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ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

Saturday, 12 September 2026

बॉडी शेमिंग को लेकर नीना गुप्ता ने दिया जवाब:67 साल की एक्ट्रेस बोलीं- 'कोई पूछे तो कह देना मैं प्रेग्नेंट हूं'

नीना गुप्ता ने हाल ही में बॉडी शेमिंग और शादी को लेकर किए जाने वाले सवालों पर मजेदार अंदाज में जवाब दिया। CNN-न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में पूछा गया कि जब लोग पूछते थे कि उनकी शादी क्यों नहीं हुई, तो वह इस पर क्या जवाब देती थीं। इस पर नीना ने कहा, “मैं तुम्हारे बाप का तो नहीं खा रही ना, अपने बाप का खा रही हूं। तुम्हें क्या प्रॉब्लम है, शादी करी कि नहीं?” एक अन्य सवाल में जब पूछा गया कि कोई यह कहे कि आप पिछली बार से ज्यादा मोटी हो गई हैं, तो वह क्या जवाब देंगी। इस पर नीना ने कहा, “प्रेग्नेंट हूं।” नीना ने बताया कि वह वजन को लेकर होने वाली टिप्पणियों से काफी परेशान हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने थोड़ी मोटी साड़ी पहनी थी। साड़ी की वजह से शरीर के एक हिस्से पर थोड़ा बल्क नजर आ गया। इसके बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि नीना गुप्ता 60 की उम्र में प्रेग्नेंट हैं। नीना ने बताया कि मैंने कहा, अब कोई पूछे तो कह देना, “मैं प्रेग्नेंट हूं।” जब उन्हें बताया गया कि हाल ही में 74 साल की एक महिला के जुड़वां बच्चे हुए हैं, जिस पर नीना ने हंसते हुए कहा, “मेरा चांस है अभी।” नीना गुप्ता को लुक को लेकर ट्रोल किया गया था नीना गुप्ता को पिछले साल एयरपोर्ट पर शॉर्ट्स पहनने और अपना वीडियो शेयर करने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसका उन्होंने बेहद करारा जवाब दिया था। दरअसल, वीडियो में नीना ब्लैक आउटफिट और शॉर्ट्स में नजर आई थीं। उन्होंने कैमरे पर बताया था कि लंबे इंतजार के दौरान वह घर का बना खाना साथ रखती हैं। इसके लिए वह रोटी रोल और टिफिन में आलू, मिर्च, पनीर और प्याज जैसी चीजें पैक कर लेती हैं। जिसके बाद वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा था, “बहुत अच्छा ...लेकिन एक रिक्वेस्ट है, अपने पैर मत दिखाइए। ये अच्छे टोन में नहीं हैं। हमने कभी दादी-मम्मी को इस तरह पैर दिखाते नहीं देखा। उम्र के साथ ग्रेसफुल रहना ही सही है।” वहीं, यूजर के कमेंट पर रिप्लाई करते हए एक दूसरी यूजर ने लिखा था, “ये कितना शर्मनाक कमेंट है। खासकर किसी औरत की तरफ से। आप खुद बॉडी शेमिंग करके औरतों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।” जिसके बाद इस कमेंट पर नीना गुप्ता ने जवाब देते कहा था, “चिंता मत करो। जो लोग ऐसी बातें करते हैं, असल में वो जलते हैं कि उनके पास इतनी अच्छी बॉडी नहीं है। इसलिए इन्हें नजरअंदाज करो।” नीना गुप्ता की निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव रहे हैं। उन्होंने कॉलेज के दिनों में IIT दिल्ली में पढ़ाई कर रहे अमलान घोष से शादी की थी। हालांकि, यह शादी एक साल के भीतर ही दोनों की आपसी सहमति से खत्म हो गई। इसके बाद नीना गुप्ता की सगाई पंडित जसराज के बेटे शारंगदेव पंडित से भी हुई थी। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला। 1980 के दशक के आखिर में नीना गुप्ता वेस्ट इंडीज के पूर्व क्रिकेटर विव रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में थीं। दोनों ने शादी नहीं की, लेकिन 1989 में उनकी बेटी मसाबा गुप्ता का जन्म हुआ। विव रिचर्ड्स पहले से शादीशुदा थे, इसलिए नीना ने मसाबा की परवरिश सिंगल मदर के तौर पर करने का फैसला लिया। 2008 में उन्होंने अमेरिका में एक निजी समारोह में नई दिल्ली के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक मेहरा से शादी की। सीरीज ‘चुंबक’ में दिखीं नीना गुप्ता नीना गुप्ता की कॉमेडी-ड्रामा सीरीज 'चुंबक' कल रिलीज हो गई है। सीरीज की कहानी एक शहरी भारतीय मोहल्ले में रहने वाले पांच परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती है। सीरीज में देवेन भोजानी, अर्जुन बिजलानी, हेली शाह, सुमीत व्यास, मानसी पारेख, सुमीत राघवन, संदीपा धर, डेलनाज ईरानी, अनंत वी. जोशी और अमायरा दस्तूर नजर आ रहे हैं। ‘चुंबक’ को हैट्स ऑफ प्रोडक्शंस ने प्रोड्यूस किया है। यही प्रोडक्शन हाउस 'साराभाई वर्सेज साराभाई' और 'खिचड़ी' जैसे लोकप्रिय शोज बना चुका है। सीरीज की कहानी और निर्देशन आतिश कपाड़िया ने किया है। इसे जमनादास (JD) मजीठिया और आतिश कपाड़िया ने प्रोड्यूस किया है।

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बॉडी शेमिंग को लेकर नीना गुप्ता ने दिया जवाब:67 साल की एक्ट्रेस बोलीं- 'कोई पूछे तो कह देना मैं प्रेग्नेंट हूं'

नीना गुप्ता ने हाल ही में बॉडी शेमिंग और शादी को लेकर किए जाने वाले सवालों पर मजेदार अंदाज में जवाब दिया। CNN-न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में पूछा गया कि जब लोग पूछते थे कि उनकी शादी क्यों नहीं हुई, तो वह इस पर क्या जवाब देती थीं। इस पर नीना ने कहा, “मैं तुम्हारे बाप का तो नहीं खा रही ना, अपने बाप का खा रही हूं। तुम्हें क्या प्रॉब्लम है, शादी करी कि नहीं?” एक अन्य सवाल में जब पूछा गया कि कोई यह कहे कि आप पिछली बार से ज्यादा मोटी हो गई हैं, तो वह क्या जवाब देंगी। इस पर नीना ने कहा, “प्रेग्नेंट हूं।” नीना ने बताया कि वह वजन को लेकर होने वाली टिप्पणियों से काफी परेशान हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने थोड़ी मोटी साड़ी पहनी थी। साड़ी की वजह से शरीर के एक हिस्से पर थोड़ा बल्क नजर आ गया। इसके बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि नीना गुप्ता 60 की उम्र में प्रेग्नेंट हैं। नीना ने बताया कि मैंने कहा, अब कोई पूछे तो कह देना, “मैं प्रेग्नेंट हूं।” जब उन्हें बताया गया कि हाल ही में 74 साल की एक महिला के जुड़वां बच्चे हुए हैं, जिस पर नीना ने हंसते हुए कहा, “मेरा चांस है अभी।” नीना गुप्ता को लुक को लेकर ट्रोल किया गया था नीना गुप्ता को पिछले साल एयरपोर्ट पर शॉर्ट्स पहनने और अपना वीडियो शेयर करने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसका उन्होंने बेहद करारा जवाब दिया था। दरअसल, वीडियो में नीना ब्लैक आउटफिट और शॉर्ट्स में नजर आई थीं। उन्होंने कैमरे पर बताया था कि लंबे इंतजार के दौरान वह घर का बना खाना साथ रखती हैं। इसके लिए वह रोटी रोल और टिफिन में आलू, मिर्च, पनीर और प्याज जैसी चीजें पैक कर लेती हैं। जिसके बाद वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा था, “बहुत अच्छा ...लेकिन एक रिक्वेस्ट है, अपने पैर मत दिखाइए। ये अच्छे टोन में नहीं हैं। हमने कभी दादी-मम्मी को इस तरह पैर दिखाते नहीं देखा। उम्र के साथ ग्रेसफुल रहना ही सही है।” वहीं, यूजर के कमेंट पर रिप्लाई करते हए एक दूसरी यूजर ने लिखा था, “ये कितना शर्मनाक कमेंट है। खासकर किसी औरत की तरफ से। आप खुद बॉडी शेमिंग करके औरतों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।” जिसके बाद इस कमेंट पर नीना गुप्ता ने जवाब देते कहा था, “चिंता मत करो। जो लोग ऐसी बातें करते हैं, असल में वो जलते हैं कि उनके पास इतनी अच्छी बॉडी नहीं है। इसलिए इन्हें नजरअंदाज करो।” नीना गुप्ता की निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव रहे हैं। उन्होंने कॉलेज के दिनों में IIT दिल्ली में पढ़ाई कर रहे अमलान घोष से शादी की थी। हालांकि, यह शादी एक साल के भीतर ही दोनों की आपसी सहमति से खत्म हो गई। इसके बाद नीना गुप्ता की सगाई पंडित जसराज के बेटे शारंगदेव पंडित से भी हुई थी। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला। 1980 के दशक के आखिर में नीना गुप्ता वेस्ट इंडीज के पूर्व क्रिकेटर विव रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में थीं। दोनों ने शादी नहीं की, लेकिन 1989 में उनकी बेटी मसाबा गुप्ता का जन्म हुआ। विव रिचर्ड्स पहले से शादीशुदा थे, इसलिए नीना ने मसाबा की परवरिश सिंगल मदर के तौर पर करने का फैसला लिया। 2008 में उन्होंने अमेरिका में एक निजी समारोह में नई दिल्ली के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक मेहरा से शादी की। सीरीज ‘चुंबक’ में दिखीं नीना गुप्ता नीना गुप्ता की कॉमेडी-ड्रामा सीरीज 'चुंबक' कल रिलीज हो गई है। सीरीज की कहानी एक शहरी भारतीय मोहल्ले में रहने वाले पांच परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती है। सीरीज में देवेन भोजानी, अर्जुन बिजलानी, हेली शाह, सुमीत व्यास, मानसी पारेख, सुमीत राघवन, संदीपा धर, डेलनाज ईरानी, अनंत वी. जोशी और अमायरा दस्तूर नजर आ रहे हैं। ‘चुंबक’ को हैट्स ऑफ प्रोडक्शंस ने प्रोड्यूस किया है। यही प्रोडक्शन हाउस 'साराभाई वर्सेज साराभाई' और 'खिचड़ी' जैसे लोकप्रिय शोज बना चुका है। सीरीज की कहानी और निर्देशन आतिश कपाड़िया ने किया है। इसे जमनादास (JD) मजीठिया और आतिश कपाड़िया ने प्रोड्यूस किया है।

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Friday, 11 September 2026

Export barred on tiny rare Anglo-Saxon mount

A tiny Anglo-Saxon decorative mount has been barred from export by the UK’s Department for Digital Culture, Media and Sport. It is approximately 1,400 years old and made of gilded copper-alloy. It depicts a four-legged, long-snouted animal that looks like a horse with his head down. Those four legs are what makes it so rare. Typically Anglo-Saxon ornaments from this period are so stylized that they don’t have simple anatomical outlines like that.

The mount was discovered in Holme Hale, Norfolk, by a metal detectorist in 2024. Even though it is tiny, just 3cm (1.2 inches) long and weighing five grams, it is finely detailed and the gilding is preserved almost over the entire obverse side. The reverse is ungilded and has the pierced stubs of two lugs, indicating it was originally attached to something.

Despite its historical significance, the object was either deemed not to qualify as official Treasure, or it was released back to the finder. It was the finder who applied to the government for an export license after arranging a sale overseas.

The Reviewing Committee on the Export of Works of Art and Objects of Cultural Interest (RCEWA) determined the mount met the criteria defining it as a national treasure whose connecting to British history makes it important to keep in the country, if at all possible.

RCEWA committee member, Helen Jacobsen said:
“Physical artefacts play a hugely important role in enabling us to study the lives and cultural practices of the early medieval period. This object is of particular significance for research into the early Anglo-Saxon kingdoms because of its unique form and very rare imagery. Further study will shed light on its function and on the transmission of artistic styles, materials and iconography in southern Scandinavia and eastern and south-eastern England during the late 5th and 6th centuries. It will be a huge loss if it cannot be saved for the nation and I hope very much that a home can be found for it in a national museum.”

The temporary export ban gives a UK museum or gallery until November 3rd of this years to raise £1,054, plus £40.80 VAT ($1,480) to acquire the item and keep it in the country. If a purchase agreement is signed even though the fundraising hasn’t reached the goal yet, there will be a three-month extension to the ban.



* This article was originally published here

मराठी बोलने से इनकार पर संजय दत्त की माफी:मंत्री को कॉल कर बोले- अच्छी मराठी आती है, मजाक था, महाराष्ट्र ने बहुत कुछ दिया, जानिए विवाद

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी बोलने से इनकार करने पर विवादों में हैं। वह कुछ समय पहले दही हांडी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां शिवसेना नेता (शिंदे गुट) और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बात करने कहा था। संजय ने इनकार कर दिया और कहा कि वो 6 साल तक जेल में रहकर भी मराठी नहीं सीख सके। संजय के बयान पर विवाद हो गया, जिसके बाद अब उन्होंने मंत्री प्रताप सरनाईक को कॉल कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। गलत संदेश गया, तो माफी मांगता हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सरनाईक एक बैठक में थे, तभी संजय दत्त का फोन आया। एक्टर ने बातचीत की शुरुआत मराठी में “प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र” कहकर की। संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उन्होंने सरनाईक से कहा, “अगर मेरी बात से किसी की भावना आहत हुई हो या कोई गलत संदेश गया हो तो मैं माफी चाहता हूं। मेरा परिवार मुंबईकर है। मैं इसी मिट्टी में पला-बढ़ा हूं और महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया है।” बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया फोन पर बातचीत के दौरान संजय दत्त ने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कठिन दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे। संजय दत्त ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमेशा सम्मान रखते हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद? संजय दत्त रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया 'एरोगेंट' संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने 'एरोगेंट' कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: 'धुरंधर' के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म 'धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।

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मराठी बोलने से इनकार पर संजय दत्त की माफी:मंत्री को कॉल कर बोले- अच्छी मराठी आती है, मजाक था, महाराष्ट्र ने बहुत कुछ दिया, जानिए विवाद

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी बोलने से इनकार करने पर विवादों में हैं। वह कुछ समय पहले दही हांडी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां शिवसेना नेता (शिंदे गुट) और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बात करने कहा था। संजय ने इनकार कर दिया और कहा कि वो 6 साल तक जेल में रहकर भी मराठी नहीं सीख सके। संजय के बयान पर विवाद हो गया, जिसके बाद अब उन्होंने मंत्री प्रताप सरनाईक को कॉल कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। गलत संदेश गया, तो माफी मांगता हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सरनाईक एक बैठक में थे, तभी संजय दत्त का फोन आया। एक्टर ने बातचीत की शुरुआत मराठी में “प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र” कहकर की। संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उन्होंने सरनाईक से कहा, “अगर मेरी बात से किसी की भावना आहत हुई हो या कोई गलत संदेश गया हो तो मैं माफी चाहता हूं। मेरा परिवार मुंबईकर है। मैं इसी मिट्टी में पला-बढ़ा हूं और महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया है।” बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया फोन पर बातचीत के दौरान संजय दत्त ने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कठिन दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे। संजय दत्त ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमेशा सम्मान रखते हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद? संजय दत्त रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया 'एरोगेंट' संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने 'एरोगेंट' कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: 'धुरंधर' के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म 'धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।

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पंजाबी सिंगर जस मानक की इंगेजमेंट का VIDEO आया:मंगेतर पर नोट उड़ाते दिखे, जून में रिलेशन ओपन किया था; 7 साल से दोस्त

पंजाबी सिंगर जस मानक और उनकी मंगेतर फैशन डिजाइनर कोमल तंवर की इंगेजमेंट का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में जस मानक अपनी मंगेतर पर नोट उड़ाते हुए दिख रहे हैं। जस मानक के इस स्टाइल की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। जस मानक और कोमल तंवर करीब 7 साल से दोस्त हैं। उनकी दोस्ती के बारे में किसी को पता नहीं था, लेकिन जून में पहली बार दोनों की फोटोज सामने आईं और जुलाई में इंगेजमेंट हुई। इंगेजमेंट के प्रोग्राम को भी प्राइवेट रखा गया। अब इंगेजमेंट की फोटो जस मानक ने इंस्टाग्राम पर शेयर की थी, लेकिन उस फंक्शन के वीडियो अब सामने आ रहे हैं। अब उनके फेंस ने 10 सितंबर को वीडियो पोस्ट की हैं। जानिए VIDEO में क्या दिख रहा… कोमल डांस कर रही, नोट उड़ाते दिखे जस मानक इंगेजमेंट पार्टी के वीडियो में कोमल तंवर नारंगी-भूरे रंग का लहंगा पहनकर डांस करती नजर आ रही हैं। उनके पीछे जस मानक हाथ में ड्रिंक लिए खड़े दिखाई देते हैं। इसके बाद वे नोटों की गड्डी खोलकर कोमल तंवर पर नोट उड़ाते हैं। अपने ही ‘लहंगा’ सॉन्ग पर डांस पार्टी में जस मानक का ही ‘लहंगा’ सॉन्ग बज रहा था। इसी गाने पर जस मानक नोट उड़ाने के बाद कोमल के साथ डांस करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में पार्टी में गिने-चुने मेहमान ही नजर आ रहे हैं। जस मानक ने कब और कैसे रिलेशन ओपन किया, जानिए...

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750+ फिल्में कीं, स्टार बने, गरीबी का डर नहीं गया:रवि किशन बोले- सेवन स्टार होटल में अच्छा खाना ऑर्डर करने से डरता हूं

एक मिट्टी के घर से निकला लड़का, परिवार पर जिम्मेदारियों का बोझ, खेत गिरवी और पेट भरने के लिए 12 लोगों के बीच एक खिचड़ी। फिर मुंबई का सफर, जहां वड़ा पाव और चाय के सहारे दिन गुजरे और 15 साल तक काम के बदले सम्मानजनक पैसे नहीं मिले। यही रवि किशन की उस जिंदगी की तस्वीर है, जिसे वे आज भी भूल नहीं पाए हैं। कभी काम पाने के लिए संघर्ष करने वाले रवि किशन ने भोजपुरी सिनेमा में स्टारडम हासिल किया, हिंदी फिल्मों और OTT में पहचान बनाई और अब राजनीति में भी सक्रिय हैं। 750 से ज्यादा फिल्मों का सफर तय कर चुके रवि किशन आज गोरखपुर से दूसरी बार लोकसभा सांसद हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में रवि किशन के जीवन और करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें। मिट्टी के घर से शुरू हुई कहानी रवि किशन का जन्म 17 जुलाई 1969 को मुंबई (तब बॉम्बे) में हुआ, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण उनका बचपन उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बीता। परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। खेत गिरवी था और घर की जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही थीं। बाद में अभिनय को अपना सपना बनाकर उन्होंने मुंबई का रुख किया। रवि किशन ने अपने संघर्ष को याद करते हुए बताया है कि उनका परिवार बेहद गरीबी में रहा। एक समय ऐसा था जब 12 लोगों के लिए एक ही खिचड़ी बनती थी और उसमें पेट भरने के लिए पानी मिला दिया जाता था। शुभांकर मिश्रा से बातचीत में रवि किशन ने कहा था- घनघोर गरीबी देखी। हम लोग घनघोर गरीबी वाले। एक ही खिचड़ी बन रही है, उसमें 12 लोग खा रहे हैं, पानी भर के।” उनके मुताबिक गरीबी सिर्फ आर्थिक स्थिति नहीं थी, बल्कि वह अनुभव उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन गया। 17 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे रवि किशन को बचपन से एक्टिंग का शौक था। गांव में रामलीला में वो मां सीता का रोल निभाते थे और इसके लिए मां की साड़ी पहनते थे। जब उनके पुजारी पिता ने उन्हें सीता के रोल में देखा तो बेल्ट से बहुत मारा, जिससे उनकी चमड़ी छिल गई। इसके बाद मां ने डरकर 500 रुपए दिए और कहा कि बेटा भाग जा, नहीं तो आज मारा जाएगा। अपनी जान बचाने के लिए वो घर से भागे और ट्रेन पकड़कर मुंबई पहुंच गए। उस समय रवि 17 साल के थे। ‘लोग चलकर आते हैं, मैं रेंग कर आया हूं’ मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री की चमक के पीछे का संघर्ष उन्होंने करीब से देखा। यहां न कोई बड़ा फिल्मी बैकग्राउंड था, न मजबूत आर्थिक सहारा और न ही इंडस्ट्री में पहचान। रवि किशन कहते हैं- लोग चलकर आते हैं, मैं रेंगकर आया हूं। जब मैं मुंबई आया था, तब ये बंबई हुआ करता था। पापा मेरे ऐक्टिंग करियर के खिलाफ थे। वे कहते थे- 'नचनिया बनबे का रे'। वे चाहते थे कि मैं खेती करूं, सरकारी नौकरी करूं या दूध बेचूं। लेकिन मुझे इन चीजों में दिल नहीं लगता था। मुझे बस डांस में मजा आता था। ये मेरा गॉड गिफ्ट था। मैं इसी राह पर चलता गया। इसमें बहुत वक्त लगा। हिंदी सिनेमा में काम मिला, लेकिन पहचान नहीं रवि किशन ने 1990 के दशक में हिंदी फिल्मों से अभिनय करियर की शुरुआत की। ‘पीतांबर’ आग का तूफान', 'रानी और महारानी', 'जख्मी दिल', 'उधार की जिंदगी,' आतंक, कोई किसी से कम नहीं, अग्नि मोर्चा जैसी फिल्में कीं। लेकिन इन फिल्मों से न तो खास पहचान मिली, न सम्मानजनक मेहनताना। रवि किशन के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री में करीब 15 साल तक उन्हें काम के बदले वह पैसा नहीं मिला, जिसे वे सम्मानजनक मेहनताना मानते थे। फिल्म 'तेरे नाम' से रवि किशन को मिली पहचान हिंदी फिल्मों में रवि किशन ने दर्शकों का ध्यान तब खींचा, जब वो फिल्म ‘तेरे नाम’ में पंडित रमेश्वर के रोल में नजर आए थे। रवि किशन ने बताया था कि यह फिल्म उन्हें कैसे मिली। एक बार वे नितिन मनमोहन के ऑफिस में डायरेक्टर सतीश कौशिक से मिले। सतीश कौशिक ने कहा था कि उन्हें ऐसा लड़का चाहिए जो पंडित का किरदार निभाए और भूमिका चावला का मंगेतर बने। रवि किशन ने बिना देर किए हामी भर दी। उन्होंने बताया था कि सतीश कौशिक ने बाल कटवाने को कहा तो भी वे तुरंत तैयार हो गए। ‘तेरे नाम’ के लिए रवि किशन को नेशनल अवॉर्ड का नॉमिनेशन मिला था। बार-बार अपमानित होना पड़ता था लेकिन लगातार काम मिलने के बावजूद रवि किशन को वह पहचान नहीं मिल रही थी, जिसकी उन्हें तलाश थी। यही वह दौर था जब एक अभिनेता के तौर पर खुद को साबित करने के साथ-साथ उन्हें समझना पड़ा कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं होती। भाषा, बैकग्राउंड, पहचान और मौके भी मायने रखते हैं। रवि किशन ने अपने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हजारों बार अपमान झेला है। रवि किशन कहते हैं- “लोग एक-दो बार ह्यूमिलिएट होते हैं, मैं हजारों बार हुआ हूं। ये सब अद्भुत है जीवन का रंग। भोजपुरी सिनेमा ने बदल दी जिंदगी हिंदी फिल्मों में लंबे संघर्ष के बाद रवि किशन को भोजपुरी सिनेमा में बड़ा मौका मिला। 2003 में उन्होंने मोहनजी प्रसाद की फिल्म 'सैयां हमार’ से भोजपुरी सिनेमा में कदम रखा। हालांकि, शुरुआत में वे इस इंडस्ट्री को लेकर आश्वस्त नहीं थे, लेकिन परिवार के प्रोत्साहन ने उन्हें भोजपुरी फिल्मों की ओर जाने के लिए तैयार किया। यही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। भोजपुरी सिनेमा में उन्हें ऐसा दर्शक मिला, जिसने उन्हें स्टार बना दिया। वे लगातार फिल्मों में नजर आने लगे और उनकी लोकप्रियता उत्तर भारत के बड़े हिस्से तक पहुंच गई। खुद रवि किशन के मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगातार फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और वे एक दिन में कई फिल्मों की शूटिंग तक करते थे। जिस अभिनेता को हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक पहचान के लिए इंतजार करना पड़ा था, वही भोजपुरी सिनेमा में बड़ा नाम बन गया। यहीं से उनके करियर का दूसरा अध्याय शुरू हुआ। भोजपुरी स्टार से मल्टी-लैंग्वेज अभिनेता भोजपुरी में स्टार बनने के बाद रवि किशन ने खुद को सिर्फ एक भाषा की फिल्मों तक सीमित नहीं रखा। हिंदी के साथ उन्होंने तेलुगु, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। ‘फिर हेरा फेरी’, ‘वेलकम टू सज्जनपुर’, ‘रावण’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘बुलेट राजा’, ‘मुक्केबाज’, ‘बटला हाउस’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार नजर आए। हिंदी फिल्मों के अलावा रवि ने ‘रेस गुर्रम’, ‘ओक्का अम्मई तप्पा’, ‘साक्ष्यम’, ‘हेब्बुली’, ‘स्केच’ जैसी कई साउथ की फिल्मों में काम किया। रवि के करियर की खासियत यही रही कि उन्होंने सिर्फ हीरो बनने पर जोर नहीं दिया। उन्होंने सपोर्टिंग रोल, विलेन और कैरेक्टर रोल भी स्वीकार किए। यही वजह है कि समय के साथ उनकी पहचान सिर्फ भोजपुरी स्टार की नहीं रही, बल्कि ऐसे अभिनेता की बनी जो किसी भी किरदार में अपनी छाप छोड़ सकता है। टीवी और OTT ने दिखाई अभिनय की नई रेंज फिल्मों के साथ रवि किशन ने टीवी और ओटीटी पर भी काम किया। रंगबाज़, हसमुख, मत्स्य कांड, द व्हिसलब्लोअर, खाकी: द बिहार चैप्टर और मामला लीगल है जैसे प्रोजेक्ट्स ने उनके अभिनय के अलग-अलग रंग दिखाए। खासकर मामला लीगल है में वीडी त्यागी के किरदार ने उन्हें डिजिटल दर्शकों के बीच मजबूत पहचान दी। इसके बाद लापता लेडीज में पुलिस अधिकारी श्याम मनोहर के किरदार ने उनके अभिनय की नई रेंज सामने रखी। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली और रवि किशन के प्रदर्शन की खूब चर्चा हुई। जिस अभिनेता का करियर कभी सिर्फ भोजपुरी स्टार के तौर पर देखा जाता था, उसने धीरे-धीरे खुद को हिंदी सिनेमा और ओटीटी के मजबूत कैरेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर स्थापित किया। 750 से ज्यादा फिल्मों का सफर रवि किशन के करियर का सबसे बड़ा आंकड़ा उनकी फिल्मों की संख्या है। वे कई भाषाओं में 750 से ज्यादा फिल्मों में काम करने का दावा करते हैं और उनकी फिल्मोग्राफी में हिंदी, भोजपुरी के अलावा तेलुगु, तमिल और कन्नड़ सिनेमा भी शामिल है। लेकिन उनके लिए सफलता सिर्फ फिल्मों की संख्या नहीं है। उनकी कहानी का सबसे अहम हिस्सा यह है कि उन्होंने असफलता, रिजेक्शन और आर्थिक संघर्ष के बावजूद काम करना नहीं छोड़ा। जिस दौर में काम के बावजूद उनके पास पर्याप्त पैसा नहीं था और जिस दौर में एक फिल्म के किरदार के लिए उनकी तारीफ हुई, इन दोनों के बीच उन्होंने खुद को लगातार बदला। गरीबी आज भी रवि किशन के साथ है रवि किशन की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि करोड़ों की संपत्ति, स्टारडम और सांसद बनने के बाद भी उनके अंदर का संघर्षरत लड़का पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। वे बताते हैं कि आज भी सेवन स्टार होटल में जाने पर महंगा खाना ऑर्डर करने में उन्हें संकोच होता है। वे खिचड़ी खाना पसंद करते हैं। यहां तक कि कपड़े लॉन्ड्री में देने में भी उन्हें हिचक होती है। रवि किशन कहते हैं- “अभी भी सेवन स्टार होटल में जाता हूं, तो मैं अच्छा भोजन ऑर्डर नहीं करता, अभी भी खिचड़ी ऑर्डर करता हूं।” वे बताते हैं कि खुद पर खर्च करने की तुलना में परिवार पर खर्च करने में उन्हें ज्यादा खुशी मिलती है। पत्नी और बच्चे उनके लिए फोन, कपड़े और जूते जैसी चीजें खरीदते हैं, जबकि वे परिवार की जरूरतों और इच्छाओं पर खुलकर खर्च करते हैं। उनके शब्दों में, गरीबी से वे बाहर निकल गए, लेकिन गरीबी की मानसिकता आज भी उनके भीतर कहीं मौजूद है। अपमान को कमजोरी नहीं, ताकत बनाया रवि किशन की सफलता में एक और चीज अहम रही- उन्होंने अपने संघर्ष को लेकर कड़वाहट नहीं रखी। वे मानते हैं कि जिंदगी में मिले अपमान और रिजेक्शन ने उन्हें मजबूत बनाया। उनके मुताबिक, छोटी उम्र में संघर्ष इंसान को जल्दी परिपक्व करता है। वे कहते हैं- “कच्ची उम्र में बेइज्जती भी सही होती है। बड़ा मजबूत बना देती है, परिपक्व कर देती है। जो संघर्ष नहीं देखता, वो बाद में कहीं न कहीं पैनिक कर जाता है।” यही सोच उनके करियर में दिखाई देती है। उन्होंने अपने खिलाफ जाने वाली परिस्थितियों को अपनी पहचान बनने नहीं दिया। हिंदी में सीमित मौके मिले तो भोजपुरी में गए, वहां स्टार बने तो वापस हिंदी और दूसरी भाषाओं की फिल्मों में अपनी जगह बनाई। OTT आया तो वहां भी नए किरदार स्वीकार किए। राजनीति में एंट्री, पहली हार और फिर वापसी फिल्मों में सफलता के बाद रवि किशन ने राजनीति में कदम रखा। 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सिर्फ करीब 4.25% वोट मिले और हार का सामना करना पड़ा। फरवरी 2017 में बीजेपी में शामिल होने के बाद 2019 में गोरखपुर से चुनाव लड़ा और बड़ी जीत के साथ पहली बार लोकसभा पहुंचे। 2024 में उन्होंने सपा की काजल निषाद को हराकर लगातार दूसरी बार गोरखपुर सीट जीती। आज भी किरदारों की तलाश जारी रवि किशन की कहानी गरीबी, रिजेक्शन और संघर्ष से निकलकर भोजपुरी सिनेमा, बॉलीवुड, OTT और संसद तक पहुंचने की है। आज वे ‘लापता लेडीज’ के श्याम मनोहर, ‘मामला लीगल है’ के वीडी त्यागी और ‘मिर्जापुर- द मूवी’ के बाब्बन बाबुआ जैसे अलग-अलग किरदारों से दर्शकों के बीच मौजूद हैं। जिस अभिनेता ने कभी वड़ा पाव और चाय पर दिन गुजारे, उसने अपने संघर्ष और अपमान को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया। _____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. पैसे बचाने के लिए पैदल चलती थीं हुमा कुरैशी:पीजी में रहीं; 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में ₹65,000 मिले, हिट के बाद भी स्ट्रगल करना पड़ा दिल्ली की हुमा कुरैशी ने एक्टिंग को करियर बनाने के लिए परिवार को मनाने में महीनों लगाए। मुंबई पहुंचीं तो न गॉडफादर था, न फिल्मी लॉन्च। छोटे से पीजी में चार लड़कियों के साथ रहकर ऑडिशन देने वाली हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। शाहरुख खान और आमिर खान जैसे सितारों के साथ विज्ञापन किए। पूरी खबर पढ़ें..

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Thursday, 10 September 2026

4th c. mosaic floor, 2nd c. Eros head found in Pompeiopolis basilica

An intricately patterned mosaic floor in beautiful condition has been unearthed in ancient Pompeiopolis, on northern Turkey’s Black Sea coast. The mosaic is about 105 square meters (1,130 square feet) and is decorated with intricate geometric patterns, including double-headed axes, wave motifs, diamond shapes, overlapping rings, hexagons, spirals and more. It dates to the 4th century A.D.

Pompeiopolis was the capital of the Roman province of Paphlagonia in the 2nd century A.D. Between 150 and 160 A.D., a basilica was built in the provincial capital. This was a large public building where civic business was transacted. Constantine used the floorplan of the traditional Roman basilica for the original St. Peter’s in Rome, and other Christian churches followed in his footsteps.

Historians believe that Pompeiopolis became an episcopal see in the 4th century, and the basilica would have been repurposed into a church shortly thereafter. It remained a religious center until the 13th century when the region was conquered by the Seljuk Turks.

The 105-square-meter mosaic belongs to that second life of the building. Dated to the 4th century, it decorates the basilica’s central nave. Ersoy has noted that the pavement isn’t complete — more of it likely lies beneath still-unexcavated ground — and that conservation work has focused on stabilizing what’s already exposed before digging further. In other words, 105 square meters is what’s been documented so far, not the floor’s original size, which was almost certainly larger.

The excavation also uncovered the head of an Eros statue in the basilica. It dates to the second half of the 2nd century A.D., so before the building was a church. It was found in the pastophorium, a small side chamber next to the altar where liturgical objects were kept.

A statue of a pagan god of love, tucked away next to a church altar, says something about how these transformations actually worked: older material wasn’t always destroyed when a building changed hands between religions. Sometimes it was simply moved out of the way. For researchers, the piece now offers concrete evidence about the artistic and cultural life of Pompeiopolis during the Roman imperial period, when several local families rose into the senatorial aristocracy at Rome.



* This article was originally published here

Family of killed teen call for death penalty in D4vd trial

The parents of Celeste Rivas Hernandez say execution "would be perfect" if D4vd is found guilty.

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Family of killed teen call for death penalty in D4vd trial

The parents of Celeste Rivas Hernandez say execution "would be perfect" if D4vd is found guilty.

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Wednesday, 9 September 2026

Largest Roman wall mosaic revealed under Trajan’s Baths

The largest ancient wall mosaic in the city of Rome, and probably the largest in the Roman world, has been revealed to the public for the first time with the opening of the new Museum of the Baths of Trajan. Known as the “Muse and the Philosopher,” the mosaic adorns a huge wall on the Oppian Hill overlooking the Colosseum. It is 10 meters high and 16 meters wide (33 x 52.5 feet) and depicts an architectural structure believed to be a two-tiered theatrical background (the scaenae frons) with columns, walls that looks decorated with inlaid marble, statues and figures including Muses, a bearded philosopher and Apollo himself.

The Baths of Trajan was an enormous bath complex built by the Emperor Trajan in 109 A.D. Covering an area of 80,000 square meters (15 acres), the complex was the first Roman bath to create an outdoor park for people to use, along with the bathing and athletic facilities that were customary. It used the remains of Nero’s opulent Domus Aurea palace as its foundation. The mosaic wall dates to the 1st century and is not believed to have part of the Domus Aurea, but many of its tesserae are missing, likely taken for use during the construction of the baths. Most of the Great Mosaic was discovered in 2011, but recent excavations have uncovered a new section that shows a view of maritime villas on a Roman port in absolutely incredibly detail. It’s not clear whether this is a real port being depicted or an ideal one.

The excavation of the mosaic is not complete yet, but cultural heritage authorities decided to open the underground gallery and exedra of the Baths of Trajan to the public for the first time this weekend. For now, admittance will be limited to a few days a week and only to small groups of ticketed people. Tours will be guided and free and charge, but must be reserved ahead of time.

Also in the same structure is the largest wall fresco ever discovered from the Roman era. Dubbed the Painted City, it presents a bird’s eye view of a city encircled by walls and towers. The buildings inside are painted in perspective.

Complete with high walls, towers, gates, a theatre and golden statues, the city is surrounded by the sea. Bustling neighbourhoods are painted in such detail that the windows of houses are clearly visible. “If it did exist, it was extremely important,” Claudio Parisi Presicce, Rome’s heritage chief, said.

It was first unearthed in 1997 and has now been restored. A walkway connecting to the spaces has been built above the room so people can see the works up high. The museum also houses huge lead pipes (fistulae) that supplied water to the Baths of Trajan.



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अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार आज 59 साल के हो गए हैं। अक्षय ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। अक्षय कुमार और हुमा कुरैशी ने 2017 में आई फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में साथ काम किया था। फिल्म के प्रमोशन के दौरान दोनों ‘द कपिल शर्मा शो’ में पहुंचे थे। इसी दौरान हुमा ने अक्षय की एक शरारत का खुलासा किया था। हुमा ने बताया था कि अक्षय ने एक बार उनका फोन चुरा लिया था। इसके बाद उन्होंने फोन का इस्तेमाल करते हुए बॉलीवुड के 2-3 अभिनेताओं को ‘मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं, आई लव यू’ जैसे मैसेज भेज दिए थे। रितेश के फोन से विद्या को भेजा था ‘आई लव यू’ अक्षय की ऐसी ही एक और शरारत का किस्सा रितेश देशमुख ने ‘द कपिल शर्मा शो’ में सुनाया था। यह घटना फिल्म ‘हे बेबी’ की शूटिंग के दौरान की है। रितेश के मुताबिक, अक्षय ने उनका फोन अपने पास रख लिया था। इसके बाद उन्होंने रितेश के फोन से विद्या बालन को ‘आई लव यू’ मैसेज भेज दिया। रितेश को जब इस मैसेज के बारे में पता चला तो वह हैरान रह गए। मजेदार बात यह थी कि विद्या बालन ने भी उस मैसेज का जवाब दिया और किस वाला स्माइली भेजा। बाद में रितेश को पता चला कि यह पूरा मामला अक्षय कुमार की शरारत थी। उस वक्त विद्या का फोन भी अक्षय के पास था और उन्होंने ही रितेश के फोन से मैसेज भेजकर यह प्रैंक किया था। एक नजर अक्षय कुमार के करियर पर अक्षय कुमार ने 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 1992 में आई फिल्म ‘खिलाड़ी’ ने उन्हें एक्शन स्टार के तौर पर पहचान दिलाई और यहीं से उन्हें ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद अक्षय ने ‘मोहरा’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘हेरा फेरी’, ‘धड़कन’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘भूल भुलैया’, ‘सिंह इज किंग’, ‘हाउसफुल’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में काम किया। एक्शन और कॉमेडी के साथ उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में भी काम किया। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘पैडमैन’, ‘केसरी’, ‘मिशन मंगल’ और ‘ओएमजी 2’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार देखने को मिले। अक्षय कुमार को 2009 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उन्हें ‘रुस्तम’ के लिए 2017 में नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर भी मिला। 2026 में उनकी दो फिल्में ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज हो चुकी हैं। वहीं 11 सितंबर को उनकी फिल्म ‘हैवान’ सिनेमाघरों में आने वाली है। फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान लीड रोल में हैं और इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… पंकज त्रिपाठी 7 दिन जेल में रहे थे:कभी होटल में काम करते थे, मनोज बाजपेयी की चप्पल अपने पास रख ली थी पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार आज 59 साल के हो गए हैं। अक्षय ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। अक्षय कुमार और हुमा कुरैशी ने 2017 में आई फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में साथ काम किया था। फिल्म के प्रमोशन के दौरान दोनों ‘द कपिल शर्मा शो’ में पहुंचे थे। इसी दौरान हुमा ने अक्षय की एक शरारत का खुलासा किया था। हुमा ने बताया था कि अक्षय ने एक बार उनका फोन चुरा लिया था। इसके बाद उन्होंने फोन का इस्तेमाल करते हुए बॉलीवुड के 2-3 अभिनेताओं को ‘मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं, आई लव यू’ जैसे मैसेज भेज दिए थे। रितेश के फोन से विद्या को भेजा था ‘आई लव यू’ अक्षय की ऐसी ही एक और शरारत का किस्सा रितेश देशमुख ने ‘द कपिल शर्मा शो’ में सुनाया था। यह घटना फिल्म ‘हे बेबी’ की शूटिंग के दौरान की है। रितेश के मुताबिक, अक्षय ने उनका फोन अपने पास रख लिया था। इसके बाद उन्होंने रितेश के फोन से विद्या बालन को ‘आई लव यू’ मैसेज भेज दिया। रितेश को जब इस मैसेज के बारे में पता चला तो वह हैरान रह गए। मजेदार बात यह थी कि विद्या बालन ने भी उस मैसेज का जवाब दिया और किस वाला स्माइली भेजा। बाद में रितेश को पता चला कि यह पूरा मामला अक्षय कुमार की शरारत थी। उस वक्त विद्या का फोन भी अक्षय के पास था और उन्होंने ही रितेश के फोन से मैसेज भेजकर यह प्रैंक किया था। एक नजर अक्षय कुमार के करियर पर अक्षय कुमार ने 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 1992 में आई फिल्म ‘खिलाड़ी’ ने उन्हें एक्शन स्टार के तौर पर पहचान दिलाई और यहीं से उन्हें ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद अक्षय ने ‘मोहरा’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘हेरा फेरी’, ‘धड़कन’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘भूल भुलैया’, ‘सिंह इज किंग’, ‘हाउसफुल’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में काम किया। एक्शन और कॉमेडी के साथ उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में भी काम किया। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘पैडमैन’, ‘केसरी’, ‘मिशन मंगल’ और ‘ओएमजी 2’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार देखने को मिले। अक्षय कुमार को 2009 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उन्हें ‘रुस्तम’ के लिए 2017 में नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर भी मिला। 2026 में उनकी दो फिल्में ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज हो चुकी हैं। वहीं 11 सितंबर को उनकी फिल्म ‘हैवान’ सिनेमाघरों में आने वाली है। फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान लीड रोल में हैं और इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… पंकज त्रिपाठी 7 दिन जेल में रहे थे:कभी होटल में काम करते थे, मनोज बाजपेयी की चप्पल अपने पास रख ली थी पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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