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ಗುರುವಾರ ಕೇಳಿ ಶ್ರೀ ರಾಘವೇಂದ್ರ ರಕ್ಷಾ ಮಂತ್ರ

Sunday, 24 November 2024

सलीम खान@89 बदनामी न हो इसलिए दूसरी शादी की:सलमान की फीस जमा नहीं कर पाए तो खुद को दी सजा

हिंदी सिनेमा के मशहूर राइटर सलीम खान का आज 89वां बर्थडे है। मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मे सलीम खान पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के रिश्तों की वजह से हमेशा चर्चा में रहे हैं। आज बर्थडे के मौके पर जानते हैं, सलीम खान के 9 स्पेशल रिश्तों के बारे में… रिश्ता- 1- 9 की उम्र में मां और 14 की उम्र में पिता का साया उठा एक बच्चे के लिए मां सबसे अहम होती है, लेकिन सलीम कम उम्र में ही मां के प्यार से महरूम हो गए थे। दरअसल, जब सलीम 4 साल के थे, तभी मां को ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) हो गया। इस कारण सलीम और उनके भाई को मां से दूर रहने के लिए कहा गया। मां से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हुए सलीम ने नीलेश मिस्रा को दिए इंटरव्यू में कहा था- हम में से कोई मां के पास नहीं जा सकता था। एक दिन मैं घर के बाहर खेल रहा था। वो दूर बैठे मुझे देख रही थीं। तभी पास खड़ी औरत से उन्होंने पूछा- यह बच्चा किसका है। औरत ने बताया कि मैं उनका ही बेटा हूं। उन्होंने मुझे अपने थोड़ा पास बुलाया, निहारा और फिर वापस भेज दिया। जब मैं 9 साल का था, तब वो दुनिया से चल बसीं। जब मां को टीबी हुआ था, तभी से पिता हमारी हर इच्छा पूरी करते थे। हालांकि मैं उनसे डरता बहुत था। यही वजह थी कि मैंने फैसला किया कि मैं अपने बच्चों का दोस्त बन कर रहूंगा, ताकि वो मुझसे न डरें। जब मैं 14 साल का हुआ तो 1950 में पिता भी गुजर गए। रिश्ता-2- भाई के तानों ने मुंबई में संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया मां-बाप के गुजर जाने के बाद सलीम खान की लाइफ में उनके सिर्फ बड़े भाई ही बचे थे। शुरुआत में बड़े भाई ने अपनी सारी जिम्मेदारी निभाई। सलीम के पिता DIG रैंक के पुलिस ऑफिसर थे। उनकी मौत के बाद यह नौकरी बड़े बेटे को मिल गई। बड़े भाई ने यह नौकरी कर सलीम की परवरिश की। जब वो कॉलेज में थे, तब ही उनके भाई ने उन्हें कार दिला दी थी, जबकि उस जमाने में कार होना काफी बड़ी बात हुआ करती थी। हालांकि जब सलीम को मुंबई आकर हीरो बनने का ऑफर मिला तो बड़े भाई का रवैया पूरी तरह से बदल गया। दरअसल, फिल्मों का ऑफर मिलते ही सलीम ने मुंबई जाने का मन बना लिया था, लेकिन उनके भाई का कहना था कि वो कुछ समय में ही वापस इंदौर आ जाएंगे। अगर वापस नहीं आएंगे तो हर महीने पैसे की डिमांड जरूर करेंगे। भाई की इन बातों से सलीम को बहुत दुख पहुंचा था। सलीम खान मुंबई तो पहुंच गए, लेकिन उन्हें न उस शहर की जानकारी थी, न इंडस्ट्री की। इस कारण उन्हें बहुत धक्के खाने पड़े। जब वे डायरेक्टर के. अमरनाथ के पास पहुंचे तो उन्हें फिल्म बारात में साइड हीरो का रोल मिल गया। उन्हें पहले ही हजार रुपए साइनिंग अमाउंट के दिए जा चुके थे। इसके अलावा उन्हें हर महीने के 400 रुपए दिए गए। फिल्म नहीं चल सकी और सलीम खान को भी कोई खास पहचान नहीं मिली। फिल्म से मिले पैसे भी खत्म होने लगे। हालात से थक-हार कर उन्होंने मुंबई छोड़ने का मन बना लिया, लेकिन तभी उन्हें भाई का ताना याद आया। इस कारण उन्होंने संघर्ष जारी रखना ही बेहतर समझा। पहली फिल्म फ्लॉप हो जाने के बाद सलीम फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करके गुजारा कर रहे थे। फिर उन्होंने लेखन का काम शुरू किया। यह वो काम था, जो सलीम इंदौर में बहुत किया करते थे। रिश्ता-3- इंदौर में दोस्तों के मसीहा थे सलीम, प्रेम पत्र लिखकर कई रिश्ते बनाए इंदौर में सलीम अपने दोस्तों के लव लेटर लिखा करते थे। लिखावट और अल्फाज इतने अच्छे होते थे कि हर दोस्त की बात बन जाया करती थी। सीरीज 'एंग्री यंग मैन' में सलीम ने कहा था- मेरे दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड के लिए लव लेटर मुझसे ही लिखवाते थे। उस वक्त तक मुझे एहसास नहीं था कि मैं लिख भी सकता हूं। जब मैं मुंबई आ गया तो इंदौर के दोस्त कहते थे कि तुम हमें बर्बाद करके मुंबई चले गए। रिश्ता-4-एक गलफहमी की वजह से जावेद अख्तर से रिश्ता टूटा दीप्तकीर्ति चौधरी की किताब ‘रिटन बाय सलीम-जावेद’ के मुताबिक, सलीम-जावेद की जोड़ी की लिखी फिल्म जंजीर से ही अमिताभ बच्चन स्टार बने थे। जब सालों बाद उसी जोड़ी ने अमिताभ बच्चन को अपनी लिखी फिल्म मिस्टर इंडिया में काम करने को कहा, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। अमिताभ ने कहा- मैं हीरो हूं, लोग मुझे देखने आते हैं, मेरी आवाज सुनने कौन आएगा। अमिताभ के इनकार से सलीम-जावेद बेहद नाराज हुए। जावेद अख्तर ने फैसला कर लिया कि अब अमिताभ बच्चन के साथ काम नहीं किया जाएगा, हालांकि सलीम साहब इस फैसले पर राजी नहीं थे। कुछ दिनों बाद जावेद साहब, अमिताभ बच्चन के घर पर हुई होली पार्टी में पहुंचे और उनसे कहा कि सलीम खान उनके साथ कभी काम नहीं करना चाहते। इस गलतफहमी की वजह से जोड़ी के कामकाजी रिश्ते बिगड़ गए और दोनों ने फिर कभी साथ काम नहीं किया। 1982 में आखिरकार दोनों की हिट जोड़ी टूट गई। हालांकि दोस्ती आज भी बरकरार है। दोनों की दोस्ती का किस्सा यह भी है कि करियर की शुरुआत में जावेद हनी ईरानी से शादी नहीं करना चाहते थे। वे अपने करियर पर पूरा फोकस करना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने सलीम को हनी के घर रिश्ता खत्म करने के लिए भेजा। दोस्त की बात मान कर सलीम जब हनी के घर पहुंचे तो उन्होंने जावेद की बहुत बुराई की। हालांकि उनकी यह कोशिश धरी की धरी रह गई। 1972 में जावेद अख्तर ने हनी ईरानी से शादी कर ली। यह किस्सा जावेद साहब और सलीम खान ने सीरीज एंग्री यंग मैन में सुनाया था। रिश्ता-5- सुशीला के पड़ोसी थे सलीम, चंद दिनों की मुलाकात के बाद शादी करने का फैसला किया मुंबई में शुरुआती दिनों में सलीम खान वर्ली स्थित मरीना हाइट्स में अपने एक दोस्त के घर रहते थे। पड़ोस में सुशीला चरक भी रहती थीं। सलीम हट्टे-कट्टे थे। उन्हें पंजा लड़ाने में कोई जल्दी हरा नहीं सकता था। देखते ही देखते इन्हीं आदतों की वजह से कॉलोनी में उनकी पॉपुलैरिटी बढ़ गई थी। इसी पॉपुलैरिटी के चलते सलीम और सुशीला में बातचीत शुरू हो गई। दोनों परिवार की नजरों से दूर चोरी-छिपे मिला करते थे। इस तरह मुलाकात के कुछ दिनों बाद सलीम ने सुशीला से कहा- हमारा इस तरह मिलना मुझे पसंद नहीं है। मैं तुम्हारे परिवार वालों से मिलना चाहता हूं और हमारा रिश्ता फिक्स करना चाहता हूं। सुशीला ने भी उनके इस प्रस्ताव पर हामी भर दी और परिवार वालों से उन्हें मिलाने का इंतजाम कर दिया। जब सलीम, सुशीला के घर पहुंचे तो वे भरा-पूरा परिवार देख कर घबरा गए। हालांकि उन्होंने जैसे-तैसे बातें शुरू कीं। सुशीला के पिता को सलीम बहुत पंसद थे, लेकिन वो इंटर-कास्ट मैरिज के खिलाफ थे। इस बात पर सलीम ने कहा था- हमारे बीच हजारों परेशानियां हो जाएंगी, लेकिन कभी धर्म आड़े नहीं आएगा। उनकी इसी बात पर सुशीला के परिवार वाले शादी के लिए राजी हो गए। रिश्ता- 6- बदनामी न हो इसलिए दूसरी शादी की एक वक्त ऐसा था कि एक्ट्रेस और डांसर हेलेन के पास काम नहीं था। वे आर्थिक परेशानियों में घिरी हुई थीं। तब सलीम खान ने उनकी मदद की थी। हालांकि दोनों को साथ देखे जाने पर लोगों ने अफेयर का नाम दे दिया। सलीम नहीं चाहते थे कि हेलेन के कैरेक्टर पर कोई सवाल उठाए। यही वजह रही कि उन्होंने हेलेन को दूसरी पत्नी बनाने का फैसला कर लिया, लेकिन उनके इस फैसले से सलीम और उनकी पहली पत्नी के बीच बहुत दूरियां आ गई थीं। इस किस्से का जिक्र सलीम ने नीलेश मिस्रा को दिए इंटरव्यू में किया था। वहीं, जूम को दिए एक इंटरव्यू में इस बारे में सलीम ने कहा था, 'हेलेन से दूसरी शादी का फैसला मैंने इसलिए नहीं लिया था कि मैं अपनी पहली शादी से परेशान था या उस शादी को खत्म करना चाहता था। मैंने हेलेन से शादी का फैसला एकदम से नहीं लिया था। इसमें लंबा टाइम लगा था। हेलेन मुझे पसंद करती थीं, लेकिन मेरे मन में उनके लिए ऐसी कोई फीलिंग नहीं थी। मैंने सलमा को इस बारे में सबसे पहले बताया था कि हेलेन मेरी जिंदगी में हैं। मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि उन्हें किसी गॉसिप मैगजीन से या किसी और के जरिए हमारे रिश्ते के बारे में पता चले।' सलीम खान ने आगे कहा, 'जब मैंने उन्हें बताया तो लाजिमी है कि वो इस बात से खुश नहीं थीं क्योंकि ये कोई अच्छी चीज नहीं थी जो कि मैं करने जा रहा था। बेशक, हमारे बीच में इसके बाद दिक्कतें हुईं। कुछ समय बाद सबने इस बात को स्वीकार कर लिया था।' सलीम खान ने इंटरव्यू में सलमा खान की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने पूरी स्थिति को बेहतर तरीके से हैंडल किया था और वो इस बात के लिए हमेशा उनके शुक्रगुजार रहेंगे। रिश्ता- 7- सड़क किनारे मां के शव के पास रोती बच्ची को गोद लिया सलीम खान के 5 बच्चे हैं- तीन बेटे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल और दो बेटियां अर्पिता और अलवीरा। सलीम खान की दूसरी बेटी अर्पिता खान उनकी सगी बेटी नहीं हैं। दरअसल सलीम एक दिन मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। तभी सड़क किनारे एक बच्ची अपनी मां के लाश से सटे रो रही थी। उस बच्ची का दुख सलीम से देखा नहीं गया और वो उसे लेकर घर आ गए। सलीम और उनकी दूसरी पत्नी हेलेन की कोई संतान नहीं थी। ऐसे में उन्होंने उस बच्ची को लीगली गोद ले लिया। ये बच्ची कोई और नहीं बल्कि अर्पिता खान हैं, जिनमें सलमान खान की जान बसती है। रिश्ता- 8- सलमान की बाकी बच्चों से तुलना नहीं करते हैं सलीम सलीम खान के सभी बच्चों में बड़े बेटे सलमान खान ज्यादा सक्सेसफुल हैं। सलमान के साथ अपनी बॉन्डिंग में सलीम खान ने The Invincibles Series के इंटरव्यू में कहा था- जब मैंने सलमान की पहली फिल्म देखी थी, तभी मुझे विश्वास हो गया था कि एक दिन यह बहुत बड़ा एक्टर बनेगा। सलमान के करियर में मेरा बस इतना सा योगदान है कि मैंने उसे समय-समय पर सही चुनाव की सलाह दी है। हालांकि मैंने अपनी राय कभी थोपने की कोशिश नहीं की है। यही काम मैंने बाकी बच्चों के साथ भी किया। दूसरी सबसे अहम बात कि मैंने यह कंपैरिजन भी नहीं किया है कि सलमान बाकी बच्चों की तुलना में ज्यादा सक्सेसफुल है। मुझे बाकी बच्चों की मेहनत दिखती है। मुझे विश्वास है कि सभी अच्छा काम कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। सलमान की फीस न भर पाने पर खुद को दी सजा सलीम अपने बच्चों को हमेशा प्रोटेक्ट करते हैं। जब-जब सलमान मुसीबत में आए हैं, सलीम ने एक पिता की जिम्मेदारी बहुत अच्छे तरीके से निभाई है। सलमान खान ने पिता सलीम से जुड़ा एक किस्सा कपिल शर्मा शो में सुनाया था। उन्होंने कहा था कि एक वक्त ऐसा आया था कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। सलीम खान के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे सलमान की स्कूल फीस भर सकें। एक दिन सलीम बेटे के स्कूल पहुंचे तो देखा सलमान क्लास के बाहर हाथ ऊपर करके खड़े हैं। बेटे की यह हालत देख वो सीधे प्रिंसिपल के पास गए। वजह पूछे जाने पर प्रिंसिपल ने कहा- आपके बेटे की फीस नहीं जमा हुई है, इस वजह से उसे सजा मिली है। जवाब में सलीम ने कहा- अगर बेटे की फीस जमा नहीं है, तो यह गलती मेरी है। मुझे सजा मिलनी चाहिए। प्रिंसिपल से यह बात कहने के बाद सलीम बाहर जाकर उसी जगह पर खड़े हो गए, जहां उनके बेटे को खड़ा किया गया था। सलमान खान जेल में बंद थे, तो सलीम पानी भी नहीं पी पाते थे काले हिरण मामले में सलमान खान को 18 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। इस बारे में बात करते हुए सलीम खान ने कहा था- कोई भी पेरेंट बेटे को जेल में बंद नहीं देख सकता है। जब वो जेल में बंद था, तब हम लोग पानी भी नहीं पी पाते थे। AC में सोना भी नागवारा था, क्योंकि जेल में न तो AC था, न पंखा। पानी की व्यवस्था भी खराब थी। इन दिनों सलमान खान काले हिरण मामले की वजह से लॉरेंस गैंग के निशाने पर हैं। कुछ समय पहले सलीम खान को भी लॉरेंस गैंग से धमकियां मिली थीं। लगातार मिल रहीं धमकियों और सलमान के पक्ष में सलीम खान ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके बेटे सलमान ने कभी काले हिरण का शिकार नहीं किया। उनकी माफी की कोई वजह ही नहीं है। लगातार धमकियां मिलती रहीं, इससे हमारी आजादी छिन गई। बॉलीवुड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... टिकटॉकर महक बुखारी, जिसे दोहरे हत्याकांड में मिली उम्रकैद:मां के नाजायज रिश्ते से छुटकारा पाने के लिए कातिल बनीं, ब्लैकमेलिंग होने पर रची साजिश अनसुनी दास्तान के 4 चैप्टर्स में पढ़िए नाजायज रिश्ते, ब्लैकमेलिंग, बदले और हत्या की सिलसिलेवार कहानी... पढ़ें पूरी खबर

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Saturday, 23 November 2024

Never-before-exhibited portrait by Caravaggio to go on public display

A privately-owned portrait by Baroque master Caravaggio is going on public display for the first time at the National Galleries of Ancient Art in Rome. The Portrait of Monsignor Maffeo Barberini, created around 1599, will be exhibited in the palace built by its subject after he was elected Pope Urban VIII in 1623.

Art historian Roberto Longhi first published the portrait as an autograph work by Caravaggio in 1963. His research found that the painting was in the Barberini family collection from the time it was painted until around 1935 when much of the great collection was dispersed. It has been in a private collection in Florence for decades and has never been loaned to a museum or shown to the public. The owners are so secretive that they literally refused to answer calls or open the door to Caravaggio experts. People who have written books and papers on Caravaggio and have seen everything else he painted a thousand times have never caught so much as a glimpse of this one. Even now that they have at long last agreed to loan it for exhibition, the owners have chosen to remain anonymous.

Caravaggio’s works consist almost entirely of religious and mythological subjects. While he is thought to have made a number of portraits of patrons in the Curia, friends and at least one lover during his time in Rome, only five of them, all of them of clerics, are known to have survived. He painted the Barberini portrait early in his career. It is one of the first three portraits in his catalogue and was an important step in the development of Caravaggio’s signature style. Art historian Giovan Pietro Bellori wrote in 1672 that Caravaggio first began to “intensify the darks” in this portrait, creating the vivid contrast of light and shadow that characterize the “chiaroscuro” technique that define his oeuvre.

The Portrait of Monsignor Maffeo Barberini depicts the subject seated in an armchair at angle that propels him out of the inky dark background into a beam of light. His misaligned eyes look to the side and points in that direction with his right hand, while he clutches a folded letter in his left. His side-eye and hand gesture suggests he’s engaging with someone to his right, and the intensity in his gaze and hands convey a dynamic naturalism that was unusual in portraiture for the period.

Caravaggio. The Portrait Unveiled exhibition opens at the Sala Paesaggi of Palazzo Barberini today and runs through February 23, 2025. The portrait will be in the same gallery as three other iconic works by Caravaggio which are part of the museum’s permanent collection: Narcissus (1597-1599), Judith and Holofernes (ca. 1599), Saint Francis in Meditation (1606-1607). It’s a unique opportunity for Caravaggio pilgrims to view bucket list masterpieces and one they may well never have another opportunity to see again, although Italian Culture Ministry officials are hoping against hope that now that the owners have given an inch, the state might be able to take a mile and persuade them to sell.



* This article was originally published here

रणबीर की शादी देखना चाहते थे ऋषि कपूर:रिद्धिमा ने पिता की आखिरी दो ख्वाहिशों का किया खुलासा, बोलीं- उन्हें पूरा करना काफी इमोशनल था

बॉलीवुड के दिवंगत दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर का निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ था। अब हाल ही में रिद्धिमा कपूर साहनी ने अपने पिता ऋषि कपूर की दो आखिरी ख्वाहिशों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता रणबीर की शादी और बांद्रा में स्थित उनका घर पूरी तरह से बनकर तैयार देखना चाहते थे। ज़ूम के साथ बातचीत में रिद्धिमा कपूर साहनी ने कहा, ‘पापा की आखिरी दो इच्छाएं थीं, पहली रणबीर की शादी करना और दूसरी घर को तैयार करना। अब घर लगभग तैयार है और रणबीर की भी शादी हो चुकी है। जब उनकी ये दोनों इच्छाएं पूरी हो रही थीं, तब हम सभी काफी इमोशनल थे। मैं वाकई चाहती हूं कि वह हमारे साथ यहां होते, लेकिन मुझे लगता है कि भगवान का कुछ और ही प्लान था।' रिद्धिमा ने आगे कहा, 'पापा हमेशा से चाहते थे कि मेरी शादी बड़े धूमधाम से हो और उन्होंने ऐसा कराया भी। लेकिन जब रणबीर की शादी का समय आया तो भाई ने साफ कहा कि हमारे परिवार में एक बार बड़ी शादी हो चुकी है, इसलिए अब मैं अपनी शादी सिंपल चाहता हूं। आलिया और रणबीर दोनों ही बहुत सिंपल इंसान हैं।' इसके अलावा रिद्धिमा साहनी ने आलिया भट्ट की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, 'आलिया परिवार के मुश्किल समय में साथ खड़ी रहीं। जब पिता ऋषि कपूर इलाज के लिए गए थे, उसी दौरान मेरी दादी का निधन हो गया था, तब आलिया न केवल मेरे साथ रहीं, बल्कि सारे इंतजाम भी निजी तौर पर किए थे।' बता दें, ऋषि कपूर को ल्यूकेमिया हो गया था। जिसका इलाज लंबे समय तक न्यूयॉर्क में चला था। इसके बाद वे 2019 में भारत वापस आए गए थे। उनका 30 अप्रैल 2020 को निधन हो गया था।

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काजोल को शाहरुख की बहन बनाना चाहते थे मंसूर:एक्ट्रेस ने कर दिया था इनकार, फिर हुई थी फिल्म जोश में ऐश्वर्या की एंट्री

प्रोड्यूसर मंसूर खान ने हाल ही में फिल्म 'जोश' को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में पहले वह काजोल को शाहरुख की बहन के रोल में कास्ट करना चाहते थे, लेकिन उन दोनों की जोड़ी पहले ही एक रोमांटिक कपल के तौर पर फेमस हो चुकी थी। ऐसे में मंसूर ने ऐश्वर्या राय बच्चन को शाहरुख खान की बहन के रोल में कास्ट किया। इंडिया नाउ एंड हाउ पर बातचीत में मंसूर खान ने बताया कि उन्होंने फिल्म जोश में शाहरुख और ऐश्वर्या को भाई-बहन के तौर पर कास्ट करने का फैसला क्यों लिया। मंसूर खान ने कहा, 'जोश फिल्म में भाई-बहन का रोल भी था, जिसे शाहरुख खान और ऐश्वर्या ने निभाया था। हालांकि, मैं ऐश्वर्या की जगह काजोल को कास्ट करना चाहता था। मैंने फिल्म की कहानी भी उन्हें सुनाई थी। लेकिन जैसे ही काजोल ने कहानी सुनी, वह गुस्से से उठकर जाने लगीं। तब मैंने उनसे पूछा कि क्या तुम फिल्म कर रही हो? तो उन्होंने कहा था नहीं, मुझे तो मैक्स का रोल चाहिए और फिर वह चली गईं।' मंसूर खान ने कहा, 'काजोल और शाहरुख खान इससे पहले 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के अलावा कई और फिल्में कर चुके थे, जिससे उनकी एक रोमांटिक कपल के तौर पर इमेज बन गई थी। तो ऐसे में काजोल को बहन के रोल में कास्ट करना गलत होता।' मंसूर खान की मानें तो उन्हें डर था कि कोई भी मैक्स की बहन का रोल नहीं करना चाहेगा, लेकिन ऐश्वर्या ने खुशी-खुशी फिल्म करने के लिए हां कहा। वह पूरी तरह से प्रोफेशनल थीं। उन्होंने कभी शिकायत नहीं की और न ही यह कहा कि कैमरा कहां होना चाहिए। मंसूर खान ने आगे कहा, 'मैं शाहरुख को हमेशा मैक्स के रोल के लिए सोच रहा था, और आमिर को चंद्रचूर सिंह के रोल में कास्ट करना चाहता था। जब मैंने आमिर को कहानी सुनाई, तो उन्होंने सोचा कि वह मैक्स का रोल करेंगे। फिर मैंने शाहरुख से बात की, वह बहुत खुश थे। लेकिन जब मैंने उनसे पूछा क्या तुम फिल्म कर रहे हो? तो उन्होंने कहा कि वह नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें पता था कि मैं आमिर को फिल्म में ले रहा हूं। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं था मैं फिल्म में शाहरुख को ही कास्ट करना चाहता था।' साल 2000 में रिलीज हुई थी जोश बता दें, जोश फिल्म साल 2000 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में शाहरुख और ऐश्वर्या जुड़वां भाई बहन बने। ऐश्वर्या जैसी आंखें शाहरुख की भी लगें, इसके लिए मंसूर खान ने शाहरुख को पूरी फिल्म में कॉन्टेक्ट लेंस पहनाए।

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टिकटॉकर महक बुखारी, जिसे दोहरे हत्याकांड में मिली उम्रकैद:मां के नाजायज रिश्ते से छुटकारा पाने के लिए कातिल बनीं, ब्लैकमेलिंग होने पर रची साजिश

"मुझे बचाओ, वो लोग मेरा पीछा कर रहे हैं, मुझे मार डालेंगे।" 11 फरवरी 2022 को इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर की पुलिस के पास देर रात एक कॉल आई, जिसमें एक शख्स चिल्ला-चिल्ला कर मदद की गुहार लगा रहा था। वो लगातार कह रहा था कि एक तेज रफ्तार कार उसकी कार का पीछा कर रही है। पुलिस मदद कर पाती, उससे पहले ही कॉल पर तेज चीखें सुनाई दीं और फिर शांति छा गई। कुछ देर बाद वो कॉल कट गई। लोकेशन ट्रेस कर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो देखा एक कार सड़क किनारे जल रही थी। उस कार के साथ ही दो लाशें भी आग में जल रही थीं। जाहिर है उन जलती लाशों में से एक उसी शख्स की थी, जिसने कुछ देर पहले पुलिस को कॉल कर मदद मांगी थी। मामले की जांच लीसेस्टर पुलिस को पाकिस्तानी-ब्रिटिश टिकटॉकर महक बुखारी तक ले गई। महक टिकटॉक और सोशल मीडिया की एक उभरती स्टार थीं, लाखों में उनके फॉलोअर्स और फैंस थे। लंबे चले ट्रायल के बाद कोर्ट ने महक बुखारी और उनकी मां अनसरीन को दोहरे हत्याकांड में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। आखिर ग्लैमरस टिकटॉक स्टार महक बुखारी का मरने वाले उन दो लड़कों से क्या रिश्ता था? आखिर वो क्या वजह थी, जिसने एक 23 साल की स्टार को कातिल बना दिया? आखिर क्यों महक बुखारी को ताउम्र सलाखों के पीछे जिंदगी काटनी पड़ी? आज अनसुनी दास्तान के 4 चैप्टर्स में पढ़िए नाजायज रिश्ते, ब्लैकमेलिंग, बदले और हत्या की सिलसिलेवार कहानी- इंग्लैंड के स्टैफोर्डशायर में महक बुखारी अपने पिता रजा अली और मां अनसरीन और छोटे भाई के साथ रहती थीं। महज 18 साल की उम्र में ही उन्हें टिकटॉक से दुनियाभर में पहचान मिलने लगी थी। टिकटॉक पर उनके 1 लाख 30 हजार और इंस्टाग्राम पर 45 हजार फॉलोअर्स थे, जबकि उनके यूट्यूब चैनल के 3900 सब्सक्राइबर्स थे। मेकअप, स्टाइलिंग और लग्जरी लाइफ पर बनाए गए उनके वीडियोज को लाखों लोग लाइक करते थे। इसी की बदौलत उन्हें सोशल मीडिया पर स्टार का दर्जा मिला। बढ़ती पॉपुलैरिटी के बीच महक ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई अधूरी छोड़ दी और फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर बन गईं। ब्रांड प्रमोशन और इवेंट का हिस्सा बनकर महक की अच्छी कमाई होने लगी थी। साल 2022 तक महक बुखारी को दुनियाभर में पहचान मिल ही रही थी कि एक रोज खबर आई कि उन्हें दोहरे हत्याकांड में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वीडियो से सुर्खियों में रहने वालीं महक अब कातिल बनने पर सुर्खियों में थीं। उनकी जिंदगी के इस स्याह पन्ने की वजह थीं उनकी मां अनसरीन बुखारी। वही अनसरीन, जिन्हें कई दफा महक के वीडियोज में भी देखा जा चुका था। 2021 में एक रोज महक ने देखा कि उनकी मां कुछ घबराई हुई सी लग रही हैं। महक ने उनसे वजह जाननी चाही, लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया। बीतते समय के साथ अनसरीन आए दिन परेशान दिखने लगीं। मां की चिंता महक से देखी नहीं गई और उन्होंने दबाव बनाकर उनसे चिंता की वजह उगलवा ली। 46 साल की अनसरीन का था 21 साल के साकिब से नाजायज रिश्ता मां टूट गईं और उन्होंने परत-दर-परत अपने एक नाजायज रिश्ते की सच्चाई खोल दी। 46 साल की अनसरीन ने महक से बताया कि 2019 से उनका 21 साल की उम्र के साकिब हुसैन से अफेयर है। अनसरीन की साकिब से ऑनलाइन चैटिंग एप आजर के जरिए बातचीत शुरू हुई थी। लंबी-लंबी बातचीत करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। बातचीत में साकिब खुद को 27 साल का बताता था, जबकि वो असल में महज 21 साल का था। वहीं दूसरी तरफ अनसरीन शादीशुदा थीं और उनकी 23 साल की बेटी थी, साथ ही उनकी और साकिब की उम्र में लंबा फासला था, लेकिन इन सभी बातों का उन पर कोई असर नहीं था। कुछ हफ्ते गुजरे ही थे कि चैटिंग के बाद मुलाकातों का सिलसिला भी शुरू हो गया। दोनों अक्सर रेस्टोरेंट, कैफे, शीशा लॉन्च और होटलों में मिला करते थे। पति राज से चोरी-छिपे अनसरीन ने ये सिलसिला करीब 2 साल तक जारी रखा। साल 2021 के आखिर में अनसरीन को एहसास हो गया था कि वो इस नाजायज रिश्ते को ज्यादा दिनों तक छिपा नहीं सकतीं। उन्हें पति का डर था, तो उन्होंने एक रोज साकिब हुसैन से अलग होने की बात कह डाली। अनसरीन को प्राइवेट तस्वीरें पति को भेजने की धमकी देता था साकिब साकिब पर रिश्ते का ऐसा जुनून सवार था कि उसने रिश्ता खत्म करने से साफ इनकार कर दिया। जब अनसरीन ने सख्ती से कहा कि वो ये रिश्ता जारी नहीं रखेंगी, तो साकिब ने उन्हें कुछ प्राइवेट तस्वीरें भेजनी शुरू कर दीं। हर बार ब्रेकअप की बात होने पर साकिब अनसरीन को ब्लैकमेल करता था कि वो दोनों की प्राइवेट तस्वीरें और वीडियोज उनके पति को भेज देगा। ब्लैकमेलिंग से अनसरीन परेशान रहने लगी थीं। महक के कहने पर मां ने साकिब को मिलने बुलाया मां अनसरीन की बात सुनकर महक बुखारी ने खुद इस मामले को निपटने का फैसला कर लिया। वैसे तो महक को इस तरह के मामले के लिए पुलिस की मदद लेनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने इसके बजाय एक साजिश रच दी। वही साजिश जिसका अंत सलाखों के पीछे जाकर हुआ। मां अनसरीन को साकिब से छुटकारा दिलाने के लिए महक बुखारी ने अपने मैकेनिक दोस्त रेकान कारवान (27) से मदद मांगी, जो अपने साथ रईस जमान (23), नताशा अख्तर (23), अमीर जमाल (28) और सनफ गुलमुस्तफा (23) को भी ले आया। प्लान के तहत अनसरीन को साकिब को मिलने के लिए बुलाना था, जहां सभी उस पर दबाव बनाकर उसके फोन से प्राइवेट फोटो डिलीट करवाने वाले थे। इस प्लान को अंजाम देने के लिए अनसरीन ने साकिब को कॉल कर कहा कि वो उन्हें 3000 पाउंड लौटाना चाहती हैं, जो 2 सालों के रिलेशनशिप में उन्होंने खर्च किए हैं। 3000 पाउंड के लालच में मिलने पहुंचा साकिब ये सुनते ही साकिब उनसे मिलने के लिए राजी हो गया। लीसेस्टर के एक पार्क में सभी ने मिलना तय किया। साकिब ने अपने बचपन के दोस्त मोहम्मद हाशिम ऐजाजुद्दीन को भी राजी कर लिया। हाशिम ये नहीं जानता था कि उसका दोस्त साकिब ब्लैकमेलिंग में इन्वॉल्व है। वो बिना कुछ पूछे ही साथ चलने को राजी हो गया। सवाल ये है कि अगर महक बुखारी अपने दोस्तों के साथ सिर्फ तस्वीरें डिलीट करवाने गई थीं, तो आखिर ऐसा क्या हुआ जो उन दोनों की हत्या कर दी गई। 11 फरवरी 2022 साकिब हुसैन देर रात अपने दोस्त के साथ लीसेस्टर के पार्क में पहुंचा। कुछ देर बाद वहां अनसरीन और उनकी बेटी महक बुखारी पहुंचीं। अनसरीन ने साकिब से कहा कि वो अपने फोन से सभी तस्वीरें डिलीट कर दे, लेकिन साकिब वहीं गुस्से में आ गया। वो समझ गया कि 3000 पाउंड देने की बात महज उसे बुलाने के लिए की गई है। महक और साकिब की छीनाझपटी होने लगी, जिसे देख उनके दोस्त कार से उतरने लगे। खतरे का अंदाजा लगते ही साकिब तुरंत अपनी कार में बैठकर वहां से भागने लगा। साकिब को रोकने के लिए महक और उनके दोस्त उसकी कार का पीछा करने लगे। वो लोग लगातार साकिब का पीछा कर रहे थे। डर के मारे उसने हेल्पलाइन नंबर 999 पर कॉल कर मदद मांगी। उसने बताया कि 2 तेज रफ्तार कार उसका पीछा कर रही हैं। वो लोग नकाब पहने हुए हैं और उसकी कार पर हमला कर रहे हैं। साकिब और पुलिस की ये कॉल करीब 5 मिनट तक चली, जिसमें पुलिस लगातार उसकी सही लोकेशन जानने की कोशिश कर रही थी। साकिब लगातार कॉल पर मदद की भीख मांग रहा था। फिर अचानक पुलिस को चींखें सुनाई दीं और कॉल कट गई, लेकिन पुलिस तब भी उसकी लोकेशन तक नहीं पहुंच सकी। उसी रात करीब डेढ़ बजे एक रिकवरी ड्राइवर ने नजदीकी पुलिस स्टेशन में कॉल कर बताया कि उसे A46 डबल कैरिजवे रोड पर एक कार जलती मिली है। कार पूरी तरह जल चुकी थी, उसमें दो लड़कों की लाशें भी जल रही थीं। पुलिस ने तुरंत फायरफाइटर्स को बुलाकर आग पर काबू पाया। जांच में सामने आया कि जिन लड़कों की लाशें मिली हैं, ये वही लोग हैं, जिन्होंने कुछ देर पहले ही 999 पर कॉल कर मदद मांगी थी। पुलिस ने डेंटल रिकॉर्ड की मदद से साकिब और उसके दोस्त हाशिम की पहचान कन्फर्म कर दी और कातिलों की तलाश शुरू कर दी। उस रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस को एक स्कोडा और एक ऑडी उनकी कार का पीछा करती दिखीं। वो कारें 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा रही थीं। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट डिटेक्टर की मदद से रात करीब 2 बजे पुलिस ने ऑडी गाड़ी की लोकेशन ट्रेस कर ली। मिडलैंड पुलिस की मदद से ऑडी कार को एक पेट्रोल स्टेशन पर रोका गया, जिसमें सिर्फ महक की दोस्त नताशा थीं। पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में लिया। नताशा के फोन से पता चला कि गिरफ्तारी के कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने दोस्त रईस को कॉल किया था। नताशा की गिरफ्तारी इस केस में अहम साबित हुई। नताजा ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वो अपनी दोस्त महक और कुछ साथियों के साथ शीशा लॉन्च गई थीं, लेकिन प्लान कैंसिल होने पर वो वापस लौट आईं। नताशा ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कदम-कदम पर लगे सीसीटीवी कैमरों से जुर्म का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने पाया कि महक, अनसरीन और उनके 6 साथी, 2 अलग-अलग कारों में सवार थे। साकिब की कार में आग लगने के बाद वो लोग उसी रास्ते पर आगे निकल गए। एक गाड़ी महक की दोस्त नताशा चला रही थीं, जबकि दूसरी कार को रेकान ड्राइव कर रहा था। कुछ देर बाद ऑडी को महक ने चलाना शुरू किया और नताशा उनकी साथ वाली सीट पर आ गईं। कुछ दूर आगे जाने के बाद सभी ने यूटर्न लिया और शहर को लौटने लगे। आरोपियों की बर्बरता- जलती हुई कार को देखते हुए गुजर गए लौटते हुए वो सभी सड़क किनारे जल रही साकिब की कार के बाजू से गुजरे और शहर आते ही उन्होंने कार रोककर सड़कों पर टहलना शुरू कर दिया, जो सीसीटीवी कैमरे में देखा जा सकता था। इस जगह रुकने के बाद कुछ लोग पैदल घर के लिए रवाना हुए, जबकि दूसरे लोगों को कार से उनके घरों तक छोड़ा गया। महक और अनसरीन अपने स्ट्रोक ऑन ट्रेंट स्थित घर आकर सो गईं और नताशा अपनी ऑडी कार लेकर बर्मिंघम के लिए रवाना हो गईं, लेकिन रास्ते से ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अगले दिन 12 फरवरी को जब पुलिस महक और अनसरीन के घर पहुंची, तब दोनों सो रही थीं। उनकी नींद ही पुलिस की आवाज से खुली। पुलिस के आते ही महक ने देखा कि उनके फोन में रईस के कई मिस्ड कॉल्स थे, जो ये बताने के लिए किए गए थे कि नताशा को गिरफ्तार कर लिया गया है। रईस से कॉल पर बात करने के बाद महक ने अपनी मां अनसरीन को मैसेज कर बताया कि उन्हें पुलिस को क्या झूठी कहानी सुनानी है। महक और अनसरीन ने पुलिस के सामने कई कहानियां सुनाईं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज से मिले सबूतों के आधार पर उन्हें और उनके सभी साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी सबूत दिखाने के बाद जब महक से दोबारा सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने कहा कि वो सिर्फ साकिब से मिलकर प्राइवेट फोटो डिलीट करवाना चाहती थीं, जिसके लिए वो लोग उनकी कार का पीछा कर रहे थे। महक ने बताया कि साकिब और उसके दोस्त की मौत उनकी तेज रफ्तार कार के एक्सीडेंट से हुई है, जिससे उनका और उनके दोस्तों का कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट में महक बुखारी, उनकी मां अनसरीन और अन्य 6 के खिलाफ हत्या के चार्जेज लगाए गए, लेकिन उनके साथ मौजूद मोहम्मद पटेल को इस मामले में क्लीनचिट दे दी गई, क्योंकि वो पुलिस का गवाह बना। दोस्त ने बताया कैसे बना था हत्या करने का प्लान? गिरफ्तारी के बाद मोहम्मद पटेल ने बताया कि वो लोग शुरुआत में फोटो डिलीट करवाने ही गए थे, लेकिन कार का पीछा करते हुए रईस और रेकान के बीच लगातार कॉल पर बात हो रही थी, जिसमें वो साकिब की कार को कुचलने का प्लान बना रहे थे। इस प्लान में महक और अनसरीन भी शामिल थे। मोहम्मद पटेल के अनुसार महक और उसके दोस्त रेकान की कार ने साकिब की कार को जोरदार टक्कर मारी थी, जिससे वो एक पेड़ से टकराकर ब्लास्ट हुई थी। करीब 11 महीन चले ट्रायल के बाद 4 अगस्त 2023 को इस मामले में फैसला सुनाया गया। कोर्ट में आते हुए महक आत्मविश्वास में मीडिया को देखकर हंसी और हाथ हिलाते हुए सेलिब्रिटी की तरह बिहेव किया, लेकिन जब फैसला आया तो वो कोर्ट में ही फूट-फूटकर रोती नजर आईं। कोर्ट ने साकिब और हाशिम की हत्या का दोषी मानते हुए महक को 31 साल आठ महीने और उनकी मां अनसरीन को 26 साल 9 महीने की सजा सुनाई। जबकि उनके दो दोस्तों रेकान और रईस को भी उम्रकैद की सजा हुई। हत्या में शामिल उनकी दोस्त नताशा को गैर इरादतन हत्या के लिए 11 साल, अमीर जमाल को 14 साल और गुल मुस्तफा को 14 साल 9 महीने की सजा सुनाई गई। जबकि उनके एक अन्य साथी मोहम्मद पटेल को ट्रायल के बाद पुलिस गवाह बनने पर छोड़ दिया गया। ....................................................... फिल्मी सितारों से जुड़ीं ये अनसुनी दास्तानें भी पढ़िए... मॉडल पूजा सिंह जिसका सिर कुचला गया:चाकू से 22 वार किए, 14000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, फिर इत्तफाक से हुआ हत्याकांड का खुलासा 31 जुलाई 2019 सुबह 5 बजे किसान मुनीराजू, बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सड़क पर टहलते हुए काम के लिए रवाना हुए। चलते-चलते उनकी नजर अचानक किनारे की तरफ पड़ी एक महिला की लाश पर पड़ी। करीब जाकर देखा तो मंजर दिल दहलाने वाला था। लाश का सिर बेरहमी से कुचला गया था, जिससे दिमाग के चिथड़े उड़ चुके थे। शरीर खून से लथपथ था। पूरी खबर पढ़िए... खून से लथपथ मिली थी एक्ट्रेस बिदूषी की लाश: एक रोज पहले पति से झगड़ा हुआ था, 12 साल बाद भी अनसुलझी है मौत की गुत्थी 22 अक्टूबर 2012 की बात है। अंधेरी (वेस्ट) की कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाली 23 साल की साउथ एक्ट्रेस बिदुषी दास बर्दे के लिए एक आम दिन था। सुबह पति दफ्तर के लिए निकले थे, लेकिन जब लौटे तो देखा कि बिदुषी दरवाजा नहीं खोल रही हैं। डुप्लीकेट चाबियों से दरवाजा खोला गया तो बिदुषी खून से लथपथ फर्श पर पड़ी मिलीं। पूरी खबर पढ़िए....

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Kate Nash says OnlyFans will earn more than tour

The singer is selling photos of her bottom on the platform because "touring makes losses not profits".

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Friday, 22 November 2024

The Women’s War Breaks Out

The Women’s War Breaks Out JamesHoare

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Chris Stapleton wins big at country music awards

The singer receives three prizes at the CMA Awards in Nashville, and Morgan Wallen is also a winner.

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Thursday, 21 November 2024

Why Do Religions Decline?

Why Do Religions Decline? JamesHoare

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James Bond theme tune guitarist Vic Flick dies

The musician best known for playing the guitar riff in the James Bond theme tune dies aged 87.

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James Bond theme tune guitarist Vic Flick dies

The musician best known for playing the guitar riff in the James Bond theme tune dies aged 87.

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Wednesday, 20 November 2024

Exceptional Etruscan sarcophagi, urns seized from looters

Italian authorities have seized an exceptional group of Etruscan urns, sarcophagi and funerary objects looted from a single tomb in Città della Pieve, a town near Perugia in the central Italian region of Umbria. The objects include eight stone urns, two sarcophagi and a rich set of more than 50 funerary goods dating to the last quarter of the 3rd century B.C.

An investigation was launched in April of this year after the Cultural Heritage unit of the Carabinieri received a tip about a possible illegal excavation in Città della Pieve. Photographs of a number large cinerary urns with recumbent figures on the lids, a design typical of Etruscan funerary practice, were circulating on the illicit antiquities market. Consulting archaeologists identified the urns in the photographs from their decorative style as likely originating from an Etruscan necropolis in the Chiusi area.

The investigation was able to narrow down the location further to an Etruscan hypogeum linked to the gens Pulfna, which had first emerged in 2015 when a farmer stumbled on it while ploughing a field. That find recovered four urns and two sarcophagi, all belonging to males. While the looted urns and sarcophagi appeared to belong mostly to women, the patronymic “Pulfna” was engraved on some of them. That’s how investigators were able to pinpoint the likely find site.

Because the urns and sarcophagi were big and heavy, the looters had to have had specialized mechanical implements like earth movers and cranes. Only a few people were capable of mustering those kinds of resources, which gave the authorities a short list of suspects. The main one was a local business owner whose company had heavy earthmoving equipment and who just happened to own lands adjacent to the farm where the Pulfna hypogeum had been found in 2015.

Acting on information that the sale of the looted artifacts was imminent, the Carabinieri got authorization to tap suspects’ phones, follow them and spy on all their shenanigans with a drone. With all this information, they were able to find the likely hiding place of the objects and get a search warrant. The urns in the photographs were indeed found there and confiscated. The drone footage also revealed the excavation site. From what archaeologists could tell, it was a two-chamber tomb. Unfortunately the archaeological exploration of the find site revealed that it was completely destroyed by the looters.

They didn’t exactly handle the contents they were stealing with kid gloves either. One of the covers of the two sarcophagi was found in fragments outside the tomb. The surviving cover is intact, however, and it is inscribed with the name VELIA LEFNI PULFNASA. Inside are the skeletal remains of a woman about 40 years of age.

A preliminary reconstruction of the destroyed chambers hypothesizes that the sarcophagi and the two most luxurious and ornate urns were in the first chamber. The urns are made of local white travertine and are carved in relief with scenes of battle and the hunt, episodes from Atalanta and Meleager’s hunt for the Calydonian boar, and the Etruscan version of the killing of Troilus, one of King Priam’s sons, by Achilles in the presence of a pair of Vanth (underworld demons). The decapitated hero’s body is in front of an altar, lying on the belly of a fallen horse. Achilles holds the decapitated head up by its hair. Their lids are topped by semi-recumbent figures representing the deceased. They contain cinerary remains. These two urns are in state of conservation so exceptional that the polychrome pigments and gilding survive in large sections.

Also in the main chamber was the substantial funerary set includes bronze pottery of different forms, including situlae (buckets), olpai (water pitchers), oinochoai (wine-pouring jugs) and flasks. There’s
a balsamarium still containing traces of the perfumed unguent and a bone comb. There are four bronze mirrors decorated with figurative engraving. One of them is decorated with the she-wolf nursing a child in front of several deities (Heracles and Minerva can be recognized). The she-wolf suckling a boy is an obvious reference to the foundational myth of Rome, although this one does not have a second child. The Romulus story is very rarely depicted in Etruscan art, and further analysis is needed to confirm that that’s what is being referred to on the mirror. It is notable that the mirror dates to the late 4th century B.C., so it predates the tomb it was found in by a lot. This was a family heirloom.

The other five urns were in the second underground chamber. One of them in engraved with the name of the owner (VEL PULFNA CLANTI….) and features a gorgon head emerging from an acanthus bush between fluted pilasters. The original polychrome is very well-preserved. Another urn is smooth supported by two sphinxes and a lid with a deceased of mature age. Two others have a semi-recumbent
figure on the lid but post-depositional degradation has made the surfaces unreadable with the naked eye.

The recovery operation is considered among the most significant, not only for the quantity and quality of the finds, but also for their state of conservation and the fact that they come from a single site.

“The recovery of the Etruscan funeral contexts of Città della Pieve reminds us of the importance that the archaeological, cultural and historical heritage has for the whole of Italy,” commented the Minister of Culture Alessandro Giuli. “The more than 50 recovered elements of the funeral trousseau, the two sarcophagi, the eight urns offer a new opportunity to immerse oneself in the fascinating Etruscan universe and once again tell a fundamental fragment of the complex stratification of the societies that over the millennia have animated the history of Italy and have contributed to forming our national identity that is protected, safeguarded and enhanced here.”



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कॉन्सर्ट रोक कर दिलजीत दोसांझ बोले-:होटल वाले गेम कर गए, बालकनी से फ्री में शो देख रहे लोग, बिना टिकट के सही है

एक्टर सिंगर दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में अहमदाबाद में एक कॉन्सर्ट किया जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस कॉन्सर्ट का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दिलजीत अपनी परफॉर्मेंस रोक कर कह रहे हैं कि होटल वाले ने उनके साथ गेम कर दिया। दिलजीत दोसांझ बीच में परफॉर्मेंस को रोकते हुए अपनी टीम से म्यूजिक बंद करने के लिए कह रहे हैं। वायरल वीडियो में सिंगर से यह कहते सुना जा रहा है कि होटल की बालकनी में बैठे जो लोग परफॉर्मेंस देख रहे हैं, उन लोगों के लिए अच्छा है। ये बिना टिकट के सही है। सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ का यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है और लोग इस पर रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है - उस दिन होटल का किराया एक लाख था। दूसरे यूजर ने लिखा -उन्होंने टिकट की कीमत से अधिक भुगतान किया। तीसरे यूजर ने मजाक में लिखा - पाजी भारी नुक्सान हो गया। एक और यूजर ने लिखा - अगली बार होटल बुक कराएंगे। बता दें कि अहमदाबाद के बाद दिलजीत दोसांझ लखनऊ में 22 नवंबर, पुणे में 24 नवंबर, कोलकाता में 30 नवंबर और बेंगलुरु में 6 दिसंबर को कॉन्सर्ट करेंगे। इसके बाद इंदौर में 8 दिसंबर, चंडीगढ़ में 14 दिसंबर और गुवाहाटी में 29 दिसंबर को उनका आखिरी कॉन्सर्ट होगा। दिलजीत दोसांझ अपने म्यूजिकल टूर दिल-लुमिनाटी के चलते लगातार चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में दिलजीत ने हैदराबाद में परफॉर्म किया था, हालांकि उससे पहले ही उन्हें तेलंगाना सरकार का नोटिस मिला कि वो मंच पर शराब-दारू जैसे शब्दों का इस्तेमाल न करें। अब दिलजीत ने अपने हालिया शो में नोटिस मिलने पर बात करते हुए सरकार को चुनौती दी है कि अगर हर स्टेट में शराब बैन कर दी जाए तो वो कभी शराब पर बने गाने नहीं गाएंगे। साथ ही उन्होंने बॉलीवुड पर भी निशाना साधा है। _______________________________________________________ इस खबर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें.... दिलजीत दोसांझ की सरकार को चुनौती:दारू शब्द का इस्तेमाल न करने का नोटिस मिला था, कहा- देश में शराब बंद करो, जिंदगी में इसके गाने नहीं गाऊंगा पॉपुलर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ अपने म्यूजिकल टूर दिल-लुमिनाटी के चलते चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में दिलजीत ने हैदराबाद में परफॉर्म किया था, हालांकि उससे पहले ही उन्हें तेलंगाना सरकार का नोटिस मिला कि वो मंच पर शराब-दारू जैसे शब्दों का इस्तेमाल न करें। पूरी खबर पढ़ें ....

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