WHAT’S HOT NOW

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 003

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 002

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 001

ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

LIVE LIVE - The Car Festival Of Lord Jagannath | Rath Yatra | Puri, Odisha

Ad Code

Responsive Advertisement

Lorem Ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's.

LIVE - The Car Festival Of Lord Jagannath | Rath Yatra | Puri, Odisha)

PDF Life Edited

PDFLifeEdited - Free Online PDF Compression Tool

PDFLifeEdited

Compress and optimize your PDF files while preserving quality. Perfect for email, web, and storage.

Drag & Drop Your PDF Here

or click to browse files (PDF documents only)

Medium

Downscaling

Quality

Format

0 MB
Original Size
0 MB
Compressed Size
0%
Size Savings

Advertisement

Google AdSense Ad Unit

Ad Unit ID: YOUR_AD_UNIT_ID

Premium Features

Upgrade to Pro for Batch Processing

Unlock premium features

Fast Compression

Compress PDFs in seconds with our optimized algorithm

Secure & Private

All processing happens in your browser - no server uploads

Mobile Friendly

Works perfectly on all devices and screen sizes

High Quality

Maintain document quality while reducing file size

Optimize Your PDFs for Better Performance

PDF compression is essential for efficient document management. Large PDF files can be difficult to share via email, take up unnecessary storage space, and slow down website loading times. Our free online PDF compressor helps you reduce file size without compromising on quality, making your documents more accessible and easier to share.

Compressed PDFs improve your website's performance metrics, which are crucial for SEO. Search engines prioritize websites that offer excellent user experiences, and fast-loading pages are a key component of that. By using our tool, you can ensure your PDFs are optimized for both desktop and mobile viewing.

Our tool includes advanced image optimization options that allow you to reduce the size of images within your PDF documents. You can choose different compression levels, downscaling options, and output formats to achieve the perfect balance between file size and visual quality.

© 2025, Styler Theme. Made with passion by Mr. Gopal Krishna Varik. Distributed by SGK. All Rights Reserved.

Mental Health and the 17th-Century Ship’s Doctor

Mental Health and the 17th-Century Ship’s Doctor JamesHoare

* This article was originally published here

'I was a shopping addict - it needs to be taken more seriously'

People with experience of compulsive buying say more NHS help is needed to tackle the issue.

from BBC News https://ift.tt/o2YwaFh

'I was a shopping addict - it needs to be taken more seriously'

People with experience of compulsive buying say more NHS help is needed to tackle the issue.

from BBC News https://ift.tt/f0Cmogj

Charles de Gaulle is Sentenced to Death

Charles de Gaulle is Sentenced to Death JamesHoare

* This article was originally published here

England triumph is most-watched TV moment of 2025

England's dramatic Euro 2025 final victory against Spain is the most-watched television moment of the year so far, with a peak live audience of 12.2 million across all BBC platforms.

from BBC News https://ift.tt/bjCDq7i

England triumph is most-watched TV moment of 2025

England's dramatic Euro 2025 final victory against Spain is the most-watched television moment of the year so far, with a peak live audience of 12.2 million across all BBC platforms.

from BBC News https://ift.tt/AYi7PvF

Reduce and Seduce at the Teenage Beauty Farm

Reduce and Seduce at the Teenage Beauty Farm JamesHoare

* This article was originally published here

शूटिंग के दौरान अक्षय कुमार को को-एक्टर से चोट लगी,:जैन खान दुर्रानी बोले- उन्होंने गुस्सा नहीं किया, अच्छे से एक्शन करना सिखाया

‘कुछ भीगे अल्फाज', 'शिकारा' और 'बेल बॉटम' जैसी फिल्मों में काम कर चुके एक्टर जैन खान दुर्रानी की हाल ही में फिल्म ‘आंखों की गुस्ताखियां’ रिलीज हुई है। एक्टर ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान अक्षय कुमार की फिल्म ‘बेल बॉटम' से जुड़ा किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक्शन सीन के दौरान अक्षय कुमार को उनके हाथ से चोट लग गई थी। फिर भी अक्षय कुमार ने गुस्सा करने के बजाय उन्हें एक्शन सीन करना सिखाया है। बातचीत के दौरान जैन खान ने और क्या कहा, पढ़िए उन्हीं की जुबानी.. फिल्म ‘बॉर्डर’ देखकर एक्टिंग की प्रेरणा मिली एक बार मुझे स्कूल में परफॉर्म करने के लिए कहा गया। उसी समय मैंने फिल्म ‘बॉर्डर’ देखी थी। उसी फिल्म का एक सीन परफॉर्म कर दिया। सभी ने खूब तारीफ की। मुझे लगता है कि परफॉर्मिंग आर्ट का बीज वहीं पर जन्म लिया। मेरी मम्मी भी कॉलेज के समय नाटक करती थीं। उस वजह से भी एक्टिंग कहीं ना कहीं मेरे खून में था। 9वीं कक्षा में मैंने खुद एक नाटक लिखा, डायरेक्ट किया और उसमें लीड रोल किया। जम्मू कश्मीर में राज्य स्तर की प्रतियोगिता में इस नाटक का विनर रहा। धीरे- धीरे मेरे अंदर एक्टिंग के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता गया। लॉ या फिर यूपीएससी की तैयारी करने की सोच रहा था कॉलेज की पढ़ाई करने दिल्ली आ गया। उस दौरान मैंने नाटक नहीं किए। कॉलेज वालों को भी नहीं पता था कि नाटकों में मेरी दिलचस्पी है। मैं लॉ या फिर यूपीएससी की तैयारी करने की सोच रहा था। मेरे पेरेंट्स भी यही चाहते थे। मैंने पापा से कहा कि दो साल का समय दो मैं मुंबई घूमकर आता हूं। ‘कुछ भीगे अल्फाज’ में मिला पहला ब्रेक मैं 2014 में मुंबई आ गया। ऑडिशन देना शुरू किया तो मुझे बहुत मजेदार जर्नी लगी। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि बहुत स्ट्रगल कर रहा हूं। मेरे पेरेंटस मुझे सपोर्ट कर रहे थे। मुझे पहली बार फिल्म ‘कुछ भीगे अल्फाज’ में काम करने का मौका मिला। यह फिल्म 2018 में रिलीज हुई। यह बहुत ही प्यारी फिल्म थी अभी भी मुझे इस फिल्म के लिए मैसेज आते रहते हैं। इस फिल्म का किरदार मेरी जिंदगी के बहुत करीब था। रेडियो में ‘लम्हे विद जैन’ होस्ट किया ‘कुछ भीगे अल्फाज’ की वजह से मुझे 9.7 एफएम रेडियो में ‘लम्हे विद जैन’ होस्ट करने का मौका मिला। उस समय रेडियो पर कहानी सुनाने का ट्रेंड चल रहा था। यह सिलसिला साल भर चला। विधु विनोद चोपड़ा का मुझ पर बहुत प्रभाव पड़ा विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘शिकारा’ के लिए अपनी पहली फिल्म ‘कुछ भीगे अल्फाज’ के समय ऑडिशन दिया था। उसी दौरान मेरी मुलाकात विनोद सर से हुई थी। वो कोई भी फिल्म थोड़ा समय लेकर बनाते हैं। पहली फिल्म के रिलीज के बाद ‘शिकारा’ की शूटिंग शुरू हुई थी। वो कश्मीर से हैं जहां से मैं हूं। वह भी मेरी तरह पंजाबी स्पीकिंग फैमिली से आते हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में बहुत अच्छा काम किया है। मुझ पर उनका बहुत प्रभाव है। विनोद सर ने ‘कागज के फूल’ पढ़ने को दी ‘शिकारा’ की शूटिंग के दौरान विनोद सर को देखता रहता था। उससे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला जिसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। वो अपने काम में पूरी तरह से डूबे रहते हैं और बहुत ही खुशी से काम करते हैं। मुझे पढ़ने का बहुत शौक है। मैं दूसरों की भी स्क्रिप्ट पढ़ने लगता हूं। विनोद सर ने मुझे ‘कागज के फूल’ की स्क्रिप्ट पढ़ने को दी थी। डेढ़ दिन में ही स्क्रिप्ट पढ़कर उनको बताया तो बहुत खुश हुए। अक्षय सर ने एक्शन सिखाया अक्षय सर अपने काम की बहुत इज्जत करते हैं। मैंने उनके साथ फिल्म ‘बेल बॉटम’ में काम किया था। वो वैनिटी वन में बहुत ही कम बैठते हैं। समय से आते जाते थे। सेट पर प्रोड्यूसर को कभी इंतजार नहीं करवाया। मैंने उस फिल्म में विलेन की भूमिका निभाई थी। फिल्म में पहली बार मैं एक्शन सीन कर रहा था। एक एक्शन सीक्वेंस के दौरान मेरा हाथ उन्हें जोर से लग गया। उन्होंने बहुत प्यार से मुझे समझाया कि सीन कैसे करना है? जबकि वह काम एक्शन डायरेक्टर का था। अक्षय सर न्यूकमर के लिए ब्लेसिंग हैं एक सीन में मुझे दरवाजे पर जोर से धक्का मारना था। उस सीन में अक्षय सर की जरूरत नहीं थी फिर भी पैर में पैड बांधकर दरवाजे के पीछे खड़े थे। एक सीन में जीप से छलांग लगाना था जिसे उनके डुप्लीकेट पर फिल्माया जा सकता था, लेकिन वह शॉट भी उन्होंने खुद ही किया। उनको देखकर न्यूकमर को बहुत कुछ सीखने को मिलती है। वो न्यूकमर के लिए ब्लेसिंग हैं। अक्षय की नानी कश्मीर से थीं जब मैंने उनको बताया कि मैं कश्मीर से हूं तब वो बोले कि उनकी नानी कश्मीर की थीं। अक्षय सर बहुत ही प्यार से लोगों के साथ पेश आते हैं। शूटिंग के दौरान माहौल को इतना सहज बना देते हैं कि पता ही नहीं चलता है कि हम लोग शूटिंग कर रहे हैं। उनके साथ काम करने का बहुत ही मजेदार अनुभव रहा और बहुत कुछ सीखने को मिला। ‘मुखबिर’ ने ओटीटी पर दी पहचान फिल्म ‘बेल बॉटम’ की शूटिंग जैसे ही खत्म हुई, जी5 के शो मुखबिर: द स्टोरी ऑफ ए स्पाई' में में काम करने का ऑफर आया। इसमें मैंने एक भारतीय जासूस हरफन बुखारी का किरदार निभाया था। जब उसे पाकिस्तान में जासूसी करने के लिए भेजा जाता है, तब अपना नाम कामरान बख्श रख लेता है। इस सीरीज से मुझे अलग पहचान मिली। इसमें प्रकाश राज सर के साथ काम करने एक अलग ही अनुभव मिला है। वो कई भाषाएं बोल लेते हैं। हर अच्छे काम का फायदा देर सबेर मिलता ही है हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘आंखों की गुस्ताखियां में जैन खान दुर्रानी, अभिनव के किरदार में दिखे हैं। वह कहते हैं- हर अच्छे काम का फायदा देर सबेर मिलता ही है। लोग ऐसे लोगों को देखना पसंद करते हैं जिनके बारे में उन्हें पता है कि कुछ अलग करेगा। आज भी लोगों के ‘कुछ भीगे अल्फाज’, ‘शिकारा’ और ‘बेल बॉटम’ के लिए मैसेज आते हैं। पेशेंस बहुत जरूरी है चुनौतियां तो बहुत आती हैं, लेकिन पेशेंस बहुत जरूरी है। कई बार ऐसा होता है कि किसी प्रोजेक्ट को बहुत दिल से चाहते हैं, लेकिन वह शुरू नहीं हो पाता है। कोविड के दौरान बहुत चुनौतियां आईं। ऐसा लगता था कि सब कुछ बंद होने वाला है, लेकिन चुनौतियों के साथ उसका निवारण भी आता है। कोविड के दौरान ही ‘बेल बॉटम’ का ऑफर आया था। अभी कुछ फिल्में और वेब सीरीज की शूटिंग पूरी की है। देखते हैं कब रिलीज होती है।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/ytSnvMU
via IFTTT

संजय दत्त @66, 308 से ज्यादा अफेयर का दावा,:तीन शादियां, रेखा लगाती हैं इनके नाम का सिंदूर अफवाह, खलनायक बनकर इंडस्ट्री में राज किया

29 जुलाई 1959 को सुनील दत्त और नरगिस के घर जन्मे संजय दत्त ने अपनी दमदार एक्टिंग से दुनियाभर के दर्शकों का दिल जीता है। बतौर बाल कलाकार अपने पिता के बैनर तले बनी फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ से करियर की शुरुआत करने वाले संजय दत्त ने तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बनाई है। नाम, काम, प्यार, विवाद संजय दत्त के जीवन के अहम पहलू रहे हैं। उन्हीं में से उनके जीवन के एक खास पहलू प्यार को आज उनके जन्मदिन पर करीब से जानने की कोशिश करेंगे। कभी संजय के अफेयर की चर्चा जोरों पर थी। बताया जाता है कि उनके 308 से ज्यादा लड़कियों से अफेयर रहे हैं। टीना मुनीम, माधुरी दीक्षित और रेखा जैसी अभिनेत्रियों के साथ उनका नाम जुड़ चुका है। यह भी कहा जाता है कि उन्होंने रेखा से शादी भी कर ली थी। रेखा, संजय दत्त के नाम का सिंदूर लगाती हैं। आखिर इसके पीछे सच्चाई क्या है? आए जानते हैं। संजय दत्त से रेखा ने मंदिर में शादी की! रेखा और संजय दत्त फिल्म ‘जमीन आसमान’ में साथ नजर आए थे। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रेखा से मंदिर में जाकर शादी कर संजय दत्त से शादी कर ली थी। दोनों कई हफ्ते तक घर से गायब रहें। दोनों ने अपने घर में किसी को कुछ नहीं बताया। जैसे ही रेखा और संजय दत्त की शादी की बात सुनील दत्त को पता चली तो वो बहुत नाराज हुए। उन्होंने संजय दत्त को ढूंढा और उनकी शादी रिचा शर्मा से करवा दी। रेखा संजय दत्त से करीब 5 साल बड़ी हैं। उन्होंने रेखा को संजय से दूर रहने की सलाह दी थी। क्या अभी भी रेखा, संजय दत्त के नाम का सिंदूर लगाती हैं? इसे जानने से पहले संजय दत्त की तीन चर्चित शादियों के बारे में जानते हैं। एक्ट्रेस ऋचा शर्मा थीं संजय दत्त की पहली पत्नी संजय दत्त की ऋचा शर्मा से शादी 1987 में हुई। ऋचा और संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त न्यूयॉर्क में रहती हैं। शादी के बाद ऋचा को कैंसर हो गया। उन्होंने इस बीमारी का इलाज अमेरिका में कराया। उनकी तबीयत में सुधार भी आया। हालांकि बाद में फिर से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और 32 साल की उम्र में 10 दिसंबर 1996 को निधन हो गया था। ऋचा शर्मा ने देवानंद की फिल्म 'हम नौजवान' के अलावा 'अनुभव', 'इंसाफ की आवाज', 'सड़क छाप' जैसी फिल्मों में काम किया था। दूसरी पत्नी से 10 साल के बाद तलाक हुआ रिचा के निधन के बाद संजय की जिंदगी में मॉडल रिया पिल्लई आईं। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। वे एक-दूसरे के करीब उस समय आए थे, जब संजय को मुंबई ब्लास्ट केस में जेल जाना पड़ा। उस समय रिया ने संजय का साथ नहीं छोड़ा। संजय ने अपने मुश्किल समय में रिया पिल्लई को साथ देखा और उनका यही स्वभाव संजय के दिल को भा गया। जेल से बाहर आने के बाद संजय ने वैलेंटाइन डे के मौके पर रिया को प्रपोज किया और 14 फरवरी 1998 शादी कर ली। शादी टूटने के लिए संजय को जिम्मेदार ठहराया गया शादी के बाद संजय दत्त ने एक साथ कई फिल्में साइन कर ली और शूटिंग में बिजी हो गए। इसकी वजह से वो रिया को समय नहीं दे पा रहे थे। इसकी वजह से दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी और शादी के दस साल के बाद 2008 में तलाक हो गया। शादी टूटने के लिए संजय को जिम्मेदार ठहराया, जिससे वह लोगों की नजरों में विलेन बन गए। हालांकि कुछ जानकारों का मानना है कि संजय दत्त उस समय मान्यता के करीब आ गए थे तो रिया टेनिस प्लेयर लिएंडर पेस को डेट करने लगीं। दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए और तलाक का केस फाइल कर दिया। यासिर उस्मान ने अपनी किताब ‘द क्रेजी अनटोल्ड स्टोरी ऑफ बॉलीवुड बैड बॉय संजय दत्त’ में इस बात का जिक्र किया है कि उस वक्त बॉलीवुड में सभी को लग रहा था कि संजय दत्त ने धोखा दिया गया है, लेकिन संजय दत्त ने तलाक के बदले रिया पिल्लई को बांद्रा में दो फ्लैट भी दिए। वहीं, अपनी दो कंपनियों देजा वू एंटरटेनमेंट और ग्लोबल एंटरटेनमेंट के शेयर भी रिया के नाम कर दिए थे। तीसरी शादी मान्यता से दूसरी पत्नी रिया पिल्लई से तलाक के बाद संजय दत्त ने तीसरी शादी मान्यता से 7 फरवरी, 2008 को गोवा के ताज एक्सोटिका में की। शादी के 2 साल कपल ने 21 अक्टूबर 2010 को अपने खूबसूरत जुड़वां बच्चों शाहरान (बेटा) और इकरा (बेटी) का स्वागत किया। बताया जाता है कि संजय और मान्यता की शादी में संजय की बहनें नहीं शामिल हुईं और न ही मान्यता को अपनी भाभी के रूप में स्वीकार किया। हालांकि पिछले कुछ सालों में चीजें बदल गई हैं। अब मान्यता का अपनी ननदों के साथ बहुत अच्छा रिश्ता है। कौन हैं मान्यता दत्त? मान्यता दत्त का असली नाम दिलनवाज शेख हैं। प्रकाश झा की फिल्म ‘गंगाजल’ में मान्यता ने आइटम नंबर किया था। इस फिल्म में उनके आइटम सॉन्ग 'चौक चौराहे' और 'अल्हड़ जवानी' काफी पॉपुलर हुए थे। मान्यता ने बी और सी ग्रेड की कुछ फिल्मों में भी काम किया था। शादी के बाद उन्होंने न सिर्फ अपना नाम बदला बल्कि इंडस्ट्री को भी हमेशा के लिए छोड़ दिया। अब वो संजय दत्त प्रोडक्शंस की सीईओ हैं। एक साथ तीन महिलाओं को डेट किया संजय दत्त की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। इसी लिए तो राजकुमार हिरानी ने उनकी जिंदगी पर फिल्म ‘संजू’ बना दी। फिल्म संजू में बताया गया था कि संजय दत्त के 308 से ज्यादा अफेयर्स रहे हैं। हालांकि इस पर खुद संजय दत्त ने कभी कुछ कहा नहीं, सिवाय इसके कि यंग एज में उनके अफेयर्स रहे हैं। इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान संजय दत्त ने कहा था कि उन्होंने एक साथ तीन महिलाओं को डेट किया था। बता दें कि संजय दत्त का नाम टीना मुनीम, रेखा, माधुरी दीक्षित और लीजा रे जैसी एक्ट्रेसेस के साथ नाम जुड़ चुका है। टीना मुनीम को लेकर बहुत पैशनेट थे टीना मुनीम और संजय दत्त बचपन के दोस्त थे और 80 के दशक में वो एक-दूसरे के करीब आ गए। संजय दत्त ने एक बार 'स्टारडस्ट' से बातचीत में टीना मुनीम के लिए अपनी फीलिंग्स जाहिर की थीं। उन्होंने कहा था कि वह टीना को लेकर बहुत पैशनेट थे। वह उनकी जिंदगी में बहुत अहमियत रखती थीं। संजय दत्त की साली ने माधुरी को 'घर तोड़ने वाली' बताया था बताया जाता है कि संजय दत्त और माधुरी दीक्षित फिल्म 'साजन' की शूटिंग के दौरान एक दूसरे के बेहद करीब आ गए थे। एक्टर की पहली पत्नी रही ऋचा शर्मा उन दिनों कैंसर से जूझ रही थीं और वे बीमारी के दिनों में अमेरिका अपने पेरेंट्स के पास आ गई थीं। एक तरफ संजय दत्त अपनी पहली पत्नी ऋचा से दूर थे, तो वहीं दूसरी तरफ उनकी माधुरी संग नजदीकियां बढ़ रही थीं। ऋचा शर्मा की बहन ने माधुरी पर गंभीर आरोप लगाते उन्हें 'घर तोड़ने वाली' बताया था और कहा था कि वह इंसान नहीं है क्योंकि उसने मेरी बहन का घर तोड़ा है। हालांकि जब संजय दत्त का नाम मुंबई बम ब्लास्ट केस के दौरान घर में अवैध हथियार रखने के लिए सामने आया तब माधुरी ने एक्टर से दूरी बना ली और दोनों का ब्रेकअप हो गया था। क्या संजय दत्त के नाम का सिंदूर लगाती हैं रेखा? कुछ साल पहले लेखक यासिर उस्मान की लिखी किताब ‘रेखा द अनटोल्ड स्टोरी’ का हवाला देकर संजय दत्त के साथ रेखा की शादी की बात छपी थी। दावा किया गया था कि रेखा आज भी संजय दत्त के नाम का सिंदूर लगाती हैं। यह खबर खूब सुर्खियों में रही। अमिताभ को जलाने के लिए संजय दत्त से नजदीकियां बढ़ाई थीं कुछ वेबसाइट में किताब का हवाला देते हुए खबर छपी थी कि जब अमिताभ रेखा से दूर चले गए थे और विनोद मेहरा से उनकी शादी टूट गई थी तो वो बहुत अकेली हो गई थीं। उसी दौरान संजय दत्त के साथ रेखा फिल्म ‘जमीन आसमान’ में काम कर रही थीं। दोनों एक दूसरे के करीब आए और शूटिंग खत्म होते-होते शादी कर ली। खबर के मुताबिक रेखा ने ये भी मान लिया कि उन्होंने अमिताभ बच्चन को जलाने के लिए संजय दत्त से नजदीकियां बढ़ाई थीं। रेखा ने सिंदूर लगाना फैशन माना था रेखा ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी के रिसेप्शन में मांग में सिंदूर लगाकर पहुंची थीं। तब हर किसी की नजर रेखा के सिंदूर पर ठहर गई थी। रेखा के सिंदूर को अमिताभ बच्चन से भी जोड़ा गया था, लेकिन जब चर्चा बढ़ने लगी तो रेखा ने सिंदूर पर सफाई देते हुए कहा था कि वो जहां से आती हैं वहां सिंदूर लगाना फैशन माना जाता है। किताब के लेखक का दावा बहरहाल, अब बात करते हैं उस किताब के बारे में जिसको आधार बनाकर रेखा के साथ संजय दत्त के रिश्ते की चर्चा हुई। यासिर उस्मान की लिखी किताब ‘रेखा द अनटोल्ड स्टोरी’ 15 अगस्त 2016 को लोगों के बीच आई थी। उस किताब के बारे में दावा किया जाता है कि रेखा की जिंदगी पर लिखी गई किताबों में ये सबसे विश्वसनीय और सही है। किताब के लेखक यासिर उस्मान ने उन खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि 'किसी एक वेबसाइट ने शरारत करते हुए खबर छापी उसके बाद देश की तमाम बड़ी मनोरंजन वेबसाइट्स ने इस खबर को बिना किसी पड़ताल के छाप दिया। किताब में अफवाह का किया गया खंडन रेखा द अनटोल्ड स्टोरी के पेज नंबर 162 पर लिखा है कि 1984 में एक दिन, पता नहीं कहां से, ये खबर उड़ी कि रेखा ने संजय दत्त से शादी कर ली है। हालांकि सच ये था कि संजय दत्त एक खराब दौर से गुजर रहे थे और रेखा उनकी मदद करने की कोशिश कर रही थीं। उस समय दोनों की साथ में फिल्म ‘जमीन आसमान’ भी रिलीज हो रही थी। इस फिल्म को भी इन अफवाहों से थोड़ा बहुत फायदा मिला। संजय ने बाद में इस कथित शादी का आधिकारिक रूप से खंडन कर दिया था। किताब में न ही उनके घर से भागने के बारे में कुछ लिखा है और सिंदूर शब्द का तो इस्तेमाल तक नहीं किया गया है। हालांकि इस अफवाह का जिक्र जरूर था जिसका खंडन किताब में किया गया था। नायक नहीं, खलनायक बन कर दर्शकों के दिलों पर राज किया जिंदगी में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद संजय दत्त ने बॉलीवुड में जो मुकाम हासिल किया है, वह किसी आम एक्टर के लिए आसान नहीं था। अपने दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से संजय दत्त ने बॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई है। संजय दत्त ने अपने करियर में विभिन्न प्रकार के किरदारों को निभाया है, लेकिन उनके खलनायक और गैंगस्टर वाले किरदारों को विशेष रूप से सराहा गया है। उनकी संवाद अदायगी की शैली ने उन्हें एक लोकप्रिय और यादगार अभिनेता बना दिया है। ______________________________________________________________________________ बॉलीवुड की यह खबर भी पढ़ें.. यूलिया वंतूर @45, शादीशुदा होने का दावा:सलमान संग रिश्ते पर कहा था- कुछ बातें छुपाकर रखना जरूरी, पेरेंट्स को हमारी फिक्र रहती है सलमान खान की रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर का बॉलीवुड में करियर बनाने का कोई प्लान नहीं था। वो रोमानिया में ही अपने करियर को संवार रही थीं, लेकिन सलमान खान से डबलिन में 'बॉडीगार्ड' की शूटिंग के दौरान हुई मुलाकात हुई के बाद उन्होंने मुंबई आने का फैसला किया। बताया जाता है कि सलमान खान ने ही यूलिया वंतूर को मुंबई बुलाया था। 2011 में यूलिया अपने बॉयफ्रेंड के साथ मुंबई आईं, लेकिन दोनों का ब्रेकअप हो गया। इसके बाद सलमान खान ने उनकी बहुत मदद की। पूरी खबर पढ़ें....

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/5KuPX2V
via IFTTT

Disappointed Drake fans: 'I flew from Florida just for this'

One US fan told the BBC she had planned a Europe road trip around the postponed show at Co-op Live.

from BBC News https://ift.tt/YFTUCpZ

Disappointed Drake fans: 'I flew from Florida just for this'

One US fan told the BBC she had planned a Europe road trip around the postponed show at Co-op Live.

from BBC News https://ift.tt/bFhoNnO

‘José Martí Reader: Writings on the Americas’ review

‘José Martí Reader: Writings on the Americas’ review JamesHoare

* This article was originally published here

जेमी लीवर से कपड़े उतारने की मांग की गई थी:वीडियो कॉल पर ऑडिशन लिया जा रहा था, एक्ट्रेस ने आपबीती सुनाई

कॉमेडियन जॉनी लीवर की बेटी और एक्ट्रेस जेमी लीवर ने एक ऑडिशन के नाम पर हुए अपने बुरे अनुभव को शेयर किया है। जेमी ने बताया कि उनसे एक वीडियो कॉल पर कपड़े उतारने को कहा गया था। यह घटना तब की है जब जेमी के पास कोई मैनेजर नहीं था और वह खुद ही काम के लिए संपर्क कर रही थीं। जूम को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनका नंबर कई कास्टिंग एजेंट्स के पास पहुंच गया था। एक दिन उन्हें एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म का डायरेक्टर बताया। उसने कहा कि वह एक फिल्म के लिए ऑडिशन ले रहा है और उन्हें हिस्सा बनना है या नहीं, यह पूछा। जेमी ने बताया कि ऐसे मौके हमारे लिए बहुत मायने रखते हैं, इसलिए मैंने तुरंत हां कर दिया। फिर उस व्यक्ति ने बताया कि ऑडिशन वीडियो कॉल पर होगा। उन्हें डायरेक्टर से बात करनी होगी। जेमी ने आगे कहा, “उसने कहा कि स्क्रिप्ट नहीं भेजेंगे, क्योंकि वे चाहते हैं कि ऑडिशन में थोड़ी इम्प्रोवाइजेशन हो।” कुछ देर बाद जेमी को वीडियो मीटिंग का लिंक मिला। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उनकी वीडियो चालू हो गई। दूसरी तरफ के व्यक्ति ने कहा कि वह सफर में है, इसलिए वीडियो ऑन नहीं कर सकता। जेमी को उस व्यक्ति ने कहा, “हम एक इंटरनेशनल फिल्म कास्ट कर रहे हैं और आप इस किरदार के लिए फिट हैं, लेकिन कुछ चीजें हैं जिन्हें हम टेस्ट करना चाहते हैं।” इसके बाद जेमी को बताया गया कि यह एक बोल्ड कैरेक्टर है और उन्हें इसमें कॉमेडी नहीं करनी होगी। जेमी ने पूछा कि उन्हें करना क्या है? जेमी से उसने कहा कि एक सीन सोचें जिसमें वह एक 50 साल के आदमी को लुभाने की कोशिश कर रही हैं और फिर बोला कि अंत में सीन इंटिमेट हो जाएगा। जेमी ने जवाब दिया, “मैं इस तरह के सीन में सहज नहीं हूं। अगर स्क्रिप्ट हो तो मैं उसे फॉलो करूंगी।” उस व्यक्ति ने कहा, “कोई स्क्रिप्ट नहीं है। यह इम्प्रोवाइजेशन है। अगर आप कपड़े उतारना चाहें, कुछ बोलना या करना चाहें, तो आप आजाद हैं।” जेमी ने कहा- मैं स्ट्रिप नहीं कर सकती जैसे ही जेमी ने 'स्ट्रिप' शब्द सुना, उन्हें शक हो गया। उन्होंने कहा, “स्ट्रिप? मुझे इसके बारे में किसी ने कुछ नहीं बताया। मैं यह करने में सहज नहीं हूं।” शख्स ने जेमी से कहा, “यह बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। हम सच में आपको कास्ट करना चाहते हैं। यह आपके लिए बहुत अच्छा मौका है।” जेमी ने कहा, अगर आप इस कॉल पर मुझे स्ट्रिप करने को कह रहे हैं तो मैं यह नहीं कर सकती और मुझे इसके बारे में बताया भी नहीं गया था। मुझे अब आपसे बात करने में भी असहज लग रहा है। इसके बाद उन्होंने वीडियो तुरंत काट दिया। कॉल काटने के बाद जेमी को समझ आया कि यह एक बड़ा स्कैम हो सकता था। जेमी ने आगे कहा, मुझे एहसास हुआ कि अगर मैंने कुछ भी मासूमियत में किया होता तो वे उसका वीडियो बना सकते थे। मुझे ब्लैकमेल कर सकते थे, परेशान कर सकते थे। जेमी ने यह भी कहा कि यह अच्छा हुआ कि उन्हें वक्त रहते समझ आ गया और वह इस कॉल से बाहर आ गईं। जेमी ने कहा कि सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि यह जानते हुए भी कि वह जॉनी लीवर की बेटी हैं, उस शख्स ने उन्हें फंसाने की कोशिश की।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/BN2vu5w
via IFTTT

American musical satirist Tom Lehrer dies at 97, US media report

Lehrer, a Harvard-trained mathematician, wrote darkly humorous songs, often with political connotations.

from BBC News https://ift.tt/mOMNZLk

Beyoncé reunites Destiny's Child at final Cowboy Carter show

The trio surprised fans with a medley of some of their biggest hits, including Lose My Breath and Bootylicious.

from BBC News https://ift.tt/p7mU91u

Ancient Hawaiian petroglyphs exposed on Oahu shore

Large ancient Hawaiian petroglyphs that have been hidden under the sands of Oahu’s western Waianae Coast for years have reemerged due to shifting of sediment in the waves. The petroglyphs were carved into the shoreline sandstone 1,000 years ago in front of what is now the Pililaʻau Army Recreation Center.

U.S. Army Garrison Hawaii’s cultural resources team documented the petroglyphs. They counted 26 of them over 131 feet of beach. Most of the carvings are anthropomorphic stick figures, either of them appearing to have male characteristics; others are geometric or abstract shapes. The largest of the petroglyphs is more than eight feet tall and eight feed wide and two of the large stick figures have fingers, which is unusual for this type of petroglyph.

“When I looked at the petroglyphs here, I seen a very significant petroglyph. That was with the one with the fingers going down. Or the one going up,” Native Hawaiian Glen Kila said in a 2017 interview with the U.S. Army. His family can trace its ancestry on this coastline to “the beginning of time and from the time of the first migration [of Polynesians to Hawaii].”

“My interpretation, just by looking at it was interpretation of Maui, the demigod, Maui,” Kila continued. Maui is a legendary figure in Hawaiian mythology known for his large size and strength. With his magic fishhook, he pulled the Hawaiian Islands out of the ocean in one story and snared the sun in another.

“Because he played a role in our mo’olelos [stories] over here. And the reason why I say that because the way the fingers are from the east is like the rising sun to the setting sun. So it’s a religious symbol. Like what we have for Christianity, the cross or the other symbols.”

Moʻolelo encompass mythology, fictionalized stories and non-fiction accounts of the history of the place. Before the arrival of Protestant missionaries in the 1820s, mo’olelo were transmitted orally as there was no written Hawaiian language until the missionaries devised a writing system using the Latin alphabet. The petroglyphs were a visual medium to convey the traditional oral histories.



* This article was originally published here

Music venues to be protected from noise complaints

It will also be easier to open new pubs in disused shops under licensing reforms planned by the government.

from BBC News https://ift.tt/XrvRHSg

Bend It Like Beckham sequel in the works, director tells BBC

The British classic's director spoke to the BBC about the plans ahead of the Euros final on Sunday.

from BBC News https://ift.tt/ZI6JbBL

Bend It Like Beckham sequel in the works, director tells BBC

The British classic's director spoke to the BBC about the plans ahead of the Euros final on Sunday.

from BBC News https://ift.tt/EZbV3Wm

Remains of extra tall warrior found in Bronze Age kurgan

A Middle Bronze Age burial mound containing the remains of man of impressive height has been discovered in Azerbaijan. Preliminary examination of his skeleton estimate his height at 6’7″ (2 meters), and he was buried in a semi-flexed position holding a four-pronged bronze spearhead in his hand, an exceptionally rare find not just in Azerbaijan, but in the whole South Caucasus region. The weapon and his burial posture indicate he was a warrior in life and buried according to specific rituals fitting his position.

The burial mound (known as a kurgan on the steppe of Eastern Europe and central Asia) is in the Keshikchidagh historical and cultural reserve area on the Ceyranchol plain near Azerbaijan’s western border. It is more than 90 feet across and 6’7″ high, but was only discovered on the windswept plain this summer when the area was surveyed as part of a five-year project of archaeological summer schools that has seen almost 2,000 professional archaeologists, professors, secondary school history teachers, undergraduate and graduate students and volunteers systematically explore the Keshikchidagh reserve.

The kurgan dates to about 1800 B.C. and contains a burial chamber that was divided into three parts by stone walls. In the main section were body of the deceased and his funerary furnishings, including the spearhead, bronze jewelry around one ankle, glass beads, obsidian tools and 12 inlaid and carved ceramic pots decorated with dot and line motifs. The jars contained the bones of cooked animals including goat, cow, horse and boar that archaeologists believe were offerings of food for the deceased to enjoy in the afterlife. The second section of the burial chamber contained only pottery, while the third section was empty.

Above the kurgan just a foot and a half below the surface, the team unearthed 14 limestone slabs, each weighing a literal ton and measuring two feet wide by 6’5″ long. There was also a massive stone idol of a bull, but it has been so eroded by 4,000 years on the plain that it’s hard to make out its features.

Every artifact was documented and professional sketched in situ. Even the fragmented objects were reconstructed at the site to record the find as close to its original condition in its original context as possible. The recovered archaeological remains will now be studied by an international team of researchers. They plan to conduct radiocarbon dating, stable isotope analysis, metallurgic analysis and mineralogical composition studies.



* This article was originally published here

बेटे की शादी टूटने से किशोर कुमार को झटका लगा:लड़की पहले से शादीशुदा निकली, जिससे रिश्ता टूटा और सिंगर को हार्ट अटैक आया

सिंगर किशोर कुमार के गानों में हमेशा ऊर्जा और खुशी रहती थी, लेकिन निजी जीवन में उन्होंने कई मुश्किलों का सामना किया। बेटे की शादी टूटने के बाद किशोर कुमार को पहला दिल का दौरा पड़ा था। रेडियो नशा से बातचीत में किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने बताया कि 1981 में उनकी शादी तय हुई थी। वह कोलकाता की एक लड़की से अरेंज मैरिज करने वाले थे। पिता किशोर इस शादी को लेकर काफी खुश थे। अमित ने बताया कि किशोर ने तय किया था कि शादी के बाद वह मुंबई छोड़कर अपने होमटाउन खंडवा में बस जाएंगे हांलाकि, शादी से ठीक दस दिन पहले पता चला कि जिस महिला से अमित की शादी होने जा रही थी, वह पहले से शादीशुदा थी। कार्ड्स भी छप चुके थे। इस खबर से किशोर को बड़ा झटका लगा था। अमित ने बताया, "पापा यह सब सहन नहीं कर पाए। उन्होंने उसी दिन कोलकाता जाने की जिद की, जिस दिन मेरी शादी तय थी। वह बोले- 24 जनवरी को मैं कोलकाता जाऊंगा और तुम्हारे लिए लड़की ढूंढूंगा।" अमित ने उन्हें मना किया, लेकिन किशोर नहीं माने। उन्होंने फ्लाइट ली, कोलकाता पहुंचे और वहीं उन्हें दिल का दौरा पड़ा। जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। किशोर कुमार की तबीयत इसके बाद खराब रहने लगी। 1987 में 58 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/1w9T5Or
via IFTTT

Gregg Wallace 'sorry' but says he's 'not a groper'

The former presenter was sacked after 45 allegations against him were upheld by a review.

from BBC News https://ift.tt/5CjhiNJ

‘Saving’ South Africa’s San Peoples

‘Saving’ South Africa’s San Peoples JamesHoare

* This article was originally published here

पापा से झगड़कर थिएटर को चुना,नाम-शक्ल पर हंसे लोग:बच्चों की फीस तक देने के पैसे नहीं थे, फिर पंचायत के माधव बनकर छाए बुल्लू कुमार

महान नाटककार विलियम शेक्सपियर ने कहा था, ‘नाम में क्या रखा है। काम अच्छा होना चाहिए।’ इस लाइन को चरितार्थ कर दिखाया नाटक के जुनून के लिए लिए पिता से झगड़ा और परिवार को उसके हाल पर छोड़ने वाले और अब पंचायत के माधव से घर-घर पहचान बनाने वाले बुल्लू कुमार ने। बुल्लू बचपन में ही आर्ट और मंच से दिल लगा बैठे। थिएटर और एक्टिंग को लेकर ऐसा पागलपन कि कभी रोजी-रोटी की फ्रिक ही नहीं सताई। इसका नतीजा खुद भी भुगता और घरवालों ने भी सहा। आस-पास के लोगों का मानना था कि साधारण नाम और साधारण शक्ल-सूरत लेकर कोई एक्टर नहीं बनता है, लेकिन आज बुल्लू कुमार ने अपनी अदाकारी से उन तमाम बातों को गलत साबित कर दिया है। आज की सक्सेस स्टोरी में बुल्लू कुमार की कहानी… पांचवीं क्लास में मैंने अपना नाम ही बदल दिया मैं बिहार के नवादा जिले के एक बहुत ही खूबसूरत गांव गोंदर बीघा से आता हूं। पिताजी खेती-किसानी करते थे। उन्होंने हम दोनों भाइयों का नाम भगत और चंद्रशेखर रखा था। मेरा असली नाम चंद्रशेखर कुमार था। पांचवीं तक लोग मुझे इसी नाम से जानते थे। गांव-घर में पुकार का नाम बुल्लू था। पांचवीं में ही था, जब मुझे नाम को लेकर एक उलझन महसूस हुई। तो हुआ कुछ यूं कि बाहर से जब भी चिट्ठी आती तो लोगों का असली नाम उस पर लिखा होता था। एक बार मेरे घर में किसी के लिए चिट्ठी आई। उस पर शैलेंद्र लिखा था। मुझे उसे देखकर लगा कि इस नाम का तो घर में कोई है ही नहीं। बाद में पता चला कि हम लोग जिसे शालो दादा कहते थे, उनका असली नाम शैलेंद्र है। तभी मैंने तय किया अब से मेरा पुकार और बाहर दोनों जगह एक ही नाम बुल्लू कुमार होगा। नाम में क्या रखा है। अगर अच्छा काम करूंगा तो मेरे नाम का अच्छा मतलब निकलेगा। अगर गलत किया तो कोई भी नाम हो, मतलब गलत ही निकलेगा। क्या पता मैंने कुछ अच्छा किया तो फ्यूचर में कोई अपने बच्चे का नाम बुल्लू कुमार ही रख दे। यह सोचकर मैंने हाईस्कूल में खुद से ही अपना नाम बुल्लू कुमार करवा दिया। पापा की ख्वाहिश थी कि सरकारी नौकरी ले लूं मेरा गांव नदी किनारे बसा हुआ है। मैं अपने गांव की खूबसूरती क्या ही बताऊं। नदी किनारे 50-60 घर थे। नदी की पांच सौ मीटर की दूरी पर खेत, फिर पक्की सड़क और उसके पार पहाड़। इतना खूबसूरत गांव है कि उसे छोड़कर बाहर जाने का मन ही नहीं होता था। हाईस्कूल के बाद आगे की पढ़ाई के लिए गया चला गया। घर से निकलते वक्त अक्सर रोना आ जाता था। गांव में बचपन प्रकृति के बीच बीता है। कभी नदी से मछली पकड़ रहे हैं तो कभी खेत-खलिहान में चक्कर लगा रहे हैं। ज्यादा जोश आया तो पहाड़ चढ़ जाता था। फिर वहां बैठकर पूरे गांव को निहारता था। मेरे पिताजी भले ही किसान थे, लेकिन हम दोनों भाइयों को खूब पढ़ाना चाहते थे। वो चाहते थे कि अंग्रेजी आनी चाहिए। पिताजी कहते थे कि सरकारी नौकरी ले लो। चाहे चपरासी की ही नौकरी करो, लेकिन सरकारी होनी चाहिए। मैं घर में अकेले पढ़ने वाला था इसलिए लोगों को मुझसे थोड़ी उम्मीद थी। हाईस्कूल जाने के लिए गाना गाना शुरू किया पांचवीं क्लास में था, जब एक टीचर ने कहा कि जब तक गाना नहीं गाओगे, हाई स्कूल नहीं जा पाओगे। मेरे मन में भी लालच था। यहां बोरा बिछाकर बैठना होता था। हाईस्कूल में बैठने के लिए बेंच मिलती। मैं हर रोज मंदिर में एक भजन सुनता था, उस भजन को मैंने उस दिन सुना दिया। इस तरह आर्ट की तरफ मेरा पहला कदम बढ़ा। हाईस्कूल गया तो वहां मेरे संस्कृत टीचर बहुत अच्छे थे। वो मुझे बहुत प्यार भी करते थे। कविता-कहानी का बीज उनकी वजह से ही मेरे अंदर आया। मुझे हिंदी कहानी, चुटकुले पढ़ने का बड़ा शौक था। मुझे रद्दी में अगर कुछ दिख जाता था, तो मैं उसे पढ़ने लगता था। एक दिन मुझे एक मगही कविता की किताब मिली। मैंने वो कविता क्लास में सुनाई। सबको बहुत पसंद आई और उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या ये कविता तुम्हारी है। मुझे लगा कि मेरी तारीफ हो रही है तो मैं असली नाम क्यों बताऊं। इस वजह से मैं चुप रह गया। बाद में मुझे बहुत बुरा लगा कि मैंने किसी और की कविता को अपना बता दिया। उसी वक्त मैंने तय कि अब मैं खुद लिखूंगा। उसके बाद हर दो-तीन दिन में मैं एक कविता लिखने लगा। फिर मैं क्लास में पैरोडी सुनाने लगा। गांव के मंच पर मुझ पर बैन लग गया मैंने जब से होश संभाला था, तबसे नाटक देखने लगा था। मुझे नाटक देखकर बहुत मजा आता था। मेरे एक क्लास टीचर ने मुझसे कहा कि तुम्हारे गांव में नाटक होता है। तुम स्कूल में इतना अच्छा कर रहे हो, गांव के नाटक में भी हिस्सा लो। मेरा गांव का जो नाटक मंच था, वो बहुत ज्यादा अनुशासित था। बहुत पैरवी करने के बाद एक दिन मुझे रात में मौका मिला। मेरा काम मंच पर जाकर एक चुटकुला और गाना सुनने का था। मैं एक गाना और चुटकुला रटकर गया, लेकिन जब मैंने मंच से लोगों को देखा तो मैं सब भूल गया। ना मैं वहां चुटकुला बोल पाया और ना गाना गा पाया। उस घटना के बाद मैं बहुत गिल्ट में चला गया। गांव के लोगों ने मुझे कहा कि तुम बेकार हो। तुमने मंच की बेइज्जती कर दी। फिर मुझे गांव के मंच से बैन कर दिया गया। मैं काफी दिनों तक इस बात से दुखी रहा, लेकिन मैं कोशिश करके एक बार फिर उस मंच तक पहुंचा और खुद को साबित किया। उसके बाद तो ऐसा हो गया कि मैं उस मंच का सबसे फेवरेट आर्टिस्ट रहा। नौकरी की तैयारी के साथ ड्रामा में डिप्लोमा किया गया में ग्रेजुएशन करने के दौरान मैं पटना दूरदर्शन देखता था। तब मन में आता था कि एक दिन इस पर आना है। जब मेरे बड़े भाई का देहांत हुआ, फिर मैं पटना नौकरी की तैयारी के लिए आ गया। भाई अकेले घर में कमाने वाले थे। उनके जाने के बाद वो प्रेशर मुझ पर आ गया कि नौकरी नहीं मिली तो परिवार बिखर जाएगा। पटना में आने के पांच महीने बाद अचानक एक दिन मुझे कालिदास रंगालय के बाहर नाटक का पोस्टर दिखा। उसके पहले तक मुझे यही लगता था कि नाटक सिर्फ गांव-घर में होता है। मैं कालिदास रंगालय में अंदर गया और एक घंटे का नाटक देखा। नाटक खत्म होने के बाद मुझे लगा कि ये चीज शहर में भी हो रही है यानी इसकी कोई वैल्यू है। मुझे भी ये करना चाहिए। मैंने पढ़ाई के साथ कालिदास रंगालय से ड्रामा में दो साल का डिप्लोमा किया। कोर्स करने के बाद दो साल तक उधेड़बुन में रहा कि नौकरी करूं या एक्टिंग। फाइनली मैंने एक्टिंग को चुना। मैंने पटना में लगभग दस साल तक थिएटर किया। थिएटर को लेकर पिताजी से हर दिन लड़ाई होती थी पटना में दस साल तक थिएटर करने के दौरान मैंने अपना सर्वाइवल तो जैसे-तैसे कर लिया था, लेकिन परिवार के लिए कुछ नहीं कर पा रहा था। थिएटर मेरे लिए जुनून बन गया था। उस दौरान मेरी जब भी पिताजी से बात होती तो सिर्फ लड़ाई होती। ऐसा नहीं था कि उन्हें थिएटर नहीं पता था, लेकिन वो चाहते थे कि मैं पहले घर को थोड़ा संभालूं, फिर जो करना है करूं। पिताजी की वो बात मुझे तब समझ नहीं आती। आज जब मैं बाप बना हूं तो उनकी बातें समझ आती हैं। मेरे पिताजी अक्सर कहते थे कि नाटक-नौटंकी करता है। मैंने साल 2008 में शादी कर ली थी। दोस्त भी कहने लगे थे कि तुम्हारा परिवार और बाल-बच्चा है। कोई और काम क्यों नहीं करते हो। पहले तो सबसे लड़ाई हो जाती थी। मैं बहुत ज्यादा रिएक्ट करने लगा था, लेकिन फिर धीरे-धीरे खुद को शांत करने लगा। मुंबई आने के लिए पिताजी ने अपनी जमापूंजी दी मैं साल 2011 में मुंबई आया था। मैंने महुआ चैनल के लिए ‘हंसी का तड़का’ नाम का एक शो किया था। वो शो काफी पॉपुलर हुआ। शो जीतने के बाद लगा कि अब तो मेरी दुनिया ही बदलने वाली है। मुंबई आने के लिए पिताजी ने 25 हजार रुपए दिए थे। वो उनकी जमापूंजी थी। मैं अपने दो दोस्तों के साथ मुंबई रहने आ गया। मैं जिस दिन मुंबई पहुंचा, उसी दिन शूट के लिए गया था। ‘हंसी का तड़का’ शो के डायरेक्टर अमिताभ वर्मा का एक और शो आ रहा था। मैं उस शो में भी था। ऐसे में मुंबई में मेरा पहला और आगे के कुछ दिन तो अच्छे रहे। फिर धीरे-धीरे मेरे पैसे खत्म हो गए और काम भी कुछ खास नहीं था। ऐसे में घर के साथ मुंबई भी छोड़ना पड़ा। मैं वापस पटना चला गया और थिएटर करने लगा। फिर दोबारा मैंने 2013 में मुंबई का रुख किया। मुझे ‘गुटरगूं’ नाम की फिल्म ऑफर हुई थी। मेन लीड बना तो लोगों ने काम देना बंद किया छठ का समय था और मैं अपने गांव में नाटक के लिए गया था। उसी वक्त मुझे पटना से थिएटर के सीनियर का कॉल आया। उन्होंने मुझे बताया कि कुछ लोग ऑडिशन के लिए आए हैं। दरोगा का रोल है तो मुझे लगता है कि तुम इसके लिए परफेक्ट हो। मैं अपना नाटक खत्म करके पटना गया और ऑडिशन दिया। शाम को मुझे प्रतीक शर्मा और अस्मिता जी ने घर बुलाया और बताया कि मेन लीड आप कर रहे हैं। फिल्म में मैं मेन लीड हूं, ये सुनकर मेरे मुंह से निकला कि फिर फिल्म कौन देखेगा? मेरे मन में था कि इतने साधारण चेहरे वाले को मेन लीड में कौन देखना चाहेगा। इस फिल्म से मेरी आस जगी और मैं दोबारा मुंबई आया। मुझे लगा कि अब खूब काम मिलेगा, लेकिन मेरे साथ उल्टा हुआ। मुझे काम मिलना बंद हो गया। मैं तो किसी भी तरह का रोल करना चाहता था, लेकिन बहुत सारे फिल्ममेकर को लगा कि मैं तो सिर्फ लीड रोल ही करूंगा। मैंने एक डायरेक्टर को काम के लिए फोन किया तो उन्होंने मुझसे कहा कि बुल्लू जी आप तो आजकल लीड रोल कर रहे हैं। फिर मुझे एहसास हुआ कि लोगों के दिमाग में ये बात बैठ गई है कि मैं लीड के अलावा कुछ नहीं करूंगा। इस चक्कर में मेरा तीन-चार साल बर्बाद हो गया। एक समय बच्चों की स्कूल फीस देने के पैसे नहीं थे लॉकडाउन के दौरान मेरे पास काम नहीं था तो मैं अपने गांव लौट गया था। वहां जाकर मैं खेती करने लगा। लॉकडाउन से पहले मेरी आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि मेरे बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया। मैं उनकी फीस नहीं दे पाया। मुझे लगता था कि अभी नहीं है, थोड़े दिन बाद दे दूंगा, लेकिन स्कूल वाले नहीं माने। उन्होंने बच्चों का नाम काट दिया। मेरी लड़ाई भी हो गई थी। सच बताऊं तो उस बात की तकलीफ बहुत ज्यादा थी। फिर लॉकडाउन में मुझ पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पहले मेरी मां गुजरीं, फिर 6 महीने के अंदर पिताजी का भी देहांत हो गया। मैं अपने बीवी-बच्चों को उनके पास ही छोड़कर मुंबई में स्ट्रगल करता था। उन दोनों के जाने से मैं हिम्मत हार गया। मैं गांव में अपना जीवन जी रहा था। उसी दौरान मुझे इंडस्ट्री के सबसे बड़े कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा का कॉल आया। हॉटस्टार के लिए 'ग्रहण' नाम से एक सीरीज बन रही थी। पहली बार मुझे मेनस्ट्रीम का काम मिला था। ये हॉटस्टार का पहला हिट शो था। 'ग्रहण' करने के बाद मेरी बीवी को लगा कि मैं कुछ और अच्छा कर सकता हूं। उसने मुझसे कहा कि आप जाइए मुंबई, यहां हम सब संभाल लेंगे। 'पंचायत' के लिए पूरा वर्सोवा ऑडिशन दे चुका था मैं मुंबई फिर से आया और बांगुर नगर में एक दोस्त के पास रहने लगा। बांगुर नगर में रहने के दौरान एक दिन मैं आरामनगर का चक्कर लगा रहा था। उसी दौरान मुझे मेरा एक जूनियर मिला। उसने मुझे बताया कि उसका एक जानने वाला लड़का है, जो पंचायत की कास्टिंग कर रहा है। उसने मुझे कहा कि आप अपनी प्रोफाइल भेजिए। मैंने भी तुरंत नंबर लेकर अपनी प्रोफाइल भेज दी और उधर से ऑडिशन मिल गया। मेरे पास थिएटर का अनुभव था, सिनेमा का कुछ पता नहीं था। ऐसे में, मैं जिस दोस्त के पास रुका था, उसने मेरा एक अच्छा ऑडिशन बनवाया। उसे टीवी का एक्सपीरियंस था। मैंने ऑडिशन भेजा और सिलेक्ट हो गया। इस तरह मैं पंचायत का माधव बन गया, लेकिन इस बीच में मैंने ‘खाकी’, ‘रनवे लुगाई’, ‘महारानी‘, ‘द रेलवेमैन‘ जैसी सीरीज में भी काम किया। 'पंचायत' सीरीज मेरे लिए वरदान साबित हुई 'पंचायत' के पहले मुझे और मेरे काम को कोई नहीं जानता था। इस सीरीज ने मुझे वो पहचान दी, जिसके लिए मैं 2011 से संघर्ष कर रहा था। इस सीरीज ने मेरे जीवन में एक और परिवर्तन किया कि अब मुझे ऑडिशन नहीं देने होते हैं। अभी 'पंचायत' का पांचवां सीजन आ रहा है। इसके अलावा अमित राय की एक फिल्म भी कर रहा हूं। इसके अलावा मेरे पास काम आ रहा है। बतौर एक्टर इतनी ही ख्वाहिश है कि काम मिलता रहे। माधव ही नहीं और भी अलग-अलग किरदार से मेरी पहचान बने। ------------------------------ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... चॉल में रहे, काम मांगने पर संगीतकार ने किया बेइज्जत:समीर के गाने पर नुसरत फतेह रोए, सबसे ज्यादा सॉन्ग लिखने का वर्ल्ड रिकॉर्ड आप चाहें मिलेनियल हों, जेनरेशन Z हों, जेनरेशन अल्फा या नई जेनरेशन बीटा हों...एक चीज जो इन सभी को एक-दूसरे से जोड़ती है, वो समीर अनजान के गाने हैं। तीन दशक से वो अपने गानों के जरिए प्यार, दोस्ती, हार्टब्रेक से लेकर पार्टी मोड तक हर मौके और हर फीलिंग के लिए अल्फाज लिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें...

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/QjLNG5x
via IFTTT

हरियाणवी डांसर बोलीं- मैं फिर नाचूंगी:मैंने थप्पड़ मारा, सबने देखा, मेरे साथ जो हुआ, वो नहीं दिख रहा; थाने में पति को पीट चुकीं

हरियाणवी डांसर सपना शर्मा इन दिनों पारिवारिक विवाद के चलते सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपने पति कमल शर्मा और उनके परिवार पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया हुआ है। सपना पर महिला थाने में पुलिस के सामने ही पति और उसके भाई को थप्पड़ मारने के आरोप भी लगे हैं। पति कमल शर्मा ने वीडियो जारी कर सपना को झूठा बताया है। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया है कि सपना मामले को सेटल करने के लिए एक करोड़ रुपए मांग रही हैं। कमल शर्मा ने सपना पर डांस जैसे प्रोफेशन को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दैनिक भास्कर ने इन्हीं आरोपों पर सपना से उनके मायके जाकर बातचीत की। सवाल-जवाब के दौरान सपना ने सीधे कहा कि उनके पति और ससुराल पक्ष के लोग झूठे हैं। सपना का कहना है कि डांस उनका प्रोफेशन है। शादी के बाद उनके ससुराल वालों ने सारे सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करा दिए। फिर बाद में पैसे के लिए दोबारा डांस शुरू करने का दबाव डालने लगे। अब जब यह मामला हो गया है तो वह फिर से इस प्रोफेशन में आएंगी और डांस करेंगी। दैनिक भास्कर के इन सवालों के सपना ने दिए जवाब... सवाल : पति कमल ने वीडियो जारी कर आपको झूठा बताया है? सपना : कमल शर्मा जो भी कह रहे हैं, वह सरासर झूठ है। मैंने भी उनकी वीडियो देखी है, जिसमें वह कह रहे हैं कि उसके घर वालों ने कुछ नहीं किया। पहली बात यह कि जिस लड़की की नई-नई शादी हुई है, पेट में बच्चा है, वह किसी के साथ कुछ गलत नहीं कर सकती। दूसरी बात यह है कि अगर मान लो कि तुम्हारे साथ में कुछ हुआ है, तो तुम एप्लीकेशन लगाते न पहले। तुमको कार्रवाई करवानी थी पहले, तुमने मेरे को रखा क्यों अपने घर। सच तो ये है कि मेरे साथ अत्याचार हुए, मेरे बच्चे को मारने की कोशिश की। सवाल : पति कह रहे हैं कि एक करोड़ मांग रही है? सपना : ससुराल का अत्याचार बढ़ने पर मैं मेरे घर पर आ गई और बच्चे को बचाया। इसके बाद फिर हाथ पैर जोड़कर मेरे को क्यों वापस लेकर गया। तब लिखकर दिया था कि मैं अलग हो जाऊंगा, मैं ये कर दूंगा, मैं वो कर दूंगा। अगर यह कह रहा है कि एक करोड़ रुपए मांग रही है तो यह सरासर झूठ है। मैं एक करोड़ रुपए कैसे मांगूंगी, उसके पास तो पैसे हैं भी नहीं, कैसे देगा वह एक करोड़ रुपए। झूठ और सच क्या है, यह तो सबके सामने आ ही जाएगा। मेरे पास सभी प्रूफ हैं। मेरी सास ने मुझे मारा, उसके प्रूफ भी मेरे पास है। सवाल- पति का आरोप है कि मुझे व मेरे भाई को थप्पड़ मारे? सपना : मैंने हमला किया, वो तो सबको दिख गया। मेरे साथ जो पहले हुआ, वह किसी को दिख रहा है या नहीं। एसएचओ मैडम ने मेरे को कहा था कि तू लेडीज है, तेरे को गलत बोल रहा है। मैं कहती हूं कि किसी की बहन बेटी को राह चलते हुए भी अगर आप गलत बोलते हो तो उसका बाप या भाई ही थप्पड़ नहीं मारेगा, कोई भी बंदा होगा, आपको थप्पड़ जरूर मारेगा। इसमें मैंने क्या गलत कर दिया। सवाल : पति कह रहे हैं कि बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाए? सपना : मेरा बच्चा अगर नाजायज है तो डीएनए टेस्ट जरूर कराया जाए। और ठीक है, मेरे को गलत कह रहे हैं तो मेरा भी मेडिकल टेस्ट कराया जाए। मैं नचनिया थी, मैं नाचने वाली थी, तो जब रिश्ता किया तो सब बातें खोल कर की थी। उस बात से लेकर अब तक की सारी रिकॉर्डिंग मेरे पास है, हर चीज का प्रूफ है। उस दिन कहना था कि पहले इसका मेडिकल टेस्ट कराया जाए, फिर शादी की जाए, फिर इसको हम रखेंगे। अब भी मेरे को उल्टा सीधा कहा जा रहा है। सवाल-जो यह घटनाक्रम चल रहा है, क्या समाज में बदनामी नहीं हो रही? सपना : देखो अभी तो मुझे आपरेशन से बच्चा हुआ है। नौवें मंथ के लास्ट टाइम में बहुत दर्द होते हैं। लड़कियों के लिए यह बहुत कमजोरी वाला टाइम होता है। दर्द में मैं थाने भी पहुंची हूं। चलो ठीक है, वो (पति) कुछ भी कह रहे हैं, उस चीज की जांच कराई जाए। मैं जो कह रही हूं कि उनकी भी जांच कराई जाए। मेरा छोटा बच्चा है, मैं नहीं चाहती थी कि घर खराब हो, मगर अब तो घर खराब हो गया। मेरे पास हर चीज का प्रूफ है, इसलिए आज मैं इस लड़ाई को लड़ रही हूं। जनता मेरा सपोर्ट कर रही है, और करेगी, मुझे न्याय जरूर मिलेगा। अब यहां जानिए सपना के पति ने क्या-क्या आरोप लगाए.... -------------- सपना शर्मा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... हरियाणवी डांसर के पति ने VIDEO जारी किया:बोला- नारनौल थाने में उसने मुझे पीटा; सपना का दावा- SHO के कहने पर थप्पड़ मारे हरियाणा के नारनौल थाने में डांसर सपना शर्मा के हंगामे पर उनके पति कमल शर्मा ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने बताया कि सपना ने उन पर और उनके परिवार पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा- थाने में सपना और उनके परिजनों ने मेरे और मेरे भाई के साथ मारपीट की है। हमने कुछ नहीं किया। (पूरी खबर पढ़ें)

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/62V8uHa
via IFTTT

Blood, sweat and tears: Look back at the highs and lows of Hulk Hogan

The all-American hero of wrestling also had a Hollywood career and was one of Donald Trump's biggest fans.

from BBC News https://ift.tt/y0stbpE

Blood, sweat and tears: Look back at the highs and lows of Hulk Hogan

The all-American hero of wrestling also had a Hollywood career and was one of Donald Trump's biggest fans.

from BBC News https://ift.tt/KOITbmx

Shakespeare’s Lost Years

Shakespeare’s Lost Years JamesHoare

* This article was originally published here

यूलिया वंतूर @45, शादीशुदा होने का दावा,:सलमान संग रिश्ते पर कहा था- कुछ बातें छुपाकर रखना जरूरी, पेरेंट्स को हमारी फिक्र रहती है

सलमान खान की रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर का बॉलीवुड में करियर बनाने का कोई प्लान नहीं था। वो रोमानिया में ही अपने करियर को संवार रही थीं, लेकिन जब सलमान खान से डबलिन में 'बॉडीगार्ड' की शूटिंग के दौरान मुलाकात हुई। तब उन्होंने मुंबई आने का फैसला किया। बताया जाता है कि सलमान खान ने ही यूलिया वंतूर को मुंबई बुलाया था। 2011 में यूलिया अपने बॉयफ्रेंड के साथ मुंबई आईं, लेकिन दोनों का ब्रेकअप हो गया। इसके बाद सलमान खान ने उनकी बहुत मदद की। सलमान खान और यूलिया वंतूर के बीच कई सालों से अफेयर की खबरें चल रही हैं। दोनों को कई बार साथ में इवेंट्स, पार्टीज और फैमिली फंक्शन्स में देखा गया है। यहां तक कि यूलिया लॉकडाउन के दौरान सलमान के साथ उनके फार्महाउस पर रहीं। दोनों की शादी के चर्चे अक्सर होते रहते हैं, लेकिन दोनों ने कभी भी अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया। वैसे यूलिया वंतूर की शादी को लेकर दावा किया जाता है कि उनकी शादी रोमानियाई ग्रैमी-नॉमिनेटेड सिंगर मारियस मोगा से हुई थी। करीब 4 साल साथ रहने के बाद दोनों अलग हो गए थे। आज यूलिया वंतूर के जन्मदिन पर आइए जानते हैं, उनकी लाइफ और करियर से जुड़े कुछ और खास किस्से… रोमानिया की बड़ी शख्सियत रहीं यूलिया वंतूर ने महज 15 साल की उम्र से ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी। यूलिया को रोमानिया में सबसे लोकप्रिय और लंबे समय तक ब्रॉडकास्ट होने वाले लाइव टीवी शो में से एक के को-प्रेजेंटर की भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। इसके बाद उन्होंने प्राइम टाइम और वीकेंड न्यूज प्रेजेंटर के रूप में काम किया। उन्हें टेलीविजन में अपने काम के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। यूलिया को उन कुछ टीवी सितारों में से एक माना जाता है जो केवल लाइव शो प्रेजेंट करने में माहिर हैं। टीवी एंकर बनने की जर्नी एक इंटरव्यू के दौरान अपनी जर्नी के बारे में बात करते हुए यूलिया वंतूर ने कहा था- मैं सिर्फ 19 साल की थी जब मैं पहली बार न्यूजरूम में पहुंची थी। मैंने सुना था कि उस चैनल को एंकर की जरूरत है। मैंने वहां अपना सीवी दिया। मुझे बताया कि प्रोड्यूसर को ब्लॉन्ड हेयर पसंद नहीं, इसलिए सिलेक्शन का चांस कम है। उसी समय चैनल के प्रोड्यूसर वहां से गुजर रहे थे, जब उन्हें पता चला कि मैं एंकर बनना चाहती हूं तो उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं अभी तुरंत टेस्ट दे सकती हूं? मैं यंग थी और संकोची भी, लेकिन मुझे काम मिल गया। इसके बाद मैंने 15 वर्षों तक न्यूज एंकर के तौर पर काम किया। न्यूज स्टोरीज लिखना, एडिट करना, इंडिपेंडेंट रहना और वर्किंग वुमन, ये सब मेरी जिंदगी का एक हिस्सा बन गया। मैंने डांसिंग विद द स्टार्स शो को 8 साल तक होस्ट किया है। पेरेंट्स को लगा कि मजिस्ट्रेट बनेंगी यूलिया अपने माता-पिता की इकलौती बेटी हैं। वह कहती हैं- मेरे पेरेंट्स मुझे लेकर काफी केयरिंग और प्रोटेक्टिव हैं। जब वे मेरी प्राइवेट लाइफ के बारे में कुछ ऐसी बातें सुनते हैं तो वे परेशान हो जाते हैं। सलमान खान से पहली मुलाकात यूलिया वंतूर की सलमान खान से पहली मुलाकात 2010 में डबलिन में हुई थी। उस वक्त सलमान खान वहां फिल्म 'बॉडीगार्ड' की शूटिंग कर रहे थे। कहा जाता है कि सलमान खान से मुलाकात के बाद ही यूलिया भारत आई थीं। यूलिया नहीं, लूलिया कहकर लोग पुकारते हैं यूलिया वंतूर कहती हैं- भारत में कोई भी मुझे नहीं जानता था। यहां लोग मुझे लूलिया कहकर पुकारते थे। जबकि मेरे नाम की शुरुआत 'आई' से होती है। मैं रोमिनिया की एक सम्मानित पर्सनैलिटी में गिनी जाती हूं। लोगों को मेरी लाइफ और मेरे सफर के बारे में पता नहीं था। लोगों को सिर्फ एक ऐसी लड़की दिखती थी जो बॉलीवुड में आने का बड़ा सपना देखती है। हालांकि मेरी कभी ऐसी चाहत नहीं रही। बॉयफ्रेंड के साथ मुंबई पहुंची, हुआ ब्रेकअप यूलिया अपने बॉयफ्रेंड मारियस के साथ मुंबई साल 2011 में आई थीं, लेकिन दोनों का ब्रेकअप हो गया। इसके बाद सलमान खान ने उनकी बहुत मदद की। तब यूलिया का करियर आगे बढ़ पाया था। यूलिया अक्सर सलमान और उनके परिवार के साथ नजर आती हैं। लॉकडाउन के दौरान भी यूलिया सलमान के साथ उनके फार्महाउस पर थीं। इस दौरान उनके कुछ फोटोज और वीडियोज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। क्या शादीशुदा हैं यूलिया वंतूर? मिस मालिनी की एक रिपोर्ट के अनुसार यूलिया की शादी रोमानियाई ग्रैमी-नॉमिनेटेड सिंगर मारियस मोगा से हुई थी। करीब 4 साल साथ रहने के बाद दोनों अलग हो गए थे। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर यूलिया और उनके एक्स हसबैंड मारियस की कई तस्वीरें मिलीं, जिससे उनकी शादी की खबरों की पुष्टि हुई थी। हालांकि यूलिया ने शादी की खबरों पर चुप्पी तोड़ते हुए इसे अफवाह बताया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था- प्रिय मित्रों, मुझे किसी भी अफवाह पर प्रतिक्रिया देने की जरूरत महसूस नहीं हुई, लेकिन अब मुझे लगता है कि मुझे स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि मेरी कभी शादी नहीं हुई। मुझे अपनी शादी की पोशाक पहनने की कोई जल्दी नहीं है। भगवान हम सबका भला करें! बॉलीवुड में करियर बनाने का कोई प्लान नहीं था यूलिया कई फिल्मों के गानों में अपनी आवाज दे चुकी हैं। एक इंटरव्यू के दौरान यूलिया ने कहा था- काम के लिए इंडिया आने का मेरा कोई प्लान नहीं था। मैंने कभी सोचा नहीं था कि लाइफ मुझे इंडिया तक खींच लाएगी, लेकिन मैंने अपनी दिल की सुनी और आज मैं यहां हूं। सलमान खान ने दिखाई राह सलमान खान मेरे अच्छे दोस्त हैं और उन्होंने मुझे राह दिखाई, मुझे गाने के लिए प्रोत्साहित किया। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं हिन्दी में गाना गा पाऊंगी, लेकिन उन्होंने मुझे काफी सपोर्ट किया। मैंने उनकी वजह से ही गाना शुरू किया। बता दें कि यूलिया अब तक हिमेश रेशमिया के साथ ‘एवरी नाइट एंड डे’ के अलावा सलमान खान की फिल्म ‘राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई’ में ‘सीटीमार’, 'रेस 3' में 'सेल्फिश', और 'पार्टी चले ऑन', ‘सिकंदर’ में ‘लग जा गले’ जैसे कई गाने गा चुकी हैं। सलमान खान के साथ रिश्ते पर क्या बोलीं यूलिया? कैटरीना कैफ से अलग होने के बाद से सलमान खान का नाम यूलिया वंतूर के साथ जोड़ा जाता है। दोनों पिछले काफी वक्त से साथ हैं और अक्सर ही दोनों को साथ में स्पॉट भी किया जाता है। हालांकि इन दोनों ने अपनी रिलेशनशिप को लेकर कभी खुलकर बात नहीं की है। हाल ही में फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में यूलिया वंतूर ने सलमान खान के बारे में बात की थी। यूलिया ने कहा था- हर किसी के लिए इमोशनल सपोर्ट बहुत जरूरी है और एक ऐसे शख्स का होना, जो आपकी आवाज पर भरोसा करता हो। सलमान खान ऐसे इंसान हैं, जिन्हें मेरी आवाज और मेरे टैलेंट पर भरोसा था। उन्होंने मुझे इसके लिए काफी मोटिवेट किया, जबकि मुझे खुद पर शक था। हालांकि जीवन मे ऐसे भी पल आए हैं, जब मेरा वेलकम उतना अच्छा नहीं हुआ है। मैं एकदम से हिंदी गाने गाते हुए सामने आई, तब मेरे पास ऐसे लोग थे, जो मुझ पर सच में यकीन करते थे। वे मुझ पर मुझसे ज्यादा भरोसा करते थे और ये मेरे लिए सबसे जरूरी था। मैं इसके लिए सच में उनकी आभारी हूं। सलमान खान से शादी की बात पर यूलिया का रिएक्शन सलमान खान के साथ यूलिया वंतूर की शादी की खबरें अक्सर सुनने को मिलती हैं। यूलिया वंतूर ने कहा था- मैंने भी इन अफवाहों के बारे में सुन रखा है। अब मैं लोगों को कहानी बनाने से रोक तो नहीं सकती। सलमान के लिए मेरे मन में काफी सम्मान है और साथ ही मुझे इस बात का भी कोई अता-पता नहीं कि जिंदगी मुझे कहां ले जा रही। मैं अपनी लाइफ को लेकर काफी प्लान बना रही थी, लेकिन कई बार हम जो चाहते हैं, लाइफ में वैसा नहीं होता है। यूलिया वंतूर के पापा के बर्थडे में पहुंचे थे सलमान 2024 में सलमान खान दुबई में यूलिया वंतूर के पापा के बर्थडे सेलिब्रेशन में पहुंचे थे। यूलिया ने सोशल मीडिया पर बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीरें शेयर की थीं। उसी दौरान सलमान ने दुबई में अपने दबंग रीलोडेड टूर के लिए परफॉर्म किया था। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से धमकियां मिलने के बाद सलमान खान का वह पहला ग्लोबल टूर था। ‘राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली थीं यूलिया वंतूर बतौर एक्ट्रेस बॉलीवुड में हिंदी फिल्म ‘राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला’ से डेब्यू करने वाली थीं। मेकर ने जब इस फिल्म का पोस्टर जारी किया था तब सलमान खान ने फिल्म का पोस्टर अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया था। जिसे यूलिया ने रीट्वीट किया था। जिसमें वह कृष्ण भक्त के किरदार में नजर आ रही थीं। इस फिल्म को प्रेम सोनी डायरेक्ट कर रहे थे, जिन्होंने इससे पहले सलमान खान की फिल्म ‘मिस्टर एंड मिसेज खन्ना’ डायरेक्ट की थी। बताया जाता है कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही बंद हो गई। ऐसी चर्चा थी कि सलमान यूलिया को लॉन्च करने के लिए किसी और फिल्म की तलाश में हैं। मीटू मुहिम का किया सपोर्ट फिल्म ‘राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला’ के कास्टिंग डायरेक्टर विक्की सिडाना पर एक्ट्रेस कृतिका ने दुष्कर्म करने के प्रयास का आरोप लगाया था। इसके बाद फिल्म के मेकर्स ने विक्की सिडाना से नाता तोड़ लिया था। मीटू मुहिम को लेकर यूलिया ने कहा था- मैं इस मुहिम का सपोर्ट करती हूं। यह बहुत संजीदा मुद्दा है, लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी कीमत पर इसका गलत इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए। कई बार इसके तहत लगाए गए आरोपों के चलते किसी भी व्यक्ति की जिंदगी खराब हो सकती है। वहीं, दूसरी ओर मैं कहूंगी कि किसी भी महिला को अपने साथ होने वाले शोषण के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, लेकिन ये आवाज बेहद जिम्मेदारी के साथ उठाई जानी चाहिए। बतौर एक्ट्रेस शॉर्ट फिल्म में आएंगी नजर यूलिया वंतूर इन दिनों एक शॉर्ट इंग्लिश फिल्म ‘इकोज ऑफ अस’ (Echoes of Us) में एक्टिंग कर रही हैं। जो राजन के डायरेक्शन में बन रही इस फिल्म में यूलिया वंतूर के अलावा दीपक तिजोरी और स्पैनिश एक्ट्रेस एलेसेंड्रा व्हेलन मेरेडिज (Alessandra Whelan Merediz) की भी अहम भूमिका है। इस फिल्म का निर्माण अभिनेत्री पूजा बत्रा अलायंस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से कर रही हैं। _____________________________________________________________________________ बॉलीवुड की यह खबर भी पढ़ें.. हिमेश @52: बुर्का पहनकर पहुंचे थे दरगाह:सलमान ने लगाया था गाने चुराने का आरोप, एक साल में 36 हिट गानों का बनाया था रिकॉर्ड हिमेश की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो इंटरनेट का दौर नहीं था कि कोई भी गाना फ्री में सुन लें या रील में आ गया तो सुन लिया, वो DVD, ऑडियो कैसेट्स और CD का जमाना था। फिर भी हर घर में हिमेश के गानों की एक सीडी जरूर होती थी। पूरी खबर पढ़ें ....

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/sM3rJ8d
via IFTTT

Archive footage shows Ozzy's childhood return

In 1995 BBC Midlands Today took Ozzy back to his Brummie roots to his old house and school in Aston.

from BBC News https://ift.tt/ynIGuMx

Archive footage shows Ozzy's childhood return

In 1995 BBC Midlands Today took Ozzy back to his Brummie roots to his old house and school in Aston.

from BBC News https://ift.tt/ZzI1rlB

हरियाणवी डांसर के पति ने VIDEO जारी किया:बोला- नारनौल थाने में उसने मुझे पीटा; सपना का दावा- SHO के कहने पर थप्पड़ मारे

हरियाणा के नारनौल थाने में डांसर सपना शर्मा के हंगामे पर उनके पति कमल शर्मा ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने बताया कि सपना ने उन पर और उनके परिवार पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा- थाने में सपना और उनके परिजनों ने मेरे और मेरे भाई के साथ मारपीट की है। हमने कुछ नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने वीडियो में कहा है कि उन्हें जान का खतरा है। उनके बड़े भाई (सपना के जेठ) नीरज शर्मा ने सपना और उनके परिजनों के खिलाफ सिटी थाने में एक शिकायत दे दी है। इसमें मामले में कार्रवाई और पुलिस सिक्योरिटी की मांग की गई है। बता दें कि डांसर ने पति और ससुरालवालों पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत वह पहले ही थाने में दे चुकी हैं। उनका कहना है कि पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं, नारनौल में शुक्रवार को भी उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि महिला थाने में SHO के कहने पर उन्होंने पति कमल को थप्पड़ मारे थे। जबकि, सास के अपशब्द कहने पर उनकी कहासुनी हुई थी। सपना के पति ने वीडियो में क्या-क्या कहा... थाने में बयान दर्ज कराने बुलाए गए थे दोनों पक्ष दरअसल, दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज होने के बाद बीते गुरुवार को नारनौल के महिला थाने में डांसर सपना शर्मा और उनके ससुराल वालों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान थाने में हंगामा हुआ। डांसर का आरोप है कि सास ने उन्हें आपत्तिजनक शब्द कहे, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस हुई। SHO ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। इस दौरान डांसर SHO से भी उलझती नजर आईं। इसके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। डांसर ने जांच अधिकारी पर सही से जांच न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि उनके पास सभी सबूत और वीडियो हैं, फिर भी पुलिस सही कार्रवाई नहीं कर रही। हालांकि, इस बारे में महिला थाना प्रभारी मंजुषा ने बताया था कि पुलिस पर लगाए सारे आरोप गलत हैं। उल्टा सपना ने थाने में आते ही हंगामा कर दिया था। पुलिस निष्पक्ष होकर मामले की जांच कर रही है। सपना ने ससुरालवालों पर ये आरोप लगाए हैं... ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें... हरियाणवी डांसर थाने में ससुरालियों से भिड़ी,VIDEO:बोली- सारे सबूत, पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही; 450 गाने, 1 हजार स्टेज शो कर चुकीं हरियाणा में नारनौल के महिला थाने में हरियाणवी डांसर सपना शर्मा और सुसराल वाले आपस में भिड़ गए। डांसर का आरोप है कि सास ने उन्हें आपत्तिजनक शब्द कहे, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस हुई। SHO ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। इस दौरान डांसर SHO से भी उलझती नजर आईं। पूरी खबर पढ़ें...

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/hi12XcJ
via IFTTT

‘Gods, Guns and Missionaries’ by Manu S. Pillai review

‘Gods, Guns and Missionaries’ by Manu S. Pillai review JamesHoare

* This article was originally published here

Watch: Ozzy Osbourne looks back at his time with Black Sabbath, in 2017

The Black Sabbath singer told the BBC's Colin Paterson about his "remarkable " time spent as the founder and frontman of the legendary band.

from BBC News https://ift.tt/eLkXTDl

Ozzy Osbourne: Wild life of rock's 'prince of darkness'

The singer helped invent both heavy metal and the image of the wild rock star, before unlikely reality TV fame.

from BBC News https://ift.tt/A2dMhTr

Hunting Heretics: Inside the Medieval Inquisition

Hunting Heretics: Inside the Medieval Inquisition JamesHoare

* This article was originally published here

Billy Joel feels 'good' after brain disorder diagnosis

Two months on from announcing his condition, the singer-songwriter says he is feeling "fine".

from BBC News https://ift.tt/QuxX73E

Billy Joel feels 'good' after brain disorder diagnosis

Two months on from announcing his condition, the singer-songwriter says he is feeling "fine".

from BBC News https://ift.tt/HfmAWkd

Queen Elizabeth II's fashion to feature in exhibit

The story of the late Queen's life will be told through her clothes at a Buckingham Palace exhibition.

from BBC News https://ift.tt/rVQjPon

Queen Elizabeth II's fashion to feature in exhibit

The story of the late Queen's life will be told through her clothes at a Buckingham Palace exhibition.

from BBC News https://ift.tt/mG05nD8

‘Make the Foreigner Pay’: When Britain Tried Tariffs

‘Make the Foreigner Pay’: When Britain Tried Tariffs JamesHoare

* This article was originally published here

Stevie Wonder: 'I'll keep playing as long as I breathe'

In an exclusive interview with the BBC, the Motown legend says he will play for the rest of his life.

from BBC News https://ift.tt/3fsE89b

Stevie Wonder: 'I'll keep playing as long as I breathe'

In an exclusive interview with the BBC, the Motown legend says he will play for the rest of his life.

from BBC News https://ift.tt/TsBgDO9

Ellen DeGeneres: I moved to the UK because of Trump

The TV star makes her first public appearance since moving to the UK the day after Trump's re-election.

from BBC News https://ift.tt/6m9SRIo

Ellen DeGeneres: I moved to the UK because of Trump

The TV star makes her first public appearance since moving to the UK the day after Trump's re-election.

from BBC News https://ift.tt/rocXfFd

Huge Celtic settlement found in Czech Republic

Archaeologists have unearthed an exceptional settlement from the La Tène period rich with amber, luxury ceramics, gold and silver coins near the city of Hradec Králové in the northern Czech Republic. Covering 25 hectares (62 acres), it is by far the largest Celtic settlement found in Bohemia, and unique in its features and scale as a trade and manufacturing center that grew and prospered on the ancient European Amber Road.

The site was discovered during an excavation along the route of planned highway construction. By fortunate happenstance, the site had never been subject to agricultural activity or to metal detectorists, leaving an great density of artifacts just a few inches into the topsoil. Archaeologists recovered an astonishing 22,000 bags of finds, one of the largest collections of artifacts ever found in Bohemia.

The team of archaeologists discovered hundreds of gold and silver Celtic coins, coin dies, fragments of ceramic vessels and a particularly rich collection of jewelry, including bronze and iron fibulae, armlets, metallic fixtures from belts, glass beads and amber. Structures found include the remains of homes, industrial production facilities and religious sanctuaries. It reached its peak in the 2nd century B.C., preceding the era of the oppidia, large fortified settlements with centralized administrative functions.

Tomáš Mangel, an archaeologist from the University of Hradec Králové, explains:

“The settlement was active from the very end of the 3rd century BC and ended in the early 1st century BC. It represents what we call a ‘central agglomeration’, a settlement with key economic and social functions.

“We’ve identified several pottery kilns, signs of glass processing, and finds of amber, which was a major trade commodity at the time. There’s also a large number of gold and silver coins, some of which were even minted right here on site.”

One particularly exceptional find is a ceramic shard engraved with a simple image of a horse, small enough to fit in the palm of a hand. According to experts, such finds are extremely rare in Europe.

The excavation is now complete and the artifacts are currently at the Museum of Eastern Bohemia where they are being cleaned, catalogued and studied. A small selection of artifacts will go on display within the next few months, but the more comprehensive exhibition will have to wait until all the objects have been analyzed and recorded.



* This article was originally published here

Say Goodbye To Bloating: Harvard-Trained Gut Doctor Reveals 10 Miracle Foods That Flatten Your Tummy Naturally

Struggling with post-meal bloating and digestive discomfort? Harvard and Stanford-trained gastroenterologist Dr Saurabh Sethi has revealed his top 10 natural foods that can soothe your gut and reduce bloating, some of them will surprise you!

from Zee News :Zee News - Health https://ift.tt/Ez3nIyM

रोमांटिक ट्रैक ‘हीर’ के साथ सिंगर निंजा की वापसी:बोले- इस गाने में बहुत कुछ खास है, हर किसी के दिल को छू जाएगा

सिंगर निंजा रोमांटिक इंडी पॉप गाने हीर के साथ वापसी कर रहे हैं। उनका यह गाना आज 20 जुलाई को रिलीज हुआ है। यह गाना प्यार, चाहत और गहराई से भरी एक कहानी बयां करता है। गाने में निंजा और शहनाज अख्तर की आवाज है। संगीत अदन ने दिया है और बोल राजा ने लिखे हैं। वहीं, दैनिक भास्कर से बातचीत में निंजा ने कहा कि यह गाना लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आएगा। आपके नए गाने हीर के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? मेरा नया गाना हीर वाकई में दिल के बहुत करीब है। इसमें मेरे साथ शहनाज अख्तर हैं और हमने इसे बहुत खूबसूरती से तैयार किया है। इस गाने में मेलोडी और बीट्स का बेहतरीन तालमेल है, जो इसे खास बनाता है। यह फोक और हिप-हॉप का एक अनोखा मिश्रण है, जिसे सुनकर हर पीढ़ी के लोग जुड़ाव महसूस करेंगे। मुझे पूरा यकीन है कि यह गाना लोगों के दिलों में जगह बनाएगा और उन्हें इससे प्यार हो जाएगा। जब आप हीर बना रहे थे, तो आपके मन में सबसे पहला विचार क्या आया? मन में सबसे पहला ख्याल यही था कि जो भी मैं क्रिएट करना चाहता हूं, वो दिल से निकले और कुछ अलग हो। जब मैंने इस गाने की पहली टोन बनाई, तभी एक एहसास हुआ कि हां इसमें कुछ खास है। उस वक्त यही लगा कि ये गाना सिर्फ एक ट्रैक नहीं होगा, बल्कि एक एहसास बनेगा, जो लोगों को छू जाएगा। आपके गाने हीर में दर्शकों को क्या नया देखने-सुनने को मिलेगा? हीर में सबसे खास बात इसकी मेलोडी है, क्योंकि मैं मानता हूं कि किसी भी गाने की आत्मा उसकी धुन होती है। अगर मेलोडी अच्छी हो, तो बाकी सारी चीजें कंपोजिशन और लिरिक्स उसके साथ बेहतर तरीके से जुड़ जाती हैं। इस गाने में मैंने इन सभी पहलुओं पर खास ध्यान दिया है। सिंपल शब्दों में कहूं तो हमने एक ऐसा म्यूजिक क्रिएट करने की कोशिश की है जो लोगों से सीधे दिल से कनेक्ट हो। अब तक जिन्होंने भी हीर सुना है, सभी ने इसकी तारीफ की है और यह सुनकर बहुत खुशी होती है। इस गाने में शहनाज अख्तर को शामिल करने के पीछे असली मकसद क्या था? शहनाज अख्तर इस गाने का हिस्सा बनने के पूरी तरह से हकदार हैं। वह एक बेहतरीन क्लासिकल आर्टिस्ट हैं और उन्होंने हमेशा से क्लासिकल म्यूजिक को बहुत खूबसूरती से निभाया है। वह और उनके भाई अख्तर ब्रदर्स के नाम से जाने जाते हैं और कई बड़े शोज में अपनी परफॉर्मेंस दे चुके हैं। इस गाने में हमारा एक्सपीरियंस एक-दूसरे से मेल खा गया। हम दोनों ने मिलकर समझा कि हम असल में क्या बना रहे हैं और किस दिशा में जाना है। यही सबसे बड़ी बात रही। हम दोनों ही क्लियर थे कि क्या बनाना है तो सभी कुछ आराम से हो गया। अगर हीर गाने को कोई दूसरा नाम देना होता, तो आप क्या रखते? वैसे तो हीर गाना मुझे और मेरी टीम को बेहद पसंद आया था और इसी वजह से हमने इसका नाम हीर ही फाइनल कर दिया। शुरुआत में मेरे मन में हीर आखिरी का टाइटल भी था, लेकिन जब हमने गाने की फील और म्यूजिक को समझा, तो लगा कि हीर एकदम सही है। क्या आपने कभी गाने लिखने के बारे में सोचा है? नहीं, मैं गाने नहीं लिखता और सच कहूं तो मैंने कभी इस बारे में सोचा भी नहीं। मेरी नजर में लिखना एक बहुत ही मुश्किल और गहराई वाला काम है। शायद गाना उससे कहीं ज्यादा आसान है। जो लोग गाने लिखते हैं, वो सच में बहुत ब्लेस्ड होते हैं। मैं अक्सर सोचता हूं कि काश मैं भी लिख पाता तो शायद आज कहानी कुछ और ही होती।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/ThyVmoO
via IFTTT

नसीरुद्दीन शाह @75, पहली फिल्म में ₹7.50 मिले,:दिलीप कुमार ने एक्टर बनने से मना किया, आर्ट और कमर्शियल सिनेमा को नई ऊंचाइयां दी

साधारण सी शक्ल-सूरत के बाद भी नसीरुद्दीन शाह ने अपनी मेहनत और लगन से फिल्म इंडस्ट्री जो मुकाम हासिल किया है, वहां तक पहुंचना लोगों के लिए सिर्फ एक सपना है। हालांकि नसीर के लिए यह मुकाम हासिल करना इतना भी आसान नहीं था। एक्टर ने अपने करियर की शुरुआत 1967 में राजेन्द्र कुमार की फिल्म ‘अमन’ से एक्स्ट्रा कलाकार के रूप में की। इस फिल्म के लिए उन्हें सिर्फ 7.50 रुपए मिले थे। एक बार जब दिलीप कुमार से मिले तो उन्होंने वापस घर जाने की सलाह दी, दिलीप कुमार की यह बात सुनकर नसीरुद्दीन शाह काफी हैरान थे, लेकिन उन्होंने अपने दिल की सुनी और फिल्म इंडस्ट्री में टीके रहे। नसीर ने आर्ट और कमर्शियल सिनेमा को ना सिर्फ नई ऊंचाइयां दी। बल्कि कड़ी मेहनत और परिश्रम से बॉलीवुड में अपना परचम बुलंद किया। नसीरुद्दीन शाह अपने अभिनय से लोगों को इंस्पायर कर रहे हैं। आज एक्टर के जन्मदिन पर जानते हैं, उनकी जिंदगी और करियर से जुड़े कुछ और रोचक किस्से.. नसीरुद्दीन शाह से जुड़े इंटरेस्टिंग फैक्ट्स पिता नहीं चाहते थे कि एक्टर बने नसीरुद्दीन शाह का फिल्मी सफर इतना भी आसान नहीं था। इसमें सबसे बड़ी दीवार उनके पिता थे। वो नहीं चाहते थे कि नसीरुद्दीन फिल्मों में जाएं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने के बाद नसीर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया। इसकी वजह से उनके पिता ने उनसे रिश्ता तोड़ लिया था। नसीरुद्दीन के दो और बड़े भाई हैं, जिनमें से एक आर्मी ऑफिसर बन चुके थे और दूसरे भाई इंजीनियर। पिता चाहते थे कि नसीरुद्दीन भी अपने भाइयों की तरह कुछ बनें, लेकिन उनका दिल तो कहीं और बसा था। बंटवारे के बाद दादा और चाचा पाकिस्तान चले गए नसीरुद्दीन शाह के पिता अली मोहम्मद शाह तहसीलदार थे। जब भारत-पाकिस्तान के बीच बंटवारा हुआ तब उसने दादा और चाचा पाकिस्तान चले गए। इकलौते नसीरुद्दीन शाह के पिता थे, जिन्होंने भारत में रहने का फैसला किया। वे अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाना चाहते थे, लेकिन नसीरुद्दीन शाह को बस इसी काम में मन नहीं लगता था। बताया जाता है कि नसीर को बस तीन ही चीजों से लगाव हुआ करता था और वो थे- क्रिकेट, थिएटर और फिल्में। पिता ने मदद करने से कर दिया था मना लल्लन टॉप संग बातचीत में नसीरुद्दीन शाह ने बताया था- नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के बाद पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट (FTII) जाने की सोची। पिता जी ने कहा कि अब कितनी एक्टिंग सीखनी है। मैंने जिद की तो बोले कि मैं आपकी दो साल तक मदद नहीं कर सकता, लेकिन मेरा सिलेक्शन हो गया और मेरे भाइयों ने दो साल तक मेरी बहुत मदद की। जब मैंने संस्थान में प्रवेश लिया, तो मुझे प्रवेश शुल्क के रूप में 600 रुपए की जरूरत थी। मैंने अपने पिता को पत्र लिखा कि मुझे तत्काल 600 रुपए चाहिए। मुझे लगा कि वो मना कर देंगे, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने टीएमओ के जरिए 600 रुपए बिना कोई सवाल किए ट्रांसफर कर दिए। पिता-पुत्र एक दूसरे को नहीं समझ पाए नसीरुद्दीन शाह ने आगे बताया था- मैंने अपने पिता को कभी नहीं समझा और न ही उन्होंने कभी मुझे समझा। वो पुरानी परंपराओं में विश्वास करते थे। हमारे बीच हमेशा एक गैप था, जो कभी भरा नहीं, मुझे इसका बहुत अफसोस है। हम (मेरे पिता और मैं) कभी एक दूसरे से आंख मिलाकर नहीं देख सकते थे। जब मैं बहुत छोटा था तब वह मुझसे बहुत प्यार करते थे, ऐसा मुझे बताया गया है। फिर उन्होंने मेरे लिए प्यार खो दिया, क्योंकि मैं स्कूल में अच्छा नहीं था। उन्होंने खुद हाई स्कूल तक पढ़ाई की थी, इसलिए वो अपने बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ाना चाहते थे। वो बेताब थे कि उनके बच्चे पढ़ाई में अच्छे हों। उन्होंने हमें सबसे अच्छी शिक्षा देने की कोशिश की, जितना वो कर सकते थे। जब मेरी शादी हुई, तो वे बहुत सदमे में थे, लेकिन जब मेरी बेटी हुई तो वो अपनी पोती से मिलने गए और बहुत खुश हुए। कुछ हद तक मेरी बेटी के जन्म ने हमारे बीच चीजों को ठीक करने में मदद की, लेकिन ये ज्यादा समय तक नहीं चला। पिता के अंतिम संस्कार में नहीं शामिल हो पाए नसीर अपने पिता के अंतिम संस्कार में नहीं शामिल हो पाए थे, लेकिन जब वो उनकी कब्र पर गए, तो वो खुद को रोक नहीं पाए। नसीर ने कहा था- मैं उनकी कब्र पर गया और अपने दिल की बात कह दी। मैंने उन्हें वो सब कुछ बताया जो उनके जीते जी नहीं कह सका। घंटों तक वहां बैठकर बातें करता रहा, मुझे लगा जैसे वो सुन रहे थे। हीरो जैसी शक्ल नहीं थी, गर्लफ्रेंड ने किया ब्रेकअप नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट (FTII) से एक्टिंग की बारीकियां सीखने के बाद भी नसीर के लिए एक्टिंग की राह आसान नहीं थी। बिना पैसे और टिकट के यात्राएं की, कभी-कभी उन्हें भूखे भी रहना पड़ता था। हीरो जैसी शक्ल-सूरत ना होने की वजह से उनकी पहली गर्लफ्रेंड ने ब्रेकअप कर लिया। पहली फिल्म में काम करने के मिले थे 7.50 रुपए नसीर की स्थिति ऐसी थी कि फिल्म में कोई भी रोल करने के लिए तैयार थे। 1967 में उन्हें पहली फिल्म ‘अमन’ मिली। इस फिल्म में राजेन्द्र कुमार की लीड भूमिका थी और नसीर एक्स्ट्रा कलाकार (यानी की भीड़ का हिस्सा) में नजर आए थे। इस फिल्म के लिए नसीर को 7.50 रुपए मिले थे। इस बात का जिक्र नसीर ने रेडिफ के साथ एक इंटरव्यू में किया था। एक्टर ने कहा था- उस समय मैं 16 साल का था। उस फिल्म को मोहन कुमार ने डायरेक्ट की थी। एक एक्स्ट्रा के रोल में आखिरी सीन में जहां राजेंद्र कुमार को उनके अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, मैं उनके ठीक पीछे खड़ा था। इस किरदार में बेहद सीरियस था। इसके लिए मुझे 7.50 रुपए मिले और यह मैने दो हफ्ते तक चलाए थे। दिलीप कुमार ने वापस घर जाने की सलाह दी थी मुंबई आने के बाद नसीरुद्दीन शाह अपने पेरेंट्स के टच में नहीं थे। ऐसे में उनके घर वाले दिलीप कुमार से उनका हाल चाल लिया करते थे। नसीर के परिवार का दिलीप कुमार से पुराना नाता है। नसीरुद्दीन शाह की बुआ शकीना आपा की दिलीप कुमार से अच्छी जान पहचान थी। नसीरुद्दीन भी दिलीप कुमार के घर अक्सर घूमने जाया करते थे। बोले थे अच्छे घर के बच्चे एक्टर नहीं बनते टाइम्स के साथ बातचीत के दौरान नसीरुद्दीन ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा था- जब मैंने दिलीप साहब से एक्टिंग में करियर बनाने की इच्छा जाहिर की, तो उन्होंने मना कर दिया था। दिलीप साहब ने कहा कि मुझे लगता है आपको वापस घर जाकर पढ़ाई करनी चाहिए। अच्छे घर के लोग एक्टर बनने की कोशिश नहीं करते। यह बात सुनकर काफी नर्वस हो गया। मन में सवाल आया कि पूछूं कि आप क्यों एक्टिंग में आए, लेकिन हिम्मत नहीं हुई। बाद मैंने दिलीप साहब के साथ फिल्म ‘कर्मा’ में काम किया, लेकिन उस समय मैंने उनको वह बात नहीं याद दिलाई। क्योंकि दिलीप साहब के घर तो हजारों लोग आते होंगे। उन्हें तो वह बात याद भी नहीं रही होगी। श्याम बेनेगल की फिल्म के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखे लीड एक्टर के तौर पर नसीरुद्दीन शाह ने डायरेक्टर श्याम बेनेगल की फिल्म ‘निशांत’ (1975)से करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में नसीर के साथ स्मिता पाटिल और शबाना आजमी जैसी बड़ी अभिनेत्रियों ने काम किया। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस कमाई के मामले में पिछड़ गई, लेकिन दर्शकों ने नसीरुद्दीन शाह के अभिनय को काफी सराहा। इस फिल्म के बाद उन्होंने ‘आक्रोश’, ‘स्पर्श’, ‘अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’, ‘मंडी’, ‘मोहन जोशी हाजिर हो’, ‘अर्द्ध सत्य’ और ‘मिर्च मसाला’ जैसी आर्ट फिल्मों में काम किया। आर्ट फिल्मों के बाद 1980 में उन्होंने मुख्यधारा की फिल्म ‘हम पांच’ में काम किया, लेकिन फिल्म ‘कर्मा’ से बॉलीवुड में छा गए। इसके अलावा 'मोहरा', 'नाजायज', 'चाहत', 'चाइना गेट', 'सरफरोश', 'इकबाल','अ वेडनेसडे' और 'डर्टी पिक्चर' जैसी फिल्मों से अपनी एक अलग पहचान बनाई। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स को दरवाजे के हैंडल के तौर पर इस्तेमाल करते हैं अभिनय का लोहा मनवा चुके दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने विवादित बयानों को भी लेकर खूब चर्चा में रहते हैं। अक्सर देखा गया है कि एक्टर अपनी हर बात बेबाकी के साथ रखते हैं। चाहे देश में रहने को लेकर कोई बात हो या लोकतंत्र की बात हो, एक्टर हमेशा बयान देते नजर आते हैं जो सोशल मीडिया पर तहलका मचा देते हैं। नसीर ने कहा था कि वह फिल्मफेयर अवॉर्ड्स को दरवाजे के हैंडल के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। नसीर की माने तो कोई भी एक्टर जिसने किसी रोल को निभाने में अपनी पूरी जिंदगी निकाल दी और खूब मेहनत की, वह एक अच्छा एक्टर है। अगर आप सभी में से किसी एक एक्टर को चुनते हैं और कहते हैं कि यह साल का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता है, तो यह कैसे उचित है? मुझे उन पुरस्कारों पर गर्व नहीं है। मैं अपने पिछले दो अवॉर्ड लेने भी नहीं गया। जब मैंने एक फार्महाउस बनाया तो मैंने इन पुरस्कारों को वहां रखने का फैसला किया। जो भी वॉशरूम जाएगा उसे दो-दो पुरस्कार मिलेंगे क्योंकि हैंडल फिल्मफेयर पुरस्कारों से बने हैं। दिलजीत दोसांझ का किया सपोर्ट दिलजीत की फिल्म 'सरदार जी 3' में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर के साथ काम करने को लेकर जब विवाद हुआ तब नसीरुद्दीन शाह ने दिलजीत की तरफदारी की थी । उन्होंने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था- मैं दिलजीत के साथ हूं। वो गंदी राजनीति के शिकार हुए हैं। कुछ लोग उन पर हमला करने का मौका ढूंढ रहे हैं। कास्टिंग का फैसला निर्देशक का था, दिलजीत का नहीं। वह एक मशहूर हस्ती हैं और उन्होंने बिना किसी पूर्वाग्रह के फिल्म में काम किया। कुछ लोग भारत और पाकिस्तान के बीच निजी रिश्तों को खत्म करना चाहते हैं। पाकिस्तान में दोस्तों के लिए प्यार नसीरुद्दीन शाह ने इसी पोस्ट में आगे लिखा था- पाकिस्तान में मेरे करीबी रिश्तेदार और दोस्त हैं। कोई मुझे उनसे प्यार करने या मिलने से नहीं रोक सकता और एक जवाब उनके लिए भी जो अब कहेंगे कि 'पाकिस्तान जाओ', मैं उन्हें कहना चाहूंगा 'कैलासा जाओ'। ____________________________________________________________ बॉलीवुड की यह खबर भी पढ़ें.. प्रियंका @43- हीरोइन बनीं तो ताने मिले:तीन बार सुसाइड की कोशिश, शाहरुख, अक्षय और शाहिद को डेट किया; देसी गर्ल से बनीं ग्लोबल स्टार एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने अपने दम पर बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग के बदौलत गहरी छाप छोड़ी है। ग्लोबल स्टार के तौर पर जानी जाने वाली प्रियंका आज बेहतरीन लाइफस्टाइल जी रही हैं, लेकिन इसके पीछे बहुत मेहनत, दर्द और हिम्मत की सच्ची कहानी छिपी है। मिस वर्ल्ड का खिताब जितने के बाद भी प्रियंका को बॉलीवुड में काफी रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें ....

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/PzUw0YO
via IFTTT

पंचतत्व में विलीन हुए धीरज कुमार:रजा मुराद से लेकर असित मोदी तक कई सेलेब्स अंतिम दर्शन करने पहुंचे, वेंटिलेटर सपोर्ट में थे वेटरन एक्टर-प्रोड्यूसर

वेटरन एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर धीरज कुमार का 15 जुलाई को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया है। सोमवार को सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां मंगलवार को उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज विले पार्ले स्थित पवनहंस श्मशान भूमि में हुआ। आज सुबह उनका पार्थिव शरीर हॉस्पिटल से उनके अंधेरी वेस्ट स्थित घर लाया गया है, जहां फिल्म जगत से रजा मुराद, असित मोदी, अशोक पंडित, टीना घई, दीपक काजिर समेत कई सितारे उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। धीरज कुमार के करीबी दोस्त रहे रजा मुराद ने उन्हें याद करते हुए एएनआई से बातचीत में कहा है- उन्होंने शोहरत कमाई और इसके साथ-साथ इज्जत भी कमाई है। आखिरी वक्त तक काम करते रहे। मेरी उनसे आखिरी मुलाकात मनोज कुमार के अंतिम संस्कार में हुई। यकीन नहीं हो रहा कि ये इंसान इतनी जल्दी चला जाएगा। वो फिट थे। उन्होंने एक अच्छी जिंदगी जी। उन्हें पैरालिटिक अटैक भी हुआ था, लेकिन वो सर्वाइव कर गए। वो बहुत नेक इंसान थे। आज सब उनका इज्जत से नाम ले रहे हैं। उन्हें किसी का एक पैसा भी नहीं देना होगा। और वो बेहद सिंपल और अच्छे इंसान थे। उन्होंने एक एंपायर बनाया, जिसकी बुनियाद थी ईमानदारी। हम दोनों एक दूसरे को पड़ोसी कहते थे। हम संगीता अपार्टमेंट में साथ रहते थे। जब मैं यहां शिफ्ट हुआ तो वो भी यहीं आ गया। मैं उनसे कहता था तुम मेरा पीछा नहीं छोड़ रहे हो, यहां भी पहुंच गए। हमने एक सीधा-सादा नेक इंसान खो दिया। तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो के प्रोड्यूसर असित मोदी भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने धीरज कुमार के निधन को बड़ी क्षति कहा है। प्रोड्यूसर ने कहा, धीरज कुमार के निधन से टेलीविजन इंडस्ट्री को बड़ी क्षति पहुंची है। मैं बहुत शॉक हूं क्योंकि मैं एक हफ्ते पहले ही उनसे मिला था। दर्जनों फिल्मों में किया काम, टीवी इंडस्ट्री में भी दिया बड़ा योगदान धीरज कुमार ने बतौर मॉडल अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने राजेश खन्ना को फिल्मफेयर टैलेंट हंट कॉम्पिटिशन में कड़ा मुकाबला दिया था। इस कॉम्पिटिशन में राजेश खन्ना ने पहला स्थान, सुभाष घई ने दूसरा और धीरज कुमार ने तीसरा स्थान हासिल किया था। ये तीनों ही विजेताओं ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और कामयाबी हासिल की। 1970 से 1985 तक धीरज कुमार ने हीरा पन्ना, शिरडी के साईं बाबा, सरगम, मांग भरो सजना, क्रांति, पुराना मंदिर, कर्म युद्ध और बेपनाह जैसी कई फिल्में की थीं। इसके बाद उन्होंने प्रोडक्शन हाउस क्रिएटिव आई की शुरुआत की। इस प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में बतौर प्रोड्यूसर और डायरेक्टर कदम रखा। ओम नमः शिवाय, श्री गणेश, मिली, घर की लक्ष्मी बेटियां, मन में है विश्वास, ये प्यार न होगा कम, तुझ संग प्रीत लगाई सजना, नादानियां और इश्क सुबहान अल्लाह जैसे बेहतरीन टीवी शो धीरज कुमार ने ही प्रोड्यूस किए हैं।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/speBI5W
via IFTTT

Port structure from Late Antiquity found in Corsica

An excavation at Cap Corse, a peninsula on the rugged northern tip of Corsica, has uncovered the remains of a port structure from Late Antiquity, dating to the 4th-5th centuries A.D. A team from the French National Institute for Preventive Archaeological Research (INRAP) excavated the outcropping overlooking Meria Bay before construction. They uncovered large schist blocks and postholes indicating a wooden structure once stood above them. Archaeologists believe it was a wooden jetty.

These monoliths, some of which exceed 1.50 m in length, appear to have been deposited in a disorderly manner, without binder, but nevertheless form a very localized riprap cordon. They are then topped by a thin hydromorphic sequence, probably linked to an episode of overflow of the watercourse, followed by an alternation of stone levels (shale chips) and silty sedimentary contributions forming a flat stony surface 4 to 6 m wide and with an observed length of 13 m.

Monoliths topped with stonework. Photo courtesy Brice Chevaux, Inrap,The development, which extends over a thickness of almost 80 cm, is thus an extension of the substrate, against which it rests, and allows ground to be gained from the riverbed. Slightly larger blocks are positioned at the northern edge of the construction and act as supports for the structure.

The stone platform looks rough and disorganized, but it was structured and required a great deal of effort and planning to accomplish. The design suggests it was a wharf or dock where boats were moored and their cargoes unloaded. Close to 100 metal objects, many of them bronze nails that may have been used in the construction of the wooden superstructure, have been found.

The structure was dated to Late Antiquity thanks to the discovery of more than a thousand ceramic fragments found in the archaeological layer. Very few remains from Late Antiquity have been found in Corsica, so the discovery gives archaeologists a unique opportunity to study the period.



* This article was originally published here