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» » » फिल्मों के खलनायक जिनकी सड़ती-गलती लाश मिली:5 शादियां,12 अफेयर, फिर भी कोई बॉडी क्लेम करने नहीं पहुंचा; 18 साल काम नहीं मिला तो कंगाल हुए

तारीख- 9 फरवरी 2019 जगह- वर्सोवा, यारी रोड स्थित किनारा अपार्टमेंट का फ्लैट हिंदी सिनेमा के मशहूर विलेन रहे महेश आनंद बीते कई सालों से बीमार चल रहे थे। काम मिलना बंद हो चुका था तो घर में आर्थिक तंगी का वो आलम था कि खाने-पीने के भी लाले पड़े हुए थे। जो बची-खुची सेविंग्स थी, वो भी इलाज में लग चुकी थी। इसके बावजूद किसी तरह बहन से मिलने वाले खर्च से वो शराब पीने की व्यवस्था कर लेते थे। न खाने का ठिकाना था न साफ-सफाई का, ऐसे में बहन ने एक टिफिन वाला लगवा रखा था, जो रोज घर के दरवाजे पर टिफिन लटका दिया करता था। एक कामवाली भी थी, जो आड़े दिन आकर सफाई कर जाती थी। उस रोज पड़ोसियों की नजर महेश के दरवाजे पर पड़ी तो देखा वहां टिफिन इकट्ठा होते जा रहे थे। जब 57 साल का शख्स किसी घर में अकेला हो और ये भी साफ हो कि टिफिन के अलावा उसके पास खाने का कोई दूसरा जरिया नहीं है, तो ये बात खटकनी जरूरी भी थी। पड़ोसियों ने जैसे ही घर की तरफ कदम बढ़ाए तो कुछ गंध सी आई। सभी कदम आगे बढ़ाने लगे तो कुछ सड़ने की बदबू तेज होने लगी। जैसे-जैसे कदम बढ़कर दरवाजे के पास पहुंचे तो बदबू से वहां खड़ा रह पाना भी मुश्किल होने लगा। पड़ोसियों ने अनहोनी का एहसास होने पर तुरंत पुलिस को इत्तला दी। जैसे ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो मंजर डरावना था। अंदर महेश की सड़ती-गलती लाश सोफे से टिकी हुई थी। सोफे में ही हाथ के पास अधूरी शराब और आधा खाया हुआ खाना पड़ा था, जिसमें फंगस लग चुकी थी। टिफिन की संख्या से साफ था कि लाश दो दिनों से उसी बंद फ्लैट में सड़ रही थी। ये एक नमूना था महेश आनंद के अकेलेपन का कि दो दिनों से किसी ने उनकी खबर तक नहीं ली थी। इतना ही नहीं, लंबे समय तक कोई उनकी डेडबॉडी भी अस्पताल से क्लेम करने नहीं आया। सवाल ये था कि आखिरी उनकी मौत कैसे हुई? क्या आर्थिक तंगी और अकेलेपन से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या की? क्या लंबी बीमारी से उन्होंने दम तोड़ दिया? या फिर कोई और ही वजह थी? जानिए महेश आनंद की कहानी अनसुनी दास्तान के 4 चैप्टर्स में- अमिताभ बच्चन के साथ शहंशाह, संजय दत्त के साथ गुमराह जैसी कई बड़ी फिल्मों में नजर आ चुके महेश आनंद 80-90 के दशक के सबसे कामयाब विलेन की फेहरिस्त में शुमार थे। महेश आनंद कभी मार्शल आर्ट्स में ब्लैक बेल्ट हुआ करते थे। लंबी-चौड़ी कद-काठी और हैंडसम लुक के चलते उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा था। इसी के साथ-साथ उन्होंने डांस की ट्रेनिंग भी ली। डांस में महारत हासिल करने के बाद उन्हें साल 1982 की कमल हासन और रीना रॉय स्टारर फिल्म सनम तेरी कसम के टाइटल सॉन्ग में बैकग्राउंड डांसर बनने का मौका मिला। पहली ही फिल्म में उन्होंने हुनर का ऐसा नमूना दिया कि उन्हें करिश्मा (1984) और भवानी जंक्शन (1985) जैसी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल मिलने लगे। तीन फिल्मों के बाद आखिरकार उन्हें फिल्म सस्ती दुल्हन महंगा दूल्हा में लीड रोल मिल गया। इस फिल्म में उनके साथ आदित्य पंचोली भी लीड रोल में थे। उनकी ये फिल्म कोई खास कमाल तो नहीं दिखा सकी, हालांकि बाद में अमिताभ बच्चन की फिल्म शहंशाह में गुंडे के रोल से उन्हें देशभर में पहचान मिल गई। पॉपुलैरिटी की बदौलत वो अमिताभ की फिल्मों गंगा जमुना सरस्वती और तूफान जैसी फिल्मों में भी विलेन बने। बतौर विलेन महेश अपने दमदार अभिनय से किरदार से लोगों को नफरत करवा दिया करते थे। पॉपुलैरिटी ऐसी बढ़ी कि वो सालाना 6-8 फिल्मों में नजर आने लगे। चंद सालों में ही उन्होंने संजय दत्त, अक्षय कुमार, अमिताभ बच्चन, गोविंदा, शशि कपूर, सनी देओल, विनोद खन्ना, सलमान खान के साथ करीब 300 फिल्में कर डालीं। महेश की शुरुआती दो फिल्मों सनम तेरी कसम और करिश्मा की प्रोड्यूसर बरखा रॉय थीं। बरखा, मशहूर एक्ट्रेस रीना रॉय की बहन थीं। चंद फिल्मों में साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और दोनों ने शादी कर ली। हालांकि अफसोस कि ये शादी चंद महीनों में ही टूट गई। पहली पत्नी से तलाक लेने के बाद महेश आनंद ने मिस इंडिया इंटरनेशनल रहीं एरिका मारिया डिसूजा से साल 1987 में दूसरी शादी की। इस शादी से महेश आनंद को एक बेटा हुआ जिसका नाम उन्होंने त्रिशूल आनंद रखा था। त्रिशूल महज चंद महीनों का ही था, जब मारिया, महेश को छोड़कर विदेश चली गईं। उन्होंने महेश से कॉन्टैक्ट पूरी तरह खत्म कर लिया, जबकि वो अपने बेटे से मिलने के लिए काफी मशक्कत करते थे। बाद में सामने आया कि मारिया ने बेटे का नाम त्रिशूल से बदलकर एंथोनी वोहरा कर दिया है। साल 1992 में महेश आनंद ने एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा से शादी कर ली। मधु चीख और पड़ोसी की बीवी जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी थीं। कुछ सालों में मधु भी महेश को छोड़कर चली गईं। तीन नाकाम शादियों के बाद महेश ने 1999 में मशहूर एक्ट्रेस ऊषा बचानी से शादी की थी। ऊषा और महेश की शादी भी चंद महीनों में ही टूट गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों का रिश्ता टूटने की वजह महेश आनंद की शराब की लत थी। महेश आनंद की करीबी दोस्त साहिला चड्ढा के अनुसार, उनके अलग-अलग समय पर 12 महिलाओं से संबंध थे। इनमें से कई के साथ वे लिव-इन में भी रहे थे। 90 के दशक के आखिर तक महेश आनंद के पास सालाना 4-5 फिल्में होती थीं। हालांकि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान स्टंट करते हुए उनका एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट इतना बड़ा था कि उनके शरीर पर कई गहरी चोटें आईं। वो 3 महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहे। इलाज पूरा होने के बाद भी डॉक्टर्स ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी थी। यही वजह रही कि 6 महीनों तक उन्होंने कोई फिल्म साइन नहीं की। वहीं दूसरी तरफ नए कलाकारों के आने से उनकी पॉपुलैरिटी कम होने लगी। उन्होंने रिकवरी के लिए इंडस्ट्री से ब्रेक लिया था, हालांकि बाद में उन्हें फिल्में मिलनी ही बंद हो गईं। उनकी जो भी बची-खुची कमाई थी वो भी इलाज में खर्च होने लगी। वो इस हादसे से उबर ही रहे थे कि उनके सौतेले भाई ने उनके साथ 6 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर दी, नतीजतन उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने इंडस्ट्री में वापसी करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उनकी हर कोशिश नाकाम रही। सालों तक काम न मिलने से महेश आनंद डिप्रेशन में जाने लगे और उन्हें शराब की लत लग गई। इकलौते बेटे को देखने के लिए तरस गए थे महेश आनंद कई सालों तक महेश सोशल मीडिया पर अपना दर्द जाहिर करते रहे। एक पोस्ट में उन्होंने बेटे से आखिरी बार मिलने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने लिखा था- मेरे बेटे त्रिशूल, मेरे मरने से पहले बस एक बार मुझे गले लगा लो। वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा था, मैं ये देखकर दिन भर रोता हूं। बेटा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं। मैं तुम्हारा असल पिता हूं। मैं जानता हूं कि उन लोगों ने तुम्हारा नाम बदल दिया है। एंथोनी वोहरा। बस एक बार मेरे मरने से पहले मुझे गले लगा लो। आत्महत्या करने वाले थे महेश आनंद, दोस्तों ने बचाई थी जान साल 2018 की बात है, जब उन्होंने फेसबुक में फैंस से बातचीत करते हुए कलाई काटकर आत्महत्या करने की बात कही थी। एक्ट्रेस साहिला चड्ढा ने दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में इस बात को कन्फर्म किया था। साहिला के अनुसार, जैसे ही उन्होंने फेसबुक पर आत्महत्या का जिक्र किया, वैसे ही ये खबर CINTA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन) की नुपुर अलंकार तक पहुंचाई गई। नुपुर तुरंत उनके घर पहुंचीं और उन्हें आत्महत्या करने से रोका। नुपुर ने न सिर्फ उन्हें रोका बल्कि तब तक उनसे बात करती रहीं, जब तक पुलिस वहां नहीं पहुंच गई। साल 2018 महेश आनंद के लिए कई उम्मीदें लेकर आया था। इस साल अगस्त में उन्होंने रशिया से ताल्लुक रखने वालीं लाना से शादी की। वो अक्सर अपने फेसबुक अकाउंट से लाना के साथ तस्वीरें शेयर किया करते थे। वो कहते थे कि लाना उनके जीने की इकलौती उम्मीद हैं। लाना को वीजा लिमिट के चलते ज्यादातर रशिया में ही रहना पड़ता था। वो हर 4 महीने बाद भारत आती थीं और महेश के साथ समय बिताती थीं। वहीं 57 साल के महेश मुंबई के अपार्टमेंट में अकेले रहते थे। 18 साल बाद मिला वापसी का मौका जहां एक तरफ महेश ने शादी कर जिंदगी को नए सिरे से शुरू किया, वहीं एक रोज उन्हें फिल्म भी ऑफर हो गई। महेश आनंद के लिए एक आम सा दिन था, जब अचानक उनके पास डायरेक्टर पहलाज निहलानी का मैसेज आया। उसमें लिखा था, कॉल करना। महेश ने तुरंत कॉल किया तो डायरेक्टर ने उन्हें मिलने के लिए जल्द से जल्द ऑफिस आने को कहा। महेश आनंद बिना समय गंवाए पहुंच गए। पहलाज निहलानी ने उनसे कहा कि वो गोविंदा के साथ फिल्म रंगीला राजा बना रहे हैं। फिल्म की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन वो चाहते थे कि महेश उस फिल्म में 6 मिनट का रोल करें। इसके जवाब में महेश ने कहा, रोल 6 मिनट का हो या 1 मिनट का, मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता। आपने मुझे याद किया, यही मेरे लिए बड़ी बात है। इसके बाद महेश ने न रोल के बारे में पूछा, न कुछ और। उनका मानना था कि पहलाज निहलानी ने उन्हें दूसरा जन्म दिया है। महेश आनंद ने पूरे उत्साह के साथ फिल्म रंगीला राजा शूट की। वो अपने दोस्त से कहा करते थे कि देखना इस फिल्म के बाद मेरा करियर दोबारा पटरी पर आ जाएगा और मैं फिर फेमस हो जाऊंगा। उन्हें फिल्म और अपने बॉलीवुड कमबैक से काफी उम्मीदें थीं। फिल्म रंगीला राजा 18 जनवरी 2019 को रिलीज हुई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। वहीं इसके ठीक 22 दिन बाद महेश आनंद की बॉडी उनके घर से बरामद की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, ये एक नेचुरल डेथ थी। उन्होंने आत्महत्या नहीं की थी। महेश की मौत के बाद उनकी 5वीं पत्नी लाना से संपर्क किया गया था। वो उस वक्त रशिया में थीं। कई दिनों तक महेश आनंद की बॉडी कूपर अस्पताल में ही रही, किसी ने भी उनकी बॉडी क्लेम नहीं की। खबर सामने आने के बाद इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने उनका अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। हालांकि उनके पहुंचने से पहले ही लाना ने बॉडी क्लेम की और अकेले ही उनका अंतिम संस्कार करवाया।

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