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First Lariarium north of the Alps found in Cologne

A Roman lararium (a private altar dedicated to the household’s guardian gods, the Lares) from the 2nd century A.D. has been discovered in Cologne. It is the first lararium found north of the Alps.

Originally settled by the Germanic Ubii tribe, the Roman city was founded as Colonia Claudia Ara Agrippinensium in around 50 A.D. by the Emperor Claudius. He granted it full city rights, privileging it because his wife, Agrippina the Younger, was born there. It became the capital of Germania Inferior and was one of the most important cities of the empire north of the Alps.

The house altar was discovered during an excavation in preparation for the new underground visitor space of the LVR Jewish Museum in the Archaeological Quarter of Cologne. Because the new underground tour goes deeper than is typical in downtown archaeology, the excavation has encountered the remains of early Roman buildings, including a monumental apse (the semicircular end of a building) of a multi-aisled building from the 4th century and the 2nd century Praetorium, the villa of the Roman governor.

The remains survived due to a fluke of location. They were built on the slopes of the Rhine, and even in Roman times parts of the buildings were covered up by earth embankments to protect from flooding. Because of the soil backfilling, later construction went up above the structures instead of razing them first. Normally only the foundations of ancient buildings are found, but at this depth in this place, whole building structures were discovered.

The lararium was in the Praetorium. It is a deep arched niche on which figurines of the Lares stood. Families left offerings of food, flowers and other assorted objects to the deities on the altar. Remains of walls projecting from the sides indicate the niche was originally enclosed. There are also traces of paint — stars are visible — inside the niche. Nail holes were found above the arch and on the side of the niche where garlands were hung. Below the niche is a rectangular cutout line that marks where the altar slab was mounted. The slab itself was found in the excavation, broken off and displaced but still present.

While household altars were common in Roman homes all over the Empire, their remains do not typically survive north of the Alps because masonry preservation especially of private dwellings is so rare. To have found not just a lararium in Cologne but one in such good condition is of great archaeological importance.

The same excavation unearthed a staircase from the 1st century that connected a location near the Rhine shores with a higher level of the Praetorium. Only a section of the stairs remain, so it’s not clear where they ended or what they led to. These too are rare survivors and the stones from staircases like these were usually recycled in later construction.

The city plans to restore the lararium, remounting the altar slab, and will make it, the staircase and the apse part of the underground route of the new museum. The route also includes a medieval goldsmith’s workshop and remains of the city’s Jewish quarter.



* This article was originally published here

शाइनी आहूजा रेप केस:रोती-बिलखती मेड बोली- कमरे में बंद किया, धमकी दी; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने, पार्ट-1

बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-6 में जानिए शाइनी आहूजा रेप केस की कहानी। साल 2009 में शाइनी पर उनकी मेड ने रेप के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। एक्टर के सीमन सैंपल मैच होने के बाद कोर्ट ने एक्टर को दोषी माना, हालांकि बाद में मेड ने बयान बदल दिया और कहा कि उनका रेप नहीं हुआ था। विवाद के बीच एक बड़े बाई गैंग का खुलासा हुआ, जो हाईप्रोफाइल लोगों को ब्लैकमेल कर इसी तरह फंसाती थीं। 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया- मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम करती हूं। मैं सुबह 9 बजे काम पर जाती हूं और शाम के 6 बजे तक वहीं रहती हूं। मेरे अलावा संगीता भी वहीं काम करती है, जो उसी अपार्टमेंट में रहती है। एक कुक भी है जो दिन में दो बार खाना बनाने आता है। संगीता दोपहर में बाहर गई थी। उसके जाने के बाद मैं घर में अकेली थी। शाइनी ने मुझसे पानी मांगा। मैं पानी देने कमरे में गई तो उसने कमरा लॉक कर लिया और फिर अत्याचार (रेप) किया। मैंने उसे धकेलने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी उसने मुझे पकड़ रखा था। इसके बाद उसने मुझे धमकी दी कि अगर मैंने किसी से कहा तो उसका नतीजा बुरा होगा।उसने 2-3 घंटे मुझे उसी कमरे में बंद रखा। शाम को जैसे ही उसने मुझे जाने को कहा, मैं रोती हुई घर से निकली। ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, माधुरी जोशी, रेखा माने की मदद से एक्टर शाइनी आहूजा के घर काम पर लगी थीं। रेखा, एक्टर के पड़ोस के घर में काम करती थीं। शिकायतकर्ता रायगढ़ की रहनेवाली थीं। वो मई 2009 में काम की तलाश में मुंबई पहुंची थीं। रेखा माने उनकी परिचित थीं। जब उन्हें पता चला कि माधुरी काम की तलाश में हैं, तो उन्होंने बताया कि एक्टर शाइनी आहूजा के घर एक कामवाली की जगह खाली है। उन्हें ये भी बताया गया था कि शाइनी के परिवार में उनकी पत्नी और एक साल की बच्ची भी है। इसके अलावा घर में और भी नौकर हैं। घटना से करीब 8 दिन पहले शाइनी की पत्नी अनुपम आहूजा और बेटी दिल्ली चली गई थीं और जिस दिन घटना हुई, उस दिन वे फ्लैट में मौजूद नहीं थीं। मेड का आरोप- घटना से एक दिन पहले भी छुए पैर FIR के अनुसार, घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 13 जून 2009 को भी इसी तरह की घटना हुई थी। जब वो काम पर पहुंचीं तो शाइनी के अलावा कुक और एक और नौकरानी संगीता भी घर में मौजूद थीं। कुक खाना बनाकर निकल गया। कुछ देर बाद संगीता भी अपनी बहन से मिलने घर से निकल गईं। इस समय शाइनी और माधुरी ही घर में थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे शाइनी ने शिकायतकर्ता से कहा कि वो पानी के नल का कॉर्क चालू कर दें, जो एक ऊंचे लाफ्ट में था। रोज ये काम संगीता करती थीं, लेकिन उस रोज संगीता के न होने पर शाइनी ने उन्हें ये काम दिया। शिकायत में आगे कहा गया कि जैसे ही वो बेसिन और लकड़ी की मदद से नल चालू करने लगीं, तभी शाइनी ने उनके पैर के टखनों को पकड़ लिया। तभी उन्होंने टोकते हुए हाथ हटाने को कहा और नीचे उतर गईं। उन्होंने एक्टर को साफ कहा कि उन्हें इस तरह किसी का छूना पसंद नहीं है। शाइनी ने इस पर कहा- मैं तुम्हें इसलिए पकड़ रहा था, जिससे तुम गिर न जाओ। इसके बाद मेड के इनकार के बाद उन्होंने हाथ हटा लिए। रोज शाइनी के घर का काम करने के बाद मेड, रेखा माने के साथ ही घर लौटती थीं, जो पड़ोस के घरों में काम करती थीं। उस दिन भी वो साथ निकली थीं। अगले दिन 14 जून को वो फिर रेखा माने के साथ काम पर गईं। दोपहर करीब 3 बजे घर की दूसरी मेड संगीता चर्च जाने की परमिशन लेकर निकल गईं। माधुरी किचन में बर्तन धो रही थीं, तभी शाइनी ने उनसे पानी मांगा। जैसे ही वो पानी देने कमरे में पहुंचीं, शाइनी ने कमरा बंद कर उनका बलात्कार किया। इसके बाद एक्टर ने शाम 5 बजे तक उन्हें कमरे में बंद रखा। जैसे ही शाइनी ने दरवाजा खोला, वो भागकर किचन में गईं। उन्हें समझ नहीं आया कि क्या हुआ। कुछ देर बाद मैन डोर की बेल बजी। शाइनी ने दरवाजा खोला, तो रेखा माने लॉबी में खड़ी थीं। वो लगातार रो रही थीं, वजह पूछने पर उन्होंने रेखा को आपबीती सुनाई। मेड के बयान से पुलिस स्टेशन में हलचल मच गई। बयान दर्ज करते ही पुलिस ने शाइनी आहूजा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 342 (गैरकानूनी तरीके से बंदी बनाने) और 506 (2) (गंभीर धमकी देने) की धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की। उनका घर भी सील कर दिया गया। शाइनी आहूजा ने बयान में कहा- हमने रजामंदी से संबंध बनाए शाइनी आहूजा ने पुलिस को दिए बयान में कबूल किया कि उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन उनके मुताबिक संबंध रजामंदी से बनाए गए थे। पूछताछ में पुलिस ने पूछा- क्या आप उस लड़की को जानते हैं? शाइनी ने कहा- हां, वो मेरी मेड है। पुलिस ने आगे पूछा- कितने समय से जानते हैं? शाइनी ने जवाब दिया- डेढ़ महीने से। मेरी दूसरी मेड संगीता उसे कुछ दिनों के लिए लाई थी। मेरा कुक मोहन और उसकी पत्नी भी ये जानते हैं। पुलिस ने फिर पूछा- कल दोपहर को आप कहां थे? जवाब मिला- घर में। पुलिस ने आगे पूछा- क्या आप घर में थे, जब वो आई? शाइनी बोले- हां। पुलिस ने आगे कहा- लड़की ने कहा है कि आपने उसका बलात्कार किया। जवाब मिला- नहीं, मैंने नहीं किया। मुझे फंसाया जा रहा है। पुलिस ने फिर पूछा- लड़की ने कहा कि वो दोपहर में आई। आपने उसे कमरे में खींचा और उसका बलात्कार किया। इस बार शाइनी झल्लाकर बोले- नहीं मैंने उसका बलात्कार नहीं किया। हमने शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन वो उसकी मर्जी से हुआ। आगे डीसीपी ने पूछा- क्या आपने बलात्कार किया? शाइनी ने धीमी आवाज में आगे कहा- हमने मर्जी से शारीरिक संबंध बनाए। बलात्कार की बात मुझे फंसाने के लिए की जा रही है। ये कहते ही एक्टर रो पड़े। गिरफ्तारी के बाद बंद पड़ी शाइनी आहूजा की फिल्म जिस समय शाइनी आहूजा की गिरफ्तारी हुई, उस समय वो राइटर-डायरेक्टर मनीष गुप्ता के साथ सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज पर बन रही एक फिल्म का हिस्सा थे, लेकिन एक्टर की गिरफ्तारी के बाद ये फिल्म बंद पड़ गई। इस फिल्म के राइटर मनीष गुप्ता के लिए अचानक शाइनी पर ऐसे गंभीर आरोप लगना बेहद चौंकाने वाला था। दैनिक भास्कर से बातचीत में मनीष ने कहा, ‘मैं शाइनी अहूजा के साथ एक फिल्म पर काम कर रहा था, जिसकी कहानी चार्ल्स शोबराज पर आधारित थी। मेरा शाइनी के घर आना-जाना होता था और उनकी वाइफ (अनुपम आहूजा) से भी मुलाकात होती रहती थी।’ ‘इसी बीच अचानक खबर मिली कि पुलिस ने शाइनी को अरेस्ट कर लिया है। मैं और मेरा दोस्त दोनों ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां डीसीपी से बात करने पर पता चला कि नौकरानी ने शाइनी पर रेप का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्हें अरेस्ट किया गया है।’ ‘डीसीपी आगे कहते हैं कि अब हमें यह पता लगाना है कि सेक्स मर्जी से हुआ था या लड़की के साथ जबरदस्ती की गई थी। मैं यह सुनकर हैरान था। मैंने कहा कि जब आप खुद उसे बेनेफिट ऑफ डाउट दे रहे हैं, तो अरेस्ट क्यों किया गया? तब उन्होंने कहा कि कानून ऐसा ही है अगर सेक्शन 375 और 376 के तहत किसी लड़की ने रेप का आरोप लगाया है, तो हमें आरोपी को अरेस्ट करना ही पड़ता है।’ मेडिकल टेस्ट में शाइनी के खिलाफ मिले कई सबूत गिरफ्तारी के बाद शाइनी आहूजा और शिकायतकर्ता का मेडिकल टेस्ट हुआ। मेडिकल टेस्ट में शिकायतकर्ता के शरीर और प्राइवेट पार्ट पर सीमन स्टेन मिला, जिससे कन्फर्म हुआ कि शारीरिक संबंध बनाए गए है। शाइनी के रूम की बेडशीट और कपड़ों को भी टेस्ट के लिए कलीना की स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेब्रोटरी में भेजा गया। 10 दिनों बाद आई रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के कपड़ों, प्राइवेट पार्ट और कमरे की बेडशीट में मिले सीमन सैंपल शाइनी आहूजा से मैच हुए, जिसके बाद उनकी ज्यूडिशरी कस्टडी 2 जुलाई तक बढ़ा दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि शाइनी आहूजा के हाथ में भी चोट के निशान मिले हैं, जो कथित तौर पर घटना के समय आई होगी। रिपोर्ट में ये भी साफ था कि घटना के समय शाइनी आहूजा ने किसी तरह के नशे का सेवन नहीं किया था। साथ ही ये दावा भी किया गया कि नागपाड़ा हॉस्पिटल के डॉक्टर एस.एम.पाटिल की रिपोर्ट में सामने आया कि मेड के प्राइवेट पार्ट में भी चोट थीं। इस दौरान शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम ने साफ कहा कि उनके पति बेकसूर हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि न ही शाइनी ने कोई कन्फेशन किया है और न ही मेडिकल रिपोर्ट में उनके खिलाफ कोई सबूत मिले हैं। शाइनी आहूजा के खिलाफ हुआ प्रदर्शन एक्टर पर रेप के आरोप लगने के बाद जोगेश्वरी में 50 एक्टिस्ट, सोशल ऑर्गेनाइजेशन और ह्यूमन राइट एसोसिएशन इंडिया के कई सदस्यों ने जोगेश्वरी में एक्टर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रोटेस्ट करने वालों में एक्ट्रेस प्रीत जैन भी शामिल हुईं, जिन्होंने साल 2004 में फिल्ममेकर मधुर भंडारकर पर बलात्कार के आरोप लगाए थे। उस दौर के मशहूर क्राइम रिपोर्टर विवेक अग्रवाल उस समय केस कवर कर रहे थे। जब उन्हें घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने साफ कहा कि ये नामुमकिन है। दैनिक भास्कर से बातचीत में विवेक अग्रवाल कहते हैं, इंडस्ट्री भले ही शाइनी आहूजा को एक एरोगेंट इंसान मानती हो लेकिन सिर्फ गुस्से के कारण कोई व्यक्ति किसी महिला का यौन शोषण कर डाले मैं ये नहीं मानता हूं। जब मुझे इस केस के बारे में पता चला कि इसमें आरोपी शाइनी आहूजा हैं, जो एक बेहद आकर्षक, रोमन देवताओं जैसा दिखने वाले व्यक्ति हैं, तब मेरे मन में पहला सवाल यही उठा कि ऐसा व्यक्ति किसी ऐसी घरेलू नौकरानी के साथ संबंध क्यों बनाएगा, जो न तो रूप-रंग में, न कद-काठी में और न ही स्किन टोन में उसके मुकाबले है। जबकि उसके पास खुद पूरा बॉलीवुड का ग्लेमर्स वर्ल्ड है। विवेक आगे कहते हैं, ‘शाइनी के आसपास हमेशा ऐसी ‘ए-लिस्ट बटरफ्लाइज’ मंडराती रही हैं, जो उनके जरिए या उनसे जुड़कर खुद को इंडस्ट्री में स्थापित करना चाहती थीं। ऐसी लड़कियों की कोई कमी नहीं थी। ऐसे में यह तर्क कि उसने पैसे देकर इस लड़की को इस्तेमाल करना चाहा, और मना करने पर नाराज होकर उस पर हमला किया यह पहला ही स्टेटमेंट मेरे गले नहीं उतरा। क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में एक तरफ जहां कास्टिंग काउच एक कड़वी सच्चाई है, वहीं यह भी उतना ही सच है कि कई बार लड़कियां अपने फायदे के लिए खुद पुरुषों के सामने जाती हैं और उनके जरिए काम हासिल करने की कोशिश करती हैं। इस तथ्य को दुनिया की कोई ताकत नकार नहीं सकती। हो सकता है कि मेरी इस बात से महिला अधिकार संगठनों या एनजीओ से जुड़े लोग नाराज हों, लेकिन अगर वे खुद इंडस्ट्री में जाकर एक ईमानदार सर्वे करें, तो उन्हें यकीन हो जाएगा कि मैं जो कह रहा हूं, वह पूरी तरह सच है।' विवेक अग्रवाल ने आगे कहा, ‘इससे पहले मुंबई में रागिनी गुप्ता कांड हो चुका था, जिसमें एक लड़की ने कुछ लोगों पर एमएमएस बनाने और रेप करने के आरोप लगाए थे। उस केस की सीडी मुझे हासिल हुई थी। जब मैंने वह सीडी देखी, तो उसमें साफ दिखाई दे रहा था कि लड़की खुद कैमरा सेट कर रही थी और दो-तीन बार एंगल भी ठीक कर रही थी। इसका मतलब साफ था कि यह कोई छुपकर बनाया गया एमएमएस नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी हनी ट्रैप प्लानिंग थी। बाद में जिन लोगों पर आरोप लगे, वे 60-70 साल के बुजुर्ग थे और आखिर में सभी रिहा हो गए, क्योंकि सारे तथ्य सामने आ गए थे। उस केस में यह भी उजागर हुआ कि लड़की के साथ एक पूरा गैंग काम कर रहा था जिसमें दो फर्जी पत्रकार, दो फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट और ओशिवारा पुलिस स्टेशन के तीन-चार अफसर शामिल थे। यह गैंग ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जो फिल्मों में काम देने के नाम पर महिलाओं का शोषण करते हैं।’ ‘लड़की पहले खुद कहती थी, “सर, मैं आपके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हूं, बस मुझे काम दिला दीजिए।” इसके बाद वीडियो बनाई जाती थी, उसकी सीडी तैयार होती थी और फिर पुलिस में शिकायत दी जाती थी कि फिल्म में काम दिलाने के नाम पर मेरा शोषण किया गया है। इसके बाद शुरू होती थी सौदेबाजी जिसमें 25-50 लाख से लेकर 2-3 करोड़, यहां तक कि 5 करोड़ रुपये तक। इस रकम में सभी का हिस्सा बंटता था।’ 'ये सारे फैक्ट्स मेरे पास पहले से मौजूद थे। इसके अलावा मुझे यह जानकारी भी थी कि मुंबई के धनाढ्य इलाकों में एक ‘बाई गैंग’ सक्रिय है। इस गैंग का काम अमीर घरों में युवा लड़कियों को नौकरानी के तौर पर रखना और फिर मी टू या अटेम्प्ट टू रेप जैसे केस बनवाकर, पुलिस अफसरों और फर्जी पत्रकारों के जरिए वसूली करना है।' शाइनी आहूजा फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने हीरो थे। उन्होंने गैंगस्टर, वो लम्हे, लाइन इन ए मेट्रो, भूल भुलैया जैसी बड़ी फिल्में की थीं। पहली ही फिल्म हजारों ख्वाहिशें ऐसी के लिए उन्हें 5 अवॉर्ड मिले थे। कई फिल्मकारों का मानना था कि शाइनी आने वाले सालों में बड़ा मुकाम हासिल करेंगे, ऐसे में अचानक उनका रेप केस में नाम आना पूरी इंडस्ट्री के लिए हैरान कर देने वाला था। हर किसी का मानना था कि शाइनी को फंसाया गया है, लेकिन फिर एक्टर के बयान ने पूरे केस की दिशा ही पलट दी, जिसमें उन्होंने माना कि उस रोज उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। शाइनी आहूजा ने बयान में किया- मेड मुझसे प्यार करती थी एक्टर के बयान के मुताबिक, मेड उनसे प्यार करती थी। घटना से एक रोज पहले उसने कई बार एक्टर को कॉल किया था। जब उन्होंने संबंध बनाए, तो उसमें मेड की भी रजामंदी थी। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वो उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएगी और गंभीर आरोप लगाएगी। एक्टर की मानें तो ये उनकी छवि बिगाड़ने और पैसों की वसूली की साजिश है। उन्हें अपने किए का पछतावा है। जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था। ये केस फिर उलझ गया। शाइनी के कबूलनामे के बाद उनकी बेल याचिका कई बार खारिज हुई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 5 महीनों तक जेल में रखा गया। उनके खिलाफ 109 पन्नों की चार्जशीज दाखिल की गई। सारे सबूत शाइनी के खिलाफ थे, हालांकि फिर मेड ने कोर्ट में बयान बदल दिया। उन्होंने कहा- मेरा बलात्कार नहीं हुआ। सवाल ये था कि क्या वाकई शाइनी आहूजा ने मेड का बलात्कार किया, क्या उन्हें फंसाया जा रहा था या फिर इस केस के पीछे था कोई बड़ा गैंग। पार्ट-1 में इतना ही कल शाइनी आहूजा रेप केस के पार्ट-2 में जानिए, कैसे एक्टर को मिली जमानत और क्यों मेड ने बयान बदला। ……………………………………….. पार्ट-2, बयान से पलटी मेड, कहा- मेरा बलात्कार नहीं हुआः शाइनी आहूजा को 5 महीने जेल में रहने के बाद मिली बेल फिर 7 साल की हुई सजा (नोट- ये खबर शाइनी आहूजा के वकील, उनके साथ काम कर चुके राइटर मनीष गुप्ता और केस को कवर करने वाले मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल के बयान के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी के साथ लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय …………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर विवके ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवके की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवके की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवके का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

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शाइनी आहूजा रेप केस:रोती-बिलखती मेड बोली- कमरे में बंद किया, धमकी दी; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने, पार्ट-1

बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-6 में जानिए शाइनी आहूजा रेप केस की कहानी। साल 2009 में शाइनी पर उनकी मेड ने रेप के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। एक्टर के सीमन सैंपल मैच होने के बाद कोर्ट ने एक्टर को दोषी माना, हालांकि बाद में मेड ने बयान बदल दिया और कहा कि उनका रेप नहीं हुआ था। विवाद के बीच एक बड़े बाई गैंग का खुलासा हुआ, जो हाईप्रोफाइल लोगों को ब्लैकमेल कर इसी तरह फंसाती थीं। 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया- मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम करती हूं। मैं सुबह 9 बजे काम पर जाती हूं और शाम के 6 बजे तक वहीं रहती हूं। मेरे अलावा संगीता भी वहीं काम करती है, जो उसी अपार्टमेंट में रहती है। एक कुक भी है जो दिन में दो बार खाना बनाने आता है। संगीता दोपहर में बाहर गई थी। उसके जाने के बाद मैं घर में अकेली थी। शाइनी ने मुझसे पानी मांगा। मैं पानी देने कमरे में गई तो उसने कमरा लॉक कर लिया और फिर अत्याचार (रेप) किया। मैंने उसे धकेलने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी उसने मुझे पकड़ रखा था। इसके बाद उसने मुझे धमकी दी कि अगर मैंने किसी से कहा तो उसका नतीजा बुरा होगा।उसने 2-3 घंटे मुझे उसी कमरे में बंद रखा। शाम को जैसे ही उसने मुझे जाने को कहा, मैं रोती हुई घर से निकली। ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, माधुरी जोशी, रेखा माने की मदद से एक्टर शाइनी आहूजा के घर काम पर लगी थीं। रेखा, एक्टर के पड़ोस के घर में काम करती थीं। शिकायतकर्ता रायगढ़ की रहनेवाली थीं। वो मई 2009 में काम की तलाश में मुंबई पहुंची थीं। रेखा माने उनकी परिचित थीं। जब उन्हें पता चला कि माधुरी काम की तलाश में हैं, तो उन्होंने बताया कि एक्टर शाइनी आहूजा के घर एक कामवाली की जगह खाली है। उन्हें ये भी बताया गया था कि शाइनी के परिवार में उनकी पत्नी और एक साल की बच्ची भी है। इसके अलावा घर में और भी नौकर हैं। घटना से करीब 8 दिन पहले शाइनी की पत्नी अनुपम आहूजा और बेटी दिल्ली चली गई थीं और जिस दिन घटना हुई, उस दिन वे फ्लैट में मौजूद नहीं थीं। मेड का आरोप- घटना से एक दिन पहले भी छुए पैर FIR के अनुसार, घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 13 जून 2009 को भी इसी तरह की घटना हुई थी। जब वो काम पर पहुंचीं तो शाइनी के अलावा कुक और एक और नौकरानी संगीता भी घर में मौजूद थीं। कुक खाना बनाकर निकल गया। कुछ देर बाद संगीता भी अपनी बहन से मिलने घर से निकल गईं। इस समय शाइनी और माधुरी ही घर में थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे शाइनी ने शिकायतकर्ता से कहा कि वो पानी के नल का कॉर्क चालू कर दें, जो एक ऊंचे लाफ्ट में था। रोज ये काम संगीता करती थीं, लेकिन उस रोज संगीता के न होने पर शाइनी ने उन्हें ये काम दिया। शिकायत में आगे कहा गया कि जैसे ही वो बेसिन और लकड़ी की मदद से नल चालू करने लगीं, तभी शाइनी ने उनके पैर के टखनों को पकड़ लिया। तभी उन्होंने टोकते हुए हाथ हटाने को कहा और नीचे उतर गईं। उन्होंने एक्टर को साफ कहा कि उन्हें इस तरह किसी का छूना पसंद नहीं है। शाइनी ने इस पर कहा- मैं तुम्हें इसलिए पकड़ रहा था, जिससे तुम गिर न जाओ। इसके बाद मेड के इनकार के बाद उन्होंने हाथ हटा लिए। रोज शाइनी के घर का काम करने के बाद मेड, रेखा माने के साथ ही घर लौटती थीं, जो पड़ोस के घरों में काम करती थीं। उस दिन भी वो साथ निकली थीं। अगले दिन 14 जून को वो फिर रेखा माने के साथ काम पर गईं। दोपहर करीब 3 बजे घर की दूसरी मेड संगीता चर्च जाने की परमिशन लेकर निकल गईं। माधुरी किचन में बर्तन धो रही थीं, तभी शाइनी ने उनसे पानी मांगा। जैसे ही वो पानी देने कमरे में पहुंचीं, शाइनी ने कमरा बंद कर उनका बलात्कार किया। इसके बाद एक्टर ने शाम 5 बजे तक उन्हें कमरे में बंद रखा। जैसे ही शाइनी ने दरवाजा खोला, वो भागकर किचन में गईं। उन्हें समझ नहीं आया कि क्या हुआ। कुछ देर बाद मैन डोर की बेल बजी। शाइनी ने दरवाजा खोला, तो रेखा माने लॉबी में खड़ी थीं। वो लगातार रो रही थीं, वजह पूछने पर उन्होंने रेखा को आपबीती सुनाई। मेड के बयान से पुलिस स्टेशन में हलचल मच गई। बयान दर्ज करते ही पुलिस ने शाइनी आहूजा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 342 (गैरकानूनी तरीके से बंदी बनाने) और 506 (2) (गंभीर धमकी देने) की धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की। उनका घर भी सील कर दिया गया। शाइनी आहूजा ने बयान में कहा- हमने रजामंदी से संबंध बनाए शाइनी आहूजा ने पुलिस को दिए बयान में कबूल किया कि उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन उनके मुताबिक संबंध रजामंदी से बनाए गए थे। पूछताछ में पुलिस ने पूछा- क्या आप उस लड़की को जानते हैं? शाइनी ने कहा- हां, वो मेरी मेड है। पुलिस ने आगे पूछा- कितने समय से जानते हैं? शाइनी ने जवाब दिया- डेढ़ महीने से। मेरी दूसरी मेड संगीता उसे कुछ दिनों के लिए लाई थी। मेरा कुक मोहन और उसकी पत्नी भी ये जानते हैं। पुलिस ने फिर पूछा- कल दोपहर को आप कहां थे? जवाब मिला- घर में। पुलिस ने आगे पूछा- क्या आप घर में थे, जब वो आई? शाइनी बोले- हां। पुलिस ने आगे कहा- लड़की ने कहा है कि आपने उसका बलात्कार किया। जवाब मिला- नहीं, मैंने नहीं किया। मुझे फंसाया जा रहा है। पुलिस ने फिर पूछा- लड़की ने कहा कि वो दोपहर में आई। आपने उसे कमरे में खींचा और उसका बलात्कार किया। इस बार शाइनी झल्लाकर बोले- नहीं मैंने उसका बलात्कार नहीं किया। हमने शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन वो उसकी मर्जी से हुआ। आगे डीसीपी ने पूछा- क्या आपने बलात्कार किया? शाइनी ने धीमी आवाज में आगे कहा- हमने मर्जी से शारीरिक संबंध बनाए। बलात्कार की बात मुझे फंसाने के लिए की जा रही है। ये कहते ही एक्टर रो पड़े। गिरफ्तारी के बाद बंद पड़ी शाइनी आहूजा की फिल्म जिस समय शाइनी आहूजा की गिरफ्तारी हुई, उस समय वो राइटर-डायरेक्टर मनीष गुप्ता के साथ सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज पर बन रही एक फिल्म का हिस्सा थे, लेकिन एक्टर की गिरफ्तारी के बाद ये फिल्म बंद पड़ गई। इस फिल्म के राइटर मनीष गुप्ता के लिए अचानक शाइनी पर ऐसे गंभीर आरोप लगना बेहद चौंकाने वाला था। दैनिक भास्कर से बातचीत में मनीष ने कहा, ‘मैं शाइनी अहूजा के साथ एक फिल्म पर काम कर रहा था, जिसकी कहानी चार्ल्स शोबराज पर आधारित थी। मेरा शाइनी के घर आना-जाना होता था और उनकी वाइफ (अनुपम आहूजा) से भी मुलाकात होती रहती थी।’ ‘इसी बीच अचानक खबर मिली कि पुलिस ने शाइनी को अरेस्ट कर लिया है। मैं और मेरा दोस्त दोनों ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां डीसीपी से बात करने पर पता चला कि नौकरानी ने शाइनी पर रेप का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्हें अरेस्ट किया गया है।’ ‘डीसीपी आगे कहते हैं कि अब हमें यह पता लगाना है कि सेक्स मर्जी से हुआ था या लड़की के साथ जबरदस्ती की गई थी। मैं यह सुनकर हैरान था। मैंने कहा कि जब आप खुद उसे बेनेफिट ऑफ डाउट दे रहे हैं, तो अरेस्ट क्यों किया गया? तब उन्होंने कहा कि कानून ऐसा ही है अगर सेक्शन 375 और 376 के तहत किसी लड़की ने रेप का आरोप लगाया है, तो हमें आरोपी को अरेस्ट करना ही पड़ता है।’ मेडिकल टेस्ट में शाइनी के खिलाफ मिले कई सबूत गिरफ्तारी के बाद शाइनी आहूजा और शिकायतकर्ता का मेडिकल टेस्ट हुआ। मेडिकल टेस्ट में शिकायतकर्ता के शरीर और प्राइवेट पार्ट पर सीमन स्टेन मिला, जिससे कन्फर्म हुआ कि शारीरिक संबंध बनाए गए है। शाइनी के रूम की बेडशीट और कपड़ों को भी टेस्ट के लिए कलीना की स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेब्रोटरी में भेजा गया। 10 दिनों बाद आई रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के कपड़ों, प्राइवेट पार्ट और कमरे की बेडशीट में मिले सीमन सैंपल शाइनी आहूजा से मैच हुए, जिसके बाद उनकी ज्यूडिशरी कस्टडी 2 जुलाई तक बढ़ा दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि शाइनी आहूजा के हाथ में भी चोट के निशान मिले हैं, जो कथित तौर पर घटना के समय आई होगी। रिपोर्ट में ये भी साफ था कि घटना के समय शाइनी आहूजा ने किसी तरह के नशे का सेवन नहीं किया था। साथ ही ये दावा भी किया गया कि नागपाड़ा हॉस्पिटल के डॉक्टर एस.एम.पाटिल की रिपोर्ट में सामने आया कि मेड के प्राइवेट पार्ट में भी चोट थीं। इस दौरान शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम ने साफ कहा कि उनके पति बेकसूर हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि न ही शाइनी ने कोई कन्फेशन किया है और न ही मेडिकल रिपोर्ट में उनके खिलाफ कोई सबूत मिले हैं। शाइनी आहूजा के खिलाफ हुआ प्रदर्शन एक्टर पर रेप के आरोप लगने के बाद जोगेश्वरी में 50 एक्टिस्ट, सोशल ऑर्गेनाइजेशन और ह्यूमन राइट एसोसिएशन इंडिया के कई सदस्यों ने जोगेश्वरी में एक्टर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रोटेस्ट करने वालों में एक्ट्रेस प्रीत जैन भी शामिल हुईं, जिन्होंने साल 2004 में फिल्ममेकर मधुर भंडारकर पर बलात्कार के आरोप लगाए थे। उस दौर के मशहूर क्राइम रिपोर्टर विवेक अग्रवाल उस समय केस कवर कर रहे थे। जब उन्हें घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने साफ कहा कि ये नामुमकिन है। दैनिक भास्कर से बातचीत में विवेक अग्रवाल कहते हैं, इंडस्ट्री भले ही शाइनी आहूजा को एक एरोगेंट इंसान मानती हो लेकिन सिर्फ गुस्से के कारण कोई व्यक्ति किसी महिला का यौन शोषण कर डाले मैं ये नहीं मानता हूं। जब मुझे इस केस के बारे में पता चला कि इसमें आरोपी शाइनी आहूजा हैं, जो एक बेहद आकर्षक, रोमन देवताओं जैसा दिखने वाले व्यक्ति हैं, तब मेरे मन में पहला सवाल यही उठा कि ऐसा व्यक्ति किसी ऐसी घरेलू नौकरानी के साथ संबंध क्यों बनाएगा, जो न तो रूप-रंग में, न कद-काठी में और न ही स्किन टोन में उसके मुकाबले है। जबकि उसके पास खुद पूरा बॉलीवुड का ग्लेमर्स वर्ल्ड है। विवेक आगे कहते हैं, ‘शाइनी के आसपास हमेशा ऐसी ‘ए-लिस्ट बटरफ्लाइज’ मंडराती रही हैं, जो उनके जरिए या उनसे जुड़कर खुद को इंडस्ट्री में स्थापित करना चाहती थीं। ऐसी लड़कियों की कोई कमी नहीं थी। ऐसे में यह तर्क कि उसने पैसे देकर इस लड़की को इस्तेमाल करना चाहा, और मना करने पर नाराज होकर उस पर हमला किया यह पहला ही स्टेटमेंट मेरे गले नहीं उतरा। क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में एक तरफ जहां कास्टिंग काउच एक कड़वी सच्चाई है, वहीं यह भी उतना ही सच है कि कई बार लड़कियां अपने फायदे के लिए खुद पुरुषों के सामने जाती हैं और उनके जरिए काम हासिल करने की कोशिश करती हैं। इस तथ्य को दुनिया की कोई ताकत नकार नहीं सकती। हो सकता है कि मेरी इस बात से महिला अधिकार संगठनों या एनजीओ से जुड़े लोग नाराज हों, लेकिन अगर वे खुद इंडस्ट्री में जाकर एक ईमानदार सर्वे करें, तो उन्हें यकीन हो जाएगा कि मैं जो कह रहा हूं, वह पूरी तरह सच है।' विवेक अग्रवाल ने आगे कहा, ‘इससे पहले मुंबई में रागिनी गुप्ता कांड हो चुका था, जिसमें एक लड़की ने कुछ लोगों पर एमएमएस बनाने और रेप करने के आरोप लगाए थे। उस केस की सीडी मुझे हासिल हुई थी। जब मैंने वह सीडी देखी, तो उसमें साफ दिखाई दे रहा था कि लड़की खुद कैमरा सेट कर रही थी और दो-तीन बार एंगल भी ठीक कर रही थी। इसका मतलब साफ था कि यह कोई छुपकर बनाया गया एमएमएस नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी हनी ट्रैप प्लानिंग थी। बाद में जिन लोगों पर आरोप लगे, वे 60-70 साल के बुजुर्ग थे और आखिर में सभी रिहा हो गए, क्योंकि सारे तथ्य सामने आ गए थे। उस केस में यह भी उजागर हुआ कि लड़की के साथ एक पूरा गैंग काम कर रहा था जिसमें दो फर्जी पत्रकार, दो फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट और ओशिवारा पुलिस स्टेशन के तीन-चार अफसर शामिल थे। यह गैंग ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जो फिल्मों में काम देने के नाम पर महिलाओं का शोषण करते हैं।’ ‘लड़की पहले खुद कहती थी, “सर, मैं आपके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हूं, बस मुझे काम दिला दीजिए।” इसके बाद वीडियो बनाई जाती थी, उसकी सीडी तैयार होती थी और फिर पुलिस में शिकायत दी जाती थी कि फिल्म में काम दिलाने के नाम पर मेरा शोषण किया गया है। इसके बाद शुरू होती थी सौदेबाजी जिसमें 25-50 लाख से लेकर 2-3 करोड़, यहां तक कि 5 करोड़ रुपये तक। इस रकम में सभी का हिस्सा बंटता था।’ 'ये सारे फैक्ट्स मेरे पास पहले से मौजूद थे। इसके अलावा मुझे यह जानकारी भी थी कि मुंबई के धनाढ्य इलाकों में एक ‘बाई गैंग’ सक्रिय है। इस गैंग का काम अमीर घरों में युवा लड़कियों को नौकरानी के तौर पर रखना और फिर मी टू या अटेम्प्ट टू रेप जैसे केस बनवाकर, पुलिस अफसरों और फर्जी पत्रकारों के जरिए वसूली करना है।' शाइनी आहूजा फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने हीरो थे। उन्होंने गैंगस्टर, वो लम्हे, लाइन इन ए मेट्रो, भूल भुलैया जैसी बड़ी फिल्में की थीं। पहली ही फिल्म हजारों ख्वाहिशें ऐसी के लिए उन्हें 5 अवॉर्ड मिले थे। कई फिल्मकारों का मानना था कि शाइनी आने वाले सालों में बड़ा मुकाम हासिल करेंगे, ऐसे में अचानक उनका रेप केस में नाम आना पूरी इंडस्ट्री के लिए हैरान कर देने वाला था। हर किसी का मानना था कि शाइनी को फंसाया गया है, लेकिन फिर एक्टर के बयान ने पूरे केस की दिशा ही पलट दी, जिसमें उन्होंने माना कि उस रोज उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। शाइनी आहूजा ने बयान में किया- मेड मुझसे प्यार करती थी एक्टर के बयान के मुताबिक, मेड उनसे प्यार करती थी। घटना से एक रोज पहले उसने कई बार एक्टर को कॉल किया था। जब उन्होंने संबंध बनाए, तो उसमें मेड की भी रजामंदी थी। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वो उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएगी और गंभीर आरोप लगाएगी। एक्टर की मानें तो ये उनकी छवि बिगाड़ने और पैसों की वसूली की साजिश है। उन्हें अपने किए का पछतावा है। जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था। ये केस फिर उलझ गया। शाइनी के कबूलनामे के बाद उनकी बेल याचिका कई बार खारिज हुई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 5 महीनों तक जेल में रखा गया। उनके खिलाफ 109 पन्नों की चार्जशीज दाखिल की गई। सारे सबूत शाइनी के खिलाफ थे, हालांकि फिर मेड ने कोर्ट में बयान बदल दिया। उन्होंने कहा- मेरा बलात्कार नहीं हुआ। सवाल ये था कि क्या वाकई शाइनी आहूजा ने मेड का बलात्कार किया, क्या उन्हें फंसाया जा रहा था या फिर इस केस के पीछे था कोई बड़ा गैंग। पार्ट-1 में इतना ही कल शाइनी आहूजा रेप केस के पार्ट-2 में जानिए, कैसे एक्टर को मिली जमानत और क्यों मेड ने बयान बदला। ……………………………………….. पार्ट-2, बयान से पलटी मेड, कहा- मेरा बलात्कार नहीं हुआः शाइनी आहूजा को 5 महीने जेल में रहने के बाद मिली बेल फिर 7 साल की हुई सजा (नोट- ये खबर शाइनी आहूजा के वकील, उनके साथ काम कर चुके राइटर मनीष गुप्ता और केस को कवर करने वाले मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल के बयान के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी के साथ लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय …………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर विवके ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवके की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवके की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवके का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

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Scotland's mad for Oasis, Newcastle loves Sam Fender: Music tastes where you live revealed

Spotify and YouTube's streaming data for 2025 shows some interesting variations in listening habits.

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Dog walkers in Scotland stumble on 2,000-year-old footprints

Two people walking their dogs on a beach in Scotland came across footprints left by humans and animals 2,000 years earlier. Although ancient footprints have been found in a handful of locations in England, this is the first such site ever recorded in Scotland.

Ivor Campbell and Jenny Snedden spotted the prints on Lunan Bay in Angus, eastern Scotland, after a strong storm in January. The storm had damaged the sandy dunes, exposing a layer of clay. The pair thought the markings on the wet ground looked like footprints, so they notified the Aberdeenshire council who enlisted the aid of University of Aberdeen archaeologist Kate Britton and her team to investigate the find.

Time was of the essence. High tide was coming in and the winds were very strong, with gusts up to 55mph blowing scouring sand over the prints. Under these challenging conditions, the team had to document the prints as thoroughly as possible before they disappeared. When the wind let up, they photographed the site with drones, photographed the prints with cameras on the ground and then used the photographs to create 3D renderings of the remains. They made plaster casts of the prints left by barefoot humans and different species of animals, including red and roe deer. They also took samples of plant remains deposited right underneath the footprints.

Just 48 hours after the report, the site and its footprints were destroyed. The team returned to the University of Aberdeen laboratory where they radiocarbon tested the plant remains, confirming the date of ca. 2,000 years old.

“This is a real tangible link to the region’s past,” team member Professor Noble added. “The late Iron Age dates are in keeping with what we know about the rich archaeology of nearby Lunan Valley. It’s very exciting to think these prints were made by people around the time of the Roman invasions of Scotland and in the centuries leading up to the emergence of the Picts.”

Archaeologists say the unique find offers a window into human activity along the Angus coastline and the changing nature of the landscape.

Dr William Mills added: “It is incredibly rare to see such a delicate record saved, taking only minutes to create and hours to be destroyed, a snapshot of what people were doing thousands of years ago. The site also tells us how this now sandy beach was once a muddy estuary and that humans were using this environment, perhaps for hunting deer or to collect wild plant foods such as samphire.



* This article was originally published here

Willie Colón, trombonist who pioneered salsa music, dies aged 75

His career spanned 60 years and dozens of albums and had been named among the most influential Latino artists of all time.

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Willie Colón, trombonist who pioneered salsa music, dies aged 75

His career spanned 60 years and dozens of albums and had been named among the most influential Latino artists of all time.

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1,000-year-old gold-filled tomb unearthed in Panama

A new tomb has been discovered at the El Caño Archaeological Site abundantly furnished with offerings of ceramics and gold. The tomb dates between 800 and 1000 A.D. and because of the rich array of grave goods, according to the Culture Ministry of Panama, the find is “of great importance for Panamanian archaeology and the study of pre-Hispanic societies of the Central American isthmus.”

The existence of Tomb 3 was first identified in 2009 when an survey detected a large number of ceramic and metal fragments. It wasn’t excavated until this year, however, and is now revealing its full structure and rich furnishings. It contains numerous funerary offerings of fine ceramics and decorated gold ornaments including earrings, bracelets and large pectorals decorated with bats and crocodiles which were typical motifs in the art and iconography of El Caño.

It is a multiple burial featuring a central figure accompanied by several other individuals. The grave is an area reserved for the elites of the Coclé culture, and the central burial is someone of high status from one of the families of leaders or chiefs. Coclé leaders accumulated items of great prestige, but the gold in the tombs was not valued as specie or currency. It held religious symbolism as an eternal material because of its beauty is not subject to corrosion or decomposition.

The archaeological site of El Caño, 124 miles southwest of Panama City, was a ceremonial complex of the Coclé people. Previous discoveries of opulent burials have led to the area being dubbed “Panama’s Valley of the Kings,” and the vast majority of the necropolis has yet to be excavated.

The evidence accumulated in Tomb 3 allows for a revision of models regarding the emergence of complex chiefdoms in the isthmus, suggesting the existence of centralized societies that operated between the 8th and 11th centuries AD. These communities had the capacity to organize long-distance exchange networks and large-scale ceremonies, consolidating this site as one of the most important pre-Hispanic cemeteries in the region.



* This article was originally published here

How Co-op Live went from falling air con units to hosting the Brits

The opening of the Co-op Live was in every headline, but not quite for the right reasons.

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How Co-op Live went from falling air con units to hosting the Brits

The opening of the Co-op Live was in every headline, but not quite for the right reasons.

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