मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए
कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं…, ये बेहतरीन सदाबहार डायलॉग हैं डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के जो आज 76 साल के हो चुके हैं। बीते साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से हुई भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। मिथुन चक्रवर्ती ही वो पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से- किस्सा- 1 गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया। हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। लेकिन कोर्स शुरू होने में समय था, तो वो शख्स बहन की शादी के लिए मुंबई जाने वाला था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शक्ति भी उस लड़के के साथ मुंबई चले गए। मुंबई में उन्हें पता चला कि वो शादी उस वक्त के मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना की है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे। शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति और उनके दोस्त को होस्टल छोड़ने गए। गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’ वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए। रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थक हारकर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे नहीं बनना एक्टर। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए। किस्सा- 2 सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं। एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था। किस्सा- 3 रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें। किस्सा- 4 रूममेट ने घर से निकाला, बाथरूम साफ करने की शर्त रखी गई मुंबई में रहते हुए उन्हें एक दोस्त ने अपने कमरे में जगह दे दी। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने भी मिथुन को घर से निकाल दिया। ऐसे में मिथुन कई दिनों तक फुटपाथ में ही गुजारा करते रहे। मिथुन बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए एक जिम जाते थे, ऐसे में जिम के मालिक ने शर्त रखी थी कि अगर बाथरूम यूज करना है, तो रोज आकर सफाई करनी पड़ेगी। ये किस्सा मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। डांस इंडिया डांस शो में मिथुन ने बताया कि उन्होंने कई रातें भूख में फुटपाथ में सोकर गुजारीं। यही वजह है कि वो कभी नहीं चाहते कि उनकी बायोपिक बने, क्योंकि उनकी कहानी, लोगों को तोड़ देगी। किस्सा-5 फ्लर्ट करते देख मृणाल सेन ने दी पहली फिल्म मृगया मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 की फिल्म मृगया से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें कॉलेज के दिनों में ही कास्ट कर लिया गया था। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि जिस समय मिथुन पुणे के FTII में पढ़ रहे थे, तब डायरेक्टर मृणाल सेन फिल्म मृगया के लिए एक ऐसे लड़के की तलाश में थे, जो दुबला-पलता, सांवला हो, जो कुछ हद तक संताल आदिवासी की तरह दिखे। उन्होंने कास्टिंग की जिम्मेदारी अपने कैमरामैन के.महाजन को सौंपी थी। एक दिन के.महाजन की नजर कॉलेज के कॉरिडोर में खड़े मिथुन चक्रवर्ती पर पड़ी, जो वहां कुछ लड़कियों के साथ खड़े फ्लर्ट कर रहे थे। उन्हें मिथुन की पर्सनालिटी इतनी पसंद आई कि उन्होंने मृणाल सेन को बताया। मृणाल ने सोच लिया कि जब फिल्म बनाएंगे, तो मिथुन को ही कास्ट करेंगे, लेकिन फिल्म बनने में देरी हुई और मिथुन पढ़ाई पूरी कर मुंबई आकर रहने लगे। जब फिल्म शुरू की तो उन्होंने मिथुन को कोलकाता बुलाया और फिल्म ऑफर की। किस्सा- 6 नेशनल अवॉर्ड मिला, तो दिल्ली जाने के नहीं थे पैसे, रेखा ने की थी मदद मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं आया। ऐसे में वो हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। मिथुन का असली नाम गौरांग था, जो उन्होंने फिल्मों में आने के बाद मिथुन कर लिया था। हालांकि जब वो हेलन के स्पॉटबॉय बने तो उन्होंने अपना नाम राणा रेज कर लिया। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई, जिसके लिए मिथुन को नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास टिकट तक के पैसे नहीं थे। रेखा भी उसी समय एक फिल्म की शूटिंग के लिए दिल्ली जा रही थीं। जब उन्हें मिथुन के बारे में पता चला तो वो उन्हें अपना स्पॉटबॉय बनाकर साथ में दिल्ली ले गईं और खुद उनकी फ्लाइट टिकट बुक करवाई। किस्सा- 7 इंटरव्यू लेने आए शख्स से कहा- 2 दिन से भूखा हूं, पहले खाना खिलाओ स्ट्रगल के दौरान ऐसा कई बार हुआ, जब मिथुन ने भूखे पेट रातें गुजारीं। पहली फिल्म ‘मृगया’ के बाद भी उन्हें स्ट्रगल करना पड़ा। नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद जब एक पत्रकार उनका इंटरव्यू लेने पहुंचा तो भूख के मारे आवाज नहीं निकल रही थी। उन्होंने पत्रकार से कहा- 2 दिन से भूखा हूं, पहले खाना खिलाओ फिर इंटरव्यू दूंगा। आगे चलकर मिथुन चक्रवर्ती ने सुरक्षा, तराना, पतीता, हम पांच, हम से बढ़कर कौन, तकदीर का बादशाह जैसी फिल्मों से इंडस्ट्री में जगह बना ली और साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होने लगी। किस्सा- 8 मिथुन चक्रवर्ती के झूठ से खराब होने वाला था ऋषि कपूर का चेहरा, सेट पर एक्सीडेंट से खूब खून बहा ऋषि कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने 1978 की फिल्म फूल खिले हैं गुलशन गुलशन में साथ काम किया था। ये फिल्म मिथुन के करियर का बड़ा ब्रेक होने वाली थी। एक दिन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले डायरेक्टर सिकंदर खन्ना ने मिथुन से पूछा- क्या तुम कार चलाना जानते हो। मिथुन कार ड्राइविंग में कच्चे थे। लेकिन उन्हें डर था कि ये बताने के बाद डायरेक्टर कहीं उनके सीन न काट दे। ऐसे में उन्होंने झूठ कहा कि वो ठीक तरह कार चला लेते हैं। तसल्ली होने के बाद डायरेक्टर ने उन्हें सीन बताया। स्क्रिप्ट के अनुसार, मिथुन को तेज रफ्तार में कार लाकर ऋषि कपूर के पास में रोकना था, जिससे वो कार में बैठ सकें। जैसे ही एक्शन बोला गया, मिथुन ने एक्सेलेटर पर पैर मारा और तेज रफ्तार में कार चलानी शुरू कर दी। उन्हें ब्रेक मारने में देरी हो गई, जिससे तेज रफ्तार में कार ऋषि कपूर से आ टकराई और उनका चेहरा कार की बोनट से जा टकराया। ऋषि कपूर के मुंह से खूब खून बहा। गलती का एहसास होने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने तुरंत डायरेक्टर, ऋषि कपूर और सेट पर मौजूद हर शख्स से माफी मांगी। उन्होंने साफ बता दिया कि रोल कट जाने के डर से उन्होंने झूठ बोला था। हालांकि सबने उन्हें माफ कर दिया और ब्रेक के बाद शूटिंग दोबारा पूरी सावधानी के साथ शुरू की। फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करने के बाद मिथुन को 1983 की फिल्म डिस्को डांसर से स्टारडम मिला। ये 100 करोड़ कमाने वाली पहली फिल्म रही। इस फिल्म से मिथुन को ओवरनाइट स्टारडम मिल गया। किस्सा-9 जब राजकुमार ने डायरेक्टर से मिथुन की कास्टिंग पर कहा- ये किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए मिथुन चक्रवर्ती को 80 के दशक में उस दौर के स्टार राजकुमार के साथ फिल्म गोलियों के बादशाह में छोटा सा रोल मिला था। राजकुमार, का रवैया नए एक्टर्स के साथ उस समय ठीक नहीं था। शूटिंग के पहले ही दिन जब मिथुन कॉस्ट्यूम पहनकर तैयार हुए, तो उन्हें देख राजकुमार ने डायरेक्टर से कहा- माना कि रोल छोटा है, लेकिन इसके लिए आप किसी स्ट्रगलिंग एक्टर को क्यों ले आए। किसी अच्छे एक्टर को लेना था, ये किसे उठा लाए। मिथुन को ये बात काफी बुरी लगी। वो सीधे राजकुमार के पास गए और कहा- जिस स्ट्रगलिंग एक्टर की आप बात कर रहे हैं, वो मैं ही हूं। मिथुन को देख राजकुमार हंस पड़े और कहा- तुम यहां कहां आ गए एक्टिंग करने। ये कोई बच्चों का खेल नहीं है। इस पर मिथुन ने कहा- जानता हूं कि ये बच्चों का खेल नहीं है। मैं 7 साल से एक्टिंग कर रहा हूं। एक दिन मैं भी बड़ा एक्टर बनूंगा। ये सुनकर राजकुमार फिर हंसे और कहा- कोई छोटा-मोटा रोल चाहिए हो तो बताना। मिथुन चक्रवर्ती के बारे में ये भी पढ़िए-
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