एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान पटौदी ने कुछ समय डेट करने के बाद शादी कर ली थी। जिस वक्त दोनों ने शादी की थी, उस समय इंटर-रिलीजन मैरिज जैसी चीजें अनसुनी थी। शादी के लिए शर्मिला को अपना धर्म भी बदलना पड़ा था। इसके बाद मंसूर अली ने उन्हें नया नाम आयशा दिया था। एक पुराने इंटरव्यू में सिमी गरेवाल से बात करते हुए शर्मिला टैगोर ने कहा था, ‘यह आसान नहीं था और न ही मुश्किल था। इसका सामना करना और समझना जरूरी था। आप इसके बारे में बहुत अधिक लापरवाह नहीं हो सकते। शादी से पहले मैं बहुत धार्मिक नहीं थी। अब मुझे लगता है कि मैं हिंदू धर्म और इस्लाम के बारे में ज्यादा जानती हूं।’ सास के साथ पहली मीटिंग में घबराई हुई थीं शर्मिला इस इंटरव्यू में शर्मिला ने अपनी सास नवाब बेगम साजिदा सुलतान के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि वे एक-दूसरे के साथ अच्छा बॉन्ड शेयर करती थीं। उन्होंने कहा, ‘जब मैं पहली बार अम्मा से मिली, तब मैं निश्चित रूप से घबराई हुई थी। उन्होंने मुझसे पूछा था- आप मेरे बेटे के बारे में क्या सोचती हैं? इस पर मैंने कहा कि वे मुझे पसंद हैं। फिर उन्होंने सवाल किया कि आगे क्या करने का इरादा है? मैंने जवाब में कहा कि मुझे अभी तक नहीं पता, मैं अभी उनसे मिली हूं।’ ‘गैर धर्म में शादी करने पर जान से मारने की धमकियां मिली थीं’ बरखा दत्त के साथ एक पुराने इंटरव्यू में शर्मिला ने खुलासा किया था कि जब उन्होंने गैर धर्म में शादी करने का फैसला किया था, तब उन्हें जाने से मारने की धमकियां मिली थीं। उन्होंने कहा था, ‘जब कोलकाता में शादी हो रही थी, तब मेरे पेरेंट्स को टेलीग्राम मिल रहे थे कि शादी में गोलियां बोलेंगी। इस वजह से टाइगर के परिवार को भी थोड़ी चिंता सताने लगी थीं। हालांकि शादी और बाद में रिसेप्शन में कुछ नहीं हुआ था।'
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