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» » » बाथरूम में मिली थी एक्टर आदित्य राजपूत की लाश:मौत से पहले मां को भेजा आखिरी मैसेज, ड्रग्स रूमर्स से फ्यूनरल में नहीं पहुंचे सेलेब्स

22 मई 2023 की बात है स्प्लिट्सविला, कोड रेड और 3 AM जैसी कई बेहतरीन सीरीज, फिल्मों और शोज में नजर आ चुके आदित्य सिंह राजपूत, मुंबई के अंधेरी स्थित लश्करिया हाइट्स की 11वीं मंजिल में अकेले रहते थे, जबकि उनकी मां ऊषा राजपूत दिल्ली में रहती थीं। पिता का कुछ सालों पहले ही निधन हो चुका था। वो अक्सर मां से कॉल और मैसेज में बात किया करते थे। उस रोज मां ने ध्यान दिया कि उनकी और आदित्य की चैट अचानक गायब हो गई। दोपहर करीब 2 बजकर 15 मिनट में मां ने आदित्य को कॉल कर इसकी वजह पूछी तो उन्हें जवाब मिला कि कुछ टेक्निकल दिक्कतें हैं। कॉल कटते ही आदित्य ने उन्हें एक मैसेज किया- 'मम्मा', इसके साथ उन्होंने लाल दिल बनाया था। कुछ देर बाद आदित्य ने फिर उन्हें एक वॉइस नोट भेजा और कहा, व्हॉट्सएप की दिक्कत ठीक हो जाएगी, आप चाहो तो मैसेज कर सकती हो। इसके जवाब में ऊषा ने दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर लिखा, 'ओके बेटा'। आदित्य ने ये उनका ये मैसेज कभी देखा ही नहीं। करीब पौन घंटे ही बीते थे कि ऊषा दफ्तर में थीं, जब उनके पास आदित्य के एक दोस्त का कॉल आया, जिसने घबराती हुई आवाज में कहा कि आदित्य अब इस दुनिया में नहीं हैं। आदित्य राजपूत की मौत कई तरह के सवालों से घिरी रही। शुरुआत में लोगों ने इसे आत्महत्या माना था, लेकिन फिर कहा गया कि वो ड्रग लेते थे और उनकी मौत भी ड्रग ओवरडोज से हुई। वहीं इस बात से भी कई सवाल खड़े हुए कि उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं की गई। आदित्य ने इंडस्ट्री में काम करते हुए नाम के साथ कई दोस्त भी कमाए थे, जो उनकी मौत के दिन घर में रोते-बिलखते पहुंचे थे। इनमें से ही एक हैं एक्ट्रेस सुबुही जोशी, जिन्होंने आदित्य की मौत के बाद सच जानने के लिए पुलिस स्टेशन के कई चक्कर काटे, लेकिन उन्हें हर बार कोई न कोई वजह बताकर चलता कर दिया गया। आज आदित्य की असल कहानी जानने के लिए हमने सबसे पहले उनकी मां से बात की। बेटे की मौत के बाद गहरे सदमें में जा चुकीं मां ने रुआसी आवाज में हमारी रिपोर्टर से बस इतना ही कहा कि मैं इस बारे में बात करने की हालत में नहीं हूं। इसके बाद हमारी रिपोर्टर आदित्य की सबसे करीबी दोस्त और एक्ट्रेस सुबुही जोशी से बात की, जो आदित्य की मौत के बाद सबसे पहले उनके घर पहुंची थीं। आज अनसुनी दास्तानें के 3 चैप्टर्स में पढ़िए ऋतिक रोशन, शाहरुख खान, आमिर खान के साथ स्क्रीन शेयर कर चुके आदित्य राजपूत की मौत की असल कहानी- दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले आदित्य राजपूत फिल्मों और टीवी शोज में लगातार काम मिलने के चलते मुंबई शिफ्ट हो गए। वो अंधेरी की लश्करिया हाइट्स बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर स्थित फ्लैट में अकेले रहते थे। घर में पार्टी होती थीं और दोस्तों का हुजूम लगता था। 21 मई 2023 की रात को आदित्य ने अपने घर में दोस्तों के लिए एक पार्टी रखी थी। उन्होंने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से इस पार्टी की कुछ तस्वीरें भी शेयर की थीं। जिसके अगले दिन यानी 22 मई को उनकी लाश बाथरूम में मिली। अंधेरी पुलिस के अनुसार, आदित्य के कुक ने उनके बाथरूम से तेज आवाज सुनी और वो दौड़कर देखने पहुंचा। उसने देखा कि आदित्य के सिर से खून बह रहा है और वो बेसुध हैं। कुक को कुछ समय नहीं आया, वो तुरंत बिल्डिंग के वॉचमैन के पास पहुंचा और उसे बुलाकर लाया। दोनों ने नजदीकी हॉस्पिटल कॉल कर एक डॉक्टर बुलाया। डॉक्टर ने तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए कहा। तब तक आदित्य के दोस्तों को भी बता दिया गया था, जो हड़बड़ी में घर पहुंचे थे। इन दोस्तों में आदित्य की बेहद करीबी दोस्त और एक्ट्रेस सुबुही जोशी भी शामिल थी। इस मामले को करीब से जानने के दैनिक भास्कर ने सुबुही जोशी से संपर्क किया। उन्होंने हमें घटना की सिलसिलेवार कहानी बताई। सुबुही ने कहा, हमारी दोस्ती 8 साल पुरानी थी। मेरा दिन भी उसी से होता था और रात भी। हम दिन में 5-6 बार कॉल पर बात करते थे। हम हफ्ते में 4-5 बार तो मिलते ही थे। वो मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा था। 22 मई को मेरी उससे बात हुई थी। उसने मुझे गुड मॉर्निंग मैसेज किया था। मैंने भी उसे गुड मॉर्निंग लिखा था, लेकिन उसने जवाब नहीं दिया। उस दिन सुबह हमारी बातचीत हुई थी। मैं अपने घर में थी। हमारा एक म्यूचुअल फ्रेंड है अभीनीत। उसने दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर मुझे कॉल किया और कहा कि उसने आदित्य को कॉल किया था, कॉल आदित्य के हाउसहेल्प ने उठाया और कहा कि आदित्य अब नहीं रहे। मैंने उससे कहा कि क्या बकवास कर रहे हो। कोई मान ही नहीं सकता। हम अपने लोगों के बारे में ये बातें नहीं मान पाते। अभीनीत मुंबई में नहीं रहता तो उसने मुझसे कहा कि तुम जल्दी उसके घर जाओ। मैं बिना कुछ सोचे-समझे तुरंत पजामा और चप्पल में ही निकल पड़ी और आदित्य के घर पहुंची। आदित्य के घर के ऊपर ही हमारी दोस्त खुशी रहती है। वो वहां पहले से थी। वहां उसका हाउसहेल्प भी था। मुझे लगा आदित्य नाटक कर रहा है। मैंने उसे एक दो बार हिलाया भी, लेकिन वो उठा ही नहीं। मुझे यकीन नहीं हो रहा था। मैं बता नहीं सकती कि मैं उस वक्त क्या महसूस कर रही थी। धीरे-धीरे खबर फैलने लगी और बाकी दोस्त भी आ गए। धीरे-धीरे मुझे यकीन करना ही पड़ा। उसके परिवार से वहां कोई नहीं था, तो मुझे मजबूत बनना पड़ा, क्योंकि बाकी चीजें भी देखनी थीं। आदित्य की मौत की खबर मिलने के बाद 22 मई की शाम को उनकी मां मुंबई पहुंचीं। जिस समय पोस्टमार्टम के बाद परिवार को उनका पार्थिव शरीर सौंपा गया तो मां फफककर रो पड़ीं। सुबूही उन्हें सहारा देती नजर आईं। बेटे का शव देखकर मां ने उनके चेहरे पर हाथ फेरते हुए बिलखते हुए कहा, 'कहां चला गया मेरा इतना प्यारा बेटा, मैं कैसे रहूंगी।' जब हमने सुबुही से पूछा कि आदित्य की मौत आखिर कैसे हुई? तो जवाब में उन्होंने कहा, कोई कुछ भी कहे, लेकिन आदित्य की मौत सिर पर चोट लगने से हुई है। उसे एसिडिटी की बहुत प्रॉब्लम थी। बहुत दिनों से मेरा उससे झगड़ा हो रहा था क्योंकि वो अपना फुल बॉडी चेकअप नहीं करवा रहा था। इस बात पर हमारा बहुत झगड़ा होता था। उसको सुबह एसिडिटी हुई थी और उसने हाउसहेल्प को नीचे भेजा था मेडिसिन लेने। उसने वो गोली खाई, जिसके बाद उसे उल्टी हो गई। वो उल्टी करने गया तो वो बाथरूम में फिसल गया। वो गिरा और उसके सिर में टाइल लग गई। जब मैं बाथरूम पहुंची तो मैंने देखा कि टाइल टूटी पड़ी हुई थी। टाइल ऐसे नहीं टूटती। अगर मैं उसे अपने सिर पर भी मारूं तो वो ऐसे ही नहीं टूटेगी। लेकिन वो इतनी जोर से टाइल पर गिरा कि वो टाइल टूटी हुई नीचे पड़ी थी। उसने चीख मारी और हेल्पर को आवाज दी, हेल्पर वहां पहुंचा, लेकिन वो इतने हैवी थे कि वो उठा नहीं पाया। हाउसहेल्प ने नीचे जाकर गार्ड को बुलाया। दोनों ने उसे उठाकर बिस्तर पर रखा। लेकिन तब तो वो गुजर चुके थे। मुझे यकीन है कि यही हुआ है। आदित्य की मौत के बाद उनकी एक रात पहले हुई पार्टी की तस्वीरें काफी वायरल हुईं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उन्होंने पार्टी में ड्रग लिया था, जिसके ओवरडोज से उनकी मौत हो गई। जबकि आदित्य की मां ने कहा था कि इस तरह के दावे झूठे हैं। उन्होंने अपील की थी कि उनके बेटे पर ड्रग लेने के आरोप न लगाए जाएं। जब दैनिक भास्कर ने आदित्य के घर हुई ड्रग पार्टी के बारे में सुबुही से पूछा तो उन्होंने कहा- 'वो पार्टी कर रहा था। लेकिन कोई ऐसी पार्टी नहीं हुई थी। उसके सिर्फ 2 दोस्त आए हुए थे। हम सबके घर में गैट-टुगेदर होता है। सभी बैठे थे। वो एंजॉय कर रहे थे। मैं ये साफ करना चाहती हूं, मुझे पहली बार बोलने का मौका मिला है कि इस मामले का ड्रग से कोई लेना-देना नहीं है। वो ऐसा नहीं था। जब वो रूममेट रखता था, तो वो कॉन्ट्रैक्ट बनवाता था जिसमें रूल होता था कि घर में किसी तरह का ड्रग नहीं लिया जा सकता। जो इंसान उस कॉन्ट्रैक्ट में मेंशन करता था, उसके बारे में जब लोग कहते हैं कि वो ड्रग लेता था तो ये बहुत दिल तोड़ने वाला होता है। ड्रग का कोई लेना-देना नहीं है। पता नहीं किसने ये बात उछाली, लेकिन ये बकवास है।' आदित्य की पोस्टमार्टम रिपोर्ट कभी डिस्क्लोज नहीं की गई। जब सुबूही से इस बारे में सवाल किए गए, तो उन्होंने कहा, 'मुझे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आज तक हमारे हाथ में नहीं आई। मैंने बहुत कोशिश की। कई बार पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। वो कहते रहे कि केस अब दूसरे ऑफिसर के पास ट्रांसफर हो गया है और मैं खून के रिश्ते में नहीं हूं इसलिए मुझे जानकारी नहीं दी जा सकती। लेकिन जिस दिन उसका पोस्टमार्टम हुआ था, मैंने डॉक्टर्स से पूछा था तो उन्होंने मुझे चोट दिखाई थी और कहा कि इसी वजह से उनकी मौत हुई।' अगर हत्या हुई तो किसने करवाई?- सुबुही जोशी आदित्य की मौत के बाद उनके परिवार और कुछ करीबियों ने हत्या का शक जताया था। सुबुही ने इस पर कहा, 'अगर हत्या हुई तो किसने करवाई। घर पर तो कोई था ही नहीं। कोई उसकी हत्या क्यों करेगा। वो इतना प्यारा इंसान था। मैं सवाल पूछना चाहती हूं कि अगर ये हत्या थी तो उस वक्त पूछताछ क्यों नहीं हुई। घर में सिर्फ हाउसहेल्प था। पुलिस इतनी काबिल है कि उन्होंने उस हाउसहेल्प से भी पूछताछ की होगी। मेरे सामने सबके फोन लिए गए थे। एक दिन पहले आदित्य ने जिन लड़कों के साथ पार्टी की थी, उन सबके भी फोन लिए गए थे। वो सब मैंने देखा था। तो क्या हत्या हाउसहेल्प ने की। मैं हत्या की बात नहीं मानती। केस बंद हो चुका है। मैंने बहुत टाइम तक कोशिश की पता करने की, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। मुझे नहीं पता उनके परिवार ने कितनी कोशिश की। लेकिन अब केस बंद हो चुका है। मैंने भी गिव-अप कर दिया। क्योंकि बार-बार उस ट्रॉमा में जाना बहुत मुश्किल होता है। मैं चाहती थी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट हमारे हाथ में आए, जिससे मैं मीडिया को बता पाती कि मौत की वजह क्या थी। जिससे उसके नाम पर जो भी ड्रग की बात जोड़ी जा रही है, वो हट जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।' मौत के बाद आदित्य पर लगे थे संगीन आरोप आदित्य की मौत के बाद उनका नाम कई कंट्रोवर्सीज से जोड़ा गया। कहा गया कि वो ड्रग लेते हैं और साथ ही लड़कियां सप्लाई करते हैं। इन दावों पर हमने सुबूही से सवाल किए तो उन्होंने इन दावों को निराधार कहा। सुबुही ने कहा, 'कोई भी एक्टर जब गुजरता है तो कहा जाता है कि वो तो बहुत ड्रग करता था। क्या कॉलेज के बच्चे ड्रग नहीं करते, क्या कॉलेज के लोग नहीं करते। मैं तो चीख-चीखकर कह सकती हूं कि वो ड्रग नहीं करता था। रही बात लड़कियां सप्लाई करने कि तो मुझे लगता है कि ये बहुत गंदी बाद है कि कोई चला गया और मुझे उसके बारे में इस वजह से सफाई देनी पड़ रही है। उसका बैकग्राउंड ही ऐसा नहीं था। वो मॉडर्न था, लेकिन उसकी कुछ वैल्यूज थीं। अगर ऐसा था तो पुलिस ने कभी ये प्रूव क्यों नहीं किया। लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। वो बहुत सीधा था। सिर्फ अपनी चीजों में था।' आदित्य की मौत के अगले दिन उनका अंतिम संस्कार हुआ, जहां चंद करीबी दोस्तों के अलावा इंडस्ट्री से ज्यादा लोग नहीं पहुंचे। आखिर में सुबुही ने कहा, 'मेरे लिए आदित्य को भूलना मुमकिन नहीं है। मैं उससे अपनी हर छोटी-बड़ी बात शेयर करती थी।आज भी उसकी बहुत याद आती है और जहां भी हो, मुझे यकीन है कि उसे शांति मिल रही होगी। जब मैंने उसे अग्नि दी, मेरे लिए सारे रिचुअल्स निभाना बहुत कठिन था। घर लौटकर जब मैंने कपड़े बदले, तो मुझे लगा जैसे आदित्य मेरे आस-पास है।मैं बहुत डर गई थी। पूरी रात सीढ़ियों पर बैठी रही।एक दिन मैंने उससे मन ही मन कहा कि "आदित्य, अब तू जा। जो करना था, मैंने कर दिया।" फिर एक बार मेरी एक दोस्त मेरे साथ सोने आई थी। रात को मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई मेरा सिर सहला रहा हो।जब आंख खुली, तो मुझे लगा जैसे आदित्य वहीं था। मैं बहुत डर गई, लेकिन उस दिन के बाद वो कभी नहीं आया।आज भी उसकी बहुत याद आती है। कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे वो आसपास है और मुझे सुन रहा है।' 19 अगस्त 1990 को आदित्य राजपूत दिल्ली के एक मिडिल क्लास परिवार में जन्में थे। पढ़ाई में टॉपर और फोटोग्राफी का शौक रखने वाले आदित्य ने कम उम्र में ही हीरो बनने का फैसला कर लिया। इसकी शुरुआत उन्होंने मॉडलिंग से की। ऋतिक रोशन, शाहरुख, आमिर के साथ किए कई एड्स 17 साल की उम्र में आदित्य ने दिल्ली में रैंप वॉक करना शुरू कर दिया। समय के साथ उन्हें कॉमर्शियल एड में काम करने के ऑफर मिलने लगे। एक रोज आदित्य को पता चला कि दिल्ली में एक ब्रांड के लिए स्क्रीन टेस्ट हो रहे हैं। हुनर आजमाने आदित्य भी स्क्रीन टेस्ट के लिए पहुंचे, जहां महेश भट्ट औऱ राज कौशल ने बतौर जज उनका सिलेक्शन किया। उन्हें ये एड मिला, जिसमें उनके साथ ऋतिक रोशन और सौरव गांगुली थे। आगे उन्होंने करीब 125 एड में काम किए, जिनमें आमिर खान के साथ कोक, शाहरुख खान के साथ डिश टीवी BSNL, टी-सीरीज मोबाइल, क्लोज अप, अमूल कूल के एड शामिल हैं। काम के सिलसिले में वो अक्सर दिल्ली से मुंबई जाया करते थे। एक रोज उन्होंने कुछ दिन मुंबई में ठहरकर काम ढूंढने का फैसला किया। ये तरकीब चल निकली और लगातार ऑडिशन देते हुए आदित्य को सीरीज और फिल्मों में काम मिल गया। आदित्य ने साल 2010 की फिल्म मैंने गांधी को नहीं मारा से बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म में उन्होंने उर्मिला मातोंडकर के भाई और अनुपम खेर के बेटे का अहम रोल निभाया था। इस फिल्म के लिए अनुपम खेर को नेशनल अवॉर्ड में स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड और उर्मिला को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था। बढ़ती पॉपुलैरिटी के साथ आदित्य MTV वेब्ड, MTV स्प्लिट्सविला, कोड एम, गंदी बात में भी नजर आए। मौत से कुछ समय पहले ही आदित्य ने क्लोदिंग ब्रांड लॉन्च की थी, जो कम समय में ही काफी पॉपुलर हो गई थी।

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