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Monday, 22 September 2025

'भट्ट साहब ने मुझे एक लाइफलाइन दी है':अनु मलिक ने बताया कि कैसे महेश भट्ट ने उन्हें म्यूजिक में वापसी का मौका दिया

फिल्ममेकर महेश भट्ट और म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक की अपकमिंग फिल्म ‘तू मेरी पूरी कहानी’ 8 सितंबर 2025 को रिलीज होगी। फिल्म का डायरेक्शन सुहृता दास ने किया है। वहीं, कहानी महेश भट्ट और श्वेता बोथरा लिखी और म्यूजिक अनु मलिक ने दिया। फिल्म में मेल और फीमेल वर्जन के साथ 10 से ज्यादा गाने हैं। इन गानों में पापोन, राघव चैतन्य, आनंदी जोशी, विशाल मिश्रा और अनमोल मलिक जैसी सिंगरों की आवाज शामिल है। हाल ही में फिल्ममेकर महेश भट्ट और म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक से दैनिक भास्कर ने फिल्म के गानों और उनके अनुभव को लेकर खास बातचीत की। सवाल: महेश जी और अनु जी, सालों बाद एक साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा? जवाब: महेश भट्ट: जब आदमी फ्लॉप होता है, जब पिक्चर नहीं चलती, तो इंडस्ट्री उसे कौड़ी की तरह ट्रीट करती है। मगर अनु में कुछ खास चमक थी, उसके चेहरे में जो आज भी नजर आती है। हमारा रिश्ता काफी गहरा है। इंडस्ट्री में कहते हैं कि कलाकार की जिंदगी में तीन मौसम होते हैं- 'बड़ा पोटेंशियल', 'पहुंच गया मंजिल तक', और 'फिनिश्ड'। बहुत कम लोगों के लिए चौथा मौसम आता है- 'ही इज बैक' और अनु बिल्कुल इसी तरह लौटे हैं। यह कोई कमबैक नहीं, यह हिट बैक है। अनु मलिक: मुझे लगता है कि भट्ट साहब के साथ मेरा रिश्ता किसी पिछले जन्म का है, चाहे कोई माने या न माने। इस फिल्म के गानों के लिए उनके कॉल से ही मेरे अंदर एक अलग उत्साह और दिल की धड़कनें बढ़ गईं। मैंने महसूस किया कि यह वही मौका है, जब दुनिया ने मुझे छोड़ दिया था, लेकिन भट्ट साहब ने मुझे एक लाइफलाइन दी। कहानी सुनने के बाद जब मैंने पहला गाना रिकॉर्ड किया, भट्ट साहब मेरे सामने खड़े हुए और बोले, 'ट्रैक ऑन करो।' मैंने अपनी आंखें बंद की। जब उन्होंने गाना सुना, तो उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने मुझे गले लगाकर कहा- ऐसे ही काम करना। सवाल: आजकल कहा जाता है कि जेन-जी के दौर में मेलोडी वाले गाने नहीं चलते। आप इस धारणा को कैसे देखते हैं? जवाब: अनु मलिक: मैं इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं। जेन-जी मेलोडी को बहुत प्यार करती है। हम हिंदुस्तानी हैं और यहां लोग हमेशा से मेलोडी को पसंद करते आए हैं। हाल ही में किसी ने मुझे मेरे गाने पर कॉम्लीमेंट दिया कि, "ये गाना हमें इसलिए पसंद आ रहा है क्योंकि हम इसे गुनगुना पा रहे हैं।" यही मेलोडी की असली ताकत है। महेश भट्ट: देखिए, मार्केट हमेशा डर के आधार पर काम करता है, लेकिन आर्टिस्ट का दिल डर से नहीं, प्यार से काम करता है। अगर धुन में प्यार है, तो वही लोगों तक पहुंचेगी। जब कोई डर से गाना बनाएगा, तो उसमें डर झलकेगा, लेकिन जब दिल टूटा हो या प्यार से भरा हो, तब असली आर्ट निकलता है। लोग कहते हैं कि नई पीढ़ी में गहराई नहीं है, लेकिन मेरा मानना है कि यह बिल्कुल गलत धारणा है। हमारे बच्चों में बहुत गहराई है। यह वाकई एक शानदार पीढ़ी है। सवाल: अनु जी, इस फिल्म में आपकी बेटी अनमोल ने भी गाना गाया उनकी एंट्री कैसे हुई ? जवाब: देखिए, गाने का आइडिया आया तो सबसे पहले यह डिस्कशन हुआ कि हमें एक अलग आवाज चाहिए। रोमांटिक हो, लेकिन जेन-जी को अपील करे। मैंने सोचा क्यों न किसी लड़की को ट्राय करूं। तब मैंने अपनी बेटी अनमोल को बुलाया। जब भट्ट साहब ने उसकी आवाज़ सुनी, तो उन्होंने तुरंत कहा -“ये कुछ नया लेकर आई है।” आप मानिए, मैं ऐसे ही किसी सिंगर को पास नहीं करता, लेकिन अनमोल ने गाया, तो मुझे भी हैरानी हुई। गाना पूरा होते ही भट्ट साहब ने उसे गले लगा लिया। तब मुझे समझ आया कि हां, सही रास्ते पर हैं। सवाल: अनु जी, इस गाने को लेकर ऑडियंस की शुरुआती प्रतिक्रिया कैसी रही? जवाब: शानदार! मेरी बेटी ने मुझे फोन करके कहा, “पापा, बगल वाली गाड़ी में आपका गाना फुल वॉल्यूम पर बज रहा है।” और यह रिलीज के अगले दिन की बात थी। इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है? इस गाने को लोगों ने दिल से अपनाया है। टूटे दिल वालों ने इसे सीने से लगा लिया है। सवाल: अनु जी, आपने कुछ बड़े सिंगर्स के नाम भी सुझाए थे। उस पर क्या चर्चा हुई थी? जवाब: हां, मैंने सोचा था कि बड़े नाम जुड़ेंगे तो म्यूजिक कंपनी को बेचना आसान होगा। मैंने एक मशहूर मेल सिंगर और एक टॉप फीमेल सिंगर के नाम लिए, लेकिन भट्ट साहब मुस्कुरा कर बोले- “ना होगा, ना वो तेरे लिए गाएंगे। अपने आप को स्ट्रगलर समझ, अब तेरा इम्तिहान शुरू है।” उनकी ये बात मुझे अंदर तक हिला गई, लेकिन शायद यही सच्चा मार्गदर्शन था।

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