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ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

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'बिरयानी के 370 वसूलूंगा' कहने वाले शख्स की नौकरी गई:प्राणित मोरे के शो की क्लिप वायरल होने के बाद कंपनी का एक्शन

22 साल के वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा को गुरुग्राम स्थित कंपनी स्टारविक डिजाइन से नौकरी से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो में उनकी महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी पर हुए विरोध के बाद की गई। यह विवाद स्टैंड-अप कॉमेडियन प्राणित मोरे के गुरुग्राम में लाइव क्राउड-वर्क कॉमेडी शो के दौरान शुरू हुआ। शो में बातचीत के दौरान जांगड़ा ने एक डेटिंग अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक महिला पर करीब ₹360–₹370 की चिकन बिरयानी का खर्च किया था। उन्होंने यह भी कहा कि जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो उन्हें अपने खर्च की भरपाई के रूप में फिजिकल इंटिमेसी की उम्मीद थी। इस कमेंट पर प्राणित मोरे ने शुरुआत में हंसते हुए इसे “पीक गुरुग्राम कंटेंट” बताया और उन्हें मजाकिया होने पर इनाम राशि भी दी। कार्यक्रम का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर विरोध इंस्टाग्राम और एक्स सहित कई प्लेटफॉर्म पर लोगों ने जांगड़ा के कमेंट की आलोचना की। विरोध बढ़ने के बाद प्राणित मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। स्टारविक डिजाइन ने इस मामले में जांगड़ा पर एक्शन लेते हुए उन्हें नौकरी से निकाल दिया। कंपनी के फाउंडर विवेक विश्वकर्मा ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा, "पिछले 24 घंटों में मुझे हमारे एक कर्मचारी हिमांशु जांगड़ा को लेकर सैकड़ों मैसेज, ईमेल और फोन कॉल आए हैं। आप सभी की तरह मैंने भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप्स देखे हैं। मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि उन वीडियो में दिखाई गई बातें आपत्तिजनक हैं। मैं उन बातों से सहमत नहीं हूं। हमारी कंपनी भी ऐसे विचारों का समर्थन नहीं करती और न ही हम चाहते हैं कि ऐसी बातें युवाओं को प्रभावित करें।" उन्होंने आगे बताया, "हमने अपनी टीम, खासकर महिला कर्मचारियों से भी बात की। ऑफिस में हिमांशु के व्यवहार का रिव्यू किया और कई जरूरी सवाल पूछे, लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि हमें उसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली। टीम के लोगों ने उसे प्रोफेशनल, सम्मानजनक, मेहनती और अच्छे व्यवहार वाला कर्मचारी बताया।" उन्होंने कहा, "लेकिन वर्कप्लेस के बाहर हुई इस घटना का असर अब वर्कप्लेस पर भी पड़ रहा है। कंपनी, कर्मचारियों, ग्राहकों और यहां के माहौल के प्रति मेरी जिम्मेदारी है। इसलिए हमने हिमांशु से अलग होने का फैसला किया है।" विवेक विश्वकर्मा ने यह भी कहा कि गलतियों के नतीजे होते हैं, लेकिन समय के साथ युवा डेवलपर्स को सीखने, खुद को समझने और आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए।

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सलमान की छवि बिगाड़ने की कोशिश:एक्टर सोनू मिश्रा बोले- इसलिए फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ी, अब धमकियां मिल रही हैं

‘आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है…’ 14 अप्रैल को आए एक फोन कॉल से अभिनेता सोनू मिश्रा को लगा कि उनके करियर का बड़ा मोड़ आने वाला है। जल्दबाजी में टिकट भेजी गई, शूट के लिए यूपी बुलाया गया और बताया गया कि फिल्म एक बड़े सुपरस्टार से जुड़ी है। लेकिन सेट पर पहुंचने के बाद चीजें वैसी नहीं निकलीं जैसी उन्हें समझाई गई थीं। स्क्रिप्ट नहीं मिली, एग्रीमेंट नहीं हुआ और कहानी को लेकर सवाल बढ़ते गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनू मिश्रा ने बताया कि उन्होंने बीच में ही फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ने का फैसला क्यों लिया और इस विवाद के पीछे क्या हुआ। फोन आया और कहा गया- आपकी लाइफ का सबसे बड़ा किरदार है सोनू मिश्रा बताते हैं कि 14 अप्रैल को उन्हें अचानक फोन आया। उस वक्त वह एक बड़े प्रोजेक्ट की मीटिंग में थे। कॉल करने वालों ने कहा कि 16 तारीख को फ्री रहिए, आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है। पहले उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। सिर्फ इतना बताया गया कि एक सुपरस्टार पर फिल्म बन रही है। सोनू के मुताबिक, वह पहले भी सलमान खान के साथ काम कर चुके थे, इसलिए उन्हें लगा कि यह उनके करियर का बड़ा मौका हो सकता है। जल्दी-जल्दी बुलाया गया, टिकट के पैसे भेजे और सीधे शूटिंग पर पहुंचे सोनू के मुताबिक, उन्हें कहा गया कि शूट बहुत तेजी से करना है और अगले ही दिन यूपी पहुंचना होगा। उन्हें टोकन मनी भेजी गई, जिससे फ्लाइट टिकट बुक हुई। मुंबई से दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से शूटिंग लोकेशन पहुंचाया गया। उनका कहना है कि शुरुआत से सब कुछ जल्दबाजी में हो रहा था। लीड रोल था, लेकिन न स्क्रिप्ट मिली, न एग्रीमेंट सोनू कहते हैं कि जब वह सेट पर पहुंचे, तब भी उन्हें किरदार की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कई बार पूछा कि स्क्रिप्ट कहां है और एग्रीमेंट कब होगा। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में इतने साल काम करने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि लीड रोल होने के बावजूद कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं हुई। कोर्टरूम सीन करते-करते मुझे लगा मामला कुछ और है सोनू मिश्रा के मुताबिक, शूटिंग के पहले दिन ज्यादातर हिस्सा कोर्टरूम सेटअप में फिल्माया जा रहा था। उनका दावा है कि उन्हें जिस किरदार के लिए बुलाया गया था, वह एक ऐसे व्यक्ति का था, जो कोर्ट के अंदर कटघरे जैसे माहौल में खड़ा दिखाया जा रहा था। सोनू कहते हैं कि शुरुआत में उन्हें बताया गया था कि फिल्म एक घटना और उससे जुड़े पहलुओं पर आधारित होगी, लेकिन शूट के दौरान डायलॉग और सीन देखकर उन्हें लगा कि फिल्म सिर्फ घटनाओं का रीक्रिएशन नहीं कर रही थी। उनके मुताबिक, कोर्टरूम वाले हिस्सों में वकीलों की बहस, आरोपों वाले संवाद और किरदार पर सवाल उठाने वाले सीन शूट किए जा रहे थे। सोनू का दावा है कि उन्हें लगा कि कहानी में एक पक्ष ज्यादा मजबूत तरीके से सामने आ रहा है। सोनू कहते हैं कि उन्हें इसी दौरान पहली बार महसूस हुआ कि जिस तरह प्रोजेक्ट समझाकर बुलाया गया था और सेट पर जो शूट हो रहा था, दोनों में अंतर है। उनके अनुसार, उसी दिन उन्होंने टीम से स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट मांगा, ताकि पूरी कहानी समझ सकें। लेकिन उन्हें कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाद में बाकी चीजें पूरी कर ली जाएंगी। सोनू का कहना है कि पहले दिन के शूट के बाद उनके मन में सवाल उठने लगे और दूसरे दिन तक उन्होंने तय कर लिया कि बिना पूरी स्पष्टता के वह इस फिल्म का हिस्सा आगे नहीं बनना चाहते। दूसरे दिन लगा कि मुझे पूरी बात नहीं बताई गई सोनू मिश्रा बताते हैं कि पहले दिन के बाद उनके मन में कई सवाल थे। इसलिए दूसरे दिन वह इस उम्मीद के साथ सेट पर पहुंचे कि अब उन्हें स्क्रिप्ट, एग्रीमेंट और कहानी की पूरी दिशा समझाई जाएगी। उनके मुताबिक, दूसरे दिन भी शूटिंग जारी रही, लेकिन चीजें पहले दिन जैसी ही रहीं। उन्होंने दोबारा टीम से पूछा कि फिल्म की कहानी क्या है, किरदार किस दिशा में जा रहा है और आधिकारिक प्रक्रिया कब पूरी होगी। सोनू का दावा है कि उन्हें लगातार यही कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाकी औपचारिकताएं बाद में पूरी कर ली जाएंगी। उनके मुताबिक, इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि फिल्म का नैरेटिव उस तरह नहीं जा रहा था, जैसा शुरुआत में समझाया गया था। सोनू कहते हैं कि दूसरे दिन तक उन्हें लगने लगा था कि वह पूरी जानकारी के साथ इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बने हैं। उनके मुताबिक, कहानी, शूट और बातचीत- तीनों में उन्हें स्पष्टता नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने मन बना लिया था कि अगर स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट के जरिए पूरी तस्वीर साफ नहीं की गई, तो वह आगे फिल्म का हिस्सा नहीं बनेंगे। हालांकि उस समय उन्होंने तुरंत फिल्म छोड़ने की घोषणा नहीं की। उनके मुताबिक, वह प्रोफेशनल तरीके से चीजों को मौका देना चाहते थे और इंतजार कर रहे थे कि शायद आगे चीजें स्पष्ट हो जाएं। लेकिन दूसरे दिन तक उन्होंने लगभग तय कर लिया था कि वह इस प्रोजेक्ट से बाहर निकल जाएंगे। एग्रीमेंट दिखाया गया, यहीं सबसे बड़ा झटका लगा सोनू बताते हैं कि कुछ दिनों बाद मेकर्स से मुलाकात हुई। उन्हें लगा कि अब औपचारिक तरीके से आगे बढ़ेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, एग्रीमेंट में प्रमोशन से जुड़ी कुछ शर्तें थीं, जिनसे वह सहमत नहीं थे। “मैंने वहीं एग्रीमेंट फाड़ दिया।” सोनू कहते हैं कि उन्होंने उसी वक्त साफ कर दिया कि वह इस तरीके से काम नहीं करेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने वहीं फिल्म छोड़ने का फैसला ले लिया। वॉइस नोट में सलमान का नाम लेकर कही गई बात, फिर लीगल एक्शन की चेतावनी सोनू मिश्रा ने इंटरव्यू में दावा किया कि फिल्म छोड़ने और मीडिया में अपनी बात रखने के बाद उन्हें एक वॉइस नोट मिला। सोनू के मुताबिक, उन्होंने सिर्फ इतना पूछा था कि शूट किए गए दिनों का भुगतान कब मिलेगा। उनका दावा है कि जवाब में उन्हें कहा गया कि अब उनसे सीधे बात नहीं की जाएगी और आगे लीगल टीम संपर्क करेगी। सोनू ने यह भी दावा किया कि वॉइस नोट में सलमान खान का नाम लेते हुए कहा गया कि अगर वह सलमान खान के साथ भी खड़े हो जाएं, तब भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। सोनू के मुताबिक, बातचीत में यह भी कहा गया कि उन्होंने बिना अनुमति शूट से जुड़ी चीजें सोशल मीडिया पर शेयर कीं और मीडिया में बातें रखीं, जिस पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, सोनू का कहना है कि उनका उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं था। वह सिर्फ अपना पक्ष और बकाया भुगतान को लेकर जवाब चाहते थे। सलमान खान की टीम का नोटिस: कब आया, किसे मिला और मेकर्स ने इसे कब दिखाया? सोनू मिश्रा ने इंटरव्यू में दावा किया कि जिस लीगल नोटिस को बाद में फिल्म के प्रमोशन के दौरान चर्चा में लाया गया, उसकी टाइमिंग और प्रस्तुति को लेकर सवाल हैं। उनके मुताबिक, यह नोटिस 24 अप्रैल को फ्रीलांस कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे के पास पहुंचा था। सोनू का कहना है कि अक्षय पांडे फिल्म के लिए अलग-अलग कलाकारों से संपर्क कर रहे थे, लेकिन वह मेकर्स की टीम के साथ किसी औपचारिक एग्रीमेंट के तहत नहीं जुड़े थे। फिल्म की जानकारी बाहर कैसे पहुंची? सोनू के मुताबिक, कास्टिंग के दौरान कई एक्टर्स से संपर्क किया गया। इसी प्रक्रिया में इंडस्ट्री के कुछ लोगों तक यह जानकारी पहुंची कि एक ऐसी फिल्म बन रही है, जो ‘काला हिरण’ केस और सलमान खान के संदर्भ से जुड़ी बताई जा रही है। सोनू का दावा है कि इसी दौरान यह जानकारी सलमान खान की टीम तक भी पहुंची। नोटिस में क्या कहा गया था? सोनू के मुताबिक, नोटिस का स्वर सीधे धमकी वाला नहीं था। उनके दावे के अनुसार, नोटिस में कहा गया था कि जिस विषय पर फिल्म बनाई जा रही है, उससे जुड़ा मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है। अगर किसी व्यक्ति की छवि या व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाली सामग्री बनाई जाती है, तो कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा जा सकता है। सोनू का कहना है कि नोटिस का फोकस यही था कि मामला संवेदनशील है और किसी निष्कर्षात्मक प्रस्तुति से बचना चाहिए। मेकर्स ने नोटिस कब सार्वजनिक किया? सोनू के मुताबिक, जिस नोटिस को बाद में सार्वजनिक रूप से दिखाया गया, वह नोटिस मिलने के काफी समय बाद सामने लाया गया। उनका दावा है कि नोटिस 24 अप्रैल का था, लेकिन इसे फिल्म के पोस्टर लॉन्च और चर्चा शुरू होने के बाद सामने रखा गया। सोनू सवाल उठाते हैं कि अगर नोटिस इतना महत्वपूर्ण था, तो उसे उसी समय सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। नोटिस को लेकर अलग नैरेटिव बनाया गया सोनू का कहना है कि बाद में आम लोगों के बीच यह धारणा बनी कि नोटिस सीधे फिल्म या कलाकारों को रोकने के लिए आया था। जबकि उनके मुताबिक, नोटिस की वास्तविक स्थिति और समयरेखा को समझना जरूरी है। ___________________________________ इस फिल्म से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.. फिल्म काला हिरण को लेकर एक्टर सोनू मिश्रा का दावा:सलमान को एकतरफा टारगेट किया जा रहा था; इसलिए बीच में फिल्म छोड़ी फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर एक्टर सोनू मिश्रा ने दावा किया है कि फिल्म में सलमान खान का किरदार निभाने के लिए पहले उन्हें चुना गया था, लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही प्रोजेक्ट छोड़ दिया।पूरी खबर पढ़ें..

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सलमान की छवि बिगाड़ने की कोशिश:एक्टर सोनू मिश्रा बोले- इसलिए फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ी, अब धमकियां मिल रही हैं

‘आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है…’ 14 अप्रैल को आए एक फोन कॉल से अभिनेता सोनू मिश्रा को लगा कि उनके करियर का बड़ा मोड़ आने वाला है। जल्दबाजी में टिकट भेजी गई, शूट के लिए यूपी बुलाया गया और बताया गया कि फिल्म एक बड़े सुपरस्टार से जुड़ी है। लेकिन सेट पर पहुंचने के बाद चीजें वैसी नहीं निकलीं जैसी उन्हें समझाई गई थीं। स्क्रिप्ट नहीं मिली, एग्रीमेंट नहीं हुआ और कहानी को लेकर सवाल बढ़ते गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनू मिश्रा ने बताया कि उन्होंने बीच में ही फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ने का फैसला क्यों लिया और इस विवाद के पीछे क्या हुआ। फोन आया और कहा गया- आपकी लाइफ का सबसे बड़ा किरदार है सोनू मिश्रा बताते हैं कि 14 अप्रैल को उन्हें अचानक फोन आया। उस वक्त वह एक बड़े प्रोजेक्ट की मीटिंग में थे। कॉल करने वालों ने कहा कि 16 तारीख को फ्री रहिए, आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है। पहले उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। सिर्फ इतना बताया गया कि एक सुपरस्टार पर फिल्म बन रही है। सोनू के मुताबिक, वह पहले भी सलमान खान के साथ काम कर चुके थे, इसलिए उन्हें लगा कि यह उनके करियर का बड़ा मौका हो सकता है। जल्दी-जल्दी बुलाया गया, टिकट के पैसे भेजे और सीधे शूटिंग पर पहुंचे सोनू के मुताबिक, उन्हें कहा गया कि शूट बहुत तेजी से करना है और अगले ही दिन यूपी पहुंचना होगा। उन्हें टोकन मनी भेजी गई, जिससे फ्लाइट टिकट बुक हुई। मुंबई से दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से शूटिंग लोकेशन पहुंचाया गया। उनका कहना है कि शुरुआत से सब कुछ जल्दबाजी में हो रहा था। लीड रोल था, लेकिन न स्क्रिप्ट मिली, न एग्रीमेंट सोनू कहते हैं कि जब वह सेट पर पहुंचे, तब भी उन्हें किरदार की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कई बार पूछा कि स्क्रिप्ट कहां है और एग्रीमेंट कब होगा। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में इतने साल काम करने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि लीड रोल होने के बावजूद कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं हुई। कोर्टरूम सीन करते-करते मुझे लगा मामला कुछ और है सोनू मिश्रा के मुताबिक, शूटिंग के पहले दिन ज्यादातर हिस्सा कोर्टरूम सेटअप में फिल्माया जा रहा था। उनका दावा है कि उन्हें जिस किरदार के लिए बुलाया गया था, वह एक ऐसे व्यक्ति का था, जो कोर्ट के अंदर कटघरे जैसे माहौल में खड़ा दिखाया जा रहा था। सोनू कहते हैं कि शुरुआत में उन्हें बताया गया था कि फिल्म एक घटना और उससे जुड़े पहलुओं पर आधारित होगी, लेकिन शूट के दौरान डायलॉग और सीन देखकर उन्हें लगा कि फिल्म सिर्फ घटनाओं का रीक्रिएशन नहीं कर रही थी। उनके मुताबिक, कोर्टरूम वाले हिस्सों में वकीलों की बहस, आरोपों वाले संवाद और किरदार पर सवाल उठाने वाले सीन शूट किए जा रहे थे। सोनू का दावा है कि उन्हें लगा कि कहानी में एक पक्ष ज्यादा मजबूत तरीके से सामने आ रहा है। सोनू कहते हैं कि उन्हें इसी दौरान पहली बार महसूस हुआ कि जिस तरह प्रोजेक्ट समझाकर बुलाया गया था और सेट पर जो शूट हो रहा था, दोनों में अंतर है। उनके अनुसार, उसी दिन उन्होंने टीम से स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट मांगा, ताकि पूरी कहानी समझ सकें। लेकिन उन्हें कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाद में बाकी चीजें पूरी कर ली जाएंगी। सोनू का कहना है कि पहले दिन के शूट के बाद उनके मन में सवाल उठने लगे और दूसरे दिन तक उन्होंने तय कर लिया कि बिना पूरी स्पष्टता के वह इस फिल्म का हिस्सा आगे नहीं बनना चाहते। दूसरे दिन लगा कि मुझे पूरी बात नहीं बताई गई सोनू मिश्रा बताते हैं कि पहले दिन के बाद उनके मन में कई सवाल थे। इसलिए दूसरे दिन वह इस उम्मीद के साथ सेट पर पहुंचे कि अब उन्हें स्क्रिप्ट, एग्रीमेंट और कहानी की पूरी दिशा समझाई जाएगी। उनके मुताबिक, दूसरे दिन भी शूटिंग जारी रही, लेकिन चीजें पहले दिन जैसी ही रहीं। उन्होंने दोबारा टीम से पूछा कि फिल्म की कहानी क्या है, किरदार किस दिशा में जा रहा है और आधिकारिक प्रक्रिया कब पूरी होगी। सोनू का दावा है कि उन्हें लगातार यही कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाकी औपचारिकताएं बाद में पूरी कर ली जाएंगी। उनके मुताबिक, इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि फिल्म का नैरेटिव उस तरह नहीं जा रहा था, जैसा शुरुआत में समझाया गया था। सोनू कहते हैं कि दूसरे दिन तक उन्हें लगने लगा था कि वह पूरी जानकारी के साथ इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बने हैं। उनके मुताबिक, कहानी, शूट और बातचीत- तीनों में उन्हें स्पष्टता नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने मन बना लिया था कि अगर स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट के जरिए पूरी तस्वीर साफ नहीं की गई, तो वह आगे फिल्म का हिस्सा नहीं बनेंगे। हालांकि उस समय उन्होंने तुरंत फिल्म छोड़ने की घोषणा नहीं की। उनके मुताबिक, वह प्रोफेशनल 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नोट में सलमान खान का नाम लेते हुए कहा गया कि अगर वह सलमान खान के साथ भी खड़े हो जाएं, तब भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। सोनू के मुताबिक, बातचीत में यह भी कहा गया कि उन्होंने बिना अनुमति शूट से जुड़ी चीजें सोशल मीडिया पर शेयर कीं और मीडिया में बातें रखीं, जिस पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, सोनू का कहना है कि उनका उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं था। वह सिर्फ अपना पक्ष और बकाया भुगतान को लेकर जवाब चाहते थे। सलमान खान की टीम का नोटिस: कब आया, किसे मिला और मेकर्स ने इसे कब दिखाया? सोनू मिश्रा ने इंटरव्यू में दावा किया कि जिस लीगल नोटिस को बाद में फिल्म के प्रमोशन के दौरान चर्चा में लाया गया, उसकी टाइमिंग और प्रस्तुति को लेकर सवाल हैं। उनके मुताबिक, यह नोटिस 24 अप्रैल को फ्रीलांस कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे के पास पहुंचा था। सोनू का कहना है कि अक्षय पांडे फिल्म के लिए अलग-अलग कलाकारों से संपर्क कर रहे थे, लेकिन वह मेकर्स की टीम के साथ किसी औपचारिक एग्रीमेंट के तहत नहीं जुड़े थे। फिल्म की जानकारी बाहर कैसे पहुंची? सोनू के मुताबिक, कास्टिंग के दौरान कई एक्टर्स से संपर्क किया गया। इसी प्रक्रिया में इंडस्ट्री के कुछ लोगों तक यह जानकारी पहुंची कि एक ऐसी फिल्म बन रही है, जो ‘काला हिरण’ केस और सलमान खान के संदर्भ से जुड़ी बताई जा रही है। सोनू का दावा है कि इसी दौरान यह जानकारी सलमान खान की टीम तक भी पहुंची। नोटिस में क्या कहा गया था? सोनू के मुताबिक, नोटिस का स्वर सीधे धमकी वाला नहीं था। उनके दावे के अनुसार, नोटिस में कहा गया था कि जिस विषय पर फिल्म बनाई जा रही है, उससे जुड़ा मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है। अगर किसी व्यक्ति की छवि या व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाली सामग्री बनाई जाती है, तो कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा जा सकता है। सोनू का कहना है कि नोटिस का फोकस यही था कि मामला संवेदनशील है और किसी निष्कर्षात्मक प्रस्तुति से बचना चाहिए। मेकर्स ने नोटिस कब सार्वजनिक किया? सोनू के मुताबिक, जिस नोटिस को बाद में सार्वजनिक रूप से दिखाया गया, वह नोटिस मिलने के काफी समय बाद सामने लाया गया। उनका दावा है कि नोटिस 24 अप्रैल का था, लेकिन इसे फिल्म के पोस्टर लॉन्च और चर्चा शुरू होने के बाद सामने रखा गया। सोनू सवाल उठाते हैं कि अगर नोटिस इतना महत्वपूर्ण था, तो उसे उसी समय सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। नोटिस को लेकर अलग नैरेटिव बनाया गया सोनू का कहना है कि बाद में आम लोगों के बीच यह धारणा बनी कि नोटिस सीधे फिल्म या कलाकारों को रोकने के लिए आया था। जबकि उनके मुताबिक, नोटिस की वास्तविक स्थिति और समयरेखा को समझना जरूरी है। ___________________________________ इस फिल्म से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.. फिल्म काला हिरण को लेकर एक्टर सोनू मिश्रा का दावा:सलमान को एकतरफा टारगेट किया जा रहा था; इसलिए बीच में फिल्म छोड़ी फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर एक्टर सोनू मिश्रा ने दावा किया है कि फिल्म में सलमान खान का किरदार निभाने के लिए पहले उन्हें चुना गया था, लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही प्रोजेक्ट छोड़ दिया।पूरी खबर पढ़ें..

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Celtic elite grave discovered in the Taunus mountains

An elite Celtic grave has been discovered near Bad Camberg in the Taunus mountain range of western Germany. The grave goods are exceptional and include gold, chariot remains and an imported Etruscan bronze jug. It dates to the 5th century B.C. and is the first Celtic princely grave discovered in the Taunus mountains.

Construction of a solar farm next to the highway triggered a geomagnetic archaeological survey by default, but there were no previous indications that the site would have any archaeological features of note, maybe a few traces of an ancient settlement at most. Instead, the first field images showed two straight parallel lines next to the road that merged into a circle with a dark rectangle in the center.

Parallel lines left by the processional route taken by mourners leading to a burial mound have been found with princely tombs, but at first archaeologist Kai Mückenberger dismissed the thought as wishful thinking. Then iron fragments from a spearhead were discovered, and Mückenberger realized they had indeed stumbled on the burial chamber of an elite tomb.

The chamber walls were gone, disintegrated in dust over the millennia, and the body was gone too. After some work clearing the floor of , the team discovered a panoply of rich grave goods, including a set of three gold rings — a necklace, an arm ring and a finger ring — worn by the deceased.

Also spectacular are the components of a wagon that was found in the grave. Archaeologists and restorers at the State Office for Monument Preservation in Wiesbaden are currently examining the finds. Among the largest are the iron fittings from two wooden wagon wheels. These metal bands, known as “wheel rims,” once formed the running surface of the wheels.

The two wagon wheels, up to 1.20 meters high, had probably been detached and stood upright against a wall of the burial chamber. They were richly decorated: with large, round hubcaps and sleeve-like axle fittings made of non-ferrous metal – perhaps bronze. They had likely once gleamed with a reddish-gold sheen. Remnants of the wooden wagon axle are still embedded in one of the fittings.

Because the artifacts are so fragile, the excavators didn’t uncover them on site, but instead recovered them embedded in a block of earth. They are now being examined by conservators at the State Archaeology Department in Wiesbaden. First, the blocks of earth are being X-rayed – a process that has already revealed some secrets.

For example, one of the finds clearly contains an Etruscan jug made of bronze sheet. Axel Posluschny, the research director of the Celtic World at Glauberg, finds the combination of grave goods particularly exciting: gold rings, a wagon, and a jug – with this array of items, he believes the Camberg “princely grave” ranks among the “absolute best” of graves from this period in Europe.

The grave goods were removed in soil blocks for careful excavation in laboratory conditions and archaeologists are still working on unearthing everything. The blocks have been X-rayed to map out the contents, revealing around 100 objects inside.



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कोहली भारत की सबसे वैल्युएबल हस्ती:ब्रांड वैल्यू 3542 करोड़ रुपए, शाहरुख खान दूसरे और अमिताभ सातवें नंबर पर

लदिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली भारत की सबसे मूल्यवान हस्तियों की सूची में पहले स्थान पर हैं। उनकी ब्रांड वैल्यू 3,542 करोड़ रुपए है। फॉर्च्यून इंडिया ने वर्ल्ड ब्रांड परामर्श फर्म इंटरब्रांड के सहयोग से देश की 25 सबसे वैल्युएबल सेलिब्रिटी पर रिसर्च की। इसमें टॉप 10 में 3 क्रिकेटर और 7 फिल्मी हस्तियां हैं। प्रियंका महिलाओं में सबसे ऊपर महिला सेलिब्रिटीज में प्रियंका चोपड़ा सबसे ऊपर रहीं। इसके अलावा दीपिका पादुकोण, रश्मिका मंदाना, कृति सेनन, भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना और दक्षिण भारतीय अभिनेत्री नयनतारा को जगह मिली है। दिलजीत, धोनी और गांगुली के भी नाम सूची में दिलजीत दोसांझ, करन जौहर, सौरव गांगुली और विकी कौशल के भी नाम हैं। फॉर्च्यून इंडिया-इंटरब्रांड की सूची भारत में फिल्मों और क्रिकेट की अपार लोकप्रियता का प्रमाण है। देश की सबसे मूल्यवान हस्तियों में से अधिकांश सिनेमा जगत से आती हैं। क्रिकेट दूसरे स्थान पर है। ये दोनों ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें सबसे अधिक सेलिब्रिटी ब्रांड देखने को मिलते हैं। कमाई, फॉलोअर्स और बॉक्स ऑफिस हिट पर गौर इस अध्ययन में ब्रांड वैल्यू तय करने के लिए सेलिब्रिटीज की कमाई, फॉलोअर्स या बॉक्स ऑफिस पर सफलता से इतर कई अन्य बातों पर भी ध्यान दिया गया है। इनमें ब्रांड की ताकत को तय करने वाले पहलुओं जैसे- विशिष्टता, सामंजस्य, जुड़ाव, विश्वास, आत्मीयता और जिम्मेदारी पर भी गौर किया गया है, जो मिलकर उनकी फाइनल ब्रांड वैल्यू तय करते हैं। -------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर पढ़िए… सूर्यवंशी IPL के बाद पहली बार उतरेंगे; तिलक वर्मा कप्तानी करेंगे ट्राई सीरीज का पहला मुकाबला इंडिया-A और श्रीलंका-A के बीच आज खेला जाएगा। इस वनडे ट्राई सीरीज की तीसरी टीम अफगानिस्तान-A है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी IPL के बाद पहली बार मैदान पर उतरेंगे। इंडिया-A की कप्तानी तिलक वर्मा करेंगे। ऋतुराज गायकवाड टीम के उपकप्तान बनाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर

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सपना टूट चुका था, तभी मिला बड़ा ब्रेक:चेतना पांडे पर विक्रम भट्ट ने भरोसा जताया, मिमोह बोले- फिल्म मिली, पापा गर्व से मुस्कुराए

फिल्म हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट के कलाकार मिमोह चक्रवर्ती और चेतना पांडे ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने संघर्ष, फिल्म और निजी अनुभव साझा किए। चेतना ने बताया कि वह एक्टिंग का सपना लगभग छोड़ चुकी थीं, लेकिन विक्रम भट्ट के एक फोन ने उनकी जिंदगी बदल दी। मिमोह ने फिल्म की कहानी को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया। दोनों कलाकारों ने शूटिंग के किस्से, हॉरर फिल्मों के अनुभव, मिथुन चक्रवर्ती से मिली सीख और फिल्म की खासियतों पर बात की। सवाल: ‘हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट’ तक पहुंचने का आपका सफर कैसा रहा? जवाब/चेतना पांडे: इस फिल्म से मेरा जुड़ाव किस्मत जैसा है। मुंबई आए मुझे काफी समय हो गया है और मेरी संघर्षभरी यात्रा रही है। आउटसाइडर होने पर बहुत मेहनत और ऑडिशन देने के बाद भी कई बार लगता है कि बड़े सपने पूरे नहीं होंगे। मैं नैनीताल से हूं। इंडस्ट्री में आने के बाद समझ आया कि यहां जगह बनाना आसान नहीं है। मैंने छोटे-छोटे रोल किए, जैसे शाहरुख खान की फिल्म दिलवाले में काम किया। कई बार लगा कि अब वह मौका नहीं मिलेगा, जिसका मैं इंतजार कर रही हूं। लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। करीब तीन साल पहले मेरी मुलाकात विक्रम भट्ट सर से हुई थी। उस समय मैं लगभग अपने सपने छोड़ चुकी थी। मैंने उनसे कहा था कि मैंने बहुत मेहनत की है, लेकिन अब लगता है कि मुझे वह मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं टैलेंटेड हूं और एक दिन बड़ा काम करूंगी। फिर करीब एक साल तक हमारी बात नहीं हुई। मैं खतरों के खिलाड़ी सीजन 12 कर रही थी, तभी उनका फोन आया। उन्होंने कहा कि मुझसे मिलो, मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ है। उस समय हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट की शूटिंग शुरू हो चुकी थी और दूसरी अभिनेत्री फिल्म कर रही थी। विक्रम सर ने मेरी तस्वीर देखी और उन्हें लगा कि उन्हें उनकी ‘सुनहरी’ मिल गई है। अगले दिन उन्होंने मुझे बुलाया और मेरा कॉन्ट्रैक्ट साइन हो गया। दूसरे दिन से मैंने शूटिंग शुरू कर दी। पहले दिन के बाद सर ने मेरी तारीफ की। तभी मुझे लगा कि यह फिल्म मुझे ही करनी थी। सवाल: मिमोह, आप पहले भी हॉन्टेड का हिस्सा रह चुके हैं। इस फिल्म की कौन-सी बात आपको सबसे खास लगी? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: सबसे खास इसकी कहानी लगी। ‘हॉन्टेड 3डी’ 15 साल पहले आई थी और भारत की पहली स्टीरियोस्कोपिक 3डी फिल्म थी। उसके गाने और कहानी दर्शकों को पसंद आए थे। जब विक्रम सर ने मुझे इसके सीक्वल की कहानी सुनाई तो मुझे तुरंत समझ आ गया कि दर्शकों को यह फिल्म पसंद आएगी। इसमें हॉरर, शानदार गाने और मजबूत कहानी है। मुझे लगता है कि इस फिल्म का असली हीरो इसकी कहानी है। हमने कलाकारों के तौर पर अपना सौ प्रतिशत देने की कोशिश की है, लेकिन दर्शकों को सबसे ज्यादा इसकी कहानी पसंद आएगी। इसी वजह से मैंने तुरंत फिल्म के लिए हां कर दी। सवाल: चेतना को फिल्म में लेने से पहले तीन दिन की शूटिंग किसी और अभिनेत्री के साथ हो चुकी थी। फिर सब कुछ दोबारा शूट करना पड़ा। उस समय क्या महसूस हुआ? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: विक्रम सर इस फिल्म को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते थे। हॉन्टेड के प्रशंसकों की उम्मीदें बड़ी हैं। लोग आज भी पूछते हैं कि क्या यह पहली फिल्म जैसी होगी, इसके गाने कैसे होंगे और प्रेम कहानी कैसी होगी। विक्रम सर के दिमाग में ‘सुनहरी’ का किरदार पूरी तरह साफ था। जब चेतना ने पहला सीन किया, तब हम सभी को लगा कि हमें हमारी सुनहरी मिल गई है। सवाल: चेतना, फिल्म का सबसे मुश्किल सीन कौन-सा था? जवाब/चेतना पांडे: वह सीन टीजर में भी दिखाया गया है। उसमें मेरी पहली मुलाकात देव से होती है। उस सीन में मुझे बिना कुछ बोले आंखों और एक्सप्रेशंस से बताना था कि क्या हो रहा है और सामने वाले को कैसे व्यवहार करना है, क्योंकि वहां एक भूत मौजूद होता है। यह मेरे लिए चुनौतीपूर्ण सीन था। सवाल: शूटिंग के दौरान कौन-सा सीन सबसे डरावना था और किस सीन में सबसे ज्यादा हंसी आई? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: हंसी वाला किस्सा एक गाने की शूटिंग के दौरान हुआ था। एक सीन में मुझे चेतना को देखते हुए बाहर निकलना था और कैमरे से नजर नहीं हटानी थी। मैं सीन में इतना डूबा था कि दीवार पर ध्यान नहीं गया। बाहर निकलते ही सीधे दीवार से टकरा गया और सिर लग गया। चेतना ने यह देखा तो जोर-जोर से हंसने लगीं। फिर पूरे सेट पर हंसी का माहौल बन गया। पूरे दिन हम लोग हंसते रहे। मजेदार बात यह थी कि हम हॉरर फिल्म शूट कर रहे थे, लेकिन उस दिन कॉमेडी ज्यादा हो गई। जहां तक डरावने सीन की बात है, हमारी फिल्म सिर्फ जंप स्केयर पर निर्भर नहीं करती। इसमें डर का एहसास माहौल और कहानी से आता है। फिल्म देखते समय दर्शकों को लगातार लगेगा कि कुछ बुरा होने वाला है और यही इसकी खासियत है। सवाल: चेतना, आपके लिए ‘सुनहरी’ का किरदार कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/चेतना पांडे: मेरे लिए इस फिल्म का हर सीन चुनौतीपूर्ण था। मुझे नहीं लगता कि जिंदगी में फिर कभी इतना मुश्किल और परतदार किरदार मिलेगा। असल जिंदगी में मैं बहुत बातूनी और चंचल हूं, लेकिन सुनहरी बिल्कुल अलग है। वह शांत है, कम बोलती है और उसकी भावनाएं चेहरे और आंखों में नजर आती हैं। मैंने विक्रम सर से कई बार पूछा कि उन्होंने मुझमें ऐसा क्या देखा। उन्होंने कहा कि मेरे अंदर जो है, शायद मैं खुद भी नहीं जानती, लेकिन वह उसे देख सकते हैं। यह बात मेरे लिए बहुत खास थी। सवाल: क्या आप भूत-प्रेत या अलौकिक शक्तियों पर विश्वास करती हैं? जवाब/चेतना पांडे: पहले मैं इन चीजों पर ज्यादा विश्वास नहीं करती थी, लेकिन मेरे पिता ने अपने कुछ अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि एक बार उनके साथ ऐसी घटना हुई थी, जिसमें उन्हें कुछ समय तक याद नहीं रहा कि क्या हुआ था। पहाड़ों में ऐसी कई कहानियां सुनने को मिलती हैं। मैंने आसपास भी कुछ घटनाएं देखी हैं, इसलिए अब मैं इन चीजों पर विश्वास करती हूं। हालांकि मेरे साथ अभी तक ऐसा कोई अनुभव नहीं हुआ है। सवाल: अगर सच में किसी भूत से सामना हो जाए, तो उससे क्या मांगेंगे? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: मैं उससे कुछ नहीं मांगूंगा, मैं तो वहां से भाग जाऊंगा। (हंसते हुए) मेरी जिंदगी बहुत अच्छी चल रही है, मुझे उससे कुछ लेने की जरूरत नहीं है। लोग कहते हैं कि काश ऐसा अनुभव हो, लेकिन सच में अगर सामने भूत आ जाए तो हालत खराब हो जाएगी। फिल्म में मैं भूत से लड़ रहा हूं, लेकिन रियल लाइफ में भूत दिख गया तो सबसे पहले मैं ही भागूंगा। सवाल: चेतना, अगर आपको किसी हॉन्टेड जगह पर जाना पड़े, तो अपने साथ किसे लेकर जाएंगी? जवाब/चेतना पांडे: मैं विक्रम भट्ट सर को अपने साथ लेकर जाऊंगी। (हंसते हुए) क्योंकि अगर वहां सच में कोई हॉरर घटना होने लगी, तो सर तुरंत कहेंगे- "ये तो बहुत रियल है, इस पर एक और फिल्म बनाते हैं।" वहीं नई फिल्म की तैयारी शुरू हो जाएगी। सवाल: विक्रम भट्ट की कौन-सी फिल्म आपको सबसे ज्यादा पसंद है? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: मुझे विक्रम सर की लगभग सभी फिल्में पसंद हैं। गुलाम मेरी पसंदीदा फिल्मों में से एक है। हॉन्टेड भी मुझे पसंद थी। बचपन में मैं अपने पिता के साथ हॉरर फिल्में देखता था और बहुत डर जाता था। कई बार आंखें बंद करके उंगलियों के बीच से स्क्रीन देखता था। तब सोचता था कि कलाकार ऐसे सीन कैसे शूट करते होंगे। अब हॉरर फिल्म करने के बाद समझ आया कि यह कितना मुश्किल काम है। सवाल: अगर इस फिल्म का कोई सीन दोबारा शूट करने का मौका मिले तो कौन-सा सीन करना चाहेंगे? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: देव और सुनहरी के लगभग सभी सीन खास हैं। उनकी प्रेम कहानी सीधी-सादी नहीं है। जितना वे करीब आना चाहते हैं, हालात उतना ही उन्हें दूर धकेलते हैं। अगर मौका मिले तो मैं गुफा वाला सीन दोबारा करना चाहूंगा। वह खूबसूरत और भावनात्मक सीन था। चेतना पांडे: उस दिन मिमोह के पिता मिथुन चक्रवर्ती भी सेट पर मौजूद थे। मैं बहुत नर्वस थी, लेकिन सीन खत्म होने के बाद उन्होंने और विक्रम सर ने हमारी तारीफ की। वह पल मैं कभी नहीं भूलूंगी। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती आपको काम को लेकर क्या सलाह देते हैं? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: पापा हमेशा कहते हैं कि जो भी किरदार निभाओ, पूरी ईमानदारी से निभाओ। अगर आप किरदार के प्रति ईमानदार नहीं होंगे तो दर्शक तुरंत पकड़ लेंगे। वह कहते हैं कि सेट पर मिमोह नहीं, सिर्फ किरदार नजर आना चाहिए। यही उनकी सबसे बड़ी सीख है, जिसे मैं हमेशा याद रखता हूं। सवाल: अपने पिता मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी कोई खास याद साझा करना चाहेंगे? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: मेरे लिए सबसे खास याद वह है, जब मुझे हॉन्टेड की पहली फिल्म मिली थी। मैं विक्रम भट्ट सर से मिला था। उसी शाम घर लौटते समय उनका मैसेज आया कि मैं फिल्म का हीरो हूं। पहले मुझे यकीन नहीं हुआ। मैंने सर को फोन करके पूछा कि क्या सच में मैं ही फिल्म कर रहा हूं। उन्होंने कहा, "कल ऑफिस आओ और कॉन्ट्रैक्ट साइन करो।" जब मैं घर पहुंचा, तो मां और पापा दोनों वहीं थे। मैंने उन्हें बताया कि मुझे फिल्म मिल गई है और मैं उसका हीरो हूं। उस पल उनके चेहरे की खुशी मैं कभी नहीं भूल सकता। खासकर पापा की आंखों में जो गर्व और खुशी थी, वह मेरे लिए बहुत मायने रखती है। उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुराकर मेरी तरफ देखा। आज भी उनकी वह मुस्कान मुझे याद है। मेरे लिए वह किसी भी अवॉर्ड से बड़ी बात थी। पापा से जुड़ी यादें सिर्फ इसी एक पल तक सीमित नहीं हैं। बचपन में मैं उनसे काफी डरता था। उनकी पर्सनैलिटी इतनी मजबूत है कि उनके सामने हर कोई थोड़ा नर्वस हो जाता है। लेकिन समय के साथ हमारा रिश्ता बदल गया। आज वह सिर्फ मेरे पिता नहीं, बल्कि मेरे दोस्त भी हैं। हम ऊटी में होटल बिजनेस भी साथ संभालते हैं। कई फैसले मिलकर लेते हैं और जिंदगी की कई बातें शेयर करते हैं। वह अब मुझसे दोस्त की तरह बात करते हैं, सलाह देते हैं और अपने अनुभव साझा करते हैं। इसलिए मेरे लिए कोई एक याद चुनना मुश्किल है, लेकिन हॉन्टेड मिलने के बाद उनके चेहरे पर जो गर्व और खुशी मैंने देखी थी, वह पल मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत और भावुक यादों में हमेशा शामिल रहेगा।

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अमीषा पटेल@51, जन्म पर देखने पहुंचीं इंदिरा गांधी:दादा के नाम पर रोड, कभी झगड़े में ममता कुलकर्णी ने कहा- तुम्हारी औकात क्या है, जानिए करियर स्टोरी

9 जून 1975 अमीषा पटेल का जन्म गुजरात के रईस बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी NRI मां आशा के घर हुआ। मां और पिता का नाम जोड़कर उन्हें अमीषा नाम दिया गया। 5 की उम्र में उन्हें भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई। उनके दादाजी रजनी पटेल मशहूर बैरिस्टर और कांग्रेस के बड़े राजनेता थे। उनके नाम पर 1986 में मुंबई की रोड का नाम बैरिस्टर रजनी पटेल मार्ग रखा गया है। मनीष पॉल के पॉडकास्ट में अमीषा ने बताया था कि उनके दादाजी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक बनने वाले थे। वो इंदिरा गांधी के करीबी थे। इंदिरा गांधी, अमीषा पटेल के पेरेंट्स की शादी में भी पहुंची थीं। उन्होंने खुद शादी ऐसी डेट पर रखी, जिस दिन वो काम में व्यस्त न हों और शादी अटेंड कर सकें। यहां तक की जब अमीषा का जन्म हुआ, इंदिरा गांधी वो पहली शख्स थीं, जो अस्पताल पहुंची थीं। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के साथ बोर्डिंग स्कूल में पढ़ चुके बचपन के दोस्त राकेश रोशन भी पहुंचे थे। जब अमीषा ने बिंदास अंदाज में डांस करना शुरू किया तो राकेश रोशन की उन पर नजर पड़ गई। वो सीधे उनके पिता के पास पहुंचे और पूछा- ये कौन है। गर्लफ्रेंड? जवाब मिला- नहीं राकेश, ये मेरी बेटी है अमीषा। अभी अभी बोस्टन से पढ़ाई कर लौटी है। राकेश ने उनसे कहा- जब मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा। पिता ने कहा- नहीं, वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। शुरुआती पढ़ाई के बाद अमीषा ने बोस्टन की TUFT यूनिवर्सिटी से बायो जेनेटिक इंजीनियरिंग की और बाद में इकॉनोमिक्स की पढ़ाई की। अमीषा के पिता अमित पटेल का अक्सर फिल्मी दुनिया के लोगों के साथ उठना-बैठना होता था। एक दिन उन्होंने बॉस्टन में रह रहीं अमीषा को कॉल कर बताया कि विनोद अंकल (विनोद खन्ना) चाहते हैं कि तुम उनके बेटे अक्षय खन्ना की डेब्यू फिल्म हिमालय पुत्र से फिल्मों में डेब्यू करो, लेकिन हमने इनकार कर दिया। हम नहीं चाहते कि तुम्हारी पढ़ाई पर असर पड़े। अमीषा ने इस बात कर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि फिल्मों में आने का उन्होंने खुद भी कभी सोचा नहीं था। कुछ दिन बीते, तो पिता ने फिर बताया फिरोज खान ने भी उन्हें बेटे फरदीन खान की फिल्म प्रेम अगन ऑफर की है, लेकिन इस बार भी उन्होंने इनकार कर दिया। जब वो फाइनल ईयर में बॉम्बे लौटीं, तो एक दिन राकेश रोशन ने उन्हें लंच पर इनवाइट किया। अमीषा पिता-मां के साथ गईं। वहां राकेश के बेटे ऋतिक भी मौजूद थे। उन्होंने पढ़ाई की खूब बातें कीं, अमीषा ने अपना सीवी और अमेरिका के मॉर्गन स्टेनली बैंक से मिली जॉब का लेटर भी दिखाया। कुछ देर बाद जब अमीषा वॉशरूम गईं तो राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक से पूछा कि क्या उन्हें अपकमिंग फिल्म कहो न प्यार है में कास्ट करना चाहिए। ऋतिक की हामी मिलने पर राकेश ने अमीषा के आते ही उन्हें फिल्म ऑफर कर दी। दरअसल, उस समय राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक रोशन और करीना कपूर के साथ फिल्म कहो न प्यार है शुरू की थी, लेकिन करीना ने राकेश रोशन और मां बबीता की अनबन होने पर फिल्म छोड़ दी थी। ऑफर मिलने पर अमीषा ने पूछा- आपकी फिल्म में तो हीरोइन फाइनल हो चुकी है। इस पर राकेश ने कहा- नहीं, मैं तुम्हें हीरोइन बनाना चाहता हूं। ये सुनकर अमीषा ने हामी भर दी। उन्होंने सोचा कि अगर पहली फिल्म फ्लॉप हुई, तो वो इकोनॉमिक्स में नौकरी शुरू कर देंगी, लेकिन खुशकिस्मती से फिल्म सुपरहिट रही और अमीषा पटेल एक स्टार बन गईं और आज भी फिल्मों से जुड़ी हुई हैं। आज अमीषा पटेल 51 साल की हो चुकी है। उनके बर्थडे के खास मौके पर जानिए, उनकी जिंदगी से जुड़ी रोचक कहानी, कुछ मजेदार किस्सों के साथ- कहो न प्यार है करते हुए मिली गदर, 12 घंटों तक दिया स्क्रीनटेस्ट अमीषा पटेल ने कुछ दिनों की एक्टिंग ट्रेनिंग लेने के बाद कहो न प्यार है की शूटिंग शुरू की। इसी समय उन्हें अनिल शर्मा की फिल्म गदर के ऑडिशन की जानकारी मिली। वो ऑडिशन के लिए गईं, जिसके लिए पहले ही 500 लड़कियां ऑडिशन दे चुकी थीं। 22 लड़कियों को स्क्रीनटेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें अमीषा भी शामिल हुईं। उनका स्क्रीनटेस्ट 12 घंटे तक चला। आखिरकार अनिल शर्मा ने उन्हें गदर में कास्ट कर लिया। सिलेक्शन के बाद अमीषा पटेल को गदर साइन करने पर ताने मिले। सभी का मानना था कि करियर की शुरुआत में अमीषा को मां का रोल नहीं करना चाहिए, लेकिन वो ये रोल करने पर अड़ी थीं। अमीषा ने एक साथ कहो न प्यार है और गदर की शूटिंग की। एक फिल्म में वो चुलबुली लड़की थीं और दूसरी में एक भारत-पाकिस्तान के बीच हुए दंगों की सर्वाइवर। सबसे पहले उनकी फिल्म कहो न प्यार है रिलीज हुई। हर किसी ने राकेश रोशन को सलाह दी कि वो न्यूकमर ऋतिक और अमीषा की इस फिल्म को शाहरुख खान की फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और आमिर खान की फिल्म मेला के आसपास रिलीज न करें। कहो न प्यार है 14 जनवरी 2000 में रिलीज हुई, जबकि मेला 7 जनवरी 2000 और फिर भी दिल है हिंदुस्तानी 21 जनवरी 2000 को रिलीज हुई। बड़े क्लैश के बावजूद कहो न प्यार है ब्लॉकबस्टर रही और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। इसके बाद रिलीज हुई अमीषा पटेल की फिल्म गदर भी ब्लॉकबस्टर रही और उनकी गिनती टॉप एक्ट्रेस में होने लगी। गदर में अमीषा ने पाकिस्तानी सकीना का किरदार निभाया, जिसमें सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया था। दोनों की जोड़ी काफी पसंद की गई थी। कुछ सालों बाद अमीषा पटेल को सनी देओल के भाई बॉबी देओल के साथ हमराज फिल्म मिली। फिल्म के क्लाइमैक्स सीन में अमीषा को अक्षय खन्ना को गोली मारकर, बॉबी से गले लगना था। फिल्म की शूटिंग जयपुर के किले में हुई, जहां शूटिंग देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही अमीषा ने बॉबी को गले लगाया, वैसे ही दर्शकों की भीड़ ने चिल्लाना शुरू किया। भीड़ के लोग चिल्लाकर बॉबी देओल से कह रहे थे- सकीना को छोड़ दे, वो तेरे भाई तारा सिंह की अमानत है। उसे छोड़ दे। ये सुनते ही सेट पर मौजूद पूरी टीम जोर से हंस पड़ी और सीन दोबारा करना पड़ा। कहो न प्यार है और गदर जैसी शुरुआती फिल्मों ने अमीषा को स्टार बनाया, लेकिन बाद में उनकी बैक-टु-बैक कई फिल्में फ्लॉप होने लगीं। इनमें आप मुझे अच्छे लगने लगे, क्रांति शामिल रहीं। ह्यूमर देख आमिर खान ने ऐश्वर्या को हटाकर किया अमीषा को कास्ट अमीषा की फ्लॉप हो रहीं फिल्मों के बीच एक रोज आमिर खान ने उनका बीबीसी को दिया एक इंटरव्यू देखा, जिसमें वो बेहतरीन अंदाज में ह्यूमरस जवाब दे रही थीं। आमिर को उनका ह्यूमर इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत अपने प्रोड्यूसर को कॉल कर कहा कि उनकी अपकमिंग फिल्म मंगल पांडेः द राइजिंग में अमीषा को कास्ट किया गया। जबकि उस समय फिल्म में पहले ही ऐश्वर्या राय की कास्टिंग हो चुकी थी। ऐश्वर्या को रिप्लेस करने पर अमीषा चर्चा में रही थीं। ये फिल्म एवरेज रही, हालांकि आगे भी उनकी फिल्में जमीर, वादा, हमको तुमसे प्यार है, अनकही, आप की खातिर फ्लॉप होती रहीं और उन पर फ्लॉप एक्ट्रेस का ठप्पा लग गया। विक्रम भट्ट को किया डेट, परिवार को भेजा लीगल नोटिस 2002 में आई फिल्म आप मुझे अच्छे लगने लगे की शूटिंग के दौरान अमीषा पटेल और डायरेक्टर विक्रम भट्ट रिलेशनशिप में आ गए। अमीषा का परिवार इस रिश्ते से नाखुश था। समय के साथ अमीषा के परिवार से उनकी अनबन शुरू हो गई। विवाद तब बढ़ा, जब अमीषा ने 2004 में पिता को लीगल नोटिस भेजकर उनपर कमाई का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। नोटिस के अनुसार, अमीषा के पिता ने बिजनेस में नुकसान होने पर बिना इजाजत अमीषा की सारी जमापूंजी अपने बिजनेस में लगा दी। उन्होंने 12 करोड़ की रकम वापस भी मांगी। अमीषा ने घर छोड़ दिया और अकेले रहने लगीं। इसी समय खबरें रहीं कि अमीषा, विक्रम से शादी करने वाली हैं, लेकिन 2008 में अचानक दोनों अलग हो गए। इसी समय अमीषा के परिवार ने उनसे सुलह करनी चाही। विक्रम से ब्रेकअप के ठीक बाद अमीषा का नाम मार्च 2008 में अमेरिकन बिजनेसमैन कनव पुरी से जुड़ा। 2009 से अमीषा और परिवार से रिश्ते सुधरने लगे। कनव पुरी से शादी की खबरों के बीच ही अमीषा ने कनव से भी ब्रेकअप कर लिया और कहा कि वो करियर पर फोकस करना चाहती हैं। एयर इंडिया के कर्मचारी ने एक्ट्रेस के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत अगस्त 2006 में न्यूयॉर्क में होने वाली विक्ट्री परेड में शामिल होने के लिए रवाना हुईं अमीषा विवादों में घिर गईं। उन पर एयर इंडिया की एक कर्मचारी ने बदसलूकी करने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई। भारत लौटने के बाद अमीषा के खिलाफ जांच शुरू हुई और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपने साथी को फर्स्ट क्लास की टिकट न दिए जाने पर बदसलूकी की, हालांकि अमीषा ने इस सभी आरोपों को निराधार कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि एयरलाइन के कर्मचारी खुद को बचाने के लिए उन्हें फंसा रहे हैं। विवाद तब खत्म हुआ, जब न्यूयॉर्क विक्ट्री परेड के ऑर्गेनाइजर्स ने एक्ट्रेस से माफी मांगते हुए कहा कि गड़बड़ उनकी तरफ से हुई थी। उन्होंने अमीषा के साथ ट्रेवल करने वालों की भी फर्स्ट क्लास में टिकट करवाई थी, लेकिन टेक्निकल दिक्कतों के चलते उनकी टिकट गलत बुक हो गई। ममता कुलकर्णी ने बहस कर कहा- तुम्हारी औकात क्या है 90 के दशक में ममता कुलकर्णी स्टार थीं, जबकि अमीषा पटेल मॉडलिंग किया करती थीं। तब दोनों को एक साथ एक हेयरऑइल का एड मिला था, जिसकी शूटिंग 4-5 दिनों तक मॉरिशियस में हुई थी। शूटिंग के बीच ऑर्गेनाइजर और बजाज सेवाश्रम के मालिक मिस्टर बजाज ने सभी के लिए एक डिनर आयोजित किया। डिनर के समय ममता कुलकर्णी, मिस्टर बजाज, अमीषा और उनकी मां अपनी-अपनी टीम के साथ एक ही टेबल पर बैठे थे। तभी ममता ने बुफे से एक डिश ली, जिसमें कोई नाम नहीं लिखा था। उन्हें चबाने में दिक्कत हुई, तो उन्होंने वेटर को बुलाकर डिश का नाम पूछा। वेटर ने उन्हें बताया कि ये हिरण का मांस है। इस पर ममता चिढ़ गईं और वेटर पर चिल्लाते हुए कहा- हिरण का मांस कौन खाता है, चिकन-मटन खाया जाता है। उन्होंने और उनकी सेक्रेटरी ने वेटर को गालियां देते हुए बदतमीजी की, तभी पास बैठीं अमीषा ने बीच-बचाव करते हुए कहा, यहां सभी लोग एक जैसा खाना खा रहे हैं, तो किसी को नखरे नहीं करना चाहिए। इस पर ममता भड़क गईं और चिल्लाते हुए कहा- तुम यहां हेयर ऑइल के एड के लिए आई हो ना। तुम्हें इसके 1 लाख रुपए मिले हैं और मुझे 15 लाख, तो स्टार कौन है बताओ, तुम्हारी औकात क्या है। इसके बाद अमीषा ने उन्हें जवाब दिया, तो उनकी सेक्रेटरी ने अमीषा से बदसलूकी करते हुए अग्रेसिव होकर उनके पास आने लगीं। तभी अमीषा की मां आशा तुरंत उठीं और सेक्रेटरी का हाथ पकड़कर कहा, मेरी बेटी को छूने की हिम्मत भी मत करना। ये झगड़ा काफी चर्चा में रहा। अमीषा पटेल एक इंटरव्यू में इस पर बात कर चुकी हैं। बीते साल आप की अदालत में पहुंचीं, ममता से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने मामले पर बात जरूर की, लेकिन सफाई में कहा कि उन्होंने सीधे तौर पर अमीषा को अपशब्द नहीं कहे, बल्कि उनकी मैनेजर की उनसे बहस हुई थी। अमीषा पटेल के हाथ से निकलीं ब्लॉकबस्टर तेरे नाम और लगान जैसी फिल्में शुरुआत में आमिर खान की फिल्म लगान अमीषा पटेल को ऑफर हुई थी। उस फिल्म में उन्हें गांव की लड़की का किरदार निभाना था। उनकी डेट्स भी फाइनल हो चुकी थीं, हालांकि बाद में डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर को एहसास हुआ कि एक गांव की लड़की के किरदार के लिए अमीषा अच्छा विकल्प नहीं हैं, क्योंकि वो बेहद खूबसूरत और पढ़ी-लिखी लगती हैं। यही वजह रही कि आखिरी समय में उनकी जगह ग्रेसी सिंह को कास्ट कर लिया गया। बता दें कि फिल्म गदरः एक प्रेम कथा और लगान एक ही दिन 14 जून 2001 को रिलीज हुई थीं। सलमान चाहते थे तेरे नाम करें अमीषा पटेल अमीषा पटेल, सलमान की करीबी दोस्त हैं। जिस समय उन्हें तेरे नाम की स्क्रिप्ट मिली, तब उन्होंने अमीषा को फिल्म ऑफर की थी। उन्होंने अमीषा को तेरे नाम के गाने सुनाए, जो पहले बन चुके थे। हालांकि तब फिल्म की शूटिंग डेट्स तय नहीं थीं और न ही ये तय हुआ था कि फिल्म कौन डायरेक्ट करेगा। जब तक सतीष कौशिक, फिल्म डायरेक्ट करने के लिए फाइनल हुए, तब तक अमीषा दूसरी फिल्मों में बिजी हो चुकी थीं। बाद में उनकी जगह भूमिका चावला को कास्ट किया गया। मुन्नाभाई एमबीबीएस में शाहरुख के साथ किया गया था कास्ट डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने शाहरुख खान और अमीषा के साथ फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस प्लान की थी। हालांकि शाहरुख दूसरी फिल्मों में बिजी होने पर ये फिल्म नहीं कर सके। बाद में उनकी जगह संजय दत्त आए। जब तक कास्टिंग फाइनल होती, अमीषा भी दूसरी फिल्मों में बिजी हो गईं और उन्होंने ये फिल्म छोड़ दी। एम एफ हुसैन को दादाजी ने दिया था मौका एक दौर में मशहूर पेंटर एम एफ हुसैन, सड़कों पर बिलबोर्ड पेंट करने का काम करते थे। वो अमीषा पटेल के दोस्त थे। शुरुआत में जब एमएफ हुसैन पेंटिंग में करियर बनाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तब अमीषा के दादाजी ने उन्हें सपोर्ट किया और उनकी पेंटिंग्स अपने साथियों से खरीदवाई थीं। यही वजह रही कि एम एफ हुसैन का अमीषा के परिवार से करीबी रिश्ता रहा। अमीषा के घर में आज भी एम एफ हुसैन की दी हुईं कई लग्जरी पेंटिंग्स हैं।

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Unique Roman enamel brooch to go on display

A unique Roman brooch decorated with enamel in a zig-zag pattern has been acquired by the National Museums Scotland and will be going on display for the first time in a new exhibition. What makes it so extraordinary is that it fuses local Celtic artistic traditions with Roman design, creating a one-of-a-kind piece on the archaeological record of Roman Britain.

Created around 100-160 A.D., the brooch is made of bronze with the graceful curves of Celtic metalwork and is decorated on the surface with alternating squares of red and yellow enamel in the vibrant colors and miniaturized precision of Roman technique. It is 6cm (2.4 inches) long. Scientific analysis of the surface found that it was originally coated with a thin layer of tin. This would have made the enamel shimmer and complimented the bright colors.

It was discovered in 2022 by a metal detectorist in field near Pathhead, Midlothian. Archaeologists believe it was made in northern England by skilled craftsmen who used the Roman brooches brought in with the invading legions as the base for a new hybrid that integrated local and imported styles.

Dr Fraser Hunter, principal curator of prehistory and Roman archaeology at National Museums Scotland, said: “The Pathhead brooch is a miniature masterpiece of craftworking and the details are exquisite.

“Fancy Roman pieces like this were unusual even at the time and were used to show off in local society.”

The exhibition, Roman Scotland: Life on the Edge of Empire runs from November 14, 2026, through April 28, 2027. It will focus on life at the frontier of the Empire, the soldiers in the legions, the locals who lived around its forts and depended on the occupation forces, and the ones who were threatened by the arrival of the invaders. The extraordinary altar to Mithras with the cut-out solar rays will also go on display in the new exhibition.

Dr Hunter said: “We’re really excited to be able to present new finds like this, things that have never been seen before, because they’re some of the things that really help drive the story and this, in particular, because it tells that story of interaction, because it’s a style of brooch that mixes the local and the Roman.”



* This article was originally published here

डिंपल कपाड़िया@69:बॉबी के सेट में इनके नाम से ऋषि कपूर को चिढ़ाते थे अमिताभ, अक्षय को समझती थीं गे, जेनेटिक टेस्ट करवाया, जानिए मजेदार किस्से

8 जून 1957 बॉम्बे के नामी इंडस्ट्रियलिस्ट चुन्नीभाई कपाड़िया के घर बेटी का जन्म हुआ। चुन्नीभाई एक रईस इस्माइल खोजा परिवार से ताल्लुक रखते थे। निजामी इस्लाइली के 41वें निजाम आगा खान 3 (फाउंडिंग फादर ऑफ पाकिस्तान) ने डिंपल के जन्म के ठीक बाद उन्हें अमीना नाम दिया। हालांकि, परिवार ने उन्हें डिंपल नाम से पहचान दी। पिता रईस घराने से थे, जिनका उठना-बैठना फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ था। डिंपल महज 14 साल की थीं, जब स्कूल में बैठे हुए एक रोज उनकी नजर अखबार में पड़ी। इश्तिहार में लिखा था- राज कपूर नई फिल्म बॉबी के लिए एक नए चेहरे की तलाश में हैं। डिंपल में पढ़ते ही साथ बैठीं दोस्तों से तुरंत कहा- ‘देखना, ये फिल्म मैं ही करूंगी।’ हैरत की बात थी क्योंकि इससे पहले भी डिंपल 13 साल की उम्र में ऋषिकेश मुखर्जी की मशहूर फिल्म ‘गुड्डी’ ठुकरा चुकी थीं, जिसमें बाद में जया भादुड़ी को लिया गया था। उनके पिता की दोस्त अंजना रवैल एक मशहूर स्क्रीनराइटर थीं, उनके रिश्तेदार डायरेक्टर एच.एस.रवैल की फिल्म संघर्ष (1968) में 11 साल की उम्र में डिंपल ने वैजयंतीमाला के बचपन का रोल निभाया था, हालांकि बाद में उनके सीन काट दिए गए थे। इश्तिहार पढ़ने के बाद स्कूल से घर लौटते ही उन्होंने पिता से कहकर सारी जानकारी इकट्ठा करवाई और अपनी दोस्त मुन्नी धवन के जरिए तस्वीरें राज कपूर के दफ्तर भिजवाईं। शक्ल देखकर राज कपूर ने उन्हें तुरंत रिजेक्ट कर दिया। वो फिल्म से बेटे ऋषि कपूर को लॉन्च कर रहे थे और डिंपल, उस समय ऋषि से बड़ी दिखती थीं। तब नीतू सिंह की मां चाहती थीं कि राज कपूर इस फिल्म से उनकी बेटी को लॉन्च करेंगे। लेकिन राज कपूर को नया चेहरा चाहिए था और नीतू बचपन में कई फिल्में कर चुकी थीं, तो बात नहीं बन सकी। डिंपल को रिजेक्ट किए जाने के कुछ दिनों बाद पिता की सिफारिश पर उन्हें फिर राज कपूर की एक फिल्म के सेट पर स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया गया और इस बार वो चुनी गईं। ये फिल्म करना डिंपल का सपना था, लेकिन किसे पता था कि फिल्म बनते और रिलीज होते तक, उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी थी। एक नई लड़की ने भारत के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना को प्रपोज कर उनसे शादी कर ली थी। बॉबी रिलीज से पहले ही वो गर्भवती हो चुकी थीं। फिल्म बॉबी ब्लॉकबस्टर रही और डिंपल रातोंरात स्टार बन गईं, लेकिन शादी के लिए उन्हें इंडस्ट्री छोड़नी पड़ी। आज डिंपल कपाड़िया 69 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर, जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े मजेदार किस्से, जो उनकी शख्सियत का सार हैं- किस्सा-1 ऋषि कपूर की गर्लफ्रेंड की अंगूठी रखी, जिससे हुआ विवाद 14 साल की उम्र में डिंपल कपाड़िया को फिल्म बॉबी मिली। राज कपूर ने वो फिल्म लगातार फिल्में फ्लॉप होने से चढ़े कर्ज को उतारने के लिए बनाई थी। उन्होंने डिंपल को एक्टिंग की ट्रेनिंग दी और पूरी ग्रूमिंग करवाई। सेट पर ऋषि कपूर के साथ समय बिताते हुए दोस्ती गहरी होने लगी। ऋषि कपूर उन दिनों पारसी यास्मीन मेहता को डेट कर रहे थे। वो उनकी जिंदगी का पहला प्यार थीं। यास्मीन ने ऋषि कपूर को एक अंगूठी दी, जो वो हमेशा पहने रखते। एक दिन डिंपल को वो अंगूठी इतनी पसंद आई कि वो अक्सर पहनने के लिए उसे लेने लगीं। समय के साथ अंगूठी डिंपल के पास ही रहने लगी। शूटिंग के दौरान डिंपल और ऋषि की नजदीकियों की खबरें अखबारों और मैगजीन में छपने लगीं। बात यास्मीन तक पहुंची, तो उन्होंने ऋषि से रिश्ता तोड़ दिया। ऋषि कपूर कैसे भी यास्मीन से रिश्ता बरकरार रखना चाहते थे, तो मनाने के लिए कभी उनके घर जाते, तो कभी को-स्टार्स से उन्हें कॉल करवाते। देखिए फिल्म बॉबी से डिंपल की तस्वीरें- किस्सा- 2 बॉबी के सेट पर लग्जरी कारों से आती थीं डिंपल, ऋषि की टूटी-फूटी फिएट देख चिढ़ाते थे अमिताभ बच्चन डिंपल कपाड़िया के पिता रईस बिजनेसमैन थे। उनके पास कई लग्जरी कारें थीं। बॉबी के सेट पर भी डिंपल लग्जरी इंपोर्टेड गाड़ियों से आती थीं। जबकि ऋषि कपूर के घर की आर्थिक स्थिति तब ठीक नहीं थी और वो एक टूटी-फूटी फिएट कार से आते थे। उसी समय फिल्मों में नए-नए आए अमिताभ बच्चन की फिल्म बॉम्बे टू गोवा की शूटिंग चलती थी। वो भी फिएट से आते-जाते थे। सेट से गुजरते हुए अमिताभ, अक्सर ऋषि कपूर को चिढ़ाकर कहते थे- आपकी हीरोइन तो बड़ी-बड़ी कारों से आती है। जब इसी बात पर डिंपल को चिढ़ाया जाता था, तो वो बड़े स्टाइल और कॉन्फिडेंस में कहती थीं, मैं राज कपूर की हीरोइन हूं, मैं एक स्टार हूं। फिल्म चली तो ठीक और नहीं चली तो भी मैं स्टार ही रहूंगी। द मूवी मोथ को दिए इंटरव्यू में ऋषि कपूर ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा था, ‘वाकई वो उस समय स्टार थीं।’ किस्सा- 3 राजेश खन्ना को करती थीं ब्लैंक कॉल, फिर फ्लाइट में किया प्रपोज बॉबी की शूटिंग के बीच डिंपल कपाड़िया को अहमदाबाद के नवरंगपुरा स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित एक इवेंट में पहुंची थीं। इस इवेंट के चीफ गेस्ट राजेश खन्ना था। आसपास से गुजरते हुए राजेश खन्ना की नजर डिंपल पर पड़ी, तो वो बार-बार उनकी ओर देखने लगे। डिंपल बचपन से राजेश खन्ना की फैन थीं। वो कई बार उनके नंबर पर कॉल किया करती थीं और हर बार उन्हें राजेश खन्ना के मैनेजर की डांट पड़ती थी। उस इवेंट में डिंपल भी राजेश खन्ना को छुप-छुपकर देख रही थीं। तभी राजेश खन्ना ने पास खड़े एक शख्स से डिंपल की पूरी डीटेल्स ले लीं। लौटते हुए राजेश खन्ना, ठीक डिंपल की साथ वाली सीट पर बैठे। डिंपल कपाड़िया कुछ न कुछ करके उनका ध्यान खींच रही थी। फिर एक दम से बोल उठीं- ‘हम जहां जा रहे हैं वहां भीड़ होगी, आप मेरा हाथ पकड़ोगे?’ राजेश खन्ना ने झट से कहा- ‘हां, बिल्कुल।’ डिंपल ने फिर कहा- ‘हमेशा के लिए।’ राजेश खन्ना ने उस वक्त तो कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन मुंबई पहुंचते ही उनके घर पहुंचे और शादी का प्रस्ताव रख दिया। डिंपल महज 16 साल की थीं और राजेश खन्ना उनसे 15 साल बड़े 31 साल के सुपरस्टार थे। परिवार ने बिना देर किए हामी भर दी, लेकिन तब राजेश खन्ना ने शर्त रखी कि शादी महज 1 हफ्ते में ही करनी होगी। परिवार इसके लिए भी राजी हो गया। किस्सा-4 ऋषि कपूर की गर्लफ्रेंड की अंगूठी पहनी थी, राजेश खन्ना ने डायमंड रिंग दी तो फेंकनी पड़ी शादी से पहले राजेश खन्ना एक रोज डिंपल को समुद्र किनारे सैर पर ले गए। उन्होंने वहां डिंपल को एक डायमंड रिंग पहनाई, लेकिन तब उन्होंने ऋषि कपूर से ली हुई उनकी गर्लफ्रेंड यास्मीन की अंगूठी पहनी हुई थी। ऐसे में राजेश खन्ना ने वो अंगूठी उतरवाकर समुद्र में फेंक दी और अपनी अंगूठी पहनाई। तब मैगजीन में खबर रही कि राजेश ने अपनी अंगूठी पहनाने के लिए ऋषि कपूर की उतरवा दी। ये खबर जब ऋषि कपूर की गर्लफ्रेंड ने पढ़ी, तो उन्हें गलतफहमी हुई कि ऋषि ने ही वो अंगूठी डिंपल को दी होगी। इस गलतफहमी से उनका और ऋषि का रिश्ता हमेशा के लिए टूट गया। 27 मार्च 1973 को राजेश खन्ना के बंगले में उनकी और डिंपल की शादी आर्य समाज रीति-रिवाजों से हुई। शादी के लिए डिंपल ने बॉबी फिल्म से ब्रेक लिया। शादी के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लिए ग्रांड रिसेप्शन रखा गया। देखिए डिंपल कपाड़िया और राजेश खन्ना की शादी और रिसेप्शन की तस्वीरें- किस्सा-5 शादी के बाद मेहंदी लगाकर शूट किया बॉबी का गाना शादी के बाद जब डिंपल फिल्म बॉबी के सेट पर लौटीं तो उनके हाथों में मेहंदी रची हुई थी। शुरुआत में फिल्म के गाने मुझे कुछ कहना है के गाने की शूटिंग टाली गई, लेकिन प्रोडक्शन डिले से बचने के लिए डिंपल कपाड़िया के हाथों में रची मेहंदी के साथ ही शूटिंग करनी पड़ी। गाने में उनके हाथ में मेहंदी साफ नजर आई। डिंपल की शादी के 6 महीने बाद बॉबी रिलीज हुई। ये फिल्म बड़ी हिट साबित हुई जिसने डिंपल को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाया। फिल्म में डिंपल के पहने गए कपड़े देशभर में ट्रेंड बन गए थे। डिंपल की एक्टिंग को खूब तारीफें मिलीं। उन्हें लोगों ने एक उभरता हुआ चेहरा बताया। कई बड़े फिल्ममेकर उन्हें अपनी फिल्म में लेना चाहते थे, लेकिन राजेश खन्ना नहीं चाहते थे कि शादी के बाद वो फिल्मों में काम करें। डिंपल ने पति के कहने पर फिल्मी दुनिया छोड़ दी और अगले 17 की उम्र में पहली बेटी डिंपल को जन्म दिया। किस्सा- 6 राजेश खन्ना की फिल्मों के सेट पर अकेेले बैठकर पीती थीं शराब, हेमा से कहा- धर्मेंद्र तुमसे शादी नहीं करेगा राजेश खन्ना से शादी के बाद डिंपल पूरी तरह उन पर निर्भर हो गई थीं। वो अक्सर उनकी फिल्मों के सेट पर जातीं और घंटों अकेले बैठी रहतीं, जबकि राजेश शूटिंग में व्यस्त होते। हेमा मालिनी सेट पर हुईं मुलाकातों से उन्हें छोटी बहन मानने लगी थीं। अपनी ऑटो बायोग्राफी हेमा मालिनी- बियॉन्ड ड्रीम गर्ल में हेमा मालिनी ने लिखा कि डिंपल अकेलेपन में जिंदगी गुजार रही थीं। वो सेट पर एक किनारे बैठीं शराब और सिगरेट पीती रहती थीं। न कोई उनसे ज्यादा बात करता और न ही कोई मनोजरंन का जरिया था। वो तनाव से गुजर रही थीं। उस समय हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की शादी की चर्चा थी। एक रोज डिंपल ने उनसे कहा था, ‘ये आदमी (धर्मेंद्र) कभी आपसे शादी नहीं करेगा। बेहतर होगा, तुम खुद कुछ करो।’ किस्सा- 7 10 साल बाद कमबैक किया, कैमरा देखते ही कांपने लगीं शादी के कुछ सालों बाद डिंपल और राजेश के रिश्ते में अनबन होने लगी। जब राजेश खन्ना और टीना के अफेयर की खबरें उड़ीं तो झगड़े और बढ़ गए। शादी के 9 साल बाद 1982 में डिंपल, दोनों बेटियों ट्विंकल और सिंपल को लेकर पेरेंट्स के पास रहने आ गईं। बेटियों की परवरिश के लिए ट्विंकल ने फिल्मों में वापसी करने का फैसला किया। जब रमेश सिप्पी को इसकी खबर मिली, तो उन्होंने डिंपल को स्क्रीनटेस्ट के लिए बुलाया। उनका कॉन्फिडेंस इतना कम हो चुका था कि वो कैमरे के सामने आते ही कंपकंपाने लगीं और डायलॉग नहीं बोल पाईं। टेस्ट फेल रहा, लेकिन इसके बावजूद रमेश सिप्पी ने उन्हें फिल्म सागर में कास्ट कर लिया। फिल्म के हीरो, उनकी पहली फिल्म बॉबी के हीरो ऋषि कपूर और कमल हासन रहे। फिल्म बनने में देर होती रही और इससे पहले ही डिंपल की दूसरी फिल्म जख्मी शेर (1984) रिलीज हो गई। इसके अगले साल फिल्म सागर रिलीज हुई, जो ब्लॉकबस्टर रही। किस्सा-8 डिंपल के लिए सनी ने की थी सौतेली मां हेमा मालिनी से पहली बार बात मंजिल-मंजिल और एतबार जैसी फिल्मों में साथ काम करते हुए डिंपल कपाड़िया और सनी देओल की नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों करीब 11 सालों तक रिलेशन में रहे, लेकिन जब इस रिश्ते से सनी की शादीशुदा जिंदगी में दिक्कतें बढ़ीं तो दोनों अलग हो गए। उस समय डिंपल की बेटियां सनी को छोटे पापा कहती थीं। हेमा मालिनी की ऑटो बायोग्राफी के अनुसार, सनी देओल ने उनसे पहली बार डिंपल की वजह से ही बात की थी। 1991 में हेमा मालिनी के प्रोडक्शन की फिल्म दिल आशना है की शूटिंग चल रही थी, जिसमें डिंपल कपाड़िया ने दिव्या भारती की मां का रोल किया था। उस समय डिंपल को मिथुन चक्रवर्ती के साथ हेलीकॉप्टर का एक सीन शूट करना था, लेकिन एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट की मौत होने से वो डरी हुई थीं। शूटिंग के दिन, डर से डिंपल ने बॉयफ्रेंड सनी देओल को कॉल कर पूरी बात बताई और कुछ ही देर में सनी सेट पर पहुंच गए। उन्होंने उस दिन पहली बार सौतेली मां हेमा मालिनी से बात की, वजह थीं डिंपल और उनका डर। सनी से बात करने के बाद हेमा ने उन्हें तसल्ली दी कि वो डिंपल से हेलीकॉप्टर का सीन शूट नहीं करवाएंगी। किस्सा- 9 सनी देओल की गर्लफ्रेंड थीं, फिल्म में न चाहते हुए भी करना पड़ा धर्मेंद्र को किस 1992 की फिल्म दुश्मन देवता में डिंपल कपाड़िया को सनी देओल के पिता धर्मेंद्र के साथ कास्ट किया गया था। दोनों का फिल्म में किसिंग सीन भी था, जबकि डिंपल धर्मेंद्र से 21 साल छोटी थीं। इस सीन के चर्चा में रहने का कारण ये भी था कि उसी समय डिंपल कपाड़िया सनी देओल को डेट कर रही थीं, हालांकि इस बात से धर्मेंद्र अनजान थे। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक जब डिंपल को ये स्क्रिप्ट दी गई थी, तो उसमें किसिंग सीन नहीं था। जब बाद में इसे जोड़ा गया तो डिंपल काफी नाराज हुईं। उन्होंने डायरेक्टर के दबाव में सीन शूट तो किया, लेकिन बाद में इसकी डबिंग करने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में उन्हें मानना ही पड़ा। पत्नी के विरोध के चलते सनी देओल ने डिंपल से दूरियां बना लीं। हालांकि सालों बाद 2017 में उन्हें लंदन में साथ हाथ थामे हुए स्पॉट किया गया था। किस्सा- 10 अक्षय कुमार को समझती थीं गे, बेटी की शादी से पहले टेस्ट करवाया अक्षय कुमार ने साल 2000 में डिंपल कपाड़िया की बेटी ट्विंकल से शादी की थी। जिस समय अक्षय, ट्विंकल को डेट कर रहे थे, तब डिंपल की एक दोस्त ने उन्हें कहा कि अक्षय कुमार गे हैं। समय के साथ डिंपल, बेटी के लिए चिंतित रहने लगीं और पड़ताल शुरू कर दी। एक दिन उन्होंने अक्षय के सामने शर्त रखी कि अगर उन्हें ट्विंकल से शादी करनी है, तो पहले उन्हें जेनेटिक टेस्ट करवाना होगा। उनके कहने पर अक्षय ने टेस्ट भी करवाया था। ये किस्सा खुद अक्षय और ट्विंकल ने चैट शो कॉफी विद करण में शेयर किया था। किस्सा- 11 डिपंल पर भड़के राजेश खन्ना, कहा- तुम मुझे सिखाओगी राजेश खन्ना का घर छोड़ने के बाद भी डिंपल ने बेटियों के लिए उनसे रिश्ता रखा। दोनों कई पब्लिक इवेंट में साथ नजर आते थे। 1990 में राजेश खन्ना की फिल्म जय शिव शंकर रिलीज हुई थी। इस फिल्म में डिंपल कपाड़िया, राजेश खन्ना के साथ नजर आईं। शूटिंग के समय एक बार राजेश की तबीयत बिगड़ गई, लेकिन उनके होटल के बाहर चाहने वाले उनकी एक नजर पाने के लिए भीड़ लगाए बैठे थे। डिंपल ने रेडिफ डॉट कॉम से बातचीत में ये किस्सा शेयर करते हुए बताया था कि जब राजेश ने सबके सामने जाने का फैसला किया तो डिंपल ने उन्हें सनग्लासेस और शॉल दी। डिंपल ने उनसे कहा- ‘काकाजी, जब आप लोगों को देखो तो सामने मत देखना, आपकी साइड प्रोफाइल अच्छी लगती है।’ राजेश खन्ना ने गुस्से में डिंपल को देखा और जवाब दिया- ‘अब तुम मुझे सिखाओगी?’ राजेश का ये जवाब सुनकर वो डर गईं और सबके सामने हाथ जोड़कर माफी मांगने लगीं। साल 2012 में जब राजेश बीमार हुए तो डिंपल ने उनकी खूब सेवा की। जब राजेश का निधन हुआ तो डिंपल पूरे समय मौजूद रहीं।

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