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ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

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कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

एक्टर तेज सप्रू ने हाल ही में बताया कि राजेश खन्ना ने कश्मीर में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गालियां दी थीं। ‘द रेडिफ’ के पॉडकास्ट में तेज सप्रू ने बताया कि इस घटना से उनका दिल बुरी तरह टूट गया था, क्योंकि वो राजेश खन्ना की बहुत इज्जत करते थे। तेज सप्रू ने चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। राजेश खन्ना की पर्सनैलिटी पर बात करते हुए तेज सप्रू ने कहा कि जब कोई शिखर पर होता है, तो कई बार उसके आसपास के लोग ही उसका दिमाग ज्यादा खराब कर देते हैं। हालांकि, राजेश खन्ना की दूसरी क्वालिटी बहुत खास थी। तेज के मुताबिक, “इतने बड़े दिल वाला मैंने शायद ही देखा है किसी को।” इसके बाद उन्होंने कश्मीर में अपनी एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई घटना का जिक्र किया। सप्रू ने बताया, “एक बार हम साथ काम कर रहे थे। तभी अचानक पीछे से किसी की मुझे गालियां देते हुए आवाज सुनाई दी। मैंने मुड़कर देखा तो पाया कि वह काका जी थे।” तेज सप्रू ने बताया कि जब राजेश खन्ना ने उन्हें गालियां दीं, तब वह फिल्म की एक एक्ट्रेस के साथ थे। उन्होंने यह नहीं बताया कि राजेश खन्ना ने उन्हें गाली क्यों दी थी। सप्रू ने कहा कि इस घटना ने उन्हें बहुत परेशान कर दिया था। उन्होंने बताया कि राजेश खन्ना की पहली फिल्म उनके पिता डीके सप्रू के साथ थी और वह उनका बहुत सम्मान करते थे। तेज सप्रू ने कहा, “मैं सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि खुद से सीनियर और मेरे पिता के साथ काम करने वाले हर शख्स का सम्मान करता हूं। चाहे वह बड़ा एक्टर हो या छोटा, जब तक वह बैठ नहीं जाता, मैं खुद कुर्सी पर नहीं बैठता।” उन्होंने आगे बताया, “इतना सम्मान करने के बावजूद न जाने क्या हुआ कि उन्होंने पीछे से मुझे गाली दे दी। मैं इस बात से बहुत परेशान हो गया था।” राजेश खन्ना ने अगले दिन मांगी माफी तेज सप्रू ने बताया कि अगले दिन दोनों का साथ में शूट था। कश्मीर में बर्फ के बीच एक सीक्वेंस की शूटिंग चल रही थी। उन्होंने राजेश खन्ना को हाय, हैलो या नमस्ते कुछ नहीं कहा। वह चुपचाप एक कुर्सी लगाकर बर्फ में बैठ गए। तेज सप्रू ने बताया कि वह उस वक्त भी पिछली घटना से नाराज थे। वह राजेश खन्ना से कोई बातचीत नहीं करना चाहते थे। शूटिंग शुरू हुई और दोनों अपने-अपने शॉट में व्यस्त हो गए। इसके बाद राजेश खन्ना उनके पास आए और बात शुरू की। तेज सप्रू के मुताबिक, राजेश खन्ना ने उनसे कहा, “हे टॉल बॉय, चल भूल जा।” इस पर तेज सप्रू ने जवाब दिया, “सर, आपने गाली दे दी थी मुझे।” राजेश खन्ना ने इसके बाद कहा, “नहीं नहीं, हो गया यार, आजा आजा।” तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद राजेश खन्ना ने उन्हें शाम को अपने साथ चलने के लिए कहा। तेज सप्रू उनके साथ जाने के लिए मान गए। शूटिंग खत्म होने के बाद दोनों साथ गए। तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद उन्होंने राजेश खन्ना के साथ काफी वक्त बिताया। उन्होंने कहा, “फुल रात काका जी और मैंने बैठ के पिया, खाया।”

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काजोल@52, पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज:हीरोइन बनने से पहले अक्षय पर था क्रश, पहली मुलाकात में शाहरुख ने की बेइज्जती, गिरने से याददाश्त गई

एक लड़की, जिनकी शरारतों से मां इतनी परेशान थीं कि गुस्से में कह देती थीं, "हाय... काश, तुझे भी एक बेटी हो, बिल्कुल तेरे जैसी।" पिता उनका ऑफिशियल नाम 'मर्सिडीज' रखना चाहते थे, लेकिन मां ने साफ मना कर दिया। इनकी दोस्ती की भी मिसाल दी जाती है। 15 साल की उम्र में उसने करण जौहर का ऐसा मजाक उड़ाया कि वो पार्टी छोड़कर ही निकल गए। वहीं उन्हें पहली फिल्म भी एक सहेली की मदद से ही मिली। लेकिन शूटिंग के पहले ही दिन सेट पर गिर पड़ीं। ये गिरने-पड़ने में भी पीछे नहीं थीं। जिस फिल्म का हिस्सा बनतीं, वहां गिरना तय था। बेस्ट फ्रेंड शाहरुख और करण का मानना था कि ये जिस भी फिल्म के सेट पर गिरती हैं, वो हिट हो जाती हैं। ऐसे ही एक बार कुछ कुछ होता है की शूटिंग में ये साइकिल से ऐसी गिरीं कि याददाश्त ही चली गई। दोस्तों ने पुरानी शरारत का बदला लिया और ये साबित कर दिया कि वो फिल्म की हीरोइन नहीं बल्कि बैकग्राउंड डांसर थीं। शरारत, बेबाकी, हाजिरजवाबी और दमदार एक्टिंग, इन चार शब्दों में अगर किसी एक एक्ट्रेस को बयां किया जा सकता है, तो वो हैं काजोल। बॉलीवुड की इस चुलबुली सुपरस्टार ने अपनी हंसी, अपने अंदाज और अपनी फिल्मों से तीन दशकों से दर्शकों का दिल जीता है। आज, उनके 52वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे मजेदार किस्से, जो उनकी शख्सियत का सार हैं- किस्सा- 1 पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज, 11 की उम्र में बोर्डिंग स्कूल से भागीं, रास्ते में पकड़ी गईं 5 अगस्त 1974 में काजोल का जन्म मुंबई के समृद्ध बंगाली परिवार में हुआ। मां तनुजा, जानी-मानी एक्ट्रेस थीं और पिता शोमू मुखर्जी फिल्ममेकर। उनके पिता मर्सिडीज कार के शौकीन थे। उन्हें पता चला कि ये कार बनाने वाले शख्स की बेटी का असल नाम मर्सिडीज था। बात में उसने बेटी के नाम पर मर्सिडीज कार बनाई। शोमू चाहते थे कि उनकी बेटी का नाम भी मर्सिडीज हो। वो अड़ गए, लेकिन तनुजा ने साफ कहा- मैं ऐसा नहीं होने दूंगी। उन्होंने बेटी का नाम काजल रखा, लेकिन बंगाली परिवार में इसे ही धीरे-धीरे काजोल कर दिया गया। काजोल बचपन में इतनी शरारती थीं कि मां उनकी अक्सर पिटाई करती थीं। कभी बैडमिंटन रैकेट से मारतीं तो कभी जो हाथ आया उससे। काजोल कम उम्र की थीं, जब पेरेंट्स का तलाक हो गया। मां तनुजा फिल्मों में व्यस्त रहती थीं, तो काजोल कई सालों तक नानी शोभना समर्थ के साथ रहीं। शोभना भी अपने दौर की मशहूर एक्ट्रेस थीं। कुछ समय बाद उनका दाखिला पंचगनी के सेंट जोसेफ बोर्डिंग स्कूल में करवा दिया गया। एक दिन बोर्डिंग स्कूल में उन्हें पता चला कि उनकी नानी की मां काफी बीमार हैं। काजोल ने जिद पकड़ ली कि वो उनसे मिलने जाएंगी। मां ने इनकार कर दिया कि सीधे क्रिसमस की छुट्टियों में ही आना। काजोल ने अपनी एक दोस्त के साथ बोर्डिंग स्कूल से भागने का प्लान बनाया। वो लोगों की नजरों से बचते हुए गेट से बाहर निकलीं और अपने लोकल गार्डियन के घर पहुंच गईं। उन्होंने कहा- मामा जी, मां ने मुझे घर बुलाया है, आप मुझे बस में बैठा दीजिए। मामा कुछ समझ नहीं सके और बस में बैठा दिया। काजोल बस चलने का इंतजार कर रही थीं कि तभी स्कूल की नन ने उन्हें पकड़ लिया। काजोल को डांट के बाद दोबारा बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया। देखिए काजोल के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- किस्सा-2 15 की उम्र में करण जौहर को देखकर उड़ाया मजाक, पार्टी छोड़कर निकले काजोल महज 15 साल की थीं, जब वो मां एक्ट्रेस तनुजा के साथ एक फिल्मी पार्टी में गईं। डिस्को थीम वाली पार्टी में फिल्म इंडस्ट्री के कई और सेलेब्स भी आए थे। काजोल मस्ती कर रही थीं कि तभी पार्टी में फिल्ममेकर यश जौहर अपने 17 साल के बेटे करण जौहर के साथ आए। ये करण और काजोल की पहली मुलाकात थी। जैसे ही पेरेंट्स ने दोनों का परिचय करवाया, थ्री-पीस सूट, टाई लगाए हुए टीनएज करण को ऊपर से नीचे देखकर काजोल जोर-जोर से हंस पड़ीं। करण मजाक उड़ता देख उदास हो गए, तभी काजोल की मां ने फिर कहा- तुम दोनों बच्चे जाकर साथ डांस क्यों नहीं करते। दोनों डांस फ्लोर पर गए तो करण हिचकते हुए डांस करने लगे, लेकिन काजोल हंसी नहीं रोक पाईं और करीब आधे घंटे तक हंसती रहीं। करण का दिल टूट गया और वो पार्टी छोड़कर चले गए। लेकिन समय के साथ दोनों की दोस्ती ऐसी होती गई कि जब करण ने 21 की उम्र में कुछ कुछ होता है बनाईं तो काजोल को ही कास्ट किया। आगे वो करण के साथ कभी खुशी कभी गम, कल हो न हो (कैमियो), माय नेम इज खान जैसी फिल्मों में नजर आईं। किस्सा- 3 अक्षय कुमार पर था क्रश, देखने के लिए दोस्त करण को किया परेशान काजोल को फिल्मों में आने से पहले अक्षय कुमार पर क्रश था। अक्षय कुमार 1987 में फिल्मों में आए थे और कई हिट फिल्में दे रहे थे। तब काजोल महज 16-17 साल की थीं। एक बार काजोल मां के साथ फिल्म हिना के प्रीमियर में पहुंची। तब तक उनकी करण जौहर से दोस्ती हो चुकी थी। प्रीमियर में जैसे ही काजोल को पता चला कि अक्षय कुमार भी आए हैं, तो वो करण का हाथ पकड़कर पूरे प्रीमियर में अक्षय को ढूंढती रहीं। ये किस्सा करण जौहर ने कपिल शर्मा के शो में सुनाया था। किस्सा- 4 दोस्त का फोटोशूट करवाने पहुंचीं, मिल गई पहली फिल्म, छुट्टियों के टाइमपास के लिए हामी भरी काजोल की तीन पीढ़ियां फिल्मों में काम कर चुकी हैं। ऐसे में तनुजा चाहती थीं कि वह भी फिल्मों में आएं, लेकिन काजोल इसके खिलाफ थीं। उन्हें लगता था कि हीरोइन बनने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। तनुजा ने उनकी मर्जी के खिलाफ उनके लिए फिल्म बनाना भी शुरू किया, लेकिन किसी कारण वो बंद पड़ गई। काजोल की एक करीबी दोस्त हीरोइन बनना चाहती थीं। एक दिन वो पोर्टफोलियो बनवाने के लिए फोटोग्राफर गौतम राजाध्यक्ष के पास गईं। साथ देने के लिए वो काजोल को भी साथ ले गईं। दोस्त का फोटोशूट चल ही रहा था कि थोड़ी ही देर में तनुजा भी वहां पहुंच गईं। तनुजा के कहने पर मेकअप आर्टिस्ट ने काजोल का भी मेकअप कर दिया और उनकी भी तस्वीरें क्लिक की गईं। उनका फोटोशूट गौतम राजाध्यक्ष ने किया था, जो उस समय फिल्म बेखुदी के स्क्रीनप्ले पर काम कर रहे थे। उन्हें काजोल का चेहरा इतना पसंद आया कि वो उनकी तस्वीरें लेकर फिल्म बेखुदी के डायरेक्टर राहुल रवैल के पास गए। उन्हें भी काजोल पसंद आ गईं और वो सीधे उनके लिए तनुजा के घर पहुंच गए। जैसे ही काजोल को फिल्म के ऑफर के बारे में पता चला, वो नाराज हो गईं और मना कर दिया, लेकिन स्कूल की छुट्टियों की बोरियत दूर करने के लिए बाद में मान गईं। उन्होंने सैफ अली खान के घर में स्क्रीनटेस्ट दिया। पहले सैफ फिल्म के हीरो थे, हालांकि बाद में उन्हें निकालकर कमल सदाना को कास्ट कर लिया गया। काजोल ने द अनुपम खेर शो में बताया था कि फिल्म के सेट पर उनका पहला दिन आसान नहीं था। उस दिन मुहूर्त शॉट होना था, जिसमें 90 के दशक की कई बड़ी फिल्मी हस्तियां मौजूद थीं। जैसे ही काजोल स्टेज पर चढ़ीं, उनके पेट में अजीब सा महसूस होने लगा। मुहूर्त शॉट के दौरान वो पहले ही टेक में गिर गईं। उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई, लेकिन डायरेक्टर ने हंसते हुए कहा पहले दिन गिरना शुभ होता है। किस्सा- 5 शाहरुख ने पहली मुलाकात में कहा- तुम कभी चुप नहीं होतीं काजोल ने फिल्म बेखुदी से करियर की शुरुआत की और आगे उन्हें फिल्म बाजीगर में न्यूकमर शाहरुख के साथ काम करने का मौका मिला। फिल्म की शूटिंग नए साल में 1 जनवरी को हुई। एक दिन पहले सभी ने नए साल का जश्न मनाया था और सभी थके हुए थे। काजोल ने पहली बार शाहरुख को देखा, तो वो बड़ा सा काला चश्मा लगाए एक किनारे बैठे हुए थे और किसी से बात नहीं कर रहे थे। तभी काजोल ने मराठी में शाहरुख के मेकअप आर्टिस्ट से कहा- ये कैसा हीरो है, खड़ूस लग रहाहै। बात नहीं करता है, कहां से लेकर आए हो इसे, कितना अजीब है। दूसरी तरफ पार्टी के अगले दिन थके हुए शाहरुख, कान में हाथ रखकर काजोल की आवाज रोकने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने पास खड़े लड़के से कहा, ये हीरोइन कितना बोलती है, कोई इसे चुप करवाओ। काजोल काफी देर तक शाहरुख की बुराई करती रहीं और फिर थोड़ी देर बाद उनके पास जाकर कहा- हाय, मेरा नाम काजोल है। शाहरुख ने सबसे पहला शब्द कहा- क्या तुम कभी चुप नहीं रहतीं। काजोल ने फिर कहा- नहीं, मैं चुप नहीं रह सकती, ये कभी नहीं होगा। एक तल्खी से शुरू हुई ये दोस्ती चल निकली और आज दोनों की दोस्ती एक मिसाल है। दोनों ने बाजीगर के अलावा दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कभी खुशी कभी गम, माय नेम इज खान जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। किस्सा- 6 बाजीगर में शिल्पा की मौत के सीन में हंसती रहीं, डायरेक्टर ने लगाई फटकार बाजीगर के सेट पर एक दिन शिल्पा शेट्टी का डेथ सीन फिल्माया जाना था। सीन के अनुसार, काजोल को बहन शिल्पा की मौत के बाद खूब रोना था। लेकिन जैसे ही सीन की तैयारी हुई, काजोल, शिल्पा के पैरों पर लगी नेल पॉलिश देखकर जोर-जोर से हंसने लगीं। वो बार-बार कह रही थीं कि मरते हुए इतनी नेल पॉलिश कौन लगाता है। काजोल के लगातार हंसने से शूटिंग पर असर पड़ने लगा। डायरेक्टर अब्बास मस्तान उनके पास आए और कहा ये बेहद संजीदा शॉट है, तुम ऐसे हंसोगी तो कैरेक्टर में नहीं रह पाओगी। लेकिन काजोल थीं कि चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थीं। उनकी हंसी से डायरेक्टर झुंझला गए और चिल्लाकर कहा- अगर तुम्हारी असली बहन की मौत हो जाती, तब भी क्या तुम ऐसे ही हंसतीं। ये सुनकर काजोल एक दम शांत हो गईं। कुछ ही देर बाद उन्होंने वो शॉट दिया, जिसे देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि वो कुछ देर पहले हंस रही थीं। किस्सा- 7 कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम, माय नेम इस खान, हर सेट पर गिरीं, जानिए किस्से गिरने के- कुछ कुछ होता है के सेट पर गिरने से गई याद्दाश्त काजोल, शाहरुख खान के साथ फिल्म कुछ कुछ होता है कि शूटिंग कर रही थीं। सीन के अनुसार, उन्हें शाहरुख के साथ साइकिल चलाते हुए उन्हें ताली मारनी थी। जैसे ही एक्शन कहा गया, काजोल की साइकिल का बैलेंस बिगड़ा और वो मुंह के बल सीधे नीचे गिर गईं। कुछ देर बाद जब उन्हें होश आया तो याददाश्त जा चुकी थी। इस समय बेस्ट फ्रेंड शाहरुख और करण उन्हें ये साबित करने में लगे थे कि वो हीरोइन नहीं बल्कि फिल्म की बैकग्राउंड डांसर हैं। याददाश्त जाने के बाद भी काजोल को उस समय उनके बॉयफ्रेंड अजय देवगन याद रहे। वो बार-बार कह रही थीं कोई प्लीज अजय को कॉल करो। उनके कहने पर अजय देवगन को कॉल किया गया। अजय ने कॉल पर उनसे लंबी बात की और उन्हें अच्छे से समझाया। कुछ देर बाद उन्हें सब याद आ गया। दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के सेट पर शाहरुख ने गिराया फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के एक सीन में शाहरुख खान को काजोल को गोद में उठाकर छोड़ना था। फराह खान चाहती थीं कि एक्सप्रेशन नेचुरल लगें, इसलिए उन्होंने काजोल को इस बारे में नहीं बताया। शाहरुख ने काजोल में उठाया और अचानक बिना बताए छोड़ दिया, जिससे काजोल असल में गिर गईं। सीन में दिखाए गए उनके एक्सप्रेशन नेचुरल थे, जिसके बाद उन्होंने शाहरुख की क्लास ली थी। इसी फिल्म के सेकेंड हाफ की शूटिंग ऊटी में हुई। एक सीन के अनुसार, काजोल को बारिश में भागना था, लेकिन भागते हुए वो जोर से गिरीं। क्रू मेंबर्स ने उन्हें तुरंत कंबल में लपेट दिया, क्योंकि ठंड काफी ज्यादा थी। टीम ने देखा की कंबल के अंदर काजोल सिसक रही हैं। सब फुसफुसा रहे थे कि काजोल बहुत तेज गिरी हैं, अब शूटिंग कैसे होगी। हालांकि काजोल ने कंबल के अंदर अपने गिरने पर हंस रही थीं। कभी खुशी कभी गम शूट करते हुए गिरीं फिल्म कभी खुशी कभी गम के गाने सूरज हुआ मद्धम की शूटिंग के समय भी काजोल सेट पर गिर गई थीं। इस गाने की शूटिंग इजिप्ट में हुई। काजोल को बड़ी चट्टानों पर साड़ी लहराते हुए डांस करना था, लेकिन एक शॉट में बैलेंस बिगड़ने से वो गिर पड़ीं। फिल्म की शूटिंग के दौरान काजोल प्रेग्नेंट थीं, हालांकि रिलीज के बाद उनका मिसकैरेज हो गया था। वो कई दिन अस्पताल में रहीं और ट्रॉमा में काम से ब्रेक ले लिया। किस्सा- 8 माय नेम इज खान के सेट पर नहीं गिरीं, तो चिंता में पड़ गए शाहरुख-करण काजोल, करण जौहर और शाहरुख की जिस भी फिल्म में गिरीं, वो हिट हो गई। जब वो माय नेम इज खान की शूटिंग कर रही थीं तो कई दिनों तक नहीं गिरीं। देखकर शाहरुख और करण चिंतित हो गए। वो हर रोज काजोल के गिरने का इंतजार करते। हालांकि शूटिंग पूरी होते-होते काजोल गिर पड़ीं और नतीजतन फिल्म भी हिट ही रही। किस्सा- 9 अजय देवगन के कॉल को समझ लिया प्रैंक, हड़का कर काटा फोन काजोल ने करियर की शुरुआत में अजय देवगन के साथ 1995 में पहली फिल्म हलचल की। अजय देवगन को पहली बार देखकर काजोल ने उन्हें बेहद एरोगेंट समझा। दरअसल, पहले दिन अजय सेट में एक किनारे चुपचाप बैठे थे। काजोल ने सेट पर आते ही पूछा कि हीरो कौन है। जवाब मिला- वो जो कौने में बैठा है वही हीरो है। इस पर काजोल ने कहा, कोई और हीरो नहीं मिला क्या। कुछ दिनों तक दोनों ने साथ शूटिंग की लेकिन दोस्ती नहीं हो पाई। एक दिन काजोल के टेलीफोन में कॉल आया। सामने से शख्स ने कहा- हैलो, मैं अजय देवगन बोल रहा हूं। काजोल ने कॉल का रूडली जवाब देते हुए कहा- और मैं श्रीदेवी। शख्स ने फिर कहा- मैं सच में अजय देवगन बोल रहा हूं। काजोल ने फिर कहा- हां तो मैं भी श्रीदेवी हूं। ये कहते ही काजोल ने कॉल कट कर दिया। कुछ देर बाद अजय ने काजोल की मां तनुजा के नंबर पर कॉल किया और कहा- आंटी मैं अजय देवगन बोल रहा हूं। मैंने काजोल को कॉल किया, लेकिन वो मान ही नहीं रही कि मैं अजय हूं। बार-बार फोन रख रही है। मैंने आप सभी को बहन की शादी में इनवाइट करने के लिए कॉल किया था। कुछ दिनों बाद साथ काम करते हुए काजोल और अजय की दोस्ती हो गई। फिल्म हलचल के एक सीन में काजोल को अजय को थप्पड़ मारना था और अजय को उनका हाथ पकड़कर रोकना था। जैसे ही शूटिंग में अजय ने काजोल का हाथ थामा, काजोल को एहसास हो गया कि यही वो शख्स हैं, जिनके साथ उन्हें जिंदगी बितानी है। 1994 में फिल्म गुंडाराज की शूटिंग के समय दोनों नजदीक आए और 3 सालों की डेटिंग के बाद 24 फरवरी 1999 में शादी कर ली। देखिए अजय-काजोल की शादी की तस्वीरें- ये शादी अजय देवगन के घर में हुई। दोनों नहीं चाहते थे कि शादी में मीडिया की मौजूदगी रहे, इसलिए दोनों ने शादी की गलत लोकेशन की झूठी जानकारी फैला दी। शादी से पहले काजोल ने शर्त रखी थी कि वो 2 महीने के लिए हनीमून पर जाएंगी और वर्ल्ड टूर करेंगी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया, LA होते हुए जब वो 40वें दिन ग्रीस पहुंचे, तो अजय की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें लौटना पड़ा। इस शादी से कपल को दो बच्चे नीसा और युग हैं। किस्सा- 10 मणिरत्नम ने दिल से ऑफर करने के लिए कॉल किया, डांट लगाकर रखा काटा कॉल काजोल हमेशा से मणिरत्नम के साथ काम करना चाहती थीं। शाहरुख खान अक्सर काजोल के साथ कॉल कर प्रैंक किया करते थे। काजोल फिल्म दुश्मन की शूटिंग कर रही थीं कि तभी एक दिन सेट पर उनके नंबर पर मणिरत्नम का कॉल आया। कॉल में कहा गया- हैलो मैं मणिरत्नम बोल रहा हूं। काजोल को लगा शाहरुख मजे ले रहे हैं। काजोल ने जवाब दिया- और मैं टॉम क्रूज बोल रही हूं। शाहरुख मुझे पता है तुम ही हो, इस बार मैं बेवकूफ नहीं बनूंगी। मणिरत्नम ने फिर कहा- नहीं, मैं मणिरत्नम ही बोल रहा हूं। काजोल ने फिर कहा- नहीं मुझे पता है तुम शाहरुख हो। मैं शूटिंग कर रही हूं, अभी बात नहीं कर सकती बाय। काजोल ने कॉल कट कर दिया। इसके बाद मणिरत्नम ने सीधे शाहरुख को कॉल कर पूरी बात बताई, क्योंकि शाहरुख की दिल से में कास्टिंग हो चुकी थी। शाहरुख ने तुरंत काजोल को कॉल कर डांट लगाई और कहा- बेवकूफ, वो असल में मणिरत्नम थे। बता दें कि बाद में काजोल ने कॉल पर बात कर सफाई दी। उन्हें फिल्म ऑफर हुई थी, लेकिन कुछ कुछ होता है की शूटिंग में व्यस्त होने की वजह से उन्होंने फिल्म ठुकरा दी। वो करण को पहले ही डेट्स दे चुकी थीं। करण जानते थे कि काजोल हमेशा से मणिरत्नम की फिल्म करना चाहती थीं। जब उन्हें ऑफर का पता चला को उन्होंने काजोल से कहा कि अगर वो चाहें तो पहले दिल से कर सकती हैं वो कुछ कुछ होता है कि डेट्स बढ़ा देंगे। लेकिन कमिटमेंट की पक्की काजोल ने फिल्म ठुकरा दी।

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5th c. B.C. Syracusan gold coin found in Agrigento

A rare 5th century B.C. gold coin minted during the Carthaginian invasion of Sicily has been found in the ancient city of Agrigento, Sicily. It was minted around 405 B.C. by the tyrant of Syracuse, Dionysius I the Elder.

The coin was found during an emergency excavation to salvage a Greek-era tile-lined capuchin tomb at the mouth of the Akragas River. The tomb was part of the Maddalusa burial ground, in active use from the first quarter of the 6th century B.C. until the end of the 5th century B.C.

It is a 20 Litrai coin weighing over a gram that is in excellent condition. On the obverse is the profile head of Heracles wearing the skin of the Nemean lion. The reverse features a four-part incuse square with a female head in the center. Four Greek letters — ΣΥΡΑ — are inscribed in the corners of the incuse square, meaning “Syra” for Syracuse.

Founded as the city of Akragas by Greek colonists from Gela, Crete and Rhodes in 582–580 B.C., Agrigento was besieged and sacked in 406 B.C. during the conquest of Sicily by Carthaginian general Himilco. Syracusan general Dionysius had fought against Carthage since the invasion began in 409 B.C. and took power as the tyrant of Syracuse (formerly a democratic polis) in 405 B.C.

After a brief period of peace bought with enormous concessions of territory that expanded Punic control over almost all of Sicily, in 398 B.C. Dionysius I of Syracuse marshalled his forces and fought to expel Carthage from Sicily. He reduced their territories, but wasn’t able to boot Carthage from Sicily. Dionysius never stopped trying, though, alternating between peace treaties and war until his death in 367 B.C.

The [coin] is particularly significant not only for the rarity of the specimen but especially because it is situated in a specific historical moment: during the dramatic Carthaginian invasion of Sicily, at the end of the 5th century B.C., Syracuse, allied with Akrágas, minted extraordinary gold issues to support the war effort. The coin that was found belongs to this series, which recalls the tragic events that shook Greek Sicily, culminating in the conquest and destruction of Akrágas by the Carthaginians in 406 B.C.



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ट्रोलिंग पर भड़की प्रिया रेवाड़ी बोलीं- गलत कहने पर पीटूंगी:मुझे गंदा बताने वाले चुपचाप बुलाकर पैसे उड़ाते हैं; डांस में 2 स्टेप जोड़ूंगी

हरियाणवी स्टेज डांसर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रिया रेवाड़ी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रिया ने कहा, झज्जर के मांडोठी गांव की अभ्रदता से जुड़ी पुरानी वीडियो शेयर की जा रही है। ट्रोलर्स ने ये बंद नहीं किया तो उन्हें पीटूंगी। ट्रोलिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता, दर्शकों में मेरी अभी भी डिमांड बनी हुई है। कार्यक्रमों में डांस को गंदा बताने वाले लोग ही वहां आकर पैसे उड़ाते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर गंदी बातें बोलते हैं। फ्यूचर प्लानिंग पर प्रिया ने कहा, अब मैंने अपने डांस में दो नए स्टेप भी जोड़े हैं। अपना पुराना बैक स्टैप बंद नहीं करूंगी। मेरे प्रोग्राम घर में बैठीं महिलाएं भी देखती हैं। प्रिया ने आगे कहा… जो लोग कहते हैं डांस गंदा हैं, वहीं लोग चुपचाप शो करने के लिए बुलाते हैं। वे कहते हैं बस डांस चाहिए। मुझे अब भी कई प्रोग्राम करने के लिए फोन आ रहे हैं, मगर व्यस्तता के चलते कोई प्रोग्राम नहीं कर पा रही हूं। ट्रोलिंग पर क्या बोलीं प्रिया फ्यूचर प्लान के बारे में क्या बताया… दो नए डांस स्टेप लॉन्च किए: दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रिया ने बताया कि मैंने कुछ ही दिन पहले अपनी स्किल में दो नए डांस स्टेप जोड़े हैं। इसके साथ ही मैं अपने पुराने बैक स्टेप ज्यों के त्यों रखूंगी और किसी के कहने पर उन्हें बदलने वाली नहीं हूं। अब अधिक काम मिल रहा: प्रिया ने कहा कि अब मेरे पास और अधिक काम आ रहा है। हरियाणा के साथ पंजाब से भी शो मिल रहे हैं। कुछ दिन बाद गुरुग्राम में भी एक शो होने वाला है। जिसमें मुझे विशेष रूप से बुलाया गया है। घरेलू महिलाएं भी डांस देख रही: प्रिया का कहना है कि अब घरेलू महिलाएं भी मेरा शो देख रही है। महिलाओं में भी डांस का क्रेज धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कुछ लोग मेरे शरीर को लेकर चर्चा करते हैं कि मैंने कोई इंजेक्शन लिया है, मगर मेरा शरीर नेचुरचल है। कोई सर्जरी तक नहीं कराई। शरीर काटकर नहीं फेंक सकती प्रिया ने कहा- मेरे पहनावे और ट्रोलिंग पर लगातार टिप्पणी की जाती है। मैं शरीर को बदल नहीं सकती, जैसे है वैसा ही रहेगा। इसे काटकर तो फेंक नहीं सकती। वहीं, ट्रोलिंग पर कहा, मेरा शरीर है, मेरी मरजी। मैं चाहे कैसे भी वीडियो बनाऊ। प्रिया ने आगे कहा कि अब डांस प्रोग्राम की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करना कम कर दिया है। शो के दौरान भी वीडियो बनाने पर डांस बंद कर देती हूं। ------------- यह खबर भी पढ़ें… हरियाणवी डांसर प्रिया का खुलासा, हुड्‌डा ने धमकाया:बोला-मयूरी को गोलियां मरवा दूंगा, तुझे निकर नहीं कफन पहनाऊंगा; सपना को कह चुका लड़कियां बिगाड़ने वाली हरियाणवी कलाकारों को विदेशों से धमकियां मिल रही हैं। इसकी चर्चा लंबे समय से थी, लेकिन कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं था। अब हरियाणी स्टेज परफॉर्मर प्रिया रेवाड़ी ने खुद सामने आकर इसका खुलासा किया। (पूरी खबर पढ़ें)

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बड़े बजट की फिल्म की तैयारी में अक्षय और अहमद:‘वेलकम टू द जंगल’ के बाद फिर साथ आएंगे दोनों, नई स्टोरी पर चर्चा जारी

बॉक्स ऑफिस पर ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता के बाद अक्षय कुमार और निर्देशक अहमद खान की जोड़ी एक बार फिर बड़े परदे पर लौट सकती है। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ‘दोनों नई फिल्म को लेकर शुरुआती स्तर पर चर्चा कर रहे हैं। अभी तक किसी एक कहानी या जॉनर पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन कई अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श जारी है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो आधिकारिक घोषणा तारीखों और स्क्रिप्ट के अंतिम रूप लेने के बाद की जा सकती है।’ शेड्यूल और स्क्रिप्ट सबसे बड़ी चुनौती अक्षय और अहमद के नए प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही कहानी और शूटिंग शेड्यूल तय करना है। अक्षय पहले से कई फिल्मों की शूटिंग और रिलीज की तैयारियों में बिजी हैं। वहीं, अहमद भी अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। ऐसे में नई फिल्म की घोषणा से पहले दोनों अपनी उपलब्ध तारीखों और प्रोडक्शन टाइमलाइन पर काम कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अहमद खान अपनी अगली फिल्म टाइगर श्रॉफ और शनाया कपूर के साथ एक ज़ॉम्बी कॉमेडी के रूप में शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा ‘वेलकम’ फ्रेंचाइज की अगली फिल्म को लेकर भी अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। एक्शन फिल्मों में हिट रही है जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि अहमद की निर्देशन शैली और अक्षय की स्क्रीन प्रेजेंस एक्शन फिल्मों में अच्छा तालमेल बनाती है। दोनों पहले भी साथ काम कर चुके हैं और एक-दूसरे की कार्यशैली से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में अगर नया प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है, तो उसमें बड़े स्तर के एक्शन देखने की संभावना जताई जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों की पसंद में काफी बदलाव आया है। अब सिर्फ एक्शन या सिर्फ कॉमेडी के बजाय ऐसी फिल्मों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जिनमें एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और मनोरंजन के दूसरे तत्वों का संतुलित मेल हो। यही वजह है कि अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म को भी एक बड़े कमर्शियल एंटरटेनर के रूप में तैयार किए जाने की चर्चा है। निर्माता को लेकर भी जारी हैं चर्चाएं सूत्रों के मुताबिक...‘अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म के निर्माता को लेकर भी इंडस्ट्री में कई तरह की चर्चाएं हैं। दोनों लंबे समय से कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट किसी बड़े बैनर के तहत बन सकता है। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने किसी निर्माता के नाम की घोषणा नहीं की है।’ नए प्रोजेक्ट के लिए कई जॉनर पर विचार कर रहे हैं दोनों ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता ने निर्माता-निर्देशकों का भरोसा अक्षय और अहमद की जोड़ी पर और मजबूत किया है। यही वजह है कि दोनों अब एक नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। शुरुआती चर्चाओं में एक्शन कॉमेडी, रोमांटिक एक्शन ड्रामा और पूरी तरह एक्शन आधारित फिल्म जैसे कई जॉनर पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ‘अक्षय के पास भी एक ऐसी कहानी है, जिस पर दोनों के बीच शुरुआती स्तर पर चर्चा हो चुकी है। हालांकि अभी तक किसी प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की गई है। पिछले कुछ वर्षों में हिंदी सिनेमा में सफल अभिनेता-निर्देशक जोड़ियों का दोबारा साथ आना एक आम ट्रेंड बन गया है।

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Rare runestone found in Faroe Islands

An exceptionally rare runestone has been discovered in the village of Sandur on the Faroe Island of Sandoy. The stone had been built into the floor of a building in the archaeological site of Á Sondum. The runes have not yet been interpreted, but a runeologist is scheduled to examine the stone in August.

Meanwhile, National Museum archaeologist Helgi Michelsen believes part of the inscription reads “Her hvílur” which is Old Norse for “Here lies.” If that’s accurate, the stone may be a grave marker. Other artifacts found in the July excavation include Christian artifacts which suggest the building was a medieval oratory (prayer chapel), so a burial there would make sense.

The building faces east and west, and has an entrance at the west end. These architectural features are common in medieval prayer houses and chapels. Faroese examples of east and west-facing prayer houses with an entrance at the west end are the prayer house at Bønhúsberg in Mykines, Bønhústoft in Leirvík and the toft down at Bakki at Velbastaður.

Located in the North Atlantic Ocean north of Scotland, southeast of Iceland and west of Norway, the Faroe Islands show evidence of settlement going back to the middle of the 4th century and appears to have been populated by the 7th century.

Settlers from Norway and ones of mixed Norse and Gaelic heritage from Norse communities in Ireland and the Hebrides began to arrive in the early 9th century. They built farms, reared livestock, fished, gathered food, relying on imports from other Norse colonies for essential goods like timber, metal and tools. The settlers established a parliament based on the Norwegian model and local parliaments were established in largely self-governing regions.

Christianity was introduced to the Faroes by Viking chieftain Sigmundur Brestisson around the year 1000. He had been converted by King of Norway Olaf Tryggvason and brought Christianity to the islands as a stalking horse for centralized Norwegian rule. Local chieftain Tróndur í Gøtu was the main local of resistance, although he finally converted under violent duress, and it was only after his death in 1035 that the Faroe Islands were brought under the Norwegian crown as a tributary country. The islands became their own independent bishopric in the 12th century.

The stone has been moved to the National Museum for conservation under controlled conditions.



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सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे

सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने हाल ही में बताया कि सैफ कई बार उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में दे देते थे। यह बात उन्होंने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब शो में बताई। सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा पटौदी ने अपने बचपन का बड़ा हिस्सा पटौदी परिवार के महल में बिताया। हालांकि, सोहा ने बताया कि घर में उन्हें कभी शाही जिंदगी जैसा एहसास नहीं कराया गया। उनके पिता पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी बच्चों को खर्चों की अहमियत समझाते थे। सोहा ने कहा कि उनके पिता घर में बिजली बचाने पर जोर देते थे और पीले रंग के पोस्ट-इट नोट्स पर लाइट बंद करने की याद दिलाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में दोस्तों के घर जाने की अनुमति कई बार इसलिए नहीं मिलती थी क्योंकि उनके पिता का मानना था कि पेट्रोल पर फालतू का खर्च नहीं होना चाहिए। 100 रुपए पॉकेट मनी मिलती थी बातचीत के दौरान सबा पटौदी ने पॉकेट मनी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें और सोहा को 100 रुपए मिलते थे। वहीं, उस समय सैफ अली खान इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान सोहा ने हंसते हुए कहा कि सैफ पैसे चुरा लेते थे। इस पर सबा ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब वे इंग्लैंड जाती थीं, तो उन्हें 5 पाउंड मिलते थे, जिन्हें सैफ अक्सर उधार ले लेते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सैफ उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में वापस दे देते थे। सैफ की पहली शादी में नहीं पहुंचीं बहनें इसी इंटरव्यू में सोहा और सबा ने बताया कि वे भाई सैफ अली खान की पहली शादी में नहीं पहुंची थीं। सबा पटौदी ने बताया कि जब सैफ और अमृता की शादी हुई, तब वह और सोहा दोनों ही स्कूल में थीं। सोहा ने भी बताया कि शादी बहुत जल्दबाजी में हुई थी, इसलिए दोनों बहनें इसका हिस्सा नहीं बन सकीं। प्रिंसिपल ऑफिस से आया था फोन सबा ने आगे बताया कि शादी की अचानक आई मीडिया खबरों के कारण स्कूल प्रशासन को दखल देना पड़ा था। सबा के मुताबिक, प्रिंसिपल के ऑफिस से उन्हें फोन आया था। उनसे कहा गया था कि जब तक पुष्टि न हो जाए, वे इस बारे में किसी से कोई बात न करें। सबा ने याद करते हुए कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे किसी को कुछ न बताएं, क्योंकि यह खबर मीडिया में आ चुकी थी और उन्हें इसकी सच्चाई नहीं पता थी।

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सलमान खान ने घटाई फीस:रिपोर्ट में दावा- SVC63 के लिए ₹120 करोड़ की जगह ₹70 करोड़ ले रहे, जानिए क्यों लिया यह फैसला

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने वामशी पेडिपल्ली के निर्देशन में बन रही फिल्म SVC63 के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की फीस तय की है। फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, सलमान खान आमतौर पर एक फिल्म के लिए ₹120 करोड़ या उससे अधिक फीस लेते हैं। ऐसे में यह रकम उनकी नॉर्मल फीस का लगभग 60% बताई जा रही है। रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया गया है कि सलमान के पुराने दोस्त रफी काजी इस प्रोजेक्ट में मीडिएटर का काम कर रहे हैं। उनका नाम फिल्म के प्रोड्यूसर्स में भी शामिल रहेगा। इसी दोस्ती की वजह से सलमान अपनी अपफ्रंट फीस कम करने के लिए तैयार हुए हैं। हालांकि, सूत्र ने यह साफ नहीं किया कि क्या इस समझौते में सलमान खान को फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी भी मिलेगी। पिछले कई सालों से उनकी फिल्मों में इस तरह की व्यवस्था होने की बात सामने आती रही है। बता दें कि सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। 2010 के बाद कई फिल्मों में रही हिस्सेदारी रिपोर्ट के अनुसार, दबंग (2010) के बाद सलमान खान ने अधिकतर फिल्मों में अपनी हिस्सेदारी रखी है। दबंग का निर्माण उनके भाई अरबाज खान ने किया था, जबकि बॉडीगार्ड (2011) उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री ने बनाई थी। बाद की कई फिल्मों में उनके होम बैनर SKF की मौजूदगी रही। वहीं, बाहरी प्रोड्यूसर्स के साथ काम करने पर भी उन्होंने कई बार फिल्म के IPR या OTT और सैटेलाइट अधिकारों में हिस्सेदारी रखी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2010 से उनकी फिल्मों के OTT और सैटेलाइट अधिकारों का मूल्य लगभग ₹120 करोड़ से ₹140 करोड़ तक रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि YRF ने सलमान खान को एक था टाइगर (2012), टाइगर जिंदा है (2017) और टाइगर 3 (2023) जैसी फिल्मों में दूसरे एक्टर्स के मुकाबले बेहतर टर्म्स ऑफर किए, जिसमें शाहरुख खान को भी एक एक्सेप्शन बताया गया। दोस्तों के लिए बिना फीस भी किया काम रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने कई मौकों पर अपने दोस्तों के लिए कैमियो और स्पेशल रोल बिना कोई फीस लिए किए हैं। इसमें अजय देवगन और रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी भी शामिल है। अजय देवगन ने पहले बताया था कि सन ऑफ सरदार (2012) के 'पो पो' गाने में अपनी मौजूदगी के लिए उन्होंने सलमान को चेक दिया था, लेकिन सलमान ने यह कहते हुए चेक वापस कर दिया, “आप दोस्त हैं। मैं दोस्तों से पैसे नहीं लेता।” सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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Nadia Sawalha threatens ITV with legal action over Loose Women removal

The TV panellist claims she has been treated unfairly due to her public support of Palestinian rights.

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Etruscan well with votives, human remains found in northern Italy

Archaeologists have discovered a ritual well containing votive offerings and human remains in the Etruscan city of Kainua near Marzabotto, in northern Italy’s Emilia Romagna region. The find reveals the sacred nature of water in Etruscan ritual and sheds new light on the religious rites performed at the founding of Etruscan cities.

Located on a well-traveled natural route across the Apennines, Kainua was first settled in the 6th century B.C. but did not become an organized, planned urban development until the end of the 6th century and the beginning of the 5th century B.C. The name “Kainua,” known from surviving Etruscan inscriptions, is believed to mean “the new one,” and scholars hypothesize it refers to the reorganization of the city based on the combination of Greek urban grid design with Etruscan cosmological concepts.

Kainua was abandoned in the 4th century B.C., under pressure from the Celtic migrations into northern Italy. When the area was Romanized, they built new road systems that no longer relied on the route from the Reno river valley through the northern Apennines, so the Kainua area became peripheral to traffic and no new city was built on top of the abandoned one. That makes it one of the most archaeologically significant Etruscan sites because excavations have revealed almost the entire urban fabric — streets, residences, shops, sacred precincts, the acropolis at the center and necropoli on the northern and eastern outskirts of the inhabited city.

The University of Bologna has been excavating the site continuously since 1988. The well was discovered at the end of the 39th excavation season in the sacred area dedicated to the goddess Uni. It is 4.4 meters (14.5 feet) and lined with stones from top to bottom. This distinguishes it from more than 50 other wells found in the city, marking it as a sacred place connecting the human world to the water and underworld deities.

This exceptional condition of the well and its fill have made it possible for archaeologists to reconstruct the timeline of its use. Two bronze statuettes of female figures were discovered at the bottom of the well. They are of the korai type, the Archaic Greek idealized young females with the “archaic smile” wearing a long, draped garment. They wear a headdress/diadem and one arm extended in the act of ritual offering.

They are both large and heavy, made of solid copper, attesting to their value and importance of the deposition. The larger of the two figures consists of three pounds of solid bronze. They are still bright and copper-colored from having remained fully immersed in water and therefore protected from oxidation.

Next to the statuettes, the excavation uncovered a very rare bronze plate in perfect condition and an intact key, an intricate bronze vase applique decorated with winged horses, and ceramic vessels used during the ritual ceremony. A new inscription was discovered among the materials, a reference to the goddess Cavatha, the Etruscan underworld and fertility goddess comparable to the Greek Persephone.

All of these votive offerings date to the end of the 6th century B.C. or beginning of the 5th century B.C., the time of the refounding of the city. They were placed there in the religious ceremonies attending the Kainua’s rebirth.

The fill tells the opposite story: the ceremonies marking the city’s demise. At a depth of about 11’6″, the skeletons of two adult humans were found. Initial osteological examination revealed that they belonged to a senior woman and a young man. They appear to have been deposited in a closing ritual, but further analyses including radiocarbon dating, DNA and stable isotope, will hopefully answer more questions of chronology, health, origins and death of these individuals.

According to scholars, the discovery demonstrates that the well did not only serve a practical function of water supply, but also had a profound and complex sacred and ritual significance linked to the very foundation of the city and the cult of water.

The ritual well is located in the sacred urban area of ​​Kainua . Two imposing monumental temples were discovered here, which Etruscan inscriptions attribute to the supreme divine couple of the pantheon: Tinia (corresponding to the Greco-Roman Zeus/Jupiter) and his consort Uni (Hera/Juno). The area dedicated to Uni also documents the cult of Vei (Demeter/Ceres), protector of agricultural and human fertility.

“It is precisely within this rich cultic framework that the newly discovered ritual well fits,” explains Govi . “The results of this excavation campaign therefore enrich our knowledge of the foundation rites of Etruscan cities and Etruscan religiosity with new, precious details.”



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