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Rare sealed sarcophagus found in Croatia

A rare stone sarcophagus found intact, still closed and sealed, has been discovered in the Adriatic coastal town of Cavtart, Croatia. The sarcophagus dates to Late Antiquity, between the 4th and 6th centuries A.D. and is one of very few sarcophaguses preserved undisturbed in their original context ever found in Croatia.

The five-ton sarcophagus was found in the necropolis of the Roman colony of Epidaurum. Numerous burials of different types were unearthed in the excavation before the massive sarcophagus was found three meters (10 feet) below the surface. It is a sarcophagus of the Salonitan type, a design manufactured in the workshops of Salona, capital of Roman Dalmatia. It was completely untouched by looters and showing no signs of ever having been moved. The lid was still sealed shut with a layer of lime mortar.

In order the remove the sarcophagus and relocate it to an area where it is visible to the public, archaeologists decided to unseal the lid and take both parts out separately. Restorer Sinisa Bizjak worked with sculptor Tomislav Šalo to remove the lime mortar binding the lid to the coffin. Inside the sarcophagus were the remains of one individual. The skeletal remains are in poor condition, but archaeologists recovered them and took samples of organic deposits and other materials inside the coffin.

The samples taken will now undergo scientific analysis. Archaeologists hope to narrow down the burial date and find out more about the deceased. The burial remaining in its original location without being disturbed gives archaeologists a rare opportunity to investigate its context.

It now stands at the junction of pathways leading to the Račić Family Mausoleum, St Rocco’s Cemetery and the steps descending towards Ključice beach.

The relocation ensures that both residents and visitors can view the monument and gain a deeper appreciation of Cavtat’s rich ancient heritage and its connection to the former Roman colony of Epidaur.



* This article was originally published here

सलमान भगवान नहीं, वो मुझे नहीं रोक सकता:रिलीज रोकने की मांग पर भड़के डायरेक्टर, समानता पर बोले- ब्रेसलेट सिर्फ वो नहीं पहनते, ये सिर्फ संयोग

फिल्म काला हिरण अनाउंसमेंट के बाद से ही लगातार विवादों में है। फिल्म का किरदार सलमान खान से और कहानी उनके काला हिरण शिकार मामले से मिलती हुई दिखाई गई है, यहां तक कि पोस्टर में एक्टर को सलमान खान का ब्रेसलेट भी पहने दिखाया गया है। पोस्टर जारी होते ही सलमान ने फिल्ममेकर्स के खिलाफ याचिका दायर कर रिलीज रोकने की मांग की है। इसी बीच प्रोड्यूसर अमित जानी ने दावा किया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। अब फिल्म के डायरेक्टर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि फिल्म सलमान पर नहीं हैं। वो भगवान नहीं हैं और न ही गॉडफादर हैं, जो उन्हें रोक सकते हैं। ब्रेसलेट की समानता पर फिल्म के डायरेक्टर भरत एस श्रीनेत ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कहा 'यह ब्रेसलेट कोई पेटेंट की गई चीज नहीं है। अगर सलमान को लगता है कि सिर्फ वही इसे पहन सकते हैं, तो उन्हें इसका पेटेंट करवा लेना चाहिए। फिर यह ब्रेसलेट दुनिया में कहीं और उपलब्ध नहीं होना चाहिए। मैं इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं कि यह फिल्म या इसका किरदार सलमान खान पर आधारित है। हमारा किरदार सलमान खान नहीं है। यह सिर्फ एक फिल्म है।' श्रीनेत ने आगे कहा कि फिल्म के अभिनेता और सलमान खान के बीच जो समानता दिख रही है, वह महज एक संयोग है और इसे जानबूझकर नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा, ‘नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्म ठाकरे में बालासाहेब ठाकरे का किरदार निभाया था। उन्हें उनके जैसा दिखाने के लिए प्रोस्थेटिक्स और मेकअप का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन हमारी फिल्म में ऐसा कुछ नहीं किया गया है। हमारा अभिनेता स्वाभाविक रूप से सलमान जैसा दिखता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उसकी शक्ल नहीं बदल सकता। मैं उसे किसी और जैसा दिखाने के लिए प्रोस्थेटिक्स भी नहीं लगा सकता था। अब क्या कर सकते हैं? अगर किसी को इससे परेशानी हो रही है, तो मैं इस बारे में क्या कहूं?’ फिल्म पर कानूनी कार्रवाई की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीनेत ने निराशा जताई। उन्होंने कहा, ‘सलमान खान भगवान नहीं हैं। वह मेरे गॉडफादर भी नहीं हैं। वह न मुझे रोक सकते हैं और न ही मेरा करियर बना या बिगाड़ सकते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आखिरकार फिल्म का असर और उसकी अहमियत दर्शक ही तय करेंगे। इस फिल्म को बनाने में बहुत सारे लोगों की मेहनत लगी है। और अब अचानक हमें एक कानूनी नोटिस भेज दिया गया है। फिल्म की रिलीज रोकने की कोशिश की जा रही है। इससे बुरा तो लगता ही है।’ कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया, अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने सलमान खान की याचिका पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस मधु जैन की बेंच ने सलमान की लीगल टीम को निर्देश दिया है कि वे फिल्ममेकर्स को केस से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपें, ताकि वे अपना जवाब तैयार कर सकें। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। सलमान खान ने अपनी याचिका में फिल्म 'काला हिरन: द बैटल फॉर लेगेसी' की रिलीज रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह फिल्म उनकी अनुमति के बिना उनके 1998 के काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवादों पर बनाई जा रही है। प्रोड्यूसर को मिल रही हैं धमकियां, केस दर्ज फिल्म के प्रोड्यूसर अमित ज्याणी को पाकिस्तान नंबरों से जान से मारने की धमकी मिली है। उनका आरोप है कि मुझे सलमान खान के इशारे पर धमकी दी गई है। इसे लेकर गुरुवार को जोधपुर के रातानाड़ा थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि अमित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए मूवी से हटने की बात कही है। ‘मुझे दो साल से धमकी मिल रही है’- अमित ज्याणी इस पूरे मामले को लेकर अमित ज्याणी ने वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने बताया- 'पिछले दो साल से मुझे गला काटने, जान से मारने, घर उड़ाने और पेट्रोल बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। मैंने बताया कि मैं किसी गैंग का हिस्सा नहीं हूं। सभी आतंकवादियों पर फिल्म बना रहे हैं। मैं 'बहारों फूल बरसाओ' गाने नहीं लिख सकता हूं। कुछ-कुछ होता है, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे.. ऐसी फिल्म नहीं बना सकता। मेरा सब्जेक्ट ये ही है।' ‘मैं आतंकवादी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर नहीं हूं। मैं भारत देश का नागरिक हूं। शहजाद भट्टी घोषित आतंकवादी है।’ उन्होंने कहा- ‘सलमान खान दो मोर्चे पर क्यों खेल रहे हैं? मुझे समंदर में फेंकने और काट देने की धमकी दे चुके हैं। उनकी फैन फॉलोइंग और टूल किट से धमकी दे रहे हैं। सलमान खान के कहने पर शहजाद भट्टी मुझे धमकी दे रहा है।’

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सलमान भगवान नहीं, वो मुझे नहीं रोक सकता:रिलीज रोकने की मांग पर भड़के डायरेक्टर, समानता पर बोले- ब्रेसलेट सिर्फ वो नहीं पहनते, ये सिर्फ संयोग

फिल्म काला हिरण अनाउंसमेंट के बाद से ही लगातार विवादों में है। फिल्म का किरदार सलमान खान से और कहानी उनके काला हिरण शिकार मामले से मिलती हुई दिखाई गई है, यहां तक की पोस्टर में एक्टर को सलमान खान का ब्रेसलेट भी पहने दिखाया गया है। पोस्टर जारी होते ही सलमान ने फिल्ममेकर्स के खिलाफ याचिका दायर कर रिलीज रोकने की मांग की है। इसी बीच प्रोड्यूसर अमित जानी ने दावा किया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। अब फिल्म के प्रोड्यूसर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि फिल्म सलमान पर नहीं हैं। वो भगवान नहीं हैं और न ही गॉडफादर हैं, जो उन्हें रोक सकते हैं। ब्रेसलेट की समानता पर फिल्म के डायरेक्टर भरत एस श्रीनाते ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कहा 'यह ब्रेसलेट कोई पेटेंट की गई चीज नहीं है। अगर सलमान को लगता है कि सिर्फ वही इसे पहन सकते हैं, तो उन्हें इसका पेटेंट करवा लेना चाहिए। फिर यह ब्रेसलेट दुनिया में कहीं और उपलब्ध नहीं होना चाहिए। मैं इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं कि यह फिल्म या इसका किरदार सलमान खान पर आधारित है। हमारा किरदार सलमान खान नहीं है। यह सिर्फ एक फिल्म है।' श्रिनाते ने आगे कहा कि फिल्म के अभिनेता और सलमान खान के बीच जो समानता दिख रही है, वह महज एक संयोग है और इसे जानबूझकर नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा, ‘नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्म ठाकरे में बालासाहेब ठाकरे का किरदार निभाया था। उन्हें उनके जैसा दिखाने के लिए प्रोस्थेटिक्स और मेकअप का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन हमारी फिल्म में ऐसा कुछ नहीं किया गया है। हमारा अभिनेता स्वाभाविक रूप से सलमान जैसा दिखता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उसकी शक्ल नहीं बदल सकता। मैं उसे किसी और जैसा दिखाने के लिए प्रोस्थेटिक्स भी नहीं लगा सकता था। अब क्या कर सकते हैं? अगर किसी को इससे परेशानी हो रही है, तो मैं इस बारे में क्या कहूं?’ फिल्म पर कानूनी कार्रवाई की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रिनाते ने निराशा जताई। उन्होंने कहा, ‘सलमान खान भगवान नहीं हैं। वह मेरे गॉडफादर भी नहीं हैं। वह न मुझे रोक सकते हैं और न ही मेरा करियर बना या बिगाड़ सकते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आखिरकार फिल्म का असर और उसकी अहमियत दर्शक ही तय करेंगे। इस फिल्म को बनाने में बहुत सारे लोगों की मेहनत लगी है। और अब अचानक हमें एक कानूनी नोटिस भेज दिया गया है। फिल्म की रिलीज रोकने की कोशिश की जा रही है। इससे बुरा तो लगता ही है।’ कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया, अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने सलमान खान की याचिका पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस मधु जैन की बेंच ने सलमान की लीगल टीम को निर्देश दिया है कि वे फिल्म मेकर्स को केस से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपें, ताकि वे अपना जवाब तैयार कर सकें। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। सलमान खान ने अपनी याचिका में फिल्म 'काला हिरन: द बैटल फॉर लेगेसी' की रिलीज रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह फिल्म उनकी अनुमति के बिना उनके 1998 के काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवादों पर बनाई जा रही है। प्रोड्यूसर को मिल रही हैं धमकियां, केस दर्ज फिल्म के प्रोड्यूसर अमित ज्याणी को पाकिस्तान नंबरों से जान से मारने की धमकी मिली है। उनका आरोप है कि मुझे सलमान खान के इशारे पर धमकी दी गई है। इसे लेकर गुरुवार को जोधपुर के रातानाड़ा थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि अमित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए मूवी से हटने की बात कही है। ‘मुझे दो साल से धमकी मिल रही है’- अमित ज्याणी इस पूरे मामले को लेकर अमित ज्याणी ने वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने बताया- 'पिछले दो साल से मुझे गला काटने, जान से मारने, घर उड़ाने और पेट्रोल बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। मैंने बताया कि मैं किसी गैंग का हिस्सा नहीं हूं। सभी आतंकवादियों पर फिल्म बना रहे हैं। मैं 'बहारों फूल बरसाओ' गाने नहीं लिख सकता हूं। कुछ-कुछ होता है, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे.. ऐसी फिल्म नहीं बना सकता। मेरा सब्जेक्ट ये ही है।' ‘मैं आतंकवादी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर नहीं हूं। मैं भारत देश का नागरिक हूं। शहजाद भट्टी घोषित आतंकवादी है।’ उन्होंने कहा- ‘सलमान खान दो मोर्चे पर क्यों खेल रहे हैं? मुझे समंदर में फेंकने और काट देने की धमकी दे चुके हैं। उनकी फैन फॉलोइंग और टूल किट से धमकी दे रहे हैं। सलमान खान के कहने पर शहजाद भट्टी मुझे धमकी दे रहा है।’

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फिल्म से जुड़ीं तो लौटीं बंटवारे की यादें:अंजना सुखानी बोलीं- धूप में खड़ी थी, अमिताभ बच्चन ने कुर्सी और छाता भिजवाया

इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में मेहर का किरदार निभा रहीं अंजना सुखानी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फिल्म, करियर और जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके परिवार का पार्टीशन से गहरा जुड़ाव रहा और इस दौर की कहानियों ने फिल्म को उनके लिए निजी बना दिया। बातचीत में उन्होंने अमिताभ बच्चन की विनम्रता और शाहरुख खान की इंसानियत से जुड़े अनुभव भी साझा किए। सवाल: आपकी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ रिलीज हो चुकी है। आपके किरदार और फिल्म को कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है? जवाब: बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से फिल्म को प्यार मिल रहा है। आखिर यह इम्तियाज अली की फिल्म है, तो उम्मीद भी यही थी। मेरे किरदार ‘मेहर’ को भी लोग पसंद कर रहे हैं। फिल्म की कहानी काफी इंटेंस है। उसमें प्यार, बंटवारे का दर्द और ट्रॉमा है। ऐसे माहौल में मेरा किरदार हल्कापन और ह्यूमर लेकर आता है। मेहर बहुत मुंहफट है और मन में आता है, वह बोल देती है। लोग कह रहे हैं कि उसका किरदार फिल्म में ताजगी जैसा महसूस होता है। यह सुनकर खुशी होती है। सवाल: आपके किरदार को लेकर सबसे खूबसूरत कॉम्प्लिमेंट क्या मिला? जवाब: काफी अच्छे कॉम्प्लिमेंट मिले, लेकिन बार-बार सुनने को मिला कि मेहर का किरदार कहीं न कहीं ‘जब वी मेट’ की गीत जैसा लगता है। गीत भी बेफिक्र थी और बिना सोचे अपनी बात कह देती थी। यह तुलना मेरे लिए बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट है। सवाल: इम्तियाज अली अपने किरदारों पर बहुत काम करते हैं। आपने मेहर के किरदार के लिए अलग से क्या तैयारी की? जवाब: इम्तियाज खुद इतनी तैयारी करके आते हैं कि कलाकारों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। मेरा किरदार भी सॉफ्ट और हल्का था, इसलिए तैयारी ज्यादा नहीं करनी पड़ी। मैंने सिर्फ समझने की कोशिश की कि इस किरदार का बैकग्राउंड क्या है और उसकी सोच कैसी है। मैं नहीं चाहती थी कि यह किरदार नकारात्मक लगे। मेहर जो भी बोलती है, वह मासूमियत में बोलती है, किसी को चोट पहुंचाने के इरादे से नहीं। मैं हमेशा स्क्रिप्ट मिलने के बाद अपने हिसाब से कैरेक्टर स्केच लिखती हूं और फिर डायरेक्टर से उस पर चर्चा करती हूं। उसके बाद चीजें आसान हो जाती हैं। सवाल: फिल्म पार्टीशन के दौर की कहानी है। उस समय को समझने के लिए आपने क्या किया? जवाब: मेरे नाना-नानी और दादा-दादी दोनों ही बंटवारे के समय भारत आए थे। मेरी नानी कराची से थीं। मैंने उनसे उस दौर की कई कहानियां सुनी हैं। कुछ साल पहले मैंने गूगल मैप पर उन्हें उनका पुराना इलाका दिखाया था। वह भावुक हो गई थीं। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि जिस जगह को छोड़कर आई थीं, उसे कभी फिर देख पाएंगी। मेरे लिए वह खास पल था। सवाल: आपकी नानी उस दौर के बारे में और क्या बताती थीं? जवाब: वह बताती थीं कि उनका परिवार काफी संपन्न था। वहां उनके बड़े घर थे, लेकिन यहां आना पड़ा तो सब कुछ पीछे छोड़ना पड़ा। उन्होंने बताया था कि वे सिर्फ कुछ निजी चीजें ही बचाकर ला पाईं। सोचिए, एक दिन अचानक कोई कह दे कि यह शहर अब आपका नहीं है और आपको सब छोड़कर जाना होगा। यह बहुत दर्दनाक होता होगा। जब मैंने फिल्म देखी तो मुझे बार-बार उनकी बातें याद आईं और महसूस हुआ कि उस दौर से गुजरने वाले लोगों ने कितना कुछ सहा होगा। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे यादगार अनुभव क्या रहा? पंजाब में शूटिंग का माहौल कैसा था? जवाब: हमारे ज्यादातर हिस्से मुंबई के सेट पर शूट हुए और कुछ शूटिंग चंडीगढ़ में हुई। माहौल बहुत अच्छा था। सबसे पहले पंजाब का खाना, सुबह गरमागरम कुलचे और छोले मिलते थे। नवंबर का मौसम था, हल्की ठंड थी, इसलिए शूटिंग और मजेदार रही। मेरे ज्यादातर सीन नसीर साहब, दिलजीत और रजत सर के साथ थे, इसलिए सेट पर परिवार जैसा माहौल महसूस होता था। सवाल: नसीरुद्दीन शाह के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मैंने उनसे ज्यादा बातें नहीं कीं क्योंकि उनका किरदार इंटेंस था। जब कोई कलाकार इतने गहरे किरदार में होता है, तो उसे स्पेस देना जरूरी होता है। वह सेट पर अपने में रहते थे, लेकिन उन्हें काम करते देखना सीखने जैसा था। किसी भी कलाकार के लिए उनके साथ स्क्रीन शेयर करना बड़ी बात है। सवाल: दिलजीत दोसांझ आज ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मुझे लगता है कि दिलजीत ग्लोबल स्टार बनने के लिए ही बने हैं। उनका म्यूजिक हर पीढ़ी पसंद करती है। एक कलाकार के तौर पर मुझे उनकी सबसे खास बात उनकी आंखों की सच्चाई लगती है। जब वो परफॉर्म करते हैं तो लगता है कि पूरी ईमानदारी से किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में भी उन्होंने ठहराव और सादगी के साथ काम किया है। सवाल: आपकी जर्नी काफी खूबसूरत रही है। सबसे बड़ी सफलता आप किसे मानती हैं? जवाब: मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता यही है कि मुझे इतने बड़े और बेहतरीन लोगों के साथ काम करने का मौका मिला। आज कितने लोग कह सकते हैं कि उनकी फिल्म थिएटर में रिलीज हुई, वो भी ऐसे फिल्ममेकर्स और कलाकारों के साथ। मेरे लिए यही सफलता है। बॉक्स ऑफिस कोई तय नहीं कर सकता। हम सिर्फ अपना काम और मेहनत कंट्रोल कर सकते हैं। सवाल: आपने कई बड़े डायरेक्टर्स और दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया है। अब तक की जर्नी में सबसे खूबसूरत बात क्या रही है? जवाब: मेरे लिए सबसे खूबसूरत बात यही है कि मुझे देश के बेहतरीन फिल्ममेकर्स के साथ काम करने का मौका मिला। जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि निखिल आडवाणी, रोहित शेट्टी, राम गोपाल वर्मा, राज मेहता और इम्तियाज अली जैसे निर्देशकों के साथ काम करना बड़ी बात है। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। सवाल: इतने बड़े नामों के साथ काम करने की बात आई, तो अमिताभ बच्चन के साथ आपका अनुभव कैसा रहा? उनसे क्या सीखने को मिला? जवाब: मैंने उनके साथ एक कैडबरी विज्ञापन और बाद में फिल्म डिपार्टमेंट में काम किया। उनसे मैंने सबसे बड़ी चीज विनम्रता सीखी। मेरी नानी कहा करती थीं कि जिस पेड़ पर जितने ज्यादा फल होते हैं, वह उतना ही झुकता है। अमिताभ बच्चन इसकी सबसे अच्छी मिसाल हैं। मुझे आज भी याद है, कैडबरी विज्ञापन की शूटिंग के दौरान मैं धूप में खड़ी थी। मैं नई थी, लेकिन उन्होंने अपने स्टाफ से कहा कि मुझे कुर्सी और छाता दिया जाए। शायद उनके लिए वह छोटी बात रही होगी, लेकिन मेरे लिए वह बड़ा पल था। इतने बड़े कलाकार का इतना ध्यान रखना मुझे हमेशा याद रहेगा। सवाल: क्या किसी और कलाकार के साथ भी ऐसा कोई अनुभव रहा, जिसने आपको प्रभावित किया हो? जवाब: हां, शाहरुख खान के साथ। एक अवॉर्ड शो में मुझे तुरंत वॉशरूम जाना था और पास में सिर्फ उनकी वैन थी। मैंने पूछा कि क्या मैं इस्तेमाल कर सकती हूं। उन्होंने सहजता से दरवाजा खोला, अंदर ले गए और बाद में बाहर तक छोड़ने आए। इतने बड़े स्टार होने के बाद भी उनमें अहंकार नहीं है। शायद यही वजह है कि लोग उन्हें इतना प्यार करते हैं। सवाल: कोई ऐसा किरदार जो आपके दिल के करीब रहा हो? जवाब: एक फिल्म थी जश्न। भट्ट साहब ने फिल्म प्रोड्यूस की थी। वह बड़ी हिट नहीं हुई, लेकिन उसका किरदार मेरे दिल के करीब था। मुझे उस किरदार से खुद को जोड़ना आसान लगा। इसके अलावा सलाम-ए-इश्क भी मेरे लिए खास रही क्योंकि वह मेरी शुरुआती बड़ी फिल्मों में से थी। सवाल: करियर का सबसे मुश्किल दौर क्या रहा? जवाब: हर कलाकार की जिंदगी में ऐसा समय आता है जब उसे मनचाहा काम नहीं मिलता। वह समय भावनात्मक रूप से मुश्किल होता है। लेकिन वही दौर आपको मजबूत बनाता है। यह आपके ऊपर है कि आप उससे टूटते हैं या मजबूत होकर निकलते हैं। सवाल: आगे किस तरह के किरदार करना चाहती हैं? जवाब: मैं एक मैच्योर लव स्टोरी करना चाहूंगी। साथ ही मुझे लगता है कि मैं कॉमेडी अच्छी कर सकती हूं। पहले अभिनेत्रियों के लिए कॉमिक किरदार ज्यादा लिखे जाते थे, लेकिन अब ऐसे मौके कम हैं। मैं चाहूंगी कि महिलाओं के लिए अच्छी कॉमेडी लिखी जाए।

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Largest Roman bathhouse in the Netherlands found in Nijmegen

The remains of the largest Roman bath complex in the Netherlands have been discovered in Nijmegen. With an estimated surface area of at least 4,900 square meters (52,743 square feet), the Nijmegen (Ulpia Noviomagus in antiquity) baths were more than twice the size of the examples at Coiovallum (2,500 m²) and Forum Hadriani (2,200 m²).

Nijmegen was founded in the 1st century B.C. as a Roman military camp, and is the second oldest city in the Netherlands. Ulpia Noviomagus was the first town in what is now the Netherlands to receive Roman city rights (the designation of “municipium”) around 100 A.D. from the emperor Trajan. After it received the designation, Ulpia Noviomagus began a program of erecting public buildings, including this bathhouse which was used for hygiene, recreation and as a meeting space by the city residents.

The bathhouse was found at a site along the Waal river slated for residential construction. The preventative archaeology excavation found the outlines of entire city blocks of the Roman city, with houses, luxury townhomes, paved streets and a military tower. Thousands of portable artifacts were discovered, from jewelry and coins to a small bronze bust of the god Bacchus.

The bath complex reflects the prosperity of the city. The construction materials are luxurious. The walls were clad in marble and the floor tiled with black and white limestone. Remains of painted plaster walls were found in some of the rooms, and decorative architectural features from the façade were also discovered. Columns and limestone and sandstone adorned the interior of the buildings.

The complex was later plundered for construction materials, but large sections of the bathhouse infrastructure have survived. The drainage channels and the underfloor hypocaust heating system have survived in relatively good condition, and two of the foundation walls still stand up to six feet high. They are some of the best-preserved examples of Roman masonry ever found in Nijmegen.

Artifacts found in the excavation including bronze statues, intaglio gemstone signet rings and a necklace with a gold clasp, also indicate the wealth and high quality of life of the population. Hundreds of bodkins (long hairpins), made of bone were discovered, many of them decorated at the end that emerged from the elaborate hairstyle with turned designs. Two of them are decorated with a carved figure a cat, one standing with its tail raised in anger, the other seated. Archaeologists believe the hairpins may have been made locally, which indicates well-established local artisans and women with money to spend.

One of the stand-out objects recovered from the site is a small bronze bust of the god of wine Bacchus. It was likely a fitting either on a piece of furniture or a serving vessel. A hanging loop was later added and it was repurposed for use as a scale weight.

Excavations began in September of last year and will continue through July of this year. The discovery of the bathhouse remains will not stop the construction of the new housing, but developers plan to integrate the finds into a new design so that they remain visible. Any remains and artifacts that can be recovered will be. A selection of them will go on display at Nijmegen City Hall on June 29th.



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Tragedy meets 'social realism' in Welsh-language film hailed a 'sensation'

Effi o Blaenau follows a young woman grappling with unemployment in a north Wales town.

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MI5 boss declares himself a Slow Horses fan

Sir Ken McCallum says he is a fan of the show that has been described as the anti-James Bond.

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MI5 boss declares himself a Slow Horses fan

Sir Ken McCallum says he is a fan of the show that has been described as the anti-James Bond.

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Roman villa unearthed thanks to report of looters

Archaeologists have unearthed an important Roman villa from the early Imperial period after looters were reported illegally excavating a site on a farm in Castel di Guido in the countryside outside of Rome. It dates to the first half of the 1st century A.D. and was in use until the 3rd century.

A of looting activity received on February 16th triggered an immediate response from Carabinieri Cultural Heritage Protection Unit and Ministry of Culture officials. The site was secured and under guard by February 23rd. The looters has caused noticeable damage to the ancient remains, using mechanical diggers to cut deep trenches. Archaeologists followed up with an emergency salvage excavation, revealing the remains of a large suburban villa that likely belonged to members of the Roman aristocracy. It is close to the ancient Via Aurelia and within the area of Lorium, an imperial estate where Hadrian spent time and Antoninus Pius built a private residence in the mid-2nd century.

The excavation has uncovered room with surviving walls up to 1.5 meters (4’11”) high, geometric floor mosaics in a variety of patterns and painted plasterwork. A rectangular impluvium (a shallow pool that captured rain water through the open roof and provided evaporative cooling) in the center of one space identifies it as the atrium.

The floors around the impluvium are decorated with mosaics borders in meander and floral scroll motifs, marble inlays and threshold designs. Around the atrium are four rooms, three of which retain significant sections of mosaic floors of black and white tesserae in patterns including overlapping circles creating hexagons, simple guilloche braids and pelta shapes.

A statue in large fragments was found in the impluvium. It depicts a bearded youth carrying a basket filled with birds and fruit. Archaeologists believe the statue is depicting Silvanus, the Roman god of forests, fields and flocks. Fruit, grains and pigs were sacrificed to him to ensure the health of livestock and crops. Carved in fine white marble, the statue is of high quality, underscoring the wealth and statue of the villa’s owners.

The excavation will be open to the public on Saturday, June 20th, for guided tours, giving visitors a chance to see the new discoveries and the admire the mosaics now undergoing conservation.



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10-15 करोड़ में शेख के साथ सोने का सोचूंगी:विवादित बयान पर फंसी अपूर्वा मखीजा, यूजर ने रेट लगाए तो इन्फ्लूएंसर ने सिखाया सबक

इंडिया गॉट लेटेंट से विवादों में रह चुकीं अपूर्वा मुखिजा फिर एक बार विवादों से घिर चुकी हैं। दरअसल, हाल ही में उनका एक पुराना वीडियो कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फिर सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है, मैं 2 रुपए के रोल के लिए किसी के साथ नहीं सो रही, हां अगर दुबई का कोई शेख मुझ पर 10-15 करोड़ फेंककर मारे तो शायद में इस बारे में सोचूंगी। उनका वीडियो वायरल होने के बाद कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें अलग-अलग रेट ऑफर करना शुरू कर दिया, जिस पर इन्फ्लूएंसर भड़क गईं। अपूर्वा ने ऐसे ही 12 हजार ऑफर कर रहे एक शख्स की कंपनी में ही उसकी शिकायत कर दी है। जिसके बाद कथित तौर पर उस शख्स को उनसे माफी मांगनी पड़ी है। अपूर्वा ने आपत्तिजनक कमेंट करने वाले शख्स प्रशांत के बारे में पता लगाया तो सामने आया कि शख्श प्रोडक्शन हाउस DNEG में बतौर ग्राफिक्स डिजाइनर काम करता है। अपूर्वा ने उस कंपनी को मेंशन करते हुए घटना की जानकारी दी, जिसके बाद प्रोडक्शन हाउस की तरफ से जवाब आया कि वो उस शख्स की कड़ी निंदा करते हैं, हालांकि 2024 से वो लड़का उनके साथ काम करना बंद कर चुका है। अधिक जानकारी जुटाने पर सामने आया कि वो प्रशांत आईएलएम वीएफएक्स में काम करता है अपूर्वा ने उस कंपनी को टैग कर लिखा, आपकी कंपनी का कर्मचारी औरतों के लिए अपशब्द कहता है, क्या ये सही है। हालांकि अब तक उन्हें इस कंपनी की तरफ से जवाब नहीं आया है। एक्शन लेने से पहले अपूर्वा ने दी थी चेतावनी अपूर्वा मुखिजा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से उस शख्स द्वारा भेजे गए मैसेजेस का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। अपूर्वा ने आखिरी बातचीत करते हुए कहा,मैं तुम्हारे साथ काम करने वालों को ढूंढ लूंगी और पर्सनली उन्हें मैसेज करूंगी। आगे अपूर्वा ने लिखा- तुमने कहा कि तुम मझे 12 हजार में खरीद लोगे। मैं देखना चाहूंगी कि तुम ये कैसे करते हो। जवाब में शख्स ने कहा- क्या तुम्हारे पास इतना टाइम है। अपूर्वा ने कहा- हां। इंडियाज गॉट लेटेंट से विवादों में रही हैं अपूर्वा बीते साल फरवरी में अपूर्वा मुखीजा के खिलाफ देशभर के कई शहरों में शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, अपूर्वा मुखीजा 8 फरवरी को आए समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में जज बनी थीं। उन्होंने मजाक उड़ा रहे एक कंटेस्टेंट को फटकार लगाते हुए कुछ अपशब्द कहे थे। इसी एपिसोड में रणवीर अलाहाबादिया ने पेरेंट्स पर आपत्तिजनक कमेंट किया, जिससे शो से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। रेप और जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद अपूर्वा मुखीजा ने मुंबई छोड़ दिया था। हालांकि मामले खत्म होने के बाद अब वो मुंबई में दोबारा काम करना शुरू कर चुकी हैं। अपूर्वा मुखीजा के बारे में-

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