WHAT’S HOT NOW

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 003

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 002

GOPAL KRISHNA SAD SONGS 001

ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

Monday, 21 September 2026

Iconic winter sport landscape acquired by Rijksmuseum and Mauritshuis

Amsterdam’s Rijksmuseum and The Hague’s Mauritshuis have jointly acquired one of the most important winter landscape scenes from the Dutch Golden Age: Colf Players on the Ice, painted around 1625 by Hendrick Avercamp. To celebrate its homecoming, the masterpiece will first go on display in a special exhibition at the Stedelijk Museum in Kampen, Avercamp’s birthplace, from October 3rd to January 10th, 2027. After that, the two museums will split custody. This is the first time the Netherland’s two greatest museums, respectively home of Rembrandt’s The Night Watch and Vermeer’s Girl With a Pearl Earring, are sharing an artwork.

Between 1575 and 1625, northern Europe experienced a period of severe winters known as “The Little Ice Age.” The rivers, canals, lakes and ports of below-sea-level Holland froze over for months. Avercamp was the first Dutch artist to specialize in depicting winter scenes, capturing people enjoying the cold in sports like ice skating, sledding and colf, and experiencing the harshness of having to work and live in such conditions.

Colf Players on the Ice is regarded as a highlight of Avercamp’s oeuvre. Unlike in his earlier winter landscape teeming with human figures, the artist focuses here on a small group in the foreground. The low vantage point makes us feel that we too are on the ice, and part of the scene. The focus is on two men playing colf – one of the oldest ball games in the Low Countries, and a forerunner of golf – as fishers, passers-by and other spectators watch the game. The painting is therefore not only a fabulous wintry scene, it is also the earliest known depiction of colf.

Colf was a popular year-round game in the Netherlands, played in the squares, church yards and the streets of town. Like golf, it was played by hitting a ball with a club, but unlike golf, the target was a vertical stick rather than a hole. Walloping balls through the streets of small, densely-inhabited towns had the unfortunate side-effect of breaking a lot of windows, and many towns passed ordinances prohibiting the game. The icy surfaces away from windows made the ideal colfing pitch.

Avercamp’s winter scenes are filled with details, capturing people from all walks of life. In Colf Players on the Ice, the gentleman in kuitbroek (knee breeches) wields the colf club while commoners like an ice fishermen and the little boy with a net helping him watch the game. The clothes are a snapshot of fashions followed by the merchants and burghers, as well as the rugged winterwear of the working classes.

For many years, the painting was on long-term loan to the Museum of Fine Arts, Houston, from the collection of British art dealers Edward and Sally Speelman. Speelman is an expert in Dutch old master paintings, and has amassed a significant private collection. They sold Colf Players on the Ice for a hefty price tag of $13 million.

The acquisition is very important for the Netherlands. Although several paintings by Avercamp are in Dutch public collections, almost all of them are early works. Colf Players on the Ice , on the other hand, shows the innovative nature of his mature style, and is thus an essential addition to the Dutch national collection.



* This article was originally published here

करीना कपूर@46; ‘पू’ से डीसीपी अजूनी कोहली तक:26 साल के करियर में एक्ट्रेस ने निभाए ग्लैमर से लेकर गंभीर किरदार

21 सितंबर 1980 को जन्मी करीना कपूर आज 46 साल की हो गई हैं। करीब ढाई दशक से ज्यादा लंबे करियर में करीना ने हिंदी सिनेमा में कई तरह के किरदार निभाए हैं। शुरुआत में जहां उनकी पहचान ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन के तौर पर बनी, वहीं समय के साथ उन्होंने ऐसे किरदार चुने जिनमें ग्लैमर से ज्यादा कहानी और किरदार की गहराई नजर आई। करीना ने साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद ‘मुझे कुछ कहना है’, ‘अजनबी’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा की चर्चित एक्ट्रेस बना दिया। खासकर ‘कभी खुशी कभी गम’ की पू यानी पूजा शर्मा का किरदार उनकी ग्लैमरस इमेज का बड़ा हिस्सा बना। इसके बाद कुछ सालों तक करीना के करियर में रोमांटिक, ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों का दबदबा रहा। ‘मुझसे दोस्ती करोगे!’, ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’, ‘खुशी’ और ‘क्योंकि’ जैसी फिल्मों में वह मुख्यधारा की हीरोइन के तौर पर नजर आईं। हालांकि इसी दौर में उन्होंने ऐसे किरदार भी किए, जिन्होंने आगे उनके करियर की दिशा बदलने का रास्ता तैयार किया। ‘चमेली’ ने बदली इमेज करीना के करियर में सबसे बड़ा बदलाव 2004 की फिल्म ‘चमेली’ से आया। इसमें उन्होंने एक सेक्स वर्कर का किरदार निभाया था। यह उनके पहले के ग्लैमरस किरदारों से बिल्कुल अलग था। इसी साल उन्होंने फिल्म ‘देव’ में एक ऐसी महिला का किरदार निभाया, जिसकी जिंदगी गुजरात दंगों की हिंसा से प्रभावित होती है। इसके बाद विशाल भारद्वाज की ‘ओमकारा’ में उन्होंने डॉली मिश्रा का किरदार निभाया, जो शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ की डेसडेमोना से प्रेरित था। ‘देव’ और ‘ओमकारा’ दोनों फिल्मों के लिए उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस मिला था। यानी करीना का करियर शिफ्ट सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा। ‘चमेली’ के बाद उन्होंने यह दिखाना शुरू कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमरस हीरोइन की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। ‘जब वी मेट’ में ग्लैमर से ज्यादा किरदार की ताकत 2007 में आई ‘जब वी मेट’ को करीना के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म में उन्होंने गीत का किरदार निभाया था। गीत चुलबुली और बातूनी जरूर थी, लेकिन उसका पूरा किरदार सिर्फ ग्लैमर के आसपास नहीं घूमता था। कहानी का बड़ा हिस्सा उसके व्यक्तित्व, फैसलों और जिंदगी में आए बदलावों पर आधारित था। 2012 में दिखे करियर के कई रंग 2012 करीना के करियर का ऐसा साल था, जिसमें उन्होंने एक ही साल में बिल्कुल अलग तरह के किरदार किए। ‘एक मैं और एक तू’ में वह हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आईं, तो ‘हीरोइन’ में उन्होंने एक परेशान और अस्थिर फिल्म एक्ट्रेस का किरदार निभाया। ‘हीरोइन’ में उनका किरदार माही अरोड़ा फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे छिपी असुरक्षा और निजी परेशानियों से जूझता है। इसी साल आई ‘तलाश’ में करीना ने रोजी का किरदार निभाया, जो फिल्म की रहस्यमयी कहानी का अहम हिस्सा था। यहां से करीना की फिल्मोग्राफी में एक दिलचस्प बदलाव दिखने लगा। वह बड़ी कमर्शियल फिल्मों का हिस्सा बनी रहीं, लेकिन साथ ही ऐसे किरदार भी चुनती रहीं जिनमें उनके लिए एक्टिंग की ज्यादा गुंजाइश थी। शादी और मां बनने के बाद भी बदली नहीं एक्टिंग की रेंज 2012 में करीना ने सैफ अली खान से शादी की। इसके बाद भी उन्होंने फिल्मों से दूरी पूरी तरह नहीं बनाई। ‘सिंघम रिटर्न्स’ और ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी फिल्मों में वह कम स्क्रीन टाइम के बावजूद नजर आईं। ‘बजरंगी भाईजान’ में उन्होंने रसिका का किरदार निभाया था। 2016 में ‘की एंड का’ और ‘उड़ता पंजाब’ ने फिर उनकी अलग-अलग रेंज दिखाई। ‘की एंड का’ में वह एक ऐसी महिला के किरदार में थीं जो करियर को लेकर महत्वाकांक्षी है, जबकि ‘उड़ता पंजाब’ में उन्होंने डॉ. प्रीत साहनी का रोल किया। यह फिल्म पंजाब में ड्रग्स की समस्या के इर्द-गिर्द बनी थी। दूसरी पारी में ग्लैमर से ज्यादा कहानी अगर करीना के हाल के काम को देखें तो उनकी फिल्मों में इंटेंस और गंभीर कहानियों की संख्या बढ़ी है। ‘वीरे दी वेडिंग’ और ‘गुड न्यूज’ जैसी कमर्शियल फिल्मों के बीच उन्होंने ‘अंग्रेजी मीडियम’ में भी काम किया। 2022 में ‘लाल सिंह चड्ढा’ आई, जिसमें उन्होंने रूपा का किरदार निभाया। इसके बाद 2023 में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘जाने जान’ में वह माया डिसूजा के किरदार में नजर आईं। ‘जाने जान’ करीना की स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म थी। फिल्म में उनका किरदार एक ऐसी महिला का था जो अपने अतीत से बचकर नई जिंदगी जीने की कोशिश कर रही है। यहां करीना को उनके पुराने ग्लैमरस अवतार से बिल्कुल अलग अंदाज में देखा गया। इसके बाद 2024 में ‘द बकिंघम मर्डर्स’ आई। इसमें करीना ने ब्रिटिश-इंडियन डिटेक्टिव जस्मीत ‘जैस’ भामरा का किरदार निभाया, जो एक बच्चे की हत्या की जांच करती है। फिल्म से करीना पहली बार इस तरह के सीरियस इन्वेस्टिगेटिव रोल में नजर आईं। ‘दायरा’ में पुलिस ऑफिसर बनीं करीना करीना की इस इंटेंस फिल्मों वाली पारी में 2026 की ‘दायरा’ भी शामिल हो गई है। मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में करीना ने डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार निभाया है। फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी डीसीपी रमन कुमार के रोल में हैं। 18 सितंबर 2026 को रिलीज हुई ‘दायरा’ की कहानी एक गंभीर अपराध और उसके बाद होने वाली पुलिस जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में करीना का किरदार एक एनकाउंटर की जांच करता है और इसी के जरिए कानून, न्याय और पुलिस की जवाबदेही जैसे सवाल सामने आते हैं। 26 साल में बदली करीना की स्क्रीन इमेज करीना कपूर का करियर देखें तो इसे सिर्फ ‘ग्लैमरस से सीरियस’ बदलाव कहना भी पूरी तस्वीर नहीं होगी। उन्होंने अपने करियर के अलग-अलग दौर में कमर्शियल फिल्मों, रोमांटिक फिल्मों, कॉमेडी, ड्रामा, थ्रिलर और सोशल इश्यू बेस्ड फिल्मों में काम किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/hKdcsCv
via IFTTT

करीना कपूर@46; ‘पू’ से डीसीपी अजूनी कोहली तक:26 साल के करियर में एक्ट्रेस ने निभाए ग्लैमर से लेकर गंभीर किरदार

21 सितंबर 1980 को जन्मी करीना कपूर आज 46 साल की हो गई हैं। करीब ढाई दशक से ज्यादा लंबे करियर में करीना ने हिंदी सिनेमा में कई तरह के किरदार निभाए हैं। शुरुआत में जहां उनकी पहचान ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन के तौर पर बनी, वहीं समय के साथ उन्होंने ऐसे किरदार चुने जिनमें ग्लैमर से ज्यादा कहानी और किरदार की गहराई नजर आई। करीना ने साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद ‘मुझे कुछ कहना है’, ‘अजनबी’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा की चर्चित एक्ट्रेस बना दिया। खासकर ‘कभी खुशी कभी गम’ की पू यानी पूजा शर्मा का किरदार उनकी ग्लैमरस इमेज का बड़ा हिस्सा बना। इसके बाद कुछ सालों तक करीना के करियर में रोमांटिक, ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों का दबदबा रहा। ‘मुझसे दोस्ती करोगे!’, ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’, ‘खुशी’ और ‘क्योंकि’ जैसी फिल्मों में वह मुख्यधारा की हीरोइन के तौर पर नजर आईं। हालांकि इसी दौर में उन्होंने ऐसे किरदार भी किए, जिन्होंने आगे उनके करियर की दिशा बदलने का रास्ता तैयार किया। ‘चमेली’ ने बदली इमेज करीना के करियर में सबसे बड़ा बदलाव 2004 की फिल्म ‘चमेली’ से आया। इसमें उन्होंने एक सेक्स वर्कर का किरदार निभाया था। यह उनके पहले के ग्लैमरस किरदारों से बिल्कुल अलग था। इसी साल उन्होंने फिल्म ‘देव’ में एक ऐसी महिला का किरदार निभाया, जिसकी जिंदगी गुजरात दंगों की हिंसा से प्रभावित होती है। इसके बाद विशाल भारद्वाज की ‘ओमकारा’ में उन्होंने डॉली मिश्रा का किरदार निभाया, जो शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ की डेसडेमोना से प्रेरित था। ‘देव’ और ‘ओमकारा’ दोनों फिल्मों के लिए उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस मिला था। यानी करीना का करियर शिफ्ट सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा। ‘चमेली’ के बाद उन्होंने यह दिखाना शुरू कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमरस हीरोइन की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। ‘जब वी मेट’ में ग्लैमर से ज्यादा किरदार की ताकत 2007 में आई ‘जब वी मेट’ को करीना के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म में उन्होंने गीत का किरदार निभाया था। गीत चुलबुली और बातूनी जरूर थी, लेकिन उसका पूरा किरदार सिर्फ ग्लैमर के आसपास नहीं घूमता था। कहानी का बड़ा हिस्सा उसके व्यक्तित्व, फैसलों और जिंदगी में आए बदलावों पर आधारित था। 2012 में दिखे करियर के कई रंग 2012 करीना के करियर का ऐसा साल था, जिसमें उन्होंने एक ही साल में बिल्कुल अलग तरह के किरदार किए। ‘एक मैं और एक तू’ में वह हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आईं, तो ‘हीरोइन’ में उन्होंने एक परेशान और अस्थिर फिल्म एक्ट्रेस का किरदार निभाया। ‘हीरोइन’ में उनका किरदार माही अरोड़ा फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे छिपी असुरक्षा और निजी परेशानियों से जूझता है। इसी साल आई ‘तलाश’ में करीना ने रोजी का किरदार निभाया, जो फिल्म की रहस्यमयी कहानी का अहम हिस्सा था। यहां से करीना की फिल्मोग्राफी में एक दिलचस्प बदलाव दिखने लगा। वह बड़ी कमर्शियल फिल्मों का हिस्सा बनी रहीं, लेकिन साथ ही ऐसे किरदार भी चुनती रहीं जिनमें उनके लिए एक्टिंग की ज्यादा गुंजाइश थी। शादी और मां बनने के बाद भी बदली नहीं एक्टिंग की रेंज 2012 में करीना ने सैफ अली खान से शादी की। इसके बाद भी उन्होंने फिल्मों से दूरी पूरी तरह नहीं बनाई। ‘सिंघम रिटर्न्स’ और ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी फिल्मों में वह कम स्क्रीन टाइम के बावजूद नजर आईं। ‘बजरंगी भाईजान’ में उन्होंने रसिका का किरदार निभाया था। 2016 में ‘की एंड का’ और ‘उड़ता पंजाब’ ने फिर उनकी अलग-अलग रेंज दिखाई। ‘की एंड का’ में वह एक ऐसी महिला के किरदार में थीं जो करियर को लेकर महत्वाकांक्षी है, जबकि ‘उड़ता पंजाब’ में उन्होंने डॉ. प्रीत साहनी का रोल किया। यह फिल्म पंजाब में ड्रग्स की समस्या के इर्द-गिर्द बनी थी। दूसरी पारी में ग्लैमर से ज्यादा कहानी अगर करीना के हाल के काम को देखें तो उनकी फिल्मों में इंटेंस और गंभीर कहानियों की संख्या बढ़ी है। ‘वीरे दी वेडिंग’ और ‘गुड न्यूज’ जैसी कमर्शियल फिल्मों के बीच उन्होंने ‘अंग्रेजी मीडियम’ में भी काम किया। 2022 में ‘लाल सिंह चड्ढा’ आई, जिसमें उन्होंने रूपा का किरदार निभाया। इसके बाद 2023 में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘जाने जान’ में वह माया डिसूजा के किरदार में नजर आईं। ‘जाने जान’ करीना की स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म थी। फिल्म में उनका किरदार एक ऐसी महिला का था जो अपने अतीत से बचकर नई जिंदगी जीने की कोशिश कर रही है। यहां करीना को उनके पुराने ग्लैमरस अवतार से बिल्कुल अलग अंदाज में देखा गया। इसके बाद 2024 में ‘द बकिंघम मर्डर्स’ आई। इसमें करीना ने ब्रिटिश-इंडियन डिटेक्टिव जस्मीत ‘जैस’ भामरा का किरदार निभाया, जो एक बच्चे की हत्या की जांच करती है। फिल्म से करीना पहली बार इस तरह के सीरियस इन्वेस्टिगेटिव रोल में नजर आईं। ‘दायरा’ में पुलिस ऑफिसर बनीं करीना करीना की इस इंटेंस फिल्मों वाली पारी में 2026 की ‘दायरा’ भी शामिल हो गई है। मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में करीना ने डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार निभाया है। फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी डीसीपी रमन कुमार के रोल में हैं। 18 सितंबर 2026 को रिलीज हुई ‘दायरा’ की कहानी एक गंभीर अपराध और उसके बाद होने वाली पुलिस जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में करीना का किरदार एक एनकाउंटर की जांच करता है और इसी के जरिए कानून, न्याय और पुलिस की जवाबदेही जैसे सवाल सामने आते हैं। 26 साल में बदली करीना की स्क्रीन इमेज करीना कपूर का करियर देखें तो इसे सिर्फ ‘ग्लैमरस से सीरियस’ बदलाव कहना भी पूरी तस्वीर नहीं होगी। उन्होंने अपने करियर के अलग-अलग दौर में कमर्शियल फिल्मों, रोमांटिक फिल्मों, कॉमेडी, ड्रामा, थ्रिलर और सोशल इश्यू बेस्ड फिल्मों में काम किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/iC7sPIK
via IFTTT

गणपति उत्सव, शिल्पा ने पैपराजी संग किया डांस:गोविंदा ने मांगी बेटे के लिए मन्नत; संजय दत्त ने घायल फोटोग्राफर का पूछा हाल, अजय देवगन लालबागचा राजा पहुंचे

गणेश चतुर्थी के मौके पर बॉलीवुड में गणेश उत्सव का माहौल बना हुआ है। शिल्पा शेट्टी, संजय दत्त और गोविंदा समेत कई सितारे बप्पा के दर्शन और भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। शिल्पा शेट्टी ने अपने घर पर बप्पा का स्वागत ढोल-नगाड़ों और पैपराजी के साथ डांस करके किया। वहीं संजय दत्त ने गणेश दर्शन के दौरान एक घायल पैपराजी की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। इसके अलावा अमेरिका से लौटे एक्टर गोविंदा ने भी घर पहुंचकर परिवार के साथ बप्पा के दर्शन किए और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की कामना की। अजय देवगन लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे। शिल्पा शेट्टी ने बेटी संग की ट्विनिंग गणेश उत्सव के दौरान एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी का एक खास अंदाज देखने को मिला। शिल्पा अपने घर पर गणपति बप्पा का स्वागत करते समय ढोल की थाप पर जमकर थिरकती नजर आईं। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स के साथ कदम से कदम मिलाकर डांस किया। पूजन के समय शिल्पा और उनकी बेटी समीशा मैचिंग पीले और गुलाबी रंग के पारंपरिक परिधान में नजर आईं। दोनों मां-बेटी की यह ट्विनिंग काफी सराही जा रही है। पूजा के दौरान शिल्पा के पति राज कुंद्रा और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। संजय दत्त ने गाड़ी रुकवाकर घायल पैपराजी से पूछा हाल वहीं एक्टर संजय दत्त, समाज सेवी राहुल कनल के घर गणपति दर्शन के लिए पहुंचे। वहां जाते समय उनकी नजर एक घायल पैपराजी पर पड़ी। बाइक एक्सीडेंट के कारण फोटोग्राफर के पैर में चोट लगी थी। यह देखते ही संजय दत्त ने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और उसका हाल-चाल जाना। जब फोटोग्राफर ने बताया कि उनका मैनेजर फोन नहीं उठा रहा है, तो संजय दत्त ने भरोसा दिलाया कि वे खुद इस मामले को देखेंगे। इससे पहले साल 2018 और 2019 में भी संजय दत्त पैपराजी की मदद करते देखे गए थे। अमेरिका से लौटकर बप्पा के दर्शन करने पहुंचे गोविंदा एक्टर गोविंदा अमेरिका का दौरा पूरा कर मुंबई लौटे और सीधे बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। गोविंदा ने अपने बच्चों टीना और यशवर्धन के साथ आरती की और भगवान गणेश से उनके अच्छे भविष्य की प्रार्थना की। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि उनके घर में गणपति बैठाने की परंपरा उनकी मां के समय से चली आ रही है। गोविंदा ने कहा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि बप्पा यश को सफलता और समृद्धि दें ताकि लोग कहें कि वह गोविंदा से भी बेहतर है। वहीं बेटी टीना के लिए एक अच्छे घर और परिवार की कामना करता हूं।" इस बार गोविंदा की अनुपस्थिति में उनकी पत्नी सुनीता आहूजा ने बच्चों के साथ घर पर बप्पा का स्वागत किया था। सुनीता ने बताया था कि बीते साल बप्पा के आशीर्वाद से उन्हें काफी सफलता और नाम मिला है, इसलिए उन्होंने खुद अपने हाथों से गणपति प्रतिमा घर लाने का फैसला किया। वहीं अजय देवगन अपने बेटे के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान वे अपने बेटे को भीड़ से बचाते नजर आए। ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें सलमान खान ने एंटीलिया में लिया बप्पा का आशीर्वाद:तिलक लगवाकर फूल अर्पण किए, सिद्धार्थ-कियारा ने भी दर्शन किए; राधिका मर्चेंट की भक्तिमय परफॉर्मेंस सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। एंटीलिया में हुए गणपति सेलिब्रेशन की शुरुआत में राधिका मर्चेंट ने भक्तिमय प्रस्तुति दी। पूरी खबर पढ़ें

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/SIOZBmu
via IFTTT

Sunday, 20 September 2026

Remains of Roman structure found in Switzlerland

The remains of a previously unknown Roman structure have been discovered in Ligornetto, in the southern Swiss canton of Ticino. Archaeologists have uncovered a structure from the 2nd-3rd century A.D., a road and evidence of metalwork in the area. They also found a bronze bird fibula, probably a peacock, from the second or third century A.D.

Evidence of occupation in the Ligornetto area goes back to the beginning of the 2nd century B.C. and continued uninterrupted through the 10th century. We know from surviving inscriptions that in the Roman era, important families from the nearby urban centers of Mediolanum (Milan) and Novum Comum (Como) are known to have lived there, and a luxury villa from the period has been unearthed a half mile from the find site.

Excavations at the site began in June before new residential construction. Over about 5,380 square feet of area, the excavation uncovered remnants of a wooden structure from the final decades of the 1st century B.C., the oldest remains at the site. In the 2nd century A.D., the wooden structure was demolished, the ground leveled and a new masonry structure erected.

While there is more of the structure to be excavated, the parts of the building that have been unearthed so far are 26 feet wide and 36 feet long. It had at least six rooms. A portico about 10 feet wide was on the southern side overlooking a small road.

The building was altered again between 2nd and 3rd centuries. Additional walls were added to the interior and a platform was built of recycled bricks. The structure was permanently abandoned when it was destroyed in a fire in the 3rd century. Charcoal and remains of the collapsed roof were left untouched, so there was no further attempt to modify the building or salvage surviving materials.

While the southern portico overlooked a small road, a large strip of land behind the building extended for artisanal and agricultural activities. Postholes (indicating the presence of lightweight structures or temporary roofs) and a small path made of reused bricks, likely serving as a path and demarcating the plot, were discovered in this area.

The precise function of the building is still unclear, but the absence of fireplaces and other structures associated with domestic life seems to rule out residential use. A particularly noteworthy element, however, is the exceptional abundance of ferrous slag and bronze-working waste in the 2nd and 3rd century AD layers. These finds suggest the presence of significant metalworking activity in the immediate vicinity.



* This article was originally published here

Matthew Rhys' sister 'so proud of him' after historic Emmy wins

Rhys, from Cardiff, became the first person to win two lead acting Emmy prizes in one night.

from BBC News https://ift.tt/YN903jE

Matthew Rhys' sister 'so proud of him' after historic Emmy wins

Rhys, from Cardiff, became the first person to win two lead acting Emmy prizes in one night.

from BBC News https://ift.tt/GbpYLeZ

ईशा कोप्पिकर बोलीं- बप्पा ने कई इच्छाएं पूरी नहीं कीं:अब समझ आता है, शायद मेरे जीवन के लक्ष्य के लिए जरूरी था

गणेश चतुर्थी 2026 के मौके पर अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर के घर भी गणपति बप्पा विराजे। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। ईशा ने गणपति की तैयारियों, बचपन की यादों से लेकर बप्पा से अपनी आस्था और अध्यात्म को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने घर पर साउथ इंडियन टेंपल की थीम पर डेकोरेशन कराया है। डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी थीं तैयारियां ईशा ने बताया कि वह पिछले दो साल से गणपति के डेकोरेशन में फूलों पर ज्यादा फोकस कर रही थीं, लेकिन इस बार कुछ अलग करने का मन था। उन्होंने साउथ के मंदिरों की तर्ज पर गोल्डन थीम वाला डेकोरेशन कराया है। ईशा ने बताया कि इस बार उनके घर टिटवाला के गणपति विराजे हैं। पिछले साल उन्होंने दगड़ूशेठ के गणपति की स्थापना की थी। वह हर साल बप्पा के डेकोरेशन में कुछ बदलाव करने की कोशिश करती हैं। ईशा के मुताबिक, इस बार उन्होंने जुलाई के आखिर में ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। उन्होंने कहा कि जब किसी से बहुत प्यार होता है तो उसके लिए किए जाने वाले काम में मेहनत महसूस नहीं होती, सब कुछ अपने आप और बिना किसी दबाव के हो जाता है। बचपन में बप्पा के लिए पढ़ाई तक भूल जाती थीं ईशा ने अपने बचपन की गणपति की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में सार्वजनिक गणपति बैठते थे और पूरे 10 दिन तक उत्सव का माहौल रहता था। ईशा ने कहा कि बप्पा के लिए करीब दो महीने पहले से तैयारियां शुरू हो जाती थीं। नाटक, डांस शो और दूसरे कार्यक्रमों की रिहर्सल चलती रहती थीं। उस दौरान पढ़ाई पीछे छूट जाती थी। उन्होंने बताया कि स्कूल से आने के बाद बैग फेंककर सीधे गणपति की तैयारियों में निकल जाती थीं। घरवाले भी इस दौरान ज्यादा रोक-टोक नहीं करते थे। ईशा ने कहा कि बप्पा के विसर्जन के बाद घर और आसपास का माहौल एकदम खाली-खाली लगता था। उनके मुताबिक, बप्पा के चले जाने के बाद वह बेहद खालीपन महसूस करती थीं। पहले डेढ़ दिन रखते थे बप्पा, अब तीन दिन का किया उत्सव ईशा ने बताया कि पहले वह घर में डेढ़ दिन के लिए गणपति बप्पा की स्थापना करती थीं, लेकिन अब उन्होंने यह अवधि तीन दिन कर दी है। उन्होंने कहा कि डेढ़ दिन में लोगों के लिए अलग-अलग घरों में जाकर बप्पा के दर्शन करना मुश्किल हो जाता था। इसलिए उन्होंने तीन दिन तक बप्पा को घर में रखने का फैसला किया। ईशा ने बताया कि उनके स्टाफ के लोग भी गणेशोत्सव की तैयारियों में उनकी काफी मदद करते हैं। बप्पा से अपनी आस्था के बारे में बात करते हुए ईशा ने बताया कि पहले वह अपनी इच्छाओं की एक पूरी लिस्ट बनाकर मंदिर जाती थीं। वह लालबागचा राजा या सिद्धिविनायक के दर्शन करने पहुंचती थीं। ईशा ने कहा कि अब स्थिति बदल गई है। जैसे ही वह बप्पा के सामने जाती हैं, वह सब कुछ भूल जाती हैं। उन्होंने कहा कि बप्पा के प्रति इतना प्यार है कि उन्हें देखते ही आंखों में आंसू आ जाते हैं और फिर वह सिर्फ प्रणाम करके लौट आती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस होता है कि बप्पा हमेशा उनके आसपास हैं और उनका साथ दे रहे हैं। ईशा बोलीं- बप्पा ने कई चीजें नहीं दीं, अब समझ आता है क्यों ईशा ने कहा कि जिंदगी के अलग-अलग दौर में हमारी जरूरतें और इच्छाएं बदलती रहती हैं। जो चीज 10 साल पहले जरूरी थी, जरूरी नहीं कि आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो। उन्होंने बताया कि उन्होंने जिंदगी में बप्पा से बहुत कुछ मांगा, लेकिन कई चीजें उन्हें नहीं मिलीं। हालांकि, अब वह समझती हैं कि इसके पीछे भी कोई वजह थी। ईशा के मुताबिक, अगर बप्पा उनकी हर इच्छा पूरी कर देते तो शायद वह अपने जीवन के असली लक्ष्य से भटक जातीं। उन्होंने कहा कि भगवान को पता होता है कि हमें जिंदगी में क्या बनना है और किस रास्ते पर जाना है। ईशा बोलीं- बचपन से ही अध्यात्म से जुड़ना चाहिए ईशा अध्यात्म को लेकर भी काफी सीरियस नजर आईं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को बचपन से ही अध्यात्म के प्रति जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान के बारे में सिर्फ बुढ़ापे में सोचना सही नहीं है। जितनी कम उम्र में इंसान अपने अध्यात्म और भीतर की आवाज को समझना शुरू करेगा, उतना बेहतर होगा। बेटी रियाना ने बप्पा से मांगा पढ़ाई में अच्छा करने का आशीर्वाद बातचीत के दौरान ईशा की बेटी रियाना भी उनके साथ मौजूद थीं। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने बप्पा से क्या मांगा, तो उन्होंने पढ़ाई में अच्छा करने की इच्छा जताई। ईशा ने बताया कि रियाना पढ़ाई के साथ-साथ स्पोर्ट्स में भी काफी एक्टिव हैं। वह 100 और 200 मीटर दौड़ में हिस्सा लेती हैं और स्कूल की ओर से इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं में भी भाग लेती हैं। ईशा ने बताया कि रियाना ने बप्पा से अपनी पढ़ाई और खेल दोनों के लिए अच्छा करने की प्रार्थना की है।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/FL6AJhn
via IFTTT

Saturday, 19 September 2026

Gold Christian amulet, Bronze Age stone seal found in Turkey

A Christian amulet from the 4th or 5th century A.D. has been discovered at the Turkmen Karahoyuk archaeological site in Konya, central Turkey. The small copper cylinder contained a sheet of gold just 0.1 millimeter thick rolled up. It has not been opened yet, but archaeologists believe a passage from the Bible was engraved on the gold.

Known as philacteria, amulets of this type were worn as a protective talismans in Late Antiquity. They are rare, especially in gold, and the closest comparable example was found in Germany. The size of the copper container indicates this one was probably worn by a child.

Karahoyuk was a settlement on a mound that today is 115 feet high. When it was founded, it was on the shore of a lake. It was first identified in a surface survey in 2017, and subsequent surveys examined the mound and surrounding area, finding ceramics and hieroglyphic Luwian language inscriptions that revealed its occupation dated back to the Bronze Age and continued to Late Antiquity.

Türkmen Karahöyük has actually been one of the most noteworthy sites in Anatolian archaeology for several years. The mound gained international attention in 2019 when the same research team discovered a stele inscribed in Luwian hieroglyphs. This stele, dedicated to King Hartapu, suggested that the mound may have been the capital of a great kingdom during the Iron Age, indicating that the region was the center of an unknown political power.

Excavations began in 2024 and having continued yearly. We are now in the third season of field excavations, and in addition to the amulet, archaeologists also found a stone seal with an inscription in Luwian hieroglyphics, two copper seals, and a clay seal impression. The stone seal dates back 3,500 years and the inscription includes a personal name and title of an official.

The stone seal bears the name “Kurunti-ziti.” According to [excavation co-director Assoc. Prof. Dr.] Massa, this name is linked to the god Kurunta, who held an important place in the Hittite world. Kurunta (Runtiya) was a protective deity associated with deer in Luwian and Hittite beliefs; his name frequently appears in both personal names and within royal circles. The clay seal impression, however, bears a different name. Massa states that these were seals used by administrative personnel in the region to seal documents, thus reflecting traces of an organized state bureaucracy at the mound.

King Hartapu ruled in the early 8th century B.C. The discovery of the seal reveals that the Karahoyuk settlement was already a regionally important administrative center far earlier than that, around 1500/1400 B.C.



* This article was originally published here

‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज:भगवान राम-सीता के विवाह की झलक दिखी; श्रेया घोषाल-अरिजीत सिंह ने आवाज दी

अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज हो गया है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। गाने को श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है। इसके म्यूजिक को ए.आर. रहमान ने कंपोज, प्रोड्यूस और अरेंज किया है। गाने के लिरिक्स डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। इस फिल्म के म्यूजिक पर ए.आर. रहमान के साथ हॉलीवुड के म्यूजिक कंपोजर हंस जिमर भी काम कर रहे हैं। देखें गाने के वीडियो की झलक- भगवान राम और सीता के विवाह पर केंद्रित है गाना ‘जय जय राम’ के विजुअल्स में सिया-राम के दिव्य संबंध को दिखाया गया है। गाने में भगवान राम और सीता के भव्य विवाह को भी दर्शाया गया है। गाने में भक्ति और आध्यात्मिक भाव को प्रमुखता दी गई है। गाने में ‘जय जय राम’ का बार-बार दोहराव किया गया है, जो इसे मंत्र की तरह प्रस्तुत करता है। लिरिक्स में भगवान राम के प्रति भक्त की आस्था, भरोसे और उनकी शरण में जाने की भावना व्यक्त की गई है। गाने की एक पंक्ति ‘जगत के अंधियारे, हमको घेरे सारे’ जीवन के अंधकार के बीच रोशनी की तलाश को दर्शाती है। गाने में ‘अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम’ जैसे पारंपरिक श्लोक का भी इस्तेमाल किया गया है। इससे रामायण की ऐतिहासिक और धार्मिक पृष्ठभूमि को आधुनिक संगीत से जोड़ा गया है। बता दें कि नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया था। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया था। देखें ट्रेलर की झलक- रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोल फिल्म 'रामायण' में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म 'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस समय इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/L0zXTRt
via IFTTT

Early Bowie music available to stream for first time

Previously unheard material from the start of the artist's career has been released for the first time.

from BBC News https://ift.tt/P6yg3HR

Early Bowie music available to stream for first time

Previously unheard material from the start of the artist's career has been released for the first time.

from BBC News https://ift.tt/5hau2WI

Friday, 18 September 2026

Switzerland returns trafficked gold mask to Egypt

Switzerland has returned a 2,000-year-old gold funerary mask to Egypt believed to have been looted from Fayoum. Swiss Federal Councilor Elisabeth Baume-Schneider formally handed over the mask to Mohamed Negm, Egypt’s ambassador to Switzerland, in a ceremony in Bern.

The Ptolemaic-era mask was seized by officials from the Swiss Federal Office for Customs and Border Security in mid-September 2022 when an individual attempted to transport it through a border crossing in Bardonnex on the road between France and Switzerland. The destination was an art collector in Geneva, Stéphane Barbier-Muller, who claimed he wanted the mask to decorate his home.

This raised red flags for the customs agents who had serious suspicions the alleged Egyptian documents accompanying the artifact were fraudulent. Customs forwarded the mask and ostensible documentation to the Federal Office of Culture where it was subjected to a thorough scientific examination by certified archaeologists.

Swiss authorities enlisted the aid of a British Museum Egyptologist who was able to confirm it is an authentic gold funerary mask dating to the 2nd century B.C., the middle of the Ptolemaic period. He believes it was taken from one of the tombs in southeastern Fayoum, looted in a clandestine excavation. Lending credence to this hypothesis is the complete absence of publication. This is an exceptional piece that would certainly have been mentioned in scientific literature.

This recovered funerary mask possesses high artistic and architectural value and belongs to the category of gilded cartonnage masks, constructed from layers of linen and treated plaster, painted in multiple colors. Its exceptional state of preservation makes it a perfect example of Ptolemaic funerary art. Designed to cover and protect the deceased’s face according to ancient Egyptian beliefs, it features an idealized facial structure that highlights delicate gilded features alongside Baroque details and colorful geometric motifs. These elements reflect a fusion of Egyptian artistic traditions and classical influences, showcasing the ancient Egyptian craftsman’s skill in manipulating materials to convey solemnity and funerary symbolism.

A year after the confiscation, the Public Prosecutor’s Office in Geneva opened a criminal investigations on charges of money laundering, receiving stolen property and violating laws on the transfer of cultural property. The case concluded with a final confiscation order in February 2026 after the Geneva art dealer named as the recipient of the shipment waived all claims to delivery.



* This article was originally published here

Marooned Lord Byron statue returns to Hyde Park

The statue was left isolated on a Park Lane traffic island after new roads were built in the 1960s.

from BBC News https://ift.tt/oRVx4qC

All support acts on Ed Sheeran's US tour quit after Macklemore dropped

The star said he was not responsible for Macklemore being dropped from the line-up after he made pro-Palestinian statements on stage.

from BBC News https://ift.tt/9q1vTtf

All support acts on Ed Sheeran's US tour quit after Macklemore dropped

The star said he was not responsible for Macklemore being dropped from the line-up after he made pro-Palestinian statements on stage.

from BBC News https://ift.tt/r0KvgjL

Thursday, 17 September 2026

Ancient Celtic coin hoard found in Germany

A group of 11 Celtic silver coins has been discovered under a playing field in Singen, central Germany. The coins are about 2,000 years old and exceptionally rare. The barely double-digits hoard is the largest one of from the period ever discovered in Thuringia.

The coins emerged in an archaeological survey of the former sports field in advance of construction of a new fire station. The first individual finds were unearthed in July and August of last year when construction was being overseen by archaeologists. A targeted excavation at the site last month uncovered the rest. The excavation revealed that the 11 coins were a single deposit that had been scattered by later agricultural work.

The original container has vanished. Researchers found no pottery fragments, leading them to believe the coins were probably kept in something made from organic material, perhaps a small pouch or another container that decayed long ago.

The coins were no longer lying where their owner had placed them. Centuries of ploughing had dragged them across an area measuring roughly 5.8 by 1.5 meters. Careful documentation nevertheless allowed archaeologists to reconstruct their relationship and distinguish the hoard from later objects found nearby.

The 11 coins are all silver quinarii of the Prague type. Only around 80 of them are known to have been found in Thuringia, so this single deposit is not only the largest, but contains more than 10% of the total Prague-type quinarii in the state.

Numismatists believe the quinarii may have been locally produced in the Gotha region just northwest of Singen. The find site is located between Gotha and a concentration of Celtic settlements, including Steinsburg which was one of the most important Celtic settlements in the region and was known for its craft production.

That makes the Singen hoard more than an isolated cache of silver. Its location adds another point to the archaeological map, helping researchers trace possible connections between production centers, settlements and the routes along which coins and other goods moved through Iron Age Thuringia.

The Thuringian State Office for Heritage Management and Archaeology says the discovery has significantly expanded what is known about these regional connections.



* This article was originally published here

'छठ पूजा के बारे में ज्यादा नहीं जानती थी':तमन्ना बोलीं- 'छठी मैया' गाने की शूटिंग में भावुक हुई; बिहार कल्चर में ढलते सूरज का सम्मान

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने छठ पूजा के बारे में कहा है की वे इस पर्व के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं। लेकिन जब उन्होने अपने नए गाने 'छठी मैया' की शूटिंग की तो वे भावुक हो गईं थीं। फिल्म 'वन' (Vvan) के ट्रेलर लॉन्च इवेंट पर तमन्ना ने कहा की वे मुंबई में पली-बढ़ी हैं। जब वे जुहू बीच पर छठ पूजा की भीड़ देखती थीं, लेकिन इस त्योहार की परंपराओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। शूटिंग के दौरान उन्हें पता चला कि इसमें 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखा जाता है। डूबते सूरज को अर्घ्य देना बिहारी कल्चर की खूबसूरती मीडिया से बात करते हुए तमन्ना भाटिया ने कहा कि आजकल लोग ग्रैटिट्यूड (आभार) और मैनिफेस्टेशन की बहुत बातें करते हैं। यह बिहारी संस्कृति का एक बहुत सुंदर हिस्सा है। आमतौर पर हर कोई उगते हुए सूरज को प्रणाम करता है, लेकिन छठ पूजा में डूबते हुए सूरज को भी उतना ही सम्मान और महत्व दिया जाता है। एक्ट्रेस ने बताया कि जब वे इस गाने का सीक्वेंस शूट कर रही थीं, तब अपने आप उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। 36 घंटे के निर्जला व्रत के बारे में जाना तमन्ना ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे बचपन से मुंबई में रही हैं। जुहू बीच पर छठ के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों को जुटते हुए देखती थीं, लेकिन इसके पीछे के नियमों की जानकारी नहीं थी। इस गाने की शूटिंग के दौरान उन्हें पता चला कि लोग देवी की उपासना के लिए 36 घंटे तक बिना पानी पिए कठिन उपवास रखते हैं। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के तौर पर वे सिर्फ एक माध्यम हैं और कुछ अहसास हमारे वश से बाहर होते हैं। सिद्धार्थ-तमन्ना की साथ में पहली फिल्म फिल्म 'वन' के जरिए सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। तमन्ना ने कहा कि देश में कई लोककथाएं हैं, जिन्हें बड़े पर्दे पर लाने के लिए हिम्मत, स्पष्टता और विजन की जरूरत होती है। वे इस गाने का हिस्सा बनकर खुद को खुशकिस्मत मानती हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में जब भी वे किसी को छठ मनाते देखेंगी, तो उनके दिमाग में यह गाना जरूर चलेगा। 25 सितंबर को सिनेमाघरों में होगी रिलीज 'पंचायत' सीरीज से पहचान बनाने वाले निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। फिल्म को शोभा कपूर और एकता कपूर ने बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म की स्टारकास्ट में सिद्धार्थ और तमन्ना के अलावा मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फैंटेसी और लोककथाओं पर आधारित फिल्म 25 सितंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म 'वन' का ट्रेलर रिलीज:फिल्म में दिखाई गई खौफनाक जंगल की दुनिया; भूतों से मुकाबला करते नजर आए सिद्धार्थ सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फैंटेसी फिल्म 'वन' (Vvan) का ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। 2 मिनट 44 सेकंड का यह ट्रेलर एक रहस्यमयी और प्रतिबंधित जंगल की कहानी दिखाता है, जहां आस्था और लोककथाओं का मिलन होता है। पूरी खबर पढ़ें

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/w0QPY6O
via IFTTT

Ex-BBC presenter questions role of Royal Family in new documentary

John Humphrys, who presented Today and the Nine O'Clock News, heads a new Channel 4 documentary on the topic.

from BBC News https://ift.tt/qMjmCEY

Legendary Nigerian actor Olu Jacobs dies aged 84

Olu Jacobs was one of Nigeria's most recognised actors, whose career spanned several decades.

from BBC News https://ift.tt/wYlH8oE

Wednesday, 16 September 2026

Ancient bronze bracelets found in Uzbekistan

An ancient grave containing bronze bracelets, jewelry and beads has been discovered in the Samarkand Region of Uzbekistan.

Human skeletal remains and bronze objects were found by a local resident of the village of Darvozagaz when he was digging in his yard. He reported the find to Y. Gulyamov Samarkand Institute of Archaeology and they dispatched archaeologists to investigate. They recovered all of the human bones and bronze artifacts for examination and conservation.

“According to preliminary observations, some of the found bronze bracelets are distinguished by their conical ends and spiral decorations,” says Mominkhon Saidov, director of the Samarkand Institute of Archaeology. “Their shape and decorative features are similar to jewelry typical of the culture of steppe pastoral tribes living in the last stage of the Bronze Age. Archaeological materials related to the culture of the steppe pastoral population of the Bronze Age have also been discovered in a number of settlements and cemeteries in the Zarafshan Valley.”

Objects of this kind are associated with the Andronovo-Tozabogyob culture and typically date to between the 13th and 10th centuries B.C. and circle. None of the finds have been conclusively dated yet, however. Further excavations are planned to clarify the period and cultural context, as well as osteological investigations and metallurgical analysis of the recovered remains.

If the preliminary conclusions confirm that this was a burial from the Late Bronze Age, the discovery will add important new information to the archaeological record of the ancient pastoral communities of Samarkand’s Zarafshan Valley.



* This article was originally published here

Emmys 2026: The winners and nominees in full

Zendaya, Noah Wyle, Sarah Snook and Colman Domingo are among the stars nominated for acting prizes.

from BBC News https://ift.tt/fe30bZF

Tuesday, 15 September 2026

Update on Roman gold coin hoard found in Luxembourg

The first detailed study of the unique hoard of 141 gold coins from Late Antiquity discovered in Holzthum, Luxembourg, in 2019 has revealed the likely burial date — 395 A.D. — and an unusually large concentration of coins minted in Anatolia. The study has been published in the journal Schweizer Münzblätter and can be read here.

The first 39 coins were found by metal detectorists who reported the finds without attempting to excavate them. Luxembourg’s National Institute for Archaeological Research (INRA) excavated the find site for four years. The process was so slow because the field was full of unexploded ordnance and munitions from World War II. The archaeologists worked side-by-side with explosives experts from the Luxembourg Army Mine Action Service (SEDAL).

When the excavation was complete and the coins safely recovered, it was the end of 2024. Since then, the coins have been conserved, documented and analyzed. Numismatists compared the hoard to others from the same period found in the Benelux countries and western Germany.

Seventeen of the Holzthum coins were struck between AD 364 and 367 at Nicomedia, the major Roman mint on the Sea of Marmara in northwestern Anatolia. They account for 12.2 percent of the 139 regular coins included in the study’s mint-distribution table; the remaining two pieces are fragmentary plated coins.

That concentration is unusual. According to David Wigg-Wolf, David Weis, and Lynn Stoffel, who published the analysis in Schweizer Münzblätter, the Coin Hoards of the Roman Empire database contains no comparable regional hoard with such a strong representation from Nicomedia. […]

Emperor Valentinian I was proclaimed Augustus at Ancyra, modern Ankara, in AD 364. The researchers suggest that eastern solidi could have travelled west with Valentinian and his army as they moved first toward Italy and later into Gaul. The Holzthum coins therefore offer a possible material trace of money moving thousands of kilometres with the machinery of the Roman state.

Coins struck in Constantinople between 383 and 388 A.D., and at Sirmium between 394-395 A.D. may have also have moved west with Roman troops after Theodosius I’s defeat of Eugenius at the Battle of the Frigidus on the border between what are now Italy and Slovenia in 394 A.D. There are three Eugenius coins in the hoard, which are very rare because he only ruled the West for two years.

The two plated coins were also investigated. Researchers identified them as the RESTITVTOR REIPVBLICAE type. One was an ancient imitation, the other has a dark surface that suggests high quantities of solver or tin. Based on the portrait style, one was probably an ancient imitation. Another coin has an unusually dark surface and may contain substantial quantities of silver or tin rather than fine gold, although researchers have not yet carried out the metal analysis required to confirm its composition.



* This article was originally published here

We've followed their lives for six decades - now the stars of 7 Up are bowing out

70 Up is the final instalment in a series which began in 1964 and has followed the lives of 14 people.

from BBC News https://ift.tt/TQbRmyY

'Forget Notting Hill - we set our new romcom in the east end of Glasgow'

Romantic comedy Premature is out in cinemas next Friday, despite a microscopic budget.

from BBC News https://ift.tt/motM4hZ

Monday, 14 September 2026

6th c. B.C. Picentene grave unearthed

A Picentene tomb dating to the 6th century B.C. has been discovered in Sant’Elpidio a Mare in the central Italian region of Le Marche.

Artifacts believe to be archaeological materials were reported to the local Superintendency of Archaeology who then investigated the site. The experts found that they were not individual objects, but rather an assemblage of funerary furnishings including ceramic vessels that had been placed in a tomb. The style of the ceramics identified the grave as Picentene from the 6th century B.C. T he objects were documented on site, then recovered for study and conservation in the laboratory.

The Piceni were a pre-Roman Italic people who inhabited what is now eastern central Italy between the Apennines and the Adriatic coast from the 9th to the 3rd century B.C. The Picenum area was not governed as one state, nor did it have a single large population center or capital, but it was a culture with highly developed metallurgy, ceramics and elaborately ornamented jewelry. The Roman Republic conquered Picenum and annexed its territories in the late 3rd century B.C.

The discovery is located in an area that has long been the focus of attention by the Superintendency and other agencies responsible for protecting the region’s cultural heritage. Over the years, in fact, this area has been the site of several chance archaeological finds, a circumstance that has helped keep the attention of the agencies responsible for research and heritage conservation focused on the site. The new find now offers an opportunity to further deepen our understanding of the Picene presence in the Sant’Elpidio a Mare area through the study of the grave goods and the characteristics of the burial.

Town officials are also working with the Superintendency to arrange for the public display of the newly-discovered artifacts. When the exhibition will take place depends on when the study and conservation of the objects is complete.



* This article was originally published here

'Nepo baby is a horrific term,' says Zeta-Jones

The Chicago star's children Dylan and Carys have both gone into showbiz, following in her footsteps.

from BBC News https://ift.tt/6IovmPk

बिग बॉस-20 शो में मैरी कॉम के कमेंट से विवाद:सानिया मिर्जा, सानिया नेहवाल से अपनी तुलना कर खुद को बेहतर बताया, टीम को मांगनी पड़ी माफी

5 बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकीं मैरी कॉम के बिग बॉस 20 में दिए गए एक कमेंट पर विवाद हो गया। शो के हालिया एपिसोड में मैरी कॉम ने सानिया मिर्जा और सानिया नेहवाल जैसी पॉपुलर स्पोर्ट्स पर्सन से तुलना की और कहा कि उन जितना किसी महिला ने कभी देश के लिए नहीं किया। विवाद बढ़ा तो अब मैरी कॉम की टीम ने माफी मांगी है। दरअसल, एक एपिसोड में मैरी कॉम, को कंटेस्टेंट काजी तौकीर से बात करती दिखी। काजी ने उनसे पूछा कि वह जितनी बड़ी प्लेयर हैं क्या कोई दूसरी भी प्लेयर है। काजी ने सानिया नेहवाल, सानिया मिर्जा, पी.टी.ऊषा का भी जिक्र किया, लेकिन तब मैरी कॉम लगातार खुद की बढ़ाई करती रहीं। कुछ देर बाद उन्होंने कहा, लेकिन मेरे जैसा किसी ने कुछ हासिल नहीं किया। इस पर काजी ने उनके साथ मस्ती की और उन्हें खड़े होकर सैल्यूट किया। एपिसोड ऑनएयर होने के बाद मैरी कॉम के बयान की जमकर आलोचना होने लगी। किसी ने उन्हें डैल्यूजनल कहा, तो कोई उन्हें स्वाभिमानी कह रहा है। विवाद बढ़ने पर उनकी टीम ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगा और लिखा- ‘अगर मैरी के शब्दों को गलत समझा गया हो तो हम माफी मांगते हैं। किसी अन्य एथलीट की यात्रा को कमतर आंकने या उससे तुलना करने का हमारा कभी कोई इरादा नहीं था। मैरी उन सभी एथलीट्स का बेहद सम्मान करती हैं, जो भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और खेल के लिए अपना पूरा दिल और मेहनत लगाते हैं। हर किसी का सफर अलग होता है, हर उपलब्धि मायने रखती है और हर पदक भारत को गौरवान्वित करता है।’ सलमान ने कास्टिंग पर कहा- कभी कभी चूक हो जाती है बिग बॉस 20 में आए कंटेस्टेंट्स की कास्टिंग पर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है। इस पर हालिया एपिसोड में सलमान ने कहा, “हमने सोचा था कि हम कंटेस्टेंट्स को बहुत सोच-समझकर चुनेंगे, लेकिन कभी-कभी हमारे चयन में भी चूक हो जाती है। जो लोग शो में नजर नहीं आते, उनका बचाव यही होता है कि वे गेम में बहुत कुछ कर रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि आप जो भी कह या कर रहे हैं, वह प्रसारित करने लायक नहीं है। और जब आप कहते हैं कि आपमें कोई कमी नहीं है, तो हमें लगता है कि घर में एक-दो ‘कमीने’ लोग भी होने चाहिए, है ना?” बिग बॉस 20 के सबसे विवादित कंटेस्टेंट्स ईशा रिखी- बादशाह से अलगाव ईशा रिखी ने फरवरी में सिंगर और रैपर बादशाह से सीक्रेट शादी की थी। कुछ हफ्तों बाद ईशा और उनके परिवार ने शादी की तस्वीरें पोस्ट कर शादी की कन्फर्मेशन दी, जबकि बादशाह ने इसका कन्फर्मेशन नहीं किया था। जल्द ही ईशा क्रिप्टिक पोस्ट भी शेयर करने लगीं, जिससे अनबन की खबरें रहीं। विवादों के चलते इसी हफ्ते बादशाह ने ईशा रिखी से तलाक की अनाउंसमेंट की है। उनका कहना है कि तलाक आपसी सहमति से हुआ है। तलाक अनाउंस करने के महज चंद दिनों बाद ही ईशा शो में पहुंच गई हैं। माही विज- जय भानुशाली से अलगाव माही और जय भानुशाली टीवी इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल थे, हालांकि 2026 में दोनों ने तलाक ले लिया है। माही कई बार व्लॉग के जरिए शादी और पर्सनल विवाद पर सफाई दे चुकी हैं। दोनों इस साल काफी चर्चा और विवादों में रहे हैं। आम्रपाली- निरहुआ से रिश्ते की अफवाह आम्रपाली का नाम लंबे समय से निरहुआ (दिनेश लाल यादव) के साथ रिश्ते की अफवाहों से जोड़ा जाता रहा है। इसके अलावा उनके हिजाब वाले वीडियो को लेकर उनके धर्म परिवर्तन की अफवाह भी चली थी, जिसे फिल्म से जुड़ा बताया गया। मैरी कॉम- निजी जिंदगी का विवाद ओलंपिक मेडलिस्ट और छह बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से सुर्खियों में है। मैरी कॉम और उनके पति करुंग ओनलर कोम ने दिसंबर 2023 में आपसी सहमति से तलाक लिया था। शुरुआत में दोनों ने तलाक की वजह नहीं बताई, हालांकि जनवरी 2026 में PTI को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि उन्हें अपने पति की तरफ से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि ओनलर ने उनके नाम पर लोन लिए, उनकी संपत्तियों को अपने नाम ट्रांसफर किया और उनकी कमाई से जुड़े पैसों का गलत इस्तेमाल किया। अर्शिफा खान- दानिश जेहन डेथ पर विवाद दिसंबर 2018 में 21 वर्षीय दानिश जेहन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह MTV ऐस ऑफ स्पेस का हिस्सा थे। उनकी मौत के बाद अर्शिफा ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट शेयर किया और खुद को उनका करीबी दोस्त बताया। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि वह उनकी गर्लफ्रेंड थीं। हालांकि अर्शिफा की मां ने इस दावे को खारिज कर दिया। विवाद तब और बढ़ गया, जब दानिश के भाई गुफरान ने अर्शिफा पर उनके भाई की मौत को लेकर पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया। अर्शिफा ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए गुफरान पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया। अर्शिफा विवादित और बोल्ड बयानों से भी चर्चा में रहती हैं, जिससे बिग बॉस 20 को भी फायदा मिल सकता है। गुल्लू- स्प्लिट्सविला विवाद रोडीज डबल क्रॉस और स्प्लिट्सविला 16 जीतने के बाद गुल्लू पहले से जाना-पहचाना चेहरा हैं। स्प्लिट्सविला में प्रीत सिंह के साथ उनके पुराने लगाव ने काफी चर्चा बटोरी थी। वह इन शोज में झगड़ों से भी सुर्खियों में रहे हैं। बिग बॉस 20 की टीआरपी के लिए बड़ा बदलाव पिछले सभी सीजन में देखा गया है कि शो में वोट आउट होने के डर से कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे की गुड बुक्स में रहते हैं और झगड़े मोल नहीं लेते। लेकिन इस साल इस रीत को बदलने के लिए फॉर्मेट में बड़ा बदलाव किया गया है। इस साल शो की थीम तथास्तु रखी गई है, यानी हर कंटेस्टेंट को 2 लाइफ मिलेंगी। शो के प्रीमियर के साथ ही सभी कंटेस्टेंट्स से कहा गया है कि अगर एलिमिनेट होने का खतरा कम है, तो वो फ्रंट फुट पर खेलें यानी जमकर पर्सनैलिटी दिखाएं और झगड़े करें। रिया अहीर को शो से जोड़ना पब्लिसिटी स्टंट कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में वैन रोककर चर्चा में आईं रिया अहीर को भी शो में लाने की खबरें थीं। इससे शो के प्रमोशन में फायदा मिला। रिया को शो से जोड़ने के लिए वोटिंग भी करवाई गई। प्रीमियर में रिया मंच तक तो पहुंचीं, लेकिन जनता का फैसला सुनाते हुए कहा कि कम वोट्स के चलते वो शो में नहीं जाएंगी। पिछले सीजन यानी बिग बॉस 19 में क्या हुआ था? बिग बॉस 19 में भी विवाद शो की सबसे बड़ी USP में से एक रहे। मेकर्स ने अलग-अलग तरह की पर्सनैलिटी को एक साथ रखा और देखते ही देखते घर में रिश्ते, झगड़े, आरोप और सोशल मीडिया बहसें शुरू हो गईं। तान्या मित्तल इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहीं। शो में वह खुद को 'Ma'am' या 'बॉस' कहकर बुलाने की बात करती थीं और अपनी लाइफस्टाइल व कथित 150 बॉडीगार्ड्स को लेकर किए गए दावों की वजह से लगातार चर्चा में रहीं। मीडिया ने उन्हें सीजन के सबसे ज्यादा बात किए जाने वाले चेहरों में गिना। दूसरी तरफ फरहाना भट्ट अपनी बेबाक और कई बार तीखी टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहीं। टीवी के पॉपुलर एक्टर गौरव खन्ना के साथ उनके टकराव ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। बिग बॉस 18 में भी यही फॉर्मूला चला बिग बॉस 18 में रजत दलाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले चेहरों में रहे। उनकी सोशल मीडिया फैन फॉलोइंग बड़ी थी। घर के अंदर उनका अग्रेसिव व्यवहार भी लगातार चर्चा का विषय बना। करणवीर मेहरा का गेम इससे बिल्कुल अलग था। वह सीधे तौर पर सबसे विवादित कंटेस्टेंट नहीं थे, लेकिन उनकी बहस, झगड़े, रिश्ते और कई मुद्दों पर स्टैंड लेने की वजह से वह लगातार स्क्रीन पर बने रहे। यानी मेकर्स को हमेशा सिर्फ 'गाली-गलौज करने वाला' कंटेस्टेंट नहीं चाहिए। उन्हें ऐसे चेहरे चाहिए जो किसी न किसी वजह से कहानी पैदा करें और अग्रेसिव कंटेस्टेंट से भिड़ जाएं। आखिर मेकर्स विवादित कंटेस्टेंट्स क्यों चुनते हैं? 1. विवाद, चर्चा, फ्री पब्लिसिटी बिग बॉस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज सिर्फ TRP नहीं, बल्कि चर्चा में बना रहना है। कंटेस्टेंट के किसी बयान पर सोशल मीडिया पर बहस होती है, तो शो के क्लिप वायरल होते हैं। मीडिया उस पर खबर बनाता है।यूट्यूब पर वीडियो बनते हैं। X और इंस्टाग्राम पर रिएक्शन आने लगते हैं। यानी एक कंटेस्टेंट का झगड़ा कई प्लेटफॉर्म पर शो की मुफ्त पब्लिसिटी बन जाता है। 2. हर सीजन को 'विलेन' चाहिए रियलिटी शो की कहानी में अक्सर एक ऐसा किरदार जरूरी होता है जिससे दर्शक नाराज हों। बिग बॉस 19 में तान्या मित्तल और फरहाना भट्ट जैसे चेहरों ने यह भूमिका निभाई। उनके व्यवहार से दर्शक सहमत हों या नहीं, लेकिन वे चर्चा का विषय जरूर बनीं। दर्शक जिस कंटेस्टेंट से सबसे ज्यादा नाराज होता है, कई बार वही कंटेस्टेंट सबसे ज्यादा स्क्रीन टाइम हासिल कर लेता है। 3. 'गुड वर्सेस बेड' की कहानी बनाना मेकर्स को सिर्फ अच्छे लोगों का समूह नहीं चाहिए। उन्हें पर्सनालिसिटी क्लैश चाहिए। शो में अक्सर शांत लोगों और अग्रेसिव लोगों के बीच क्लैश देखने मिलता है। जैसे हिना खान वर्सेस शिल्पा शिंदे, गौहर खान वर्सेस तनिषा मुखर्जी, करिश्मा तन्ना वर्सेस गौतम गुलाटी, मुनव्वर फारूकी वर्सेस अभिषेक। हैरानी की बात ये है कि ऐसी जोड़ियां अक्सर टॉप-2 तक जगह भी बनाती हैं। 4. सोशल मीडिया फैन बेस भी अब बड़ी ताकत आज बिग बॉस सिर्फ टीवी ऑडियंस का शो नहीं है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर कंटेस्टेंट की फैन फॉलोविंग भी महत्वपूर्ण हो गई है। जैसे, एल्विश यादव, जो भले ही वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट रहे, लेकिन फैन फॉलोविंग का फायदा उठाते हुए, उन्होंने ट्रॉफी हासिल की। मुनव्वर फारूकी, अभिषेक मल्हान उर्फ फुकरा इंसान, अंकिता लोखंडे, आएशा खान, विवियन डिसेना, ईशा मालवीय जैसे कंटेस्टेंट्स भी अपने फैंस को शो से जोड़ने में सफल रहे। इसका फायदा यह है कि कंटेस्टेंट घर में कुछ करता है तो उसके समर्थक और विरोधी दोनों सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाते हैं। असल में मेकर्स 'विवादित' नहीं, 'कंटेंट देने वाले' लोग चुनते हैं यह अंतर समझना जरूरी है। हर विवादित इंसान अच्छा बिग बॉस कंटेस्टेंट नहीं होता और हर शांत इंसान खराब कंटेस्टेंट नहीं होता। मेकर्स को असल में चाहिए होती है, स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी, कॉन्फ्लिक्ट, फैन बेस, इमोशनल लगाव और एक इंस्पायरिंग कहानी। इसीलिए बिग बॉस में एक तरफ स्वामी ओम जैसे बेहद कंट्रोवर्शियल चेहरे आए, तो दूसरी तरफ सिद्धार्थ शुक्ला, आसिम रियाज, मुनव्वर फारुकी, करणवीर मेहरा जैसे अलग-अलग लोग भी लोकप्रिय हुए। बिग बॉस के इतिहास के सबसे विवादित कंटेस्टेंट अगर पूरे बिग बॉस इतिहास की बात करें तो कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने विवाद को शो की पहचान का हिस्सा बना दिया। राखी सावंत- विवाद को एंटरटेनमेंट में बदलने वाली कंटेस्टेंट राखी सावंत बिग बॉस के पहले सीजन में ही यह दिखा चुकी थीं कि छोटी-सी बात भी कैसे बड़े टीवी मोमेंट में बदली जा सकती है। कॉफी मग से शुरू हुआ विवाद हो या कश्मीरा शाह के साथ टकराव, राखी ने कैमरे के सामने अपनी मौजूदगी लगातार महसूस कराई। बाद के सीजन्स में भी वह बिग बॉस की सबसे चर्चित और बार-बार लौटने वाली पर्सनैलिटी बनीं। स्वामी ओम- जब विवाद कंट्रोल से बाहर हो गया बिग बॉस 10 के स्वामी ओम को शो के इतिहास के सबसे विवादित कंटेस्टेंट्स में गिना जाता है। उनके बयानों और व्यवहार ने कई बार घर का माहौल बिगाड़ा। शो में उन्होंने एक टास्क के बीच बानी जे पर यूरीन फेंका। उनका विवाद इतना बढ़ा कि शो से बाहर निकलने के बाद भी वह लगातार बिग बॉस और सलमान खान को लेकर बयान देते रहे। जुबैर खान- सलमान खान से टकराव बिग बॉस 11 में जुबैर खान का सफर बेहद विवादित रहा। उनकी भाषा और घर में व्यवहार को लेकर सलमान खान ने उन्हें फटकार लगाई। इसके बाद जुबैर और सलमान के बीच भी विवाद बढ़ गया और शो से बाहर आने के बाद उन्होंने सलमान के खिलाफ शिकायत तक की। अरमान कोहली- आक्रामकता का चेहरा अरमान कोहली का नाम बिग बॉस के पुराने विवादित चेहरों में लिया जाता है। उनके सीजन में गुस्सा, झगड़े और आक्रामक व्यवहार लगातार चर्चा का हिस्सा रहे। उनके और सोफिया हयात के बीच विवाद ने भी शो के बाहर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। प्रियंका जग्गा- वीकेंड का वार का बड़ा विवाद बिग बॉस 10 की प्रियंका जग्गा भी अपनी बेबाक और कई बार बेहद विवादित टिप्पणियों के लिए जानी गईं। सलमान खान के साथ उनका टकराव इतना बढ़ गया कि उन्होंने उन्हें शो से बाहर जाने के बाद दोबारा काम न देने तक की बात कह दी थी।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/OSXKLTm
via IFTTT

नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली

एक्ट्रेस नीलम कोठारी ने हाल ही में गोविंदा के साथ अपने रिश्ते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं थीं, तब वह बहुत छोटी थीं और उन्हें गोविंदा की शादी की जानकारी नहीं थी। नीलम ने यह बात टाइम्स नाउ के इंटरव्यू में कही। गौरतलब है कि नीलम कोठारी और गोविंदा ने 1980 के दशक और 1990 के शुरुआती वर्षों में कई फिल्मों में साथ काम किया था। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर अफवाहें वर्षों तक चलती रहीं। इंटरव्यू में नीलम से कहा गया कि गोविंदा ऑफ-स्क्रीन उनसे प्यार करते थे। इस पर नीलम ने कहा, “मुझे नहीं पता। सबसे पहले तो मैं उस समय बहुत छोटी थी। अब मुझे पता चला है कि शायद उस वक्त उनकी शादी हो चुकी थी।” वहीं, नीलम के पास बैठे पति समीर सोनी ने गोविंदा को लेकर कहा, “वह बहुत अच्छे इंसान हैं। जब भी मैं उनसे मिला हूं, वह बहुत गर्मजोशी से मिले हैं।” समीर ने यह भी कहा, “जो बात 20 साल पहले हुई भी हो सकती है और नहीं भी, उसके बारे में मुझे पता ही नहीं, तो मैं उसे लेकर कैसे बैठ सकता हूं? वह अब भी दावा करते हैं कि वह तुमसे बहुत प्यार करते थे।” रिश्ता उनके लिए विकल्प नहीं था नीलम कोठारी ने बताया कि उस दौर में उनके लिए रिश्ता बनाना कभी विकल्प नहीं था। उनका पूरा ध्यान हिंदी सीखने और फिल्मों में काम करने पर था। नीलम ने यह भी बताया कि कम उम्र की वजह से उनके परिवार का कोई सदस्य शूटिंग पर उनके साथ जाता था। नीलम के मुताबिक, सेट पर सभी लोग उन्हें बहुत प्यार करते थे। उनके को-स्टार्स भी उनके साथ बच्चे जैसा व्यवहार करते थे। समीर सोनी ने कहा कि जैकी श्रॉफ और संजय दत्त खास तौर पर नीलम को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव रहते थे। नीलम और गोविंदा की जोड़ी नीलम कोठारी और गोविंदा की जोड़ी ने 80 और 90 के दशक में कई फिल्मों में साथ काम किया था। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आती थी। इस जोड़ी की पर्दे पर शुरुआत फिल्म ‘लव 86’ से हुई थी। 14 फरवरी 1986 को रिलीज हुई यह मूवी गोविंदा की डेब्यू फिल्म भी थी। इसके 2 हफ्ते बाद 28 फरवरी 1986 को दोनों की दूसरी फिल्म ‘इल्जाम’ रिलीज हुई। इस फिल्म के गानों और गोविंदा के बेहतरीन डांस (खासकर गाने 'स्ट्रीट डांसर' ) ने उन्हें रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी पहचान दिलाई। दोनों ‘खुदगर्ज’ (1987) में साथ नजर आए। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर सफल रही। इसके बाद नीलम और गोविंदा ने ‘सिंदूर’, ‘हत्या’, ‘दो कैदी’ और ‘फर्ज की जंग’ जैसी कई अन्य फिल्मों में भी साथ काम किया। इसी दौरान दोनों के रिश्ते की अफवाहें सामने आई थीं। 15 साल की उम्र में फिल्मों में डेब्यू किया नीलम कोठारी का जन्म हांगकांग में हुआ था। उनके पिता शिशिर कोठारी गुजराती जैन थे, जबकि मां परवीन कोठारी पारसी थीं। बचपन से ही नीलम को संगीत और डांस में रुचि थी। उन्होंने कीबोर्ड बजाना और जैज बैले भी सीखा। उनकी पढ़ाई हांगकांग के आइलैंड स्कूल में हुई। बाद में उनका परिवार बैंकॉक शिफ्ट हो गया। मुंबई में छुट्टियां बिताने के दौरान उनकी मुलाकात फिल्म डायरेक्टर रमेश बहल से हुई। उन्होंने नीलम को फिल्म में काम करने का ऑफर दिया, जिसके बाद नीलम ने एक्टिंग में हाथ आजमाने का फैसला किया। इसके बाद, जब वो महज 15 साल की थीं, तब बतौर लीड उनकी पहली फिल्म ‘जवानी’ (1984) रिलीज हुई थी। वहीं, कई लोकप्रिय फिल्मों में काम करने के बाद नीलम ने साल 2001 में अभिनय से दूरी बना ली थी। बाद में उन्होंने ज्वेलरी डिजाइनिंग में कदम रखा। कई साल बाद नीलम 2020 में रियलिटी शो ‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ में नजर आईं। इसमें उनकी दोस्त महीप कपूर, भावना पांडे और सीमा सजदेह भी थीं। वह इसके स्पिन-ऑफ ‘फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स’ में भी नजर आईं। इसमें मुंबई और दिल्ली की कास्ट को साथ लाया गया था।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/rtL5yGR
via IFTTT

नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली

एक्ट्रेस नीलम कोठारी ने हाल ही में गोविंदा के साथ अपने रिश्ते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं थीं, तब वह बहुत छोटी थीं और उन्हें गोविंदा की शादी की जानकारी नहीं थी। नीलम ने यह बात टाइम्स नाउ के इंटरव्यू में कही। गौरतलब है कि नीलम कोठारी और गोविंदा ने 1980 के दशक और 1990 के शुरुआती वर्षों में कई फिल्मों में साथ काम किया था। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर अफवाहें वर्षों तक चलती रहीं। इंटरव्यू में नीलम से कहा गया कि गोविंदा ऑफ-स्क्रीन उनसे प्यार करते थे। इस पर नीलम ने कहा, “मुझे नहीं पता। सबसे पहले तो मैं उस समय बहुत छोटी थी। अब मुझे पता चला है कि शायद उस वक्त उनकी शादी हो चुकी थी।” वहीं, नीलम के पास बैठे पति समीर सोनी ने गोविंदा को लेकर कहा, “वह बहुत अच्छे इंसान हैं। जब भी मैं उनसे मिला हूं, वह बहुत गर्मजोशी से मिले हैं।” समीर ने यह भी कहा, “जो बात 20 साल पहले हुई भी हो सकती है और नहीं भी, उसके बारे में मुझे पता ही नहीं, तो मैं उसे लेकर कैसे बैठ सकता हूं? वह अब भी दावा करते हैं कि वह तुमसे बहुत प्यार करते थे।” रिश्ता उनके लिए विकल्प नहीं था नीलम कोठारी ने बताया कि उस दौर में उनके लिए रिश्ता बनाना कभी विकल्प नहीं था। उनका पूरा ध्यान हिंदी सीखने और फिल्मों में काम करने पर था। नीलम ने यह भी बताया कि कम उम्र की वजह से उनके परिवार का कोई सदस्य शूटिंग पर उनके साथ जाता था। नीलम के मुताबिक, सेट पर सभी लोग उन्हें बहुत प्यार करते थे। उनके को-स्टार्स भी उनके साथ बच्चे जैसा व्यवहार करते थे। समीर सोनी ने कहा कि जैकी श्रॉफ और संजय दत्त खास तौर पर नीलम को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव रहते थे। नीलम और गोविंदा की जोड़ी नीलम कोठारी और गोविंदा की जोड़ी ने 80 और 90 के दशक में कई फिल्मों में साथ काम किया था। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आती थी। इस जोड़ी की पर्दे पर शुरुआत फिल्म ‘लव 86’ से हुई थी। 14 फरवरी 1986 को रिलीज हुई यह मूवी गोविंदा की डेब्यू फिल्म भी थी। इसके 2 हफ्ते बाद 28 फरवरी 1986 को दोनों की दूसरी फिल्म ‘इल्जाम’ रिलीज हुई। इस फिल्म के गानों और गोविंदा के बेहतरीन डांस (खासकर गाने 'स्ट्रीट डांसर' ) ने उन्हें रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी पहचान दिलाई। दोनों ‘खुदगर्ज’ (1987) में साथ नजर आए। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर सफल रही। इसके बाद नीलम और गोविंदा ने ‘सिंदूर’, ‘हत्या’, ‘दो कैदी’ और ‘फर्ज की जंग’ जैसी कई अन्य फिल्मों में भी साथ काम किया। इसी दौरान दोनों के रिश्ते की अफवाहें सामने आई थीं। 15 साल की उम्र में फिल्मों में डेब्यू किया नीलम कोठारी का जन्म हांगकांग में हुआ था। उनके पिता शिशिर कोठारी गुजराती जैन थे, जबकि मां परवीन कोठारी पारसी थीं। बचपन से ही नीलम को संगीत और डांस में रुचि थी। उन्होंने कीबोर्ड बजाना और जैज बैले भी सीखा। उनकी पढ़ाई हांगकांग के आइलैंड स्कूल में हुई। बाद में उनका परिवार बैंकॉक शिफ्ट हो गया। मुंबई में छुट्टियां बिताने के दौरान उनकी मुलाकात फिल्म डायरेक्टर रमेश बहल से हुई। उन्होंने नीलम को फिल्म में काम करने का ऑफर दिया, जिसके बाद नीलम ने एक्टिंग में हाथ आजमाने का फैसला किया। इसके बाद, जब वो महज 15 साल की थीं, तब बतौर लीड उनकी पहली फिल्म ‘जवानी’ (1984) रिलीज हुई थी। वहीं, कई लोकप्रिय फिल्मों में काम करने के बाद नीलम ने साल 2001 में अभिनय से दूरी बना ली थी। बाद में उन्होंने ज्वेलरी डिजाइनिंग में कदम रखा। कई साल बाद नीलम 2020 में रियलिटी शो ‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ में नजर आईं। इसमें उनकी दोस्त महीप कपूर, भावना पांडे और सीमा सजदेह भी थीं। वह इसके स्पिन-ऑफ ‘फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स’ में भी नजर आईं। इसमें मुंबई और दिल्ली की कास्ट को साथ लाया गया था।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/QnlMZ8B
via IFTTT

Sunday, 13 September 2026

Rare Byzantine gold signet ring with woman’s name found in Bulgaria

Byzantine gold seal ring inscription "Sevasta Maria Skulena." Photo courtesy Prof. Nikolay Ovcharov. A rare gold signet ring from the 14th century inscribed with the name of a woman has been discovered near Zlatograd in south-central Bulgaria just three miles from the Greek border. Incised deep in the flat oval face of the ring is the title and name “Sevasta Maria Skulena.” The lettering marks it as having been made in a provincial workshop likely around 1330-1350.

It’s so small that at first glance experts thought it could have belonged to a child, but obviously when they saw it was a signet ring that possibility was eliminated. Children did not authenticate documents with seals of their names and titles. Instead, it must have been worn on Maria Skulena’s pinkie finger, which is a convenient finger to use for stamping.

The title “sevast” which means “honored” or “revered” and was first created by Byzantine Emperor Alexius Komnenos in the 11th century. He meant it only for people of extremely high rank at the Constantinople court. It depreciated over time, and by the 14th century could be bought by local big fish in small pounds and people with deep pockets.

Documents in the archives of the Great Lavra Monastery on Mount Athos record a member of the Skules family who was a landowner with extensive properties in Aegean Macedonia (50-100 miles from Zlatograd) as well as the Rhodope Mountains in 1338. Michael Skules was “general judge of the Romans” in 1371 and bore the title “sevast,” which means “honored” or “revered.” Maria Skulena was likely his wife and must have been a person of high social position to have her own document seal.

The ring was acquired by private collector engineer Alexander Mitushev, so unfortunately nothing of is known of its original archaeological context. The only information he was given was that it was found recently near Zlatograd. Mitushev registered the find legally by turning it over to cultural heritage authorities, and then put it on display for the first time last week at the Archaeological and Ethnographic Museum in Zlatograd, a museum he founded and continues to expand by sponsoring excavations and by his purchases and donations.



* This article was originally published here

Diljit Dosanjh makes history under the famous Wembley arch

Wembley Stadium billed Diljit Dosanjh as the first Punjabi singer to headline the iconic music venue.

from BBC News https://ift.tt/r3j7fAb

Noel Gallagher says Johnny Marr has 'always been gung-ho' with his guitars

The band borrowed one of Marr's instruments which was used on the cover of Oasis' 1994 debut single Supersonic.

from BBC News https://ift.tt/N0iRsLj

Noel Gallagher says Johnny Marr has 'always been gung-ho' with his guitars

The band borrowed one of Marr's instruments which was used on the cover of Oasis' 1994 debut single Supersonic.

from BBC News https://ift.tt/N0iRsLj

Noel Gallagher says Johnny Marr has 'always been gung-ho' with his guitars

The band borrowed one of Marr's instruments which was used on the cover of Oasis' 1994 debut single Supersonic.

from BBC News https://ift.tt/oasjvxZ

Saturday, 12 September 2026

Inscription marking nocturnal lightning strike found at Hadrian’s Villa

A rare inscription marking a spot where lightning hit has been unearthed at Hadrian’s Villa in Tivoli, about 12 miles outside of Rome. The marble slab is inscribed “FVLGVR SVBMANIVM.” “Fulgur” is Latin for lightning bolt and “Submanium” related it to Summanus, the god of nocturnal thunder in the ancient Roman religion.

It was unearthed in an excavation of a part of the imperial palace complex known as the Amphitheater. The slab measures 40 by 35 cm (15.75 x 13.8 inches) and was mounted into a wall of a small quadrangular structure made of volcanic tufa blocks mortared together. Archaeologists believe the structure was built to mark the spot struck by the lightning bolt.

Lightning strikes were considered direct messages from the gods. They were major portents and the places where they hit were considered sacred spaces, consecrated by Jupiter (day lightning) or Summanus (night lightning). All traces of the strike were to be collected and buried in a ceremonial deposition ritual known as “fulgur conditum.”

In a visit to the site, Italian Minister of Culture Alessandro Giuli said:

“This discovery provides us with a rare and extraordinarily evocative testimony to Roman religiosity: the mark left by lightning and the ritual through which the struck place was recognized as belonging to the divine sphere. It is a theme deeply rooted in ancient culture, forcefully brought back to our attention thanks to the extraordinary finds at the Bagno Grande in San Casciano dei Bagni, where a bronze lightning bolt, deposited alongside a flint arrow, has yielded a suggestive trace of the fulgur conditum ritual. Hadrian’s Villa today adds a new, exceptional piece to this religious horizon, still preserved in its original context.”



* This article was originally published here

बॉडी शेमिंग को लेकर नीना गुप्ता ने दिया जवाब:67 साल की एक्ट्रेस बोलीं- 'कोई पूछे तो कह देना मैं प्रेग्नेंट हूं'

नीना गुप्ता ने हाल ही में बॉडी शेमिंग और शादी को लेकर किए जाने वाले सवालों पर मजेदार अंदाज में जवाब दिया। CNN-न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में पूछा गया कि जब लोग पूछते थे कि उनकी शादी क्यों नहीं हुई, तो वह इस पर क्या जवाब देती थीं। इस पर नीना ने कहा, “मैं तुम्हारे बाप का तो नहीं खा रही ना, अपने बाप का खा रही हूं। तुम्हें क्या प्रॉब्लम है, शादी करी कि नहीं?” एक अन्य सवाल में जब पूछा गया कि कोई यह कहे कि आप पिछली बार से ज्यादा मोटी हो गई हैं, तो वह क्या जवाब देंगी। इस पर नीना ने कहा, “प्रेग्नेंट हूं।” नीना ने बताया कि वह वजन को लेकर होने वाली टिप्पणियों से काफी परेशान हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने थोड़ी मोटी साड़ी पहनी थी। साड़ी की वजह से शरीर के एक हिस्से पर थोड़ा बल्क नजर आ गया। इसके बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि नीना गुप्ता 60 की उम्र में प्रेग्नेंट हैं। नीना ने बताया कि मैंने कहा, अब कोई पूछे तो कह देना, “मैं प्रेग्नेंट हूं।” जब उन्हें बताया गया कि हाल ही में 74 साल की एक महिला के जुड़वां बच्चे हुए हैं, जिस पर नीना ने हंसते हुए कहा, “मेरा चांस है अभी।” नीना गुप्ता को लुक को लेकर ट्रोल किया गया था नीना गुप्ता को पिछले साल एयरपोर्ट पर शॉर्ट्स पहनने और अपना वीडियो शेयर करने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसका उन्होंने बेहद करारा जवाब दिया था। दरअसल, वीडियो में नीना ब्लैक आउटफिट और शॉर्ट्स में नजर आई थीं। उन्होंने कैमरे पर बताया था कि लंबे इंतजार के दौरान वह घर का बना खाना साथ रखती हैं। इसके लिए वह रोटी रोल और टिफिन में आलू, मिर्च, पनीर और प्याज जैसी चीजें पैक कर लेती हैं। जिसके बाद वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा था, “बहुत अच्छा ...लेकिन एक रिक्वेस्ट है, अपने पैर मत दिखाइए। ये अच्छे टोन में नहीं हैं। हमने कभी दादी-मम्मी को इस तरह पैर दिखाते नहीं देखा। उम्र के साथ ग्रेसफुल रहना ही सही है।” वहीं, यूजर के कमेंट पर रिप्लाई करते हए एक दूसरी यूजर ने लिखा था, “ये कितना शर्मनाक कमेंट है। खासकर किसी औरत की तरफ से। आप खुद बॉडी शेमिंग करके औरतों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।” जिसके बाद इस कमेंट पर नीना गुप्ता ने जवाब देते कहा था, “चिंता मत करो। जो लोग ऐसी बातें करते हैं, असल में वो जलते हैं कि उनके पास इतनी अच्छी बॉडी नहीं है। इसलिए इन्हें नजरअंदाज करो।” नीना गुप्ता की निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव रहे हैं। उन्होंने कॉलेज के दिनों में IIT दिल्ली में पढ़ाई कर रहे अमलान घोष से शादी की थी। हालांकि, यह शादी एक साल के भीतर ही दोनों की आपसी सहमति से खत्म हो गई। इसके बाद नीना गुप्ता की सगाई पंडित जसराज के बेटे शारंगदेव पंडित से भी हुई थी। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला। 1980 के दशक के आखिर में नीना गुप्ता वेस्ट इंडीज के पूर्व क्रिकेटर विव रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में थीं। दोनों ने शादी नहीं की, लेकिन 1989 में उनकी बेटी मसाबा गुप्ता का जन्म हुआ। विव रिचर्ड्स पहले से शादीशुदा थे, इसलिए नीना ने मसाबा की परवरिश सिंगल मदर के तौर पर करने का फैसला लिया। 2008 में उन्होंने अमेरिका में एक निजी समारोह में नई दिल्ली के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक मेहरा से शादी की। सीरीज ‘चुंबक’ में दिखीं नीना गुप्ता नीना गुप्ता की कॉमेडी-ड्रामा सीरीज 'चुंबक' कल रिलीज हो गई है। सीरीज की कहानी एक शहरी भारतीय मोहल्ले में रहने वाले पांच परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती है। सीरीज में देवेन भोजानी, अर्जुन बिजलानी, हेली शाह, सुमीत व्यास, मानसी पारेख, सुमीत राघवन, संदीपा धर, डेलनाज ईरानी, अनंत वी. जोशी और अमायरा दस्तूर नजर आ रहे हैं। ‘चुंबक’ को हैट्स ऑफ प्रोडक्शंस ने प्रोड्यूस किया है। यही प्रोडक्शन हाउस 'साराभाई वर्सेज साराभाई' और 'खिचड़ी' जैसे लोकप्रिय शोज बना चुका है। सीरीज की कहानी और निर्देशन आतिश कपाड़िया ने किया है। इसे जमनादास (JD) मजीठिया और आतिश कपाड़िया ने प्रोड्यूस किया है।

from बॉलीवुड | दैनिक भास्कर https://ift.tt/AIFR2X7
via IFTTT