब इसकी वजह पूछी, तो बेटे ने बेझिझक कहा, “Deols don’t die यानी देओल्स नहीं मरते।” यह एक्टर थे धर्मेंद्र और उन्हें फिल्म करने से रोकने वाले उनके बेटे थे सनी देओल। आज सनी देओल के 69वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे ही अनसुने किस्से… बचपन में धर्मेंद्र के को-एक्टर को गोली मारने निकले साल था 1961 और सनी देओल महज 4 साल के थे। एक दिन उनके घर पर ऐसा शख्स पहुंचा, जिसे देखकर नन्हे सनी को गुस्सा आ गया। उन्होंने एयर गन उठाई और पूरे घर में घूमने लगे। जब मां प्रकाश कौर ने पूछा कि आखिर वह कर क्या रहे हैं, तो सनी गुस्से में बोले, “मैं इसे गोली मारूंगा। इसने फिल्म में मेरे पापा को मारा था।” दरअसल, सनी ने अपने पिता धर्मेंद्र की 1961 में आई फिल्म ‘शोला और शबनम’ देखी थी। फिल्म में अभिनेता एम. राजन ने धर्मेंद्र के किरदार के साथ मारपीट की थी। नन्हे सनी के मन में यह बात बैठ गई कि इस शख्स ने उनके पापा को मारा है। उन्हें यह समझ नहीं आया कि पर्दे पर दिखने वाली लड़ाई सिर्फ एक्टिंग थी। संयोग से कुछ समय बाद एम. राजन असल जिंदगी में धर्मेंद्र से मिलने मुंबई के खार स्थित उनके घर पहुंचे। उन्हें देखते ही सनी को फिल्म वाला वही सीन याद आ गया। ड्राइवर की गोदी में बैठकर कार चलाते थे सनी देओल बचपन से ही काफी शरारती थे। उन्हें गाड़ियां चलाने का इतना शौक था कि महज 12-13 साल की उम्र में ही उन्होंने चोरी-छिपे कार चलानी शुरू कर दी थी। शुरुआत में वे ड्राइवर की गोदी में बैठकर भी कार चलाते थे। सनी ने ‘आप की अदालत’ जैसे कई इंटरव्यू में यह बताया कि जब घर के सभी लोग सो जाते थे, तो वे चुपके से गाड़ी की चाबी उठाते और गाड़ी लेकर निकल जाते थे। इस दौरान उन्होंने कई बार गाड़ियों को टक्कर भी मार दी थी। मैशेबल इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में सनी ने बताया था कि वह अपनी कार में तलवारें, धातु की छड़ें और हॉकी स्टिक रखते थे। सनी देओल के पैर में रॉड घुस गई थी दमदार डायलॉग और एक्शन के लिए मशहूर सनी की असल जिंदगी में भी कई बार लड़ाइयां हुईं। सनी की एक लड़ाई इतनी खतरनाक थी कि वह अकेले कई लोगों से भिड़ गए थे और उन पर रॉड से हमला हुआ था। सनी ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर बताया था कि एक लड़ाई में उनके पैर में रॉड घुस गई थी। यह लड़ाई ईगो की वजह से शुरू हुई थी। उस वक्त वह अकेले लड़ रहे थे, जबकि उनके साथ आए लोग डर के मारे कार में ही बैठे रहे। सनी ने कहा था कि भगवान की कृपा थी कि उन्हें सिर पर कोई गंभीर चोट नहीं लगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को भी इस तरह की लड़ाइयों में नहीं पड़ना चाहिए। अपनी गलती होने पर सनी ने माफी भी मांगी थी सनी देओल ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर स्कूल के दिनों का एक किस्सा बताया था। उन्होंने बताया कि उस वक्त वह दोस्तों के साथ कार में जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक खूबसूरत लड़की दिखी। सनी ने उसे देखकर कुछ कह दिया। हालांकि, उनका इरादा बदतमीजी करने का नहीं था, बल्कि दोस्तों के साथ मस्ती करने का था। इसके बाद सनी अपने दोस्त के घर पहुंचे। तभी पीछे से एक कार आई और उनके पास आकर रुक गई। कार से एक लड़का उतरा और सनी से सवाल करने लगा। सनी ने उससे पूछा, ‘तू कौन है?’ इस पर लड़के ने जवाब दिया कि वह उसी लड़की का भाई है, जिसे सनी ने रास्ते में देखकर कुछ कहा था। सनी ने बताया कि इसके बाद उन्होंने उस लड़के से कहा, ‘मैं गलत हूं। अगर तू मुझे मारना चाहता है, तो मार ले। मैंने तेरी बहन से कुछ कहा है, तो मेरी गलती है।’ सनी ने कहा कि जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उन्होंने उसे मानने में देर नहीं की। उनके मुताबिक, वह हमेशा से ऐसे ही रहे हैं। अगर गलती अपनी है, तो उसे स्वीकार करना चाहिए। क्रिकेट मैच में हुई लड़ाई, पुलिस सनी को अपने साथ ले गई फिल्मों में आने से पहले सनी देओल का गुस्सा एक बार क्रिकेट मैच के दौरान फूट पड़ा था। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को बीच में आना पड़ा। रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर सनी ने इस किस्से के बारे में बताया था। दरअसल, सनी 20 साल के आसपास थे। उन्होंने फिल्मों में डेब्यू भी नहीं किया था। एक दिन वे अपने दोस्तों के साथ भारत और न्यूजीलैंड का क्रिकेट मैच देखने पहुंचे। सनी नॉर्थ स्टैंड में बैठे थे। तभी वहां मौजूद कुछ लोगों को पता चला कि वे धर्मेंद्र के बेटे हैं। इसके बाद लोग उन्हें परेशान करने लगे। बात तब बिगड़ गई, जब कुछ लोगों ने उन पर सिगरेट के टुकड़े फेंकने शुरू कर दिए। सनी को यह हरकत बिल्कुल पसंद नहीं आई। उन्होंने अपना आपा खो दिया और लोगों से भिड़ गए। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। सनी ने बताया था कि उस वक्त उन्हें कुछ समझ नहीं आया और वे लड़ने लगे। हालात बिगड़ने पर पुलिस वहां पहुंची थी। इस घटना को याद करते हुए सनी ने कहा था कि जब कोई हद पार कर देता है, तो ऐसी स्थिति बन जाती है। गुस्से में दबाया अनिल कपूर का गला, अटक गई थीं सांसें सनी देओल और अनिल कपूर के बीच एक वक्त ऐसा भी आया था, जब दोनों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे। साल 1988 में आई फिल्म ‘राम अवतार’ की शूटिंग के दौरान एक फाइट सीन में सनी देओल को अनिल कपूर का गला पकड़ना था, लेकिन सीन के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि सनी ने अनिल का गला जोर से दबा दिया। बताया जाता है कि अनिल कपूर की सांसें अटकने लगी थीं। डायरेक्टर के कट बोलने के बाद भी सनी ने तुरंत हाथ नहीं हटाया। ऐसे में सेट पर मौजूद लोगों को बीच में आना पड़ा। हालांकि, दोनों के बीच तनाव की शुरुआत इससे पहले फिल्म ‘जोशीले’ के दौरान हुई थी। बताया जाता है कि फिल्म के पोस्टर और क्रेडिट्स में अनिल कपूर का नाम सनी देओल से ऊपर रखा गया था। इससे सनी नाराज थे। उन्हें लगता था कि उनके किरदार के बावजूद अनिल को ज्यादा तारीफ मिल रही थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। ‘राम अवतार’ के बाद दोनों ने 1989 में फिल्म ‘इंतकाम’ में भी साथ काम किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान भी दोनों के बीच एक सीन को लेकर बहस हो गई थी। इन घटनाओं के बाद दोनों के रिश्तों में दूरी बढ़ गई और उन्होंने फिर लंबे समय तक साथ काम नहीं किया। ‘घायल’ को प्रोड्यूस करने को तैयार नहीं था साल 1990 में सनी देओल की एक फिल्म आई थी, जिसका नाम था ‘घायल’। इस फिल्म ने सनी देओल के करियर को नई पहचान दी। फिल्म का डायलॉग, “बलवंत राय के कुत्तों, सामने आओ!” आज भी लोगों को याद है, लेकिन इस फिल्म को बनाना आसान नहीं था। दरअसल, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी जब फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर प्रोड्यूसर्स के पास गए, तो किसी ने भी फिल्म बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद थक-हारकर जब सनी देओल और राजकुमार संतोषी ने यह कहानी धर्मेंद्र को सुनाई, तो धर्मेंद्र ने कहानी पर भरोसा जताया और अपने होम प्रोडक्शन हाउस ‘विजयता फिल्म्स’ के बैनर तले इसे खुद प्रोड्यूस करने का फैसला किया। इसके बाद ‘घायल’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई। फिल्म में सनी देओल की एक्टिंग और उनके अंदाज को खूब पसंद किया गया। इस फिल्म के लिए सनी देओल को नेशनल फिल्म अवॉर्ड में स्पेशल जूरी अवॉर्ड मिला। सनी देओल को पाकिस्तानी भी देते हैं खूब प्यार सनी देओल की फिल्मों में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ने वाले किरदार काफी मशहूर रहे हैं। खासकर ‘गदर’ में तारा सिंह का किरदार आज भी लोगों को याद है। हालांकि, रियल लाइफ में पाकिस्तान के लोग भी सनी देओल को बहुत प्यार देते हैं। ‘आप की अदालत’ में सनी देओल ने बताया था कि जब भी वे इंग्लैंड या दुबई गए, वहां उन्हें पाकिस्तानी लोग मिले। उन्होंने सनी को खूब प्यार दिया, गले लगाया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। वाघा बॉर्डर पर भी उन्होंने दूसरी तरफ खड़े लोगों को हाथ हिलाते और प्यार जताते देखा था। सनी ने कहा था कि कलाकार किसी एक देश के लिए नहीं होते, बल्कि सभी के लिए होते हैं। फिल्मों में कहानी के हिसाब से हीरो और विलेन होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे किसी के खिलाफ हैं। उन्होंने तारा सिंह के किरदार का उदाहरण देते हुए कहा कि तारा सिंह को बस अपने परिवार से मतलब है। वह चाहता है कि उसका परिवार जहां भी रहे, सुरक्षित और खुश रहे। उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसका परिवार हिंदुस्तान में रहे या पाकिस्तान में। गुस्से में खुद की ही जींस फाड़ दी थी सनी देओल को एक बार इतना गुस्सा आया कि उन्होंने सेट पर अपनी ही जींस फाड़ दी थी। यह किस्सा साल 1993 में आई फिल्म ‘डर’ की शूटिंग का है। फिल्म में सनी देओल ने एक कमांडो का किरदार निभाया था, जबकि शाहरुख खान विलेन बने थे। फिल्म के एक सीन को लेकर सनी और डायरेक्टर यश चोपड़ा के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। सीन में शाहरुख का किरदार सनी को चाकू मार देता है। सनी का मानना था कि एक ट्रेंड कमांडो को इतनी आसानी से कोई चाकू कैसे मार सकता है? लेकिन जब उनकी बात नहीं मानी गई, तो सनी को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने अपनी जींस की जेबों में हाथ डालकर इतनी जोर से खींचा कि जींस फट गई। सेट पर मौजूद लोग यह देखकर हैरान रह गए थे। ‘दामिनी’ में सनी नहीं, ओम पुरी बनने वाले थे वकील फिल्म ‘दामिनी’ में सनी देओल का वकील गोविंद वाला किरदार बेहद पॉपुलर हुआ, लेकिन डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने बताया था कि पहले इस रोल के लिए ओम पुरी के बारे में सोचा गया था। संतोषी चाहते थे कि ओम पुरी और अमरीश पुरी के बीच फिल्म में टकराव दिखाया जाए, लेकिन फीस को लेकर निर्माता और ओम पुरी के सेक्रेटरी के बीच गलतफहमी हो गई। इसके बाद संतोषी ने सनी देओल को इस भूमिका के लिए संपर्क किया। सनी उस समय ‘घायल’ की सफलता के बाद बड़े स्टार बन चुके थे। इसके बावजूद, उन्होंने यह जानते हुए भी कि ‘दामिनी’ मुख्य रूप से मीनाक्षी शेषाद्रि की कहानी है और उनका रोल सेकेंड हाफ में एक सपोर्टिंग कैरेक्टर के रूप में है, बिना किसी नखरे या बड़ी शर्त के तुरंत इस रोल के लिए हां कह दिया था। ‘घातक’ में कमल हासन को लेने की प्लानिंग थी संतोषी ने बताया था कि वह कमल हासन के बहुत बड़े फैन थे और उन्होंने फिल्म ‘घातक’ के लिए उनसे बात भी की थी, लेकिन फिल्म के बजट और फीस को लेकर उनके पार्टनर भारत शाह के साथ सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद सनी देओल फिल्म का हिस्सा बने। फिल्म 1996 में रिलीज हुई और सनी के करियर की प्रमुख एक्शन फिल्मों में शामिल हो गई। इम्तियाज को डराया गया कि सनी थप्पड़ मार सकते हैं फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली ने ‘लल्लनटॉप’ के साथ बातचीत में बताया था कि जब उन्हें अपनी डेब्यू फिल्म ‘सोचा ना था’ की कहानी सनी देओल को सुनानी थी, तब कुछ लोगों ने उन्हें डराया था कि सनी एक बड़े एक्शन स्टार और एंग्री यंग मैन हैं, और तुम उन्हें एक ऐसी प्रेम कहानी सुनाने जा रहे हो, जिसमें हीरो को थप्पड़ पड़ता है। वह शारीरिक रूप से काफी मजबूत हैं, क्या होगा अगर उन्होंने गुस्से में तुम्हें सचमुच एक थप्पड़ मार दिया? इम्तियाज ने बताया था कि सनी ने उन्हें शिमला बुलाया था। वह बारिश के दौरान कहानी सुनाने पहुंचे। सनी ने कहानी सुनी और फिल्म बनाने के लिए तैयार हो गए। इम्तियाज के मुताबिक, इस मुलाकात ने सनी को लेकर उनकी धारणा बदल दी। उन्हें सनी एक शर्मीले और संवेदनशील इंसान लगे। सनी देओल के एक मुक्के से कार का शीशा चटक गया था बॉबी देओल ने कपिल शर्मा के शो में बताया कि एक दिन वह घर के नीचे टहलने गए, तो उन्होंने सनी की कार की खिड़की का शीशा चटका हुआ देखा। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछा कि क्या नारियल गिरने से ऐसा हुआ है। पूछने पर सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें बताया कि सनी को गुस्सा आया था और उन्होंने कार की खिड़की पर जोर से हाथ मारा था, जिससे शीशा चटक गया। बॉबी ने मजाक में सनी को असली जिंदगी का सुपरमैन बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सनी जितनी ताकत वाला इंसान कभी नहीं देखा। श्रीदेवी के साथ डांस से घबराए थे सनी देओल 1989 में फिल्म ‘चालबाज’ की शूटिंग चल रही थी। सेट पर सनी देओल और श्रीदेवी के बीच एक मजेदार किस्सा हुआ। फिल्म के डायरेक्टर पंकज पराशर ने भी एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि गाने ‘ना जाने कहां से आई है’ में श्रीदेवी के साथ डांस करना था। डांस को लेकर सनी इतने घबराए कि शूटिंग शुरू होने से पहले ही सेट से गायब हो गए। वह करीब दो घंटे तक नहीं मिले और श्रीदेवी इंतजार करती रहीं। ‘गदर 2’ से सनी ने शानदार वापसी की साल 2001 में सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, इसके बाद 2023 तक उन्होंने 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, लेकिन इनमें से ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप या औसत रहीं। इस दौरान उन्हें ‘गदर’ जैसी कोई बड़ी ब्लॉकबस्टर सफलता नहीं मिली। साल 2023 में रिलीज हुई ‘गदर 2’ से सनी देओल ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार वापसी की। करीब 75 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 686 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। इसके बाद जनवरी 2026 में रिलीज हुई ‘बॉर्डर 2’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म ने दुनियाभर में 450 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की और 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्मों में अपनी जगह बनाई। अब सनी देओल नवंबर 2026 में रिलीज होने वाली फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ में भगवान हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। .............. यह खबर भी पढ़ें... सुनील शेट्टी@65- धमकी मिलने पर अंडरवर्ल्ड डॉन को गालियां दीं: को-एक्ट्रेस से मिलाने के लिए जूनियर आर्टिस्ट को नकली मुख्यमंत्री बनाया; अजय देवगन ‘दूधवाला’ कहते हैं बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी को प्यार से ‘अन्ना’ कहा जाता है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि 90 के दशक में उन्हें करीब डेढ़ साल तक अंडरवर्ल्ड से धमकी भरे फोन आते रहे थे। जब गैंगस्टर हेमंत पुजारी ने उनके पिता को गोली मारने की धमकी दी, तो सुनील ने भी उसे उसी की भाषा में जवाब दिया था। इसके अलावा, उन्होंने बताया था कि महज 15 साल की उम्र में वह दूसरे छात्रों और पुलिस जवानों को मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग देने लगे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/z8fcxSr
via IFTTT

सनी देओल@69; गुस्से में फाड़ी जींस:अनिल कपूर का गला दबाया; लड़ाई में पैर में घुसी रॉड, जानिए रियल लाइफ ‘गदर’ के किस्से

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी कल्ट फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर अनुराग कश्यप अपने करियर की शुरुआत में स्ट्रगल कर रहे थे। इसी दौर में उन्हें एक फिल्म डायरेक्ट करने का मौका मिला। अनुराग इस कहानी को लेकर हिंदी सिनेमा के एक दिग्गज एक्टर के पास पहुंच गए। कहानी सुनते ही एक्टर की आंखों में काम करने की चमक लौट आई। उन्होंने कहा, “बेटा, बहुत समय हो गया है मेरे मुंह पर मेकअप नहीं लगा। बहुत अच्छी कहानी है तुम्हारी, करते हैं।” दिग्गज एक्टर के साथ काम करना अनुराग के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था, लेकिन तभी कहानी में एक ट्विस्ट आया। एक्टर के बेटे को पता चला कि फिल्म के आखिर में उसके पिता के किरदार की मौत हो जाती है। उसने तुरंत अपने पिता को फिल्म करने से मना कर दिया। अनुराग ने जब इसकी वजह पूछी, तो बेटे ने बेझिझक कहा, “Deols don’t die यानी देओल्स नहीं मरते।” यह एक्टर थे धर्मेंद्र और उन्हें फिल्म करने से रोकने वाले उनके बेटे थे सनी देओल। आज सनी देओल के 69वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे ही अनसुने किस्से… बचपन में धर्मेंद्र के को-एक्टर को गोली मारने निकले साल था 1961 और सनी देओल महज 4 साल के थे। एक दिन उनके घर पर ऐसा शख्स पहुंचा, जिसे देखकर नन्हे सनी को गुस्सा आ गया। उन्होंने एयर गन उठाई और पूरे घर में घूमने लगे। जब मां प्रकाश कौर ने पूछा कि आखिर वह कर क्या रहे हैं, तो सनी गुस्से में बोले, “मैं इसे गोली मारूंगा। इसने फिल्म में मेरे पापा को मारा था।” दरअसल, सनी ने अपने पिता धर्मेंद्र की 1961 में आई फिल्म ‘शोला और शबनम’ देखी थी। फिल्म में अभिनेता एम. राजन ने धर्मेंद्र के किरदार के साथ मारपीट की थी। नन्हे सनी के मन में यह बात बैठ गई कि इस शख्स ने उनके पापा को मारा है। उन्हें यह समझ नहीं आया कि पर्दे पर दिखने वाली लड़ाई सिर्फ एक्टिंग थी। संयोग से कुछ समय बाद एम. राजन असल जिंदगी में धर्मेंद्र से मिलने मुंबई के खार स्थित उनके घर पहुंचे। उन्हें देखते ही सनी को फिल्म वाला वही सीन याद आ गया। ड्राइवर की गोदी में बैठकर कार चलाते थे सनी देओल बचपन से ही काफी शरारती थे। उन्हें गाड़ियां चलाने का इतना शौक था कि महज 12-13 साल की उम्र में ही उन्होंने चोरी-छिपे कार चलानी शुरू कर दी थी। शुरुआत में वे ड्राइवर की गोदी में बैठकर भी कार चलाते थे। सनी ने ‘आप की अदालत’ जैसे कई इंटरव्यू में यह बताया कि जब घर के सभी लोग सो जाते थे, तो वे चुपके से गाड़ी की चाबी उठाते और गाड़ी लेकर निकल जाते थे। इस दौरान उन्होंने कई बार गाड़ियों को टक्कर भी मार दी थी। मैशेबल इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में सनी ने बताया था कि वह अपनी कार में तलवारें, धातु की छड़ें और हॉकी स्टिक रखते थे। सनी देओल के पैर में रॉड घुस गई थी दमदार डायलॉग और एक्शन के लिए मशहूर सनी की असल जिंदगी में भी कई बार लड़ाइयां हुईं। सनी की एक लड़ाई इतनी खतरनाक थी कि वह अकेले कई लोगों से भिड़ गए थे और उन पर रॉड से हमला हुआ था। सनी ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर बताया था कि एक लड़ाई में उनके पैर में रॉड घुस गई थी। यह लड़ाई ईगो की वजह से शुरू हुई थी। उस वक्त वह अकेले लड़ रहे थे, जबकि उनके साथ आए लोग डर के मारे कार में ही बैठे रहे। सनी ने कहा था कि भगवान की कृपा थी कि उन्हें सिर पर कोई गंभीर चोट नहीं लगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को भी इस तरह की लड़ाइयों में नहीं पड़ना चाहिए। अपनी गलती होने पर सनी ने माफी भी मांगी थी सनी देओल ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर स्कूल के दिनों का एक किस्सा बताया था। उन्होंने बताया कि उस वक्त वह दोस्तों के साथ कार में जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक खूबसूरत लड़की दिखी। सनी ने उसे देखकर कुछ कह दिया। हालांकि, उनका इरादा बदतमीजी करने का नहीं था, बल्कि दोस्तों के साथ मस्ती करने का था। इसके बाद सनी अपने दोस्त के घर पहुंचे। तभी पीछे से एक कार आई और उनके पास आकर रुक गई। कार से एक लड़का उतरा और सनी से सवाल करने लगा। सनी ने उससे पूछा, ‘तू कौन है?’ इस पर लड़के ने जवाब दिया कि वह उसी लड़की का भाई है, जिसे सनी ने रास्ते में देखकर कुछ कहा था। सनी ने बताया कि इसके बाद उन्होंने उस लड़के से कहा, ‘मैं गलत हूं। अगर तू मुझे मारना चाहता है, तो मार ले। मैंने तेरी बहन से कुछ कहा है, तो मेरी गलती है।’ सनी ने कहा कि जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उन्होंने उसे मानने में देर नहीं की। उनके मुताबिक, वह हमेशा से ऐसे ही रहे हैं। अगर गलती अपनी है, तो उसे स्वीकार करना चाहिए। क्रिकेट मैच में हुई लड़ाई, पुलिस सनी को अपने साथ ले गई फिल्मों में आने से पहले सनी देओल का गुस्सा एक बार क्रिकेट मैच के दौरान फूट पड़ा था। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को बीच में आना पड़ा। रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर सनी ने इस किस्से के बारे में बताया था। दरअसल, सनी 20 साल के आसपास थे। उन्होंने फिल्मों में डेब्यू भी नहीं किया था। एक दिन वे अपने दोस्तों के साथ भारत और न्यूजीलैंड का क्रिकेट मैच देखने पहुंचे। सनी नॉर्थ स्टैंड में बैठे थे। तभी वहां मौजूद कुछ लोगों को पता चला कि वे धर्मेंद्र के बेटे हैं। इसके बाद लोग उन्हें परेशान करने लगे। बात तब बिगड़ गई, जब कुछ लोगों ने उन पर सिगरेट के टुकड़े फेंकने शुरू कर दिए। सनी को यह हरकत बिल्कुल पसंद नहीं आई। उन्होंने अपना आपा खो दिया और लोगों से भिड़ गए। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। सनी ने बताया था कि उस वक्त उन्हें कुछ समझ नहीं आया और वे लड़ने लगे। हालात बिगड़ने पर पुलिस वहां पहुंची थी। इस घटना को याद करते हुए सनी ने कहा था कि जब कोई हद पार कर देता है, तो ऐसी स्थिति बन जाती है। गुस्से में दबाया अनिल कपूर का गला, अटक गई थीं सांसें सनी देओल और अनिल कपूर के बीच एक वक्त ऐसा भी आया था, जब दोनों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे। साल 1988 में आई फिल्म ‘राम अवतार’ की शूटिंग के दौरान एक फाइट सीन में सनी देओल को अनिल कपूर का गला पकड़ना था, लेकिन सीन के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि सनी ने अनिल का गला जोर से दबा दिया। बताया जाता है कि अनिल कपूर की सांसें अटकने लगी थीं। डायरेक्टर के कट बोलने के बाद भी सनी ने तुरंत हाथ नहीं हटाया। ऐसे में सेट पर मौजूद लोगों को बीच में आना पड़ा। हालांकि, दोनों के बीच तनाव की शुरुआत इससे पहले फिल्म ‘जोशीले’ के दौरान हुई थी। बताया जाता है कि फिल्म के पोस्टर और क्रेडिट्स में अनिल कपूर का नाम सनी देओल से ऊपर रखा गया था। इससे सनी नाराज थे। उन्हें लगता था कि उनके किरदार के बावजूद अनिल को ज्यादा तारीफ मिल रही थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। ‘राम अवतार’ के बाद दोनों ने 1989 में फिल्म ‘इंतकाम’ में भी साथ काम किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान भी दोनों के बीच एक सीन को लेकर बहस हो गई थी। इन घटनाओं के बाद दोनों के रिश्तों में दूरी बढ़ गई और उन्होंने फिर लंबे समय तक साथ काम नहीं किया। ‘घायल’ को प्रोड्यूस करने को तैयार नहीं था साल 1990 में सनी देओल की एक फिल्म आई थी, जिसका नाम था ‘घायल’। इस फिल्म ने सनी देओल के करियर को नई पहचान दी। फिल्म का डायलॉग, “बलवंत राय के कुत्तों, सामने आओ!” आज भी लोगों को याद है, लेकिन इस फिल्म को बनाना आसान नहीं था। दरअसल, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी जब फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर प्रोड्यूसर्स के पास गए, तो किसी ने भी फिल्म बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद थक-हारकर जब सनी देओल और राजकुमार संतोषी ने यह कहानी धर्मेंद्र को सुनाई, तो धर्मेंद्र ने कहानी पर भरोसा जताया और अपने होम प्रोडक्शन हाउस ‘विजयता फिल्म्स’ के बैनर तले इसे खुद प्रोड्यूस करने का फैसला किया। इसके बाद ‘घायल’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई। फिल्म में सनी देओल की एक्टिंग और उनके अंदाज को खूब पसंद किया गया। इस फिल्म के लिए सनी देओल को नेशनल फिल्म अवॉर्ड में स्पेशल जूरी अवॉर्ड मिला। सनी देओल को पाकिस्तानी भी देते हैं खूब प्यार सनी देओल की फिल्मों में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ने वाले किरदार काफी मशहूर रहे हैं। खासकर ‘गदर’ में तारा सिंह का किरदार आज भी लोगों को याद है। हालांकि, रियल लाइफ में पाकिस्तान के लोग भी सनी देओल को बहुत प्यार देते हैं। ‘आप की अदालत’ में सनी देओल ने बताया था कि जब भी वे इंग्लैंड या दुबई गए, वहां उन्हें पाकिस्तानी लोग मिले। उन्होंने सनी को खूब प्यार दिया, गले लगाया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। वाघा बॉर्डर पर भी उन्होंने दूसरी तरफ खड़े लोगों को हाथ हिलाते और प्यार जताते देखा था। सनी ने कहा था कि कलाकार किसी एक देश के लिए नहीं होते, बल्कि सभी के लिए होते हैं। फिल्मों में कहानी के हिसाब से हीरो और विलेन होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे किसी के खिलाफ हैं। उन्होंने तारा सिंह के किरदार का उदाहरण देते हुए कहा कि तारा सिंह को बस अपने परिवार से मतलब है। वह चाहता है कि उसका परिवार जहां भी रहे, सुरक्षित और खुश रहे। उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसका परिवार हिंदुस्तान में रहे या पाकिस्तान में। गुस्से में खुद की ही जींस फाड़ दी थी सनी देओल को एक बार इतना गुस्सा आया कि उन्होंने सेट पर अपनी ही जींस फाड़ दी थी। यह किस्सा साल 1993 में आई फिल्म ‘डर’ की शूटिंग का है। फिल्म में सनी देओल ने एक कमांडो का किरदार निभाया था, जबकि शाहरुख खान विलेन बने थे। फिल्म के एक सीन को लेकर सनी और डायरेक्टर यश चोपड़ा के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। सीन में शाहरुख का किरदार सनी को चाकू मार देता है। सनी का मानना था कि एक ट्रेंड कमांडो को इतनी आसानी से कोई चाकू कैसे मार सकता है? लेकिन जब उनकी बात नहीं मानी गई, तो सनी को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने अपनी जींस की जेबों में हाथ डालकर इतनी जोर से खींचा कि जींस फट गई। सेट पर मौजूद लोग यह देखकर हैरान रह गए थे। ‘दामिनी’ में सनी नहीं, ओम पुरी बनने वाले थे वकील फिल्म ‘दामिनी’ में सनी देओल का वकील गोविंद वाला किरदार बेहद पॉपुलर हुआ, लेकिन डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने बताया था कि पहले इस रोल के लिए ओम पुरी के बारे में सोचा गया था। संतोषी चाहते थे कि ओम पुरी और अमरीश पुरी के बीच फिल्म में टकराव दिखाया जाए, लेकिन फीस को लेकर निर्माता और ओम पुरी के सेक्रेटरी के बीच गलतफहमी हो गई। इसके बाद संतोषी ने सनी देओल को इस भूमिका के लिए संपर्क किया। सनी उस समय ‘घायल’ की सफलता के बाद बड़े स्टार बन चुके थे। इसके बावजूद, उन्होंने यह जानते हुए भी कि ‘दामिनी’ मुख्य रूप से मीनाक्षी शेषाद्रि की कहानी है और उनका रोल सेकेंड हाफ में एक सपोर्टिंग कैरेक्टर के रूप में है, बिना किसी नखरे या बड़ी शर्त के तुरंत इस रोल के लिए हां कह दिया था। ‘घातक’ में कमल हासन को लेने की प्लानिंग थी संतोषी ने बताया था कि वह कमल हासन के बहुत बड़े फैन थे और उन्होंने फिल्म ‘घातक’ के लिए उनसे बात भी की थी, लेकिन फिल्म के बजट और फीस को लेकर उनके पार्टनर भारत शाह के साथ सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद सनी देओल फिल्म का हिस्सा बने। फिल्म 1996 में रिलीज हुई और सनी के करियर की प्रमुख एक्शन फिल्मों में शामिल हो गई। इम्तियाज को डराया गया कि सनी थप्पड़ मार सकते हैं फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली ने ‘लल्लनटॉप’ के साथ बातचीत में बताया था कि जब उन्हें अपनी डेब्यू फिल्म ‘सोचा ना था’ की कहानी सनी देओल को सुनानी थी, तब कुछ लोगों ने उन्हें डराया था कि सनी एक बड़े एक्शन स्टार और एंग्री यंग मैन हैं, और तुम उन्हें एक ऐसी प्रेम कहानी सुनाने जा रहे हो, जिसमें हीरो को थप्पड़ पड़ता है। वह शारीरिक रूप से काफी मजबूत हैं, क्या होगा अगर उन्होंने गुस्से में तुम्हें सचमुच एक थप्पड़ मार दिया? इम्तियाज ने बताया था कि सनी ने उन्हें शिमला बुलाया था। वह बारिश के दौरान कहानी सुनाने पहुंचे। सनी ने कहानी सुनी और फिल्म बनाने के लिए तैयार हो गए। इम्तियाज के मुताबिक, इस मुलाकात ने सनी को लेकर उनकी धारणा बदल दी। उन्हें सनी एक शर्मीले और संवेदनशील इंसान लगे। सनी देओल के एक मुक्के से कार का शीशा चटक गया था बॉबी देओल ने कपिल शर्मा के शो में बताया कि एक दिन वह घर के नीचे टहलने गए, तो उन्होंने सनी की कार की खिड़की का शीशा चटका हुआ देखा। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछा कि क्या नारियल गिरने से ऐसा हुआ है। पूछने पर सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें बताया कि सनी को गुस्सा आया था और उन्होंने कार की खिड़की पर जोर से हाथ मारा था, जिससे शीशा चटक गया। बॉबी ने मजाक में सनी को असली जिंदगी का सुपरमैन बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सनी जितनी ताकत वाला इंसान कभी नहीं देखा। श्रीदेवी के साथ डांस से घबराए थे सनी देओल 1989 में फिल्म ‘चालबाज’ की शूटिंग चल रही थी। सेट पर सनी देओल और श्रीदेवी के बीच एक मजेदार किस्सा हुआ। फिल्म के डायरेक्टर पंकज पराशर ने भी एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि गाने ‘ना जाने कहां से आई है’ में श्रीदेवी के साथ डांस करना था। डांस को लेकर सनी इतने घबराए कि शूटिंग शुरू होने से पहले ही सेट से गायब हो गए। वह करीब दो घंटे तक नहीं मिले और श्रीदेवी इंतजार करती रहीं। ‘गदर 2’ से सनी ने शानदार वापसी की साल 2001 में सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, इसके बाद 2023 तक उन्होंने 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, लेकिन इनमें से ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप या औसत रहीं। इस दौरान उन्हें ‘गदर’ जैसी कोई बड़ी ब्लॉकबस्टर सफलता नहीं मिली। साल 2023 में रिलीज हुई ‘गदर 2’ से सनी देओल ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार वापसी की। करीब 75 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 686 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। इसके बाद जनवरी 2026 में रिलीज हुई ‘बॉर्डर 2’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म ने दुनियाभर में 450 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की और 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्मों में अपनी जगह बनाई। अब सनी देओल नवंबर 2026 में रिलीज होने वाली फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ में भगवान हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। .............. यह खबर भी पढ़ें... सुनील शेट्टी@65- धमकी मिलने पर अंडरवर्ल्ड डॉन को गालियां दीं: को-एक्ट्रेस से मिलाने के लिए जूनियर आर्टिस्ट को नकली मुख्यमंत्री बनाया; अजय देवगन ‘दूधवाला’ कहते हैं बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी को प्यार से ‘अन्ना’ कहा जाता है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि 90 के दशक में उन्हें करीब डेढ़ साल तक अंडरवर्ल्ड से धमकी भरे फोन आते रहे थे। जब गैंगस्टर हेमंत पुजारी ने उनके पिता को गोली मारने की धमकी दी, तो सुनील ने भी उसे उसी की भाषा में जवाब दिया था। इसके अलावा, उन्होंने बताया था कि महज 15 साल की उम्र में वह दूसरे छात्रों और पुलिस जवानों को मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग देने लगे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/YlPTJa6
via IFTTT

Cindy Crawford 'beyond heartbroken' after death of son Presley at 27

Presley Gerber's death in September is being investigated as a suspected overdose.

from BBC News https://ift.tt/LeZ9u4o

Cindy Crawford 'beyond heartbroken' after death of son Presley at 27

Presley Gerber's death in September is being investigated as a suspected overdose.

from BBC News https://ift.tt/PK4GcXz

Sunday, 18 October 2026

Etruscan bronze masterpiece was intentionally blackened

A new multidisciplinary study of a rare surviving life-sized Etruscan bronze statue has found that the black patina was intentionally created in antiquity, not the result of natural aging or a later coating. Very little is known about Etruscan art foundry methods, so this discovery advances our understanding of how ancient large bronze statues were produced.

Discovered in 1567, the hollow-cast bronze statue is now in Florence’s National Museum of Archaeology. It is known as the Arringatore (Orator) or the portrait of Aule Metli, an Etruscan senator of the Roman Republic in the late 2nd or early 1st century. He is depicted wearing a toga, calcei senatorii shoes and his right arm raised in an oratory gesture. An Etruscan language inscription on the toga names Aule Metli as the donor of this votive sculpture.

Researchers analyzed the metal composition, stratified mineral and organic material, microfragments and the manufacturing processes of the sculpture. They utilized X-ray diffraction and polarized light microscopy to examine the samples and investigate how the bronze was cast and assembled.

Tests identified a dark copper oxide called tenorite lying above a red layer of another copper oxide, cuprite. The structure appeared across several preserved areas, not merely a single stain.

The arrangement points to heating. Copper alloys typically form the reddish layer first, while the darker mineral develops under more strongly oxidizing conditions. The authors described it as “a blackish intentional patina” and said the paired layers were unlikely to form through burial alone. […]

The study also brings new details to the figure’s construction. X-ray images indicate the bronze was assembled from eight separately cast sections. Most of its hollow walls were only a few millimeters thick, evidence of considerable skill in making such a large figure.

The study has been published in the journal Heritage and can be read here in its entirety.



* This article was originally published here

मुखर्जी परिवार की दुर्गा पूजा में रणबीर कपूर शामिल हुए:पंडाल में हर्षदीप कौर के साथ गाया गाना ‘कबीरा’, देखें वीडियो

रणबीर कपूर शनिवार शाम को मुखर्जी परिवार की दुर्गा पूजा में शामिल हुए। वो मुंबई के नॉर्थ बॉम्बे सार्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। उन्होंने यहां देवी दुर्गा के दर्शन किए। रणबीर कपूर ने सिंगर हर्षदीप कौर के साथ स्टेज पर ‘कबीरा’ गाना गाया। यह गाना 2013 में आई उनकी फिल्म ‘ये जवानी है दीवानी’ का है। इसके बाद रणबीर ने हाथ जोड़कर तस्वीरें खिंचवाईं। वह अयान मुखर्जी और पूजा में आए कुछ दूसरे मेहमानों से भी मिले। फैंस को आई ‘ये जवानी है दीवानी’ की याद रणबीर की परफॉर्मेंस का वीडियो सामने आने के बाद फैंस नॉस्टैल्जिक हो गए। एक फैन ने लिखा, “ओएमजी, वह यहां बहुत ज्यादा हैंडसम लग रहे हैं।” दूसरे फैंस ने ‘ये जवानी है दीवानी’ के GIF कमेंट किए। एक उत्साहित फैन ने लिखा, “ओएमजी, जिस तरह नॉस्टैल्जिया ने मुझे अभी घेर लिया।” एक अन्य फैन ने हार्ट-आइज इमोजी के साथ लिखा, “क्या प्यारा पल है।” कई फैंस ने वीडियो पर हार्ट और हार्ट-आइज इमोजी भी कमेंट किए। गौरतलब है कि नॉर्थ बॉम्बे सार्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित दुर्गा पूजा पंडालों में से एक है। इसे मुखर्जी परिवार की दुर्गा पूजा के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें काजोल, रानी मुखर्जी और अयान मुखर्जी का परिवार पूजा करता है। शनिवार को दुर्गा पूजा पंडाल में काजोल परिवार के साथ पहुंचीं। उनके साथ मां तनुजा, बहन तनिषा मुखर्जी, चचेरे भाई अयान मुखर्जी, बेटी न्यासा देवगन और बेटे युग देवगन भी नजर आए। अयान मुखर्जी के साथ शिल्पा शिरोडकर भी पंडाल पहुंचीं। बच्चन परिवार से जया बच्चन और उनकी बेटी श्वेता बच्चन ने भी मां दुर्गा के दर्शन किए। देखें तस्वीरें…

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/8nXjPN9
via IFTTT

सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई के 'गन जेस्चर' पर विवाद:स्टेज पर सिंगर का 'थापी' अंदाज दोहराया; माता-पिता के खिलाफ शिकायत

दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई के एक वीडियो पर विवाद खड़ा हो गया। जिसमें उन्होंने मूसेवाला के मशहूर थापी वाले अंदाज को स्टेज पर दोहराया और हाथ से पिस्टल चलाने जैसे इशारे किए। पूरा मामला टोरंटो में हुए ‘साइन टू गॉड वर्ल्ड टूर’ होलोग्राम कॉन्सर्ट से जुड़ा है। वीडियो सामने आने के बाद बाल मानवाधिकार संगठन 'लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल' (LFHRI) ने संज्ञान लिया। संगठन ने मानसा के जिला मजिस्ट्रेट और जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट को बच्चे के पिता बलकौर सिंह और मां चरण कौर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। संगठन ने बच्चे की सुरक्षा और काउंसलिंग की मांग की है। हालांकि अभी इस मामले पर मूसेवाला के माता-पिता की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। अब विस्तार से पूरा मामला जानिए…. मई 2022 में सिद्धू मूसेवाला की हत्या मशहूर पंजाबी सिंगर शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को मानसा में ताबड़तोड़ फायरिंग करके हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग के कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली थी। पुलिस जांच के मुताबिक, यह हत्या आपसी गैंग रंजिश (अकाली नेता विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या का बदला) के चलते की गई थी। छोटे भाई के जन्म पर विवाद हुआ ************* ये खबर भी पढ़ें: मूसेवाला ने पहले ही दे दिया था मौत का सिग्नल: लेटेस्ट दो गाने...'295 लगेगी' 29 तारीख 5वां महीना और थार में जिंदगी की 'LAST RIDE' पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से देश में हंगामा मचा हुआ है, लेकिन सिद्धू मूसेवाला अपनी मौत की आशंका पहले ही जता चुके थे। इस समय उनके दो गाने द लास्ट राइड और 295 लगेगी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा ट्रेंड कर रहे हैं। ये संयोग ही है कि इनके टाइटल में ही उनकी मौत का अलर्ट था। (पढ़ें पूरी खबर)

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/wt6bKf1
via IFTTT

शब्बीर अहलूवालिया के रोमांटिक सीन पर कांची ने ली चुटकी:बोलीं- कितनी शादियां और हनीमून हो चुके, अब जलन नहीं होती

टीवी और फिल्मों में शब्बीर अहलूवालिया अपनी रोमांटिक, माचो और रॉकस्टार इमेज के लिए मशहूर हैं। उनकी पत्नी कांची कौल खूबसूरती और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। दोनों करीब 18 साल से साथ हैं और अब कलर्स के शो ‘धमाल विद पति, पत्नी और पंगा सीजन 2’ में कंटेस्टेंट हैं। शो में दर्शकों को उनकी नोकझोंक, मस्ती और साथ बिताए पलों की झलक मिलेगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में शब्बीर और कांची ने कहा कि वे आइडल कपल कहलाने के बजाय अपनी असली केमिस्ट्री दिखाना चाहते हैं। उन्होंने एक-दूसरे की खूबियों, पहली मुलाकात, रोमांस के अंदाज और शो से जुड़े मजेदार किस्सों पर भी बात की। सवाल: शब्बीर भाई पर्दे पर अपनी रोमांटिक, माचो और रॉकस्टार इमेज के लिए मशहूर हैं। क्या असल जिंदगी में भी वे उतने ही हीरो हैं? कांची, आपके लिए घर का असली हीरो कौन है? जवाब/कांची: असल जिंदगी में भी शब्बीर वैसे ही हैं। मेरे लिए वे हमेशा एवरग्रीन रॉकस्टार रहेंगे। बाहर से जितने माचो दिखते हैं, अंदर से उतने ही सॉफ्ट और भावुक हैं। उनका दिल बहुत मुलायम है। भावनाएं जाहिर करने का उनका तरीका अलग है, लेकिन वे बहुत इमोशनल हैं। वे जिंदगी भी रॉकस्टार की तरह जीते हैं। सवाल: हमने हमेशा आप दोनों को आइडल कपल के तौर पर देखा है। 'पति, पत्नी और पंगा' में काफी मस्ती और नोकझोंक होती है। आप इस शो का हिस्सा बनने के लिए कैसे तैयार हुए? जवाब/शब्बीर: हमें आइडल कपल बनना पसंद नहीं है। हम चाहते हैं कि लोग हमें अनआइडल कपल के तौर पर देखें। कांची: हमें लगा कि दर्शकों ने अब तक हमारी जिंदगी का यह पहलू नहीं देखा है। मैं भी काफी समय बाद पर्दे पर नजर आ रही हूं। हमने पहले कभी साथ काम नहीं किया था। हमने सोचा कि अपनी असली केमिस्ट्री और रोजमर्रा की नोकझोंक दर्शकों से साझा करने का यह अच्छा मौका है। हम अपनी मस्तीभरी जिंदगी की कुछ झलकियां भी दिखाना चाहते थे। सवाल: शब्बीर, आप दोनों को इस शो में साथ आने का फैसला कैसे सही लगा? जवाब/शब्बीर: हमने शो का पहला सीजन देखा था और हमें बहुत मजा आया था। सभी कपल्स इसे खूब एंजॉय कर रहे थे। हम 18 साल से साथ हैं, लेकिन कभी किसी शो में साथ काम नहीं किया था। इसलिए हमें लगा कि यह अच्छा मौका है। यह मजेदार शो विवादों के बजाय कपल्स और उनके रिश्तों पर ध्यान देता है। यह अच्छी बात है। यह साफ-सुथरा मनोरंजन है, जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सकता है। दर्शकों को भरोसा रहेगा कि इसमें कुछ गलत नहीं दिखाया जाएगा। कांची: हर शादी और रिश्ता अलग होता है। शो में सभी कपल्स की अपनी कहानी है। दर्शक किसी न किसी कपल या उसके रिश्ते से जुड़ी घटना में खुद को देख पाएंगे। शादीशुदा जिंदगी की छोटी-छोटी बातें ही शो को मजेदार बनाती हैं। सवाल: शो की शूटिंग के दौरान कोई ऐसा मजेदार किस्सा हुआ, जिससे आपको एक-दूसरे के बारे में कुछ नया पता चला हो? जवाब/शब्बीर: मजेदार किस्से बहुत हुए हैं। कई बार हम उन घटनाओं का हिस्सा बनने के बजाय वहां हो रही हंसी-मजाक का आनंद ले रहे थे। हम उनके बारे में ज्यादा नहीं बता सकते, क्योंकि वे शो के खास हिस्से और एपिसोड के हाई पॉइंट्स हैं। कांची: बिल्कुल, ऐसे कई किस्से हुए हैं। यही वजह है कि दर्शकों को शो देखना चाहिए। अगर हम अभी सारे मजेदार किस्से बता देंगे, तो देखने के लिए क्या बचेगा! सवाल: आपके लिए तो आप दोनों ही सबसे अच्छे कपल हैं, लेकिन शो में आपके अलावा कौन-सा कपल सबसे दिलचस्प लगा? जवाब/कांची: सभी कपल्स दिलचस्प हैं और एक-दूसरे से काफी अलग हैं। उनकी नोकझोंक, व्यवहार और शादीशुदा जिंदगी जीने का तरीका भी अलग है। यही विविधता शो को खास बनाती है। शब्बीर: कई बार शूटिंग के दौरान शो का हिस्सा होने के बावजूद हम दर्शक बन जाते हैं। दूसरे कपल्स की नोकझोंक का आनंद लेने लगते हैं। तब लगता है कि शो अच्छा बन रहा है और दर्शकों को भी इसे देखने में मजा आएगा। जब हमें शूटिंग में इतना मजा आता है, तो घर पर देखने वाले दर्शक भी इसे एंजॉय करेंगे। सवाल: पहली बार एक-दूसरे को देखकर क्या इंप्रेशन बना था? जवाब/शब्बीर: मेरा पहला इंप्रेशन जबरदस्त था। कांची को पहली बार देखकर मेरे मुंह से निकला, 'ओह माय गॉड! ये कितनी खूबसूरत हैं!' धीरे-धीरे पता चला कि वे खूबसूरत होने के साथ समझदार भी हैं। मेरे लिए यह सोने पर सुहागा था। कांची: उन्हें देखकर मेरा इंप्रेशन बहुत तगड़ा था। मैंने सोचा था कि ये कितने हॉट हैं! आज भी उन्हें देखकर या उनसे मिलकर मेरा इंप्रेशन वही रहता है। उनके लुक के साथ-साथ उनका मजबूत व्यक्तित्व भी मुझे पसंद आया। वे अंदर से भी बहुत मजबूत हैं। सवाल: आप दोनों में पहले किसने प्रपोज किया और दूसरे को कैसे मनाया? जवाब/शब्बीर: मैंने ही पहले प्रपोज किया था। हम अच्छे दोस्त बने और किसी भी विषय पर बात करने में झिझकते नहीं थे। उन्हीं बातचीत के दौरान हमारा रिश्ता आगे बढ़ता गया। सवाल: आजकल सोशल मीडिया पर परफेक्ट कपल दिखने का दबाव रहता है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब/शब्बीर: यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप दूसरों को क्या दिखाना चाहते हैं। मेरे हिसाब से परफेक्ट कपल की कोई एक परिभाषा नहीं है। हर रिश्ते में वही चीजें मायने रखती हैं, जो उस कपल के लिए सही हों। कांची: अगर आप सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए रिश्ता निभाते हैं, तो वह आदर्श रिश्ता नहीं है। असल जिंदगी में दो लोगों के व्यक्तित्व अलग होते हैं। लेकिन हर परिस्थिति में टीम की तरह साथ चलना ही रिश्ते की खूबसूरती है। नोक-झोंक हो या मस्ती, एक-दूसरे का साथ देना जरूरी है। शब्बीर: बिल्कुल। कोई कपल दिनभर झगड़ता है, तो कोई बिल्कुल नहीं। दोनों के रिश्ते अपने तरीके से खूबसूरत हो सकते हैं। कहीं नोक-झोंक में प्यार होता है, तो कहीं खामोशी भी बहुत कुछ कह देती है। हर कपल का रिश्ता अलग होता है। सवाल: इतने साल की शादी के बाद, रिश्ता खूबसूरत बनाए रखने के लिए आप क्या सलाह देंगे? जवाब/शब्बीर: मेरी सलाह है कि जिसके साथ आप हैं, उसके साथ वक्त बिताने में मजा आना चाहिए। साथ समय बिताते हुए पता ही न चले कि वक्त कब बीत गया। कांची: जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। हर परिस्थिति का सामना टीम की तरह करने से असहमति के बावजूद रिश्ता मजबूत रहता है। एक-दूसरे का सम्मान करना जरूरी है। कई बार साथी से ऐसी बात कहनी पड़ सकती है, जो उसे पसंद न आए। लेकिन बात सही तरीके से और सम्मान के साथ कहने से चीजें आसान हो जाती हैं। रिश्ते में सम्मान बनाए रखें और खूब मस्ती भी करें। मेरे हिसाब से रिश्ता अच्छा रखने का यही तरीका है। सवाल: कांची, शब्बीर को दूसरी एक्ट्रेस के साथ रोमांटिक सीन करते देखकर कभी जलन हुई है? जवाब/कांची: नहीं, बिल्कुल नहीं। पर्दे पर कई शादियां हो चुकी हैं। पता नहीं, कितने हनीमून भी हो चुके हैं। सवाल: शब्बीर, कांची को मनाने का आपका सबसे आजमाया हुआ तरीका क्या है? जवाब/शब्बीर: वह नाराज ही नहीं होतीं, इसलिए मुझे उन्हें मनाने की जरूरत नहीं पड़ती। अगर कभी नाराजगी हो भी, तो हम बात करके मामला खत्म कर लेते हैं। सवाल: आप दोनों की जोड़ी पर बॉलीवुड की किस फिल्म का टाइटल सबसे ज्यादा सूट करेगा? जवाब/शब्बीर: 'बंटी और बबली'। सवाल: ऐसा क्यों? जवाब/कांची: क्योंकि हम दोनों बहुत मस्तीखोर हैं। हम मन में आने वाली बातें करते हैं। हमें साथ में मस्ती करना बहुत पसंद है। सवाल: आप दोनों को एक-दूसरे का मूड खराब होने का कितनी जल्दी पता चलता है और उसे ठीक कैसे करते हैं? जवाब/कांची और शब्बीर: तुरंत पता चल जाता है। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं और पहले से अंदाजा होता है कि कौन-सी बात दूसरे का मूड खराब कर सकती है। सवाल: क्या आपमें से कोई झगड़ा खत्म होने के बाद भी मन में जवाब तैयार करता रहता है? जवाब/कांची और शब्बीर: नहीं, बिल्कुल नहीं। हम तो सीधे WWF करते हैं। सवाल: कांची, शब्बीर की कौन-सी खूबी आपके लिए सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग है? जवाब/कांची: मैं आज तक शब्बीर जैसा अच्छे दिल वाला इंसान से नहीं मिली। उनके मन में किसी के लिए नकारात्मक भावना नहीं रहती। कोई उनके साथ गलत भी करे, तो वह कहते हैं, जाने दो, छोड़ो। हम अपनी जिंदगी जीते हैं। वह किसी के प्रति नकारात्मकता नहीं रखते। यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। सवाल: शब्बीर, कांची की सबसे अच्छी खूबी क्या है? जवाब/शब्बीर: कांची के विचार स्पष्ट हैं। उनके लिए चीजें या तो सही होती हैं या गलत। उनके मन में कोई ग्रे जोन नहीं है। उनकी स्पष्ट सोच के साथ-साथ उनमें बहुत प्यार भी है। जो लोग कांची को नहीं जानते, उन्हें समझने में थोड़ा वक्त लग सकता है। लेकिन वह दिल की बहुत अच्छी हैं। उनका दिल सोने जैसा है। सवाल: अगर आपको एक-दूसरे को बॉलीवुड का किरदार देना हो, तो क्या देंगे? जवाब/कांची: मेरे लिए शब्बीर रॉकस्टार हैं। शब्बीर: मेरे लिए कांची अप्सरा हैं। सवाल: आप दोनों में ज्यादा फिल्मी, रोमांटिक और प्रैक्टिकल कौन है? जवाब/कांची और शब्बीर: कांची ज्यादा प्रैक्टिकल हैं। हम दोनों फिल्मी हैं, लेकिन अलग-अलग अंदाज में। हमारा फिल्मी अंदाज मस्तीभरा और मजाकिया है। हम खूब मस्ती करते हैं। हम बंटी और बबली जैसे हैं- एक-दूसरे से मिलते-जुलते भी हैं और अलग भी। सवाल: रोमांटिक कौन ज्यादा है? जवाब/कांची और शब्बीर: हम दोनों रोमांटिक हैं, लेकिन हमारे लिए रोमांस का मतलब अलग है। हम फूल देने या पारंपरिक तरीके से प्यार जताने में ज्यादा विश्वास नहीं करते। हमारे लिए ट्रैकिंग, डाइविंग, साथ खाना और खाना बनाना भी रोमांस है। हमारे रिश्ते में बातचीत और साथ बिताए पलों की अहमियत है। हम अपने तरीके से प्यार जताते हैं। सवाल: बॉलीवुड में आपका पसंदीदा आइडल कपल कौन है? जवाब/कांची और शब्बीर: रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा। वे हमारे अच्छे दोस्त भी हैं। सवाल: आपके फैंस आपके और आपके रिश्ते के बारे में काफी कुछ जानते हैं। क्या कोई ऐसा राज है, जो अब तक लोगों को नहीं पता और आप बताना चाहेंगे? जवाब/कांची और शब्बीर: इसके लिए आपको 'पति-पत्नी और पंगा' देखना होगा। शो में हमारे बारे में कई मजेदार बातें जानने को मिलेंगी।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/Yyco0mG
via IFTTT

शब्बीर अहलूवालिया के रोमांटिक सीन पर कांची ने ली चुटकी:बोलीं- कितनी शादियां और हनीमून हो चुके, अब जलन नहीं होती

टीवी और फिल्मों में शब्बीर अहलूवालिया अपनी रोमांटिक, माचो और रॉकस्टार इमेज के लिए मशहूर हैं। उनकी पत्नी कांची कौल खूबसूरती और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। दोनों करीब 18 साल से साथ हैं और अब कलर्स के शो ‘धमाल विद पति, पत्नी और पंगा सीजन 2’ में कंटेस्टेंट हैं। शो में दर्शकों को उनकी नोकझोंक, मस्ती और साथ बिताए पलों की झलक मिलेगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में शब्बीर और कांची ने कहा कि वे आइडल कपल कहलाने के बजाय अपनी असली केमिस्ट्री दिखाना चाहते हैं। उन्होंने एक-दूसरे की खूबियों, पहली मुलाकात, रोमांस के अंदाज और शो से जुड़े मजेदार किस्सों पर भी बात की। सवाल: शब्बीर भाई पर्दे पर अपनी रोमांटिक, माचो और रॉकस्टार इमेज के लिए मशहूर हैं। क्या असल जिंदगी में भी वे उतने ही हीरो हैं? कांची, आपके लिए घर का असली हीरो कौन है? जवाब/कांची: असल जिंदगी में भी शब्बीर वैसे ही हैं। मेरे लिए वे हमेशा एवरग्रीन रॉकस्टार रहेंगे। बाहर से जितने माचो दिखते हैं, अंदर से उतने ही सॉफ्ट और भावुक हैं। उनका दिल बहुत मुलायम है। भावनाएं जाहिर करने का उनका तरीका अलग है, लेकिन वे बहुत इमोशनल हैं। वे जिंदगी भी रॉकस्टार की तरह जीते हैं। सवाल: हमने हमेशा आप दोनों को आइडल कपल के तौर पर देखा है। 'पति, पत्नी और पंगा' में काफी मस्ती और नोकझोंक होती है। आप इस शो का हिस्सा बनने के लिए कैसे तैयार हुए? जवाब/शब्बीर: हमें आइडल कपल बनना पसंद नहीं है। हम चाहते हैं कि लोग हमें अनआइडल कपल के तौर पर देखें। कांची: हमें लगा कि दर्शकों ने अब तक हमारी जिंदगी का यह पहलू नहीं देखा है। मैं भी काफी समय बाद पर्दे पर नजर आ रही हूं। हमने पहले कभी साथ काम नहीं किया था। हमने सोचा कि अपनी असली केमिस्ट्री और रोजमर्रा की नोकझोंक दर्शकों से साझा करने का यह अच्छा मौका है। हम अपनी मस्तीभरी जिंदगी की कुछ झलकियां भी दिखाना चाहते थे। सवाल: शब्बीर, आप दोनों को इस शो में साथ आने का फैसला कैसे सही लगा? जवाब/शब्बीर: हमने शो का पहला सीजन देखा था और हमें बहुत मजा आया था। सभी कपल्स इसे खूब एंजॉय कर रहे थे। हम 18 साल से साथ हैं, लेकिन कभी किसी शो में साथ काम नहीं किया था। इसलिए हमें लगा कि यह अच्छा मौका है। यह मजेदार शो विवादों के बजाय कपल्स और उनके रिश्तों पर ध्यान देता है। यह अच्छी बात है। यह साफ-सुथरा मनोरंजन है, जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सकता है। दर्शकों को भरोसा रहेगा कि इसमें कुछ गलत नहीं दिखाया जाएगा। कांची: हर शादी और रिश्ता अलग होता है। शो में सभी कपल्स की अपनी कहानी है। दर्शक किसी न किसी कपल या उसके रिश्ते से जुड़ी घटना में खुद को देख पाएंगे। शादीशुदा जिंदगी की छोटी-छोटी बातें ही शो को मजेदार बनाती हैं। सवाल: शो की शूटिंग के दौरान कोई ऐसा मजेदार किस्सा हुआ, जिससे आपको एक-दूसरे के बारे में कुछ नया पता चला हो? जवाब/शब्बीर: मजेदार किस्से बहुत हुए हैं। कई बार हम उन घटनाओं का हिस्सा बनने के बजाय वहां हो रही हंसी-मजाक का आनंद ले रहे थे। हम उनके बारे में ज्यादा नहीं बता सकते, क्योंकि वे शो के खास हिस्से और एपिसोड के हाई पॉइंट्स हैं। कांची: बिल्कुल, ऐसे कई किस्से हुए हैं। यही वजह है कि दर्शकों को शो देखना चाहिए। अगर हम अभी सारे मजेदार किस्से बता देंगे, तो देखने के लिए क्या बचेगा! सवाल: आपके लिए तो आप दोनों ही सबसे अच्छे कपल हैं, लेकिन शो में आपके अलावा कौन-सा कपल सबसे दिलचस्प लगा? जवाब/कांची: सभी कपल्स दिलचस्प हैं और एक-दूसरे से काफी अलग हैं। उनकी नोकझोंक, व्यवहार और शादीशुदा जिंदगी जीने का तरीका भी अलग है। यही विविधता शो को खास बनाती है। शब्बीर: कई बार शूटिंग के दौरान शो का हिस्सा होने के बावजूद हम दर्शक बन जाते हैं। दूसरे कपल्स की नोकझोंक का आनंद लेने लगते हैं। तब लगता है कि शो अच्छा बन रहा है और दर्शकों को भी इसे देखने में मजा आएगा। जब हमें शूटिंग में इतना मजा आता है, तो घर पर देखने वाले दर्शक भी इसे एंजॉय करेंगे। सवाल: पहली बार एक-दूसरे को देखकर क्या इंप्रेशन बना था? जवाब/शब्बीर: मेरा पहला इंप्रेशन जबरदस्त था। कांची को पहली बार देखकर मेरे मुंह से निकला, 'ओह माय गॉड! ये कितनी खूबसूरत हैं!' धीरे-धीरे पता चला कि वे खूबसूरत होने के साथ समझदार भी हैं। मेरे लिए यह सोने पर सुहागा था। कांची: उन्हें देखकर मेरा इंप्रेशन बहुत तगड़ा था। मैंने सोचा था कि ये कितने हॉट हैं! आज भी उन्हें देखकर या उनसे मिलकर मेरा इंप्रेशन वही रहता है। उनके लुक के साथ-साथ उनका मजबूत व्यक्तित्व भी मुझे पसंद आया। वे अंदर से भी बहुत मजबूत हैं। सवाल: आप दोनों में पहले किसने प्रपोज किया और दूसरे को कैसे मनाया? जवाब/शब्बीर: मैंने ही पहले प्रपोज किया था। हम अच्छे दोस्त बने और किसी भी विषय पर बात करने में झिझकते नहीं थे। उन्हीं बातचीत के दौरान हमारा रिश्ता आगे बढ़ता गया। सवाल: आजकल सोशल मीडिया पर परफेक्ट कपल दिखने का दबाव रहता है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब/शब्बीर: यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप दूसरों को क्या दिखाना चाहते हैं। मेरे हिसाब से परफेक्ट कपल की कोई एक परिभाषा नहीं है। हर रिश्ते में वही चीजें मायने रखती हैं, जो उस कपल के लिए सही हों। कांची: अगर आप सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए रिश्ता निभाते हैं, तो वह आदर्श रिश्ता नहीं है। असल जिंदगी में दो लोगों के व्यक्तित्व अलग होते हैं। लेकिन हर परिस्थिति में टीम की तरह साथ चलना ही रिश्ते की खूबसूरती है। नोक-झोंक हो या मस्ती, एक-दूसरे का साथ देना जरूरी है। शब्बीर: बिल्कुल। कोई कपल दिनभर झगड़ता है, तो कोई बिल्कुल नहीं। दोनों के रिश्ते अपने तरीके से खूबसूरत हो सकते हैं। कहीं नोक-झोंक में प्यार होता है, तो कहीं खामोशी भी बहुत कुछ कह देती है। हर कपल का रिश्ता अलग होता है। सवाल: इतने साल की शादी के बाद, रिश्ता खूबसूरत बनाए रखने के लिए आप क्या सलाह देंगे? जवाब/शब्बीर: मेरी सलाह है कि जिसके साथ आप हैं, उसके साथ वक्त बिताने में मजा आना चाहिए। साथ समय बिताते हुए पता ही न चले कि वक्त कब बीत गया। कांची: जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। हर परिस्थिति का सामना टीम की तरह करने से असहमति के बावजूद रिश्ता मजबूत रहता है। एक-दूसरे का सम्मान करना जरूरी है। कई बार साथी से ऐसी बात कहनी पड़ सकती है, जो उसे पसंद न आए। लेकिन बात सही तरीके से और सम्मान के साथ कहने से चीजें आसान हो जाती हैं। रिश्ते में सम्मान बनाए रखें और खूब मस्ती भी करें। मेरे हिसाब से रिश्ता अच्छा रखने का यही तरीका है। सवाल: कांची, शब्बीर को दूसरी एक्ट्रेस के साथ रोमांटिक सीन करते देखकर कभी जलन हुई है? जवाब/कांची: नहीं, बिल्कुल नहीं। पर्दे पर कई शादियां हो चुकी हैं। पता नहीं, कितने हनीमून भी हो चुके हैं। सवाल: शब्बीर, कांची को मनाने का आपका सबसे आजमाया हुआ तरीका क्या है? जवाब/शब्बीर: वह नाराज ही नहीं होतीं, इसलिए मुझे उन्हें मनाने की जरूरत नहीं पड़ती। अगर कभी नाराजगी हो भी, तो हम बात करके मामला खत्म कर लेते हैं। सवाल: आप दोनों की जोड़ी पर बॉलीवुड की किस फिल्म का टाइटल सबसे ज्यादा सूट करेगा? जवाब/शब्बीर: 'बंटी और बबली'। सवाल: ऐसा क्यों? जवाब/कांची: क्योंकि हम दोनों बहुत मस्तीखोर हैं। हम मन में आने वाली बातें करते हैं। हमें साथ में मस्ती करना बहुत पसंद है। सवाल: आप दोनों को एक-दूसरे का मूड खराब होने का कितनी जल्दी पता चलता है और उसे ठीक कैसे करते हैं? जवाब/कांची और शब्बीर: तुरंत पता चल जाता है। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं और पहले से अंदाजा होता है कि कौन-सी बात दूसरे का मूड खराब कर सकती है। सवाल: क्या आपमें से कोई झगड़ा खत्म होने के बाद भी मन में जवाब तैयार करता रहता है? जवाब/कांची और शब्बीर: नहीं, बिल्कुल नहीं। हम तो सीधे WWF करते हैं। सवाल: कांची, शब्बीर की कौन-सी खूबी आपके लिए सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग है? जवाब/कांची: मैं आज तक शब्बीर जैसा अच्छे दिल वाला इंसान से नहीं मिली। उनके मन में किसी के लिए नकारात्मक भावना नहीं रहती। कोई उनके साथ गलत भी करे, तो वह कहते हैं, जाने दो, छोड़ो। हम अपनी जिंदगी जीते हैं। वह किसी के प्रति नकारात्मकता नहीं रखते। यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। सवाल: शब्बीर, कांची की सबसे अच्छी खूबी क्या है? जवाब/शब्बीर: कांची के विचार स्पष्ट हैं। उनके लिए चीजें या तो सही होती हैं या गलत। उनके मन में कोई ग्रे जोन नहीं है। उनकी स्पष्ट सोच के साथ-साथ उनमें बहुत प्यार भी है। जो लोग कांची को नहीं जानते, उन्हें समझने में थोड़ा वक्त लग सकता है। लेकिन वह दिल की बहुत अच्छी हैं। उनका दिल सोने जैसा है। सवाल: अगर आपको एक-दूसरे को बॉलीवुड का किरदार देना हो, तो क्या देंगे? जवाब/कांची: मेरे लिए शब्बीर रॉकस्टार हैं। शब्बीर: मेरे लिए कांची अप्सरा हैं। सवाल: आप दोनों में ज्यादा फिल्मी, रोमांटिक और प्रैक्टिकल कौन है? जवाब/कांची और शब्बीर: कांची ज्यादा प्रैक्टिकल हैं। हम दोनों फिल्मी हैं, लेकिन अलग-अलग अंदाज में। हमारा फिल्मी अंदाज मस्तीभरा और मजाकिया है। हम खूब मस्ती करते हैं। हम बंटी और बबली जैसे हैं- एक-दूसरे से मिलते-जुलते भी हैं और अलग भी। सवाल: रोमांटिक कौन ज्यादा है? जवाब/कांची और शब्बीर: हम दोनों रोमांटिक हैं, लेकिन हमारे लिए रोमांस का मतलब अलग है। हम फूल देने या पारंपरिक तरीके से प्यार जताने में ज्यादा विश्वास नहीं करते। हमारे लिए ट्रैकिंग, डाइविंग, साथ खाना और खाना बनाना भी रोमांस है। हमारे रिश्ते में बातचीत और साथ बिताए पलों की अहमियत है। हम अपने तरीके से प्यार जताते हैं। सवाल: बॉलीवुड में आपका पसंदीदा आइडल कपल कौन है? जवाब/कांची और शब्बीर: रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा। वे हमारे अच्छे दोस्त भी हैं। सवाल: आपके फैंस आपके और आपके रिश्ते के बारे में काफी कुछ जानते हैं। क्या कोई ऐसा राज है, जो अब तक लोगों को नहीं पता और आप बताना चाहेंगे? जवाब/कांची और शब्बीर: इसके लिए आपको 'पति-पत्नी और पंगा' देखना होगा। शो में हमारे बारे में कई मजेदार बातें जानने को मिलेंगी।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/6wVEYPT
via IFTTT

Saturday, 17 October 2026

Gold earrings found child’s grave in Bulgaria

A pair of polyhedral gold earrings and a 3rd century Roman coin have been discovered in a child’s grave in Stara Zagora, central Bulgaria.

The child’s grave is oriented with the head pointing west and the feet east. The pair of gold earrings and one coin were the only grave goods. The coin in an Antoninian of Emperor Aurelian, minted in Serdica in 274-275 A.D. The grave dates to this time.

The child’s identity and circumstances of death remain unknown. The presence of gold jewelry suggests that valuable personal possessions accompanied the burial, although it is not enough to establish the family’s social standing.

The coin raises another interesting possibility. The coin may also have held a meaning beyond its monetary value. In ancient Greek and Roman funerary traditions, coins were sometimes placed with the deceased as payment to Charon, the mythical ferryman who carried souls to the underworld. Although its purpose in this particular burial remains unknown, the coin may reflect beliefs surrounding death and the journey into the afterlife.

Evidence of human settlements in the Stara Zagora area go back 8,000 years, but the first town was founded by Philip II of Macedon in the 5th-4th century B.C. The necropolis where the child’s grave was found was in use from the late 2nd through the 5th centuries. It contains 135 burials of several different types of graves: burial pits with cremated remains, covered with tegulae (roof tiles), covered with bricks, covered with stone slabs, uncovered and more. Most of them are inhumation burials.



* This article was originally published here

Nandy 'minded to intervene' in Sky's £1.6bn takeover of ITV entertainment arm

The culture secretary says the deal could affect free expression in the media and the variety of Britain's news landscape.

from BBC News https://ift.tt/djsOIHW

Friday, 16 October 2026

4,700-year-old amphorae found off coast of Turkey

An underwater excavation at Kekova island on the Mediterranean coast of Turkey has uncovered amphorae between 4,400 to 4,700 years old, dating back to the Early Bronze Age. Maritime archaeologists believe this is the surviving cargo of the world’s oldest shipwreck.

The wooden ship has not survived in the warm waters of the Mediterranean, but 30 of the large storage containers that held its cargo have. Some of them still contain traces of what was inside of them. The pattern of spread indicates the ship was about 10 meters (33 feet) long. Three stone anchors were also found.

Analysis of the clay in the amphorae revealed that they were manufactured in the Jordan Valley. Comparable examples have been found in Egypt, Troy and Crete, artifacts of the impressive range of the trade networks in the eastern Mediterranean.

One of the amphorae is notable for its design. The vessel has nine markings and two holes on its body. Archaeologists hypothesize that it may have been used to make cheese or churn butter. If that’s true, it suggests sailors may have made food on board ship, not just transported the finished consumer goods.

Dr Karin Sowada, an archaeologist from Macquarie University, Australia, examined the amphorae after they were recovered. Some were intact and she was surprised to see they still contained a viscous, glossy residue.

“I looked inside and nearly fainted. I could not believe how much [residue] was visible. It wasn’t just like spots…. a lot of this material was still remaining,” she said.

The team is now working to find out exactly what was being carried in the amphorae.

“It could be olive oil, it could be wine, it could be tree resins,” Sowada said.

“It’s possible that [the residue] could actually be the result of reuse of the jars. I mean, these jars are huge – they’re not things that you just ship away and then never see again. People would have emptied these jars on arrival and potentially used them for many, many, many years.”

The artifacts that have been recovered from the wreck site are now being studies and conserved. They will eventually be put on display at the new Mediterranean Underwater Archaeology Museum in Antalya which is scheduled to open to the public over the next few months.



* This article was originally published here