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ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

Monday, 28 September 2026

Celtic shield and weapon set found in Hungary

A rare set of Celtic shield fittings and spearhead has been discovered near the village of Erdőbénye in northeastern Hungary. It is the first of its kind from the region and will shed new light on Celtic communities in the area during the Iron Age.

Archaeologists and volunteers made the find during a community fieldwork as part of a multi-year project to systematically map known archaeological sites and identify previously-unknown ones in the Erdőbénye region. Led by archaeologists with the Hungarian National Museum, the community archaeology teams survey sites with metal detectors and excavate finds they encounter.

This September, the fieldwork uncovered a complete assemblage of shield fittings next to a spearhead. The shield fittings include the handle that would have been in the back of the wooden shield and a matched pair of decorative metals from the front of the shield. The shield parts and spear were deposited together deliberately, in the 4th or 3rd century B.C. when Celtic La Tène culture peoples were settling the Carpathian Basin including what is now Hungary. There were civilian communities established and sometimes it was not a peaceful process. Large-scale movement of Celtic peoples led to the first Sack of Rome in 390 B.C. and the invasion of Greece in 279 B.C.

Hungary’s location as the gateway to the Balkans from Central Europe made it a key route for the migrating Celtic peoples. Artifacts from the period found in Hungary, particularly ones that originated in the Mediterranean region, attest to how the settlers brought southern European culture to the area through trade, exchange of goods and military contact.



* This article was originally published here

पैपराजी, ट्रोल्स और AI के मिसयूज पर भड़के सलमान खान:कहा- सेंसर लगाने की सख्त जरूरत, मैं सीरियस हूं, मेरे भी फर्जी वीडियो आते हैं

सलमान खान ने रियलिटी शो बिग बॉस 20 के पिछले वीकेंड का वार में बैक पोज लेने पर पैपराजी को फटकारा था। अब इस हफ्ते सलमान ने फिर ये मुद्दा उठाया और सोशल मीडिया पर सेंसर लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने AI के मिसयूज पर भी नाराजगी जताई है। सलमान ने हालिया एपिसोड में कहा है, ‘AI का भी मिसयूज हो रहा है। किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर किसी को गाली बक दी। आपको पता है ये लोग AI वीडियोज बना रहे हैं बहुत सारे लोगों के। यहां तक की मैं भी AI वीडियोज में होता हूं। कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें नहीं पता मैं कैसा हूं, वो पोस्ट कर देते हैं कि सलमान खान पब में था। जिनको ये बात पता है, जिन्होंने ये वीडियो बनाया है, वो किस तरह के लोग हैं।’ आगे सलमान ने कहा है, ‘इस तरह के लोगों को जेल में डालना चाहिए। जब तक एक दो अंदर जाएगा नहीं, तब तक ये सब रुकने वाला है नहीं। इसके लिए कानून लाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी सेंसर शिप होना चाहिए। मैं इस चीज को बेहद गंभीरता से लेने वाला हूं।’ शो में फिल्म हुंकार प्रमोट करने पहुंचीं फातिमा सना शेख ने सलमान की पैपराजी से जुड़ा मुद्दा उठाने पर तारीफ की। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत दिनों से नोटिस कर रहा था। कुछ लड़कियां बहुत असहज हो जाती हैं। पैप्स ने कहा है कि वो भी अब से ये नहीं कर रहे हैं। एक-दो कोई ऐसे हैं, लेकिन अब बाकी के लोग ये नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग मोबाइल लेकर खड़े होते हैं, जो पैप्स हैं भी नहीं। असली प्रेस वालों और पैप्स को उनको वहां से भगाना चाहिए। कोई भी हाथ में कैमरा रख लेता है।’ सलमान ने कहा, ‘यहां सेंसर बोर्ड जैसा कुछ आना चाहिए, जहां लोगों को अपने कमेंट, शब्दों के लिए जवाबदेही लेनी चाहिए। इन्फ्लूएंसर्स इससे पैसे कमाते हैं। रोजगार के लिए ये अच्छा है, लेकिन इसका मिसयूज नहीं होना चाहिए।’ अपने ही वीडियोज देखकर हैरान हो जाते हैं सलमान सलमान खान ने बताया है कि वह कभी-कभी अपने ही AI वीडियोज देखकर शॉक हो जाते हैं। उसमें आवाज भी बिल्कुल रियल होती है। आगे सलमान ने कहा, ‘मैंने हाल ही में जो आवाज उठाई, उसकी लोगों से सहारना की। 10-15 प्रतिशत लोगों ने उसके भी मीम बनाए, लेकिन धीरे-धीरे करके ये पूरा खेल बदला जाना चाहिए।’ क्या था सलमान का पिछला बयान और क्या हुआ असर? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। कई सेलेब्स ने की सलमान के बयान की सहारना एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की थी, जबकि गौहर से कहा था कि उसका शरीर अच्छा है। क्या था सलमान खान का बयान? यह खबर भी पढ़ें... सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को फटकारा:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरा मजाक उड़ाया सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग के खिलाफ बयान के बाद कई बॉलीवुड सितारों ने उनका समर्थन किया। नेहा धूपिया ने सलमान के बयान पर ‘टाइगर जिंदा है’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। वरुण धवन ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सलमान को सपोर्ट किया। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने भी सलमान की तारीफ की और सोशल मीडिया ट्रोलिंग व पैपराजी के व्यवहार पर उनकी बात को जरूरी बताया। हालांकि, सोफिया हयात ने सलमान के बयान की आलोचना की। उन्होंने सलमान को पाखंडी बताया और अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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पैपराजी, ट्रोल्स और AI के मिसयूज पर भड़के सलमान खान:कहा- सेंसर लगाने की सख्त जरूरत, मैं सीरियस हूं, मेरे भी फर्जी वीडियो आते हैं

सलमान खान ने रियलिटी शो बिग बॉस 20 के पिछले वीकेंड का वार में बैक पोज लेने पर पैपराजी को फटकारा था। अब इस हफ्ते सलमान ने फिर ये मुद्दा उठाया और सोशल मीडिया पर सेंसर लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने AI के मिसयूज पर भी नाराजगी जताई है। सलमान ने हालिया एपिसोड में कहा है, ‘AI का भी मिसयूज हो रहा है। किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर किसी को गाली बक दी। आपको पता है ये लोग AI वीडियोज बना रहे हैं बहुत सारे लोगों के। यहां तक की मैं भी AI वीडियोज में होता हूं। कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें नहीं पता मैं कैसा हूं, वो पोस्ट कर देते हैं कि सलमान खान पब में था। जिनको ये बात पता है, जिन्होंने ये वीडियो बनाया है, वो किस तरह के लोग हैं।’ आगे सलमान ने कहा है, ‘इस तरह के लोगों को जेल में डालना चाहिए। जब तक एक दो अंदर जाएगा नहीं, तब तक ये सब रुकने वाला है नहीं। इसके लिए कानून लाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी सेंसर शिप होना चाहिए। मैं इस चीज को बेहद गंभीरता से लेने वाला हूं।’ शो में फिल्म हुंकार प्रमोट करने पहुंचीं फातिमा सना शेख ने सलमान की पैपराजी से जुड़ा मुद्दा उठाने पर तारीफ की। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत दिनों से नोटिस कर रहा था। कुछ लड़कियां बहुत असहज हो जाती हैं। पैप्स ने कहा है कि वो भी अब से ये नहीं कर रहे हैं। एक-दो कोई ऐसे हैं, लेकिन अब बाकी के लोग ये नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग मोबाइल लेकर खड़े होते हैं, जो पैप्स हैं भी नहीं। असली प्रेस वालों और पैप्स को उनको वहां से भगाना चाहिए। कोई भी हाथ में कैमरा रख लेता है।’ सलमान ने कहा, ‘यहां सेंसर बोर्ड जैसा कुछ आना चाहिए, जहां लोगों को अपने कमेंट, शब्दों के लिए जवाबदेही लेनी चाहिए। इन्फ्लूएंसर्स इससे पैसे कमाते हैं। रोजगार के लिए ये अच्छा है, लेकिन इसका मिसयूज नहीं होना चाहिए।’ अपने ही वीडियोज देखकर हैरान हो जाते हैं सलमान सलमान खान ने बताया है कि वह कभी-कभी अपने ही AI वीडियोज देखकर शॉक हो जाते हैं। उसमें आवाज भी बिल्कुल रियल होती है। आगे सलमान ने कहा, ‘मैंने हाल ही में जो आवाज उठाई, उसकी लोगों से सहारना की। 10-15 प्रतिशत लोगों ने उसके भी मीम बनाए, लेकिन धीरे-धीरे करके ये पूरा खेल बदला जाना चाहिए।’ क्या था सलमान का पिछला बयान और क्या हुआ असर? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। कई सेलेब्स ने की सलमान के बयान की सहारना एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की थी, जबकि गौहर से कहा था कि उसका शरीर अच्छा है। क्या था सलमान खान का बयान? यह खबर भी पढ़ें... सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को फटकारा:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरा मजाक उड़ाया सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग के खिलाफ बयान के बाद कई बॉलीवुड सितारों ने उनका समर्थन किया। नेहा धूपिया ने सलमान के बयान पर ‘टाइगर जिंदा है’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। वरुण धवन ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सलमान को सपोर्ट किया। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने भी सलमान की तारीफ की और सोशल मीडिया ट्रोलिंग व पैपराजी के व्यवहार पर उनकी बात को जरूरी बताया। हालांकि, सोफिया हयात ने सलमान के बयान की आलोचना की। उन्होंने सलमान को पाखंडी बताया और अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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रणबीर कपूर@44, जूते पहनकर मंदिर में जाने पर पिटाई हुई:बचपन में शेविंग लोशन पिया, डॉक्टर ने कहा- पिता नहीं बचेंगे, तो आया पैनिक अटैक

बॉलीवुड के सबसे आला दर्जे के एक्टर माने जाने वाले रणबीर कपूर आज 44 साल के हो चुके हैं। 2007 की फ्लॉप फिल्म ‘सांवरिया’ से करियर शुरू करने वाले रणबीर कपूर ने ‘रॉकस्टार’ में टूटे दिल का दर्द जिया, ‘बर्फी’ में बिना बोले दिल जीत लिया और ‘संजू’ में संजय दत्त को पर्दे पर उतार दिया। ‘एनिमल’ से बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, तो विवादों में भी घिरे। पर्दे के बाहर माता-पिता के तनावपूर्ण रिश्ते, पिता ऋषि कपूर को खोने का दर्द और निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव भी उनकी कहानी का हिस्सा रहे। 19 साल के करियर में 21 फिल्मों के साथ रणबीर अब ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे हैं। आज उनके 44वें जन्मदिन के मौके पर जानिए आखिर कैसा रहा एक स्टारकिड से सुपरस्टार बनने तक का उनका सफर- कपूर खानदान का चिराग, जिसे है दुर्लभ बीमारी रणबीर कपूर का जन्म 28 सितंबर 1982 को मुंबई में हुआ। वे अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू कपूर के बेटे हैं। शोमैन राज कपूर दादा हैं। परिवार की 4 पीढ़ियां हिंदी सिनेमा में पहचान बना चुकी थीं। यूं तो रणबीर कपूर हर ऐशो-आराम में पले बढ़े, लेकिन उनके अपने निजी संघर्ष रहे। रणबीर को नेजल डिविएट सेप्टम नाम की बीमारी हो गई। ये एक रेयर बीमारी है, जिसके चलते उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है और वह जल्दी-जल्दी बोलते हैं। रणबीर कपूर के बचपन से- देखिए रणबीर कपूर के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- बचपन में अलमारी में रखते थे संजय दत्त की तस्वीरें रणबीर कपूर बचपन में एक्टर संजय दत्त के फैन थे। वो अपने कमरे की अलमारी में संजय दत्त की तस्वीरें छिपाकर रखते थे। जबकि उनकी बहन रिद्धिमा के पास सलमान की तस्वीरें होती थीं। संयोग की बात है कि रणबीर ने संजय दत्त की बायोपिक में उनका किरदार निभाया, जो उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल है। रणबीर कपूर बचपन में पिता की फिल्में देखा पसंद करते थे, जबकि उन्हें मां नीतू सिंह की फिल्में देखना अजीब लगता था। पिता के फिल्मों में निभाए गए अलग-अलग किरदार देखते हुए ही रणबीर ने एक्टर बनने का सोचा था। पिता के साथ देशभक्ति गाने में नजर आए थे रणबीर बाबरी मस्जिद टूटने के बाद देश में दंगे भड़क गए थे। इसी समय 1993 में सुभाष घई ने दूरदर्शन के लिए एकता पर गाना बनाया प्यार की गंगा बहे। इस गाने में उस दौर के बड़े सितारे अपने परिवार और बच्चों के साथ नजर आए थे। तब 11 साल के रणबीर कपूर भी पिता ऋषि कपूर के साथ एक सीन में दिखे। उनके अलावा बाल कलाकारों में सोनम कपूर, टाइगर श्रॉफ भी दिखे थे। वहीं बड़े कलाकारों में अनिल कपूर, सलमान खान, ऋषि कपूर, आमिर खान, जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, गोविंदा, चिरंजीवी, रजनीकांत, ममूटी दिखे। रणबीर पर पेरेंट्स के तनाव भरे रिश्ते का भी बुरा असर पड़ा। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि कई रातें उन्होंने पेरेंट्स को झगड़ते देख सीढ़ियों पर बैठकर काटीं। रणबीर ने निखिल कामत को दिए इंटरव्यू में कहा था, "कभी-कभी उनके बीच झगड़े बहुत बढ़ जाते थे। मैं सीढ़ियों पर बैठकर अपने घुटनों के बीच सिर छिपा लेता था और सुबह 5-6 बजे तक उनके झगड़े खत्म होने का इंतजार करता रहता था।" पेरेंट्स के तनाव का असर रणबीर और ऋषि कपूर के रिश्ते पर पड़ा। रणबीर पिता से डरने लगे और मां से उनका लगाव बढ़ने लगा। एक वजह यह भी रही कि जिस समय रणबीर छोटे थे, ऋषि कपूर का ज्यादातर समय शूटिंग में घर से बाहर बीतता था। रणबीर कपूर का असिस्टेंट डायरेक्टर से हीरो बनने का सफर- 1996 में रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर और अंकल रणधीर कपूर और राजीव कपूर ने मिलकर फिल्म प्रेम ग्रंथ प्रोड्यूस की। इसे राजीव कपूर ने डायरेक्ट किया और ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित लीड रोल में रहे। होम प्रोडक्शन की इस फिल्म में रणबीर को ऐसी रुचि रही कि उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर इसमें काम किया, जबकि तब वह महज 15 साल के थे। इसके बाद जब ऋषि कपूर ने ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल स्टारर फिल्म आ अब लौट चलें डायरेक्ट की, तब भी रणबीर फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर रहे। विदेश में की पढ़ाई, भारत लौटकर भंसाली के सेट पर लगाया पोछा एचआर कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद रणबीर कपूर फिल्ममेकिंग सीखने न्यूयॉर्क गए। वहां उन्होंने स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स से फिल्ममेकिंग और ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट से मेथड एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। मुंबई लौटने के बाद 2005 में उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने सेट पर लाइटिंग से लेकर सफाई तक के काम किए। राज कपूरः द मास्टर एट वर्क बुक लॉन्च में रणबीर ने बताया था कि उन्हें फिल्म ब्लैक के सेट पर संजय लीला भंसाली से काफी डांट पड़ती थी। कई बार उन्हें सेट पर पोछा भी लगाना पड़ा था। लेकिन कहते हैं न कि मेहनत फल जरूर देती है। ऐसा ही रणबीर के साथ भी हुआ। उनका हुनर परखते हुए संजय लीला भंसाली ने उन्हें अगली फिल्म सांवरिया में कास्ट कर लिया। सोनम कपूर ने भी उनके साथ ही डेब्यू किया था। आलिया के साथ डेब्यू करने वाले थे रणबीर साल 2002 में 20 साल के रणबीर कपूर को संजय लीला भंसाली की फिल्म बालिका वधू में कास्ट किया गया था। इस फिल्म में 11-12 साल की रहीं आलिया भट्ट बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम कर रही थीं। दोनों का एक फोटोशूट भी हुआ था, जिसमें रणबीर, आलिया के कंधे पर सिर रखते हुए शर्मा गए थे। हालांकि बाद में ये फिल्म बंद हो गई। सांवरिया (2007) बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। हालांकि रणबीर कपूर की एक्टिंग की जमकर सराहना हुई। इस फिल्म के गाने भी चर्चा में रहे। फिल्म के एक सीन में टॉवेल लपेटे हुए रणबीर की भी चर्चा रही। सांवरिया फ्लॉप होने के बाद रणबीर कपूर बचना ऐ हसीनों (2008) में नजर आए, जो हिट रही। अगले साल उनकी तीन फिल्में आईं वेक अप सिड, अजब प्रेम की गजब कहानी और रॉकेट सिंह। तीन फिल्में लेकिन किरदार तीनों के अलग। 2009 में आईं तीन फिल्मों में रणबीर के किरदार- वेकअप सिड- सिद्धार्थ मेहरा (सिड) नाम का एक लापरवाह, अमीर लड़का, जो सेल्फ डिपेंडेंट बनना चाहता है। फिल्म हिट रही। अजब प्रेम की गजब कहानी- प्रेम शंकर शर्मा, एक मजाकिया, दिलदार और दूसरों की मदद करने वाला लड़का, जो जेनी से प्यार करता है और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। फिल्म सुपरहिट रही। रॉकेट सिंह- हरप्रीत सिंह बेदी, एक ईमानदार और मेहनती लड़का, जो सबसे बड़ा सेल्समैन बनना चाहता है। फिल्म फ्लॉप हो गई। राजनीति से एक्टिंग करियर की सीमाएं मिटाईं साल 2010 में रणबीर कपूर, प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म राजनीति में नजर आए। किरदार था समर प्रताप सिंह। रणबीर का इंटेंस लुक और किरदार चर्चा में रहा और बड़ी आसानी से उन्होंने रोमांटिक, कॉमेडी हीरो की छवि धुंधली कर दी। इसी साल आई अनजाना अनजानी भी हिट साबित हुई। रॉकस्टार में जनार्दन उर्फ जेजे बनकर स्टार बने साल 2011 में रणबीर कपूर इम्तियाज अली की फिल्म रॉकस्टार में नजर आए। उन्होंने पीतम पुरा के एक सीधे-सादे जाट लड़के का किरदार निभाया, जो कॉलेज में रॉकस्टार बनने का सपना देखता है। कैंटीन के मालिक की सलाह पर वो आवाज में दर्द लाने के लिए नकली हार्टब्रेक का ड्रामा करते-करते वाकई एक ऐसी लड़की को पसंद करने लगता है, जिसकी शादी उसकी नजरों के सामने हुई। फिल्म रिलीज हुई, तो सिनेमाघर हाउसफुल हो गए। डेली न्यूज एंड एनालिसिस ने लिखा, रणबीर कपूर ने हिंदी सिनेमा की सबसे सधी हुई परफॉर्मेंस दी। उन्हें बेस्ट एक्टर क्रिटिक्स का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके अलावा उन्हें बेस्ट एक्टर के दो और अवॉर्ड मिले। पिता नहीं चाहते थे फिल्म बर्फी करें रणबीर 2012 में रिलीज हुई बर्फी से रणबीर ने अपनी अलग ही पहचान बनाई। इसमें उन्होंने एक बोलने-सुनने में असमर्थ शख्स का रोल प्ले किया। इस फिल्म को इंडिया से ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री मिली थी। इस रोल को करने के लिए एक्टर ने चार्ली चैप्लिन और दादा राज कपूर से प्रेरणा ली थी। हालांकि पिता ऋषि कपूर नहीं चाहते थे कि रणबीर ये किरदार निभाएं। इस पर ऋषि कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरे भाई (रणधीर और राजीव कपूर) मुझसे कहते थे कि रणबीर को क्या हो गया है? ये सुसाइड कर रहा है.. एक फिल्म करता है उसमें भी ‘रॉकेट सिंह’ और ‘बर्फी’ जैसी.. जिसमें ये गूंगा है और सुनता भी नहीं है.. खत्म हो जाएगा। ये सब सुनकर मुझे भी फिक्र होती थी, पर रणबीर ने अपनी चॉइस से हम सभी को गलत साबित किया। ‘बर्फी’ हिट साबित हुई। रणबीर एक डेयरिंग एक्टर है। जब वो अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे ‘सांवरिया’ से तभी उन्होंने अपनी मां से कहा था कि मैं उस तरह का काम नहीं करना चाहता जो शाहरुख खान साहब और बाकी एक्टर्स कर चुके हैं। आगे रणबीर ने ये जवानी है दीवानी, तमाशा, ऐ दिल है मुश्किल, संजू, शमशेरा, ब्रह्मास्त्र, तू झूठी मैं मक्कार जैसी फिल्में कर स्टारडम कायम रखा। 19 साल के करियर में पिता की मौत के बाद पहली बार लिया ब्रेक 2007 में करियर शुरू करने वाले रणबीर की हर साल एक फिल्म जरूर होती है, हालांकि उन्होंने दो बार गैप किया। साल 2018 की ब्लॉकबस्टर फिल्म संजू के बाद रणबीर ने 4 साल का ब्रेक लिया। इस ब्रेक की दो वजह रहीं, पहली कोविड और दूसरी उनके पिता ऋषि कपूर की बिगड़ती तबीयत। 30 अप्रैल 2020 को कैंसर की वजह से ऋषि कपूर की मौत हो गई थी। रणबीर ने उस दिन को भी याद किया जब डॉक्टरों ने उन्हें बता दिया था कि ऋषि कपूर की मौत किसी भी वक्त हो सकती है। पिता के निधन की जानकारी मिलने पर आया पैनिक अटैक निखिल कामथ से बातचीत करते हुए रणबीर ने कहा था- मैंने बहुत पहले ही रोना छोड़ दिया था। पापा की मौत के बाद भी मैं रोया नहीं था। एक दिन जब मैं रात में हॉस्पिटल में था, तब डॉक्टर ने कहा था, ये उनकी (ऋषि कपूर) आखिरी रात है। वे कभी भी जा सकते हैं। मुझे याद है कि रूम में जाने के बाद मुझे पैनिक अटैक आ गया था। समझ नहीं आ रहा था कि खुद को एक्सप्रेस कैसे करूं। उस वक्त बहुत कुछ हो रहा था, जिसे मैनेज करना था। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैंने शोक मनाया था, या मुझे उनकी कमी का एहसास था। इसके बाद उन्होंने सीधे 2022 में 2 फिल्मों से वापसी की। पहली शमशेरा जो फ्लॉप रही और दूसरी रही ब्रह्मास्त्र पार्ट-1। अगले साल यानी 2023 में रणबीर कपूर की लंबे समय बाद रोमांटिक कॉमेडी फिल्म तू झूठी मैं मक्कार रिलीज हुई। फिल्म एवरेज हिट रही। लेकिन इसी साल आई उनकी फिल्म एनिमल ने रिकॉर्ड कायम किए। ये उस साल की सबसे बड़ी फिल्म बनी, लेकिन रणबीर के हिस्से कुछ विवाद भी आए। फिल्म में टॉक्सिसिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं के गलत चित्रण पर सवाल उठाए गए। हिंसक सीन की भी जमकर आलोचना हुई। लेकिन विवादों के बीच फिल्म ने रणबीर को चौथा बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर दिलाया। इसके बाद रणबीर ने अपने 3 साल नितेश तिवारी की रामायण में लगा दिए, जो इस साल रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहे हैं, जिस पर विवाद है। दरअसल, कुछ सालों पहले रणबीर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें बीफ पसंद है, जिसके बाद अब कहा जा रहा है कि बीफ खाने वाले को भगवान राम का रोल क्यों दिया गया। हालांकि रणबीर फिल्ममेकिंग के दौरान शाकाहारी बन चुके हैं। विवादों के बावजूद हिट हुईं रणबीर की फिल्में एनिमल (2023): हिंसा और महिलाओं के चित्रण पर विवाद एनिमलl में रणबीर कपूर ने रणविजय सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म में अत्यधिक हिंसा, महिलाओं के प्रति व्यवहार और पुरुष प्रधान सोच को लेकर विवाद हुआ। एक दृश्य में रणविजय अपनी प्रेमिका जोया से जूते चाटने के लिए कहता है। पत्नी गीतांजलि के साथ उसके व्यवहार और विवाहेतर संबंधों को लेकर आलोचना हुई। फिल्म पर हिंसा और महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने के आरोप लगे। गीतकार जावेद अख्तर समेत कई लोगों ने फिल्म की आलोचना की। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म का बचाव किया। ब्रह्मास्त्र (2022): बीफ वाले बयान पर विवाद ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले रणबीर कपूर का पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बीफ खाने की बात कही थी। माइथोलॉजी से जुड़ी इस फिल्म में रणबीर कपूर के होने पर इसकी बॉयकॉट की मांग हुई। जब प्रमोशन के बीच रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी और आलिया भट्ट उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, तो उनकी एंट्री रोक दी गई। कहा गया कि बीफ खाने वाले शख्स को मंदिर में एंट्री नहीं दी जाएगी। दोनों ही फिल्मों पर विवाद हुआ, हालांकि फिल्म पर इन विवादों का असर नहीं बड़ा। ब्रह्मास्त्र और एनिमल दोनों सुपरहिट रहीं। दोनों ही फिल्में रणबीर की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों में टॉप-3 में हैं। देखना होगा कि क्या अब रामायण विवादों के बीच ऐसा नतीजा दे पाएगी या नहीं। देखिए रामायण से रणबीर कपूर का लुक- भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे का लुक दमदार नजर आया।

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रणबीर कपूर@44, जूते पहनकर मंदिर में जाने पर पिटाई हुई:बचपन में शेविंग लोशन पिया, डॉक्टर ने कहा- पिता नहीं बचेंगे, तो आया पैनिक अटैक

बॉलीवुड के सबसे आला दर्जे के एक्टर माने जाने वाले रणबीर कपूर आज 44 साल के हो चुके हैं। 2007 की फ्लॉप फिल्म ‘सांवरिया’ से करियर शुरू करने वाले रणबीर कपूर ने ‘रॉकस्टार’ में टूटे दिल का दर्द जिया, ‘बर्फी’ में बिना बोले दिल जीत लिया और ‘संजू’ में संजय दत्त को पर्दे पर उतार दिया। ‘एनिमल’ से बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, तो विवादों में भी घिरे। पर्दे के बाहर माता-पिता के तनावपूर्ण रिश्ते, पिता ऋषि कपूर को खोने का दर्द और निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव भी उनकी कहानी का हिस्सा रहे। 19 साल के करियर में 21 फिल्मों के साथ रणबीर अब ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे हैं। आज उनके 44वें जन्मदिन के मौके पर जानिए आखिर कैसा रहा एक स्टारकिड से सुपरस्टार बनने तक का उनका सफर- कपूर खानदान का चिराग, जिसे है दुर्लभ बीमारी रणबीर कपूर का जन्म 28 सितंबर 1982 को मुंबई में हुआ। वे अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू कपूर के बेटे हैं। शोमैन राज कपूर दादा हैं। परिवार की 4 पीढ़ियां हिंदी सिनेमा में पहचान बना चुकी थीं। यूं तो रणबीर कपूर हर ऐशो-आराम में पले बढ़े, लेकिन उनके अपने निजी संघर्ष रहे। रणबीर को नेजल डिविएट सेप्टम नाम की बीमारी हो गई। ये एक रेयर बीमारी है, जिसके चलते उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है और वह जल्दी-जल्दी बोलते हैं। रणबीर कपूर के बचपन से- देखिए रणबीर कपूर के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- बचपन में अलमारी में रखते थे संजय दत्त की तस्वीरें रणबीर कपूर बचपन में एक्टर संजय दत्त के फैन थे। वो अपने कमरे की अलमारी में संजय दत्त की तस्वीरें छिपाकर रखते थे। जबकि उनकी बहन रिद्धिमा के पास सलमान की तस्वीरें होती थीं। संयोग की बात है कि रणबीर ने संजय दत्त की बायोपिक में उनका किरदार निभाया, जो उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल है। रणबीर कपूर बचपन में पिता की फिल्में देखा पसंद करते थे, जबकि उन्हें मां नीतू सिंह की फिल्में देखना अजीब लगता था। पिता के फिल्मों में निभाए गए अलग-अलग किरदार देखते हुए ही रणबीर ने एक्टर बनने का सोचा था। पिता के साथ देशभक्ति गाने में नजर आए थे रणबीर बाबरी मस्जिद टूटने के बाद देश में दंगे भड़क गए थे। इसी समय 1993 में सुभाष घई ने दूरदर्शन के लिए एकता पर गाना बनाया प्यार की गंगा बहे। इस गाने में उस दौर के बड़े सितारे अपने परिवार और बच्चों के साथ नजर आए थे। तब 11 साल के रणबीर कपूर भी पिता ऋषि कपूर के साथ एक सीन में दिखे। उनके अलावा बाल कलाकारों में सोनम कपूर, टाइगर श्रॉफ भी दिखे थे। वहीं बड़े कलाकारों में अनिल कपूर, सलमान खान, ऋषि कपूर, आमिर खान, जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, गोविंदा, चिरंजीवी, रजनीकांत, ममूटी दिखे। रणबीर पर पेरेंट्स के तनाव भरे रिश्ते का भी बुरा असर पड़ा। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि कई रातें उन्होंने पेरेंट्स को झगड़ते देख सीढ़ियों पर बैठकर काटीं। रणबीर ने निखिल कामत को दिए इंटरव्यू में कहा था, "कभी-कभी उनके बीच झगड़े बहुत बढ़ जाते थे। मैं सीढ़ियों पर बैठकर अपने घुटनों के बीच सिर छिपा लेता था और सुबह 5-6 बजे तक उनके झगड़े खत्म होने का इंतजार करता रहता था।" पेरेंट्स के तनाव का असर रणबीर और ऋषि कपूर के रिश्ते पर पड़ा। रणबीर पिता से डरने लगे और मां से उनका लगाव बढ़ने लगा। एक वजह यह भी रही कि जिस समय रणबीर छोटे थे, ऋषि कपूर का ज्यादातर समय शूटिंग में घर से बाहर बीतता था। रणबीर कपूर का असिस्टेंट डायरेक्टर से हीरो बनने का सफर- 1996 में रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर और अंकल रणधीर कपूर और राजीव कपूर ने मिलकर फिल्म प्रेम ग्रंथ प्रोड्यूस की। इसे राजीव कपूर ने डायरेक्ट किया और ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित लीड रोल में रहे। होम प्रोडक्शन की इस फिल्म में रणबीर को ऐसी रुचि रही कि उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर इसमें काम किया, जबकि तब वह महज 15 साल के थे। इसके बाद जब ऋषि कपूर ने ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल स्टारर फिल्म आ अब लौट चलें डायरेक्ट की, तब भी रणबीर फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर रहे। विदेश में की पढ़ाई, भारत लौटकर भंसाली के सेट पर लगाया पोछा एचआर कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद रणबीर कपूर फिल्ममेकिंग सीखने न्यूयॉर्क गए। वहां उन्होंने स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स से फिल्ममेकिंग और ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट से मेथड एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। मुंबई लौटने के बाद 2005 में उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने सेट पर लाइटिंग से लेकर सफाई तक के काम किए। राज कपूरः द मास्टर एट वर्क बुक लॉन्च में रणबीर ने बताया था कि उन्हें फिल्म ब्लैक के सेट पर संजय लीला भंसाली से काफी डांट पड़ती थी। कई बार उन्हें सेट पर पोछा भी लगाना पड़ा था। लेकिन कहते हैं न कि मेहनत फल जरूर देती है। ऐसा ही रणबीर के साथ भी हुआ। उनका हुनर परखते हुए संजय लीला भंसाली ने उन्हें अगली फिल्म सांवरिया में कास्ट कर लिया। सोनम कपूर ने भी उनके साथ ही डेब्यू किया था। आलिया के साथ डेब्यू करने वाले थे रणबीर साल 2002 में 20 साल के रणबीर कपूर को संजय लीला भंसाली की फिल्म बालिका वधू में कास्ट किया गया था। इस फिल्म में 11-12 साल की रहीं आलिया भट्ट बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम कर रही थीं। दोनों का एक फोटोशूट भी हुआ था, जिसमें रणबीर, आलिया के कंधे पर सिर रखते हुए शर्मा गए थे। हालांकि बाद में ये फिल्म बंद हो गई। सांवरिया (2007) बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। हालांकि रणबीर कपूर की एक्टिंग की जमकर सराहना हुई। इस फिल्म के गाने भी चर्चा में रहे। फिल्म के एक सीन में टॉवेल लपेटे हुए रणबीर की भी चर्चा रही। सांवरिया फ्लॉप होने के बाद रणबीर कपूर बचना ऐ हसीनों (2008) में नजर आए, जो हिट रही। अगले साल उनकी तीन फिल्में आईं वेक अप सिड, अजब प्रेम की गजब कहानी और रॉकेट सिंह। तीन फिल्में लेकिन किरदार तीनों के अलग। 2009 में आईं तीन फिल्मों में रणबीर के किरदार- वेकअप सिड- सिद्धार्थ मेहरा (सिड) नाम का एक लापरवाह, अमीर लड़का, जो सेल्फ डिपेंडेंट बनना चाहता है। फिल्म हिट रही। अजब प्रेम की गजब कहानी- प्रेम शंकर शर्मा, एक मजाकिया, दिलदार और दूसरों की मदद करने वाला लड़का, जो जेनी से प्यार करता है और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। फिल्म सुपरहिट रही। रॉकेट सिंह- हरप्रीत सिंह बेदी, एक ईमानदार और मेहनती लड़का, जो सबसे बड़ा सेल्समैन बनना चाहता है। फिल्म फ्लॉप हो गई। राजनीति से एक्टिंग करियर की सीमाएं मिटाईं साल 2010 में रणबीर कपूर, प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म राजनीति में नजर आए। किरदार था समर प्रताप सिंह। रणबीर का इंटेंस लुक और किरदार चर्चा में रहा और बड़ी आसानी से उन्होंने रोमांटिक, कॉमेडी हीरो की छवि धुंधली कर दी। इसी साल आई अनजाना अनजानी भी हिट साबित हुई। रॉकस्टार में जनार्दन उर्फ जेजे बनकर स्टार बने साल 2011 में रणबीर कपूर इम्तियाज अली की फिल्म रॉकस्टार में नजर आए। उन्होंने पीतम पुरा के एक सीधे-सादे जाट लड़के का किरदार निभाया, जो कॉलेज में रॉकस्टार बनने का सपना देखता है। कैंटीन के मालिक की सलाह पर वो आवाज में दर्द लाने के लिए नकली हार्टब्रेक का ड्रामा करते-करते वाकई एक ऐसी लड़की को पसंद करने लगता है, जिसकी शादी उसकी नजरों के सामने हुई। फिल्म रिलीज हुई, तो सिनेमाघर हाउसफुल हो गए। डेली न्यूज एंड एनालिसिस ने लिखा, रणबीर कपूर ने हिंदी सिनेमा की सबसे सधी हुई परफॉर्मेंस दी। उन्हें बेस्ट एक्टर क्रिटिक्स का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके अलावा उन्हें बेस्ट एक्टर के दो और अवॉर्ड मिले। पिता नहीं चाहते थे फिल्म बर्फी करें रणबीर 2012 में रिलीज हुई बर्फी से रणबीर ने अपनी अलग ही पहचान बनाई। इसमें उन्होंने एक बोलने-सुनने में असमर्थ शख्स का रोल प्ले किया। इस फिल्म को इंडिया से ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री मिली थी। इस रोल को करने के लिए एक्टर ने चार्ली चैप्लिन और दादा राज कपूर से प्रेरणा ली थी। हालांकि पिता ऋषि कपूर नहीं चाहते थे कि रणबीर ये किरदार निभाएं। इस पर ऋषि कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरे भाई (रणधीर और राजीव कपूर) मुझसे कहते थे कि रणबीर को क्या हो गया है? ये सुसाइड कर रहा है.. एक फिल्म करता है उसमें भी ‘रॉकेट सिंह’ और ‘बर्फी’ जैसी.. जिसमें ये गूंगा है और सुनता भी नहीं है.. खत्म हो जाएगा। ये सब सुनकर मुझे भी फिक्र होती थी, पर रणबीर ने अपनी चॉइस से हम सभी को गलत साबित किया। ‘बर्फी’ हिट साबित हुई। रणबीर एक डेयरिंग एक्टर है। जब वो अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे ‘सांवरिया’ से तभी उन्होंने अपनी मां से कहा था कि मैं उस तरह का काम नहीं करना चाहता जो शाहरुख खान साहब और बाकी एक्टर्स कर चुके हैं। आगे रणबीर ने ये जवानी है दीवानी, तमाशा, ऐ दिल है मुश्किल, संजू, शमशेरा, ब्रह्मास्त्र, तू झूठी मैं मक्कार जैसी फिल्में कर स्टारडम कायम रखा। 19 साल के करियर में पिता की मौत के बाद पहली बार लिया ब्रेक 2007 में करियर शुरू करने वाले रणबीर की हर साल एक फिल्म जरूर होती है, हालांकि उन्होंने दो बार गैप किया। साल 2018 की ब्लॉकबस्टर फिल्म संजू के बाद रणबीर ने 4 साल का ब्रेक लिया। इस ब्रेक की दो वजह रहीं, पहली कोविड और दूसरी उनके पिता ऋषि कपूर की बिगड़ती तबीयत। 30 अप्रैल 2020 को कैंसर की वजह से ऋषि कपूर की मौत हो गई थी। रणबीर ने उस दिन को भी याद किया जब डॉक्टरों ने उन्हें बता दिया था कि ऋषि कपूर की मौत किसी भी वक्त हो सकती है। पिता के निधन की जानकारी मिलने पर आया पैनिक अटैक निखिल कामथ से बातचीत करते हुए रणबीर ने कहा था- मैंने बहुत पहले ही रोना छोड़ दिया था। पापा की मौत के बाद भी मैं रोया नहीं था। एक दिन जब मैं रात में हॉस्पिटल में था, तब डॉक्टर ने कहा था, ये उनकी (ऋषि कपूर) आखिरी रात है। वे कभी भी जा सकते हैं। मुझे याद है कि रूम में जाने के बाद मुझे पैनिक अटैक आ गया था। समझ नहीं आ रहा था कि खुद को एक्सप्रेस कैसे करूं। उस वक्त बहुत कुछ हो रहा था, जिसे मैनेज करना था। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैंने शोक मनाया था, या मुझे उनकी कमी का एहसास था। इसके बाद उन्होंने सीधे 2022 में 2 फिल्मों से वापसी की। पहली शमशेरा जो फ्लॉप रही और दूसरी रही ब्रह्मास्त्र पार्ट-1। अगले साल यानी 2023 में रणबीर कपूर की लंबे समय बाद रोमांटिक कॉमेडी फिल्म तू झूठी मैं मक्कार रिलीज हुई। फिल्म एवरेज हिट रही। लेकिन इसी साल आई उनकी फिल्म एनिमल ने रिकॉर्ड कायम किए। ये उस साल की सबसे बड़ी फिल्म बनी, लेकिन रणबीर के हिस्से कुछ विवाद भी आए। फिल्म में टॉक्सिसिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं के गलत चित्रण पर सवाल उठाए गए। हिंसक सीन की भी जमकर आलोचना हुई। लेकिन विवादों के बीच फिल्म ने रणबीर को चौथा बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर दिलाया। इसके बाद रणबीर ने अपने 3 साल नितेश तिवारी की रामायण में लगा दिए, जो इस साल रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहे हैं, जिस पर विवाद है। दरअसल, कुछ सालों पहले रणबीर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें बीफ पसंद है, जिसके बाद अब कहा जा रहा है कि बीफ खाने वाले को भगवान राम का रोल क्यों दिया गया। हालांकि रणबीर फिल्ममेकिंग के दौरान शाकाहारी बन चुके हैं। विवादों के बावजूद हिट हुईं रणबीर की फिल्में एनिमल (2023): हिंसा और महिलाओं के चित्रण पर विवाद एनिमलl में रणबीर कपूर ने रणविजय सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म में अत्यधिक हिंसा, महिलाओं के प्रति व्यवहार और पुरुष प्रधान सोच को लेकर विवाद हुआ। एक दृश्य में रणविजय अपनी प्रेमिका जोया से जूते चाटने के लिए कहता है। पत्नी गीतांजलि के साथ उसके व्यवहार और विवाहेतर संबंधों को लेकर आलोचना हुई। फिल्म पर हिंसा और महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने के आरोप लगे। गीतकार जावेद अख्तर समेत कई लोगों ने फिल्म की आलोचना की। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म का बचाव किया। ब्रह्मास्त्र (2022): बीफ वाले बयान पर विवाद ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले रणबीर कपूर का पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बीफ खाने की बात कही थी। माइथोलॉजी से जुड़ी इस फिल्म में रणबीर कपूर के होने पर इसकी बॉयकॉट की मांग हुई। जब प्रमोशन के बीच रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी और आलिया भट्ट उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, तो उनकी एंट्री रोक दी गई। कहा गया कि बीफ खाने वाले शख्स को मंदिर में एंट्री नहीं दी जाएगी। दोनों ही फिल्मों पर विवाद हुआ, हालांकि फिल्म पर इन विवादों का असर नहीं बड़ा। ब्रह्मास्त्र और एनिमल दोनों सुपरहिट रहीं। दोनों ही फिल्में रणबीर की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों में टॉप-3 में हैं। देखना होगा कि क्या अब रामायण विवादों के बीच ऐसा नतीजा दे पाएगी या नहीं। देखिए रामायण से रणबीर कपूर का लुक- भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे का लुक दमदार नजर आया।

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Sunday, 27 September 2026

Roman sailor’s grave marker found in New Orleans goes on display in Italy

The National Archeological Museum of Civitavecchia officially reopened to the public on Thursday after a major renovation and redesign, and the repatriated funerary inscription of Roman navy soldier Sextus Congenius Verus is one of the featured artifacts. The information plaque credits Tulane University anthropologist Daniella Santoro and her husband Aaron Lorenz for the rediscovery of the slab in the backyard of their New Orleans home and its return to Italy.

The marble slab with the funerary inscription of a Roman sailor dating to the 2nd century A.D. made headlines last year when it was discovered so incongruously in the backyard of a historic shotgun house in the Carrolton neighborhood of New Orleans.

The Latin inscription translates to:

“To the spirits of the dead for Sextus Congenius Verus, soldier of the praetorian fleet Misenensis, from the tribe (natio) of the Bessi, (who) lived 42 years (and) served 22 in the military, on the trireme Asclepius. Atilius Carus and Vettius Longinus, his heirs, made (this) for him well deserving.”

The Praetorian fleet of Misenum and the trireme Asclepius were harbored and resupplied at the port of Centumcellae, the ancient name of Civitavecchia. It was a rectangular port on the Tyrrhenian sea 35 miles northwest of Rome built in 108 A.D. by Trajan’s architect Apollodorus of Damascus. It was one of the most important seaports in the western Mediterranean for hundreds of years.

Funerary inscriptions of many soldiers who served on the Misenum and Ravenna fleets have been discovered in Civitavecchia. A necropolis replete with them was unearthed during construction of a prison in 1864, the slab dedicated to Sextus Congenius Verus among them. For decades they were exhibited at the city’s National Archaeological Museum.

The ancient port (with later improvements and additions) was still in use during World War II, which made it a target for Allied bombing. The port and the museum were destroyed in bombing raids in 1943 and 1944. Sextus Congenius Verus’ inscription went missing. It was listed on an earlier inventory, but had not been seen since the museum was bombed in 1943.

After Tulane University Classics professor Susann Lusnia translated the funerary inscription and identified its origins in Civitavecchia, the slab was given to the FBI’s Art Crime Team to arrange repatriation. It was officially returned to Italy in a ceremony in Rome in April of this year. Conservators at the National Archeological Museum of Civitavecchia cleaned and prepared it for exhibition while the museum’s refurbishment project was completed.

Sextus Congenius Verus’ funerary marker is now part of a new permanent exhibition that creates a cohesive narrative of the 3,000-year-old history of Civitavecchia and its environs. Objects that have been in storage for decades are now in public view for the first time. The updated exhibition will also include new 3D models, multimedia displays and accessibility tools to make the archaeological patrimony of Civitavecchia widely accessible to visitors of all abilities.



* This article was originally published here

Media outlets banned by Trump resume White House coverage after judge's order

US TV news coverage of the White House returns to normal after a judge lifted Trump's ban of three news outlets.

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Saturday, 26 September 2026

Roman-era pyramid tomb with Greek stele found in Egypt

A Roman-era tomb in the shape of a small pyramid has been discovered in the Dakhla Oasis of Egypt’s Western Desert. The tomb is a combination of Egyptian, Greek and Roman cultural and funerary traditions.

The tomb was found at Bir al-Shaghala, part of the necropolis of the ancient city of Mut, capital of the oasis in the Ptolemaic and Roman periods. One of seven major oases in Egypt, Dakhla covers 770 square miles in the deep desert about 465 miles southwest of Cairo and has been continuously inhabited for more than 2,000 years. The tomb is about 1,700 years old.

It was built with mud bricks arranged in a pyramidical shape, but unlike its monumental pharaonic inspirations, the tomb was small, intended to hold the remains of one husband and wife. Fourteen steps lead down to the entrance to the tomb: a sandstone doorway built in classic dynastic Egyptian style and carved with the iconography of the traditional Egyptian religion. A winged sun disk flanked by two cobras and bracketed by bundles of papyrus reeds was carved on the cornice, while funerary spells in hieroglyphic texts were carved on the door jams to guard and protect the deceased on their journey to the underworld. The entrance was sealed with a heavy block of stone engraved with the god Osiris and more hieroglyphic protective spells.

The stand-out feature among the funerary reliefs is on the lintel stone above the doorway. It depicts the sun god Ra’s nocturnal journey through the underworld as described in the Amduat, an important funerary text from the New Kingdom that was discovered carved on the walls of the tombs of pharaohs. It was exclusively used for pharaohs and very few select high officials until the 21st Dynasty (1077-943 B.C.).

This is the first time the Amduat scene has been found in the necropolis, and it is an extraordinary testament to the longevity of traditional pharaonic religion in Egyptian culture even after many centuries of Ptolemaic Greek and Roman rule.

Inside the tomb is a mudbrick hall under a vaulted roof. The roof had partially collapsed. Two burial chamber built of mud brick coated with mortar were on the right side of the hall, and the pyramid structure was built above them. Embedded in the south wall is a funerary stele with a funerary poem in Greek painted in red letters. It is 19 lines long and dedicated to one Pisechtes who may have been a judge. It dates to the late 3rd or early 4th century.

The excavation also uncovered a sandstone offering table positioned above a sandstone purification basin, a collection of pottery vessels, and a bronze coin bearing a relief depiction of the Roman Emperor Constantine.

Archaeologists also found evidence suggesting the tomb may have been reused later. A mudbrick chapel was discovered above the main entrance, with a funerary shrine in front of it consisting of four square mudbrick columns. […]

Hisham El-Leithy, Secretary-General of the SCA, said the tomb’s architectural features, inscriptions and funerary texts provide important information about funerary practices and the cultural and religious life of the Dakhla Oasis during the Roman period.



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गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने मांगा लोगों से सपोर्ट:काली मंदिर पहुंचीं, बोलीं- जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसको देखें

गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में अपने निजी जीवन की परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में भी कुछ राक्षस हैं और मां काली से उनसे मुक्ति की प्रार्थना की। दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। सुनीता ने कथित तौर पर मीडिया में चल रही चर्चाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "मीडिया में आने के चक्कर में वो पब्लिसिटी कर रहे हैं और मैं चाहती हूं, हाथ जोड़ के मैं विनती करती हूं मीडिया से भी कि आप लोग इन सबको सपोर्ट न करें। अगर आपके घर की बेटी हो या आपकी बहू हो, ये सब दिन देखना होता तो आप लोग क्या करते? उन्होंने आगे कहा कि जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली।" गोविंदा सात साल बाद कमबैक कर रहे हैं गौरतलब है कि गोविंदा लगभग 7 साल बाद फिल्म 'रूपा' से बॉलीवुड में कमबैक कर रहे हैं। इस फिल्म में उनकी सह-कलाकार कोमल रानी स्वर्णकार हैं। पिछले कुछ समय से गोविंदा का नाम कोमल रानी के साथ जोड़ा जा रहा है और दोनों को कई मौकों (जैसे एयरपोर्ट और मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन) पर एक साथ देखा गया है, जिससे उनके अफेयर की चर्चाओं को हवा मिली। वहीं इन अफवाहों पर रिएक्शन देते हुए गुरुवार को गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा कि यह किसी और के लिए चर्चा का विषय नहीं है, भले ही कोई अफेयर हो। मैं सिर्फ काम कर रहा हूं और एक पेशेवर रिश्ता बनाए हुए हूं। गोविंदा के मुताबिक, लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। फिल्म 'रूपा' के लिए प्रार्थना करने पहुंचे थे कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गणपति पंडाल में दिखने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। इस फिल्म में गोविंदा के साथ कोमल रानी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, "इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था।" परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, "यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है।" गोविंदा ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने काम पर ध्यान दिया है और आगे भी काम करते रहेंगे। सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया था। दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी से बातचीत के दौरान सुनीता अपने पालतू कुत्ते विंटर के साथ थीं। पैपराजी से बात करते हुए सुनीता ने कहा कि इंसानों को जितना भी प्यार करो, कोई फायदा नहीं है। धोखा ही देते हैं। इनको प्यार करो, देखो, हमेशा चिपके रहते हैं। जानवरों से प्यार करो, इंसानों से नहीं। धोखेबाज होते हैं इंसान।

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Divyanka Sirohi sudden demise at 29: Experts explain why serious heart problems affect young people

Experts explain how serious heart conditions can affect young, apparently healthy people, highlighting warning signs, risk factors and the importance of timely heart-health checks.  

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फिल्म में रोल गंवाने पर तापसी पन्नू का खुलासा:बोलीं- हीरो की पत्नी मुझे पसंद नहीं करती थी, इसलिए निकाला; बिना वजह हटाने का आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने फिल्म इंडस्ट्री के अपने कड़वे अनुभवों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। नयनदीप रक्षित को दिए इंटरव्यू में तापसी ने बताया कि उन्हें एक बार फिल्म की शूटिंग की तारीखें पक्की होने के बाद भी सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि फिल्म के हीरो की पत्नी उन्हें पसंद नहीं करती थीं। तापसी के मुताबिक, जब उन्होंने फिल्म से बाहर किए जाने की वजह पूछी तो मेकर्स ने उन्हें यही कारण बताया। उन्होंने किसी एक्टर या फिल्म का नाम लिए बिना कहा कि करियर की शुरुआत में उन्हें बिना वजह रिप्लेस करने का सामना करना पड़ा था। 'हीरो की पत्नी को मैं पसंद नहीं थी' बातचीत में तापसी ने फिल्म से निकाले जाने का वाकया शेयर किया। तापसी ने कहा, मुझसे कहा गया कि फिल्म के हीरो ने मुझे रिप्लेस कर दिया है। भगवान ही वजह जानता है। मैं वजहों का अंदाजा लगाती रहती हूं। शायद उसमें असुरक्षा की भावना थी या वह किसी ऐसे इंसान को फिल्म में चाहता था जो उसके ज्यादा करीब हो। मुझे कोई ठोस वजह नहीं बताई गई। जब मैं बार-बार बाहर किए जाने का कारण पूछती रही, तो मुझे सिर्फ इतना कहा गया कि हीरो मुझे फिल्म में नहीं चाहता। तापसी ने आगे बताया, मुझे रिप्लेस करने की सबसे घटिया वजह यह दी गई कि 'हीरो की पत्नी तुम्हें पसंद नहीं करती।' मुझे आज तक नहीं पता कि वह मुझे पसंद क्यों नहीं करती थी। सीन्स को हाइपर-सेक्सुअलाइज किया जाता था तापसी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में सीन्स के शूटिंग पर भी बात की। उन्होंने कहा, "जब आप नए होते हैं, तो आपको नहीं पता होता कि पर्दे पर किसी सीन को हाइपर-सेक्सुअलाइज किया जा रहा है। शूटिंग के वक्त यह समझ नहीं आता कि सीन किस तरफ जा रहा है। मुझे लगता था कि यह सीन बहुत एस्थेटिक होगा, लेकिन जब स्क्रीन पर देखा तो लगा कि इसकी बिल्कुल जरूरत नहीं थी।" उन्होंने कहा कि आसपास के लोग कहते थे कि यह नॉर्मल है और सब ऐसा कर रहे हैं, इसलिए उन्हें लगा कि यह काम का हिस्सा है। बाद में समझ आया कि ग्लैमरस दिखे बिना भी काम किया जा सकता है और ग्लैमर के लिए हाइपर-सेक्सुअलाइजेशन जरूरी नहीं है। 'बचने के लिए फिल्मों को खुद रिजेक्ट कर रही हूं' इससे पहले न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में तापसी ने फिल्मों के चयन और एक ही तरह के रोल्स मिलने पर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में ग्लैमरस और गंभीर मुद्दों वाली फिल्मों के लिए अलग-अलग 5-5 एक्ट्रेसेस का सेट तय कर दिया गया है। तापसी ने कहा, "मैंने इसी वजह से फिल्में रिजेक्ट करना शुरू कर दिया है। मैं मेकर्स से साफ कह देती हूं कि दर्शक फिल्म का अंत आसानी से भांप लेंगे, इसलिए मुझे इस फिल्म में कास्ट न करें। मैं खुद मेकर्स को मना कर देती हूं ताकि एक ही तरह के रोल में न बंध जाऊं।" 'गांधारी' फिल्म में नजर आईं एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने बॉलीवुड में 'पिंक', 'थप्पड़', 'हसीन दिलरुबा', 'शाबाश मिठू' और 'डंकी' जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल ही में वे फिल्म 'गांधारी' में नजर आई हैं। ये खबर भी पढ़ें नेटफ्लिक्स पर कहानी चोरी का आरोप:राइटर बोले- चोरी कर बनाई गई तापसी पन्नू की फिल्म 'गांधारी'; कंपनी को भेजा लीगल नोटिस तापसी पन्नू स्टारर अपकमिंग फिल्म 'गांधारी' के 3 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्क्रीनराइटर कल्याण बंदी ने नेटफ्लिक्स इंडिया और उसकी कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल पर कहानी चोरी का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें

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Friday, 25 September 2026

Rare heating system found under Swiss medieval convent

The well-preserved remains of a warm-air underfloor heating system from a medieval convent have been unearthed in Basel, Switzerland. It dates to the 13th and 14th centuries, and its exceptional state of preservation makes it unique in Switzerland and one of the most important surviving examples in Europe.

The remains were discovered in the courtyard of a former vocational school that is on the site of the medieval Gnadental Monastery. The heating system was in the east wing of the monastery, underneath a large room believed to be the refectory, the monastic dining hall. Archaeologists uncovered an underground chamber filled with fieldstones. When the stones were removed, the combustion chamber made of ashlar blocks and bricks was revealed. Two angled stones tipped together in a v-shape were still in place in the furnace. They channeled the heat into the chamber packed with fieldstones.

The fieldstones would be heated up and then slowly release their heat through holes in the floor above. A large section of the mortar floor of the refectory has survived, including eight closable openings. While the stones were being fired, the holes were closed to prevent smoke from filling the dining room. Once the smoke had cleared, the holes were opened and the heated air rose into the refectory through them.

Gnadental Convent was built around 1231 outside the city walls of the time for the Franciscans. But they moved to the newly founded Barfüsser Convent just 20 years later. The buildings then housed Cistercian nuns and Poor Clares. The monastery took its name in 1279 from lay sisters from Gnadenthal near Niederwil, Aargau. These were incorporated into the Order of the Poor Clares and remained there until the monastery was dissolved in the wake of the Reformation.

After the Reformation, some of the convent buildings continued to be used. In 1573, for example, a granary was built using building materials from the convent, particularly from the church. At the end of the 19th century, the granary was demolished to make way for the vocational school. This marked the disappearance of the last visible remains of the monastery. It was only the recent excavations that brought these remains back to light.

The find has been thoroughly documented a 3D model created. The most effective way of preserving of this unique medieval heating system is currently under discussion. They remains will not be moved. They will be integrated into the renovated building at the site.



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