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सलमान खान ने घटाई फीस:रिपोर्ट में दावा- SVC63 के लिए ₹120 करोड़ की जगह ₹70 करोड़ ले रहे, जानिए क्यों लिया यह फैसला

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने वामशी पेडिपल्ली के निर्देशन में बन रही फिल्म SVC63 के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की फीस तय की है। फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, सलमान खान आमतौर पर एक फिल्म के लिए ₹120 करोड़ या उससे अधिक फीस लेते हैं। ऐसे में यह रकम उनकी नॉर्मल फीस का लगभग 60% बताई जा रही है। रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया गया है कि सलमान के पुराने दोस्त रफी काजी इस प्रोजेक्ट में मीडिएटर का काम कर रहे हैं। उनका नाम फिल्म के प्रोड्यूसर्स में भी शामिल रहेगा। इसी दोस्ती की वजह से सलमान अपनी अपफ्रंट फीस कम करने के लिए तैयार हुए हैं। हालांकि, सूत्र ने यह साफ नहीं किया कि क्या इस समझौते में सलमान खान को फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी भी मिलेगी। पिछले कई सालों से उनकी फिल्मों में इस तरह की व्यवस्था होने की बात सामने आती रही है। बता दें कि सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। 2010 के बाद कई फिल्मों में रही हिस्सेदारी रिपोर्ट के अनुसार, दबंग (2010) के बाद सलमान खान ने अधिकतर फिल्मों में अपनी हिस्सेदारी रखी है। दबंग का निर्माण उनके भाई अरबाज खान ने किया था, जबकि बॉडीगार्ड (2011) उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री ने बनाई थी। बाद की कई फिल्मों में उनके होम बैनर SKF की मौजूदगी रही। वहीं, बाहरी प्रोड्यूसर्स के साथ काम करने पर भी उन्होंने कई बार फिल्म के IPR या OTT और सैटेलाइट अधिकारों में हिस्सेदारी रखी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2010 से उनकी फिल्मों के OTT और सैटेलाइट अधिकारों का मूल्य लगभग ₹120 करोड़ से ₹140 करोड़ तक रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि YRF ने सलमान खान को एक था टाइगर (2012), टाइगर जिंदा है (2017) और टाइगर 3 (2023) जैसी फिल्मों में दूसरे एक्टर्स के मुकाबले बेहतर टर्म्स ऑफर किए, जिसमें शाहरुख खान को भी एक एक्सेप्शन बताया गया। दोस्तों के लिए बिना फीस भी किया काम रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने कई मौकों पर अपने दोस्तों के लिए कैमियो और स्पेशल रोल बिना कोई फीस लिए किए हैं। इसमें अजय देवगन और रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी भी शामिल है। अजय देवगन ने पहले बताया था कि सन ऑफ सरदार (2012) के 'पो पो' गाने में अपनी मौजूदगी के लिए उन्होंने सलमान को चेक दिया था, लेकिन सलमान ने यह कहते हुए चेक वापस कर दिया, “आप दोस्त हैं। मैं दोस्तों से पैसे नहीं लेता।” सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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एक्ट्रेस जिया शंकर ने की बॉयफ्रेंड से सगाई:करण के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर की; बोलीं- अचानक मिला मेरा सच्चा प्यार

एक्ट्रेस और 'बिग बॉस OTT 2' की पूर्व कंटेस्टेंट जिया शंकर ने अपने बॉयफ्रेंड करण के साथ सगाई कर ली है। जिया ने सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें शेयर करके अपने रिश्ते का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है। सनसेट के दौरान आउटडोर लोकेशन पर हुए इस प्रपोजल की झलकियों के साथ जिया ने अपने मंगेतर के लिए एक इमोशनल नोट भी लिखा है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैन्स और दोस्त कपल को बधाइयां दे रहे हैं। सनसेट के बीच मिला सरप्राइज प्रपोजल शेयर की गई तस्वीरों में जिया और करण एक-दूसरे के साथ बेहद खुश नजर आ रहे हैं। करण ने जिया को डूबते सूरज की रोशनी में एक आउटडोर लोकेशन पर अंगूठी पहनाकर प्रपोज किया। एक फोटो में जिया सरप्राइज होकर अपनी डायमंड एंगेजमेंट रिंग दिखाती नजर आ रही हैं। इस खास मौके पर जिया ने पेस्टल येलो कलर का सैटिन गाउन पहना था, जबकि करण बेज शर्ट और व्हाइट ट्राउजर में नजर आए। बोलीं- हजारों मील दूर रहकर भी घर जैसा अहसास हुआ जिया ने सोशल मीडिया पर करण के नाम एक भावुक नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, "हो सकता है कि यह सच हो, आपको प्यार तब मिलता है जब आप इसकी सबसे कम उम्मीद करते हैं। भले ही तुम मुझसे हजारों मील दूर थे, लेकिन तुमसे हुई हर बातचीत ने घर जैसा अहसास कराया।" जिया ने आगे लिखा कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हर दिन एक-दूसरे को चुना। उन्होंने करण को अपना बेस्ट फ्रेंड बताते हुए उनके साथ अपनी आगे की जिंदगी बिताने की बात कही। बिजनेसमैन हैं करण धनक जिया शंकर एक जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2013 में रीजनल फिल्मों से की थी और बाद में 'मेरी हानिकारक बीवी', 'काटेलाल एंड संस' और 'पिशाचिनी' जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल्स से घर-घर में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने सुपरहिट मराठी फिल्म 'वेड' और रियलिटी शो 'बिग बॉस OTT 2' के जरिए काफी लोकप्रियता हासिल की। वहीं उनके मंगेतर करण धनक एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दूर हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अमेरिका (US) में स्थित एक बिजनेसमैन (एंट्रेप्रेन्योर) और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं। ये खबर भी पढ़ें जैनिफर विंगेट ने शेयर की हल्दी सेरेमनी की अनसीन फोटोज:पति विलियम संग हरे लहंगे में नजर आईं; करन वाही और हरलीन सेठी भी शामिल हुए टीवी एक्ट्रेस जैनिफर विंगेट ने अपनी हल्दी सेरेमनी की अनसीन तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। ब्रिटेन के बिजनेसमैन विलियम इशमेल संग शादी रचाने के कुछ हफ्तों बाद उन्होंने अपनी प्री-वेडिंग रस्मों की यादें साझा की हैं। पूरी खबर पढ़ें

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एक्ट्रेस जिया शंकर ने की बॉयफ्रेंड से सगाई:करण के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर की; बोलीं- अचानक मिला मेरा सच्चा प्यार

एक्ट्रेस और 'बिग बॉस OTT 2' की पूर्व कंटेस्टेंट जिया शंकर ने अपने बॉयफ्रेंड करण के साथ सगाई कर ली है। जिया ने सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें शेयर करके अपने रिश्ते का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है। सनसेट के दौरान आउटडोर लोकेशन पर हुए इस प्रपोजल की झलकियों के साथ जिया ने अपने मंगेतर के लिए एक इमोशनल नोट भी लिखा है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैन्स और दोस्त कपल को बधाइयां दे रहे हैं। सनसेट के बीच मिला सरप्राइज प्रपोजल शेयर की गई तस्वीरों में जिया और करण एक-दूसरे के साथ बेहद खुश नजर आ रहे हैं। करण ने जिया को डूबते सूरज की रोशनी में एक आउटडोर लोकेशन पर अंगूठी पहनाकर प्रपोज किया। एक फोटो में जिया सरप्राइज होकर अपनी डायमंड एंगेजमेंट रिंग दिखाती नजर आ रही हैं। इस खास मौके पर जिया ने पेस्टल येलो कलर का सैटिन गाउन पहना था, जबकि करण बेज शर्ट और व्हाइट ट्राउजर में नजर आए। बोलीं- हजारों मील दूर रहकर भी घर जैसा अहसास हुआ जिया ने सोशल मीडिया पर करण के नाम एक भावुक नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, "हो सकता है कि यह सच हो, आपको प्यार तब मिलता है जब आप इसकी सबसे कम उम्मीद करते हैं। भले ही तुम मुझसे हजारों मील दूर थे, लेकिन तुमसे हुई हर बातचीत ने घर जैसा अहसास कराया।" जिया ने आगे लिखा कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हर दिन एक-दूसरे को चुना। उन्होंने करण को अपना बेस्ट फ्रेंड बताते हुए उनके साथ अपनी आगे की जिंदगी बिताने की बात कही। बिजनेसमैन हैं करण धनक जिया शंकर एक जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2013 में रीजनल फिल्मों से की थी और बाद में 'मेरी हानिकारक बीवी', 'काटेलाल एंड संस' और 'पिशाचिनी' जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल्स से घर-घर में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने सुपरहिट मराठी फिल्म 'वेड' और रियलिटी शो 'बिग बॉस OTT 2' के जरिए काफी लोकप्रियता हासिल की। वहीं उनके मंगेतर करण धनक एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दूर हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अमेरिका (US) में स्थित एक बिजनेसमैन (एंट्रेप्रेन्योर) और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं।

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चंडीगढ़ का वह केस, जिसमें सलमान ख़ान तलब:5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होना होगा; गलत भरोसा देकर ज्वेलरी शोरूम खुलवाने का आरोप

चंडीगढ़ में बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी शोरूम से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़ की जिला अदालत ने बॉलीवुड एक्टर सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान और संबधित कंपनी स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत अन्य को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के मुताबिक, सभी को 5 अक्टूबर को अदालत में पेश होना होगा। कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी करते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है। यह मामला चंडीगढ़ के मनीमाजरा में रहने वाले व्यापारी अरुण गोयल की ओर से दायर शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीइंग ह्यूमन ब्रांड के नाम पर ज्वेलरी शोरूम खुलवाने के दौरान उनके साथ धोखाधड़ी की गई, जिससे उन्हें करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ। 3 करोड़ लागत से खोला शोरूम शिकायतकर्ता अरुण गोयल के अनुसार, उन्होंने मनीमाजरा के एनएसी क्षेत्र में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी का शोरूम खोला था। इसके लिए उन्होंने स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एग्रीमेंट किया था। उनका कहना है कि कंपनी की सभी शर्तों का पालन किया गया और शोरूम तैयार करने पर ही करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा बीइंग ह्यूमन ब्रांड की ज्वेलरी भी स्टोर में रखी गई। गलत भरोसा देकर शोरूम खुलवाया शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े 6 लोगों ने उन्हें गलत भरोसा देकर शोरूम खुलवाया। शोरूम शुरू होने के बाद कंपनी की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिस स्टोर से उन्हें बीइंग ह्यूमन ब्रांड की ज्वेलरी की सप्लाई होनी थी, वह फरवरी 2020 से बंद पड़ा है। इसके कारण उन्हें नया सामान नहीं मिल सका और कारोबार प्रभावित हो गया। कंपनी पहले दे चुकी सफाई इस मामले में आरोप सामने आने के बाद स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड ने पहले सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि इस मामले में सलमान खान की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। कंपनी का कहना था कि वर्ष 2018 में मनीमाजरा के व्यापारी के साथ हुए समझौते से सलमान खान का कोई संबंध नहीं था। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया था कि वर्ष 2015 में सलमान खान फाउंडेशन ने उसे बीइंग ह्यूमन ब्रांड के तहत ज्वेलरी उत्पाद बेचने का लाइसेंस दिया था। ब्रांड के संचालन, बिक्री और कारोबार की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की थी। 5 अक्टूबर को अदालत अगली सुनवाई इस मामले में अदालत ने सलमान खान, अलवीरा खान और अन्य आरोपियों को 5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। अदालत ने सभी से शिकायत में लगाए गए आरोपों पर जवाब भी मांगा है। अगर कोई आरोपी बिना अनुमति के अदालत में पेश नहीं होता, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। मामले में कब-क्या हुआ, जानिए ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान@60; बड़ी अम्मी ने कुएं में धक्का दिया था:रेखा का पीछा करते थे, ₹10 लाख कमाना था सपना, आज ₹2900 करोड़ के मालिक उसकी डायलॉग डिलीवरी में ठहराव, स्टाइल में दबंग अंदाज और स्क्रीन पर रौबदार मौजूदगी, जो दिल तक उतर जाती है। हाथों में उसका सिल्वर ब्रेसलेट अक्सर चमकता दिखता है और उसकी चाल में अलग स्वैग होता है। पढ़ें पूरी खबर…

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सलमान से खास कनेक्शन भी काम नहीं आया:कियारा आडवाणी बोलीं: कई बार रिजेक्ट हुई, लोग समझते हैं कि ‘कबीर सिंह’ मेरी पहली फिल्म है

आज कियारा आडवाणी बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। बड़े बैनर, करोड़ों की फिल्में और देशभर में करोड़ों प्रशंसक उनके नाम हैं। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान से खास कनेक्शन होने के बावजूद उनके लिए सफलता की राह आसान नहीं रही। पहली ही फिल्म फ्लॉप हो गई, महीनों तक काम नहीं मिला, 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद भी उन्हें ऑडिशन देने पड़े और कई बार रिजेक्शन झेलना पड़ा। यही वजह है कि आज भी कई लोग 'कबीर सिंह' को उनकी पहली फिल्म समझते हैं। फैशन इंडस्ट्री में भी उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। आज की सक्सेस स्टोरी में जानिए कियारा आडवाणी की निजी जिंदगी और करियर से जुड़ी कुछ खास बातें। पापा बिजनेसमैन थे, मां टीचर; लेकिन बचपन से सपना था- एक्ट्रेस बनना 31 जुलाई 1992 को मुंबई में जन्मीं कियारा आडवाणी का असली नाम आलिया आडवाणी है। उनके पिता जगदीप आडवाणी बिजनेसमैन हैं, जबकि मां जेनेवीव जाफरी टीचर रह चुकी हैं। जेनेवीव जाफरी अभिनेता सईद जाफरी के भाई हमीद जाफरी और उनकी पहली पत्नी वैलेरी की बेटी हैं। बाद में हमीद जाफरी ने अशोक कुमार की बेटी भारती गांगुली से शादी की थी। कियारा का परिवार फिल्मी दुनिया से सीधे तौर पर जुड़ा नहीं था, लेकिन बॉलीवुड से परिचय बचपन से था। कियारा ने बताया है कि वह बचपन में आईने के सामने फिल्मों के सीन दोहराती थीं और स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती थीं। तभी उन्होंने फिल्मों में काम करने का सपना देखा। उन्होंने कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से पढ़ाई और जय हिंद कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। 10वीं बोर्ड परीक्षा में उनके 92% अंक आए थे। फिल्मों में आने से पहले बच्चों को पढ़ाती थीं फिल्मों में आने से पहले कियारा अपनी मां के प्री-स्कूल में छोटे बच्चों को पढ़ाती थीं। Film Companion को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें बच्चों के साथ समय बिताना पसंद था। कुछ समय यह काम करने के बाद उन्होंने फिल्मों में आने के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया। आलिया से कियारा बनने के पीछे की कहानी कियारा का असली नाम आलिया था। बॉलीवुड में कदम रखने की तैयारी के दौरान आलिया भट्ट पहले से स्थापित थीं, इसलिए सलमान खान ने उन्हें नाम बदलने की सलाह दी। कियारा ने ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ में बताया था कि फिल्म 'अंजाना अंजानी' में प्रियंका चोपड़ा के किरदार 'कियारा' से प्रेरित होकर उन्होंने नया नाम चुना। सलमान खान से खास कनेक्शन ने नहीं दिलाया काम अक्सर माना जाता है कि सलमान खान के परिवार से रिश्तों की वजह से कियारा को फिल्मों में आसानी से एंट्री मिली, लेकिन असलियत अलग है। दोनों परिवारों के पुराने संबंध हैं, जिसे सलमान और कियारा स्वीकार कर चुके हैं। कियारा ने राज शमानी के पॉडकास्ट में कहा था कि उन्हें कभी सिर्फ पहचान की वजह से काम नहीं मिला। हर फिल्म के लिए ऑडिशन देना पड़ा। दरअसल, कियारा की मां जेनेवीव जाफरी और सलमान खान बचपन के दोस्त रहे हैं। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध हैं। कियारा की मौसी शाहीन जाफरी भी एक समय सलमान खान की करीबी दोस्त और कथित गर्लफ्रेंड रह चुकी हैं। यही वजह है कि सलमान, कियारा को बचपन से जानते हैं। पहली फिल्म आई और सपना टूटता हुआ नजर आया 2014 में कबीर सदानंद की फिल्म 'फगली' से कियारा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया। फिल्म में मोहित मारवाह, विजय राज और जिमी शेरगिल भी थे। रिलीज से पहले फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह बुरी तरह फ्लॉप रही। पहली फिल्म की असफलता का सबसे बड़ा असर कियारा के करियर पर पड़ा। जहां कई नए कलाकारों को पहली फिल्म के बाद ऑफर मिलने लगते हैं, वहीं कियारा का फोन बजना बंद हो गया। महीनों तक नहीं मिला कोई काम, खुद पर होने लगा था शक 'फगली' फ्लॉप होने के बाद कियारा का सबसे कठिन दौर शुरू हुआ। उन्होंने Film Companion को दिए इंटरव्यू में बताया कि कई महीनों तक उनके पास कोई नई फिल्म नहीं थी। वह रोज मैनेजर से पूछती थीं कि कोई कॉल आया या नहीं। हर दिन उम्मीद रहती थी कि शायद कोई डायरेक्टर या प्रोड्यूसर फोन करेगा, लेकिन जवाब 'नहीं' होता था। धीरे-धीरे उन्हें खुद पर शक होने लगा। क्या उन्होंने गलत करियर चुन लिया? क्या पहली फिल्म ही आखिरी फिल्म बन जाएगी? क्या अब कोई उन्हें मौका देगा? ये सवाल लगातार मन में चलते रहते थे। लेकिन उन्होंने ऑडिशन देना नहीं छोड़ा। एक ऑडिशन ने बदल दी जिंदगी करीब दो साल के संघर्ष के बाद कियारा को नीरज पांडे की फिल्म 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' के लिए ऑडिशन का मौका मिला। इसमें उन्हें साक्षी धोनी का किरदार निभाना था। कियारा कहती हैं कि इस रोल के लिए भी कई राउंड के ऑडिशन और लुक टेस्ट देने पड़े। आखिरी समय तक उन्हें भरोसा नहीं था कि फिल्म मिलेगी या नहीं। रोल मिलने पर उन्हें लगा कि अब उनकी जिंदगी बदल जाएगी। 'एमएस धोनी' ब्लॉकबस्टर हुई, लेकिन कियारा के लिए कुछ नहीं बदला 30 सितंबर 2016 को रिलीज हुई 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी और कियारा आडवाणी ने साक्षी धोनी का किरदार निभाया। फिल्म की सफलता के बाद लोगों को लगा कि उनका संघर्ष खत्म हो गया, लेकिन ऐसा नहीं था। कियारा ने बताया कि फिल्म हिट होने के बावजूद उन्हें पहले की तरह ऑडिशन देने पड़ते थे और कई बार स्क्रीन टेस्ट के बाद भी रोल नहीं मिलता था। उन्होंने कहा था, "लोगों को सिर्फ आपकी रिलीज हुई फिल्में दिखती हैं, लेकिन उनके पीछे कितने ऑडिशन और कितने रिजेक्शन होते हैं, यह कोई नहीं देखता।" कई फिल्मों के लिए दिया ऑडिशन, लेकिन हर बार नहीं मिली मंजिल कियारा कहती हैं कि उस दौर में वह लगभग हर बड़े प्रोडक्शन हाउस के लिए ऑडिशन दे रही थीं। कई बार आखिरी राउंड, लुक टेस्ट और कॉस्ट्यूम ट्रायल तक पहुंचने के बाद भी रोल किसी और अभिनेत्री को मिल जाता। हर रिजेक्शन के बाद वह सोचती थीं कि कमी कहां रह गई। हालांकि उन्होंने तय कर लिया था कि रिजेक्शन को अपनी पहचान नहीं बनने देंगी। जब बड़े फैशन डिजाइनर्स ने कहा- अभी आप स्टार नहीं हैं आज कियारा बड़े फैशन ब्रांड्स का चेहरा हैं, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें रेड कार्पेट के लिए कपड़े तक नहीं मिलते थे। Lilly Singh के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया था कि कई बड़े डिजाइनर्स आउटफिट देने से मना कर देते थे, क्योंकि वह बड़ी स्टार नहीं थीं। कई इवेंट्स में उन्हें छोटे डिजाइनर्स के कपड़े पहनने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि यह बात चुभती थी, लेकिन इसे कमजोरी नहीं बनने दिया। उनके मुताबिक, "अगर आपका काम अच्छा होगा तो एक दिन वही लोग आपके साथ काम करना चाहेंगे।" आज देश के लगभग सभी बड़े फैशन डिजाइनर्स और लग्जरी ब्रांड्स उनके साथ काम करते हैं। आलोचनाएं भी मिलीं और एक्टिंग पर भी उठे सवाल शुरुआती फिल्मों के बाद कुछ समीक्षकों का मानना था कि कियारा की स्क्रीन प्रेजेंस अच्छी है, लेकिन अभिनय में सुधार की जरूरत है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें कई बार ट्रोल किया गया। उन्होंने आलोचनाओं से भागने के बजाय हर फिल्म के बाद अपना काम देखा और सुधार किया। उन्होंने एक्टिंग वर्कशॉप्स कीं तथा डायलॉग डिलीवरी और इमोशनल सीन पर खास मेहनत की। यही मेहनत बाद की फिल्मों में साफ नजर आई। 'लस्ट स्टोरीज' ने बदल दी लोगों की सोच 2018 में नेटफ्लिक्स की एंथोलॉजी फिल्म 'लस्ट स्टोरीज' रिलीज हुई। करण जौहर के निर्देशन वाली इस कहानी में कियारा का किरदार छोटा, लेकिन चुनौतीपूर्ण था। फिल्म रिलीज होते ही उनके अभिनय की खूब चर्चा हुई। पहली बार समीक्षकों ने उन्हें सिर्फ खूबसूरत चेहरा नहीं, बल्कि अच्छी अभिनेत्री भी माना। कई फिल्म समीक्षकों के अनुसार, इसी फिल्म ने कियारा को लेकर इंडस्ट्री का नजरिया बदल दिया। फिर आई 'कबीर सिंह' और रातोंरात बदल गई जिंदगी 2019 में शाहिद कपूर के साथ रिलीज हुई 'कबीर सिंह' कियारा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 370 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार किया और साल की सबसे बड़ी हिंदी फिल्मों में शामिल रही। प्रीति के शांत और संवेदनशील किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उनके पास फिल्मों की भरमार हो गई और निर्माता-निर्देशक खुद ऑफर देने लगे। एक के बाद एक हिट फिल्मों ने बना दिया बॉक्स ऑफिस क्वीन 'कबीर सिंह' के बाद कियारा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'गुड न्यूज', 'शेरशाह', 'भूल भुलैया 2' और 'सत्यप्रेम की कथा' में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता साबित की। खासकर 'शेरशाह' में डिंपल चीमा के किरदार को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। यहीं से वह सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित हो गईं। शादी के बाद भी करियर नहीं रुका, बल्कि और मजबूत हुआ 7 फरवरी 2023 को कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में शादी की। शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं और यह साल की चर्चित सेलिब्रिटी शादियों में शामिल रही। शादी के बाद भी उन्होंने बड़े बैनर्स की फिल्मों में काम जारी रखा। 'सत्यप्रेम की कथा' में उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई। कई समीक्षकों ने इसे उनके करियर की सबसे परिपक्व परफॉर्मेंस में से एक माना। मां बनने के बाद अब सबसे बड़ी वापसी की तैयारी 2025 में कियारा और सिद्धार्थ ने अपने पहले बच्चे का स्वागत किया। इसके बाद कियारा ने कुछ समय के लिए काम से ब्रेक लिया। अब वह बड़े पर्दे पर वापसी के लिए तैयार हैं। उनकी चर्चित आगामी फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' है, जिसमें वह सुपरस्टार यश के साथ नजर आएंगी। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह उनके करियर की सबसे बड़ी पैन-इंडिया रिलीज में से एक हो सकती है। टॉक्सिक' के गाने 'तबाही' पर ट्रोल हुईं हालांकि फिल्म के गाने 'तबाही' में यश और कियारा आडवाणी के इंटीमेट सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर कियारा को ट्रोल किया जा रहा है। कई यूजर्स ने शादी और मां बनने के बाद उनके बोल्ड सीन करने पर सवाल उठाए। वहीं कई लोगों ने इसे महिला कलाकारों के प्रति डबल स्टैंडर्ड बताया, क्योंकि यश भी शादीशुदा हैं और दो बच्चों के पिता हैं। कियारा बोलीं- लोग ईमानदारी से किए गए काम से जुड़ेंगे ट्रोलिंग के बीच कियारा आडवाणी ने सीधे विवाद पर प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन फिल्म और अपने किरदार का बचाव किया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि लोग ईमानदारी से किए गए काम से जुड़ते हैं। 'टॉक्सिक' में मेरा किरदार मेरे करियर के सबसे रचनात्मक और संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है। जब दर्शक पूरी फिल्म देखेंगे, तब उन्हें इस किरदार और कहानी का संदर्भ बेहतर तरीके से समझ आएगा।" कियारा के समर्थन में उनकी को-स्टार हुमा कुरैशी भी सामने आईं। उन्होंने ट्रोलिंग को ‘सिक’ और ‘डिस्गस्टिंग’ बताते हुए कहा कि किसी अभिनेत्री को सिर्फ इसलिए निशाना बनाना गलत है क्योंकि वह अपने प्रोफेशन का हिस्सा निभा रही है। हुमा ने कहा कि कलाकारों को निजी जीवन नहीं, बल्कि उनके काम के आधार पर आंका जाना चाहिए। फिल्म में काम कर रहे ब्रिटिश अभिनेता बेनेडिक्ट गैरेट ने भी कियारा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कलाकार सिर्फ अपना किरदार निभा रहे हैं और उन्हें निजी जिंदगी के आधार पर जज करना उचित नहीं है। इससे पहले फिल्म के टीजर और प्रमोशनल कंटेंट को लेकर भी सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी। कुछ लोगों ने महिला किरदारों की प्रस्तुति पर सवाल उठाए थे, जबकि मेकर्स का कहना है कि फिल्म का पूरा संदर्भ रिलीज के बाद ही समझ में आएगा। ___________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... भूख से बचने के लिए दोपहर तक सोता था:अन्नू कपूर बोले- जेब खाली थी, ड्राइवर ने बुरे वक्त में नहीं छोड़ा, कहा- पाप लगेगा भोपाल से मुंबई तक अन्नू कपूर का सफर संघर्षों से भरा रहा। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार चलाने के लिए उन्होंने चाय बेची, चाट का ठेला लगाया, लॉटरी टिकट बेचे और ऑटो रिक्शा चलाया। गरीबी ने उनका आईएएस बनने का सपना छीन लिया, लेकिन अभिनय ने नई पहचान दिलाई।पूरी खबर पढ़ें..

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सलमान ने संजय दत्त के लिए इमोशनल नोट लिखा:बड़े भाई बताते हुए भगवान से मांगी दुआ, दोनों गले मिलते नजर आए

सलमान खान ने शुक्रवार देर रात अपने सबसे करीबी दोस्त संजय दत्त के साथ 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जिनमें दोनों गले मिल रहे हैं। तस्वीरों के साथ सलमान ने कैप्शन में लिखा, ‘बाबा फॉरएवर... बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त। अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा।’ फैंस को सलमान और संजय के बीच यह बॉन्ड बहुत पसंद आ रहा है। कई लोगों ने इस पर रिएक्ट किया। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त ने पोस्ट पर कमेंट किया, ‘ब्रदर्स फॉर लाइफ।' वहीं, संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने हार्ट इमोजी कमेंट किए। सलमान की BMW की चाबी समुद्र में फेंक दी थी संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती है। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ था जब संजय दत्त, सलमान से नाराज हो गए थे। इस किस्से का खुलासा खुद सलमान ने रजत शर्मा के शो में किया था। सलमान ने बताया था कि सोहेल खान की फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' में संजय दत्त ने दोस्ती की खातिर गेस्ट अपीयरेंस किया था। शूटिंग पूरी होने के बाद संजय दत्त सलमान के घर पहुंचे, जहां पार्टी चल रही थी। उसी दौरान सलमान के पास नई BMW M5 आई थी। वह संजय दत्त को बाहर ले गए और बोले, ‘बाबा, यह देश की पहली BMW M5 है और मैं चाहता हूं कि यह आपके पास हो।’ इतना सुनते ही संजय दत्त ने सलमान को धन्यवाद कहा, लेकिन अगले ही पल कार की चाबी उठाकर सीधे समुद्र में फेंक दी। चाबी समंदर में चली गई और क्योंकि कार की केवल एक ही चाबी थी, इसलिए वह कई दिनों तक घर के बाहर ही खड़ी रह गई। सलमान ने बताया था कि उस चाबी को ढूंढकर निकालने में पूरे चार दिन लगे थे। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म 'मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस' में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। …………… सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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सलमान ने संजय दत्त के लिए इमोशनल नोट लिखा:बड़े भाई बताते हुए भगवान से मांगी दुआ, दोनों गले मिलते नजर आए

सलमान खान ने शुक्रवार देर रात अपने सबसे करीबी दोस्त संजय दत्त के साथ 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जिनमें दोनों गले मिल रहे हैं। तस्वीरों के साथ सलमान ने कैप्शन में लिखा, ‘बाबा फॉरएवर... बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त। अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा।’ फैंस को सलमान और संजय के बीच यह बॉन्ड बहुत पसंद आ रहा है। कई लोगों ने इस पर रिएक्ट किया। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त ने पोस्ट पर कमेंट किया, ‘ब्रदर्स फॉर लाइफ।' वहीं, संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने हार्ट इमोजी कमेंट किए। सलमान की BMW की चाबी समुद्र में फेंक दी थी संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती है। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ था जब संजय दत्त, सलमान से नाराज हो गए थे। इस किस्से का खुलासा खुद सलमान ने रजत शर्मा के शो में किया था। सलमान ने बताया था कि सोहेल खान की फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' में संजय दत्त ने दोस्ती की खातिर गेस्ट अपीयरेंस किया था। शूटिंग पूरी होने के बाद संजय दत्त सलमान के घर पहुंचे, जहां पार्टी चल रही थी। उसी दौरान सलमान के पास नई BMW M5 आई थी। वह संजय दत्त को बाहर ले गए और बोले, ‘बाबा, यह देश की पहली BMW M5 है और मैं चाहता हूं कि यह आपके पास हो।’ इतना सुनते ही संजय दत्त ने सलमान को धन्यवाद कहा, लेकिन अगले ही पल कार की चाबी उठाकर सीधे समुद्र में फेंक दी। चाबी समंदर में चली गई और क्योंकि कार की केवल एक ही चाबी थी, इसलिए वह कई दिनों तक घर के बाहर ही खड़ी रह गई। सलमान ने बताया था कि उस चाबी को ढूंढकर निकालने में पूरे चार दिन लगे थे। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म 'मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस' में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। …………… सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया

फिल्म 'आर्य भट्ट का जीरो' खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली सहगल, हिमांश कोहली और डायरेक्टर कमल चंद्रा ने ऐसे अनुभव साझा किए, जब लोगों ने उन पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सोनाली ने बताया कि एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह कार में रोते हुए घर गई थीं। हिमांश ने कहा कि 'यारियां' के बाद लगातार फिल्में नहीं चलीं तो लगा कि करियर खत्म हो गया। सवाल: फिल्म का संदेश है कि खुद पर भरोसा सबसे जरूरी है। आपकी जिंदगी में ऐसा कब हुआ? जवाब/सोनाली सहगल: मेरे अंदर हमेशा आत्मविश्वास था, लेकिन मुझसे ज्यादा भरोसा मेरी मम्मी को था। उन्होंने मेरे मिस इंडिया बनने से पहले ही कहा था कि उनकी बेटी मिस इंडिया बनेगी। लोग हंसते थे, लेकिन उनका विश्वास कभी नहीं डगमगाया। आज मुझे लगता है कि परिवार का एक इंसान भी आप पर पूरा भरोसा करे, तो आधी लड़ाई वहीं जीत जाती है। इसलिए सेल्फ बिलीफ के साथ परिवार का भरोसा भी जरूरी है। सवाल: हिमांश, आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ था? जवाब/हिमांश कोहली: बचपन से मुझे फिल्मों का शौक था। जब लोगों से कहता था कि मुझे एक्टर बनना है, तो ज्यादातर लोग सपना छोड़ने की सलाह देते थे। स्कूल में मैंने झूठ बोल दिया कि मैं धारा तेल के विज्ञापन वाला बच्चा हूं। पूरे स्कूल ने भरोसा कर लिया, लेकिन बाद में सच सामने आ गया। इसके बाद मुझे बुलिंग झेलनी पड़ी। सीनियर्स मजाक उड़ाते थे और सजा भी देते थे। तभी मैंने तय किया कि सच में एक्टर बनकर दिखाऊंगा। सवाल: उस घटना ने आपको कितना बदला? जवाब/हिमांश कोहली: उस वक्त बहुत बुरा लगा था, लेकिन आज लगता है कि अगर वह घटना नहीं होती तो शायद मैं इतनी मेहनत नहीं करता। मैंने थिएटर शुरू किया, एक्टिंग सीखी और कई संस्थानों में ट्रेनिंग ली। मेरे माता-पिता ने हर कदम पर साथ दिया। आज पुराने दोस्त कहते हैं, 'यार, तूने सच में अपना सपना पूरा कर लिया।' सवाल: परिवार का साथ कितना जरूरी रहा? जवाब/हिमांश कोहली: अगर मेरे माता-पिता साथ नहीं देते तो मैं एक्टिंग की पढ़ाई नहीं कर पाता। उन्होंने सिर्फ पढ़ाई नहीं, मेरे सपने पर भी भरोसा किया। वही भरोसा मुझे यहां तक लेकर आया। सवाल: कमल जी, आपकी कहानी भी कुछ ऐसी ही है? जवाब/कमल चंद्रा: बिल्कुल। मैं इंजीनियर था। अच्छी नौकरी थी, लेकिन एक्टिंग वर्कशॉप के बाद लगा कि मुझे फिल्मों में काम करना है। मैंने चार सरकारी नौकरियां छोड़ दीं। रिश्तेदारों ने मना किया, लेकिन पिता ने कहा, 'तूने मेरा सपना पूरा कर दिया, अब अपना सपना जी।' उसी बात ने मुझे कभी पीछे मुड़कर नहीं देखने दिया। सवाल: हिमांश क्या आप भी अपने माता-पिता का कोई अधूरा सपना भी जी रहे हैं? जवाब/हिमांश कोहली: बिल्कुल। मेरी मां कलाकार बनना चाहती थीं। उन्हें गायन, पेंटिंग और अभिनय का शौक था, लेकिन कम उम्र में शादी होने से उनका सपना अधूरा रह गया। आज फिल्मों में काम करते हुए लगता है कि मैं अपना ही नहीं, मां का सपना भी पूरा कर रहा हूं। उन्होंने एक बार ऋषि कपूर और जितेंद्र से मिलने की इच्छा जताई थी। जब मैं उन्हें दोनों कलाकारों से मिलवा पाया तो लगा कि मेरी मेहनत सफल हो गई। उनके चेहरे की खुशी मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं थी। सवाल: कमल जी, आपकी जिंदगी का सबसे भावुक पल कौन-सा रहा? जवाब/कमल चंद्रा: मेरी पहली फिल्म के दौरान महेश भट्ट ने मेरे पिता से फोन पर मेरी तारीफ की थी। फोन कटने के बाद पापा की खुशी देखने लायक थी। उन्होंने कहा, "मुझे पता था, मेरा बेटा कुछ अच्छा करेगा।" माता-पिता की आंखों में अपने लिए गर्व देखना सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। सवाल: 'आर्य भट्ट का जीरो' की कहानी में ऐसी क्या बात थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/हिमांश कोहली: मुझे 'बग्गू' का किरदार बहुत पसंद आया। वह सिखाता है कि जिंदगी मंजिल से भटका सकती है, लेकिन सपना और मेहनत नहीं छोड़ें तो एक दिन मंजिल जरूर मिलती है। हालात जैसे भी हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे बड़ी सीख क्या मिली? जवाब/हिमांश कोहली: इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी टीम है। रवि किशन, राजेश शर्मा, गोपाल दत्त, नीरज सूद और बाकी कलाकारों के साथ बातचीत करना एक एक्टिंग स्कूल जैसा था। हर कलाकार अपने संघर्ष और अनुभव साझा करता था। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। सवाल: कमल जी, शूटिंग से जुड़ा कोई दिलचस्प किस्सा? जवाब/कमल चंद्रा: जिस घर में शूटिंग हुई, उसके मालिक बाद में उसे रेनोवेट करने वाले थे। लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद उन्होंने फैसला बदल दिया। उन्हें लगा कि यह घर फिल्म की यादों से जुड़ गया है, इसलिए इसे जैसा है, वैसा ही रहने देना चाहिए। यह हमारे लिए बहुत खास पल था। सवाल: फिल्म का सबसे बड़ा संदेश क्या है? जवाब/कमल चंद्रा: हर इंसान जिंदगी में कभी न कभी खुद को 'जीरो' महसूस करता है। हमारी फिल्म कहती है कि खुद पर भरोसा और मेहनत बनी रहे, तो वही इंसान एक दिन हीरो बन सकता है। सवाल: सोनाली, आपने 'आर्य भट्ट का जीरो' के लिए हां क्यों कहा? जवाब/सोनाली सहगल: मेरे लिए किसी भी फिल्म में सबसे अहम उसकी कहानी होती है। कमल ने स्क्रिप्ट सुनाई तो उसमें बनावटीपन नहीं, बल्कि सच्चाई दिखी। हर किरदार असली लगा और यही बात सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: रिंकू का किरदार आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/सोनाली सहगल: इस फिल्म से पहले मैं अलग जॉनर की फिल्म कर रही थी। वहां मेरा किरदार और दुनिया अलग थे। 'रिंकू' छोटे शहर की साधारण लड़की है, इसलिए उसके हावभाव, बोलने के तरीके और सोच पर अलग तरह से काम करना पड़ा। एक कलाकार के तौर पर यही चुनौती सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: इस फिल्म में सबसे खास बात क्या लगी? जवाब/सोनाली सहगल: मुझे लगा कि इस फिल्म का हर किरदार कुछ न कुछ सिखाता है। कोई उम्मीद देता है, कोई रिश्तों की अहमियत समझाता है और कोई संघर्ष से लड़ना सिखाता है। यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है। सवाल: दर्शक 'आर्य भट्ट का जीरो' देखकर क्या महसूस करेंगे? जवाब/हिमांश कोहली: अगर लगे कि जिंदगी योजना के मुताबिक नहीं चल रही, तब भी हार मत मानिए। सपनों पर भरोसा रखिए और मेहनत करते रहिए। देर हो सकती है, लेकिन मंजिल जरूर मिलेगी। कमल चंद्रा: यह फिल्म सिर्फ एक इंसान या एक कुत्ते की कहानी नहीं है। यह उन सभी लोगों की कहानी है, जिन्हें कभी न कभी 'जीरो' कहा गया। अगर आप खुद पर भरोसा रखते हैं, तो एक दिन वही लोग आपकी सफलता की मिसाल देंगे। सोनाली सहगल: हम चाहते हैं कि लोग थिएटर से सिर्फ फिल्म देखकर नहीं, बल्कि अपने सपनों पर दोबारा भरोसा करके निकलें। अगर फिल्म देखने के बाद एक भी इंसान हार मानने की बजाय फिर कोशिश करने लगे, तो हमारी मेहनत सफल हो जाएगी। सवाल: क्या कभी ऐसा वक्त आया, जब आपका खुद पर भरोसा डगमगाया? उससे बाहर कैसे निकले? जवाब/सोनाली सहगल: इस इंडस्ट्री में रास्ता आसान नहीं है। मेहनत से कभी डर नहीं लगा, लेकिन शुरुआत में मौके मिलना सबसे मुश्किल होता है। सबसे बड़ा झटका 'जय मम्मी दी' का बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलना था। शायद पहली बार कैमरे पर यह बात कह रही हूं। मैंने उस फिल्म के लिए अपना सब कुछ लगा दिया था। वह मेरी पहली सोलो लीड फिल्म थी और उससे बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन कोविड की शुरुआत की वजह से फिल्म थिएटर में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाई। मुझे आज भी याद है, पहले दिन के बॉक्स ऑफिस नंबर देखकर मैं इवेंट से लौटते समय कार में रो रही थी। मेरी नई मैनेजर समझ नहीं पा रही थी कि मुझे कैसे संभाले। मैं कुछ दिनों के लिए डिप्रेशन में चली गई थी। लेकिन मैं जल्दी संभल जाती हूं। मैंने खुद से कहा कि मुझे अपने काम पर गर्व है। बाद में फिल्म नेटफ्लिक्स पर लोगों ने खूब पसंद की। तब समझ आया कि हर फिल्म अपनी किस्मत लेकर आती है। हौसला टूटता जरूर है, लेकिन उसे दोबारा खड़ा भी आपको ही करना पड़ता है। जीरो लगने के बाद खुद को फिर हीरो भी आपको ही बनाना पड़ता है। सवाल: हिमांश, आपने भी उतार-चढ़ाव देखे हैं। उस दौर को कैसे संभाला? जवाब/हिमांश कोहली: मेरे साथ शुरुआत उलटी हुई। 'यारियां' सुपरहिट रही, लेकिन उसके बाद दो-तीन फिल्मों को वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला। उस वक्त समझ नहीं आता था कि आगे क्या करना है। कई लोग कहने लगे थे, 'अब सब खत्म हो गया... अब यहां कुछ नहीं रखा।' सच कहूं तो मुझे भी लगने लगा था कि शायद बैग पैक करके घर लौट जाना चाहिए। लेकिन आज समझ आता है कि वह सिर्फ एक दौर था। उस समय जो फिल्में नहीं चलीं, वही आज टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। मैं उनके रिजल्ट देखकर हैरान हो जाता हूं। इसलिए अब लगता है कि हर चीज का अपना समय होता है। अगर मेहनत और भरोसा बना रहे तो मुश्किल दौर भी हमेशा नहीं रहता।

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'अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है':संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए

संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, "इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता।" उन्होंने आगे कहा, "हमारी बच्चियों के चरित्र के ऊपर सवाल उठाया गया।" इसके बाद संजय सिंह ने कहा, "मैं जेपी नड्डा जी से निवेदन करना चाहता हूं, समझाइए अपने उस सांसद को।" अपने भाषण के दौरान संजय सिंह ने कहा, "अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा। सिर्फ पांच उंगलियों के निशान पड़े थे। ऐसी बात करोगे... तो तुम्हारी सरकार को इस देश का नौजवान... पकड़ के गटर में डालने का काम करेगा।" कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, "सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं।" वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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सोनू सूद ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन:केक काटकर बांटी खुशियां, ऑफिस के बाहर उमड़े फैंस; तस्वीरें खिंचवाईं

बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। मुंबई स्थित उनके कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। सोनू सूद ने अपने चाहने वालों से मुलाकात कर उनके प्यार और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। जन्मदिन का सबसे खास पल तब रहा, जब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। सोनू सूद के जन्मदिन पर उनके कार्यालय के बाहर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अभिनेता ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया, उनसे बातचीत की और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। फैंस का उत्साह दिखाता है कि सोनू सूद केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स भी हैं। बच्चों के साथ बांटी खुशियां इस जन्मदिन की सबसे भावुक तस्वीरें उस समय सामने आईं, जब सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने खास दिन का हिस्सा बनाया। यह पहल उनके सामाजिक सरोकारों और लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। समाजसेवा से बनाई अलग पहचान 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में जन्मे सोनू सूद ने फिल्मों के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों लोगों का भरोसा जीता। आज भी वे शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।

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मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- 'क्या करूं अन्ना?' वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा। डबल रोल है, एक वहीदा है, दूसरी मुमताज होगी।’ फिल्म राम और श्याम हिट रही और मुमताज को देशभर में पहचान मिल गई। किस्सा- 5 जीतेंद्र ने साथ काम करने से किया इनकार, डायरेक्टर बोले- ऐतराज है तो हीरो बदलूंगा, हीरोइन नहीं फिल्म राम और श्याम रिलीज होने से पहले मुमताज को फिल्म बंद जो बन गए मोती (1967) में काम मिला, जीतेंद्र और डायरेक्टर वी.शांताराम की बेटी राजश्री लीड रोल में थीं और मुमताज को साइड रोल मिला था। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले राजश्री की शादी तय हो गई और उन्होंने फिल्म छोड़ दी। ऐसे में वी.शांताराम ने मुमताज को ही फिल्म में लीड रोल दिया। जैसे ही ये खबर जीतेंद्र को मिली, तो उन्होंने तुरंत डायरेक्टर को कॉल कर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा- ‘उसको हीरोइन क्यों बनाया, कोई और हीरोइन ढूंढिए।’ जवाब मिला- ‘हीरोइन तो मुमताज ही होगी, आपको दिक्कत है, तो आप फिल्म छोड़ दो।’ वो वी.शांताराम ही थे, जिन्होंने जीतेंद्र को हीरो बनाया था, तो जीतेंद्र को मजबूरन फिल्म करनी ही पड़ी। इसी तरह साल 1969 की फिल्म दो रास्ते में शशि कपूर को कास्ट किया गया। बाद में जब मुमताज की कास्टिंग हुई तो शशि कपूर ने फिल्म छोड़ दी। इस फिल्म में बाद में राजेश खन्ना को साइन किया गया। फिल्म का गाना बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी काफी हिट हुआ था। किस्सा-6 अमिताभ के लिए छोड़ दी अपनी मर्सिडीज अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री में नए थे, जब उन्हें मुमताज के साथ फिल्म बंधे हाथ में काम मिला। मुमताज तब काफी पॉपुलर हो चुकी थीं। उनकी कामयाबी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब अमिताभ बच्चन साधारण कार से आते थे, तब मुमताज मर्सिडीज से सेट पर आती थीं। अमिताभ को उनकी कार बहुत पसंद थी। एक दिन उन्होंने साथ काम करने वालों से कहा- मुझे ये कार पसंद है, देखना एक दिन मैं भी मर्सिडीज चलाऊंगा। किसी तरह ये बाद मुमताज के कानों तक पहुंची। उस दिन जब वो शूटिंग पूरी कर निकलीं, तो अमिताभ की कार ले गईं और अपनी वहीं सेट पर छोड़ दी। अमिताभ बाहर आए, तो उन्हें अपनी कार नहीं मिली। आसपास पूछा, तो गार्ड ने बताया कि मुमताज अपनी कार आपके लिए छोड़ गई हैं, जिससे आप इसे चला लें। अमिताभ उनकी कार घर ले गए और इस तरह मुमताज ने अमिताभ की इच्छा पूरी कर दी। किस्सा- 7 शम्मी कपूर ने प्रपोज किया, तो राज कपूर ने मेरा नाम जोकर से निकाला हिट फिल्में देते हुए मुमताज बड़ी एक्ट्रेस बन गईं। इसी समय 1968 में उन्हें शम्मी कपूर के साथ फिल्म ब्रह्मचारी में कास्ट किया गया। साथ काम करते हुए दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे।। रिलीज के बाद फिल्म सुपरहिट हुई और इसके गाने आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे, चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी काफी हिट हुए। फिल्म रिलीज के कुछ समय बाद शम्मी कपूर और मुमताज रिलेशनशिप में आ गए। कुछ समय बाद शम्मी कपूर ने उन्हें शादी का प्रस्ताव दिया। मुमताज भी शादी करना चाहती थीं, लेकिन राज कपूर ने शर्त रखी कि अगर शादी करनी है, तो मुमताज को फिल्मों में काम करना बंद करना पड़ेगा, हमारे घर की बहुएं काम नहीं करेंगी। मुमताज उस समय करियर के पीक पर थीं और घर की जिम्मेदारी होने के चलते वो काम नहीं छोड़ना चाहती थीं। शम्मी कपूर ने उनके परिवार को आर्थिक मदद देने का वादा भी किया, लेकिन मुमताज ने करियर के लिए प्यार की कुर्बानी दे दी। जिस समय मुमताज और शम्मी कपूर की शादी की बात चल रही थी, तभी राज कपूर ने उन्हें फिल्म मेरा नाम जोकर में फिरंगी महिला के रोल में कास्ट किया था। जैसे ही उन्हें पता चला कि शम्मी उनसे शादी करना चाहते हैं, राज कपूर ने मुमताज को फिल्म से निकाल दिया। राज कपूर ने मुमताज से कहा था- मैं तुम्हें नहीं ले सकता। घर के लोगों को ऐसा खुला रोल नहीं दूंगा। मुमताज की जगह बाद में रशियन एक्ट्रेस सेनिया को कास्ट किया गया था। किस्सा- 8 फिल्म में देव आनंद की बहन बनने से किया इनकार मुमताज ने 1971 की फिल्म तेरे मेरे सपने में देव आनंद के साथ काम किया। कुछ साल बाद उन्हें फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा मिली, लेकिन कहा गया कि उन्हें देव साहब की बहन का किरदार निभाना है। मुमताज ने तुरंत मना कर दिया। कहा- मैं इतने रोमांटिक हीरो की बहन का रोल हरगिज नहीं करूंगी। उनकी ये बात सुनकर देव आनंद खूब हंसे और कहा- फिल्म में काम तो तुम करोगी, लेकिन मेरी हीरोइन बन कर। बाद में जीनत अमान को बहन का रोल दिया गया और मुमताज ने देव आनंद के साथ लीड रोल किया। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। किस्सा- 9 दूसरे हीरो के साथ काम करने पर नाराज हो जाते थे राजेश खन्ना राजेश खन्ना और मुमताज की दोस्ती बहुत गहरी थी। जब कभी मुमताज किसी दूसरे एक्टर के साथ फिल्म साइन कर लेतीं तो राजेश खन्ना इस बात से नाराज हो जाते थे। इस पर मुमताज उनसे कहतीं- आप भी तो दूसरी एक्ट्रेस के साथ फिल्में साइन कर लेते हैं, मैं तो नाराज नहीं होती। अपनी इसी आदत से वो राजेश खन्ना को मना लेती थीं। किस्सा-10 24 की उम्र में शादी कर छोड़ी फिल्में, ससुराल ने काम करने से रोका मुमताज करियर के पीक पर थीं, जब घरवालों ने उनका रिश्ता युगांडा के रईस बिजनेसमैन मयूर माधवानी से तय कर दिया। रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में जल्दी शादी करवाने का रिवाज था। घरवालों ने दबाव दिया, तो मुमताज न नहीं कह सकीं। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों का साइनिंग अमाउंट लौटा दिया और जो अधूरी फिल्में थीं, उनकी शूटिंग पूरी की। 1974 में उनकी मयूर से शादी हुई और वो युगांडा जाकर बस गईं। शादी से पहले ही उनके पति के भाई ने साफ कह दिया कि मुमताज को फिल्मों में काम करना छोड़ना होगा। शादी के बाद उनका 3-4 बार मिसकैरेज हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम नताशा और तान्या है। उनकी बड़ी बेटी नताशा की शादी एक्टर फरदीन खान से हुई है। फरदीन के पिता फिरोज खान और मुमताज करीबी दोस्त हैं। किस्सा- 11 मौत से पहले शम्मी कपूर ने रखी मुमताज से मिलने की इच्छा, मिलीं तो रो पड़ीं साल 2010 में मुमताज भारत में थीं, जब उनके पास शम्मी कपूर की पत्नी नीला देवी का कॉल आया। नीला ने उन्हें कहा कि शम्मी कपूर की इच्छा है कि आप उनकी बर्थडे पार्टी में आएं। मुमताज ने जवाब दिया- मैं जरूर आऊंगी। जैसे ही वो पार्टी में पहुंची, तो देखा शम्मी कपूर शराब पी रहे हैं। इस बात की जानकारी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हर शख्स को थी कि शम्मी कपूर की तबीयत कई महीनों से बिगड़ी हुई है। मुमताज पास पहुंचीं और कहा- ‘अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं है तो आप शराब क्यों पी रहे हैं।’ शम्मी कपूर ने जवाब में कहा- ‘मैं ज्यादा दिनों तक नहीं जीने वाला।’ मुमताज को उस दिन ही पता चला कि शम्मी कपूर चंद महीनों के ही मेहमान हैं। वो भावुक हो गईं और कहा- ‘आप पी सकते हैं। एंजॉय योरसेल्फ। ’ कुछ देर बाद मुमताज वहां से चली गईं। जाते हुए बस कहा- ‘अपना ख्याल रखना।’

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मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- 'क्या करूं अन्ना?' वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा। डबल रोल है, एक वहीदा है, दूसरी मुमताज होगी।’ फिल्म राम और श्याम हिट रही और मुमताज को देशभर में पहचान मिल गई। किस्सा- 5 जीतेंद्र ने साथ काम करने से किया इनकार, डायरेक्टर बोले- ऐतराज है तो हीरो बदलूंगा, हीरोइन नहीं फिल्म राम और श्याम रिलीज होने से पहले मुमताज को फिल्म बंद जो बन गए मोती (1967) में काम मिला, जीतेंद्र और डायरेक्टर वी.शांताराम की बेटी राजश्री लीड रोल में थीं और मुमताज को साइड रोल मिला था। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले राजश्री की शादी तय हो गई और उन्होंने फिल्म छोड़ दी। ऐसे में वी.शांताराम ने मुमताज को ही फिल्म में लीड रोल दिया। जैसे ही ये खबर जीतेंद्र को मिली, तो उन्होंने तुरंत डायरेक्टर को कॉल कर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा- ‘उसको हीरोइन क्यों बनाया, कोई और हीरोइन ढूंढिए।’ जवाब मिला- ‘हीरोइन तो मुमताज ही होगी, आपको दिक्कत है, तो आप फिल्म छोड़ दो।’ वो वी.शांताराम ही थे, जिन्होंने जीतेंद्र को हीरो बनाया था, तो जीतेंद्र को मजबूरन फिल्म करनी ही पड़ी। इसी तरह साल 1969 की फिल्म दो रास्ते में शशि कपूर को कास्ट किया गया। बाद में जब मुमताज की कास्टिंग हुई तो शशि कपूर ने फिल्म छोड़ दी। इस फिल्म में बाद में राजेश खन्ना को साइन किया गया। फिल्म का गाना बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी काफी हिट हुआ था। किस्सा-6 अमिताभ के लिए छोड़ दी अपनी मर्सिडीज अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री में नए थे, जब उन्हें मुमताज के साथ फिल्म बंधे हाथ में काम मिला। मुमताज तब काफी पॉपुलर हो चुकी थीं। उनकी कामयाबी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब अमिताभ बच्चन साधारण कार से आते थे, तब मुमताज मर्सिडीज से सेट पर आती थीं। अमिताभ को उनकी कार बहुत पसंद थी। एक दिन उन्होंने साथ काम करने वालों से कहा- मुझे ये कार पसंद है, देखना एक दिन मैं भी मर्सिडीज चलाऊंगा। किसी तरह ये बाद मुमताज के कानों तक पहुंची। उस दिन जब वो शूटिंग पूरी कर निकलीं, तो अमिताभ की कार ले गईं और अपनी वहीं सेट पर छोड़ दी। अमिताभ बाहर आए, तो उन्हें अपनी कार नहीं मिली। आसपास पूछा, तो गार्ड ने बताया कि मुमताज अपनी कार आपके लिए छोड़ गई हैं, जिससे आप इसे चला लें। अमिताभ उनकी कार घर ले गए और इस तरह मुमताज ने अमिताभ की इच्छा पूरी कर दी। किस्सा- 7 शम्मी कपूर ने प्रपोज किया, तो राज कपूर ने मेरा नाम जोकर से निकाला हिट फिल्में देते हुए मुमताज बड़ी एक्ट्रेस बन गईं। इसी समय 1968 में उन्हें शम्मी कपूर के साथ फिल्म ब्रह्मचारी में कास्ट किया गया। साथ काम करते हुए दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे।। रिलीज के बाद फिल्म सुपरहिट हुई और इसके गाने आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे, चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी काफी हिट हुए। फिल्म रिलीज के कुछ समय बाद शम्मी कपूर और मुमताज रिलेशनशिप में आ गए। कुछ समय बाद शम्मी कपूर ने उन्हें शादी का प्रस्ताव दिया। मुमताज भी शादी करना चाहती थीं, लेकिन राज कपूर ने शर्त रखी कि अगर शादी करनी है, तो मुमताज को फिल्मों में काम करना बंद करना पड़ेगा, हमारे घर की बहुएं काम नहीं करेंगी। मुमताज उस समय करियर के पीक पर थीं और घर की जिम्मेदारी होने के चलते वो काम नहीं छोड़ना चाहती थीं। शम्मी कपूर ने उनके परिवार को आर्थिक मदद देने का वादा भी किया, लेकिन मुमताज ने करियर के लिए प्यार की कुर्बानी दे दी। जिस समय मुमताज और शम्मी कपूर की शादी की बात चल रही थी, तभी राज कपूर ने उन्हें फिल्म मेरा नाम जोकर में फिरंगी महिला के रोल में कास्ट किया था। जैसे ही उन्हें पता चला कि शम्मी उनसे शादी करना चाहते हैं, राज कपूर ने मुमताज को फिल्म से निकाल दिया। राज कपूर ने मुमताज से कहा था- मैं तुम्हें नहीं ले सकता। घर के लोगों को ऐसा खुला रोल नहीं दूंगा। मुमताज की जगह बाद में रशियन एक्ट्रेस सेनिया को कास्ट किया गया था। किस्सा- 8 फिल्म में देव आनंद की बहन बनने से किया इनकार मुमताज ने 1971 की फिल्म तेरे मेरे सपने में देव आनंद के साथ काम किया। कुछ साल बाद उन्हें फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा मिली, लेकिन कहा गया कि उन्हें देव साहब की बहन का किरदार निभाना है। मुमताज ने तुरंत मना कर दिया। कहा- मैं इतने रोमांटिक हीरो की बहन का रोल हरगिज नहीं करूंगी। उनकी ये बात सुनकर देव आनंद खूब हंसे और कहा- फिल्म में काम तो तुम करोगी, लेकिन मेरी हीरोइन बन कर। बाद में जीनत अमान को बहन का रोल दिया गया और मुमताज ने देव आनंद के साथ लीड रोल किया। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। किस्सा- 9 दूसरे हीरो के साथ काम करने पर नाराज हो जाते थे राजेश खन्ना राजेश खन्ना और मुमताज की दोस्ती बहुत गहरी थी। जब कभी मुमताज किसी दूसरे एक्टर के साथ फिल्म साइन कर लेतीं तो राजेश खन्ना इस बात से नाराज हो जाते थे। इस पर मुमताज उनसे कहतीं- आप भी तो दूसरी एक्ट्रेस के साथ फिल्में साइन कर लेते हैं, मैं तो नाराज नहीं होती। अपनी इसी आदत से वो राजेश खन्ना को मना लेती थीं। किस्सा-10 24 की उम्र में शादी कर छोड़ी फिल्में, ससुराल ने काम करने से रोका मुमताज करियर के पीक पर थीं, जब घरवालों ने उनका रिश्ता युगांडा के रईस बिजनेसमैन मयूर माधवानी से तय कर दिया। रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में जल्दी शादी करवाने का रिवाज था। घरवालों ने दबाव दिया, तो मुमताज न नहीं कह सकीं। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों का साइनिंग अमाउंट लौटा दिया और जो अधूरी फिल्में थीं, उनकी शूटिंग पूरी की। 1974 में उनकी मयूर से शादी हुई और वो युगांडा जाकर बस गईं। शादी से पहले ही उनके पति के भाई ने साफ कह दिया कि मुमताज को फिल्मों में काम करना छोड़ना होगा। शादी के बाद उनका 3-4 बार मिसकैरेज हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम नताशा और तान्या है। उनकी बड़ी बेटी नताशा की शादी एक्टर फरदीन खान से हुई है। फरदीन के पिता फिरोज खान और मुमताज करीबी दोस्त हैं। किस्सा- 11 मौत से पहले शम्मी कपूर ने रखी मुमताज से मिलने की इच्छा, मिलीं तो रो पड़ीं साल 2010 में मुमताज भारत में थीं, जब उनके पास शम्मी कपूर की पत्नी नीला देवी का कॉल आया। नीला ने उन्हें कहा कि शम्मी कपूर की इच्छा है कि आप उनकी बर्थडे पार्टी में आएं। मुमताज ने जवाब दिया- मैं जरूर आऊंगी। जैसे ही वो पार्टी में पहुंची, तो देखा शम्मी कपूर शराब पी रहे हैं। इस बात की जानकारी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हर शख्स को थी कि शम्मी कपूर की तबीयत कई महीनों से बिगड़ी हुई है। मुमताज पास पहुंचीं और कहा- ‘अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं है तो आप शराब क्यों पी रहे हैं।’ शम्मी कपूर ने जवाब में कहा- ‘मैं ज्यादा दिनों तक नहीं जीने वाला।’ मुमताज को उस दिन ही पता चला कि शम्मी कपूर चंद महीनों के ही मेहमान हैं। वो भावुक हो गईं और कहा- ‘आप पी सकते हैं। एंजॉय योरसेल्फ। ’ कुछ देर बाद मुमताज वहां से चली गईं। जाते हुए बस कहा- ‘अपना ख्याल रखना।’

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हरियाणा के सिंगर बोले- एथेनॉल वाले VIDEO पर धमकियां मिलीं:बिल दिखाकर कहा- डिफेंडर सच में खराब हुई, मैं कोई एजेंडा नहीं चला रहा

हरियाणा के रहने वाले सिंगर रेशम सिंह अनमोल ने दावा किया है कि खराब पेट्रोल की वजह से डिफेंडर खराब होने संबंधी वीडियो वायरल होने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी कर सफाई दी है। रेशम ने कहा, "मेरी गाड़ी सच में खराब हुई थी। मैंने कंपनी के सर्विस सेंटर में जाकर उसे ठीक कराया और मेरे पास उसका बिल भी है। कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं एजेंडा चला रहा हूं या पैसे लेकर एथेनॉल के खिलाफ वीडियो बना रहा हूं, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। मुझे जब कहीं भी प्योर पेट्रोल नहीं मिला, तब परेशान होकर मैंने वह वीडियो बनाया था।" दो पॉइंट में जानिए सिंगर ने क्या कहा… 'प्रोपेगेंडा फैलाने की बात कर रहे लोग' रेशम सिंह अनमोल ने कहा, “दो-तीन दिन पहले मैंने एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें बताया था कि खराब पेट्रोल की वजह से मेरी डिफेंडर में दिक्कत आ गई थी। इसके बाद से मुझे कई लोगों के फोन आ रहे हैं। कोई कह रहा है कि मैं प्रोपेगेंडा फैला रहा हूं, कोई इसे मेरा एजेंडा बता रहा है। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि मैंने पैसे लेकर वीडियो बनाया है। वहीं, कुछ लोग मुझे धमकियां भी दे रहे हैं।” ‘27 मई को खराब हुई थी मेरी डिफेंडर’ रेशम ने आगे कहा, "मैं यह साफ करना चाहता हूं कि यह दिक्कत अभी नहीं आई। मेरी डिफेंडर 27 मई को खराब हुई थी। यह उसका बिल भी है। कंपनी ने उसमें नया फ्यूल पंप लगाया था। वीडियो मैंने उस दिन बनाया, जब मुझे प्योर पेट्रोल नहीं मिला। मैं पांच-छह पेट्रोल पंपों पर गया, लेकिन कहीं भी XP100 या XP95 नहीं मिला। परेशान होकर मैंने वह वीडियो बनाया था।" ‘पंपों पर एथेनॉल की जानकारी लिखी होनी चाहिए’ रेशम ने कहा, "जब हम पेट्रोल पंप पर जाकर पूछते हैं कि XP95 में कितने प्रतिशत एथेनॉल है, तो हर जगह अलग-अलग जवाब मिलता है। कोई 8 प्रतिशत बताता है तो कोई 5 प्रतिशत। मैं सरकार से अपील करता हूं कि हर पेट्रोल पंप पर नोटिस लगाया जाए, ताकि लोगों को पता चल सके कि पेट्रोल में कितना एथेनॉल है। आम लोग इस वजह से काफी परेशान हैं। मेरे वीडियो के बाद भी बहुत से लोगों के मैसेज आए हैं। मैंने कोई प्रोपेगेंडा नहीं फैलाया है। हमारे लिए सभी राजनीतिक पार्टियां एक जैसी हैं।" अब जानिए सिंगर के भाई ने दैनिक भास्कर को क्या बताया... बाढ़ में खराब हुई रेंज रोवर, फिर खरीदी डिफेंडर रेशम सिंह अनमोल के बड़े भाई और नंबरदार डॉ. निर्मल सिंह नकटपुर ने बताया कि पहले अनमोल के पास रेंज रोवर स्पोर्ट्स थी। 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान राहत कार्य करते समय गाड़ी पहले पेड़ की टहनी से क्षतिग्रस्त हुई, फिर बाढ़ के पानी में फिसल गई। इसके बाद 7 नवंबर 2025 को अनमोल ने करीब 1.55 करोड़ रुपए में सफेद रंग की डिफेंडर-110 खरीदी। अनमोल को ट्रैक्टर ज्यादा पसंद हैं, लेकिन यह गाड़ी उन्होंने शौक से खरीदी थी। शो जाते समय खराब हुई गाड़ी, फिर वायरल हुआ वीडियो नकटपुर ने बताया कि 27 मई 2026 को शो के लिए जाते समय रास्ते में डिफेंडर अचानक बंद हो गई। कंपनी की सलाह पर गाड़ी को दादा मोटर्स, चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां जांच में फ्यूल पंप खराब मिला और उसे बदल दिया गया। चार दिन पहले जब अनमोल छात्रों के जंतर-मंतर धरने में समर्थन देने चंडीगढ़ से दिल्ली जा रहे थे, तब उन्हें पांच पेट्रोल पंपों पर भी XP100 हाई-स्पीड पेट्रोल नहीं मिला। इसी के बाद उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा के सिंगर बोले-E20 पेट्रोल से नई डिफेंडर खराब हुई:गाड़ी का फ्यूल पंप बदलवाना पड़ा; 8 महीने पहले ₹1.55 करोड़ में खरीदी देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज घटने, इंजन खराब होने और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने जैसे दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच, हरियाणा के रहने वाले पंजाबी सिंगर रेशम सिंह अनमोल का एक वीडियो चर्चा में है। इसमें वह 8 महीने पहले खरीदी करीब 1.55 करोड़ रुपए की अपनी डिफेंडर-110 के रास्ते में अचानक बंद होने का किस्सा बता रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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संजय दत्त@67: सलमान ने दी BMW, समुद्र में फेंकी चाबी:बिगड़ते देख इंदिरा गांधी ने कहा- बोर्डिंग स्कूल भेजो, राजेश खन्ना-ऋषि कपूर को पीटने पहुंचे थे

साल था 1994। मुंबई की ठाणे सेंट्रल जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में बंद एक आरोपी रक्षाबंधन के दिन अपनी बहनों का इंतजार कर रहा था। लोहे की सलाखों के पीछे दोनों बहनों ने उसके हाथ पर राखी बांधी, लेकिन उस भाई की जेब पूरी तरह खाली थी। देने के लिए न कोई तोहफा था, न पैसे। कुछ पल तक वह चुप रहा। फिर जेल की कैंटीन से मिले दो-दो रुपए के चाय-नाश्ते के कूपन बहनों के हाथ में रख दिए और बोला, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ यह वही शख्स था, जिसके नाम पर कभी सिनेमाघरों के बाहर भीड़ उमड़ती थी, जिसकी फिल्मों के पोस्टर शहरों में छाए रहते थे और जो करोड़ों लोगों का सुपरस्टार था, लेकिन वक्त ने ऐसी करवट बदली कि वही एक्टर जेल की चारदीवारी के भीतर अपनी बहनों को सिर्फ दो रुपए के कूपन ही दे सका। जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के 'संजू बाबा' यानी संजय दत्त की। आज उनके 67वें जन्मदिन पर जानते हैं उनके कुछ अनसुने किस्से। इंदिरा गांधी की सलाह पर बोर्डिंग स्कूल भेजा गया संजय दत्त के जन्म के बाद सुनील दत्त और नरगिस ने अपने बेटे के नाम के लिए फिल्म पत्रिका 'शमा' के पाठकों से सुझाव मांगे थे। जिसके बाद देशभर से लगभग 15,000 से अधिक नाम आए थे। इसके बाद 'संजय' नाम आगरा की रहने वाली पुष्पा अग्रवाल ने सुझाया था। संजय बचपन से ही परिवार के सबसे लाड़ले थे। माता-पिता, नानी और रिश्तेदार उनकी हर इच्छा पूरी कर देते थे। इसी वजह से वे बेहद जिद्दी भी होते जा रहे थे। स्कूल हो या घर, हर जगह उन्हें विशेष तवज्जो मिलती थी। हालांकि, संजय सिर्फ जिद्दी नहीं थे, उनका दिल भी बहुत बड़ा था। एक बार दिल्ली में एक शादी के दौरान उन्होंने ठंड से कांप रहे एक गरीब बच्चे को अपना सूट उतारकर दे दिया था। लेकिन उनकी शरारतें परिवार की चिंता भी बढ़ा रही थीं। पत्रकार यासिर उस्मान द्वारा संजय दत्त पर लिखी गई किताब के मुताबिक छह साल की उम्र में उन्होंने पिता सुनील दत्त को सिगरेट पीते देखा और खुद भी सिगरेट पीने की जिद करने लगे। सुनील दत्त को लगा कि एक बार सिगरेट पीने के बाद बेटे का शौक खत्म हो जाएगा, लेकिन संजय ने पूरी सिगरेट पी ली। कुछ साल बाद वे घर आए मेहमानों की फेंकी हुई सिगरेट की बुझी हुई बटें बगीचे में छिपकर पीते हुए भी पकड़े गए। जिस पर पिता ने उनकी पिटाई की थी। ऐसे में सुनील दत्त को एहसास हुआ कि जरूरत से ज्यादा लाड़-प्यार और फिल्मी माहौल का संजय पर गलत असर पड़ रहा है। तभी यह फैसला किया गया कि संजय को किसी बोर्डिंग स्कूल भेज दिया जाए। इसके बाद परिवार की करीबी मित्र और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सलाह दी कि संजय को मिलिट्री डिसिप्लिन के लिए हिमाचल प्रदेश के सनावर स्थित लॉरेंस स्कूल भेजा जाए। संजय जूतों में हेरोइन छिपाकर न्यूयॉर्क गए थे 1980 में संजय दत्त अपनी पहली फिल्म 'रॉकी' की शूटिंग में बिजी थे। इसी दौरान उनकी मां नरगिस की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। नरगिस को पैंक्रियाटिक कैंसर था और उन्हें इलाज के लिए न्यूयॉर्क के मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर ले जाना था। सुनील दत्त ने कांपती आवाज में अपने तीनों बच्चों संजय, नम्रता और प्रिया को बताया कि उनकी मां को कैंसर है। इसके बाद 'रॉकी' की शूटिंग रोक दी गई और 21 अगस्त 1980 को सुनील दत्त नरगिस को लेकर अमेरिका रवाना हो गए। न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान नरगिस की कई सर्जरी हुईं, लेकिन ऑपरेशन के बाद लगातार खून बहने से वे कोमा में चली गईं। इसी दौरान संजय दत्त खुद भी नशे की लत से जूझ रहे थे। मां की गंभीर हालत के बावजूद वे ड्रग्स नहीं छोड़ पा रहे थे। यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, न्यूयॉर्क जाते समय वे अपने जूतों में करीब 30 ग्राम हेरोइन छिपाकर ले गए थे। बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि उस घटना को याद करके उन्हें शर्म आती है। यहां तक कि नशे की वजह से उन्हें अपनी मां के लिए खून दान करने की अनुमति भी नहीं मिली थी। 'रॉकी' के प्रीमियर में नरगिस की याद में कुर्सी खाली छोड़ी गई न्यूयॉर्क में करीब तीन महीने तक कोमा में रहने के बाद नरगिस को होश आया था। उनकी सबसे बड़ी इच्छा थी कि वे जल्द भारत लौटें और अपने बेटे की पहली फिल्म 'रॉकी' देखें। 6 मार्च 1981 को भारत लौटने के बाद 9 मार्च 1981 को सुनील दत्त उन्हें फिल्म 'रॉकी' दिखाने घर के प्रीव्यू थिएटर तक ले गए। कमजोरी के कारण वे पूरी फिल्म नहीं देख सकीं और सिर्फ सात रील देखने के बाद उन्हें वापस कमरे में ले जाना पड़ा, लेकिन जितना देखा, उससे वे बेहद खुश थीं। उन्हें विश्वास था कि उनका बेटा संजू बड़ा स्टार बनेगा। वहीं, संजय की डेब्यू फिल्म 'रॉकी' का प्रीमियर 7 मई 1981 को तय किया गया था। प्रीमियर से ठीक चार दिन पहले, 3 मई 1981 को नरगिस का निधन हो गया। इसके बाद फिल्म के प्रीमियर के दौरान सुनील दत्त ने थिएटर में संजय दत्त के बगल वाली कुर्सी नरगिस की याद में खाली रखी थी। ऋषि कपूर-राजेश खन्ना को पीटने पहुंच गए थे फिल्म 'रॉकी' की शूटिंग के दौरान संजय दत्त और एक्ट्रेस टीना मुनीम के बीच प्यार हुआ। इस रिश्ते में संजय बेहद पजेसिव बॉयफ्रेंड थे। दोनो का अफेयर लगभग 2 साल तक चला था। यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, फिल्म 'कर्ज' में टीना मुनीम ऋषि कपूर के साथ काम कर रही थीं। तब दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की अफवाहें फैल गई थीं। इससे संजय इतने गुस्से में आ गए कि वे ऋषि कपूर की पिटाई करने के इरादे से उनके घर पहुंच गए थे। संजय ने एक्टर गुलशन ग्रोवर से भी अपने साथ चलने को कहा। गुलशन ने बाद में बताया था, संजय और मैं भाइयों जैसे थे। एक दिन उसने मुझसे कहा, 'चलो चिंटू (ऋषि कपूर) के घर चलते हैं, उसकी पिटाई करनी है।' हम वहां गए भी, लेकिन उनकी मंगेतर नीतूजी (नीतू सिंह) ने हमें समझाया कि चिंटू का कोई अफेयर नहीं है। इसके बाद हम वहां से लौट आए। बाद में फिल्म 'सौतन' की शूटिंग के बाद टीना मुनीम और राजेश खन्ना की नजदीकियों की खबरें फिल्म इंडस्ट्री में फैलने लगीं। बाद में संजय ने स्वीकार किया कि उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा था कि टीना उन्हें छोड़कर किसी और के करीब चली जाएं। इसके बाद गुस्से में वे सीधे मेहबूब स्टूडियो पहुंच गए, जहां राजेश खन्ना शूटिंग कर रहे थे। संजय ने राजेश खन्ना के ठीक सामने कुर्सी खींचकर लगा ली और उन्हें लगातार घूरते रहे। बाद में खुद संजय ने स्वीकार किया कि अगर उस दिन राजेश खन्ना ने कुछ भी कहा होता, तो वे उन पर हमला कर देते, लेकिन राजेश खन्ना शांत बैठे रहे और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आखिरकार संजय वहां से लौट आए। संजय दत्त और रेखा की गुपचुप शादी की अफवाह उड़ी थी साल 1982 में अफवाह फैल गई कि संजय दत्त ने एक्ट्रेस रेखा से गुपचुप शादी कर ली। दरअसल, मशहूर फिल्म मैगजीन सिनेब्लिट्ज ने अपने कॉलम 'रिप ऑफ' में लिखा था, हमें अपने बेहद भरोसेमंद सूत्रों से पता चला है, जो होटल सी रॉक के आसपास मौजूद थे, कि संजय और रेखा ने अपनी कथित शादी के शुरुआती कुछ दिन वहीं साथ बिताए। अगर आप सोच रहे हैं कि होटल में किसी ने उन्हें क्यों नहीं देखा, तो याद रखिए कि वहां 'रूम सर्विस' जैसी सुविधा भी होती है। मैगजीन ने आगे लिखा था, संजय दत्त इन दिनों खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। उनकी अपनी 'कवयित्री' रेखा उनके लिए छोटी-छोटी प्रेम कविताएं लिख रही हैं, ‘तुम मेरी ताकत हो, मेरा सहारा हो, मेरे प्यारे से फूल हो।’ यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, इन खबरों से फिल्म इंडस्ट्री में सनसनी फैल गई। हालांकि, संजय दत्त और रेखा दोनों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। एक इंटरव्यू में संजय ने साफ कहा था कि रेखा से मेरा कोई रिश्ता नहीं है। मेरी शादी की खबर पूरी तरह साजिश और झूठ है। यहां तक कि मेरी तथाकथित गुप्त शादी की कहानी भी गढ़ दी गई। संजय ने कहा था कि कुछ रिपोर्टों में तो यह तक लिखा गया कि शादी के 15 दिन बाद वे रेखा को अपने पिता सुनील दत्त से आशीर्वाद दिलाने ले गए, लेकिन सुनील दत्त ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। संजय ने इन सभी दावों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा था कि उन्होंने कभी रेखा से शादी नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि उनका नाम रेखा के साथ क्यों जोड़ा जा रहा है, जबकि वे जानते हैं कि रेखा का रिश्ता फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े शख्स से है। संजय का मानना था कि यह अफवाह इसलिए भी फैली क्योंकि वे उस समय अस्पताल में भर्ती अमिताभ बच्चन से मिलने नहीं जा सके थे। जेल में बहनों को दो-दो रुपए के कूपन दिए थे साल था 1994 और महीना था जुलाई। अवैध रूप से हथियार रखने के मामले में संजय दत्त की अंतरिम जमानत अदालत ने रद्द कर दी और उन्हें ठाणे सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन्हें जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में रखा गया। यह वही जगह थी, जहां खतरनाक अपराधियों और टाडा के आरोपियों को रखा जाता था। करीब 10x10 फीट की उस छोटी-सी कोठरी में न धूप आती थी और न ही बाहर की दुनिया दिखाई देती थी। एक छोटा-सा बल्ब, एक गद्दा और कोने में बिना फ्लश वाला शौचालय। संजय दत्त ने बाद में बताया था कि शुरुआती डेढ़ महीने तक उन्हें दूसरे कैदियों से मिलने तक की इजाजत नहीं थी। अकेलापन इतना बढ़ गया कि उन्होंने समय काटने के लिए चींटियों को घंटों चलते हुए देखना शुरू कर दिया था। बाहर पिता सुनील दत्त लगातार बेटे की जमानत के लिए नेताओं, वकीलों और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। बहनें प्रिया और नम्रता भी नियमित रूप से जेल जाती थीं, लेकिन अक्सर सिर्फ दूर से ही संजय को देख पाती थीं। वहीं, रक्षाबंधन पर बहनों ने जेल में उन्हें राखी बांधी। उस समय संजय के पास देने के लिए कोई गिप्ट नहीं था। उन्होंने अपनी बहनों को सिर्फ जेल की कैंटीन के दो-दो रुपए वाले चाय-नाश्ते के कूपन दिए और कहा था, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ बेटी के एक्टिंग करने पर बोले थे- टांगें तोड़ दूंगा संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त का जन्म 1988 में उनकी पहली पत्नी रिचा शर्मा से हुआ था। जब वह सिर्फ 8 साल की थीं, तब ब्रेन ट्यूमर के कारण उनकी मां का निधन हो गया। इसके बाद उनका पालन-पोषण न्यूयॉर्क में नाना-नानी ने किया। त्रिशाला कभी बॉलीवुड में अभिनेत्री बनना चाहती थीं, लेकिन संजय दत्त इसके सख्त खिलाफ थे। 2016 में फिल्म 'भूमि' के प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा था, ‘त्रिशाला एक्ट्रेस बनना चाहती थी और मैं उसकी टांगें तोड़ देना चाहता था।’ संजय दत्त ने यह भी कहा था, ‘मैंने उसे एक अच्छे कॉलेज में भेजने के लिए अपना बहुत समय और एनर्जी लगाई है। उसने फोरेंसिक साइंस में विशेषज्ञता हासिल की है और मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन करियर है।’ सलमान की BMW की चाबी समुद्र में फेंक दी थी संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती है। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ था जब संजय दत्त, सलमान से नाराज हो गए थे। इस किस्से का खुलासा खुद सलमान ने रजत शर्मा के शो में किया था। सलमान ने बताया था कि सोहेल खान की फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' में संजय दत्त ने दोस्ती की खातिर गेस्ट अपीयरेंस किया था। शूटिंग पूरी होने के बाद संजय दत्त सलमान के घर पहुंचे, जहां पार्टी चल रही थी। उसी दौरान सलमान के पास नई BMW M5 आई थी। वह संजय दत्त को बाहर ले गए और बोले, ‘बाबा, यह देश की पहली BMW M5 है और मैं चाहता हूं कि यह आपके पास हो।’ इतना सुनते ही संजय दत्त ने सलमान को धन्यवाद कहा, लेकिन अगले ही पल कार की चाबी उठाकर सीधे समुद्र में फेंक दी। चाबी समंदर में चली गई और क्योंकि कार की केवल एक ही चाबी थी, इसलिए वह कई दिनों तक घर के बाहर ही खड़ी रह गई। सलमान ने बताया था कि उस चाबी को ढूंढ़कर निकालने में पूरे चार दिन लगे थे। ………….. यह खबर भी पढ़ें… अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई ‘मैं वो आदमी था, जो रोज 4–5 घंटे कसरत करता था। बैडमिंटन खेलता था, फ्री-हैंड एक्सरसाइज करता था, वेट उठाता था... लेकिन फिर एक एक्सीडेंट हुआ और मैं तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा।’ एक पुराने इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर अमजद खान ने अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर याद करते हुए यह बात कही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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संजय दत्त@67: सलमान ने दी BMW, समुद्र में फेंकी चाबी:बिगड़ते देख इंदिरा गांधी ने कहा- बोर्डिंग स्कूल भेजो, राजेश खन्ना-ऋषि कपूर को पीटने पहुंचे थे

साल था 1994। मुंबई की ठाणे सेंट्रल जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में बंद एक आरोपी रक्षाबंधन के दिन अपनी बहनों का इंतजार कर रहा था। लोहे की सलाखों के पीछे दोनों बहनों ने उसके हाथ पर राखी बांधी, लेकिन उस भाई की जेब पूरी तरह खाली थी। देने के लिए न कोई तोहफा था, न पैसे। कुछ पल तक वह चुप रहा। फिर जेल की कैंटीन से मिले दो-दो रुपए के चाय-नाश्ते के कूपन बहनों के हाथ में रख दिए और बोला, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ यह वही शख्स था, जिसके नाम पर कभी सिनेमाघरों के बाहर भीड़ उमड़ती थी, जिसकी फिल्मों के पोस्टर शहरों में छाए रहते थे और जो करोड़ों लोगों का सुपरस्टार था, लेकिन वक्त ने ऐसी करवट बदली कि वही एक्टर जेल की चारदीवारी के भीतर अपनी बहनों को सिर्फ दो रुपए के कूपन ही दे सका। जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के 'संजू बाबा' यानी संजय दत्त की। आज उनके 67वें जन्मदिन पर जानते हैं उनके कुछ अनसुने किस्से। इंदिरा गांधी की सलाह पर बोर्डिंग स्कूल भेजा गया संजय दत्त के जन्म के बाद सुनील दत्त और नरगिस ने अपने बेटे के नाम के लिए फिल्म पत्रिका 'शमा' के पाठकों से सुझाव मांगे थे। जिसके बाद देशभर से लगभग 15,000 से अधिक नाम आए थे। इसके बाद 'संजय' नाम आगरा की रहने वाली पुष्पा अग्रवाल ने सुझाया था। संजय बचपन से ही परिवार के सबसे लाड़ले थे। माता-पिता, नानी और रिश्तेदार उनकी हर इच्छा पूरी कर देते थे। इसी वजह से वे बेहद जिद्दी भी होते जा रहे थे। स्कूल हो या घर, हर जगह उन्हें विशेष तवज्जो मिलती थी। हालांकि, संजय सिर्फ जिद्दी नहीं थे, उनका दिल भी बहुत बड़ा था। एक बार दिल्ली में एक शादी के दौरान उन्होंने ठंड से कांप रहे एक गरीब बच्चे को अपना सूट उतारकर दे दिया था। लेकिन उनकी शरारतें परिवार की चिंता भी बढ़ा रही थीं। पत्रकार यासिर उस्मान द्वारा संजय दत्त पर लिखी गई किताब के मुताबिक छह साल की उम्र में उन्होंने पिता सुनील दत्त को सिगरेट पीते देखा और खुद भी सिगरेट पीने की जिद करने लगे। सुनील दत्त को लगा कि एक बार सिगरेट पीने के बाद बेटे का शौक खत्म हो जाएगा, लेकिन संजय ने पूरी सिगरेट पी ली। कुछ साल बाद वे घर आए मेहमानों की फेंकी हुई सिगरेट की बुझी हुई बटें बगीचे में छिपकर पीते हुए भी पकड़े गए। जिस पर पिता ने उनकी पिटाई की थी। ऐसे में सुनील दत्त को एहसास हुआ कि जरूरत से ज्यादा लाड़-प्यार और फिल्मी माहौल का संजय पर गलत असर पड़ रहा है। तभी यह फैसला किया गया कि संजय को किसी बोर्डिंग स्कूल भेज दिया जाए। इसके बाद परिवार की करीबी मित्र और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सलाह दी कि संजय को मिलिट्री डिसिप्लिन के लिए हिमाचल प्रदेश के सनावर स्थित लॉरेंस स्कूल भेजा जाए। संजय जूतों में हेरोइन छिपाकर न्यूयॉर्क गए थे 1980 में संजय दत्त अपनी पहली फिल्म 'रॉकी' की शूटिंग में बिजी थे। इसी दौरान उनकी मां नरगिस की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। नरगिस को पैंक्रियाटिक कैंसर था और उन्हें इलाज के लिए न्यूयॉर्क के मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर ले जाना था। सुनील दत्त ने कांपती आवाज में अपने तीनों बच्चों संजय, नम्रता और प्रिया को बताया कि उनकी मां को कैंसर है। इसके बाद 'रॉकी' की शूटिंग रोक दी गई और 21 अगस्त 1980 को सुनील दत्त नरगिस को लेकर अमेरिका रवाना हो गए। न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान नरगिस की कई सर्जरी हुईं, लेकिन ऑपरेशन के बाद लगातार खून बहने से वे कोमा में चली गईं। इसी दौरान संजय दत्त खुद भी नशे की लत से जूझ रहे थे। मां की गंभीर हालत के बावजूद वे ड्रग्स नहीं छोड़ पा रहे थे। यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, न्यूयॉर्क जाते समय वे अपने जूतों में करीब 30 ग्राम हेरोइन छिपाकर ले गए थे। बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि उस घटना को याद करके उन्हें शर्म आती है। यहां तक कि नशे की वजह से उन्हें अपनी मां के लिए खून दान करने की अनुमति भी नहीं मिली थी। 'रॉकी' के प्रीमियर में नरगिस की याद में कुर्सी खाली छोड़ी गई न्यूयॉर्क में करीब तीन महीने तक कोमा में रहने के बाद नरगिस को होश आया था। उनकी सबसे बड़ी इच्छा थी कि वे जल्द भारत लौटें और अपने बेटे की पहली फिल्म 'रॉकी' देखें। 6 मार्च 1981 को भारत लौटने के बाद 9 मार्च 1981 को सुनील दत्त उन्हें फिल्म 'रॉकी' दिखाने घर के प्रीव्यू थिएटर तक ले गए। कमजोरी के कारण वे पूरी फिल्म नहीं देख सकीं और सिर्फ सात रील देखने के बाद उन्हें वापस कमरे में ले जाना पड़ा, लेकिन जितना देखा, उससे वे बेहद खुश थीं। उन्हें विश्वास था कि उनका बेटा संजू बड़ा स्टार बनेगा। वहीं, संजय की डेब्यू फिल्म 'रॉकी' का प्रीमियर 7 मई 1981 को तय किया गया था। प्रीमियर से ठीक चार दिन पहले, 3 मई 1981 को नरगिस का निधन हो गया। इसके बाद फिल्म के प्रीमियर के दौरान सुनील दत्त ने थिएटर में संजय दत्त के बगल वाली कुर्सी नरगिस की याद में खाली रखी थी। ऋषि कपूर-राजेश खन्ना को पीटने पहुंच गए थे फिल्म 'रॉकी' की शूटिंग के दौरान संजय दत्त और एक्ट्रेस टीना मुनीम के बीच प्यार हुआ। इस रिश्ते में संजय बेहद पजेसिव बॉयफ्रेंड थे। दोनो का अफेयर लगभग 2 साल तक चला था। यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, फिल्म 'कर्ज' में टीना मुनीम ऋषि कपूर के साथ काम कर रही थीं। तब दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की अफवाहें फैल गई थीं। इससे संजय इतने गुस्से में आ गए कि वे ऋषि कपूर की पिटाई करने के इरादे से उनके घर पहुंच गए थे। संजय ने एक्टर गुलशन ग्रोवर से भी अपने साथ चलने को कहा। गुलशन ने बाद में बताया था, संजय और मैं भाइयों जैसे थे। एक दिन उसने मुझसे कहा, 'चलो चिंटू (ऋषि कपूर) के घर चलते हैं, उसकी पिटाई करनी है।' हम वहां गए भी, लेकिन उनकी मंगेतर नीतूजी (नीतू सिंह) ने हमें समझाया कि चिंटू का कोई अफेयर नहीं है। इसके बाद हम वहां से लौट आए। बाद में फिल्म 'सौतन' की शूटिंग के बाद टीना मुनीम और राजेश खन्ना की नजदीकियों की खबरें फिल्म इंडस्ट्री में फैलने लगीं। बाद में संजय ने स्वीकार किया कि उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा था कि टीना उन्हें छोड़कर किसी और के करीब चली जाएं। इसके बाद गुस्से में वे सीधे मेहबूब स्टूडियो पहुंच गए, जहां राजेश खन्ना शूटिंग कर रहे थे। संजय ने राजेश खन्ना के ठीक सामने कुर्सी खींचकर लगा ली और उन्हें लगातार घूरते रहे। बाद में खुद संजय ने स्वीकार किया कि अगर उस दिन राजेश खन्ना ने कुछ भी कहा होता, तो वे उन पर हमला कर देते, लेकिन राजेश खन्ना शांत बैठे रहे और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आखिरकार संजय वहां से लौट आए। संजय दत्त और रेखा की गुपचुप शादी की अफवाह उड़ी थी साल 1982 में अफवाह फैल गई कि संजय दत्त ने एक्ट्रेस रेखा से गुपचुप शादी कर ली। दरअसल, मशहूर फिल्म मैगजीन सिनेब्लिट्ज ने अपने कॉलम 'रिप ऑफ' में लिखा था, हमें अपने बेहद भरोसेमंद सूत्रों से पता चला है, जो होटल सी रॉक के आसपास मौजूद थे, कि संजय और रेखा ने अपनी कथित शादी के शुरुआती कुछ दिन वहीं साथ बिताए। अगर आप सोच रहे हैं कि होटल में किसी ने उन्हें क्यों नहीं देखा, तो याद रखिए कि वहां 'रूम सर्विस' जैसी सुविधा भी होती है। मैगजीन ने आगे लिखा था, संजय दत्त इन दिनों खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। उनकी अपनी 'कवयित्री' रेखा उनके लिए छोटी-छोटी प्रेम कविताएं लिख रही हैं, ‘तुम मेरी ताकत हो, मेरा सहारा हो, मेरे प्यारे से फूल हो।’ यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, इन खबरों से फिल्म इंडस्ट्री में सनसनी फैल गई। हालांकि, संजय दत्त और रेखा दोनों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। एक इंटरव्यू में संजय ने साफ कहा था कि रेखा से मेरा कोई रिश्ता नहीं है। मेरी शादी की खबर पूरी तरह साजिश और झूठ है। यहां तक कि मेरी तथाकथित गुप्त शादी की कहानी भी गढ़ दी गई। संजय ने कहा था कि कुछ रिपोर्टों में तो यह तक लिखा गया कि शादी के 15 दिन बाद वे रेखा को अपने पिता सुनील दत्त से आशीर्वाद दिलाने ले गए, लेकिन सुनील दत्त ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। संजय ने इन सभी दावों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा था कि उन्होंने कभी रेखा से शादी नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि उनका नाम रेखा के साथ क्यों जोड़ा जा रहा है, जबकि वे जानते हैं कि रेखा का रिश्ता फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े शख्स से है। संजय का मानना था कि यह अफवाह इसलिए भी फैली क्योंकि वे उस समय अस्पताल में भर्ती अमिताभ बच्चन से मिलने नहीं जा सके थे। जेल में बहनों को दो-दो रुपए के कूपन दिए थे साल था 1994 और महीना था जुलाई। अवैध रूप से हथियार रखने के मामले में संजय दत्त की अंतरिम जमानत अदालत ने रद्द कर दी और उन्हें ठाणे सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन्हें जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में रखा गया। यह वही जगह थी, जहां खतरनाक अपराधियों और टाडा के आरोपियों को रखा जाता था। करीब 10x10 फीट की उस छोटी-सी कोठरी में न धूप आती थी और न ही बाहर की दुनिया दिखाई देती थी। एक छोटा-सा बल्ब, एक गद्दा और कोने में बिना फ्लश वाला शौचालय। संजय दत्त ने बाद में बताया था कि शुरुआती डेढ़ महीने तक उन्हें दूसरे कैदियों से मिलने तक की इजाजत नहीं थी। अकेलापन इतना बढ़ गया कि उन्होंने समय काटने के लिए चींटियों को घंटों चलते हुए देखना शुरू कर दिया था। बाहर पिता सुनील दत्त लगातार बेटे की जमानत के लिए नेताओं, वकीलों और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। बहनें प्रिया और नम्रता भी नियमित रूप से जेल जाती थीं, लेकिन अक्सर सिर्फ दूर से ही संजय को देख पाती थीं। वहीं, रक्षाबंधन पर बहनों ने जेल में उन्हें राखी बांधी। उस समय संजय के पास देने के लिए कोई गिप्ट नहीं था। उन्होंने अपनी बहनों को सिर्फ जेल की कैंटीन के दो-दो रुपए वाले चाय-नाश्ते के कूपन दिए और कहा था, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ बेटी के एक्टिंग करने पर बोले थे- टांगें तोड़ दूंगा संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त का जन्म 1988 में उनकी पहली पत्नी रिचा शर्मा से हुआ था। जब वह सिर्फ 8 साल की थीं, तब ब्रेन ट्यूमर के कारण उनकी मां का निधन हो गया। इसके बाद उनका पालन-पोषण न्यूयॉर्क में नाना-नानी ने किया। त्रिशाला कभी बॉलीवुड में अभिनेत्री बनना चाहती थीं, लेकिन संजय दत्त इसके सख्त खिलाफ थे। 2016 में फिल्म 'भूमि' के प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा था, ‘त्रिशाला एक्ट्रेस बनना चाहती थी और मैं उसकी टांगें तोड़ देना चाहता था।’ संजय दत्त ने यह भी कहा था, ‘मैंने उसे एक अच्छे कॉलेज में भेजने के लिए अपना बहुत समय और एनर्जी लगाई है। उसने फोरेंसिक साइंस में विशेषज्ञता हासिल की है और मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन करियर है।’ सलमान की BMW की चाबी समुद्र में फेंक दी थी संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती है। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ था जब संजय दत्त, सलमान से नाराज हो गए थे। इस किस्से का खुलासा खुद सलमान ने रजत शर्मा के शो में किया था। सलमान ने बताया था कि सोहेल खान की फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' में संजय दत्त ने दोस्ती की खातिर गेस्ट अपीयरेंस किया था। शूटिंग पूरी होने के बाद संजय दत्त सलमान के घर पहुंचे, जहां पार्टी चल रही थी। उसी दौरान सलमान के पास नई BMW M5 आई थी। वह संजय दत्त को बाहर ले गए और बोले, ‘बाबा, यह देश की पहली BMW M5 है और मैं चाहता हूं कि यह आपके पास हो।’ इतना सुनते ही संजय दत्त ने सलमान को धन्यवाद कहा, लेकिन अगले ही पल कार की चाबी उठाकर सीधे समुद्र में फेंक दी। चाबी समंदर में चली गई और क्योंकि कार की केवल एक ही चाबी थी, इसलिए वह कई दिनों तक घर के बाहर ही खड़ी रह गई। सलमान ने बताया था कि उस चाबी को ढूंढ़कर निकालने में पूरे चार दिन लगे थे। ………….. यह खबर भी पढ़ें… अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई ‘मैं वो आदमी था, जो रोज 4–5 घंटे कसरत करता था। बैडमिंटन खेलता था, फ्री-हैंड एक्सरसाइज करता था, वेट उठाता था... लेकिन फिर एक एक्सीडेंट हुआ और मैं तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा।’ एक पुराने इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर अमजद खान ने अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर याद करते हुए यह बात कही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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हरियाणा के सिंगर छात्रों के समर्थन में उतरे:एमसी स्क्वायर-ढांडा ने अपने नए गाने रोके; गुलजार-देवा बोले- PM छात्रों की बात सुनिए

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अब हरियाणा के चर्चित कलाकार भी खुलकर उतर आए हैं। हरियाणवी रैपर एमसी स्क्वायर और सिंगर ढांडा न्योलिवाला ने छात्रों के समर्थन में अपने आगामी गानों की रिलीज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का ऐलान किया। वहीं, गुलजार छानीवाला और देव कुमार देवा ने वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों की बात सुनने और उन्हें न्याय दिलाने की अपील की। सभी कलाकारों ने पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही तय करने और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। ढांडा न्योलिवाला ने सोशल मीडिया पर स्टोरी में क्या लिखा गुलजार छानीवाला ने प्रधानमंत्री से न्याय की अपील की देव कुमार देवा ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया एमसी स्क्वायर ने छात्रों के समर्थन में जारी किया वीडियो

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कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन, पंजाबी एक्टर-सिंगर बंटे:बब्बू मान बोले- हर बार हम ही क्यों लाठी खाएं; सोनम बाजवा ने टूटे दिल की इमोजी लगाई

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन पर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री बंट गई है। एक तरफ दिलजीत दोसांझ और सोनू सूद ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के अधिकारों और उनकी मांगों को जायज ठहराया है। वहीं बब्बू मान ने आंदोलन के समर्थन से इनकार कर दिया। बब्बू मान ने तो सीधे सवाल उठाया कि जब 2020 में दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ तो CJP बनाने वाले अभिजीत दीपके वहां आए थे क्या?। पंजाबी हर बार लाठियां खाने के लिए आगे नहीं आ सकते। वहीं जसबीर जस्सी ने सभी पार्टियों को अपील की कि इस मामले को संवेदनशीलता से देखा जाए। इसका राजनीतिकरण न किया जाए। एक्ट्रेस सोनम बाजवा ने इंस्टाग्राम पर टूटे हुए दिल की इमोजी लगाई। जानिए, CJP के आंदोलन पर किसने क्या कहा… दिलजीत दोसांझ बोले- स्टूडेंट्स की बात सुनी जाए दिलजीत दोसांझ ने कहा- आज जो हुआ, बहुत बुरा हुआ। स्टूडेंट्स के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। मेरी अधिकारियों से गुजारिश है कि स्टूडेंट्स की मांगों को सुना जाए। लोगों की आवाज रब की आवाज होती है। मुझ पर पहले ही एंटी नेशनलिस्ट का टैग बहुत बार लग चुका है। अब भी मुझे एंटी नेशनलिस्ट कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे काफी कानूनी दिक्कतें आईं, जिनके बारे में मैं डिस्कस भी नहीं कर सकता। दिलजीत की पोस्ट.. जस्सी जसबीर बोले- प्यार से बात करना चाहिए 'दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी' फेम पंजाबी सिंगर जस्सी जसबीर ने सोशल मीडिया पर लिखा- छात्र आखिरकार हमारे अपने बच्चों की तरह हैं। इसलिए उनसे प्यार और सम्मान के साथ बात की जानी चाहिए। उनकी बात और उनकी चिंताओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। इस पूरे मामले में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। जस्सी ने आगे कहा- छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। इस पोस्ट के साथ उन्होंने भाजपा, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, अभिनेता विजय, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आज तक, राष्ट्रपति भवन और शिक्षा मंत्रालय समेत कई प्रमुख नेताओं, राजनीतिक दलों और संस्थानों को भी टैग किया है। सोनू सूद ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाए पंजाब में मोगा के रहने वाले बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस की लाठियों की नहीं, बल्कि गले लगाने वाले प्यार भरे हाथों और सहानुभूति की ज़रूरत है। सोनू सूद ने शासन और प्रशासन से अपील की कि वे छात्रों के मुद्दों को आक्रामकता के बजाय संवेदनशीलता और बातचीत के साथ हल करने का प्रयास करें। सोनम बाजवा बोलीं- सवाल करना कब से गलत हो गया पंजाबी एक्ट्रेस सोनम बाजवा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, सवाल करना कब से इतना गलत हो गया?" इसके साथ उन्होंने टूटे हुए दिल का इमोजी भी लगाया। हालांकि पोस्ट में उन्होंने किसी व्यक्ति, घटना या विवाद का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे CJP के आंदोलन में हुए लाठीचार्ज से जोड़कर देखा जा रहा है। बब्बू मान बोले- हर बार पंजाबी ही लाठियां क्यों खाएं मशहूर पंजाबी सिंगर बब्बू मान ने कहा कि 1947 के विभाजन से लेकर 1984 और हालिया किसान आंदोलन तक, पंजाबियों ने हर संघर्ष में सबसे आगे रहकर बहुत कुछ सहा और खोया है। जब किसान आंदोलन चल रहा था, तब क्या CJP प्रमुख अभिजीत दीपके उनके समर्थन में आए थे?। मान ने कहा- अगर वे तब साथ नहीं खड़े थे, तो पंजाबियों को अब बिना सोचे-समझे उनके समर्थन में क्यों जाना चाहिए?। पंजाबियों की भी अपनी जिंदगी है और वे हमेशा ही लाठियां खाने के लिए आगे नहीं आ सकते। इसी वजह से कई पंजाबी और वे खुद इस प्रदर्शन का समर्थन नहीं कर रहे हैं।

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नसीरुद्दीन शाह CJP के सपोर्ट में जंतर-मंतर नहीं पहुंचे:दावा गलत, मुंबई के रीगल सिनेमा के बाहर का है वायरल वीडियो

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन के बीच एक्टर नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। दावा किया गया कि वह अपने बेटे विवान शाह के साथ प्रदर्शन के समर्थन में वहां पहुंचे थे। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि नसीरुद्दीन शाह ने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया और चुपचाप एक खंभे के सहारे खड़े होकर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद लौटते छात्रों को देखते रहे। इन दावों के साथ वीडियो को बड़े पैमाने पर शेयर किया गया। हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो दिल्ली का नहीं, बल्कि मुंबई के कोलाबा स्थित रीगल सिनेमा के बाहर का है। यह फुटेज सबसे पहले राजेश गौर नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने शेयर किया था। वीडियो में कैमरा घुमाकर रीगल सिनेमा के बाहर का सीन भी दिखाया गया है, जहां फिल्म 'राजा शिवाजी' और 'पति पत्नी और वो 2' का प्रदर्शन हो रहा था। दूसरी फिल्म में आयुष्मान खुराना, वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह नजर आए हैं। वहीं, वायरल क्लिप में वीडियो का वह हिस्सा हटा दिया गया, जिससे यह साफ होता था कि नसीरुद्दीन शाह थिएटर के बाहर थे, न कि जंतर-मंतर पर। राजेश गौर नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने यह वीडियो पहली बार 15 जुलाई को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था और 20 जुलाई को दोबारा शेयर किया। बाद में सोमवार को इसे इस दावे के साथ वायरल किया गया कि नसीरुद्दीन शाह जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वहीं, खास बात यह है कि सोमवार को ही नसीरुद्दीन शाह का 76वां जन्मदिन था। शबाना आजमी जंतर-मंतर प्रदर्शन में पहुंचीं गौरतलब है कि शबाना आजमी, स्वरा भास्कर और प्रकाश राज जैसे कई सेलेब्स आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे थे। पिछले तीन सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता नेहा, अमीन और मनीष कुमार का अनशन सोमवार को एक्ट्रेस शबाना आजमी और एक्टर प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर खत्म कराया। पूरी खबर यहां पढ़ें भले ही नसीरुद्दीन शाह जंतर-मंतर नहीं पहुंचे, लेकिन उन्होंने CJP के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रिएक्शन दिया था। नसीरुद्दीन शाह ने अपनी पत्नी रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय और अर्थशास्त्री जयती घोष के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया था। उन्होंने बिगड़ती सेहत को देखते हुए सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने का अनुरोध करते हुए कहा था, 'यह लड़ाई एक मैराथन है, कोई स्प्रिंट (छोटी दौड़) नहीं। देश के युवाओं के नेतृत्व के लिए हमें आगे आपकी जरूरत है, इसलिए सेहत बचाना जरूरी है।'

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नसीरुद्दीन शाह CJP के सपोर्ट में जंतर-मंतर नहीं पहुंचे:दावा गलत, मुंबई के रीगल सिनेमा के बाहर का है वायरल वीडियो

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन के बीच एक्टर नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। दावा किया गया कि वह अपने बेटे विवान शाह के साथ प्रदर्शन के समर्थन में वहां पहुंचे थे। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि नसीरुद्दीन शाह ने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया और चुपचाप एक खंभे के सहारे खड़े होकर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद लौटते छात्रों को देखते रहे। इन दावों के साथ वीडियो को बड़े पैमाने पर शेयर किया गया। हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो दिल्ली का नहीं, बल्कि मुंबई के कोलाबा स्थित रीगल सिनेमा के बाहर का है। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह अपने बेटे के साथ सड़क किनारे खड़े दिखाई देते हैं। यह फुटेज सबसे पहले राजेश गौर नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने शेयर किया था। वीडियो में कैमरा घुमाकर रीगल सिनेमा के बाहर का सीन भी दिखाया गया है, जहां फिल्म 'राजा शिवाजी' और 'पति पत्नी और वो 2' का प्रदर्शन हो रहा था। दूसरी फिल्म में आयुष्मान खुराना, वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह नजर आए हैं। वहीं, वायरल क्लिप में वीडियो का वह हिस्सा हटा दिया गया, जिससे यह साफ होता था कि नसीरुद्दीन शाह थिएटर के बाहर थे, न कि जंतर-मंतर पर। वीडियो में रीगल सिनेमा लिखा और 'राजा शिवाजी' व 'पति पत्नी और वो 2' के पोस्टर दिख रहे हैं। राजेश गौर नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने यह वीडियो पहली बार 15 जुलाई को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था और 20 जुलाई को दोबारा शेयर किया। बाद में सोमवार को इसे इस दावे के साथ वायरल किया गया कि नसीरुद्दीन शाह जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वहीं, खास बात यह है कि सोमवार को ही नसीरुद्दीन शाह का 76वां जन्मदिन था। शबाना आजमी जंतर-मंतर प्रदर्शन में पहुंचीं गौरतलब है कि शबाना आजमी, स्वरा भास्कर और प्रकाश राज जैसे कई सेलेब्स आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे थे। पिछले तीन सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता नेहा, अमीन और मनीष कुमार का अनशन सोमवार को एक्ट्रेस शबाना आजमी और एक्टर प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर खत्म कराया। पूरी खबर यहां पढ़ें भले ही नसीरुद्दीन शाह जंतर-मंतर नहीं पहुंचे, लेकिन उन्होंने CJP के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रिएक्शन दिया था। नसीरुद्दीन शाह ने अपनी पत्नी रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय और अर्थशास्त्री जयती घोष के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया था। उन्होंने बिगड़ती सेहत को देखते हुए सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने का अनुरोध करते हुए कहा था, 'यह लड़ाई एक मैराथन है, कोई स्प्रिंट (छोटी दौड़) नहीं। देश के युवाओं के नेतृत्व के लिए हमें आगे आपकी जरूरत है, इसलिए सेहत बचाना जरूरी है।'

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छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की सेलेब्स ने की आलोचना:सलमान के जीजा आयुष बोले- प्रदर्शन में लाठीचार्ज दुखद; भूमि पेडनेकर, अनुराग कश्यप ने भी जताई नाराजगी

सोनू सूद, अनुराग कश्यप, आयुष शर्मा, हुमा कुरैशी और भूमि पेडनेकर समेत बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की आलोचना की है। बॉलीवुड एक्टर और सलमान खान के जीजा आयुष शर्मा ने जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र की असली पहचान सिर्फ वोट नहीं, बल्कि हर नागरिक की आवाज है। उनके मुताबिक, चाहे छात्र हों या देश का कोई भी नागरिक, जब वे अपनी बात रखते हैं तो उसे सुना जाना चाहिए, दबाया नहीं जाना चाहिए। आयुष शर्मा ने कहा कि सरकार ने आखिरकार छात्रों की आवाज सुनी, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को टियर गैस और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए युवाओं को ऐसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ा, जो चिंताजनक है। एक्टर सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'हमारे छात्रों को लाठियां नहीं, गले लगाने वाले हाथ चाहिए।' पुलिस कार्रवाई पर अनुराग ने सवाल उठाए फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, वर्दी पहनने के लिए आत्मा का, आत्मीयता का, सबका सौदा करना पड़ता है। मालूम नहीं था। क्या इस देश में कोई पुलिसवाला है, जो खड़ा होकर बोल सके, 'मैं इस आदेश का पालन नहीं करूंगा, क्योंकि यह गलत है?' हुमा कुरैशी ने लाठीचार्ज को दुखद बताया हुमा कुरैशी ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, आज की तस्वीरें मेरे जहन में लंबे समय तक रहेंगी। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर इतनी बेरहमी और लाठियों का इस्तेमाल होते देख मुझे बहुत दुख हुआ। इसे निश्चित रूप से ज्यादा सब्र, लोगों की बात सुनने और बातचीत के जरिए संभाला जा सकता था। उन्होंने आगे लिखा, हम भारत के लोगों ने ही इस सरकार को चुना है और आज हम सभी को सवाल पूछने और जवाबदेही की उम्मीद करने की जरूरत है। हम एक बहुत बड़ा और विविधताओं वाला देश हैं। जरूरी नहीं कि हम हर मुद्दे पर सहमत हों, लेकिन हम निश्चित रूप से इस बात पर सहमत हो सकते हैं कि बल प्रयोग करने से पहले हर नागरिक की बात सम्मान के साथ सुनी जानी चाहिए। हुमा ने अंत में कहा कि हर उस छात्र और नागरिक का सम्मान है, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मान्यताओं के लिए खड़े होने का फैसला किया। जय हिंद।" एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में लिखा, ‘हिंसा समाधान नहीं है।’ भूमि पेडनेकर बोलीं- हिंसा समाधान नहीं है भूमि ने कहा कि देश का अपने युवाओं के प्रति यह फर्ज है कि वह यह सुनिश्चित करे कि आंदोलन हिंसक न हो और अपने मकसद से न भटके। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र बातचीत से ही बनते हैं। भूमि ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की भी मांग की और पेपर लीक, परीक्षा में विफलता, समान अवसर न मिलना, शिक्षकों की कमी और छात्रों पर पड़ने वाले दबाव जैसे मुद्दों को उठाया, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। यूट्यूबर एल्विश यादव ने भी हिंसा का विरोध करते हुए X अकाउंट पर लिखा, मैं न तो बीजेपी का समर्थक हूं और न ही कांग्रेस का, लेकिन छात्रों के साथ जो हो रहा है, वह पूरी तरह गलत है। जो छात्र अपनी जायज समस्याओं को लेकर सामने आए, उनके साथ हिंसा नहीं होनी चाहिए थी। उनकी बातों को सुना जाना चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे। संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। इसमें 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। CJP ने आरोप लगाया कि निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोल दागे। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की फोटो सामने आईं। पूरी खबर यहां पढ़ें.... संसद भवन के पास से प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें यह खबर भी पढ़ें…. CJP आंदोलन पर आमने-सामने फिल्मी सितारे:शबाना आजमी-प्रकाश राज ने ट्रक पर चढ़कर किया प्रदर्शन, कंगना-हेमा ने कहा- प्रोटेस्ट का मतलब नहीं, उत्पात मचा रहे नीट परीक्षा में गड़बड़ी और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन पर बॉलीवुड दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ जहां शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे सीनियर कलाकार सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसद कंगना रनोट और हेमा मालिनी ने इस प्रदर्शन को गलत बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें….

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