रंगीला@30, जैकी ने उर्मिला को पहनाई अपनी गंजी:कहा- यूनीक लुक चाहिए था, रामू बोले थे- ट्रेंड एक्टर होता तो क्लाइमैक्स बिगड़ जाता
राम गोपाल वर्मा के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘रंगीला’ अपने आकर्षक संगीत, हिट गानों और दिल को छू लेने वाली कहानी के कारण आज भी दर्शकों के बीच खास जगह रखती है। इस फिल्म में आमिर खान, जैकी श्रॉफ और उर्मिला मातोंडकर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। ‘रंगीला’ ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि नई युवा पीढ़ी को भी प्रेरित किया। इस फिल्म ने प्रेम, आकांक्षा और जीवन के संघर्षों का एक नया दृष्टिकोण पेश किया। यह फिल्म आज भी फिल्मों के इतिहास में एक क्लासिक के रूप में याद की जाती है, जिसने भारतीय फिल्म उद्योग को नई दिशा दी। 30 साल के बाद यह फिल्म आज यानी कि 28 नवंबर 2025 को फिर से सिनेमाघरों में 4K HD रिस्टोर्ड वर्जन में रिलीज हुई है। रंगीला के 30 साल पूरे होने पर फिल्म में राज कमल का किरदार निभाने वाले एक्टर जैकी श्रॉफ ने दैनिक भास्कर से बात की। आज उन्हीं की जुबानी पढ़िए रंगीला से जुड़े कुछ रोचक किस्से.. रामू को लगा कि रंगीला की कहानी में मुझे दिलचस्पी नहीं बहुत लोग बोलते हैं कि जब कोई हमसे बात करता है, तो हमारा ध्यान कहीं और होता है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। हम सब सुनते हैं, बस हमारा तरीका थोड़ा अलग है। अब तीन घंटे किसी की आंख में आंख डालकर थोड़े न बैठ सकते हैं। जब कोई बोल रहा होता है, तो हम शांति से सुनते हैं। वो जो बीच-बीच में "हां-हां", "अच्छा" वाले एक्सप्रेशन देते हैं न, वो झूठ लगते हैं। हमारी आदत है कि जब सुनो, तो बस ध्यान से सुनो, चुपचाप। जैसे खाना खाते वक्त पूरा ध्यान खाने में रखते हैं, वैसे ही बात सुनते वक्त पूरा ध्यान सुनने में रखते हैं। ऐसे ही रंगीला के समय भी हुआ था। रामू जब फिल्म की कहानी सुना रहे थे, तब उनको लगा कि मेरा ध्यान कहानी सुनने में नहीं, लेकिन मेरा रिएक्शन देख वो समझ गए कि मैं पूरी तरह से इन्वॉल्व हूं। रामू ने जब कहानी सुनाई तो बहुत पसंद आई। कहानी का इमोशन अच्छा लगा, इसलिए तुरंत हां कहा। मुझे रामू के डायरेक्शन पर भरोसा था और अपने किरदार से भी जुड़ाव महसूस हुआ। टेक्नीशियन पर पूरा भरोसा था, इसलिए फिल्म कर ली। ट्रेंड एक्टर होता, तो शायद क्लाइमैक्स वाला सीन बिगाड़ देता ‘रंगीला’ के क्लाइमैक्स वाले सीन की लोग अक्सर चर्चा करते हैं। रामू ने कहा था कि बड़े-बड़े मेथड एक्टर्स भी वो एक्सप्रेशन नहीं दे सकते थे। मैं इस बात को नहीं मानता। असल में मैंने कुछ किया नहीं, बस वो पल महसूस किया। किरदार का दिल टूटा था, लेकिन उसने दूसरे की खुशी में मुस्कुराना चुना। रामू ने सीन समझाया, मगर मैंने वही अंदर से महसूस किया। म्यूजिक, कहानी और शॉट्स सब मिलकर उस एक्सप्रेशन को पूरा करते हैं। ज्यादा ओवरएक्ट नहीं किया, बस भावनाओं को संतुलित रखा। रामू ने कहा था कि अगर मैं बहुत ट्रेंड एक्टर होता, तो शायद सीन बिगाड़ देता। हर नए एक्टर को अपना बच्चा मानता हूं रंगीला में जैकी श्रॉफ के साथ एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर के कई यादगार सीन हैं। जैकी के साथ उर्मिला की शानदार केमिस्ट्री की खूब चर्चा होती है। उर्मिला अक्सर जैकी की काइंडनेस की तारीफ करती हैं कि उन्होंने अच्छा कंफर्ट फील कराया था। जैकी श्रॉफ ने बताया- जब मैं इंडस्ट्री में नया था, देव आनंद साहब ने ‘स्वामी दादा’ फिल्म में मुझे थर्ड विलेन का मौका दिया था। शक्ति कपूर साहब का तीसरा चमचा बना था। मैं बहुत नर्वस था और सही से एक्ट भी नहीं कर पा रहा था। एक एक्शन सीन के दौरान मुझसे गलती हुई तो फाइट मास्टर नाराज हो गए, लेकिन देव साहब ने कहा, "टेक इट ईजी, नया लड़का है, सीख जाएगा।" उस दिन मैंने सब्र और सीनियर्स से प्यार करना सीखा। तभी से हर नए एक्टर को अपना बच्चा मानता हूं, क्योंकि जब मैं नया था, मुझे भी उसी तरह प्यार मिला था। ए आर रहमान के गानों में जैकी के स्टाइल और स्वैग की चर्चा अक्सर होती है। खासकर जब उन्होंने उर्मिला को उठाकर घुमाया था। उस सीन को याद करके जैकी हंसते हुए कहते हैं- उस वक्त सरोज खान जी, अहमद और कई डांस डायरेक्टर थे, पर कुछ मूव्स अपने आप बन जाते हैं। आज भी लोग उस सीन की बात करते हैं, अच्छा लगता है। 'रंगीला' के गाने 'तन्हा तन्हा' के सीन में उर्मिला ने जैकी श्रॉफ की गंजी पहनकर डांस किया था। जैकी कहते हैं- उस गाने में यूनीक और फ्रेश लुक क्रिएट करना था। इस लिए मैंने उर्मिला को अपनी गंजी दे दी थी। सच्चे इमोशंस कभी नहीं बदलते हैं 30 साल बाद भी आज रंगीला प्रासंगिक है। जैकी बताते हैं- इस फिल्म में सब कुछ है। प्यार, इमोशन, म्यूजिक और खूबसूरती। इसका म्यूजिक आज भी आगे के टाइम का लगता है, कोरियोग्राफी कमाल की थी। फिल्म का लुक, फील और दिल आज भी नए लगते हैं। टेक्निकल चीजें बदल गई हैं, पर इंसानी जज्बात नहीं बदलते। अच्छी फिल्में कभी पुरानी नहीं पड़तीं, जैसे ‘मुगल-ए-आजम’ या ‘मदर इंडिया’ आज भी नई लगती हैं। यही वजह है कि ये फिल्म भी हमेशा ताजा लगती है, क्योंकि इसमें सच्चे इमोशंस हैं, जो कभी नहीं बदलते। रंगीला में राजेश जोशी ने पकिया का किरदार निभाया था, 29 साल की उम्र में एक कार हादसे में उनका निधन हो गया था। नीरज वोहरा ने फिल्म के डायलॉग लिखे थे। इसके अलावा उन्होंने एक शराबी का छोटा सा किरदार निभाया था। अक्टूबर 2016 में नीरज वोरा को हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक हुआ, जिसके बाद वे कोमा में चले गए। करीब 10 महीने तक कोमा में रहने के बाद उन्होंने 14 दिसंबर 2017 की सुबह आखिरी सांस ली। सरोज खान ने "तन्हा तन्हा" और "हाय रामा" जैसे गीतों की कोरियोग्राफी की थी। 3 जुलाई 2020 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। रीमा लागू ने उर्मिला मातोंडकर की मां का किरदार निभाया था। 17 मई 2017 को दिल का दौरा पड़ने से उनका भी निधन हो गया था। अच्युत पोद्दार ने फिल्म रंगीला में उर्मिला मातोंडकर के पिता का किरदार निभाया था। 90 साल की उम्र में उनका निधन 18 अगस्त 2025 को हुआ। नितिन देसाई ने रंगीला में आर्ट डायरेक्शन किया था। 2 अगस्त 2023 को उन्होंने खुदकुशी कर ली थी। सिनेमैटोग्राफर डब्ल्यू. बी. राव का निधन मुंबई में 16 जनवरी 2018 की सुबह हो गया था। समय निकल जाता है, बस यादें रह जाती हैं जैकी श्रॉफ कहते हैं- बहुत लोग चले गए यार, राव साहब, नीरज भैया, पकिया। सब अच्छे दोस्त थे। टाइम निकल जाता है, कुछ पता नहीं चलता। कुछ दिन रोते हैं, फिर आगे बढ़ जाते हैं। तो बस, जब तक हैं, एक-दूसरे से प्यार करो, हंसो, जियो। नीरज भाई कमाल के राइटर थे। क्या टैलेंटेड इंसान था यार। असल जिंदगी में रंगीला का मुन्ना जैसा आमिर खान ‘रंगीला’ में मुन्ना नाम के एक टपोरी के किरदार में नजर आए थे। इस रोल के लिए उन्होंने असली टपोरियों के साथ रहकर उनकी भाषा, बोलचाल, लुक और एक्सप्रेशन पर काफी मेहनत की। जैकी ने फिल्म में सुपरस्टार का किरदार निभाया था, जबकि मुन्ना जैसा किरदार जैकी श्रॉफ की शख्सियत में झलकता है। जैकी बताते हैं- अरे भाई, मैं तो असली जिंदगी में वही मुन्ना हूं। सड़क वाला बंदा, सीधा-सादा, खुली जुबान वाला, लेकिन रोल मुझे सुपरस्टार वाले ही मिलते रहे। कभी पुलिस ऑफिसर, कभी हीरो। सपने साजन के, लज्जा, राम लखन, खलनायक, सबमें ऐसा ही किरदार किया। असलियत में मैं देसी हूं, पर पर्दे पर सुपरस्टार बन जाता हूं। अपनी फिल्में नहीं देखते हैं जैकी राम गोपाल वर्मा ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि जैकी श्रॉफ ने अपनी कोई फिल्म पूरी तरह कभी देखी है, खासकर फिल्म ‘रंगीला’ को भी उन्होंने शायद पूरी तरह नहीं देखा। जैकी कहते हैं- बात तो सही है। फिल्म देखी नहीं है, लेकिन डबिंग करते वक्त तो देख ही लेता हूं जहां-जहां डबिंग करनी होती है। मतलब सीन में क्या हो रहा है, वो सब पता चल जाता है, लेकिन फिर बैठकर पूरी फिल्म देखने का टाइम नहीं मिलता, तो अब क्या फिल्म देखूं। लोग बोलते थे जैकी नॉन-एक्टर है ‘रंगीला’ के लिए मिले फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर अवॉर्ड पर जैकी कहते हैं- अरे यार, अवॉर्ड तो बहुत मायने रखता है। लोगों ने प्यार दिया, पसंद किया, वही असली चीज है। फिर उन लोगों ने बोला- बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर दे दो जैकी को, तो मैंने कहा चलो ठीक है। सब बढ़िया एक्टर हैं, हर कोई डिजर्व करता है, पर देना तो किसी एक को ही होता है न। तो मेरे हाथ में दे दिया उन्होंने, मैंने भी ले लिया। ला भाई! पहले लोग बोलते थे कि जैकी तो एक्टर नहीं, नॉन-एक्टर है। अब भी कुछ वैसा ही बोलते हैं।
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