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» » » जूनियर एनटीआर @43, दादा सीएम-पापा थे साउथ सुपरस्टार:भाई-पिता की मौत अलग-अलग समय एक तरीके से हुई, ट्रॉमा में मुखाग्निक तक नहीं दे सके

जूनियर एनटीआर आज टॉलीवुड ही नहीं, पूरे भारतीय सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाते हैं। दादा एन. टी. रामा राव की फिल्मी विरासत संभालने वाले जूनियर एनटीआर ने 13 साल की उम्र में नेशनल अवॉर्ड जीता था। कभी लुक्स और वजन को लेकर ट्रोल हुए, तो कभी उनकी एक झलक पाने के लिए लाखों फैंस उमड़ पड़े। ‘अंधरावाला’ के ऑडियो लॉन्च में कथित तौर पर 10 लाख लोग पहुंचे थे। जूनियर एनटीआर की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। उनकी शादी उस दौर की सबसे महंगी सेलिब्रिटी शादियों में गिनी गई, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपए खर्च होने की रिपोर्ट्स थीं। 2009 में चुनाव प्रचार से लौटते वक्त वह भयानक सड़क हादसे का शिकार हुए और मौत को करीब से देखा। भाई और पिता की सड़क हादसों में मौत ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया और वह फिल्मों से दूर हो गए। लेकिन चार साल बाद RRR से ऐसा कमबैक किया कि ग्लोबल स्टार बन गए। जूनियर एनटीआर के 43वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से। दादा की विरासत, राजनीति का दबदबा जूनियर एनटीआर आज पैन-इंडिया सुपरस्टार हैं, लेकिन उनकी पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। वह तेलुगु सिनेमा और आंध्र प्रदेश की राजनीति के प्रभावशाली परिवार से आते हैं। उनके दादा एनटीआर (एन. टी. रामा राव) सुपरस्टार अभिनेता होने के साथ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के संस्थापक और आंध्र प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री भी रहे। एनटीआर ने 1943 में बसवतारकम से शादी की थी। दोनों के 12 बच्चे हुए, जिनमें 8 बेटे और 4 बेटियां थीं। बाद में यही परिवार तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति में बेहद ताकतवर माना जाने लगा। परिवार के कई सदस्य बड़े राजनीतिक और फिल्मी नाम बने। एनटीआर के बेटे: फिल्मों, राजनीति और बिजनेस में दबदबा एनटीआर के बेटों में सबसे चर्चित नाम नंदामूरी हरिकृष्ण और नंदामूरी बालकृष्ण रहे। हरिकृष्ण अभिनेता होने के साथ TDP के बड़े नेता और राज्यसभा सांसद रहे। वहीं नंदामूरी बालकृष्ण तेलुगु फिल्मों के सुपरस्टार हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। परिवार के अन्य बेटे भी अलग-अलग भूमिकाओं में जुड़े रहे। नंदामूरी रामकृष्ण सीनियर फिल्म निर्माण और प्रोडक्शन गतिविधियों से जुड़े रहे। नंदामूरी जयकृष्ण फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन और बिजनेस संभालते रहे। नंदामूरी साईकृष्ण व्यावसायिक कामकाज से जुड़े रहे। नंदामूरी मोहनकृष्ण फिल्म और बिजनेस नेटवर्क का हिस्सा रहे। नंदामूरी हरिनाथ सार्वजनिक जीवन से अपेक्षाकृत दूर रहे। नंदामूरी रामकृष्ण जूनियर पारिवारिक फिल्म और बिजनेस गतिविधियों में सक्रिय रहे। अगली पीढ़ी में जूनियर एनटीआर, कल्याण राम और दूसरे कलाकारों ने फिल्मों में नाम कमाया। बेटियां भी बड़े राजनीतिक परिवारों से जुड़ीं एनटीआर की बेटियां भी राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं। दग्गुबाती पुरंदेश्वरी भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहीं। भुवनेश्वरी नारा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की पत्नी हैं। लोकेश्वरी सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं। उमा महेश्वरी परिवार का हिस्सा रहीं और समय-समय पर चर्चाओं में रहीं। इसी वजह से एन. टी. रामा राव परिवार को आंध्र प्रदेश का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक-फिल्मी परिवार माना जाता है। दूसरी शादी और परिवार में बढ़ा राजनीतिक विवाद बसवतारकम के निधन के बाद एनटीआर ने 1993 में लक्ष्मी पार्वती से दूसरी शादी की थी। लक्ष्मी पार्वती लेखिका थीं और एनटीआर की जीवनी लिखने के दौरान दोनों करीब आए थे। इस शादी से उनकी कोई संतान नहीं हुई। यह रिश्ता काफी विवादों में रहा और परिवार के कई सदस्य इसके खिलाफ थे। बाद में परिवार और पार्टी के भीतर बड़ा राजनीतिक संघर्ष हुआ। एनटीआर के निधन के बाद लक्ष्मी पार्वती ने अलग पार्टी बनाई, लेकिन उन्हें ज्यादा राजनीतिक सफलता नहीं मिली। जूनियर एनटीआर किसके बेटे हैं? जूनियर एनटीआर, एनटीआर (एन. टी. रामा राव) के बेटे नंदामूरी हरिकृष्ण और शालिनी भास्कर राव के बेटे हैं। वह एनटीआर और उनकी पहली पत्नी बसवतारकम की फैमिली लाइन से पोते हैं। जूनियर एनटीआर के पिता नंदामूरी हरिकृष्ण ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी लक्ष्मी कुमारी थीं, जिनसे कल्याण राम, जनकी राम और सुहासिनी हुए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरिकृष्ण की दूसरी शादी से परिवार में नाराजगी थी और दादा एन. टी. रामा राव शुरुआत में इस रिश्ते से खुश नहीं थे। हालांकि, जूनियर एनटीआर के जन्म के बाद उन्होंने शालिनी को परिवार में स्वीकार किया और अपने पोते को अपना नाम दिया। परिवार में जूनियर एनटीआर को प्यार से ‘तारक’ कहा जाता है। बाद में दादा एनटीआर ने अपने नाम से जोड़कर उनका पूरा नाम ‘नंदामूरी तारक रामा राव’ रखा। यहीं से वह ‘जूनियर एनटीआर’ के नाम से मशहूर हुए। जूनियर एनटीआर के पिता हरिकृष्ण फिल्मों और राजनीति दोनों में सक्रिय रहे। वह TDP के बड़े प्रचारक माने जाते थे और चुनावी रैलियों में भारी भीड़ जुटाते थे। यही लोकप्रियता बाद में जूनियर एनटीआर में भी दिखाई दी। 8 साल की उम्र में दादा की फिल्म से किया डेब्यू जूनियर एनटीआर का जन्म 20 मई 1983 को हुआ था। उन्होंने छोटी उम्र में फिल्मों में काम शुरू कर दिया था। महज 8 साल की उम्र में ‘ब्रह्मऋषि विश्चामित्र’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट डेब्यू किया। यह फिल्म उनके दादा एनटीआर ने निर्देशित की थी। फिल्म में उन्होंने राजा भरत का किरदार निभाया था। स्कूल की पढ़ाई के साथ उन्होंने कुचिपुड़ी डांस की ट्रेनिंग ली, जिसने उनकी डांसिंग स्टाइल को अलग पहचान दिलाई। 13 साल की उम्र में मिला नेशनल अवॉर्ड जूनियर एनटीआर की दूसरी बड़ी फिल्म ‘रामायणम्’ थी। इसमें उन्होंने भगवान श्रीराम का किरदार निभाया था। उस समय उनकी उम्र करीब 14 साल थी। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ बाल फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि माना गया। उसी दौर में इंडस्ट्री को एहसास हो गया था कि वह आगे चलकर बड़े स्टार बनेंगे। 18 साल की उम्र में बने लीड हीरो साल 2001 में जूनियर एनटीआर ने ‘निन्नु चूडालानी’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। हालांकि उन्हें असली पहचान ‘स्टूडेंट नंबर 1’ से मिली। यह ‘एस.एस राजामौली’ की पहली डायरेक्टोरियल फिल्म भी थी। फिल्म सुपरहिट रही और यहीं से राजामौली और जूनियर एनटीआर की सफल जोड़ी शुरू हुई। बाद में दोनों ने ‘सिम्हाद्री’, ‘यमदोंगा’ और ‘RRR’ समेत 4 फिल्मों में काम किया। चारों फिल्में सुपरहिट रहीं। ‘आदि’ और ‘सिम्हाद्री’ ने बना दिया मास हीरो ‘आदि’ और ‘सिम्हाद्री’ की सफलता ने जूनियर एनटीआर को युवाओं के बीच सुपरस्टार बना दिया। उनकी डायलॉग डिलीवरी, डांस और एनर्जी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। डायरेक्टर्स बताते हैं कि जूनियर एनटीआर लंबे तेलुगु डायलॉग्स बिना कट के एक ही टेक में बोल देते हैं। उनकी मेमोरी तेज मानी जाती है और यही वजह है कि उन्हें टॉलीवुड का दमदार परफॉर्मर माना जाता है। ‘अंधरावाला’ के ऑडियो लॉन्च में पहुंचे 10 लाख लोग 5 दिसंबर 2003 को फिल्म ‘अंधरावाला’ के ऑडियो लॉन्च इवेंट में कथित तौर पर करीब 10 लाख लोग पहुंचे थे। यह कार्यक्रम निम्माकुरु गांव में हुआ था, जो जूनियर एनटीआर के दादा एनटीआर का जन्मस्थान है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इतनी भीड़ संभालने के लिए सरकार को 10 स्पेशल ट्रेनें चलानी पड़ी थीं। उस समय जूनियर एनटीआर की उम्र 20-21 साल थी। बाद में उन्होंने द कपिल शर्मा शो में भी इस घटना का जिक्र किया था। यह आज भी टॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी फैन गैदरिंग्स में गिना जाता है। मोटापे के कारण ट्रोल हुए, फिर किया जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन करियर की शुरुआत में जूनियर एनटीआर को वजन और लुक्स को लेकर ट्रोल किया गया। खासतौर पर फिल्म ‘राखी’ के दौरान उनका वजन करीब 100 किलो तक पहुंच गया था। इसके बाद उन्होंने खुद पर मेहनत शुरू की और ‘यमदोंगा’ के लिए करीब 20 किलो वजन घटाया। फिल्म सुपरहिट रही और उनका नया लुक भी पसंद किया गया। एसएस राजामौली के निर्देशन में बनी यह फिल्म बाद में हिंदी में 'लोक परलोक' और तमिल में 'विजयन' नाम से डब कर रिलीज की गई। इसके बाद ‘बादशाह’, ‘टेम्पर’, ‘जनता गैरेज’ और ‘अरविंद समेथा वीरा राघवा’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग ट्रांसफॉर्मेशन दिखाए। ‘अरविंद समेथा वीरा राघवा’ में वह पहली बार 6 पैक एब्स में नजर आए। चुनाव प्रचार के दौरान हुआ था भयानक एक्सीडेंट साल 2009 में जूनियर एनटीआर ने तेलुगु देशम पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किया था। उनकी सभाओं में भारी भीड़ उमड़ती थी और उन्हें पार्टी का भविष्य माना जाता था। 27 मार्च 2009 को नलगोंडा जिले के पास उनकी कार का गंभीर एक्सीडेंट हुआ। हादसा इतना भयानक था कि वह SUV से बाहर जा गिरे थे। उन्हें गंभीर चोटें आईं और लंबे समय तक इलाज चला। इसके बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली। 100 करोड़ की शादी बनी थी चर्चा जूनियर एनटीआर ने 5 मई 2011 को लक्ष्मी प्रणति से हैदराबाद में भव्य समारोह में शादी की थी। जूम टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस शादी में करीब 100 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। लक्ष्मी प्रणति बिजनेसमैन नार्ने श्रीनिवास राव और नार्ने मल्लिका की बेटी हैं। मल्लिका, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की भतीजी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रिश्ते को तय कराने में चंद्रबाबू नायडू की अहम भूमिका रही थी। 18 करोड़ का मंडप बना, सुरक्षा के लिए भारी इंतजाम किए गए थे रिपोर्ट्स के अनुसार, जूनियर एनटीआर की शादी के लिए करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से विशाल मंडप तैयार किया गया था। मंडप को पारंपरिक दक्षिण भारतीय मंदिर शैली में सजाया गया था और इसके निर्माण में कई दिनों तक काम चला था। शादी में फिल्म इंडस्ट्री, बिजनेस और राजनीति जगत की बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे। यह समारोह उस समय की सबसे चर्चित सेलिब्रिटी शादियों में गिना गया था। 1 करोड़ की साड़ी पहनकर दुल्हन बनी थीं लक्ष्मी प्रणति शादी में सबसे ज्यादा चर्चा लक्ष्मी प्रणति की लाल कांजीवरम साड़ी की हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपए बताई गई थी। कहा जाता है कि शादी के बाद इस साड़ी को दान कर दिया गया था। जूनियर एनटीआर और लक्ष्मी प्रणति के दो बेटे अभय राम और भार्गव राम हैं। एक्टर की पत्नी लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं और बहुत कम सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती हैं। भाई और पिता की मौत ने तोड़ दिया था परिवार 2014 में जूनियर एनटीआर के बड़े भाई जानकी राम की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद अगस्त 2018 में उनके पिता नंदामूरी हरिकृष्ण का भी रोड एक्सीडेंट में निधन हो गया। पिता के अंतिम संस्कार के दौरान जूनियर एनटीआर खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। वे इतने बदहवास हो चुके थे कि सौतेले भाई कल्याण ने पिता को मुखाग्नि दी। इन घटनाओं ने जूनियर एनटीआर को अंदर तक तोड़ दिया था। पिता की मौत के बाद उन्होंने फिल्मों से लंबा ब्रेक लिया। ‘RRR’ से बने ग्लोबल स्टार चार साल बाद जूनियर एनटीआर ने 2022 में RRR से दमदार वापसी की। फिल्म में उनके निभाए कोमारम भीम के किरदार को दुनियाभर में पसंद किया गया। फिल्म के गाने ‘नाटू नाटू’ ने ऑस्कर जीतकर इतिहास रचा। इसके बाद जूनियर एनटीआर की लोकप्रियता पूरी दुनिया तक पहुंच गई। इस फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने 'देवारा: पार्ट 1' और 'वॉर 2' में काम किया। लग्जरी कारों के शौकीन, सभी नंबर ‘999’ जूनियर एनटीआर को नंबर 9 पसंद है और वह इसे अपना लकी नंबर मानते हैं। यही वजह है कि उनकी ज्यादातर लग्जरी कारों के नंबर 999 होते हैं। उनके कार कलेक्शन में पोर्श 718 केमन, रेंज रोवर और लैंबोर्गिनी यूरस जैसी महंगी गाड़ियां शामिल हैं। राजनीति से दूरी, फिल्मों पर पूरा फोकस इतने बड़े राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद जूनियर एनटीआर ने अब तक सक्रिय राजनीति में एंट्री नहीं की है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में जूनियर एनटीआर ने कहा था कि राजनीति बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और फिलहाल उनका पूरा ध्यान फिल्मों पर है। सामाजिक कार्यों में भी आगे रहते हैं जूनियर एनटीआर जूनियर एनटीआर फिल्मों के अलावा सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। वह समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा राहत अभियानों में मदद करते रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहायता दी थी। इसके अलावा फिल्म इंडस्ट्री के जरूरतमंद वर्कर्स और फैंस की मदद करते रहते हैं। खास बात यह है कि जूनियर एनटीआर अपने सामाजिक कार्यों का ज्यादा प्रचार नहीं करते हैं। ____________________________________________ फिल्मी हस्तियों से जुड़ी ये स्टोरीज भी पढ़ें- नवाजुद्दीन सिद्दीकी@52:वॉचमैन बने तो मालिक बोले- इस मरे हुए को किसने रखा, दोस्त की गुमशुदगी से मिली सरफरोश, सीन कटे तो थिएटर में रोए उत्तर प्रदेश के बुढ़ाना में जन्मे नवाजुद्दीन सिद्दीकी जब 17 साल के हुए तो उनके एक घर में टीवी आया। एक दिन नवाज की नजर पड़ोस में रहने वाली लड़की पर पड़ी। पहली नजर में ही उन्हें उस लड़की से प्यार हो गया। वो लड़की रोज टीवी देखने एक घर में जाती तो पीछे-पीछे नवाज भी वहीं जाने लगे। दोनों घंटों उस घर में बैठते और कई बार नजरें टकरातीं।पूरी खबर पढ़ें..

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