WHAT’S HOT NOW

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 003

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 002

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 001

ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

Tuesday, 6 October 2026

Fine glassware found in graves from Late Antiquity in Troyes

An excavation in the city of Troyes in northeastern France has unearthed three burials from Late Antiquity with well-preserved grave goods, including intact glass vessels. The fine glassware is an extremely rare find in the area.

A team from the French National Institute for Preventive Archaeological Research (INRAP) excavated the site on the bank of the Vienne River prior to construction of a new housing development. They found the remains of a post-built settlement from early antiquity (1st century A.D.) that was protected by a sturdy ditched wall. A large palisade divided the settlement, and most of the 300 domestic structures unearthed were on the east side.

There’s evidence of a second phase of construction in which masonry buildings were raised next to the post-built ones. Tegulae, roof tiles, and hypocaust tile pillars confirm masonry construction of urban buildings, and judging from the profusion of metal artifacts like coins, fibulae and furniture fittings, the town was well-populated and prosperous.

Local pottery at the feet of the deceased. Photo courtesy Elsa Chiron, INRAP.The three burials were discovered outside the ditched perimeter of the settlement. They date to the late 3rd or early 4th century A.D. They were dug very closely together and contain the skeletal remains of an adult woman, a child and a second adult whose bones are too degraded to determine their sex. Archaeologists believe it was a family grouping.

One of the adults was buried with glass vessels around their head. Two of the vessels are cylindrical and with thin glass walls. An intact pot-bellied amphora was found at the feet of the deceased. It was locally made and of good quality.

The site appears to have been abandoned after Late Antiquity, although the excavation did uncover a small group of huts from the turn of the 11th/12th century just to the north of the ancient town. There was a well and a silo, so it seems to have been a small community, although it’s not possible to tell from the sparse artifacts how long it was inhabited.



* This article was originally published here

Traitors claim their first victim as Richard E Grant tries to save his skin

There was a murder and a recruitment in the latest episode, and that was just in the opening minutes.

from BBC News https://ift.tt/XMPHNmn

Monday, 5 October 2026

Rare 4,000-year-old cist grave found in Norway

What at first sight looked like an ancient firepit has proven to be a rare 4,000-year-old stone cist grave in Halden, southeastern Norway. It is one of only about 20 stone cists found in Norway, in contrast to Sweden where 2,000 are known, and this is the only ever to be excavated by professional archaeologists.

Just a few miles from the border with Sweden, the area is slated for development into a new industrial park. Archaeologists are excavating the site to document and recover everything they can find before construction begins. The team uncovered some stones sticking up out of the soil, and a charcoal layer which suggested to them it was an ancient firepit. It was only when they removed some of the stones that they saw the stone slab sides of a cist grave.

The cist was built using stone slabs weighing hundreds of pounds with wedges driven down into the corners to create an in-ground coffin. The stone slabs are neatly placed and carefully wedged to keep them stable. Small, smooth stones were used to line the bottom of the grave creating a floor.

No traces of human remains were found inside the grave. Comparable examples have contained the skeletal remains of young men, some showing evidence of battle injuries. They were buried with daggers and arrowheads, suggesting they may have been warriors in life. The Halden cist did contain an arrowhead, but no daggers. They also found one amber bead and a fragment of corded ware pottery.

Archaeologists believe the deceased was likely a local resident, perhaps a farmer. To answer some of the questions about the grave and its owner, archaeologists are employing an experimental technique: they will be extracting DNA from soil samples. The body has decomposed, but the soil it decomposed into is still there and still retains traces of DNA. Archaeologists hope they’ll be able to find out more about the deceased from those traces.

The Cultural History Museum is now discussing the fate of the cist grave with Østfold County Council. The debate is whether it should be allowed to remain in situ so that people can visit it in its original location, or recovered and reconstructed inside the museum.



* This article was originally published here

Charity tea room may close despite Ludwig filming

The series, starring David Mitchell, is filming scenes in Hemel Hempstead.

from BBC News https://ift.tt/oMKbQsm

नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा का तंज:बोले- कैप्टन स्मित पर चुप क्यों, LPU की घटना पर क्यों नहीं बोल रहे; CJP प्रोटेस्ट में पहुंचे थे नसीरुद्दीन

मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रोटेस्ट में एक्टर नसीरुद्दीन शाह और संगीतकार विशाल ददलानी समेत कई हस्तियां शामिल हुईं। इसी बीच एक्टर पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह की अभिजीत दिपके से मुलाकात का जिक्र करते हुए देश के अन्य मुद्दों पर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने दुबई की फ्लाइट में 170 यात्रियों की जान बचाने वाले स्मिथ मच्छर की तारीफ करने और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की घटना पर बयान देने की मांग की। पीयूष ने देश के अन्य मुद्दों पर नसीरुद्दीन शाह की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब नसीर साहब के हर बयान का वे खुद जवाब देंगे। 'फ्लाइट हादसे में जान बचाने वाले की तारीफ करें' पीयूष मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में नसीरुद्दीन शाह से कहा कि वे पुराने जानकार हैं। पीयूष ने हाल ही में फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में टले हादसे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्मित मच्छार नाम के व्यक्ति ने बहादुरी दिखाकर 170 लोगों की जान बचाई है। नसीर साहब को उस घटना पर भी कमेंट करना चाहिए और उस जांबाज को बधाइयां देनी चाहिए। एलपीयू घटना पर संवेदना जताने की मांग पीयूष मिश्रा ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि वहां छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई के दौरान धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। पीयूष ने तंज कसते हुए याद दिलाया कि नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि उन्होंने जितना नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) और FTII में नहीं सीखा, उतना इन बच्चों से सीखा है। पीयूष ने पूछा कि ये बच्चे कब से एक्टिंग टीचर हो गए, नसीर साहब को इस पर भी मैसेज भेजकर अपनी संवेदना जतानी चाहिए। 'झारखंड में नज्म नहीं, आटा-दाल-रोटी चाहिए थी' वीडियो में पीयूष मिश्रा ने झारखंड छात्र आंदोलन के दौरान मांगी गई मदद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने झारखंड के लिए नसीर साहब से मदद मांगी थी, तो उन्होंने एक पाकिस्तानी शायरा की नज्म भेज दी थी। पीयूष ने कहा कि वहां के लोगों को किसी शायरा की नज्म नहीं, बल्कि आटा, दाल, रोटी, लिट्टी और चोखा चाहिए था। उन्हें कोई पिज्जा या बर्गर नहीं चाहिए था। पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह को साफ शब्दों में कहा कि अब वे जब भी कोई सार्वजनिक बयान देंगे, तो उन्हें पीयूष मिश्रा की तरफ से जवाब जरूर मिलेगा। उन्होंने खुद को नसीर साहब का पुराना जानकार बताते हुए 'इंकलाब जिंदाबाद' के साथ अपनी बात खत्म की। जंतर-मंत्र छात्र आंदोलन में भी भिड़े दोनों एक्टर्स नसीरुद्दीन शाह और पीयूष मिश्रा के बीच यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले दिल्ली में हुए नीट (NEET) प्रोटेस्ट के दौरान नसीरुद्दीन शाह ने बॉलीवुड हस्तियों की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। पीयूष मिश्रा ने झारखंड प्रोटेस्ट में पहुंचकर नसीरुद्दीन शाह के एक बयान पर नाराजगी जाहिर कर उन पर कटाक्ष किया था। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह और अन्य सेलेब्स की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे। झारखंड प्रोटेस्ट में शामिल हुए पीयूष मिश्रा ने कहा था, ‘नसीरुद्दीन शाह साहब, आपने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर सेलेब्स के कुछ न कहने पर एक बात कही थी कि जिन कुत्तों के मुंह में हड्डी है वह नहीं बोलेंगे। माफ करिएगा, मैं आपका प्रति पूरा सम्मान देकर पूछना चाहता हूं कि इस वक्त वो कौन कुत्ते हैं, जिनके मुंह में हड्डी है।’ नसीरुद्दीन शाह का पूरा बयान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से कहा था, सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/VH3cith
via IFTTT

डीपफेक वीडियो पर भड़कीं जान्हवी कपूर:बोलीं- तकनीक का गलत इस्तेमाल यौन उत्पीड़न जैसा, जूनियर एनटीआर और चिरंजीवी का जताया आभार

अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने अपनी फिल्म 'देवरा: पार्ट 1' के गाने 'चुट्टामल्ले' पर बने AI जनरेटेड अश्लील (डीपफेक) वीडियो पर कड़ी नाराजगी जताई है। इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक बयान जारी कर उन्होंने तकनीक के इस गलत इस्तेमाल को यौन उत्पीड़न के बराबर बताया। जान्हवी ने कहा कि बिना मर्जी के महिलाओं का ऐसा कंटेंट बनाना उनकी गरिमा का गंभीर उल्लंघन है। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर बोलने और समर्थन देने के लिए अपने को-स्टार जूनियर एनटीआर, चिरंजीवी, विजय देवरकोंडा और खुशबू का आभार व्यक्त किया। टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल यौन उत्पीड़न जैसा जान्हवी कपूर ने अपने बयान में लिखा कि महिलाओं को केवल एक वस्तु की तरह दिखाना और उनकी सहमति के बिना एडिटेड कंटेंट फैलाना बेहद गंभीर मामला है। यह आपराधिक कृत्य लगभग यौन उत्पीड़न के ही समान है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री की लगभग हर महिला ने किसी न किसी रूप में इस परेशानी का सामना किया है। अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हर जगह आम महिलाएं भी इसका शिकार हो रही हैं। महिला की सहमति और मर्जी का सम्मान होना चाहिए एक्ट्रेस ने महिलाओं की पसंद और उनके शरीर के प्रति सम्मान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला पांच दिन 'हां' कहती है और छठे दिन 'ना', तो उस 'ना' का सम्मान किया जाना चाहिए। मिनीस्कर्ट पहनने का मतलब यह नहीं होता कि कोई उसके नीचे कैमरा लगाए या उसके शरीर का गलत इस्तेमाल करे। महिला किस चीज में सहज है और अपनी सीमा कहां तय करती है, यह फैसला पूरी तरह से उसी का होना चाहिए। 'अपनी बेटियों को बचाओ' की जगह सोच बदलने की जरूरत जान्हवी ने आगे कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगहों पर महिलाओं को सीमाओं के उल्लंघन का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि लोगों को सिर्फ अपनी बेटियों की सुरक्षा करने की बात कहने के बजाय अपनी सोच बदलनी होगी। समाज को ऐसी मानसिकता विकसित करने की जरूरत है जो लोगों को दूसरों की प्राइवेसी और सीमाओं का उल्लंघन करने से रोके। जूनियर एनटीआर और सीनियर एक्टर्स का जताया आभार जान्हवी ने अपने को-स्टार जूनियर एनटीआर का खास तौर पर शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इस वायरल वीडियो के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कड़ा बयान दिया था। जान्हवी के मुताबिक, बड़े स्टार्स का ऐसा स्टैंड लेना उन सभी महिलाओं को हिम्मत देता है जो इस तरह के बर्ताव से पीड़ित हैं। उन्होंने मामले में एकजुटता दिखाने के लिए दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी, विजय देवरकोंडा और खुशबू सुंदर को भी धन्यवाद कहा। मॉर्फ्ड वीडियो बनाने वालों को चेतावनी थी जूनियर NTR ने मॉर्फ्ड ‘चुट्टामल्ले’ वीडियो बनाने और उसे फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने लिखा कि ‘चुट्टामल्ले’ के इस मॉर्फ्ड वीडियो को बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ मैं हर संभव कानूनी कार्रवाई करूंगा। मैं उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ूंगा। अभिनेता ने लोगों से ऐसे कंटेंट को बढ़ावा नहीं देने की अपील की। उन्होंने लिखा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि ऐसे कंटेंट को न देखें, न शेयर करें और न ही उस पर प्रतिक्रिया दें। आज यह किसी और के साथ हुआ है, कल आपकी मां, बहन, पत्नी या बेटी भी इसका शिकार हो सकती है।” उन्होंने आगे लिखा, "यह बेहद गंभीर मामला है। मैं सभी राज्य सरकारों और भारत सरकार से अपील करता हूं कि AI के गलत इस्तेमाल के खिलाफ सख्त नियम बनाए जाएं और कार्रवाई की जाए।” विजय देवरकोंडा ने वीडियो पर नाराजगी जताई विजय देवरकोंडा ने ‘चुट्टामल्ले’ के डीपफेक वीडियो पर नाराजगी जताते हुए इसे बेहद गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि लोग एक-दूसरे को नीचा दिखाने के प्रति इतने असंवेदनशील कैसे हो गए हैं। विजय ने कहा कि AI का इस्तेमाल लोगों की नौकरी जाने की चिंता के बीच इस तरह की बकवास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इस तरह के डीपफेक को डिजिटल रूप से यौन उत्पीड़न के बराबर बताया और कहा कि कानून को ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। चिरंजीवी ने भी वीडियो पर जताई नाराजगी साउथ सुपरस्टार चिरंजीवी ने भी गाने ‘चुट्टामल्ले’ के मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक AI वीडियो के वायरल होने पर कड़ी नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने ऐसे कंटेंट को क्रूर, शर्मनाक और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसी एक महिला या फिल्म से जुड़ा मामला नहीं है। आज किसी और के साथ हुआ है, कल यह आपके, मेरे या किसी जानने वाले के साथ भी हो सकता है। चिरंजीवी ने कहा कि ऐसे वीडियो बनाने और जानबूझकर उन्हें फैलाने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे मजाक या मनोरंजन मानने से भी इनकार किया। उन्होंने तेलुगु फिल्म चैंबर, प्रोड्यूसर्स काउंसिल और इंडस्ट्री संस्थाओं के साथ मिलकर एक कमेटी और सपोर्ट सेल बनाने की बात कही। यह टीम साइबर क्राइम अधिकारियों के साथ काम करेगी। उन्होंने लोगों से वीडियो को देखने, डाउनलोड करने या शेयर करने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम अधिकारियों को रिपोर्ट करने की अपील की। ‘चुट्टामल्ले’ गाना और फिल्म ‘चुट्टामल्ले’ 2024 में आई एक्शन ड्रामा फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ का रोमांटिक गाना है। इसमें जूनियर NTR और जान्हवी कपूर नजर आए थे। यह गाना अपनी धुन और दोनों मुख्य कलाकारों की केमिस्ट्री के लिए लोकप्रिय हुआ था। ‘देवरा: पार्ट 1’ की कहानी कोरटाला शिवा के निर्देशन में बनी ‘देवरा: पार्ट 1’ की कहानी 1980 के दशक के एक तटीय गांव पर आधारित है। फिल्म में एक ताकतवर समुद्री योद्धा अवैध समुद्री तस्करी के खिलाफ खड़ा होता है। उसे पता चलता है कि इसकी वजह से निर्दोष लोगों को नुकसान हो रहा है। फिल्म में जूनियर NTR, जान्हवी कपूर और सैफ अली खान ने अहम भूमिकाएं निभाईं। प्रकाश राज, श्रीकांत और शाइन टॉम चाको भी फिल्म का हिस्सा थे। वर्कफ्रंट की बात करें तो जूनियर NTR अपकमिंग फिल्म ‘ड्रैगन’ पर काम कर रहे हैं। इसका निर्देशन ‘KGF’ और ‘सालार’ फेम प्रशांत नील कर रहे हैं। फिल्म 11 जून 2027 को रिलीज होने वाली है। कई सेलेब्स के AI-जनरेटेड पोस्ट बने हैं गौरतलब है कि कई सेलिब्रिटी एआई-जनरेटेड कंटेंट का शिकार हो चुके हैं, जिनमें रश्मिका मंदाना, नोरा फतेही और माधुरी दीक्षित जैसे नाम शामिल हैं। मई 2026 में फेक एआई से बने वीडियो और तस्वीरों को लेकर साउथ एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत भड़क गई थीं। रुक्मिणी ने एक्स अकाउंट पर एक नोट शेयर कर लिखा था, “मेरी टीम और मैंने सोशल मीडिया पर कुछ एआई से बनाई गई तस्वीरें देखी हैं, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वो मेरी हैं। मैं साफ कहना चाहती हूं कि ये तस्वीरें पूरी तरह फर्जी और बनाई गई हैं। इस तरह की एडिटेड तस्वीरें बनाना और फैलाना बहुत गैरजिम्मेदाराना है। यह किसी की प्राइवेसी का बड़ा उल्लंघन भी है।” उन्होंने आगे लिखा था, “हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। इन तस्वीरों को बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी और साइबर क्राइम कार्रवाई शुरू की जा रही है। मैं सभी लोगों से अपील करती हूं कि ऐसे कंटेंट को शेयर न करें और न ही उसे बढ़ावा दें।” मई 2026 में ही माधुरी दीक्षित का एक रिवीलिंग ब्लैक ड्रेस वाला वीडियो वायरल हुआ था, जिसे बाद में फैक्ट चेक और ट्विटर (X) के कम्युनिटी नोट द्वारा एआई-जनरेटेड और पूरी तरह नकली घोषित किया गया। नवंबर 2023 में रश्मिका का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह काले रंग के कपड़ों में एक लिफ्ट के अंदर जाती हुई दिख रही थीं। यह वीडियो पूरी तरह फेक था। मूल वीडियो ब्रिटिश-भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जारा पटेल का था। AI डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके जारा के चेहरे की जगह रश्मिका का चेहरा लगा दिया गया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया था। जनवरी 2024 में नोरा फतेही का भी एक फेक वीडियो सामने आया था जिसमें एक क्लोदिंग ब्रांड के एंडोर्समेंट के लिए उनके चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने खुद इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर इसके फर्जी होने की पुष्टि की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/83G4sKF
via IFTTT

Sunday, 4 October 2026

Korea’s oldest known firearm found in landmine search

A small bronze artifact discovered during a search for landmines on South Korea’s Geumseongsan Mountain has been identified as Korea’s oldest gunpowder weapon. The discovery rewrites Korea’s weaponry history, predating the previous oldest firearm by at least 120 years, and possibly 180 years.

It was discovered in November 2023 by a soldier detecting landmines at the site of a planned hiking trail at the summit of the mountain. The area has been restricted since 1966 when an anti-aircraft battery was installed there, and the military has been clearing landmines to make it safe for the general public again. The object was found just four inches deep beneath a rock.

Known as a Hwangja Hwatong, meaning “Yellow-Character Hand Cannon,” the weapon is a cylinder that balloons out three thirds of the way down and ends in a slightly trumpet terminal that is a little wider in diameter that the straight cylindrical end. It is 23.75cm (9.35 inches) long with a bore diameter of 1.66 cm (.65 inches) and weighs 2.8 lbs. The trumpet end would have been mounted to the end of a long wooden staff and the device packed with gunpowder and a projectile (arrows or bullets) to fire out of the muzzle.

The handle and muzzle are inscribed with 28 characters that describe its manufacture in detail. The inscription reads: “In the 12th month of the Jeongsa year, the Hwangja Hwatong was made. It weighs one geun and 14 nyang. The supervising official was registrar An Hyu-bo, and the craftsman was Seok.” This is the first small gunpowder weapon found in Korea that is inscribed with its type name, production date, weight, plus the names of the government production manager and of the craftsman who cast it.

The inscription dates the weapon to a Jeongsa year, narrowing its creation to either December 1377 or December 1437. In 1377, the Goryeo Dynasty established its first state arms agency under the famed inventor Choe Mu-seon to counter naval raids by Japanese pirates. If it was forged in 1437, it originates from the golden age of King Sejong the Great, who spearheaded major artillery standardization.

Either timeline solidifies the hand cannon as the earliest verifiable firearm ever found on the Korean peninsula.

X-ray and metallurgical analyses revealed the cannon was cast from a traditional bronze alloy of copper, tin and lead. Researchers noted that the tin content was kept strictly below 10 percent — a precise engineering choice designed to give the barrel enough ductility to withstand explosive internal pressure without shattering. Residual traces of silver and sulfur further confirmed medieval smelting techniques rather than a modern reproduction.

The Hwangja Hwatong is now on display to the public for the first time at the National Palace Museum of Korea through November 22nd.



* This article was originally published here

Film festival celebrates British-Latino identity

The Latino film festival in the capital will screen 60 films from 27 countries over five days.

from BBC News https://ift.tt/uBkgtaU

‘वे मैनूं माही मिला दे…'इन्फ्लुएंसर संधू की आखिरी पोस्ट:अमृतसर में 1 घंटे बाद गोली मारकर हत्या; बोल्ड रील्स को लेकर होता था ट्रोल

अमृतसर में इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू (29) की शनिवार शाम लोहारका रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसने इससे करीब एक घंटे पहले 5 बजे इंस्टाग्राम एक रील पोस्ट की थी, जिसमें उसने पंजाबी सिंगर जी खान का गाना लगाया- वे मैनूं माही मिला दे…वे ढोलना… इसके बाद 6 बजे जब मैड संधू अपनी कार धुलवाने के लिए गया, जो इसी दौरान बाइक पर पहुंचे दो युवकों में से एक ने उसके बिल्कुल करीब आकर गोलियां चला दीं। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मैड संधू सोशल मीडिया पर अपने बोल्ड अंदाज और अलग तरह की रील्स के लिए पहचाना बनाई। उसके वीडियो में मेकअप, ब्यूटी टिप्स, फैशन, लग्जरी लुक और कॉमेडी के साथ-साथ लाइफस्टाइल और सामाजिक मुद्दे भी शामिल रहते थे। बोल्ड रील्स को लेकर होता था ट्रोल मैड संधू की सोशल मीडिया पर अच्छी-खासी पहचान थी, लेकिन उसका बोल्ड अंदाज कई लोगों को पसंद नहीं आया। उसे लगातार ट्रोल किया जाता था और उसके कंटेंट पर सवाल उठाए जाते थे। निहंगों की ओर से भी उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। उनका कहना था कि इस तरह का कंटेंट पंजाब की संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप नहीं है। विवादों और आलोचनाओं के बावजूद मैड संधू सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा। उसकी रील्स और अलग अंदाज के चलते वह लगातार चर्चा में बना रहा। पंजाबी फिल्मों में काम करने से पहले ही वह सोशल मीडिया पर मशहूर हो चुका था। उसकी लोकप्रियता को देखते हुए उसे पंजाबी फिल्म ‘ओए भोले ओए’ में भूमिका मिली। मैड संधू की हत्या कैसे हुई, 3 पॉइंट में जानिए… पिता पंजाब पुलिस से रिटायर्ड SI पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि मैड संधू , तभी उन पर हमला हुआ। वह पंजाब पुलिस के रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर के बेटे थे। उनका घर अमृतसर रूरल पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाली एक रिहायशी कॉलोनी में था। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मामले में पुलिस को ठोस सुराग मिले हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम बनाई गई है। गोल्डी ढिल्लों की फेसबुक पोस्ट पढ़िए.. गोल्डी ढिल्लों ने पोस्ट कर ली जिम्मेदारी मैड संधू की हत्या के बाद गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। पोस्ट में उसने मैड संधू के कंटेंट पर आपत्ति जताते हुए लिखा कि वह नई पीढ़ी को खराब कर रहा है। उसने टिकटॉक पर इस तरह का कंटेंट बनाने और उसे प्रमोट करने वालों को भी धमकी दी। हालांकि भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता है। गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों पोस्ट में लिखा…. “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह। आज रंजीत एवेन्यू में मैड संधू की जो हत्या हुई है, उसकी जिम्मेदारी मैं, गोल्डी ढिल्लों और जग्गा तरनतारन लेते हैं। ये लोग हमारी नई पीढ़ी को खराब कर रहे हैं। बाकी, जो भी इनके जैसे लोग सोशल मीडिया और टिकटॉक पर हथियारों का प्रदर्शन करते हैं, उन्हें भी चेतावनी है। जो लोग इन्हें प्रमोट कर रहे हैं, वे भी अपनी तैयारी रखें। जिन स्कूलों में इन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जा रहा है, उन्हें भी आखिरी चेतावनी है। जो लोग गुंडागर्दी करना चाहते हैं, उन्हें पंजाब से बाहर कर दो। यह योद्धाओं की धरती है और इस धरती पर योद्धा ही रहेंगे। जिन्हें हमारे फोन की घंटी सुनाई नहीं दे रही और जो सुरक्षा लेकर बैठे हैं, वे भी तैयार रहें। इंतजार करो और देखो।” ********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी सिंगर केएस मक्खन ने मैड संधू का मजाक उड़ाया: स्टेज से मेकअप आर्टिस्ट को चिज्जी बताया; पहले भी कुंवारों की खुराक बता चुके फेमस पंजाबी सिंगर केएस मक्खन और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू एक बार फिर आमने-सामने हो गए हैं। केएस मक्खन ने कपूरथला में हुए शो में मैड संधू को चिज्जी कहते हुए कुंवारों की खुराक बता दिया। मक्खन का ये रिएक्शन तब आया, जब एक फैन ने उन्हें मोबाइल पर मैड संधू की फोटो दिखाते हुए गाना गाने के लिए कहा। (पढ़ें पूरी खबर)

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/gIsiKo5
via IFTTT

Saturday, 3 October 2026

Norway’s largest hoard passes the 5,000 mark

Norway’s largest coin hoard has now officially passed the 5,000 coin count. The total is now up to around 5,200 coins recovered. The milestone 5,000th was an Otto-Adelheid penny, one of many of this type in the Mørstad Hoard.

The discovery was kept under wraps initially. When it was announced at the end of April, the coin count had just passed 3,000. Less than two weeks later, it had already passed 4,000. When excavation stopped for the summer, 4,886 coins have been unearthed. At that time, ground-penetrating radar found no evidence of further coins, so it seemed like maybe the silver harvest was complete, leaving farmer and landowner Ole Erik Hørstad free to sow and harvest his grain.

Metal detectorists returned after the harvest, and quickly found coins that were still there under the plow layer, so the count continued. The signals are becoming less frequent and the recent coins that have been found are at a greater depth.

Obverse of silver penny minted in the reign of Hispano-Viking King of Dublin Sigtrygg Olafsson Silkbeard, 995-1005. Photo by Julia H. Hiorthøy, courtesy University of Oslo Museum of Cultural History..As the new finds wind down, thousands of coins in the hoard are still being catalogued and examined by numismatists at the University of Oslo’s Museum of Cultural History. Earlier this summer, the first 100 coins were published in the museum’s online database. One of them is notable for having been issued by Sigtrygg Olafsson Silkbeard, Hiberno-Norse king of Dublin who ruled for 46 years (interrupted by conflict), until 1036. It was minted in Dublin between 995 and 1005 by moneyer Færemin.

The Silkbeard beard coin is unusual in the hoard because there are maybe 10 Irish issues among the thousands of coins recovered. Most of them were struck in modern-day England and Germany, with the name of the city included in the instruction. English coins typically also bear the name of the moneyer who struck them, and several of those names, for example Beorn, Aslac and Cetil, sound Scandinavian.

According to senior adviser and coin expert Anne Skogsfjord, each coin requires at least an hour of work to catalogue, so processing the whole hoard is estimated to take at least a year, if everything goes well. A small selection of coins from the Mørstad Hoard will be exhibited at the museum this fall.



* This article was originally published here

Chaos, coffins and 'Claudiapatra' steal the show in Celebrity Traitors

There is paranoia, confusion and a battle to survive among the celebrities as they fight for survival.

from BBC News https://ift.tt/gwm235D

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शामिल हुए। पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी पहुंचे। शर्लिन चोपड़ा और विशाल भारद्वाज समेत कई सेलेब्स ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। इन बॉलीवुड सेलेब्स की मौजूदगी से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ जुट गई। इन कलाकारों ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का खुलकर समर्थन किया। नसीरुद्दीन शाह ने दीपके को गले लगाकर कहा शुक्रिया प्रदर्शन के दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस वीडियो को शेयर किया। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह आयोजक अभिजीत को गले लगाते और धन्यवाद कहते दिख रहे हैं। अभिजीत ने बताया कि वे नसीरुद्दीन शाह के बहुत बड़े फैन हैं और उनका इस प्रदर्शन में आना किसी सपने के सच होने जैसा है। शबाना आजमी बोलीं- अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी अभिनेत्री शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। शबाना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। जब वोटर लिस्ट से बिना किसी कारण लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो जनता का विरोध करना बिल्कुल सही है। इससे पहले शबाना आजमी नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हो चुकी हैं। संगीतकार विशाल ददलानी ने जताया समर्थन बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया। विशाल ने कार्यक्रम से पहले भी सोशल मीडिया के जरिए इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विशाल की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर बोलीं शर्लिन चोपड़ा एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिए और नागरिकों से मतदान का हक नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए जिन 13 करोड़ भारतीयों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, क्या यह साबित किया जा सकता है कि वे गैर-नागरिक हैं। शर्लिन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती हैं और उन्हें पिता तुल्य मानती हैं, इसलिए एक बेटी के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने पीएम मोदी से भारतीय नागरिकों के इस अधिकार को न छीनने की अपील की। सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/LFRekgY
via IFTTT

Chaos, coffins and 'Claudiapatra' steal the show in Celebrity Traitors

There is paranoia, confusion and a battle to survive among the celebrities as they fight for survival.

from BBC News https://ift.tt/CAvg7wN