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ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

Saturday, 19 July 2025

राणा नायडू के पहले सीजन में अदिति हुई थीं रिजेक्ट:दूसरे में बनीं स्टंट वुमन तसनिम, शादी की खबरों पर बोलीं- मैंने कभी नहीं कहा

एक्ट्रेस अदिति शेट्टी इन दिनों वेब सीरीज राणा नायडू के सीजन 2 में नजर आ रही हैं। इसमें उन्होंने तसनीम का किरदार निभाया है, जो एक शक्तिशाली महिला का रोल है। आदिति ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान बताया कि इस किरदार को निभाने के लिए उन्होंने क्या-क्या तैयारी की। साथ ही उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में भी बात की। वेब सीरीज राणा नायडू में काम करने का अनुभव कैसा रहा? राणा नायडू वेब सीरीज में काम करने का अनुभव मेरे लिए बेहद खास और यादगार रहा। यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं था। पूरी टीम बहुत ही अच्छी और प्रोफेशनल है। अगर कलाकारों की बात करूं तो राणा दग्गुबाती, सुशांत सिंह, अर्जुन रामपाल और अभिषेक बनर्जी जैसे शानदार अभिनेताओं के साथ काम करना मेरे लिए एक बहुत बड़ी बात थी। मैंने इन सभी से बहुत कुछ सीखा। सिर्फ कलाकार ही नहीं, डायरेक्टर्स और बाकी क्रू के साथ काम करना भी बेहद अच्छा रहा। कुल मिलाकर मेरा अनुभव बहुत ही अच्छा था। अपने किरदार के बारे में क्या कहना चाहेंगी? इस सीरीज में मैं तसनीम का किरदार निभा रही हूं, जो एक स्टंट वुमन है। यह किरदार एक बहुत ही मजबूत और आत्मनिर्भर महिला का है। तसनीम राणा के वर्ल्ड में उन चुनिंदा महिलाओं में से एक है जो किसी के सामने भी डटकर खड़ी हो सकती है और जो अपने हक के लिए लड़ सकती है। मुझे यह किरदार इसीलिए भी खास लगा क्योंकि यह न केवल फिजिकली स्ट्रॉन्ग है, बल्कि इमोशनली भी बहुत ग्राउंडेड है। एक और खूबसूरत पहलू यह है कि मेरे और अभिषेक बनर्जी के किरदार के बीच एक बेहद प्यारी लव स्टोरी भी दिखाई गई है। जहां पूरी सीरीज में एक्शन और इंटेंस ड्रामा है, वहीं यह लव स्टोरी दर्शकों को एक इमोशनल कनेक्शन भी देती है, जो आज के समय में बहुत कम देखने को मिलती हैं। तसनीम का किरदार आपकी रियल लाइफ पर्सनैलिटी से कितना मेल खाता है या फिर कितना अलग है? आदिति और तसनीम एक-दूसरे से काफी अलग हैं। मैं असल जिंदगी में बहुत तेज-तेज और जल्दबाजी में बोलने वाली हूं, जबकि तसनीम बहुत ठहरकर, सोच-समझकर बात करती है। जब तसनीम कुछ कहती है, तो लोग उसे ध्यान से सुनते हैं। तसनीम बहुत मुंहफट और स्ट्रेट फॉरवर्ड है। उसे पता है कि अपना काम दूसरों से कैसे निकलवाना है और वह किसी के सामने झुकती नहीं। जबकि मैं असल जिंदगी में थोड़ी अलग हूं। राणा दग्गुबाती के साथ एक्शन सीन करते समय आपको कितनी नर्वसनेस हुई? क्या उन्होंने कोई ऐसा शब्द कहा जिससे आपको मोटिवेशन मिला हो? जब मुझे पता चला कि मेरा राणा दग्गुबाती सर के साथ वन-ऑन-वन एक्शन सीन है, तो मैं बहुत खुश थी, लेकिन उतनी ही नर्वस भी। मन में कई सवाल थे। कैसे करूंगी, क्या ठीक से कर पाऊंगी। लेकिन जैसे ही मैं सेट पर पहुंची, सब कुछ अपने आप ही आसान हो गया। राणा सर ने माहौल इतना नॉर्मल बना दिया था कि नर्वसनेस धीरे-धीरे खत्म हो गई। वो सेट पर बहुत शांत और सहयोगी थे। उन्होंने कभी मुझे ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि मैं नई हूं या कुछ गलत कर रही हूं। आपने इसके पहले सीजन के लिए भी ऑडिशन दिया था, लेकिन रिजेक्शन मिला। उस समय कैसा महसूस हुआ था और अब जब आप दूसरे सीजन का हिस्सा हैं, तो कैसा लग रहा है? देखिए, रिजेक्शन किसी को भी अच्छा नहीं लगता मुझे भी नहीं लगा था। हां, थोड़ी निराशा जरूर हुई थी, क्योंकि मैं पहले सीजन का हिस्सा बनना चाहती थी। लेकिन मैं ये भी समझती हूं कि हर ऑडिशन में सिलेक्शन नहीं होता। ये प्रोसेस का हिस्सा है और इससे सीख मिलती है। जब मुझे पता चला कि इसका दूसरा सीजन आ रहा है, तो मैं बिना किसी झिझक के फिर से ऑडिशन देने पहुंच गई। इस बार मेरा सिलेक्शन हुआ और मुझे एक बेहतरीन किरदार निभाने का मौका मिला। मॉडलिंग से लेकर अब तक का जो करियर रहा है, क्या आप उससे संतुष्ट हैं? हां, मैं कह सकती हूं कि मैं अपने करियर से संतुष्ट हूं। यह जरूर नहीं कहूंगी कि मैं अभी करियर के शिखर पर हूं, लेकिन धीरे-धीरे मैं आगे बढ़ रही हूं और अच्छी प्रगति कर रही हूं। मैंने कई ब्यूटी पेजेंट्स जीते हैं, कई रैंप वॉक किए हैं, टीवी शोज में काम किया है और अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी कर रही हूं। इस सफर में मुझे बहुत कुछ सीखने और करने का मौका मिला है और मैं अपने अब तक के करियर से खुश हूं। खबरें आई थीं कि आप जल्द ही शादी करने वाली हैं। क्या इसमें कोई सच्चाई है? इन खबरों पर मैं क्या ही कहूं। ये सब अफवाहें हैं, लोगों के बनाए हुए कयास हैं। मैंने कभी कहीं नहीं कहा कि मेरी शादी होने वाली है। ये बातें मेरी तरफ से कभी नहीं आईं। हां, जब भी शादी करूंगी, तो खुद सबको जरूर बताऊंगी।

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'इंडस्ट्री में अक्सर लोग बंद कमरों में तारीफ करते हैं':मोहित सूरी ने खुद को बताया संदीप रेड्डी वांगा का फैन; बोले-आजकल गाने रील्स के हिसाब से बनते

डायरेक्टर मोहित सूरी अपनी फिल्म ‘सैयारा’ के जरिए दो नए चेहरों के बड़े पर्दे पर लॉन्च कर चुके हैं। उन्होंने इस फिल्म में एक्टर्स के अलावा सिंगर और म्यूजिक कंपोजर को भी मौका दिया है। हालांकि, ये पहली बार नहीं है। मोहित अपने करियर की शुरुआती फिल्म से ही ऐसा करते आए हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में मोहित ने न्यूकमर्स के साथ काम करने, अपनी फिल्मों के म्यूजिक पर बात की है। ‘सैयारा’ को आम लोगों के अलावा इंडस्ट्री से भी खूब प्यार मिल रहा है। संदीप रेड्डी वांगा ने ट्रेलर को लेकर बहुत कुछ लिखा भी। इसे कैसे देखते हैं? मैं इस बात को दिल से सराहता हूं। मेरे ख्याल में केवल एक बहुत ही सुलझा और सिक्योर इंसान ही दूसरों की काम की तारीफ कर सकता है। मैंने ‘एनिमल’ देखने के बाद उन्हें पर्सनली मैसेज किया था। मैंने पब्लिकली तारीफ नहीं की थी, मुझे ऐसा करना चाहिए था। 'एनिमल' देखने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं संदीप रेड्डी वांगा फैन बन चुका हूं। उन्होंने भी मुझे सैयारा के टीजर के समय मैसेज किया था। मैं इसके लिए उनका शुक्रगुजार था। ट्रेलर के समय पर भी उन्होंने ट्वीट करके तारीफ किया। मैं कहूंगा कि ऐसे कम लोग होते हैं। लोग अक्सर बंद कमरों में एक-दूसरे की तारीफ करते हैं। पब्लिक फोरम में एक-दूसरे के साथ मुकाबला कर रहे होते हैं। इसके लिए मैं संदीप की प्रशंसा करता हूं। आपकी फिल्मों की खासियत म्यूजिक होती है। आप नए आर्टिस्ट को मौका भी देते हैं। इस फिल्म में भी नए आर्टिस्ट को मौका मिला है। इस फिल्म में 'बर्बाद' गाने को एक नए आर्टिस्ट ऋषभ कांत ने कंपोज किया है। वो एक नए ग्लिच पॉप आर्टिस्ट हैं। मुझे लगता है कि म्यूजिक को रेलिवेंट करने के लिए नए आर्टिस्ट को मौका देना बहुत जरूरी है। जैसे स्टाइल चेंज हो रहा है, वैसे ही म्यूजिक भी। हम अक्सर सक्सेस के साथ डिस्कनेक्ट हो जाते हैं। जब मेरे पास म्यूजिक कंपोजर और सिंगर मिथुन हैं, जिन्हें मैं राहुल द्रविड कहता हूं। वो मेरी दीवार और मजबूत फाउंडेशन हैं। वो हमेशा मेरे साथ एक लेवल का आधार लेकर आते हैं, जो कोई तोड़ नहीं सकता है। ऐसे में मैं फिर नए लोगों के साथ एक्सपेरिमेंट करता हूं। इस फिल्म सचिन-परंपरा और विशाल मिश्रा जैसे लोग भी जुड़े हैं, जिनके साथ मैंने पहले काम नहीं किया है। लेकिन ये सारे स्टैब्लिश लोग हैं। मैं खुद के काम में दोहराव नहीं करना चाहता था। फिल्ममेकर की प्रवृत्ति होती है, एक ही टीम के साथ काम करना। लेकिन सेम मैजिक को क्रिएट करना में उसका पावर चला जाता है। मुझे लगता है कि जब आप अपना बेस बना लेते हैं, तब बहुत जरूरी होता है कि एक नए आर्टिस्ट को प्रोजेक्ट में लेकर आओ। उनकी आवाज, उनकी कहानी सुनो। उन्हें एक्सप्रेस करने का मौका दो। मैंने अपनी करियर में यही करने की कोशिश की है। आप एक तरह से ट्रेंड सेटर हैं। आपने अपनी पहली फिल्म 'जहर' में ही मल्टी म्यूजिक डायरेक्टर्स को मौका दिया था। वो कोई ट्रेंड नहीं था, असल में सर्वाइवल की कोशिश थी। जब मैंने करियर शुरु किया था , तब मैं सिर्फ 22 साल का था। मेरे साथ कोई स्टैब्लिश म्यूजिक डायरेक्टर काम नहीं करना चाहता था। उन्हें लगता था कि ये बहुत छोटा है, ये क्या डायरेक्शन देगा। मजबूरी में मैंने बहुत सारे यंग लड़कों और बैंड के साथ काम करना शुरू किया। धीरे-धीरे मेरी अयोग्यता ही मेरा स्टाइल बन गया। विकल्प का न होना मेरी सबसे बड़ी ताकत बन गई। 'आशिकी 2' में 'सुन रहा है' तू गाना नहीं था लेकिन आप उसे फिल्म में लेकर आए। क्या सैयारा के साथ ऐसा कोई किस्सा है? इस फिल्म के दो गाने बन चुके थे लेकिन तब तक फिल्म का टाइटल मेरे पास नहीं था। मैं हमेशा से जानता था कि जो लास्ट गाना इस फिल्म में आएगा, वही इसका टाइटल भी होगा। मैं छह महीने से गाना ढूंढ रहा था और मुझे मिल नहीं रहा था। मैंने पहले सिंगर फहीम अब्दुल्ला का एक गाना इश्क सुना था। मैं दुबई में था और मैंने तनिष्क बागची को क़ॉल किया और कहा कि मुझे इन लड़कों के साथ काम करना है। तनिष्क ने बताया कि ये लड़के मुझसे मिलने आए थे। हम इस फिल्म को शूट कर रहे थे, उस वक्त फिल्म का टाइटल प्रोडक्शन नंबर-76 था। मेरे दुबई से वापस आने के बाद, सुमना घोष ने मुझे सैयारा टाइटल सजेस्ट किया था। उस वक्त मेरी ना था कि क्योंकि सैयारा उनका एक हिट गाना है। फिर बाद मैं मैंने अपने गीतकार इरशाद कामिल साहब से इसका जिक्र किया, तो उन्होंने कहा ये अच्छा है। उन्होंने मुझे सैयारा का मतलब समझाया और ये बताया कि कैसे ये टाइटल मेरी फिल्म से कनेक्ट हो सकता है। मैंने फिर इरशाद जी से जाकर कहा कि क्या हम सैंया शब्द को सैयारा कर सकते हैं। आखिरी मिनट पर सैयारा टाइटल ट्रैक आया और बनते-बनते मैजिक क्रिएट हो गया। आपने लीक से हटकर फिल्में बनाई हैं। आपको नहीं लगता कि आप जो तारीफ डिजर्व करते हैं, वो सही से मिला नहीं? मुझे अपनी फिल्म को सेलिब्रेट करने में मजा आता है, खुद को नहीं। मेरा मानना है कि जीनियस एक आइडिया होता है, इंसान नहीं। अगर कोई फिल्म अच्छा कर रही है, तो हमें उसे सेलिब्रेट करना चाहिए। मैं एक डायरेक्टर फैमिली से आता हूं। हम सब अच्छा काम करेंगे लेकिन हम बुरा काम भी करेंगे। हम सफलता भी देखेंगे और हम फेल भी होंगे। 'आवारापन', 'हमारी अधूरी कहानी' जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं लेकिन इनके गाने आज भी लोगों के जेहन में हैं। अब इन फिल्मों के कल्ट माना जाता है। ‘सैयारा’ फिल्म में एक डायलॉग है कि हिट गाने आएंगे और चार महीने बजेंगे। लोग उन पर नाचेंगे और फिर वो चल जाएंगे। जो गाने याद रह जाते हैं, वो दिमाग में नहीं दिल में रह जाते हैं। जेहन में याद रहने जाने वाले गाने आजकल बनते नहीं हैं। मैं इसके लिए किसी और को जज नहीं करूंगा। आप गाने में जितना इमोशन और एफर्ट डालेंगे, गाना उतना ही यूनिवर्सल होगा। आजकल लोग एल्गोरिदम और रील्स को फॉलो कर रहे हैं और गाने में एहसास नहीं डाल रहे हैं। ‘सैयारा’ टाइटल ट्रैक साढ़े छह मिनट का है। मुझे बहुत सारे लोगों ने कहा कि इस साढ़े तीन मिनट का बनाओ। मुझे लगता है कि गाने में इमोशन होंगे तो लोग खुद उतने का इस्तेमाल करके अपना रील बना लेंगे। मैं क्यों रील के हिसाब से गाने बनाऊं? मुझे लगता है कि आजकल हम लोग दिमाग से गाने बना रहे हैं दिल से नहीं। दिल से गाना बनाने की बहुत जरूरत है। फैंस आपके और इमरान की जोड़ी का बेसब्री से इंतजार करते हैं। क्या उनकी विश पूरी होगी? इमरान मुझे जब भी बोले, मैं उसके साथ काम करूंगा। इमरान सिर्फ मेरा पहला हीरो नहीं बल्कि मेरा बड़ा भाई भी है। मैं अगर आज उसे कह दूं कि एक रोल है तो वो बिना स्क्रिप्ट पढ़ मेरे लिए कर देगा। हमारा रिश्ता ऐसा है। लेकिन मैं ये करना नहीं चाहता। जब किसी का आप पर बहुत यकीन हो तो उसके प्रति जिम्मेदारी बढ़ जाती है। जब तक मेरे पास इमरान के लिए कोई बेहतरीन स्क्रिप्ट नहीं होगी, मैं उससे साथ काम करने के लिए नहीं कह सकता हूं। ‘सैयारा’ के लिए मिला कोई ऐसा कॉम्प्लीमेंट जो आपके दिल के बहुत करीब हो? मैंने आदित्य सर की फिल्म देखकर तय किया था कि मुझे डायरेक्टर बनना है। जब आदी सर और रानी मैम ने फिल्म देखी और कहा कि उन्हें फिल्म बहुत ज्यादा पसंद आई, तो मेरे लिए फैन बॉय मोमेंट था। उन दोनों ने कहा कि ये वो फिल्म है, जिसे वो अपनी कंपनी के लिए बनाना चाहते थे और कब से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसके जरिए सफलता आएगी या नहीं लेकिन तुमने बहुत अच्छी फिल्म बनाई है। तुम हमारे लिए जीत हुए हो।

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कन्नड़ एक्ट्रेस शनाया, जिसने भाई के टुकड़े करवाए:कटा सिर जंगल में, धड़ कुएं में मिला, मुस्लिम बॉयफ्रेंड था वजह; फिल्म प्रमोशन पर निकलकर रची साजिश

आज अनसुनी दास्तानें के 3 चैप्टर में कहानी कन्नड़ एक्ट्रेस शनाया काटवे की, जिसने अपने ही भाई की हत्या करवाई, शरीर के कई टुकड़े करवाए और फिर कटा हुआ सिर जंगल और धड़ के टुकड़े कुएं में ठिकाने लगवा दिए। 9 अप्रैल 2021 की बात है कन्नड़ की उभरती एक्ट्रेस शनाया काटवे जल्द ही एक बड़ी फिल्म ओंदु घंटैया काठे में नजर आने वाली थीं। उस रोज शनाया ने हुबली में एक प्रमोशन पार्टी रखी। वो हुबली में ही अपने माता-पिता और छोटे भाई के साथ रहती थीं। प्रमोशन में शनाया के माता-पिता भी पहुंचे थे, लेकिन भाई ने घर में रुकने का फैसला किया था। उस प्रमोशन पार्टी में शनाया की फिल्म से जुड़े कई लोग थे। प्रेस वालों को भी बढ़-चढ़कर बुलाया गया था और प्रमोशन को कामयाब बनाने के लिए धूमधाम का इंतजाम किया गया था। यहां खूब हंसी-ठिठोली हुई। 10 अप्रैल 2021 देर रात शनाया, पेरेंट्स के साथ घर पहुंचीं। थकान इस कदर थी कि वो सीधे कमरे में गईं और सो गईं। पेरेंट्स ने भी यही किया। अगली सुबह जब सबकी नींद खुली तो शनाया का भाई राकेश कहीं नजर नहीं आ रहा था। आमतौर पर वो बिना इत्तेला दिए कहीं जाता नहीं था। नाश्ते का समय हुआ, लेकिन राकेश की अब भी कोई खबर नहीं थी। मां सोनिया काटवे ने फिक्रमंद होकर राकेश को कॉल किया, तो बेल गई, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। शाम होने को थी, परिवार ने आसपास के सभी रिश्तेदारों और राकेश के दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन कोई कुछ नहीं जानता था। आखिरकार परिवार ने थक-हारकर उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। क्योंकि ये एक हाईप्रोफाइल मामला था, इसलिए पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी। 12 अप्रैल 2021 दोपहर का समय था। हुबली से करीब 12 किलोमीटर दूर देवरगुदीहल जंगल है। इस जंगल के सूनसान इलाके से गुजरते हुए एक राहगीर को सड़क किनारे एक अटपटी चीज दिखी। वो करीब पहुंचा, तो मंजर भयावह था। एक फटी हुई सी पन्नी में किसी शख्स का अधजला सिर पड़ा था, जिसकी आंखें खुली हुई थीं। राहगीर सहम गया, उसने तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी खबर दी। करीब आधे घंटे में पुलिस, फोरेंसिक टीम के साथ बताए गए पते पर पहुंची। कटे हुए सिर के पास ही एक खून से सना कपड़ा भी मिला। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो कुछ कदमों की ही दूरी पर उन्हें एक कुआं मिला। कुएं में झांका गया तो वहां धड़ था। आसपास के इलाके से शरीर के कुछ और टुकड़े भी मिले। खबर फैलते ही जंगल के आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। कटे हुए सिर की तस्वीरें सभी नजदीकी पुलिस स्टेशन में भेजी गई। ये तस्वीर उस पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच गई, जहां एक्ट्रेस शनाया कपूर के भाई राकेश काटवे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी। उम्र, कद-काठी और जमा करवाई गई तस्वीरों से पुलिस को शक हुआ कि कहीं ये लाश के टुकड़े राकेश काटवे के तो नहीं। उन्होंने तुरंत शनाया और उसके परिवार को पहचान करने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया। जैसे ही सिर की तस्वीरें शनाया के पिता को दिखाई गईं, वो बेसुध फर्श पर गिर पड़े। कुछ देर बाद होश आया तो वो फूट-फूटकर रोने लगे। वो तस्वीर उनके लाडले बेटे राकेश की ही थी। उन्होंने हाथों की उंगलियों से धड़ की भी पहचान कर ली थी। डीएनए टेस्ट से बाकी शरीर की भी पुष्टि हुई। हर किसी का सवाल बस यही था कि एक नौजवान लड़का, जिसकी न तो किसी से कोई दुश्मनी है और न ही वो किसी गलत संगत में, ऐसे लड़के की इस बर्बरता से हत्या आखिर कौन और क्यों करवा सकता है। हुबली पुलिस ने सर्च टीम बनवाईं और जांच तेजी से शुरू कर दी। पुलिस ने राकेश के करीबियों की एक लिस्ट तैयार की और उसके कॉल रिकॉर्ड्स भी निकलवाए। जंगल के आसपास सर्च ऑपरेशन में पुलिस को दो गाड़ियां मिलीं। दोनों कार की पिछली सीट्स में कुछ खून के धब्बे थे। पहली कार अमन गिरानीवाले नाम के शख्स के नाम पर रजिस्टर थी और दूसरी लाल स्विफ्ट थी एक्ट्रेस और राकेश की बड़ी बहन शनाया काटवे की। 15 अप्रैल को पुलिस ने शनाया से पूछताछ की, लेकिन उसके पास इस बात का कोई सटीक जवाब नहीं था कि आखिर उसकी कार जंगल तक कैसे पहुंची। उसे छोड़ दिया गया, लेकिन पुलिस ने उसे संदिग्ध की लिस्ट में जोड़ लिया। दो दिन बाद 17 अप्रैल को दूसरी कार के मालिक अमन की गिरफ्तारी हुई। अमन गिरानीवाले (19) ने पुलिस की सख्ती होने पर बताया कि उसने राकेश काटवे की हत्या में नियाज अहमद (21) का साथ दिया था। उसने ये भी बताया कि इस हत्या में 2 लड़के तौसीफ चन्नापुर (21) और अल्ताफ मुल्ला (24) भी शामिल थे। 18 अप्रैल को पुलिस ने नियाज अहमद, तौसीफ और अल्ताफ को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी ने केस की सभी परतें खोलकर रख दीं। पुलिस कस्टडी में नियाज अहमद ने हत्या की बात कबूल कर ली और साथ ही बताया कि इस हत्याकांड का मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि राकेश की बहन शनाया काटवे है। शनाया ने ही नियाज को राकेश की हत्या के लिए कहा और साथ ही पूरा प्लान भी बनाया। नियाज के कबूलनामे के बाद 22 अप्रैल 2021 को शनाया काटवे की गिरफ्तारी हुई। वही शनाया जो पिछले 2 हफ्तों से भाई राकेश को ढूंढने का ढोंग कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद शनाया खुद को बेगुनाह बताती रही, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे वो भी टूट गई और गुनाह कबूल कर लिया। क्या थी हत्या और साजिश की वजह? शनाया के इकबाल-ए-जुर्म के अनुसार, उसका 21 साल के नियाज अहमद से अफेयर था। दोनों अक्सर साथ समय बिताया करते थे। एक रोज भाई राकेश को इसकी भनक लग गई। नियाज मुस्लिम था, तो राकेश ने बहन को खूब समझाया कि वो उससे रिश्ता खत्म कर ले। शनाया ने शुरुआत में तो भाई की बात मान ली, लेकिन कुछ दिनों बाद वो फिर नियाज से मिलने लगी। इस बार जब भाई को खबर लगी, तो उसने सख्ती से शनाया को हिदायत दी कि अगर उसने नियाज के रिश्ता खत्म नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा। दोनों के बीच आए दिन इस बात पर झगड़े होते थे। शनाया ने भाई की कई समझाइश के बावजूद नियाज से दूरी नहीं बनाई, तो भाई ने पेरेंट्स को इसकी खबर दे दी। घर में खूब हंगामा हुआ। इस बात से शनाया को काफी ठेस पहुंची थी। वो नियाज के लिए इस कदर जुनूनी थी कि उसने भाई को ही रास्ते से हटाने की साजिश रच दी। इस साजिश में उसने बॉयफ्रेंड नियाज अहमद को मोहरा बनाया। प्लान के मुताबिक ही 9 अप्रैल को राकेश काटवे की हत्या उसी के घर में की गई। शनाया ने सूझबूझ से 9 अप्रैल को ही फिल्म की प्रमोशनल पार्टी रखी, जिससे उसका इस मामले से नाम न जुड़े। पार्टी में वो अपने साथ पेरेंट्स को ले गई। यहीं से उसने नियाज को कॉल कर खबर दी कि राकेश घर में अकेला है और वो लोग अगले दिन लौटेंगे। शाम करीब 7-7ः30 बजे के करीब शनाया ने भाई को कॉल कर कन्फर्म किया कि वो घर में है या नहीं। कन्फर्मेशन मिलते ही उसने नियाज को कॉल कर हरी झंडी दिखाई। वहीं दूसरी तरफ नियाज ने अपने दोस्तों तौसीफ और अल्ताफ को भी प्लान में शामिल कर लिया। तीनों करीब 8 बजे घर पहुंचे। राकेश ने दरवाजा खोला। वो कुछ समझ पाता उससे पहले तीनों ने उसे पकड़ लिया और गला दबाकर हत्या कर दी। कुछ देर में ही राकेश ने दम तोड़ दिया। अब बॉडी ठिकाने लगानी थी। तीनों ने साथ लाए सामान से घर में ही राकेश का गला काटा। शरीर के कई टुकड़े किए और बैग में भर लिया। प्लान के तहत शनाया की कार पहले ही नियाज के पास थी। नियाज और अल्ताफ शनाया की कार से और अमन अपनी कार से देवरगुदीहल जंगल के सूनसान इलाके में पहुंचे, जहां उन्होंने एक-एक कर शरीर के टुकड़े फेंक दिए। शनाया का असल भाई नहीं था राकेश पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश, शनाया का असली भाई नहीं था। शनाया के जन्म के कुछ सालों बाद उसके पेरेंट्स ने एक रिश्तेदार से राकेश को गोद लिया था। उस समय वो महज 1 साल था। पेरेंट्स ने उसे सगे बेटे की ही तरह पाला था, लेकिन शनाया जानती थी कि वो उसका असली भाई नहीं है। कन्नड़ की पॉपुलर एक्ट्रेस थीं शनाया काटवे 20 दिसंबर 2000 में शनाया का जन्म कर्नाटक के हुबली में हुआ था। शनाया को बचपन से ही मॉडलिंग और एक्टिंग का शौक था। उसने कम उम्र में ही ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। उसने साल 2017 मिस इंडिया एलिगेंट में हिस्सा लिया, यहां उन्होंने मिस फोटोजेनिक और मिस इंटरनेशनल का टाइटल हासिल किया। इसके बाद उन्हें मॉडलिंग के कई प्रोजेक्ट मिलने लगे। आगे वो कालिया इंटरनेशनल मॉडलिंग एजेंसी से जुड़ीं। मॉडलिंग से पॉपुलर होने के बाद शनाया ने इदम प्रेमम जीवनम से कन्नड़ सिनेमा में डेब्यू किया था। ये फिल्म खास कमाल नहीं दिखा सकी। यही वजह रही कि उन्होंने एक्टिंग और मॉडलिंग करियर से ब्रेक लेकर इंडियन एयरलाइन स्पाइसजेट में बतौर केबिन क्रू काम करना शुरू कर दिया। इसी समय उन्हें एडल्ट कन्नड़ फिल्म ओंदु घंटैया काठे मिल गई। फिल्म मिलते ही उन्होंने नौकरी छोड़ दी। ये फिल्म साल 2021 में रिलीज हुई थी।

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वेटरन एक्टर-डायरेक्टर धीरज कुमार का निधन:सांस लेने में तकलीफ होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया था, देव आनंद के साथ हीरा पन्ना में नजर आए थे

फिल्म हीरा पन्ना, रोटी कपड़ा और मकान, बहारों फूल बरसाओ जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में नजर आए और मिली, घर की लक्ष्मी बेटियां और मायका जैसे शोज प्रोड्यूस कर चुके धीरज कुमार का आज दोपहर निधन हो गया है। सोमवार को सांस लेने की तकलीफ होने पर उन्हें कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां हालत नाजुक होने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट में रखा गया था। 79 साल के एक्टर-डायरेक्टर को निमोनिया हुआ था। धीरज कपूर का अंतिम संस्कार 16 जुलाई को सुबह 11 बजे विले पार्ले स्थित पवनहंस श्मशान भूमि में होगा। सुबह 6 बजे उनका पार्थिव शरीर कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल से अंधेरी वेस्ट स्थित घर लाया जाएगा। सुबह 10 बजे तक उनके अंतिम दर्शन हो सकेंगे। वेटरन एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर धीरज कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके परिवार ने एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर चाहने वालों से उनके जल्द ठीक होने की दुआ करने की अपील की थी। साथ ही परिवार ने इस मुश्किल घड़ी में उनकी निजता का सम्मान करने की विनती भी की थी। परिवार ने बताया था कि धीरज कुमार को डॉक्टर्स की कड़ी निगरानी में रखा गया था। दर्जनों फिल्मों में किया काम, टीवी इंडस्ट्री में भी दिया बड़ा योगदान धीरज कुमार ने बतौर मॉडल अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने राजेश खन्ना को फिल्मफेयर टैलेंट हंट कॉम्पिटिशन में कड़ा मुकाबला दिया था। इस कॉम्पिटिशन में राजेश खन्ना ने पहला स्थान, सुभाष घई ने दूसरा और धीरज कुमार ने तीसरा स्थान हासिल किया था। ये तीनों ही विजेताओं ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और कामयाबी हासिल की। 1970 से 1985 तक धीरज कुमार ने हीरा पन्ना, शिरडी के साईं बाबा, सरगम, मांग भरो सजना, क्रांति, पुराना मंदिर, कर्म युद्ध और बेपनाह जैसी कई फिल्में की थीं। इसके बाद उन्होंने प्रोडक्शन हाउस क्रिएटिव आई की शुरुआत की। इस प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में बतौर प्रोड्यूसर और डायरेक्टर कदम रखा। ओम नमः शिवाय, श्री गणेश, मिली, घर की लक्ष्मी बेटियां, मन में है विश्वास, ये प्यार न होगा कम, तुझ संग प्रीत लगाई सजना, नादानियां और इश्क सुबहान अल्लाह जैसे बेहतरीन टीवी शो धीरज कुमार ने ही प्रोड्यूस किए हैं।

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Friday, 18 July 2025

Prince’s tomb with massive false door found at Saqqara

Archaeologists have discovered the tomb of Userefre, the son of founder of the Fifth Dynasty, King Userkaf (r. 2465-2458 B.C.), in Egypt’s Saqqara necropolis. The tomb contains a massive false door made of pink granite 4.5 meters tall and 1.15 meters wide (14.8 by 3.8 feet). It is the first pink granite false door of such immense size ever found in Egypt.

False doors were a common feature in ancient Egyptian tombs. They were thresholds between the world of the living and the afterlife and only the souls of the deceased could enter and depart through them. The bereaved would leave offerings in front of the door. During this period in Egyptian history, false doors were primarily made of limestone which was readily available everywhere in the country. Pink and red granite, on the other hand, could only be sourced in Aswan 400 miles south of Saqqara, and were very hard to quarry and very heavy to transport. Only the aristocracy could afford it, and it’s a testament to Userefre’s importance that he had so huge a block of pink granite carved for the false door of his tomb.

Userefre’s false door is covered with hieroglyphics identifying him by name and his many titles, including “Hereditary Prince,” “Governor of Buto and Nekheb,” “Royal Scribe,” “Vizier,” “Judge,” and “Chanting Priest.” The round slab in the floor in front of the door where offerings were left is also made of pink granite carved with hieroglyphics. Near the door is a red granite offering table measuring 92.5 cm (3 feet) in diameter, inscribed with lists of ritual offerings.

Another unprecedented find is a statue group depicting King Djoser, his wife, and their ten daughters. These were not original to the tomb. They were relocated there from a chamber near Djoser’s Step Pyramid for an unknown reason. A black granite statue of a male figure 1.17 meters (3.8 feet) high was also transported to the tomb from elsewhere. Its sculptural style suggests it dates to the 26th Dynasty (ca. 688 to 525 B.C.) Archaeologists believe the Djoser group and the black granite statue were moved to the tomb at some time during the 26th Dynasty.

Only part of the tomb has been uncovered so far. Excavations are ongoing, and the team hopes to find the burial chamber soon.



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प्रियंका @43, हीरोइन बनने पर लोगों ने मारे ताने,:तीन बार सुसाइड की कोशिश की, शाहरुख, अक्षय-शाहिद को किया डेट; देसी गर्ल से बनीं ग्लोबल स्टार

एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने अपने दम पर बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग के बदौलत गहरी छाप छोड़ी है। ग्लोबल स्टार के तौर पर जानी जाने वाली प्रियंका आज बेहतरीन लाइफस्टाइल जी रही हैं, लेकिन इसके पीछे बहुत मेहनत, दर्द और हिम्मत की सच्ची कहानी छिपी है। मिस वर्ल्ड का खिताब जितने के बाद भी प्रियंका को बॉलीवुड में काफी रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। कभी उनके सांवले रंग का मजाक उड़ाया गया, तो कभी काली बिल्ली और डस्की कहा गया। एक एक्ट्रेस ने तो यहां तक कह दिया था कि वो हीरोइन बनने के लायक ही नहीं हैं। प्रियंका ने निर्देशक से तंग आकर फिल्म छोड़ी तो बॉलीवुड की पॉलिटिक्स से तंग आकर इंडस्ट्री छोड़ दी। आज प्रियंका ने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में अपने दम पर नाम और शोहरत हासिल की है। आज प्रियंका चोपड़ा 43वां जन्मदिन मना रही हैं, आइए इस मौके पर जानते हैं एक्ट्रेस की लाइफ से जुड़े कुछ और खास रोचक किस्से.. फिल्म इंडस्ट्री में गैरों जैसा बर्ताव किया गया प्रियंका चोपड़ा ने पॉडकास्ट रीड द रूम में बॉलीवुड में मिले रिजेक्शन के बारे में बात की थी। प्रियंका ने बताया था- मुझे कई वजहों से रिजेक्शन का समाना करना पड़ा था। कभी मुझे कहा जाता था कि रोल के लिए फिट नहीं हूं। कभी फेवरेटिज्म की वजह से तो कभी किसी की गर्लफ्रेंड की वजह से मुझे फिल्म में कास्ट नहीं किया गया। इंडस्ट्री में एक समय ऐसा भी था जब कोई मेरे साथ काम नहीं करना चाहता था। करियर के शुरुआत में मुझे लगभग डेढ़ साल तक रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था। सांवले रंग को लेकर उड़ाया गया मजाक इतना ही नहीं करियर के शुरुआत में प्रियंका चोपड़ा को सांवले रंग और दुबले-पतले शरीर को लेकर खूब आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। प्रियंका चोपड़ा ने खुद एक इंटरव्यू के दौरान कहा था- मुझे अपने रंग के कारण बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ा था। मुझे काली बिल्ली और डस्की कहा जाता था। मुझे लगता था कि गोरे रंग के साथी कलाकारों की तुलना में मुझे अधिक मेहनत करनी होगी। ऑन स्क्रीन मां ने कहा था कि कैसे हीरोइन बन गई प्रियंका चोपड़ा ने फिल्म 'किस्मत' में एक्ट्रेस स्मिता जयकार के साथ काम किया था। इस फिल्म में स्मिता ने प्रियंका की मां का किरदार निभाया था। फिल्मी मंत्रा मीडिया के साथ बातचीत में स्मिता जयकार ने बताया था- मैंने प्रियंका को पहली बार देखा तो वह बहुत ही दुबली-पतली और सांवली थीं। मैंने कहा कि हे भगवान, ये कैसे लोग हीरोइन बन जाते हैं। हालांकि बाद में मेरे जजमेंट पर पछतावा भी हुआ। किसकी किस्मत कब पलट जाए कुछ कह नहीं सकते हैं। निर्देशक से तंग आकर छोड़ी थी फिल्म इंडस्ट्री में नई होने के बावजूद एक बार प्रियंका चोपड़ा ने निर्देशक के गलत बर्ताव की वजह से फिल्म छोड़ दी थी। इस बात का खुलासा प्रियंका चोपड़ा ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'अनफिनिश्ड' में की है। एक्ट्रेस ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में बताया कि निर्देशक ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया था, जिसके चलते उन्होंने फिल्म बीच में ही छोड़ दी थी, लेकिन तब उन्होंने किसी को कोई कारण नहीं बताया, क्योंकि उस वक्त उन्हें डर था कि लोग उन पर ही उंगली उठाएंगे। एक्ट्रेस ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में ये भी बताया कि कैसे इंडस्ट्री में कई बार हीरो के कहने पर स्क्रिप्ट बदल दी जाती थी और महिला किरदारों को हटा दिया जाता था। बॉलीवुड की पॉलिटिक्स से तंग आकर छोड़ दी इंडस्ट्री वेब सीरीज 'सिटाडेल' (Citadel) के प्रमोशन के दौरान प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड की पॉलिटिक्स के बारे में खुलकर बात की थी। एक्ट्रेस ने कहा था- मुझे फिल्म इंडस्ट्री से अलग-थलग किया गया। लोग फिल्मों में मुझे कास्ट नहीं कर रहे थे। मुझे किसी कोने में धकेला जा रहा था। मैं इस खेल में माहिर नहीं हूं और इस पॉलिटिक्स से तंग आकर मैंने बॉलीवुड छोड़ दिया। मैं एक चांस की तलाश में थी, जो मुझे अमेरिका में मिला और मैं वहीं शिफ्ट हो गई। वर्जिनटी के बयान पर मचा बवाल प्रियंका चोपड़ा ने कुछ समय पहले वर्जिनटी को लेकर ऐसा कुछ कह दिया था जिससे काफी बवाल मच गया था। प्रियंका ने अपने स्टेटमेंट में कहा था- बीवी बनाने के लिए वर्जिन लड़की मत ढूंढो , ऐसी महिला की तलाश करो जिसका आचरण अच्छा हो। वर्जिनिटी तो एक ही रात में खत्म हो जाती है, लेकिन आचरण हमेशा के लिए साथ रहता है। एक्ट्रेस के इस बयान पर काफी बवाल मचा था। वायरल पोस्ट के बाद प्रियंका ने कहा था कि यह फेक है। ये मैं नहीं हूं, यह मेरा कोट और मेरी आवाज नहीं है। सच्चा प्यार नसीब नहीं हो सका प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में अपने लव अफेयर्स और ब्रेकअप्स के बारे में बात की थी। एक्ट्रेस ने कहा था कि वह हर रिश्ते को परफेक्ट बनाने की कोशिश में लगी रहीं, लेकिन सच्चा प्यार नसीब नहीं हो सका और सभी के साथ उनका ब्रेकअप काफी खराब लेवल पर हुआ था। हालांकि प्रियंका ने अपने इस खुलासे में किसी स्टार का नाम नहीं लिया था। 17 साल की उम्र में पहली बार मिला प्यार में धोखा प्रियंका ने सिमी गरेवाल के शो ‘Rendezvous With Simi Garewal’ में अपने पहले रिश्ते को लेकर बात की थी। एक्ट्रेस ने कहा था- मुझे बहुत गहरा धक्का लगा था। जब दिल टूटा, उस वक्त 17 साल की थी। मैं सदमे में थी और ये समझने के लिए बहुत छोटी थी कि आखिर मैं कर क्या रही हूं? उस दौरान बस आपको ये पता होता है कि ये सही नहीं है। मैं उसकी मीठी-मीठी बातों में फंस गई थी। मेरी कजिन्स मुझसे हमेशा कहती थी कि तुम ऐसा कैसे कर सकती हो, वो तुम्हारे लायक नहीं है। मुझे भी लगता था कि वो सही कह रही थी। फिल्में ऑफर हुई तो असीम मर्चेंट से ब्रेकअप किया बहरहाल, न्यूज 18 में छपी खबर के मुताबिक बॉलीवुड में आने के बाद प्रियंका चोपड़ा का अफेयर असीम मर्चेंट से था। तब प्रियंका करियर के शुरुआती दिनों में मॉडलिंग करती थीं। जैसे ही प्रियंका को फिल्में ऑफर होने लगी, उन्होंने असीम मर्चेंट से ब्रेकअप कर दिया। तीन बार सुसाइड करने की कोशिश की प्रियंका चोपड़ा के पूर्व मैनेजर प्रकाश जाजू ने कई ट्वीट कर यह दावा किया था कि प्रियंका चोपड़ा ने संघर्ष के दिन में दो-तीन बार खुदकुशी की कोशिश भी की थी। जाजू के मुताबिक उस दौरान प्रियंका चोपड़ा और उसके कथित ब्वॉयफ्रेंड असीम मर्चेंट में अक्सर झगड़ा होता था और कभी-कभी तो आधी रात में प्रियंका अपने दोस्त पर चिल्ला उठती थी। एक बार तो अपने दोस्त से झगड़कर प्रियंका चोपड़ा मुंबई के वसई इलाके में खुदकुशी करने चली गई थी। उस वक्त मैंने उसे समझाया था कि वह कोई ऐसा कदम नहीं उठाए। यहां तक कि प्रियंका असीम मर्चेंट की मां से काफी करीब थी। 2002 में असीम की मां की मौत के बाद तो प्रियंका चोपड़ा अपनी बिल्डिंग से नीचे कूद गई थी। सुसाइड वाली बात पर चुप्पी तोड़ते हुए प्रियंका ने कहा था कि जो आदमी मुझे परेशान करने की वजह से जेल में जा चुका हो, उसके बात पर कोई कैसे विश्वास कर सकता है। हरमन बावेजा के साथ 5 साल तक रिलेशनशिप में रहीं प्रियंका की लाइफ में हरमन बावेजा भी आए। प्रियंका और हरमन ने 'लव स्टोरी 2050' और ‘व्हाट्स योर राशि’ में काम किया था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दोनों 5 साल तक रिलेशनशिप में रहे और फिर दोनों का ब्रेकअप हो गया। ब्रेकअप की वजह हरमन का फ्लॉप करियर बताया जाता है। शाहिद कपूर के साथ होने वाली थी सगाई प्रियंका चोपड़ा का नाम शाहिद कपूर के साथ भी जुड़ा था। शाहिद कपूर ने प्रियंका को डेट करने की बात कबूल की थी। दोनों की साथ होने की खबरें तब सामने आईं, जब एक दिन आयकर विभाग ने सुबह-सुबह एक्ट्रेस के घर पर रेड डाली और शाहिद ने दरवाजा खोला। इन खबरों के आने के बाद इंडस्ट्री में खूब तहलका मच गया था। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि वे गोवा में सगाई करने वाले थे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। अक्षय को प्रियंका के साथ काम करने पर ट्विंकल ने लगाई थी पाबंदी अक्षय और प्रियंका ने एक साथ कई फिल्में कीं। दोनों की केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसी के साथ दोनों के बीच नजदीकियों के खूब चर्चे रहे। अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना को जैसे ही इसकी भनक लगी तो उन्होंने अक्षय को हिदायत देते हुए, प्रियंका के साथ काम करने पर ही पाबंदी लगा दी थी। शाहरुख के साथ नाम जुड़ा तो गौरी खान आग बबूला हो गईं शाहरुख खान के साथ भी प्रियंका चोपड़ा का नाम जुड़ा था। इस खबर ने तो इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी। दोनों ने फिल्म 'डॉन' में काम किया और तभी दोनों के करीब आने की खबरें छपने लगीं थीं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उस वक्त दोनों ही एक-दूसरे के साथ इस रिश्ते में काफी सीरियस थे। दोनों के रिश्ते की खबरों पर गौरी इतनी आग बबूला हुईं कि उन्होंने शाहरुख को प्रियंका के साथ काम करने पर पाबंदी लगा दी थी। टॉप हिडलस्टन के साथ भी नाम जुड़ा हॉलीवुड स्टार टॉप हिडलस्टन के साथ भी प्रियंका नाम जुड़ा। ये चर्चाएं तब शुरू हुईं जब एक पार्टी में एक्टर खुलकर देसी गर्ल को फ्लर्ट करते दिखे। दोनों की नजदीकियों को देख लोगों को शक हुआ कि दोनों के बीच कुछ तो है। हालांकि ये अफवाहें जल्द ही थम गईं। प्रियंका से जेरार्ड बटलर शादी करना चाहते थे हॉलीवुड स्टार जेरार्ड बटलर के साथ भी प्रियंका चोपड़ा का नाम जुड़ा। बताया जाता है कि जेरार्ड प्रियंका को बहुत पसंद करते थे और उनसे शादी करना चाहते थे। 2009 में जेरार्ड जब इंडिया आए तो प्रियंका ने उनके लिए एक शानदार पार्टी भी रखी थी। इस पार्टी में जेरार्ड ने बेझिझक अपने दिल की बात प्रियंका से कही थी, लेकिन प्रियंका ने मना कर दिया था। प्रियंका ने जेरार्ड बटलर को सिर्फ अपना एक अच्छा दोस्त माना था। प्रियंका-निक की शाही शादी दो सालों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस ने 1 दिसंबर 2018 को राजस्थान के उम्मेद भवन में हिंदू और क्रिश्चियन रीति-रिवाज से शादी कर ली थी। प्रियंका और निक की शादी साल 2018 के सबसे चर्चित वेडिंग फंक्शन में से एक था। चार साल तक अपनी मैरिड लाइफ का लुत्फ उठाने के बाद 2022 में कपल ने एक बेटी का स्वागत किया, जिसका नाम मालती मैरी चोपड़ा जोनस है। कपल सरोगेसी के जरिए पेरेंट्स बने हैं। ______________________________________________ ये खबरें भी पढ़ें... रवि किशन@56, रामलीला में सीता बने तो पिता ने पीटा:₹500 लेकर पहुंचे मुंबई, कर्ज लेकर अस्पताल से डिस्चार्ज कराई बेटी एक्टर रवि किशन की गिनती आज देश के उन एक्टर्स में होती है जिन्होंने बचपन से ही बहुत संघर्ष और गरीबी देखी, लेकिन उसका डटकर सामना कर अपनी मेहनत और कला से घर-घर में पहचान बनाई और करियर में एक बड़ा मुकाम हासिल किया। पूरी खबर पढ़ें..

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Citizen Kane sled saved from destruction sells for nearly $15m

It is one of at least three wooden sleds made for the filming of the classic 1941 film.

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Citizen Kane sled saved from destruction sells for nearly $15m

It is one of at least three wooden sleds made for the filming of the classic 1941 film.

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Thursday, 17 July 2025

Mosaic looted by Nazi officer returned to Pompeii

A mosaic of an intimate scene that was stolen from Italy during World War II has been repatriated to Pompeii. The mosaic on a slab of travertine was gifted to a German citizen, now deceased, by a captain of the Wehrmacht who had helped himself to it in 1944 during the German occupation of Italy. The officer was in charge of military supplies in Italy during World War II.

There are no more details about its origins on the record. The small amount of information we have comes from the heirs of the deceased who realized it had to have been illegally removed from Italy and voluntarily contacted authorities to return the mosaic.

Dating to between the middle of the 1st century B.C. and the 1st century A.D., the mosaic depicts a semi-nude woman with her back to the viewer reaching out to a semi-nude man reclining on a couch. This was a domestic scene rather than the erotic encounter from mythology that were the preferred motifs of the earlier Hellenistic era (4th-1st century B.C.). It is an important example of the transition from heroic figural iconography to domestic love as an artistic motif.

The mosaic is executed in the opus vermiculatum technique, figural mosaics made of small tesserae in undulating lines (vermiculatum means worm-like). This type of mosaic work was primarily used for emblemata, the most finely crafted, detailed panels at the center surrounded by floral and geometric motifs created with larger tesserae in the opus tessellatum technique.

Small emblemata with domestic scenes like this typically decorated the center of cubiculae, the bedrooms of Roman homes. There are a few comparable pieces — meticulous opus vermiculatum mosaics on travertine slabs — in the National Archaeological Museum of Naples, several of which are known to have come from the luxury villas of Stabiae. While its original home cannot be pinpointed with precision, experts from the Office for the Protection of Archaeological Heritage of the Archaeological Park of Pompeii were able to determine that it came from one of the towns under the shadow of Vesuvius.

The panel has been put on temporary display at the Antiquarium of Pompeii where it can be on view to the public pending further analysis and conservation.



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करण कुंद्रा ने लाफ्टर शेफ्स जर्नी पर की बात:शो में जाने की खबर सुनकर फैमिली ने कहा था- खानदान का नाम मिट्टी में मिलवाकर आएगा

इन दिनों सेलिब्रिटी कॉमेडी कुकिंग रियलिटी शो लाफ्टर शेफ्स- अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट में नजर आ रहे करण कुंद्रा ने हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत में अपनी जर्नी पर बात की है। करण ने बताया है कि जब उन्होंने इस शो में जाने की बात अपने घरवालों को बताई तो परिवार ने कहा कि वो खानदान की नाम खराब कर देंगे, क्योंकि उन्हें कुकिंग नहीं आती थी। लेकिन करण की मानें तो वो अब अपनी कुकिंग स्किल्स से खुद हैरान हैं। बातचीत में करण ने गर्लफ्रेंड तेजस्वी प्रकाश पर भी बात की है- सवाल- मास्टर शेफ में कुकिंग कर आपने लोगों को हैरान किया है, क्या आपने सोचा था आप ऐसे लोगों का दिल जीतेंगे? जवाब- मैं खुद भी हैरान हुआ हूं। मैंने नहीं कभी सोचा था। क्योंकि कुकिंग एक ऐसी चीज है, जो मैंने कभी सोचा ही नहीं जिंदगी में। इंटरप्रन्योर से लेकर एक्टिंग, होस्टिंग, हार्डकोर रियलिटी शोज सब किया, लेकिन कॉमेडी में तो अपना है ही नहीं। ये एक फिलर शो होने वाला था, लेकिन ये बहुत बड़ा बन गया। फिर मुझे समझ आया कि मुझे ये करना पसंद है। अगर आप ऐसे शख्स हैं, जिन्हें चीजें सुलझाना पसंद है, हासिल करना पसंद है तो कुकिंग भी एक थेरेपी की तरह है, क्योंकि आप कुछ बनाने के लिए सारी चीजें एक साथ डाल रहे हैं। पहले सीजन में अर्जुन (बिजलानी) था। अर्जुन बहुत अच्छा कुक है, तो उसमें मुझे ज्यादा कुछ करना पड़ता ही नहीं था। भाई अपना वो कर रहा है। लेकिन उसमें भी जब कभी-कभी कोई ऐसी ची हम क्रिएट करते थे तो बड़ी शाबाशी मिलती थी। हर कोई एक-दूसरे को बढ़ते हुए देखना चाहता था। बहुत मजा आया। सवाल- आपने सालों तक रिश्ते कमाए हैं, ऐसा कम लोग ही कर पाते हैं? जवाब- मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। मैं कुछ समय पहले ही इस बारे में सोच रहा था। मैं बहुत ब्रेक्स लेता हूं, अपने शोज के बीच में। बहुत सी चीजें कर रहा होता हूं। लेकिन जब ऑडियंस की, लोगों की बात आती है, इस इंडस्ट्री में जब भी लोगों से मिलता हूं, बहुत प्यार मिलता है। मुझे पता चलता है कि ये लोग मेरे शुभचिंतक हैं। मुझे पता चलता है कि जिन लोगों से में 6-6 महीने नहीं मिला वो मेरे बारे में कहीं अच्छी बातें कर रहे हैं। ये सब ऊपरवाले ने दिया है। इसमें मेरा कोई हाथ नहीं। सवाल- अर्जुन बिजलानी और आपकी जोड़ी और इस जुगलबंदी पर क्या कहना चाहेंगे? जवाब- मैं दोनों सीजन में खुशकिस्मत रहा हूं। पहले सीजन में मैं अपने बेहद करीबी दोस्त के साथ था और दूसरे सीजन में सरप्राइज एलिमेंट था। जो हम नहीं जानते वो मेकर्स जानते हैं। मैं इसका पूरा क्रेडिट मेकर्स को दूंगा, क्योंकि वह वो देख लेते हैं, जो हम नहीं देखते। पिछले सीजन में मैं कम काम करता था। इस सीजन में एल्विश कम काम करता है। मेरे छोटे भाई जैसा। हमें जीतना था, तो हमें नहीं भी पता होता था तो हम कहते थे हम करेंगे। ये ऐसा था, जैसे बेसबॉल फील्ड में क्रिकेट जीतने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल- इस सीजन में आपको सबसे चैलेंजिंग चीज क्या लगी? जवाब- चैलेंजिंग, देखिए ये हमारे लिए पजल सॉल्व करने जैसा था। क्योंकि हम पहले टीवी पर देखते थे, फिर नीचे देखते थे, सिर खुजाते थे कि यहां से वहां तक कैसे पहुंचना है। कुछ पता ही नहीं है और बताते नहीं हैं। मेकर्स हमें कुछ नहीं बताते थे। क्योंकि यही मजा था। हम समझ रहे थे और दौड़ रहे थे, यही शो का फॉर्मेट था। इधर-उधर पूछकर अली से पूछकर, रुबीना से पूछकर कि क्या बेसिक है। केक का बेसिक क्या है, कैसे बनता है, चावल किसका है, ये ऐसे होगा, इसको फ्राई करो। वहीं सब सॉल्व करना था और फिर अपनी एक डिश बनानी थी। मुझे लगता है ये बहुत मजेदार था। दूसरा सीजन पहले सीजन से मुश्किल था। डिशेज के नंबर भी ज्यादा थे और वो उतनी ही कॉम्प्लैक्स थीं। बो बहुत मुश्किल था। सवाल- शो में सबसे अच्छे कॉम्प्लिमेंट्स क्या मिले हैं? जवाब- जब मैं वापस आया (दूसरे सीजन) था, तो बिना कुछ बोले ही दिख गया था कि मुझे कितना प्यार मिला है। कुछ चीजें फील होती हैं। इसे सीक्रेट रखा गया था। भारती (होस्ट) को भी नहीं पता था। उसका टेलीप्रॉम्पटर भी ब्लैंक रखा गया था। वो मुझे देखकर शॉक हो गई थी। सवाल- जब पहली बार आपकी मम्मी और बहन को पता चला कि आप इस तरह के शो में जा रहे हैं, तब क्या रिएक्शन था? जवाब- वो कहते हैं कि ये हमारे खानदान का नाम खराब करके आएगा, मिट्टी में मिलवा के आएगा ये। क्योंकि वो जानते हैं कि मैं खाना नहीं बना सकता। लेकिन उन्हें भी नहीं पता था और मुझे भी नहीं पता था कि मैं कुक कर सकता हूं। मैं खुद हैरान हो जाता हूं कभी-कभी। जैसे एक बार हम एक कोई डिश बना रहे थे और मतलब मैंने खाया, सबका खाया, तो हमारा सेम आ रहा था। मैंने कुछ मसाले मिलाए फिर मैंने टेस्ट किया, बहुत अमेजिंग बना था। एक दिन वॉटरमेलन जूस था। मैंने उसमें मिर्च डाल दी। ये किसी ने नहीं सोचा था कि मैं उसमें मिर्च हलेपीनोज डालूंगा वॉटरमेलन जूस में। हरपाल जी (जज) ने उसे चखा और उन्होंने कहा ये क्या है। मैं जानता हूं कि वो शेफ हैं, उन्होंने कहीं न कहीं देखा होगा। उन्होंने कहा, भाई कमाल कर दिया तुमने। फिर मुझे समझ आया कि मुझ में टेस्ट की समझ है। सवाल- तेजस्वी भी आई थीं, क्या बनाया था उस दिन? जवाब- क्या दिन था वो। उस दिन हमने ढोलक-वोलक कुछ बनाया था। उसके बाद कुछ हरा रंग का बनाया था, वही जूस वाली बात बता रहा हूं। मुझे लगता है उसी दिन भाई के अंदर वो नॉवेल्टी और कुछ नया करने की चीज़ दिखी थी। तेजस्वी के साथ मैं एकदम अलग इंसान हूं। सेट पर भी कुछ लोग जानते थे। जैसे अंकिता, विक्की, अली वगैरह जानते हैं कि मैं तेजू के साथ कैसा हूं, क्योंकि हम सब जानते हैं। अभिषेक और समर्थ ने भी देखा और कहा, ये भाई है कौन? आज जो भाई दिख रहा है, ये वो भाई ही नहीं है। तो मैंने कहा- हां भाई, मैं उसके साथ अलग हूं। सवाल- क्या आपने तेजस्वी के लिए कभी कुछ बनाया है? जवाब- नहीं, मैंने कुछ नहीं बनाया। दरअसल उसने मेरे लिए बहुत कुछ बनाया है। सवाल- आपको उनके हाथों का क्या पसंद है? जवाब- यार, वो हमेशा कुछ नया सोचती है। जैसे कभी सुबह उठकर कहती है, आज चीला बनाकर खिलाऊंगी। क्योंकि हमारे डॉग्स भी हैं, डाकू और मजनू। जब कभी फ्री डे होता है, तो वो और सोनू और हमारे पप्पीज सब किचन में ही होते हैं। मेरा ऐसा नहीं है कि मैं उठकर कुछ बनाऊं। मैं तो टीवी ऑन करके न्यूज देखता हूं। जैसे, बिटकॉइन कहां पहुंच गया, ट्रंप ने क्या कर दिया। और उसका ये होता है कि आज मैं ये ये बनाऊंगी। वो सच में इसे बहुत पसंद करती है। सवाल- अपने फैंस से क्या कहना चाहेंगे? जवाब- मैं बस ये कहना चाहता हूं कि ‘लाफ्टर शेफ’ के जो आगे के एपिसोड हैं, जो आप लोग अभी देखोगे, उनमें इतने सारे ट्विस्ट और टर्न्स हैं, और जादू जैसा कुछ हो रहा है। जो हमारा फिनाले है, जाहिर है वो पहले ही शूट हो चुका है। वो हमने सुबह 10 बजे से शुरू करके अगले दिन सुबह 6 बजे तक शूट किया था। इसलिए यह बहुत ही खास फिनाले है। मुझे लगता है कि आने वाले हफ्तों में आपको बहुत मजा आएगा। बहुत कुछ हुआ है, बहुत कुछ अलग हुआ है ‘लाफ्टर शेफ’ में, तो जरूर देखिएगा। सवाल- ओटीटी और फिल्मों में आपका अलग अवतार दिखता है, नए प्रोजेक्ट्स कब आ रहे हैं? जवाब- मुझे लगता है कि ‘लाफ्टर शेफ’ खत्म हुए बस एक हफ्ता ही हुआ है। मैं काफी समय दुबई में था। वहां से आने के बाद मैं बस चाहता था कि ‘लाफ्टर शेफ’ पूरा कर लूं। और जैसा मैंने कहा ना, मेरी एक खराब आदत है कि मैं तुरंत किसी प्रोजेक्ट पर कूदता नहीं हूं। मैं अपना समय लेता हूं। तो इस बार भी मेरा वही हाल है। मैं खुद समझना चाहता हूं कि मुझे क्या करना है। क्योंकि जब तक मुझे किसी चीज को लेकर जुनून नहीं होता, तब तक मैं उसमें अपनी एनर्जी नहीं डाल पाता। फिर वो एनर्जी आती ही नहीं है। वो अच्छा नहीं लगता। तो अभी मैं सोच रहा हूं और समझ रहा हूं। सवाल- हमेशा इतने फिट रहना, चेहरे पर वो नूर, वो चमक कैसे रहती है? जवाब- चेहरे पर नूर तो मेकअप से आता है (हंसते हुए)। मैं कहूंगा इन इंटरनेशनल फैड्स के पीछे मत भागो, जैसे डाइटिंग, वर्कआउट्स, इंटरमिटेंट फास्टिंग। हमारे वेदों में सब कुछ है, जो हमारे पेरेंट्स ने हमें सिखाया है। वही सबसे बेहतरीन है, और उसे ही आजमाओ। वो ज्यादा अच्छा है।

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'अनीत पड्डा-अहान पांडे से ज्यादा सच्चे एक्टर्स मुझे नहीं मिलते':मोहित सूरी बोले- सीनियर फिल्ममेकर ने कहा 'सैयारा' जैसी लवस्टोरी बनाकर समय-पैसा बर्बाद कर रहे हो

अनीत पड्डा और अहान पांडे स्टारर फिल्म 'सैयारा' 18 जुलाई को रिलीज होने जा रही है। फिल्म के ट्रेलर और गाने को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। अनीत-अहान की जोड़ी को भी ऑडियंस का प्यार मिल रहा है। 'सैयारा' के जरिए मोहित सूरी तीन साल बाद बड़े पर्दे पर म्यूजिकल लव स्टोरी लेकर आ रहे हैं। मोहित ने दैनिक भास्कर से बातचीत में फिल्म की कास्टिंग, गाने बनाने के प्रोसेस और यशराज फिल्म्स के जुड़ने की कहानी बताई है। 'सैयारा' के मायने आपके लिए क्या है और इसे बनाते समय क्या चुनौतियां आईं? हमें लगता है कि फिल्म हम बना रहे हैं लेकिन हर फिल्म की अपनी एक लाइफ होती है। सैयारा एक ऐसे मोमेंट पर मेरी लाइफ में आया, जब मेरी पिछले फिल्में चली नहीं थीं। कोविड तुरंत खत्म हुआ था और लोग एक खास तरह की फिल्में बना रहे थे। ओटीटी पर बोल्ड, कंट्रोवर्शियल और बड़े पर्दे पर एक्शन, लार्जर दैन लाइफ टाइप की फिल्में बन रही थीं। उस वक्त सब चिल्ला रहे थे। मुझे लगा कि उस वक्त अगर मैं चिल्लाता तो मेरी आवाज कहीं दब जाती। ऐसे में मैंने सोचा कि मैं अलग धुन सुनाता हूं। एक म्यूजिक प्ले करता हूं। एक यंग लव स्टोरी लिखता हूं। मुझे याद है कि उस वक्त एक बहुत सीनियर फिल्ममेकर ने कहा था कि तुम अपना पैसा और समय बर्बाद कर रहे हो। इस माहौल में कोई यंगस्टर्स की लव स्टोरी नहीं बनाने वाला है। मैंने फिर भी अपने असिस्टेंट संकल्प सदन को कहा कि मेरे पास एक आइडिया है, तुम उसे लिखो। हम दोनों ने इस पर काम किया। संकल्प इस फिल्म के स्क्रीनप्ले राइटर हैं और रोहन शंकर डायलॉग राइटर हैं। इन दोनों ने मेरे कहने पर ये पूरी कहानी लिखी। इस फिल्म में यशराज उस वक्त तक कहीं नहीं था। मुझे नहीं पता था कि आदित्य चोपड़ा और अक्षय विधानी एक लव स्टोरी की खोज में थे। जब मुझे पता चला था तो मैं क्रिएटिव प्रोड्यूसर सुमना घोष के जरिए उनसे मिला। मैंने अपने आप को कहानी में इतना ज्यादा इन्वॉल्व कर लिया था कि मैंने अपने दो-तीन एक्टर दोस्त से बात भी की थी। मैंने उनसे कहा था कि मेरे लिए ये लव स्टोरी कर लें। उन्होंने हामी भी भर दी थी। लेकिन जब मैं आदि सर से मिला तो उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम ये फिल्म इन लोगों के साथ क्यों बनाना चाहते हो? इस कहानी की जरूरत 20-25 साल के एक्टर्स की है और तुम तीस से अधिक उम्र वालों को लेना चाहते हो। मैंने उनसे कहा कि सर लेकिन पिक्चर बेचनी भी तो है। ऐसे में उन्होंने कहा कि ये बात सुनकर मेरी मार्केटिंग टीम खुश हो जाएगी लेकिन तुम गलत फिल्म बना रहे हो। इस फिल्म में न्यूकमर होने चाहिए। फिर मैंने कहा कि न्यूकमर्स पर कौन पैसे लगाए तो उनका जवाब आया कि मैं लगाऊंगा। अनीत का स्क्रीन प्रेजेंस काफी अच्छा है। उन्होंने पहले भी काम किया है लेकिन सफलता उन्हें नहीं मिली है। इस फिल्म से उनके लिए चीजें बदलेंगी? एक डायरेक्टर का अपने एक्टर्स की तारीफ करना ऐसा लगता है कि मां अपने बच्चों की तारीफ कर रही है। मुझे सिर्फ इतना पता है कि इनसे ज्यादा सच्चे एक्टर्स मुझे मेरी फिल्म के लिए नहीं मिल सकते थे। मैं उन दोनों का आभारी हूं। इस फिल्म में काम करने के लिए उनकी जो भूख थी, वो शायद एक सक्सेसफुल एक्टर कभी दे नहीं पाता। उन्होंने फेल्यिर देखा है तो उनके अंदर सफलता देखने की भूख है। अनीत ने पहले भी कुछ काम किया लेकिन जो सफलता उन्हें मिलनी चाहिए थी, वो नहीं मिली। अहान के साथ भी ऐसा ही कुछ है। उसकी पहली फिल्म बनी नहीं तो उसका इमोशन, उसका दिल टूटना, मेरी फिल्म के लिए बहुत काम आया। जब आप फिल्म देखेंगे तो आपको समझ आएगा। इन छोटी-छोटी चीजों से फिल्म बनती है। कहते हैं ना कि वो दर्द भी तेरे काम आएगा तो मैंने उसी दर्द का अपनी फिल्म में इस्तेमाल किया है। अहान और अनीत की कास्टिंग का प्रोसेस क्या था? ऐसा सुनने में आया कि अहान को कुछ फेमस सीन रिक्रिएट करने कहा गया था? हां, ऐसा हुआ था लेकिन मेरा मानना है कि ये फेयर नहीं होता है। फेमस सीन को ऑलरेडी किसी ने बोलकर अपनी एक छाप छोड़ दी है। कोई दूसरा उसे करता है तो वो उस परफॉर्मेंस के कितना क्लोज है, इस बात पर उसे जज किया जाता है। जब तक आप ओरिजनल सीन ना करें, तब तक मजा नहीं आता है। अहान ने 'कबीर सिंह', 'बैंड बाजा बारात', 'ऐ दिल है मुश्किल' के सीन्स किए थे लेकिन मैं उस ऑडिशन से सहमत नहीं था। हालांकि, अहान ने अच्छा परफॉर्म किया था। एक दिन आदित्य सर ने मुझसे कहा कि तुम अहान के साथ डिनर पर जाओ और फिर उसे देखो। हम गए और मैंने उस रात अहान से कहा कि मुझे सर मत बोलो, मोहित बुलाओ। अहान तो 15 मिनट में सीधे ब्रो बोलने लगा। हमलोग रात भर घूमते रहे। रात के ढाई-तीन बजे के करीब मुझे एहसास हुआ कि वो मेरी फिल्म के कैरेक्टर में है। वो किरदार में घुस गया था और कृष कपूर बन गया था। मैं मजाक नहीं कर रहा या ये कोई फेक स्टोरी नहीं है। हम साथ काम नहीं करने के लिए मिले थे लेकिन अहान को देखकर मुझे लगा कि ये कृष कपूर बन सकता है। अगले दिन मैंने आदि सर को कहा कि मैं अहान के साथ काम करना चाहता हूं। वाणी के रोल के लिए भी बहुत सारी लड़कियों ने ऑडिशन दिया था। इस बात में कोई शक नहीं है कि वो सारी ही लड़कियां काफी अच्छी थीं। हालांकि कुछ फिक्स नहीं हो रहा था। हमें पंजाबी बैकग्राउंड की एक सिंपल लड़की चाहिए थी। जिसका अपना एक वैल्यू सिस्टम है लेकिन वो नए जमाने की लड़की है। आजकल हम लोग सादगी को कम आंकते हैं। मुझे वाणी के रोल के लिए जो सादगी चाहिए थी, वो मुझे मिल नहीं रहा था। लेकिन तभी मैंने अनीत का एक ऑडिशन देखा, जिसमें वो कमाल थी। इसका सारा श्रेय कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा को जाता है, जिन्होंने इन्हें बुलाया। इनकी ग्रूम और कास्टिंग की है। अनीत ने हर ऑडिशन में अपना ओरिजनल स्टाइल दिख कैरेक्टर प्ले किया था। ट्रेलर और गाने आने के बाद अनीत-अहान की केमिस्ट्री देख ऑडियंस का कहना है कि इस फिल्म का नाम आशिकी-3 होना चाहिए। क्या कहना चाहेंगे? देखिए,मेरे लिए आशिकी उस लेवल पर खत्म हो गई थी। मैं उसमें अब और कुछ नहीं जोड़ सकता था। वो अपने आप में एक आईकॉनिक फिल्म है। मैं चाहता हूं कि इन दोनों बच्चों का काम देखकर लोग आगे कहेंगे सैंयारा 2 बननी चाहिए। इन दोनों की अपनी पहचान होनी चाहिए। अहान को अगला आदित्य रॉय कपूर या राहुल रॉय होने की जरूरत नहीं है। वो अहान पांडे ही रहे। ठीक, वैसे ही अनीत को श्रद्धा कपूर बनने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि लोग तुलना मेरी ही फिल्म से कर रहे हैं। ना कि यशराज की किसी दूसरी फिल्म से। ऐसे में इसमें कहीं ना कहीं मेरी जीत है। फिल्म से जुड़ी कोई खूबसूरत बात या यादगार लम्हा जो आप शेयर करना चाहते हैं? अहान-अनीत की आंखों में सफलता की चाहत देखना, मेरे लिए खूबसूरत बात थी। खुद की सफलता देखते-देखते, हम हिट-फ्लॉप के गेम में अटक जाते हैं। मुझे याद है कि सैयारा गाने का एक सीन हम शूट कर रहे थे, जिसमें अहान स्टेज पर चलकर आता है और एक बड़े स्क्रीन पर उसका फुटेज चलता है। ये सीन आपने ट्रेलर में देखा होगा। उस फुटेज में खुद को देखकर अहान की आंखों में वही चमक थी, जो मैंने इमरान हाशमी की आंखों में देखी थी, जब उसकी पहली फिल्म आई थी। ये चमक मैंने कंगना की आंखों में देखी थी, जब उसकी फिल्म 'गैंगस्टर' आई थी। हमलोग शहर में घूम रहे थे और कंगना अपनी होर्डिंग्स देखकर हैरान थी। 'आशिकी 2’ के वक्त ये चमक मैंने श्रद्धा और आदित्य को आंखों में देखी थी, जब हम तीनों प्रमोशन के लिए ट्रैवल कर रहे थे और फ्लाइट स्टाफ दोनों को घेर रखा था। मैंने उस समय की दोनों को फोटो ले रखी थी। आज भी जब दोनों का फोन आता है तो वह फोटो मेरे फोन पर फ्लैश होता है। यह चमक अहान और अनीत की आंखों में भी थी। मुझे लगता है कि खुद की सफलता और हार में मजा तो होता है लेकिन किसी और की सफलता का हिस्सा होना अलग सुख देता है।

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रवि किशन@56, रामलीला में सीता बने तो पिता ने पीटा:₹500 लेकर पहुंचे मुंबई, कर्ज लेकर अस्पताल से डिस्चार्ज कराई बेटी, आज नेटवर्थ ₹43 करोड़

एक्टर रवि किशन की गिनती आज देश के उन एक्टर्स में होती है जिन्होंने बचपन से ही बहुत संघर्ष और गरीबी देखी, लेकिन उसका डटकर सामना कर अपनी मेहनत और कला से घर-घर में पहचान बनाई और करियर में एक बड़ा मुकाम हासिल किया। एक्टिंग को लेकर पिता से पिटाई हुई तो रवि किशन सिर्फ 500 रुपए लेकर मुंबई पहुंच गए। जेब में पैसे नहीं होते थे, तो कई बार वड़ा पाव खाकर और चाय पीकर दिन काटे। हिंदी फिल्मों में काम पाने के लिए दर-दर भटके, लेकिन बड़े मौके नहीं मिले। फिर मां ने सलाह दी कि अपनी भाषा यानी भोजपुरी में फिल्में करो। बस मां की इस सलाह ने रवि किशन की जिंदगी बदल दी और भोजपुरी फिल्मों में आते ही वो बड़े स्टार बन गए। रवि किशन के 56वें जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनकी लाइफ से जुड़े कुछ और किस्से… रवि किशन का असली नाम रविन्द्र किशन शुक्ला है। उनका जन्म 17 जुलाई 1969 को मुंबई (तब बॉम्बे) में हुआ। उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का है। रवि ने अपने बचपन के कुछ दिन मुंबई में गुजारे और फिर स्थिति खराब हुई तो परिवार वापस गांव चला गया। वे पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। घर की आर्थिक हालत कमजोर थी। उनका बचपन मिट्टी के घर में गुजरा और कई बार पूरे परिवार को एक वक्त का खाना भी बड़ी मुश्किल से मिलता था। यहां तक कि एक खिचड़ी में 12 लोग खाते थे। रवि किशन ने कई इंटरव्यू में बताया है कि वो बचपन में मंदिर से चोरी किया करते थे। वह हनुमान जी के मंदिर जाया करते थे। शनिवार को वहां भीड़ ज्यादा होती थी, लोग तिलक पर सिक्के चिपकाते थे। वह चुपके से वहां से एक-दो सिक्के निकाल लेते थे। रवि अपने पिताजी की दूध की दुकान से भी पैसे चुराते थे। एक्टिंग के शौक के चलते पिता ने बहुत पिटाई की रवि किशन को बचपन से एक्टिंग का शौक था। गांव में रामलीला में वो मां सीता का रोल निभाते थे और रोल के लिए साड़ी अपनी मां की पहनते थे। जब एक बार उनके पुजारी पिता ने उन्हें सीता के रोल में देखा तो उन्होंने बेल्ट से बहुत मारा जिससे उनकी चमड़ी छिल गई। जिसके बाद मां ने डरकर 500 रुपए दिए और उनसे कहा कि बेटा भाग जा, नहीं तो आज मारा जाएगा। अपनी जान बचाने के लिए वो घर से भागे और ट्रेन पकड़कर मुंबई पहुंच गए। मुंबई आने के बाद रवि किशन की असली परीक्षा शुरू हुई। फिल्मों में रोल पाने के लिए कई स्टूडियो के चक्कर काटते रहे। फिर उन्हें करीब 17 साल की उम्र में पहली फिल्म ‘पीतांबर’ मिली, जो फ्लॉप हो गई। इसके बाद उन्होंने 'आग का तूफान', 'रानी और महारानी', 'जख्मी दिल', 'उधार की जिंदगी,' जैसी फिल्मों में छोटे-मोट रोल किए। बता दें कि शुरुआती दौर में रवि किशन को कास्टिंग काउच का भी ऑफर मिला। एक महिला ने उन्हें रात में कॉफी पीने बुलाया था। जिसको लेकर उन्होंने कहा था- लोग कॉफी दिन में पीते हैं और वहां से निकल गए। उन्होंने साफ कह दिया था कि उन्हें ऐसे फिल्म नहीं चाहिए। फिल्म 'तेरे नाम' से रवि किशन को मिली पहचान हिंदी फिल्मों में रवि किशन ने दर्शकों का ध्यान तब खींचा जब वो फिल्म ‘तेरे नाम’ में पंडित रमेश्वर के रोल में नजर आए थे। रवि किशन ने बताया था कि यह फिल्म उन्हें कैसे मिली। एक बार वे नितिन मनमोहन के ऑफिस में डायरेक्टर सतीश कौशिक से मिले। सतीश कौशिक ने कहा था कि उन्हें ऐसा लड़का चाहिए जो पंडित का किरदार निभाए और भूमिका चावला का मंगेतर बने। रवि किशन ने बिना देर किए हामी भर दी। उन्होंने बताया था कि सतीश कौशिक ने बाल कटवाने को कहा तो भी वे तुरंत तैयार हो गए। ‘तेरे नाम’ के लिए रवि किशन को नेशनल अवॉर्ड का नॉमिनेशन मिला था। रवि किशन ने भोजपुरी फिल्मों में आने को लेकर बताया था कि जब उन्हें ‘सैयां हमार’ नाम की भोजपुरी फिल्म ऑफर हुई थी तो शुरुआत में उन्हें लगा कि भोजपुरी फिल्म कौन देखेगा, क्योंकि उस समय भोजपुरी इंडस्ट्री लगभग बंद हो चुकी थी। फिर रवि किशन ने अपनी मां को गांव में फोन किया था और फिल्म को लेकर बात की थी। जिसके बाद मां ने उन्हें सलाह दी थी कि फिल्म कर लो, कोई नहीं देखेगा तो गांव के लोग ही देख लेंगे। मां की बात मानकर उन्होंने फिल्म साइन की और फिल्म बड़ी हिट हुई। भोजपुरी इंडस्ट्री में आते ही रवि किशन की किस्मत बदल गई। 'सैयां हमार', 'बांके बिहारी एमएलए' जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ा स्टार बना दिया। 2008 में ईटीवी भोजपुरी सिनेमा सम्मान में उन्हें 'मोस्ट पॉपुलर एक्टर' का अवॉर्ड मिला। रवि किशन की फिल्म ‘जला देब दुनिया तोहरा प्यार में’ को 2010 में कांस फिल्म फेस्टिवल के इंडिया पवेलियन में दिखाया गया। उनको अमिताभ बच्चन ने 'भोजपुरी का महानायक' कहा था। 2008 में रवि किशन ने ‘स्पाइडर मैन 3’ को भोजपुरी में डब किया, जो किसी हॉलीवुड फिल्म का पहला भोजपुरी डब था। साथ ही में वो 2014 में तेलुगु फिल्म 'रेस गुर्रम' और 2017 में कन्नड़ फिल्म 'हेब्बुली' में नजर आए। एक समय एक्ट्रेस नगमा के साथ रवि किशन के अफेयर की चर्चा थी। हालांकि रवि किशन ने हमेशा इसको खारिज किया। आप की अदालत में इस सवाल पर रवि किशन ने कहा था कि जब कोई किसी हीरोइन के साथ ज्यादा फिल्में करता है तो लोग सोचते हैं कि कुछ चल रहा होगा। रवि किशन ने इसे इंसानी फितरत बताया था, जैसे लोग अपने पड़ोस में झांकते हैं। उन्होंने साफ किया था कि ऐसा कुछ नहीं था। वे इसलिए बार-बार उन्हीं हीरोइनों के साथ फिल्में करते थे क्योंकि उनकी फिल्में हिट होती थीं और सबको पता था कि वे शादीशुदा हैं। रवि किशन ने कई इंटरव्यू में यह बात मानी है कि सफलता मिलने के बाद उनको बहुत अंहकार हो गया था। यहां तक कि एक समय वो दूध से नहाते और गुलाब की पंखुड़ियों में सोते थे। उन्हें लगता था कि इससे चर्चा होगी। इसी वजह से अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में उन्हें नहीं लिया गया था। रवि किशन ने एक तेलुगु फिल्म की शूटिंग के दौरान हुए एक हादसे का सामना किया था। उन्होंने फाइट मास्टर को जीप पलटने की चेतावनी दी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। जीप पलट गई। कुछ जूनियर फाइटर को बचाते हुए वे खुद जीप के नीचे आ गए। उनका कॉलर बोन और हाथ टूट गया था। घटना के बाद रवि किशन को लगा था कि अब सब खत्म हो गया। तब उनको सुनील शेट्टी ने सलाह दी थी कि पानी में रहकर रिकवरी करो, जिसके बाद वह 40 दिन पानी में रहे और फिर ठीक हो गए। वहीं, साउथ अफ्रीका में संजय दत्त और इमरान खान के साथ पानी के अंदर शूट करते वक्त भी रवि किशन की जान पर बन आई थी। रवि किशन को तैरना नहीं आता था। उनको वेट बांधकर 15-20 फीट नीचे डाला गया। जहां शार्क भी थीं। वे डूबने ही वाले थे, लेकिन किसी तरह ऊपर आकर बच गए थे। रवि किशन और मनोज तिवारी आज दोनों एक ही पार्टी यानी BJP के सांसद हैं। हालांकि एक समय दोनों के बीच बहुत कॉम्पिटिशन था। मनोज तिवारी से उनकी 13 साल तक प्रतिद्वंद्विता रही। दोनों एक मंच पर नहीं जाते थे। पता चलता था कि मनोज आ रहे हैं तो रवि किशन वहां से निकल जाते थे। रवि किशन और उनकी पत्नी की लव स्टोरी रवि किशन की प्रेम कहानी कॉलेज के दिनों से शुरू हुई थी। उनकी पत्नी से मुलाकात बांद्रा के बस स्टॉप पर हुई थी, जब दोनों कॉलेज जा रहे थे। पहली बार उनकी पत्नी ने ही बात की थी और उन्हें बेहद सीधा-सादा लड़का समझ लिया था। हालांकि रवि किशन ने माना कि वे असल में काफी शरारती और रोमांटिक थे। फिर परिवार की सहमति से दोनों की शादी हुई। रवि किशन ने 10 दिसंबर 1993 को प्रीति शुक्ला से शादी की थी। उनके चार बच्चे हैं, जिसमें एक बेटा और तीन बेटियां शामिल हैं। रवि किशन की बड़ी बेटी तनिष्का बिजनेस मैनेजर हैं, दूसरी बेटी रीवा एक्ट्रेस हैं और तीसरी बेटी इशिता शुक्ला एनसीसी कैडेट रहीं और जून 2023 में सेना में शामिल हुईं। रवि किशन को अपनी बेटी को अस्पताल से डिस्चार्ज कराने के लिए कर्ज लेना पड़ा था। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, रवि किशन ने बताया था कि बेटी के जन्म के समय उनके हालात इतने खराब थे कि अस्पताल से घर लाने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे। मजबूरी में उन्होंने ब्याज पर कर्ज लिया और पत्नी व बेटी को अस्पताल से डिस्चार्ज कराया। मां के लिए साड़ी खरीदने के लिए रवि किशन ने बेचा था अखबार दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में रवि किशन ने बताया था कि जब वह 13 साल के थे, तभी उन्होंने ठान लिया था कि इस बार अपने जन्मदिन पर मां को कुछ खास तोहफा देंगे। उन्होंने इसके लिए अखबार बेचने का काम शुरू किया था, जिससे उन्हें 25 रुपए मिलते थे और यह बात घरवालों को पता नहीं थी। बता दें कि तीन महीने में उन्होंने साड़ी खरीदने के लिए 75 रुपए इकट्ठे किए, लेकिन जब वे साड़ी लेकर घर पहुंचे और मां को दी, तो मां ने उन्हें जोर से थप्पड़ मार दिया। रवि किशन ने बताया था कि मां को लगा था कि साड़ी के लिए पैसे चुराए गए हैं। हालांकि जब उन्होंने अखबार बेचने की बात बताई, तो मां ने उन्हें रोते हुए गले लगा लिया था। खेत छुड़वाने के लिए चाहिए थे पैसे, प्रोड्यूसर ने किया था अपमानित रवि किशन ने दूरदर्शन के एक कार्यक्रम में अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा था कि एक वक्त ऐसा आया जब उनके पास पैसे नहीं थे। गांव से पिता का फोन आया कि खेत गिरवी है, उसे छुड़वाना है। उन्होंने 80 हजार में एक फिल्म साइन की, लेकिन प्रोड्यूसर ने सिर्फ 7-8 हजार रुपए दिए। डबिंग के समय भी प्रोड्यूसर ने रवि किशन को पैसे देने का वादा किया, मगर जब वो पैसे मांगने गए तो उसने अपमानित कर कहा - बहुत बड़ी बात है कि तुम्हें फिल्म में लिया है। पैसे मांगे तो रोल काट देंगे। रवि किशन ने बताया था कि पैसे नहीं मिले और फिल्म भी फ्लॉप हो गई। 43 करोड़ की प्रॉपर्टी के मालिक हैं रवि किशन 2024 के लोकसभा चुनाव में दाखिल किए गए हलफनामे के मुताबिक, रवि किशन की कुल संपत्ति लगभग 43 करोड़ रुपए है। रवि किशन की अचल संपत्तियां करीब 27 करोड़ रुपए की हैं, जिनमें मुंबई और पुणे के फ्लैट, गोरखपुर का बंगला और गांव का पुश्तैनी घर शामिल है। रवि किशन की चल संपत्तियों का मूल्य 15 करोड़ रुपए से अधिक है। उनके पास कई लग्जरी गाड़ियां भी हैं, जिसमें टोयोटा इनोवा, फॉर्च्यूनर, मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और जगुआर शामिल हैं। अब रवि किशन जल्द ही अजय देवगन स्टारर फिल्म 'सन ऑफ सरदार 2' में नजर आएंगे। इस फिल्म में वह पहली बार पर्दे पर सरदार के रोल में नजर आएंगे। यह फिल्म 25 जुलाई 2025 को रिलीज होगी। ---------------------------------- ये खबरें भी पढ़ें... कटरीना@42, पिता ने छोड़ा साथ, मां ने अकेले पाला:महेश भट्ट ने रातों-रात फिल्म से निकाला, सलमान-रणबीर को किया डेट; बिना स्कूल गए बनीं सुपरस्टार बॉलीवुड की बार्बी गर्ल कटरीना कैफ भले ही आज इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेज में शुमार हैं, लेकिन यहां तक पहुंचना उनके लिए कभी आसान नहीं रहा। जब कटरीना बहुत छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। पूरी खबर पढ़ें..

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