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ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

Tuesday, 8 September 2026

Finland’s largest Viking-era silver coin hoard found

First Denmark, now Finland. It’s a banner week for record-breaking Viking silver hoards. A massive silver coin hoard has been discovered near the Sysmä church village in southern Finland. It is the largest Late Iron Age coin hoard ever found in Finland.

The first coins were discovered by metal detectorist Kalle Lappinen on September 3rd. He reported the find to the regional museum and archaeologist Esko Tikkala of Lahti City Museums excavated the site the next day. He and his team recovered thousands of silver coins, silver fragments, a silver bracelet, silver clasp and one silver bead. The total silver weight is approximately 4.5 kilos (just shy of 10 lbs).

The coins have yet to be cleaned, documented and counted, but there’s no question this hoard establishes a new record. The previous record-holder, found in Nousiainen in 1895, contains 1,700 coins and small objects, and weighs a total of 2.2 kilos.

The hoard is also exceptional because of what it was buried in: a pair of birch bark containers. They were filled with coins and silver and buried 18 inches under the surface about 40 feet away from each other. Remnants of the birch bark have survived, which is very rare in Finnish soil.

Archaeologists are now working on separating, cleaning, counting and identifying all of the coins. The birch bark remains are also being studied in the hope they will provide more information about the origins and burial of the hoard.



* This article was originally published here

The next James Bond: The (00)7 questions fans want answered

Speculation has been building recently that an announcement about Daniel Craig's successor could be close.

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The next James Bond: The (00)7 questions fans want answered

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Monday, 7 September 2026

Earliest surviving solar eclipse film found, restored

A view of a total solar eclipse filmed in 1900 has been rediscovered and restored. It is the earliest known surviving astronomical film. For decades it was believed lost, but recently a Royal Astronomical Society archivist found the precious clip in the society’s records. It was unlabeled and likely had not seen the light of day since the turn of the century.

It was filmed by Nevil Maskelyne, son of a London magician who was also the co-owner of the Egyptian Hall on Piccadilly magic theater. The magic shows employed the latest technology to craft astonishing illusions on the stage (he had an orchestra of automata), and he was an early adopter of the moving picture camera.

(Many of the pioneering filmmakers at the dawn of the art form were magicians, most famously Georges Méliès who created an astronomical film of his own with his indelible science fiction masterpiece A Trip to the Moon.)

Nevil was a fellow of the Royal Astronomical Society (RAS) and an avid amateur astronomer. It was his idea to use a moving picture camera to film an eclipse because it would be the first time it was captured and it would prove the new technology was not just a novelty for entertainment purposes, but an effective tool for scientific observation. Nevil invented a telescopic adapter for the kinematograph and dubbed his new camera the animatograph.

His first attempt wasn’t actually done by him. He sent the animatograph to India with fellow accomplished amateurs Reverend John Bacon and his daughter Gertrude Bacon to film the May 28, 1898 eclipse. The shoot all seemed to go well, but the film can was stolen on the trip back and never recovered.

Nevil Maskelyne tried again in May 1900, and this time he traveled in person to North Carolina as part of the British Astronomical Association Expedition. But then the vagaries of travel struck again and this time it was his equipment that was lost. It never made it across the Atlantic. Nevil would not be deterred, and he ginned up a new camera and telescopic adapter with whatever he could find in North Carolina.

Amazingly, it worked. He shot an eclipse of five frames per second during the full totality and four minutes after. It was an achievement celebrated all over the world. Nonetheless, it suffered the same fate as so many thousands of silent films until it was rediscovered. BFI National Archive restorers scanned the film and digitally restored it, making the finished work freely available on their YouTube channel.

Without further ado:



* This article was originally published here

रानी पद्मावती का जौहर कायरता नहीं बहादुरी:स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, धर्म परिवर्तन पर भी तंज कसा

धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने रानी पद्मावती के जौहर को कायरता कहा था। स्वरा बयान पर सफाई दे चुके हैं, लेकिन विवाद जारी है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के जौहर को ‘कायरता’ कहने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। यह बयान पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन दिया गया। कार्यक्रम में दिए बयान के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनसे इस मुद्दे पर बिना बात किए रहा नहीं जा रहा था। धीरेंद्र शास्त्री- आप संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।’ क्या था स्वरा भास्कर का पूरा बयान, क्यों हुआ विवाद? 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक में स्वरा ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, "यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।" स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाई स्वरा के बयान पर विवाद हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है।" 'क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?' स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहस स्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा- ‘अगर विकल्प विजेताओं की गुलाम बनने और उनके हरम में रखी जाने वाली सेक्स स्लेव बनने के बीच हो, तो कई महिलाएं पहला विकल्प चुनेंगी। कुछ महिलाएं दूसरा विकल्प चुन सकती हैं। हालांकि, आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं। आपकी इस पसंद से कोई सहमत हो या असहमत, इस पर बहस की जा सकती है, लेकिन यह एक चॉइस थी।’ इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, "प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है?" क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार 'रानी पद्मावती' किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।

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रानी पद्मावती का जौहर कायरता नहीं बहादुरी:स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, धर्म परिवर्तन पर भी तंज कसा

धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने रानी पद्मावती के जौहर को कायरता कहा था। स्वरा बयान पर सफाई दे चुके हैं, लेकिन विवाद जारी है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के जौहर को ‘कायरता’ कहने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। यह बयान पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन दिया गया। कार्यक्रम में दिए बयान के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनसे इस मुद्दे पर बिना बात किए रहा नहीं जा रहा था। धीरेंद्र शास्त्री- आप संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।’ क्या था स्वरा भास्कर का पूरा बयान, क्यों हुआ विवाद? 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक में स्वरा ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, "यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।" स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाई स्वरा के बयान पर विवाद हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है।" 'क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?' स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहस स्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा- ‘अगर विकल्प विजेताओं की गुलाम बनने और उनके हरम में रखी जाने वाली सेक्स स्लेव बनने के बीच हो, तो कई महिलाएं पहला विकल्प चुनेंगी। कुछ महिलाएं दूसरा विकल्प चुन सकती हैं। हालांकि, आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं। आपकी इस पसंद से कोई सहमत हो या असहमत, इस पर बहस की जा सकती है, लेकिन यह एक चॉइस थी।’ इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, "प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है?" क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार 'रानी पद्मावती' किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।

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अजय देवगन ने इललीगल सॉफ्टवेयर से किया था प्रैंक:अमिताभ बच्चन के नंबर से किसी और को भेजा मैसेज, लिखा- सुबह साढ़े 5 बजे मिलो

बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन अक्सर मीडिया के सामने गंभीर नजर आते और कम बोलते हैं। हालांकि फिल्म के सेट पर सह-कलाकारों और क्रू मेंबर्स के साथ मजाक-मस्ती करते हैं और उनकी गिनती बॉलीवुड के सबसे बड़े प्रैंकस्टारों में होती है। यहां तक कि अजय देवगन ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ भी प्रैंक किया था। ‘द कपिल शर्मा शो’ में अजय देवगन ने बताया था कि बहुत साल पहले एक ऐसा इललीगल सॉफ्टवेयर आया था, जिससे किसी दूसरे नंबर से मैसेज भेजा जा सकता था। यानी मैसेज पाने वाले को लगता था कि उसे असली नंबर से ही मैसेज आया है। अजय ने इसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल अपने दोस्त और पब्लिक रिलेशन (PR) एक्सपर्ट पराग देसाई के साथ प्रैंक करने के लिए किया। पराग देसाई अमिताभ बच्चन के भी PR थे। अजय ने रात करीब 10 बजे अमिताभ बच्चन के नंबर से पराग को मैसेज भेजा। मैसेज में लिखा था, “सुबह 5:30 बजे आकर मिलो।” मैसेज देखकर पराग टेंशन में आ गए कि क्या हुआ होगा और वो सुबह साढ़े पांच बजे अमिताभ बच्चन के घर पहुंच गए। उस समय अमिताभ बच्चन जिम में थे और उन्होंने पराग से बोला, "इतनी सुबह-सुबह?" जिस पर पराग ने उनसे कहा कि आपने उन्हें बुलाया है। अमिताभ बच्चन ने हैरानी से पूछा, “मैं क्यों बुलाऊंगा?” इसके बाद पराग ने उन्हें वही मैसेज दिखाया। मैसेज देखकर अमिताभ बच्चन भी परेशान हो गए। उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर उनके नंबर से यह मैसेज किसने भेजा। शो पर अजय देवगन ने बताया कि बाद में उन्होंने अमिताभ बच्चन को पूरे प्रैंक की सच्चाई बता दी। अजय ने मजाकिया अंदाज में आगे बताया कि अमिताभ बच्चन ने उनसे वही सॉफ्टवेयर मांग लिया। जावेद जाफरी के खाने में भांग मिला दी थी अजय देवगन ने एक प्रैंक एक्टर जावेद जाफरी के साथ भी किया था। जावेद जाफरी ने मिर्ची प्लस को दिए इंटरव्यू में अजय के प्रैंक से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया था। यह किस्सा फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ की शूटिंग का है। जावेद जाफरी ने बताया था कि महाशिवरात्रि के मौके पर अजय ने मजाक में सेट पर मौजूद खाने में भांग मिला दी थी। जावेद, जो न शराब पीते हैं और न सिगरेट, उन्होंने अनजाने में वही खाना ज्यादा खा लिया। कुछ देर बाद उन्हें अजीब महसूस होने लगा। उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे वे ब्लैक होल में गिर रहे हों और आसपास सब कुछ हिल रहा हो। हालत इतनी खराब हो गई कि वे घबरा गए और लगा कि वे बच नहीं पाएंगे। घबराहट में जावेद अपने कमरे में चले गए। उन्होंने अपने असिस्टेंट, पत्नी और बेटे मीजान जाफरी को फोन किया। उन्हें लगा यह उनका आखिरी समय है, इसलिए वे वसीयत लिखवाने को तैयार हो गए थे। बाद में पता चला कि यह अजय देवगन का मजाक था। फिल्म पब्लिसिस्ट को ड्रग्स केस का आरोपी बना दिया अजय देवगन के प्रैंक्स से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा है। फिल्म पब्लिसिस्ट राजेंद्र राव को अजय ने प्रैंक कर नकली ड्रग्स के केस में फंसा दिया था। मिड डे को दिए इंटरव्यू में अजय ने इसे स्वीकार किया था। बता दें कि फिल्म पब्लिसिस्ट वह व्यक्ति होता है जो किसी फिल्म या कलाकार की पब्लिसिटी और प्रमोशन संभालता है। राजेंद्र राव ने लगान, स्वदेस और सरफरोश जैसी फिल्मों का प्रमोशन किया था। साल 2003-2004 में अजय देवगन दीव (दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव) में एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, जिसमें अमीषा पटेल भी थीं। शूटिंग दीव फोर्ट के आसपास चल रही थी। उसी दौरान राजेंद्र राव भी मौजूद थे। वो हंसमुख और मजाकिया इंसान थे, लेकिन उस दिन उनका मूड थोड़ा खराब था क्योंकि उनका एक बैग मुंबई एयरपोर्ट पर छूट गया था। वे बार-बार बैग छूटने वाली बात कर रहे थे। अजय ने सोचा कि क्यों न इस पर एक प्रैंक किया जाए। उन्होंने दीव के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस से संपर्क किया और पूरा प्लान तैयार किया। उन्होंने चुपके से राजेंद्र राव की जेब में नमक का एक छोटा पैकेट डाल दिया, ताकि बाद में उसे ड्रग्स बताया जा सके। शूटिंग के दौरान अचानक सेट पर पुलिस की एक वैन पहुंची। साथ में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस भी थे, जो राजेंद्र राव को ढूंढ रहे थे। राजेंद्र को लगा कि उनका बैग मिल गया है, लेकिन मामला अलग निकला। पुलिस ने बताया कि उनके बैग में भारी मात्रा में ड्रग्स मिली है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। सबके सामने उन्हें पकड़कर ले जाया गया। माहौल एकदम सीरियस हो गया। राजेंद्र राव को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। उनसे सवाल पूछे गए। तलाशी में उनकी जेब से नमक का पैकेट निकला। पुलिस ने उसे चखकर कहा, “यह कोकीन है।” यह सुनते ही राजेंद्र बहुत घबरा गए। शाम होते-होते हालत इतनी खराब हो गई कि पुलिस अधिकारी ने अजय देवगन को फोन करके कहा कि अब यह मजाक ज्यादा हो रहा है और इसे खत्म करना चाहिए। करीब 8 बजे शाम को सच्चाई सामने आई और राजेंद्र राव को छोड़ दिया गया। जब राजेंद्र वापस आए, तो वे बेहद नाराज थे। उन्होंने अजय को खूब डांटा और कहा कि ऐसा मजाक कभी किसी के साथ नहीं करना चाहिए। यहां तक कि उन्होंने खुद को होटल के कमरे में करीब 24 घंटे के लिए बंद कर लिया। बाद में दोनों ने साथ बैठकर ड्रिंक पी और मामला शांत हुआ। ………………….. अजय देवगन के प्रैंक से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... प्रैंक के लिए मशहूर थे अजय देवगन:सेट पर मजाक करना पड़ा था भारी, को-स्टार की पत्नी ने की थी सुसाइड की कोशिश अजय देवगन के प्रैंक के चलते उनके को-स्टार की पत्नी ने आत्महत्या तक करने की कोशिश की थी। साल 2018 में अजय देवगन ने मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में बिना किसी का नाम लिए एक किस्सा बताया था। उन्होंने बताया था कि एक बार वो अपनी एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। उस समय उनके को-स्टार की नई-नई शादी हुई थी और पूरी यूनिट नाइट शूट करती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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अजय देवगन ने इललीगल सॉफ्टवेयर से किया था प्रैंक:अमिताभ बच्चन के नंबर से किसी और को भेजा मैसेज, लिखा- सुबह साढ़े 5 बजे मिलो

बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन अक्सर मीडिया के सामने गंभीर नजर आते और कम बोलते हैं। हालांकि फिल्म के सेट पर सह-कलाकारों और क्रू मेंबर्स के साथ मजाक-मस्ती करते हैं और उनकी गिनती बॉलीवुड के सबसे बड़े प्रैंकस्टारों में होती है। यहां तक कि अजय देवगन ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ भी प्रैंक किया था। ‘द कपिल शर्मा शो’ में अजय देवगन ने बताया था कि बहुत साल पहले एक ऐसा इललीगल सॉफ्टवेयर आया था, जिससे किसी दूसरे नंबर से मैसेज भेजा जा सकता था। यानी मैसेज पाने वाले को लगता था कि उसे असली नंबर से ही मैसेज आया है। अजय ने इसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल अपने दोस्त और पब्लिक रिलेशन (PR) एक्सपर्ट पराग देसाई के साथ प्रैंक करने के लिए किया। पराग देसाई अमिताभ बच्चन के भी PR थे। अजय ने रात करीब 10 बजे अमिताभ बच्चन के नंबर से पराग को मैसेज भेजा। मैसेज में लिखा था, “सुबह 5:30 बजे आकर मिलो।” मैसेज देखकर पराग टेंशन में आ गए कि क्या हुआ होगा और वो सुबह साढ़े पांच बजे अमिताभ बच्चन के घर पहुंच गए। उस समय अमिताभ बच्चन जिम में थे और उन्होंने पराग से बोला, "इतनी सुबह-सुबह?" जिस पर पराग ने उनसे कहा कि आपने उन्हें बुलाया है। अमिताभ बच्चन ने हैरानी से पूछा, “मैं क्यों बुलाऊंगा?” इसके बाद पराग ने उन्हें वही मैसेज दिखाया। मैसेज देखकर अमिताभ बच्चन भी परेशान हो गए। उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर उनके नंबर से यह मैसेज किसने भेजा। शो पर अजय देवगन ने बताया कि बाद में उन्होंने अमिताभ बच्चन को पूरे प्रैंक की सच्चाई बता दी। अजय ने मजाकिया अंदाज में आगे बताया कि अमिताभ बच्चन ने उनसे वही सॉफ्टवेयर मांग लिया। जावेद जाफरी के खाने में भांग मिला दी थी अजय देवगन ने एक प्रैंक एक्टर जावेद जाफरी के साथ भी किया था। जावेद जाफरी ने मिर्ची प्लस को दिए इंटरव्यू में अजय के प्रैंक से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया था। यह किस्सा फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ की शूटिंग का है। जावेद जाफरी ने बताया था कि महाशिवरात्रि के मौके पर अजय ने मजाक में सेट पर मौजूद खाने में भांग मिला दी थी। जावेद, जो न शराब पीते हैं और न सिगरेट, उन्होंने अनजाने में वही खाना ज्यादा खा लिया। कुछ देर बाद उन्हें अजीब महसूस होने लगा। उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे वे ब्लैक होल में गिर रहे हों और आसपास सब कुछ हिल रहा हो। हालत इतनी खराब हो गई कि वे घबरा गए और लगा कि वे बच नहीं पाएंगे। घबराहट में जावेद अपने कमरे में चले गए। उन्होंने अपने असिस्टेंट, पत्नी और बेटे मीजान जाफरी को फोन किया। उन्हें लगा यह उनका आखिरी समय है, इसलिए वे वसीयत लिखवाने को तैयार हो गए थे। बाद में पता चला कि यह अजय देवगन का मजाक था। फिल्म पब्लिसिस्ट को ड्रग्स केस का आरोपी बना दिया अजय देवगन के प्रैंक्स से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा है। फिल्म पब्लिसिस्ट राजेंद्र राव को अजय ने प्रैंक कर नकली ड्रग्स के केस में फंसा दिया था। मिड डे को दिए इंटरव्यू में अजय ने इसे स्वीकार किया था। बता दें कि फिल्म पब्लिसिस्ट वह व्यक्ति होता है जो किसी फिल्म या कलाकार की पब्लिसिटी और प्रमोशन संभालता है। राजेंद्र राव ने लगान, स्वदेस और सरफरोश जैसी फिल्मों का प्रमोशन किया था। साल 2003-2004 में अजय देवगन दीव (दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव) में एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, जिसमें अमीषा पटेल भी थीं। शूटिंग दीव फोर्ट के आसपास चल रही थी। उसी दौरान राजेंद्र राव भी मौजूद थे। वो हंसमुख और मजाकिया इंसान थे, लेकिन उस दिन उनका मूड थोड़ा खराब था क्योंकि उनका एक बैग मुंबई एयरपोर्ट पर छूट गया था। वे बार-बार बैग छूटने वाली बात कर रहे थे। अजय ने सोचा कि क्यों न इस पर एक प्रैंक किया जाए। उन्होंने दीव के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस से संपर्क किया और पूरा प्लान तैयार किया। उन्होंने चुपके से राजेंद्र राव की जेब में नमक का एक छोटा पैकेट डाल दिया, ताकि बाद में उसे ड्रग्स बताया जा सके। शूटिंग के दौरान अचानक सेट पर पुलिस की एक वैन पहुंची। साथ में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस भी थे, जो राजेंद्र राव को ढूंढ रहे थे। राजेंद्र को लगा कि उनका बैग मिल गया है, लेकिन मामला अलग निकला। पुलिस ने बताया कि उनके बैग में भारी मात्रा में ड्रग्स मिली है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। सबके सामने उन्हें पकड़कर ले जाया गया। माहौल एकदम सीरियस हो गया। राजेंद्र राव को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। उनसे सवाल पूछे गए। तलाशी में उनकी जेब से नमक का पैकेट निकला। पुलिस ने उसे चखकर कहा, “यह कोकीन है।” यह सुनते ही राजेंद्र बहुत घबरा गए। शाम होते-होते हालत इतनी खराब हो गई कि पुलिस अधिकारी ने अजय देवगन को फोन करके कहा कि अब यह मजाक ज्यादा हो रहा है और इसे खत्म करना चाहिए। करीब 8 बजे शाम को सच्चाई सामने आई और राजेंद्र राव को छोड़ दिया गया। जब राजेंद्र वापस आए, तो वे बेहद नाराज थे। उन्होंने अजय को खूब डांटा और कहा कि ऐसा मजाक कभी किसी के साथ नहीं करना चाहिए। यहां तक कि उन्होंने खुद को होटल के कमरे में करीब 24 घंटे के लिए बंद कर लिया। बाद में दोनों ने साथ बैठकर ड्रिंक पी और मामला शांत हुआ। ………………….. अजय देवगन के प्रैंक से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... प्रैंक के लिए मशहूर थे अजय देवगन:सेट पर मजाक करना पड़ा था भारी, को-स्टार की पत्नी ने की थी सुसाइड की कोशिश अजय देवगन के प्रैंक के चलते उनके को-स्टार की पत्नी ने आत्महत्या तक करने की कोशिश की थी। साल 2018 में अजय देवगन ने मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में बिना किसी का नाम लिए एक किस्सा बताया था। उन्होंने बताया था कि एक बार वो अपनी एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। उस समय उनके को-स्टार की नई-नई शादी हुई थी और पूरी यूनिट नाइट शूट करती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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Sunday, 6 September 2026

Pyramid of Cestius reopens to visitors with new lighting

The Pyramid of Gaius Cestius reopened to the public last week after three years of renovations. Scheduled admissions are being offered free of charge through the end of October both by day and in the evening so visitors can see its bright white marble cladding illuminated by a new lighting system. The interior has new lighting as well. The restoration project also improved accessibility at the entrance gate, stairs and pathway to the pyramid. It renovated the green area of the park and most importantly, it refurbished the spaces inhabited by the iconic feline community at the base of the pyramid.

The funerary monument was built around 12 B.C. in the Ostiense necropolis outside the Servian walls of Rome on the ancient consular road that led to the sea port city of Ostia. Pyramids were all the rage after Augustus’ conquest of Egypt in 30 B.C., and ancient sources record several of them in having been built in Rome. This is the only one to survive.

It was commissioned by the former praetor and tribune of the plebs Gaius Cestius to hold his ashes in a single inner chamber, modestly painted white walls and small frescoes of winged Victories and ceremonial vessels. Due to a sumptuary law passed by the emperor Augustus in 18 B.C., there were no lavish grave goods, much to the disappointment of the looters who tunneled into it in the Middle Ages.

It was constructed of brick-faced concrete clad in brilliant white Carrara marble slabs. About 100 feet square at the base and 120 feet high, the pyramid has a far steeper incline and sharp point than the great Egyptian monuments that inspired it. The poet Shelley aptly described it as “one keen pyramid with wedge sublime… Like flame transform’d to marble.”

When the Aurelian walls were built in the 3rd century to encircle the expanded perimeter of the city, the pyramid was in their path, so it was simply absorbed into the walls. This fluke of location is why it is the only vanity pyramid to still standing today.



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शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड को दिया था जवाब:बोले थे- ‘पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो’; फिल्म नहीं करूंगा; डायरेक्टर ने सुनाया किस्सा

फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने हाल ही में बताया कि 1990 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड से बॉलीवुड को धमकियां मिलती थीं। उन्होंने बताया कि धमकी मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार किया और कहा था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो।” यह बात फिल्ममेकर ने राइटर हुसैन जैदी के यूट्यूब चैनल पर बताई। सेट पर पहुंच जाते थे अंडरवर्ल्ड के लोग संजय गुप्ता ने बताया कि 1990 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड से फिल्म इंडस्ट्री भी अछूती नहीं थी। कई प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एक्टर और एक्ट्रेस लगातार डर के माहौल में काम कर रहे थे। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग कभी फोन करते थे तो कभी सीधे शूटिंग सेट पर पहुंच जाते थे। संजय गुप्ता ने बताया कि उस समय कई बार ऐसे लोग फिल्म के सेट पर आकर बैठ जाते थे। उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं होती थी कि वहां कौन शूटिंग कर रहा है। वे आराम से सेट पर मौजूद रहते और अपनी बात मनवाने की कोशिश करते थे। उन्होंने बताया कि अंडरवर्ल्ड की तरफ से फिल्म बनाने और कलाकारों को कास्ट करने तक में दखल दिया जाता था। एक बार उनके पास एक प्रोड्यूसर आया और उसने कई बड़े कलाकारों के साइन किए हुए लेटर दिखाए। संजय के मुताबिक, ये साइनिंग लेटर थे, जिनमें लिखा था कि संबंधित कलाकार उस प्रोड्यूसर की फिल्म में काम करेंगे। प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था कि उसके पास लगभग सभी बड़े कलाकारों के साइन हैं और वह जिस अभिनेता के साथ संजय को काम करना हो, उसका नाम बता दें। इसके पीछे अंडरवर्ल्ड का दबाव बताया गया। शाहरुख ने झुकने से इनकार किया था इसी बातचीत में संजय गुप्ता ने शाहरुख का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वह ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। संजय के मुताबिक, जब शाहरुख को धमकी दी गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह अंडरवर्ल्ड के लिए कोई फिल्म नहीं करेंगे और न ही उनके कहने पर शो करेंगे। उन्होंने शाहरुख के रवैये को याद करते हुए कहा कि उनका जवाब था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। उससे डरता नहीं हूं।” संजय गुप्ता ने कहा कि शाहरुख ने सीधे तौर पर उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया। फिल्ममेकर के मुताबिक, इसी वजह से अंडरवर्ल्ड के लोग भी शाहरुख की इज्जत करने लगे थे। संजय ने कहा कि उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति है, जो सीधे उनके सामने खड़ा है। संजय गुप्ता को भी धमकी मिली थी बातचीत में संजय गुप्ता ने अपना एक पुराना अनुभव भी सुनाया। उन्होंने बताया कि साल 1992-93 में उन्हें अंडरवर्ल्ड की तरफ से फोन आया था। उस समय वह अपनी फिल्म ‘आतिश’ और ‘रामशास्त्र’ पर काम कर रहे थे। एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। संजय के मुताबिक, फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। इसके बाद एक प्रोड्यूसर के जरिए उन्हें पता चला कि मामला सीरियस है। उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ कुछ लोगों को भेजा गया है। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। इसके बाद कहानी में एक बड़ा मोड़ आया। संजय दत्त के घर पर रहते हुए संजय गुप्ता को अभिनेता आदित्य पंचोली का फोन आया। उन्होंने पूछा कि संजय कहां हैं और कहा कि उन्हें उनसे तुरंत मिलना है। कुछ देर बाद आदित्य पंचोली वहां पहुंचे और संजय गुप्ता को गले लगाकर कहा- “आई एम सॉरी यार, ये सब मेरी गलती है।” संजय ने उनसे पूछा कि उनकी गलती कैसे? तब आदित्य ने बताया कि पिछली रात वह दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे। बातचीत में आदित्य ने कहा था कि ‘आतिश’ में उनका रोल बहुत अच्छा है और इससे उनका करियर बन सकता है, लेकिन ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल उतना अच्छा नहीं है। आदित्य ने कहा था कि अगर संजय गुप्ता पर थोड़ा दबाव डाला जाए तो शायद वह ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल बेहतर कर देंगे। संजय के मुताबिक, आदित्य ने सीधे फोन नहीं किया था, लेकिन किसी तरह उनकी यह बात आगे पहुंची और मामला धमकी तक पहुंच गया। इसके बाद संजय गुप्ता को फोन कर डराया गया। फोन पर फिर मांगा गया सिर्फ एक बदलाव आखिरकार संजय गुप्ता की अंडरवर्ल्ड से दोबारा बात कराई गई। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें लगा था कोई उनके साथ मजाक कर रहा है और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सामने से ऐसा फोन आएगा। संजय के मुताबिक, दूसरी तरफ से उन्हें शांत रहने को कहा गया। फिर कहा गया कि ‘रामशास्त्र’ में आदित्य पंचोली का रोल थोड़ा और अच्छा कर दें। संजय ने बताया कि उन्होंने कहा कि रोल पहले से अच्छा है लेकिन सामने से फिर कहा गया कि जितना हो सके, रोल को और बेहतर कर दें।

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शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड को दिया था जवाब:बोले थे- ‘पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो’; फिल्म नहीं करूंगा; डायरेक्टर ने सुनाया किस्सा

फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने हाल ही में बताया कि 1990 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड से बॉलीवुड को धमकियां मिलती थीं। उन्होंने बताया कि धमकी मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार किया और कहा था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो।” यह बात फिल्ममेकर ने राइटर हुसैन जैदी के यूट्यूब चैनल पर बताई। सेट पर पहुंच जाते थे अंडरवर्ल्ड के लोग संजय गुप्ता ने बताया कि 1990 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड से फिल्म इंडस्ट्री भी अछूती नहीं थी। कई प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एक्टर और एक्ट्रेस लगातार डर के माहौल में काम कर रहे थे। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग कभी फोन करते थे तो कभी सीधे शूटिंग सेट पर पहुंच जाते थे। संजय गुप्ता ने बताया कि उस समय कई बार ऐसे लोग फिल्म के सेट पर आकर बैठ जाते थे। उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं होती थी कि वहां कौन शूटिंग कर रहा है। वे आराम से सेट पर मौजूद रहते और अपनी बात मनवाने की कोशिश करते थे। उन्होंने बताया कि अंडरवर्ल्ड की तरफ से फिल्म बनाने और कलाकारों को कास्ट करने तक में दखल दिया जाता था। एक बार उनके पास एक प्रोड्यूसर आया और उसने कई बड़े कलाकारों के साइन किए हुए लेटर दिखाए। संजय के मुताबिक, ये साइनिंग लेटर थे, जिनमें लिखा था कि संबंधित कलाकार उस प्रोड्यूसर की फिल्म में काम करेंगे। प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था कि उसके पास लगभग सभी बड़े कलाकारों के साइन हैं और वह जिस अभिनेता के साथ संजय को काम करना हो, उसका नाम बता दें। इसके पीछे अंडरवर्ल्ड का दबाव बताया गया। शाहरुख ने झुकने से इनकार किया था इसी बातचीत में संजय गुप्ता ने शाहरुख का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वह ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। संजय के मुताबिक, जब शाहरुख को धमकी दी गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह अंडरवर्ल्ड के लिए कोई फिल्म नहीं करेंगे और न ही उनके कहने पर शो करेंगे। उन्होंने शाहरुख के रवैये को याद करते हुए कहा कि उनका जवाब था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। उससे डरता नहीं हूं।” संजय गुप्ता ने कहा कि शाहरुख ने सीधे तौर पर उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया। फिल्ममेकर के मुताबिक, इसी वजह से अंडरवर्ल्ड के लोग भी शाहरुख की इज्जत करने लगे थे। संजय ने कहा कि उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति है, जो सीधे उनके सामने खड़ा है। संजय गुप्ता को भी धमकी मिली थी बातचीत में संजय गुप्ता ने अपना एक पुराना अनुभव भी सुनाया। उन्होंने बताया कि साल 1992-93 में उन्हें अंडरवर्ल्ड की तरफ से फोन आया था। उस समय वह अपनी फिल्म ‘आतिश’ और ‘रामशास्त्र’ पर काम कर रहे थे। एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। संजय के मुताबिक, फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। इसके बाद एक प्रोड्यूसर के जरिए उन्हें पता चला कि मामला सीरियस है। उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ कुछ लोगों को भेजा गया है। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। इसके बाद कहानी में एक बड़ा मोड़ आया। संजय दत्त के घर पर रहते हुए संजय गुप्ता को अभिनेता आदित्य पंचोली का फोन आया। उन्होंने पूछा कि संजय कहां हैं और कहा कि उन्हें उनसे तुरंत मिलना है। कुछ देर बाद आदित्य पंचोली वहां पहुंचे और संजय गुप्ता को गले लगाकर कहा- “आई एम सॉरी यार, ये सब मेरी गलती है।” संजय ने उनसे पूछा कि उनकी गलती कैसे? तब आदित्य ने बताया कि पिछली रात वह दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे। बातचीत में आदित्य ने कहा था कि ‘आतिश’ में उनका रोल बहुत अच्छा है और इससे उनका करियर बन सकता है, लेकिन ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल उतना अच्छा नहीं है। आदित्य ने कहा था कि अगर संजय गुप्ता पर थोड़ा दबाव डाला जाए तो शायद वह ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल बेहतर कर देंगे। संजय के मुताबिक, आदित्य ने सीधे फोन नहीं किया था, लेकिन किसी तरह उनकी यह बात आगे पहुंची और मामला धमकी तक पहुंच गया। इसके बाद संजय गुप्ता को फोन कर डराया गया। फोन पर फिर मांगा गया सिर्फ एक बदलाव आखिरकार संजय गुप्ता की अंडरवर्ल्ड से दोबारा बात कराई गई। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें लगा था कोई उनके साथ मजाक कर रहा है और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सामने से ऐसा फोन आएगा। संजय के मुताबिक, दूसरी तरफ से उन्हें शांत रहने को कहा गया। फिर कहा गया कि ‘रामशास्त्र’ में आदित्य पंचोली का रोल थोड़ा और अच्छा कर दें। संजय ने बताया कि उन्होंने कहा कि रोल पहले से अच्छा है लेकिन सामने से फिर कहा गया कि जितना हो सके, रोल को और बेहतर कर दें।

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Saturday, 5 September 2026

Exceptional private bath found in imperial palace tower

A unique private bath has been discovered at the fortified palace of Roman Emperor Maximinus Daza at the Vrelo-Šarkamen site, near the town of Negotin, Serbia. The imperial balneum (private bath) was located in the bottom floor of the palace’s southwest tower, part of the defenses of the villa. There is no other known example of a private bath installed in a defensive tower in Serbia or anywhere else in the former Roman Empire.

What makes this bath so unusual is its design: it is circular, like the tower itself, and was divided into two areas: an equipment room that contained all the heating mechanisms and a suite of rooms with three pools and a sudatorium (sauna or steam room). The technical section contained a praefurnium, the furnace chamber used to heat the floors of bathing rooms. The base of the copper boiler used to heat the water for the hot pools was discovered there, although the boiler is gone, probably melted down for reuse in antiquity.

Of particular importance is the exceptional state of preservation of the hypocaust system, with its circular pilae, through which hot air circulated under the floors of the various rooms. This level of preservation of the heating system, along with the very discovery of the imperial balneum, represents an extremely rare archaeological find and provides invaluable data for understanding the operation of the thermal complex. […]

The personnel in charge of maintaining the bath and feeding the praefurnium accessed the technical sector of the tower from the western side, through a monumental entrance. This layout allowed the service area to be separated from the part of the balneum intended for the residence’s occupants.

Born in Felix Romuliana, near modern-day Gamzigrad, Serbia, in what was then the province of Dacia, Maximinus Daza was adopted by Galerius, his maternal uncle when he became Augustus of the eastern Empire in 305 A.D. (The Tetrarchy, the system that divided the Roman Empire into an Eastern and Western Empire each ruled by a senior emperor (Augustus) and a junior emperor (Caesar) was established by Diocletian in 286 A.D. to stabilize government after the Crisis of the Third Century.) Maximinus Daza was Eastern Caesar under Galerius from 305 A.D. until 310 A.D. He began to style himself Augustus a year before Galerius died, but divided the Eastern Empire with Licinius and was constantly in conflict with him. Daza was defeated conclusively at the Battle of Tzirallum (modern-day Turkey) in April, 313, and died a few months later.



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मिस वर्ल्ड 2026 का फिनाले आज वियतनाम में:निकिता पोरवाल करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व, पिछले साल थाइलैंड ने खिताब जीता था

मिस वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले आज वियतनाम में होगा। इस प्रतियोगिता में निकिता पोरवाल भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। भारत में इस पेजेंट का प्रसारण जियाहॉटस्टारt पर होगा। लाइवस्ट्रीम शाम 5:30 बजे से शुरू होगा। फिनाले वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में होगा। ब्यूटी पेजेंट का यह 73वां संस्करण है और यह इस संस्था की 75वीं वर्षगांठ का जश्न है। पिछले साल ओपल सुचाता ने खिताब जीता था। मिस वर्ल्ड 2025 का फिनाले पिछले साल 31 मई 2025 को हैदराबाद के हाइटेक्स एग्जीबिशन सेंटर में हुआ था। इस मुकाबले में 108 देशों की कंटेस्टेंट्स ने हिस्सा लिया था। थाइलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री ने मिस वर्ल्ड 2025 का खिताब अपने नाम किया था। इथियोपिया की हासेट डेरेज फर्स्ट रनर-अप रही थीं। वहीं, पोलैंड की माजा क्लाज्दा सेकेंड रनर-अप और मार्टिनिक की ओरेली जोआचिम थर्ड रनर-अप रही थीं। मिस वर्ल्ड खिताब हासिल करने के बाद ओपल सुचाता ने भावुक होकर कहा था- ये मेरी निजी जीत नहीं बल्कि उन युवा लड़कियों की भी जीत है, जो दिखना, सुनना और बदलाव करना चाहती हैं। इस लीगेसी को रिप्रजेंट करने और मिस वर्ल्ड के इस समय में असल बदलाव लाने के लिए गर्व महसूस कर रही हूं। पिछले साल भारत की नंदिनी गुप्ता प्रतियोगिता में टॉप-20 तक पहुंची थीं। हालांकि, वह टॉप-8 में जगह नहीं बना सकी थीं। नंदिनी ने टॉप मॉडल का टाइटल जीता था। फिनाले में बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को उनके सामाजिक काम के लिए मिस वर्ल्ड ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड दिया गया था। वह जूरी का हिस्सा भी थे और उन्होंने ओपल से फाइनल सवाल पूछा था। जैकलीन फर्नांडिस और ईशान खट्टर ने फिनाले में परफॉर्म किया था। एक नजर मिस वर्ल्ड के इतिहास पर- ब्यूटी नहीं बिकिनी कॉन्टेस्ट था पहला मिस वर्ल्ड 1951 में इंग्लैंड के टीवी होस्ट एरिक मोर्ले ने फेस्टिवल ऑफ ब्रिटेन सेलिब्रेशन में बिकिनी को बढ़ावा देने के लिए बिकिनी कॉन्टेस्ट आयोजित किया था। इसका उद्देश्य भीड़ बढ़ाना था। ये अपनी तरह का इकलौता कॉन्टेस्ट था, जिसमें कई देशों की 27 मॉडल बिकिनी में रैंप वॉक करने वाली थीं। विदेशी मीडिया ने इसे मिस वर्ल्ड नाम दिया था। इसकी पहली विजेता स्वीडन की कर्स्टीन मार्गरेटा उर्फ कीकी हकानसन रहीं। उन्होंने क्राउनिंग के दौरान बिकिनी पहनी थी। जैसे ही ये कॉन्टेस्ट टेलीविजन पर प्रसारित हुआ तो उस समय के पोप ने इसकी जमकर आलोचना की। उन्होंने इसे धर्म और समाज के विरुद्ध माना। कई देशों ने भी अपनी कंटेस्टेंट्स भेजने से इनकार कर दिया। विवादों से ये बिकिनी कॉन्टेस्ट सुर्खियों में आ गया। पॉपुलैरिटी के चलते एरिक मोर्ले ने इस कॉन्टेस्ट को मिस वर्ल्ड नाम के साथ रजिस्टर करवाया और इसे सालाना प्रतियोगिता बना दिया। मिस वर्ल्ड से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- 1970- फिनाले के दौरान मंच पर फेंका गया बम 20 नवंबर 1970 को लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में मिस वर्ल्ड का फिनाले हो रहा था, तभी अचानक 60 फेमिनिस्ट प्रोटेस्टर्स वहां पहुंचकर मंच पर आटा बम फेंकने लगीं। शो के होस्ट इससे घबरा गए और सेरेमनी रोक दी गई। वे कॉन्टेस्ट में महिलाओं की प्रदर्शनी से नाराज थीं। इससे पहले भी सेरेमनी शुरू होने से पहले हॉल के बाहर खड़ी BBC की ब्रॉडकास्ट वैन पर ब्रिटिश टेररिस्ट ग्रुप ने बम से हमला किया था। खुशकिस्मती से दोनों धमाकों में कोई नुकसान नहीं हुआ था। 1970- ब्लैक वुमन मिस वर्ल्ड बनीं तो हुआ विरोध प्रदर्शन 1970 में ही कैरेबियन देश ग्रेनाडा की मिस ग्रेनाडा जेनिफर होस्टन मिस वर्ल्ड जीतने वाली पहली ब्लैक वुमन बनी थीं। विनर अनाउंस होने के बाद लोगों ने मिस वर्ल्ड का विरोध शुरू कर दिया। ब्रॉडकास्ट पार्टनर BBC को भी कई खत मिले, जिसमें रिजल्ट का विरोध हुआ। बाद में ये भी सामने आया कि ग्रेनाडा के प्राइम मिनिस्टर सर एरिक गैरी ज्यूरी में शामिल थे। सबसे ज्यादा वोट मिस स्वीडन को मिले थे, हालांकि ग्रेनाडा के प्राइम मिनिस्टर के दबाव में जेनिफर होस्टन को जिताया गया। 1973- अफेयर सामने आया तो छीन लिया गया मिस वर्ल्ड का खिताब 1973 में मार्जोरी वैलेस मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली पहली US कंटेस्टेंट रहीं। हालांकि, उनके कई अफेयर और किसिंग फोटो सामने आने के बाद क्राउनिंग के 104 दिन बाद उनसे मिस वर्ल्ड का खिताब छीन लिया गया था। 1980- न्यूड फोटोशूट करवाया तो जर्मनी की मिस वर्ल्ड को क्राउन लौटाना पड़ा 1980 की मिस वर्ल्ड विजेता रहीं जर्मनी की गैब्रिएला ब्रूम ने ये कहते हुए क्राउन लौटा दिया था कि उनके बॉयफ्रेंड को इससे आपत्ति है। हालांकि, बाद में सामने आया कि मैगजीन में न्यूड तस्वीरें छपने के बाद उनसे ये खिताब छीन लिया गया था। 2000- नाइजीरिया में फिनाले रखा गया तो कई देशों ने छोड़ा कॉन्टेस्ट मिस वर्ल्ड 2000 नाइजीरिया में होने वाला था, लेकिन कई यूरोपियन देशों की कंटेस्टेंट्स ने पेजेंट का बॉयकॉट कर दिया। सेरेमनी शुरू होने से पहले नाइजीरिया के कदुना शहर में धार्मिक दंगे शुरू हो गए, जिसमें 200 लोग मारे गए। आखिरकार सेरेमनी लंदन में हुई। देश बदलने से वो कंटेस्टेंट्स भी इसमें शामिल हुईं, जिन्होंने पेजेंट छोड़ दिया था। 2020- कोरोना के चलते मिस वर्ल्ड 2020 रद्द कर दिया गया था। 2021- फिनाले के दिन 23 कंटेस्टेंट्स हो गई थीं कोविड पॉजिटिव मिस वर्ल्ड 2021 प्यूर्टो रिको में 16 दिसंबर 2021 को होने वाला था। सेरेमनी से ठीक एक दिन पहले 17 कंटेस्टेंट्स और टेक्नीशियन कोविड पॉजिटिव हो गए। उन्हें क्वारैंटाइन कर दिया गया और फिनाले में आने से रोक दिया गया। सेरेमनी के दिन 23 कंटेस्टेंट्स कोविड पॉजिटिव पाई गईं, जिसके बाद मिस वर्ल्ड 2021 को पोस्टपोन कर दिया गया। इसके बाद मिस वर्ल्ड 2021 का आयोजन अगले साल 2022 में हुआ। मिस इंग्लैंड ने फिनाले से पहले ऑर्गेनाइजर्स पर लगाए आरोप, कॉन्टेस्ट छोड़ा 2025- मिस वर्ल्ड 2025 का आयोजन भारत के हैदराबाद में हुआ। हालांकि, फिनाले से चंद दिनों पहले ही मिस इंग्लैंड मिला मैगी ने ये कहते हुए पेजेंट छोड़ दिया कि ऑर्गनाइजर्स उन पर फाइनेंसर्स का मनोरंजन करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें पेजेंट में वैश्या जैसा महसूस करवाया गया। प्रियंका चोपड़ा की जीत पर हुआ था विवाद प्रियंका चोपड़ा ने साल 2000 में 108 देशों की कंटेस्टेंट्स को पीछे कर मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था। उनकी जीत के 22 साल बाद को-कंटेस्टेंट रहीं मिस बारबाडोस लीलानी मेककॉने ने आरोप लगाया था कि मिस वर्ल्ड 2000 फिक्स था और प्रियंका को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जाता था। यूट्यूब पर एक वीडियो पोस्ट कर लीलानी ने कहा था कि उस साल स्पॉन्सर इंडियन केबल स्टेशन जीटीवी था। ऐसे में प्रियंका चोपड़ा की गाउन दूसरी कंटेस्टेंट्स से बेहतर पाई गई थी। स्विमसूट राउंड में सभी ने बिकिनी पहनी थी, लेकिन प्रियंका को सारोंग दिया गया था। उस समय वो कोई स्किन टोन ठीक करने वाली क्रीम लगाती थीं, जिससे उनके शरीर पर धब्बे आ गए थे। इसे छिपाने के लिए उन्होंने सारोंग पहना था। उन्हें खाना कमरे में मिलता था। ऑर्गनाइजर्स दूसरी लड़कियों के साथ भेदभाव करते थे, जिस वजह से कोई प्रियंका को पसंद नहीं करता था।

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'Gromit was nearly a cat!': Secrets from 50 years of Aardman

Aardman turns 50 with stories of cat-like Gromit, silent Shaun and Chicken Run's Oscar legacy.

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Friday, 4 September 2026

Unique 2,400-year-old timber structure found on banks of Main River

A 2,400-year-old timber structure in an outstanding state of preservation on the banks of the River Main in Bavaria. It is unique in Germany. No other structure of this age, construction method and condition has been found before.

The Iron Age timbers were discovered by construction workers in a rainwater overflow basin at the Willigis Bridge in Aschaffenburg. They were part of a larger stone wall. Bavarian State Office for the Preservation of Monuments (BLfD) used radiocarbon dating to determine the age of the timbers and the analysis found the oak trees were felled between 372-352 B.C.

“We don’t yet know what the complex was used for. We suspect that it protected the access from the Main up to the settlement. Immediately in front of the large structure made of dry stone walls and an elaborate wooden beam construction was the a wooden platform towards the river. Perhaps boats docked here, goods were and loads,” says Dr. Stefanie Berg, Head of the Department of Archaeological Monument Preservation at the BLfD. The complex testifies to astonishing craftsmanship and construction knowledge. In its construction it must have been adapted to the difficult requirements of the damp subsoil, which could only be realized with considerable effort.

Dr. Stefanie Berg: “A structure like this was no small undertaking. It required many people, sound planning, and a great deal of work. The oak timbers were felled and processed in the Spessart region and—like the stonework—transported here via the River Main. On site, dry-stone walls were erected, and the heavy beams were precisely fitted into the structure. The building would have been visible from afar, clearly signaling that this was a place of significance—and one that its inhabitants knew how to defend.”

To ensure their long-term preservation after discovery, the timbers will be recovered, cleaned and placed in a basin of water to keep them from drying out. Each beam will be laser scanned and 3D models made for remote study. Marks from Iron Age axes and adzes have already been recorded and will provide new insights into carpentry techniques Already the first third of the heavy timbers has been raised by a crane. After the wood is stabilized, a selection of the timbers will be displayed to the public at the Aschaffenburg Abbey Museum.

Excavations will continue through the end of the year. A multi-disciplinary team that includes archaeologists, architects, geoarchaeologists and archaeobotanists are examining the structure, the soil around it and traces of plant material at the find site. Visitors will have the chance to view the excavation on September 13, Open Monument Day, with a BLfD archaeologist serving as guide.

The importance and uniqueness of the structure underscores the regional significance of the Celtic settlement that would become Aschaffenburg. In conjunction with Open Monument Day, the Aschaffenburg Abbey Museum will display Celtic artifacts found in the city, some of which have never before been exhibited.



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‘I'd be the last to know’: Stars of The Gentlemen react to Meghan reports

The world premiere for series 2 of the Netflix drama took place on Wednesday night in London.

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‘I'd be the last to know’: Stars of The Gentlemen react to Meghan reports

The world premiere for series 2 of the Netflix drama took place on Wednesday night in London.

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Thursday, 3 September 2026

5th c. skeleton found hiding in giant jar

The skeletal remains of man who appears to have sought shelter in a dolium, a giant storage amphora, only to be trapped there and die, have been discovered in the ancient town of Deultum, Bulgaria. Archaeologists’ preliminary date of the event is around 400 A.D.

The dolium was discovered in the northern turret of the western gate in Deultum’s Roman walls, built around 300 A.D. It is comparatively small by dolium standards, the largest of which could hold as much as 260 gallons. Only the lower part of it survives, and it is three feet in diameter.

The deceased had two iron knives with him, one clutched in his hand and a smaller one hanging from a ring on his belt. These were apparently for self-defense. They are not the weapons of a professional warrior.

In the 5th century, Deultum was repeatedly attacked by Germanic tribes and Huns. There is evidence of a fire on the dolium and around it, but no evidence that the deceased made any attempt to leave the dolium to save his own skin. He likely suffocated from smoke inhalation. Ashes in the bottom of the amphora suggest the fire was already burning when he climbed inside.

The recent discovery seems to represent one of those “extraordinary circumstances,” Vagalinski said. The team found a significant amount of burned materials around the dolium, including ashes and coals; broken bricks, tiles and shards; blackened walls; melted glass fragments; and bones from domestic animals. The likely scenario is that, upon hearing of an imminent attack, people brought their livestock into the fortress. The archaeologists also found many bronze coins that were probably lost in the chaos. […]

“In any case, he made no attempt to get out of the ceramic vessel,” Vagalinski said. The team determined this based on the individual’s position, similar to that of a sleeping man. “After the attack, the inhabitants of the city leveled the ruins of the tower and covered them with a new, higher floor.” They did not know that a fellow citizen was lying at the bottom of the dolium.

The skeletal remains have now been transferred to Sofia where they will be examined and analyzed in detail by a forensic anthropologist. The archaeological team will return to Deultum next summer to continue to excavate the western gate, including the northern turret.



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Gary Glitter pleads not guilty to historical sex offence charges

The former singer, whose real name is Paul Gadd, appeared at Southwark Crown Court via video.

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Gary Glitter pleads not guilty to historical sex offence charges

The former singer, whose real name is Paul Gadd, appeared at Southwark Crown Court via video.

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Wednesday, 2 September 2026

Largest Viking hoard in Denmark found in back yard

The largest hoard of Viking silver ever discovered in Denmark has been found by a homeowner clearing his backyard to install a new patio in Rebild. The hoard contains 18.5 kilos (41 lbs) of silver, almost triple the weight of silver in the second-largest Viking hoard, the Terslevskat, which weighs 6.5 kilos (14 lbs). The coins found date it to the 10th century and the composition of the hoard sheds light on the silver economy of the Viking Age.

The finder first encountered some loose objects and clay potsherds when removing weeds and stones to clear space for a new tile patio. He dug in the soil with his hands and pulled out a sequence of metal artifacts. They had fallen out of a clay vessel that still contained a heavy concentration of objects and fragments. Objects recovered include silver ingots, bracelets, a Thor’s hammer amulet, 47 coins and assorted pieces of hacksilver.

One notable piece is a silver ingot that has runes engraved on the surface. They read “hutu,” and runeologists interpret it as a personal name, perhaps an owner’s mark. In total there are approximately 700 objects and pieces in the hoard. About 320 of them were still in the pot; the rest were found in the soil right around it.

The coins are of Arab and Anglo-Saxon origin, evidence of Viking Age Denmark’s connections to the Islamic world via trade and England via raids. Most of the contents are ingots, jewelry and hacksilver, with only a few dozen coins out of hundreds of objects, which is unusual for portable wealth. The Islamic dirhams were cut into smaller pieces and used for the purity and weight of the silver.

“When we analyze the weight of the silver objects, the treasure reveals information about the economic practices of the Viking Age. The treasure does not only consist of beautiful objects. Most of them are part of a structured value system by weight,” [Torben Sarauw, cultural heritage manager and archaeologist at the Museums of North Jutland,] says.

Silver bars, jewelry and scrap silver were used as a means of payment and a store of value, where the weight of the silver was decisive. It was therefore often cut into smaller pieces, divided or melted down. The unusually large number of silver bars in the hoard are grouped around specific weight groups, and the same applies to parts of the bracelets and scrap silver. This suggests that the silver was not just randomly put together, but was organized as a significant stock of values.



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US singer D4vd's celebrity lawyers withdraw from murder case

The singer, 21, will be now represented by a public defender in the murder trial of 14-year-old Celeste Rivas Hernandez. He has pleaded not guilty.

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Tuesday, 1 September 2026

Sacred enclosure older than Stonehenge found in Czech Republic

A prehistoric ritual enclosure has been discovered near Chleby, Czech Republic. Built around 6,500 years ago, it is one of Central Europe’s oldest monuments, 1,000 years older Stonehenge. It is the only circular enclosure from the period found in the region.

The structure consists of a circular ditch about 750 feet in diameter and eight feet deep. Irregularly spaced along the ditch were 12 entrances leading to the center of the circle. The spacing of the entrances was not random; their locations made observations of significant moments in solar and lunar cycles possible.

Archaeologists have identified two main observation points. One is associated with the Moon’s extreme positions on the horizon during its approximately 18-year cycle. The other connects sunrise at the summer solstice with sunset at the winter solstice. A similar arrangement is known from Stonehenge. However, according to the research team’s latest findings, the Chleby structure is significantly older. “For prehistoric farming communities, the connection between sunrise and the summer solstice symbolized a beginning, while sunset and the winter solstice represented an ending. The same principle can be seen along Stonehenge’s main axis. We can now see that the sanctuary at Chleby was designed similarly. Still, more than a thousand years earlier, as we have established from the dating of organic material,” [University of West Bohemia archaeologist and research leader] Petr Krištuf explained.

The enclosure likely had a perimeter wall made of wood posts, and animal bones found inside the ditch suggests the 12 entrances were adorned with the skulls and horns of bulls. Bulls held great religious significance as symbols of strength and virility to the early farming communities of Europe.

The enclosure appears to have continued to be considered a sacred space well into the Bronze Age. The remains of 18 people from the Bronze Age Únětice culture were buried there, not in a single event but over a period of time. That changed come the Iron Age.

“While Stonehenge experienced repeated periods of renewed use and is still associated, for example, with Celtic druids, the first results from Chleby suggest the opposite development. By the Iron Age, the monument appears to have definitively lost its original significance. The ditch was gradually filled in, and an ordinary settlement was established on the site of the former sanctuary,” Petr Krištuf added.

Soil samples have been taken from the enclosure. They are now being analyzed for trace elements that will provide new information about how the space was used over the centuries.



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नेपाल बाढ़ में फंसी एक्ट्रेस मानसी भारत लौटीं:एयरपोर्ट पर बेटी को गले लगाकर भावुक हुईं; लैंडस्लाइड के बाद पैदल बॉर्डर पार किया

नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। तिब्बत में भूस्खलन होने के कारण उन्हें 4 घंटे तक बस में इंतजार करना पड़ा। इसके बाद वे पैदल खराब रास्ता पार कर नेपाल सीमा पहुंचीं और काठमांडू होते हुए मुंबई अपने परिवार के पास पहुंचीं। मानसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे अनुभव को शेयर करते हुए जंग जीतने जैसा बताया है। पैदल पार किया लैंडस्लाइड वाला रास्ता एक्ट्रेस मानसी पारेख ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर इस पूरे मामले की जानकारी दी है। भूस्खलन हकी वजह से रास्ता साफ होने तक उनकी बस 4 घंटे तक वहीं खड़ी रही। इसके बाद करीब 40 मील का सफर तय करके उनकी टीम नेपाल बॉर्डर पहुंची। वहां एक और लैंडस्लाइड की वजह से रास्ता पूरी तरह बंद था। ऐसे में बस छोड़कर पैदल ही क्षतिग्रस्त इलाके को पार करना पड़ा, ताकि दूसरी तरफ खड़ी बसों तक पहुंचा जा सके। 'जंग जीतने जैसा था मुंबई वापस लौटना' मानसी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि चीन से निकलकर नेपाल सीमा तक पहुंचना किसी जंग को जीतने जैसा महसूस हो रहा था। नेपाल सीमा पार करने के बाद काठमांडू तक का 4 घंटे का बस सफर उनके जीवन का सबसे मुश्किल सफर रहा। मानसी ने लिखा कि तमाम मुश्किलों के बाद भी मुंबई वापस आना, अपने परिवार से मिलना और बेटी को गले लगाना सबसे राहत देने वाला पल था। जिस जगह हुआ था स्वागत, वह पानी में डूबी सोशल मीडिया पर 27 अगस्त को शेयर की गई एक अन्य पोस्ट में मानसी ने इस आपदा से जुड़ा एक भयानक संयोग भी बताया। उन्होंने उस जगह का वीडियो शेयर किया जहां वे आपदा आने से ठीक 5 दिन पहले रुकी थीं। मानसी के मुताबिक, 5 दिन पहले जिस जगह पर उनका स्वागत किया गया था, वह इलाका बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुका था। उन्होंने बताया कि जिस दिन वहां तबाही आई, वे अगले ही दिन फिर से उसी जगह पहुंचने वाली थीं। नेशनल अवॉर्ड विनर हैं मानसी पारेख मानसी पारेख ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2004 में टीवी शो 'कितनी मस्त है जिंदगी' से की थी। इसके बाद वे 'इंडिया कॉलिंग', 'गुलाल' और 'सुमित संभाल लेगा' जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में नजर आईं। अभिनय के साथ-साथ मानसी एक प्रशिक्षित गायिका भी हैं और उन्होंने साल 2011 में जी टीवी का सिंगिंग रिएलिटी शो 'स्टार या रॉकस्टार' जीता था। बॉलीवुड में उन्होंने साल 2019 की फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' में अहम भूमिका निभाई थी। मानसी गुजराती सिनेमा में बतौर एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर काफी सक्रिय हैं। साल 2024 में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उन्हें गुजराती फिल्म 'कच्छ एक्सप्रेस' में बेहतरीन अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (बेस्ट एक्ट्रेस) का नेशनल अवॉर्ड मिला था। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ से भारी तबाही नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आपदा में अब तक नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अकेले नेपाल के हिस्सों से 4 हजार से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की वजह से कई पुल, सड़कें और मकान पूरी तरह बह गए हैं।

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नेपाल बाढ़ में फंसी एक्ट्रेस मानसी भारत लौटीं:एयरपोर्ट पर बेटी को गले लगाकर भावुक हुईं; लैंडस्लाइड के बाद पैदल बॉर्डर पार किया

नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। तिब्बत में भूस्खलन होने के कारण उन्हें 4 घंटे तक बस में इंतजार करना पड़ा। इसके बाद वे पैदल खराब रास्ता पार कर नेपाल सीमा पहुंचीं और काठमांडू होते हुए मुंबई अपने परिवार के पास पहुंचीं। मानसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे अनुभव को शेयर करते हुए जंग जीतने जैसा बताया है। पैदल पार किया लैंडस्लाइड वाला रास्ता एक्ट्रेस मानसी पारेख ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर इस पूरे मामले की जानकारी दी है। भूस्खलन हकी वजह से रास्ता साफ होने तक उनकी बस 4 घंटे तक वहीं खड़ी रही। इसके बाद करीब 40 मील का सफर तय करके उनकी टीम नेपाल बॉर्डर पहुंची। वहां एक और लैंडस्लाइड की वजह से रास्ता पूरी तरह बंद था। ऐसे में बस छोड़कर पैदल ही क्षतिग्रस्त इलाके को पार करना पड़ा, ताकि दूसरी तरफ खड़ी बसों तक पहुंचा जा सके। 'जंग जीतने जैसा था मुंबई वापस लौटना' मानसी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि चीन से निकलकर नेपाल सीमा तक पहुंचना किसी जंग को जीतने जैसा महसूस हो रहा था। नेपाल सीमा पार करने के बाद काठमांडू तक का 4 घंटे का बस सफर उनके जीवन का सबसे मुश्किल सफर रहा। मानसी ने लिखा कि तमाम मुश्किलों के बाद भी मुंबई वापस आना, अपने परिवार से मिलना और बेटी को गले लगाना सबसे राहत देने वाला पल था। जिस जगह हुआ था स्वागत, वह पानी में डूबी सोशल मीडिया पर 27 अगस्त को शेयर की गई एक अन्य पोस्ट में मानसी ने इस आपदा से जुड़ा एक भयानक संयोग भी बताया। उन्होंने उस जगह का वीडियो शेयर किया जहां वे आपदा आने से ठीक 5 दिन पहले रुकी थीं। मानसी के मुताबिक, 5 दिन पहले जिस जगह पर उनका स्वागत किया गया था, वह इलाका बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुका था। उन्होंने बताया कि जिस दिन वहां तबाही आई, वे अगले ही दिन फिर से उसी जगह पहुंचने वाली थीं। नेशनल अवॉर्ड विनर हैं मानसी पारेख मानसी पारेख ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2004 में टीवी शो 'कितनी मस्त है जिंदगी' से की थी। इसके बाद वे 'इंडिया कॉलिंग', 'गुलाल' और 'सुमित संभाल लेगा' जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में नजर आईं। अभिनय के साथ-साथ मानसी एक प्रशिक्षित गायिका भी हैं और उन्होंने साल 2011 में जी टीवी का सिंगिंग रिएलिटी शो 'स्टार या रॉकस्टार' जीता था। बॉलीवुड में उन्होंने साल 2019 की फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' में अहम भूमिका निभाई थी। मानसी गुजराती सिनेमा में बतौर एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर काफी सक्रिय हैं। साल 2024 में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उन्हें गुजराती फिल्म 'कच्छ एक्सप्रेस' में बेहतरीन अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (बेस्ट एक्ट्रेस) का नेशनल अवॉर्ड मिला था। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ से भारी तबाही नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आपदा में अब तक नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अकेले नेपाल के हिस्सों से 4 हजार से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की वजह से कई पुल, सड़कें और मकान पूरी तरह बह गए हैं।

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Victoria Beckham's company makes its first profit after 18 years

Beckham's fashion and beauty business makes a £7.3m operating profit after years of losses.

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Dolly Parton's dad couldn't read - it inspired her to send books to millions of children

Families across the globe share how free books from Parton's Imagination Library helped their children.

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Monday, 31 August 2026

Iron Age shield boss found in Polish scrapyard

An Iron Age shield boss containing cinerary remains has been discovered in a scrapyard in Hrubieszów, southeastern Poland. The center of a shield, also known as an umbo, reinforced the wooden shield and protected the hand of the warrior who held it from a strap in the center of the back right behind the boss. It dates to the 2nd century A.D.

Włodzimierz Starykiewicz was looking for car and motorcycle parts when he came across a rusted circular piece with central spike shaped like a Hershey’s Kiss. It was so corroded and encrusted with dirt that it would have been easy to discount it as just some random part, but the finder thought it might be of archaeological significance. He immediately sent a photograph to the Father Stanisław Staszic Museum in Hrubieszów labelling it “A relic from a scrapyard!”

Museum staff confirmed that his instincts were correct and identified it from the photograph as ancient shield boss. Its design suggested it was part of a Vandal shield from the 2nd century. Starykiewicz handed it over to the museum for archaeologists to examine.

They found that inside the concave umbo was compacted dried earth with remnants of crop stubble, suggesting the original context was a cultivated field. Włodzimierz prudently and deliberately kept the soil inside the object so that it could be micro-excavated once it was at the museum. This wise decision preserved not just organic crop traces, but also burned human bones inside the compacted soil.

The iron surface also shows signs of having been exposed to high temperatures. The cinerary remains and the condition of the iron boss clearly indicate the shield was burned on the funeral pyre with a warrior of the Vandal community (Przeworsk culture). Unfortunately the grave is gone, disconnected from the shield boss that somehow made its way to the scrapyard, so there’s no way to track down what else might have been buried. Comparable burials from the period that have been excavated in their original contexts often include other weapons — swords, spearheads — and metal accessories — belt buckles, brooches.

The museum has appealed to whomever may have dropped the boss at the scrapyard in the first place to come forward with any information they have about where they found it. If they can pinpoint a find site, even within a general area, they may be able to locate what’s left of the original burial.



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Celebrity Hunted showed I can achieve anything after cancer, Amy Dowden says

The Strictly Come Dancing star appeared on the latest series of the Channel 4 challenge show.

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Sunday, 30 August 2026

Old Kingdom tomb found at Saqqara necropolis

Archaeologists excavating a section of the Saqqara necropolis have discovered a tomb belonging to a high-ranking official of the Old Kingdom (ca. 2700–2000 B.C.). The burial chamber’s false door was found intact in its original position, and in front of it the full set of alabaster ritual offering objects that were used for the funerary rites.

Hieroglyphic inscriptions on the false door and the ritual objects identified the tomb owner and revealed several of his prestigious titles, including Royal Chamberlain, Overseer of All the Works of the King, Overseer of Royal Documents, Keeper of the Secrets of Royal Decrees, Priest of the Goddess Maat, and Overseer of the Scribes. The titles indicate that Sekhenty-Ptah held a prominent administrative position within the state apparatus during the Old Kingdom.

The discovery of the complete group of funerary implements in their original location provides valuable new evidence for understanding funerary rituals and practices during the Old Kingdom.

The tomb was found in the Bubasteion necropolis, the burial ground associated with the temple to the cat goddess Bastet. The site was in continuous use for thousands of years, and the discovery of a tomb dating to the Old Kingdom, adds significant new information about the necropolis’ early usage and chronology.

The excavation also unearthed a complex interconnected network of burial shafts from the Late Period containing numerous human remains, more than 100 faience ushabti figures and large quantities of painted cartonnage used in mummy wrappings. Three stone sarcophagi were also found in the shafts, still sealed and in their original locations, plus numerous pottery vessels and a wooden statue in the shape of a falcon.

Preliminary studies suggest that some of the burial shafts were subjected to looting in antiquity, evidenced by openings created by tomb robbers between burial chambers. Despite this, the surviving finds remain of considerable archaeological and scientific importance and are expected to provide further insights into the site’s internal layout, architectural development and successive phases of use.



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'सलमान नशे में था, मुझे गालियां दीं':सुभाष घई ने बताया- झगड़े के बाद सलीम खान ने सलमान को माफी मांगने के लिए भेजा था

फिल्ममेकर सुभाष घई ने हाल ही में बताया कि सलमान खान के साथ हुए उनके झगड़े के बाद सलीम खान ने सलमान को उनसे माफी मांगने के लिए भेजा था। यह घटना फिल्म ‘युवराज’ में दोनों के साथ काम करने से पहले हुई थी। घई के मुताबिक, एक पार्टी में सलमान ने कथित तौर पर उन्हें गालियां दी थीं और दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी। टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में सुभाष घई ने बताया, “युवराज के लिए सलमान खान के भाई ने मुझसे संपर्क किया और कहा, ‘आप सलमान के साथ फिल्म क्यों नहीं बनाते?’ मैंने कहा, ‘क्या सलमान इसके लिए तैयार हैं? क्योंकि मैंने उनके साथ कभी काम नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ‘वह तैयार हैं।’” इसके बाद घई ने फिल्म की कहानी लिखी। उन्होंने कहा, “मेरी चुनौती यह थी कि मुझे एक ऐसे किरदार में एक्टर को लेना था, जिसे उसने पहले कभी नहीं निभाया हो।” बता दें कि फिल्म ‘युवराज’ में सलमान खान के साथ अनिल कपूर और कैटरीना कैफ भी थीं। इसके बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सक्सेस नहीं हो पाई। घई बोले- स्टार इमेज किरदार पर भारी पड़ सकती है फिल्म के कामयाब नहीं होने पर घई ने कहा, “कई बार ये किरदार इसलिए काम नहीं करते, क्योंकि स्टार किरदार पर हावी हो जाता है। वह किरदार निभाने के बजाय खुद को ही निभाता है।” घई ने आगे कहा, “एक समय के बाद स्टार खुद का ही कैरिकेचर बन जाते हैं। आप कितनी बार खुद को दोहरा सकते हैं? बच्चन साहब यानी अमिताभ बच्चन को सलाम है कि उन्होंने इतने सारे किरदार निभाए हैं।” पार्टी में सलमान से हुआ था झगड़ा घई ने झगड़े वाली घटना को याद करते हुए कहा, “फिल्म से पहले हमारा झगड़ा हुआ था। हाथापाई हुई थी। इसके बाद उनके (सलमान) पिता ने उन्हें डांटा था।” उन्होंने बताया, “हम एक पार्टी में थे। सलमान नशे में थे। वह कुछ गलत बात कह रहे थे, तो मैंने उनसे कहा, ‘ऐसा मत कहो।’ उन्हें मुझसे किसी बात की नाराजगी थी।” घई ने कहा, “उन्होंने मुझसे पूछा, ‘तुमने यह या वह क्यों किया?’ मैंने कहा कि डायरेक्टर के तौर पर यह मेरा फैसला है। वह मुझे गालियां देने लगे। मैंने उनसे ऐसा नहीं करने को कहा। इसके बाद वहां हमारा झगड़ा हो गया।” सलीम खान ने सलमान को माफी मांगने भेजा घई के मुताबिक, इस बहस के बाद सलीम खान ने मामले को सुलझाया। उन्होंने कहा, “अगली सुबह सलीम साहब ने मुझे फोन किया और बताया कि सलमान ने अपनी मां को ये सारी बातें बता दी थीं।” घई ने कहा, “उन्होंने बताया कि मैंने (सलीम) उसे डांटा है। इसके बाद उन्होंने सलमान को मेरे घर माफी मांगने के लिए भेजा। सलमान आए और उन्होंने शालीनता से माफी मांगी।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद मैं उन्हें पसंद करने लगा, क्योंकि वह अपने पिता की बहुत इज्जत करते थे। मैंने उस बात को वहीं खत्म कर दिया। हम अक्सर एक-दूसरे के घर जाते थे। इसके बाद हमने साथ में एक फिल्म की।” ............ सुभाष घई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें 83 साल के हुए डायरेक्टर सुभाष घई: जन्मदिन के मौके पर बताया क्यों नानाजी ने सुभाष चंद्र बोस के नाम पर उनका नाम रखा था? डायरेक्टर सुभाष घई ने अपने 83वें जन्मदिन के मौके पर दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि 83 साल की उम्र में अब वे अपनी सेहत, आध्यात्मिकता, आचरण, परिवार, समाज और देशहित के लिए जितना संभव हो सके, उतना काम करेंगे। साथ ही बताया था कि क्यों उनके नानाजी ने सुभाष चंद्र बोस के नाम पर उनका नाम रखा था? पूरी खबर यहां पढ़ें..

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